नई चैंपियन और ऐतिहासिक रैंकिंग उपलब्धि
एलेना रयबाकिना ने न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में आर्यना सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराकर अपना पहला यूएस ओपन खिताब जीता और ऐसा सीजन पूरा किया, जिसमें कजाखस्तान को डब्ल्यूटीए एकल रैंकिंग में पहली बार नंबर 1 खिलाड़ी मिली। फाइनल दो घंटे और 21 मिनट तक चला। रयबाकिना ने अपना 12वां ऐस लगाकर मैच खत्म किया।
विषय-सूची
- नई चैंपियन और ऐतिहासिक रैंकिंग उपलब्धि
- रयबाकिना ने फाइनल कैसे जीता
- न्यूयॉर्क से पहले चोट की चिंता
- नंबर 1 पक्का करने वाला क्वार्टरफाइनल
- करियर के बाद के दौर में रैंकिंग की नई ऊंचाई
- वापसी के सीजन में दो बड़े खिताब
- सबालेंका ने खिताब और शीर्ष स्थान गंवाया
- कजाखस्तान में राष्ट्रपति का सम्मान
- इस ऐतिहासिक उपलब्धि का घटनाक्रम
- मुख्य बातें
इस जीत से 27 वर्षीय रयबाकिना के नाम तीसरा ग्रैंड स्लैम एकल खिताब हुआ। इससे पहले उन्होंने 2022 में विम्बलडन और जनवरी 2026 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता था। टूर्नामेंट के बाद उनकी रैंकिंग के अंक 9,901 बताए गए, जो सबालेंका के 7,875 और जेसिका पेगुला के 7,265 अंकों से अधिक थे। इस तरह शीर्ष पर अपने पहले कार्यकाल की शुरुआत में रयबाकिना ने सबालेंका पर 2,026 अंकों की बड़ी बढ़त बना ली।
रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचना और चैंपियनशिप जीतना दो अलग-अलग उपलब्धियां थीं। सेमीफाइनल में पहुंचते ही रयबाकिना ने इतने अंक हासिल कर लिए थे कि बाकी दौरों में उनके नतीजे चाहे जो भी रहते, वह नंबर 1 बन जातीं। इसके बाद उन्होंने कोको गॉफ और सबालेंका को हराकर इस तय उपलब्धि को खिताबी अभियान में बदल दिया।
रिपोर्टों में घटनाक्रम की तारीखों को लेकर मतभेद हैं। शुरुआती विवरण में फाइनल 13 सितंबर को बताया गया है और झेंग छिनवेन पर जीत को सेमीफाइनल कहा गया है। विस्तृत टूर्नामेंट विवरण के अनुसार झेंग उनकी क्वार्टरफाइनल प्रतिद्वंद्वी थीं और गॉफ सेमीफाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी थीं। इन विवरणों में फाइनल शनिवार को होने की बात है, जो 2026 में 12 सितंबर होगा। रैंकिंग जारी होने की तारीख सोमवार, 14 सितंबर बताई गई है।
यह फर्क अहम है, क्योंकि झेंग पर जीत से रैंकिंग पक्की हुई, जबकि उसके बाद के मैचों से ट्रॉफी मिली। रिपोर्टें फाइनल के स्कोर, मैच की अवधि और मुख्य उपलब्धि पर सहमत हैं: रयबाकिना ने नंबर 1 पर सबालेंका के लगातार 99 हफ्तों के कार्यकाल का अंत किया।
रयबाकिना ने फाइनल कैसे जीता
रयबाकिना ने पहली सर्विस सिर्फ 27% सफल होने के बावजूद शुरुआती सेट जीत लिया। उन्होंने सबालेंका की सर्विस तोड़कर 3-2 की बढ़त बनाई और फिर उसे बरकरार रखते हुए सेट 6-4 से अपने नाम किया। पहली सर्विस का प्रतिशत इतना कम होने के बावजूद उनकी सफलता दिखाती है कि शुरुआती बढ़त में उनके ग्राउंडस्ट्रोक और दूसरी सर्विस पर मुकाबला करने की क्षमता अहम रही।
दूसरे सेट में मुकाबले का रुख अलग रहा। रयबाकिना की पहली सर्विस का प्रतिशत बढ़कर 61% हो गया, लेकिन वह दो ब्रेक पॉइंट भुना नहीं सकीं। सबालेंका ने मुकाबले को करीबी बनाए रखा और सेट के आखिरी हिस्से में दबाव बनाया। रयबाकिना ने 5-5 पर सर्विस बरकरार रखने के लिए दो सेट पॉइंट बचाए, लेकिन दो गेम बाद सबालेंका ने उनकी सर्विस तोड़कर सेट 7-5 से जीत लिया।
निर्णायक सेट में रयबाकिना ने सर्विस तोड़कर 2-1 की बढ़त बनाई और मैच पर नियंत्रण कर लिया। शानदार वॉली से उन्होंने एक और ब्रेक लेकर स्कोर 5-2 किया और अब उन्हें चैंपियनशिप के लिए सर्विस करनी थी। उन्होंने ऐस के साथ मैच खत्म किया। आठ महीने पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में सबालेंका के खिलाफ मैच पॉइंट भी उन्होंने इसी अंदाज में भुनाया था।
मैच के उनके बताए गए आंकड़ों में 12 ऐस, पांच डबल फॉल्ट और 12 ब्रेक पॉइंट में से तीन सफल रहे। ब्रेक पॉइंट पर खिलाड़ी को प्रतिद्वंद्वी की सर्विस पर गेम जीतने का मौका मिलता है। 12 में से तीन भुनाने का मतलब 25% सफलता दर था, लेकिन उन ब्रेक का सही समय पर मिलना मैच का फैसला करने के लिए काफी रहा।
न्यूयॉर्क से पहले चोट की चिंता
यूएस ओपन से पहले सिनसिनाटी क्वार्टरफाइनल में इगा स्वियातेक के खिलाफ मुकाबले से हटने के बाद रयबाकिना टूर्नामेंट में पहुंची थीं। एक रिपोर्ट में समस्या को एचिलीस की चोट बताया गया है और कहा गया है कि टूर्नामेंट से पहले उन्हें अभ्यास के लिए सिर्फ चार दिन मिले। चोट की विस्तृत चिकित्सकीय जांच या ठीक होने की समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की गई।
ट्रॉफी समारोह में रयबाकिना ने कहा कि शारीरिक परेशानियों के बाद चैंपियन बनना अप्रत्याशित नतीजा था।
मैं थोड़ी चोट से जूझ रही थी, लेकिन किसी तरह सब कुछ मेरे पक्ष में रहा... मैं पिछले 10 साल से यहां आती रही हूं और कभी सफल नहीं हुई। उसके करीब भी नहीं पहुंची थी, और यह अविश्वसनीय है। मुझे न्यूयॉर्क से लगातार और प्यार होता जा रहा है।
उनका अभियान लंबे मैचों के बिना शुरू हुआ, जबकि बाद के दौरों में लंबे मुकाबले इसकी पहचान बने। चौथे दौर में उन्होंने 13वीं वरीय नाओमी ओसाका को हराया और एक भी सेट गंवाए बिना क्वार्टरफाइनल में पहुंचीं। इसके बाद सबालेंका का सामना करने से पहले उन्हें झेंग और गॉफ, दोनों के खिलाफ शुरुआती सेट गंवाने के बाद वापसी करनी पड़ी।
नंबर 1 पक्का करने वाला क्वार्टरफाइनल
झेंग पर रयबाकिना की 3-6, 6-1, 6-4 की जीत रैंकिंग के लिहाज से निर्णायक रही। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए सेमीफाइनल तक पहुंचना था कि वह सबालेंका से आगे निकल जाएंगी। अगर वह इससे पहले हार जातीं, तो सबालेंका, पेगुला या गॉफ खिताब जीतकर शीर्ष स्थान हासिल कर सकती थीं।
झेंग ने उस मुकाम तक पहुंचना मुश्किल बना दिया। रयबाकिना ने कहा कि दिन में देर से हुए पिछले मैचों के बाद आर्थर ऐश स्टेडियम की धूप और छाया में उन्हें शुरुआत में परेशानी हुई। झेंग ने मैच में अपनी इकलौती सर्विस ब्रेक हासिल कर 5-3 की बढ़त ली और फिर पहला सेट जीत लिया।
रयबाकिना ने 38 मिनट में दूसरा सेट जीतकर जवाब दिया। तीसरा सेट करीबी रहा, जब तक कि झेंग के डबल फॉल्ट से रयबाकिना को 5-4 की बढ़त नहीं मिल गई। फिर रयबाकिना ने सर्विस पर मैच जीतकर पहली बार यूएस ओपन सेमीफाइनल में जगह बनाई और रैंकिंग में शीर्ष स्थान पक्का कर लिया।
इस जीत के बाद रयबाकिना ने बताया कि वह तुरंत रैंकिंग का जश्न मनाने के बजाय टूर्नामेंट पर ध्यान क्यों दे रही थीं।
अभी यह सिर्फ एक नंबर है और जाहिर है कि मैं सेमीफाइनल में हूं, इसलिए मेरा लक्ष्य टूर्नामेंट जीतना है।
झेंग का अभियान भी वापसी की बड़ी कहानी रहा। 2024 की ओलंपिक चैंपियन कोहनी की सर्जरी के बाद 121वें स्थान पर खिसक गई थीं और मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने के लिए उन्हें क्वालिफाइंग खेलना पड़ा। उन्होंने मैडिसन कीज़ के खिलाफ निर्णायक सेट में 5-0 से पिछड़ने के बाद वापसी की और स्वियातेक के खिलाफ शुरुआती सेट में भी 5-0 की कमी को पूरा किया। क्वार्टरफाइनल में पहुंचने से शीर्ष 60 में उनकी वापसी पक्की हो गई।
करियर के बाद के दौर में रैंकिंग की नई ऊंचाई
डब्ल्यूटीए रैंकिंग के इतिहास में नंबर 1 बनने वाली रयबाकिना 30वीं महिला हैं। उपलब्ध उम्र संबंधी तुलना के अनुसार 14 सितंबर को उनकी उम्र 27 साल और 89 दिन थी। इस पद पर पहली बार पहुंचने वाली सबसे उम्रदराज महिलाओं में वह दूसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे सिर्फ एंजेलिक कर्बर हैं, जो सितंबर 2016 में नंबर 1 बनीं, तब उनकी उम्र 28 साल और 238 दिन थी।
यह तुलना पहली बड़ी खिताबी जीत के समय और रैंकिंग में लगातार शीर्ष पर बने रहने के समय के बीच फर्क दिखाती है। रयबाकिना ने 2022 में विम्बलडन जीता था, लेकिन नंबर 1 तक उनका सफर चार साल बाद पूरा हुआ। रैंकिंग में एक फाइनल के नतीजे के बजाय विभिन्न टूर्नामेंटों में मिले अंकों का हिसाब होता है। इसी वजह से सबालेंका का सामना करने से पहले ही उनकी शीर्ष स्थिति पक्की हो गई थी।
बताई गई रैंकिंग में पेगुला, सबालेंका से 610 अंक और रयबाकिना से 2,636 अंक पीछे थीं। इस तरह चैंपियनशिप के बाद रयबाकिना के पास शीर्ष स्थान के साथ अंकों की बढ़त भी थी। हालांकि, इससे यह तय नहीं होता कि वह कितने समय तक शीर्ष पर रहेंगी, क्योंकि आगे के नतीजे और पहले हासिल किए गए अंकों की अवधि पूरी होने से रैंकिंग का क्रम बदल सकता है।
वापसी के सीजन में दो बड़े खिताब
यूएस ओपन 2026 में रयबाकिना का तीसरा और करियर का 14वां खिताब था। ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन जीतने के साथ-साथ वह इंडियन वेल्स और टोरंटो के फाइनल में भी पहुंचीं। इन नतीजों से पता चलता है कि उनकी रैंकिंग में उछाल को चार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों से बाहर के प्रदर्शन का भी सहारा मिला।
पिछले साल से तुलना करें तो अंतर साफ दिखता है। 2025 में वह किसी भी बड़े टूर्नामेंट में चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ पाई थीं। 2026 में उन्होंने सीजन का पहला और आखिरी ग्रैंड स्लैम जीता और रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचीं।
विम्बलडन, ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन उनके नाम हैं। रोलां गैरोस ही एकमात्र बड़ा एकल खिताब है, जिसे उन्होंने अभी तक नहीं जीता। करियर के दौरान चारों अलग-अलग बड़े खिताब जीतने को करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करना कहते हैं। न्यूयॉर्क की जीत से वह इस उपलब्धि से एक खिताब दूर पहुंचीं, हालांकि इसे हासिल करने की कोई समय-सीमा तय नहीं है।
सबालेंका पर रयबाकिना की पिछली तीन जीतें खिताबी मुकाबलों में आईं: पिछले पतझड़ में डब्ल्यूटीए फाइनल्स, जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन और फिर यूएस ओपन। आमने-सामने के करियर रिकॉर्ड में रयबाकिना ने अंतर घटाकर आठ जीत और 10 हार कर लिया। फाइनल में हाल की हार के बावजूद सबालेंका आगे हैं।
सबालेंका ने खिताब और शीर्ष स्थान गंवाया
सबालेंका फाइनल में शीर्ष वरीय और पिछले दो यूएस ओपन की चैंपियन के रूप में उतरी थीं। हार के साथ लगातार तीसरा खिताब जीतने की उनकी कोशिश खत्म हो गई। 2022 के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि सीजन में उनके नाम कोई ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी नहीं रही।
रैंकिंग में उनका दबदबा भी एक और उपलब्धि से बस थोड़ा पहले थम गया। नंबर 1 पर लगातार 99 हफ्ते बिताने के बाद वह लगातार 100 हफ्ते शीर्ष पर रहने वाली छठी महिला बनने से सिर्फ एक हफ्ता दूर थीं। फाइनल शुरू होने से पहले ही रयबाकिना के क्वार्टरफाइनल के नतीजे ने यह तय कर दिया था।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबालेंका ने कहा कि वह रैंकिंग में बदलाव को अपना रवैया बदलने की वजह मानने के बजाय निराशा को अपने खेल पर और काम करने की प्रेरणा बनाएंगी।
जब आप कोर्ट पर उतरते हैं, तो सबकी नजर आप पर होती है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप नंबर 1, 2, 3, 4 या कुछ भी हैं। मैं बस कड़ी मेहनत और अपने टेनिस तथा स्तर को बेहतर बनाना जारी रखूंगी। उम्मीद है कि मैं कुछ और टूर्नामेंट जीतूंगी।
फाइनल ने दिखाया कि दोनों के बीच मुकाबला कितना करीबी है। पहला सेट गंवाने के बाद सबालेंका ने मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचाया, जबकि रयबाकिना ने निर्णायक ब्रेक और सर्विस पर मैच खत्म करके जीत हासिल की। 2026 में दोनों के बीच हुए दो बड़े फाइनल रयबाकिना ने जीते।
कजाखस्तान में राष्ट्रपति का सम्मान
कजाखस्तान टेनिस महासंघ के अध्यक्ष बुलात उतेमुरातोव ने रयबाकिना की उपलब्धि को "एलेना की शानदार जीत और कजाखस्तान के टेनिस के लिए ऐतिहासिक दिन" बताया। रैंकिंग पक्की होने के बाद राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव ने भी उन्हें बधाई दी। बताया गया कि उनका बधाई संदेश 10 सितंबर को आया।
28 सितंबर को तोकायेव ने रयबाकिना से मुलाकात की और खेल उपलब्धियों तथा कजाखस्तान में टेनिस के विकास और प्रचार में योगदान के लिए उन्हें तीसरे दर्जे का बारिस ऑर्डर प्रदान किया। उन्होंने कोर्ट के अंदर और बाहर रयबाकिना के आचरण की सराहना की और उनकी सफलता को बच्चों की खेल में रुचि से जोड़ा।
मुलाकात के दौरान तोकायेव ने बताया कि उनके मुताबिक रयबाकिना की जीतें युवाओं के लिए कैसी मिसाल पेश कर रही हैं।
आपकी जीतों के बाद हमारे बच्चे टेनिस में रुचि ले रहे हैं, बड़ी संख्या में प्रशिक्षण केंद्रों में दाखिला ले रहे हैं और खुद चैंपियन बनना चाहते हैं। आप हमारे बच्चों के सामने सकारात्मक मिसाल पेश करती हैं और यह बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे बच्चों को खेलों में हिस्सा लेना चाहिए, क्योंकि यह उनके भविष्य के लिए अहम है।
इस बयान के साथ दाखिले के आंकड़े नहीं दिए गए, इसलिए भागीदारी में किसी बढ़ोतरी का पैमाना स्थापित नहीं है। रयबाकिना ने समर्थन के लिए तोकायेव का आभार जताया, कजाखस्तान का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व व्यक्त किया और अच्छे नतीजों की कोशिश जारी रखने का संकल्प दोहराया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का घटनाक्रम
रैंकिंग की उपलब्धि, टूर्नामेंट की जीत और राष्ट्रीय सम्मान अलग-अलग तारीखों पर हुए। नीचे दिया गया घटनाक्रम विस्तृत मैच विवरण को फाइनल की तारीख से जुड़े विरोधाभासी दावे से अलग रखता है।
- जनवरी 2026: रयबाकिना ने ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में सबालेंका को हराया।
- यूएस ओपन से पहले: चोट की चिंताओं के बीच वह सिनसिनाटी में स्वियातेक के खिलाफ मुकाबले से हट गईं।
- 9 सितंबर: बुधवार को झेंग पर क्वार्टरफाइनल की जीत से सेमीफाइनल में जगह पक्की हुई और नंबर 1 रैंकिंग सुनिश्चित हो गई।
- 10 सितंबर: उनका सेमीफाइनल गॉफ से होना तय था; इसी दिन राष्ट्रपति के बधाई संदेश की भी खबर आई।
- 12 या 13 सितंबर: फाइनल की तारीख पर रिपोर्टों में मतभेद है। रयबाकिना ने सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराया।
- 14 सितंबर: सोमवार को रैंकिंग जारी होने के साथ नंबर 1 के रूप में उनका कार्यकाल शुरू हुआ।
- 28 सितंबर: तोकायेव ने रयबाकिना से मुलाकात की और उन्हें तीसरे दर्जे का बारिस ऑर्डर प्रदान किया।
अगले टूर्नामेंट की तारीख या चोट की आगे की जांच का विवरण नहीं दिया गया है। इन विवरणों के अनुसार तत्काल खेल उपलब्धि तय है, लेकिन फाइनल की तारीख में मतभेद की पुष्टि टूर्नामेंट के रिकॉर्ड से करनी होगी।
मुख्य बातें
- रयबाकिना ने अपना पहला यूएस ओपन और तीसरा ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीता।
- वह डब्ल्यूटीए एकल रैंकिंग में नंबर 1 बनने वाली कजाखस्तान की पहली खिलाड़ी और इस स्थान पर पहुंचने वाली 30वीं महिला बनीं।
- झेंग पर क्वार्टरफाइनल की जीत ने खिताबी मुकाबले से पहले उनकी रैंकिंग पक्की कर दी।
- उन्होंने 2026 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन, दोनों के फाइनल में सबालेंका को हराया।
- नंबर 1 पर सबालेंका का लगातार 99 हफ्तों का कार्यकाल खत्म हुआ।
- तोकायेव ने 28 सितंबर को रयबाकिना को तीसरे दर्जे का बारिस ऑर्डर प्रदान किया।
- रिपोर्टों में मतभेद है कि यूएस ओपन फाइनल 12 सितंबर को हुआ या 13 सितंबर को।






