थाईलैंड के साइनाइड हत्याकांड: सरारत रंगसिवुथापोर्न के खिलाफ सबूत, फैसले और अनसुलझे मामले

पढ़ने में 16 मिनट
Thailand's Cyanide Murders: The Evidence, Verdicts and Unresolved Cases Against Sararat Rangsiwuthaporn

नदी किनारे हुई मौत से कहीं बड़ी जांच का खुलासा हुआ

20 नवंबर 2024 को थाईलैंड की आपराधिक अदालत ने सिरिपोर्न खानवोंग की हत्या के लिए सरारत रंगसिवुथापोर्न को मौत की सजा सुनाई। 32 वर्षीय सिरिपोर्न उनकी दोस्त थीं और रत्चबुरी के बान फोंग जिले में माए क्लोंग नदी के किनारे मछलियां छोड़ने की रस्म के दौरान गिर पड़ी थीं। अदालत ने सरारत को पूर्व नियोजित हत्या, लूट और भोजन में मिलावट का दोषी पाया। सिरिपोर्न के चोरी हुए सामान का मूल्य करीब 150,000 बाट आंका गया।

विषय-सूची
  1. नदी किनारे हुई मौत से कहीं बड़ी जांच का खुलासा हुआ
  2. सिरिपोर्न के परिवार ने दिल के दौरे की बात क्यों नहीं मानी
  3. वह जीवित बचीं क्योंकि उन्होंने अपने लक्षण पहचान लिए
  4. कर्ज और बचत समूहों ने मामलों को जोड़ा
  5. परिवारों ने प्राकृतिक कारण बताकर दर्ज मौतों पर सवाल उठाए
  6. जांचकर्ताओं ने सबूत कैसे जुटाए
  7. पहले फैसले में क्या तय हुआ
  8. 14 और मामले, और घटनाक्रम की परस्पर विरोधी तारीखें
  9. बरी होने के फैसले दिखाते हैं कि हर मुकदमा अलग है
  10. मुख्य बातें

यह 15 अभियोजनों की श्रृंखला में पहला फैसला था। इन मामलों में 14 मौतें और हत्या के प्रयास का एक कथित मामला शामिल था। पुलिस ने दोस्ती, कर्ज और बचत समूहों के जरिए इन मामलों को जोड़ा और 2015 से कई प्रांतों में हुई मौतों की जांच की। सरारत, जिन्हें ऐम या ऐम के नाम से भी जाना जाता है, ने आरोपों से इनकार किया।

जिस मौत को पहले दिल का दौरा माना गया था, वह दूसरी शव-परीक्षा, निगरानी कैमरे की फुटेज, बैंक हस्तांतरण और एक डिलीवरी की तस्वीर वाली जांच में बदल गई। जांचकर्ताओं ने कहा कि इनसे साइनाइड का सुराग सरारत तक पहुंचा। 25 अप्रैल 2023 को उनकी गिरफ्तारी के बाद, पहले हुई मौतों पर सवाल उठाने वाले परिवार सामने आए।

अदालतों के फैसले एक जैसे नहीं रहे। मौत और उम्रकैद की सजाओं के साथ-साथ, सबूतों से दोष साबित न होने पर अदालतों ने कई मामलों में सरारत को बरी भी किया। रिपोर्टों में तारीखों और सजाओं के विवरण में भी विरोधाभास हैं। इसलिए पहली पक्की दोषसिद्धि को बाद में अलग-अलग मामलों में हुई सुनवाइयों की खबरों से अलग रखना जरूरी है।

मुख्य अंतर पुलिस की उस थ्योरी और हर अलग आरोप को साबित करने के लिए जरूरी सबूतों के बीच है, जो 15 लोगों के मामलों को जोड़ती है। सिरिपोर्न के मामले में उनकी हत्या के लिए आपराधिक जिम्मेदारी स्थापित हुई। इससे जांच के दायरे में आई हर दूसरी मौत के लिए जिम्मेदारी अपने-आप साबित नहीं होती।

सिरिपोर्न के परिवार ने दिल के दौरे की बात क्यों नहीं मानी

14 अप्रैल 2023 को सिरिपोर्न, जिन्हें परिवार कोय कहता था, ने अपनी मां से कहा कि वह शाम को लौटकर उन्हें खरीदारी कराने ले जाएंगी। इसके बजाय, बैंकॉक से करीब 80 किलोमीटर पश्चिम में नदी किनारे उनकी मौत हो गई। वह सरारत के साथ बौद्ध पुण्य-कर्म की रस्म के तहत मछलियां छोड़ने वहां गई थीं।

परिवार को सिर्फ एक स्वस्थ युवती की अचानक मौत पर ही संदेह नहीं हुआ। उनके दोनों फोन बंद थे और उनका बैग तथा अन्य सामान गायब था। उनकी बहन निपावान खानवोंग ने कहा कि परिवार को शुरू में स्थानीय पुलिस को आगे जांच के लिए मनाने में मुश्किल हुई।

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स्वतंत्र जांचकर्ता और सिरिपोर्न के मित्र रापी चमनरुआ ने परिवार की चिंताएं सुराचेत हाक्पान तक पहुंचाने में मदद की। सुराचेत 2022 से 2024 तक राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख के उपपद पर थे। रापी ने बताया कि गायब सामान के कारण शुरुआती स्पष्टीकरण पर्याप्त क्यों नहीं था।

दिल का दौरा पड़ने से किसी का सामान गायब नहीं होता।

दूसरी, अधिक विस्तृत शव-परीक्षा में साइनाइड मिला। निगरानी कैमरे की फुटेज में भी सिरिपोर्न को घाट पर सरारत के साथ देखा गया। अभियोजन पक्ष के बयान के अनुसार, सिरिपोर्न ने साइनाइड मिला खाना और पानी लिया, फिर गिर पड़ीं। सरारत ने उनकी मदद नहीं की और उनका सामान लेकर चली गईं।

नवंबर 2024 के फैसले के बाद सिरिपोर्न की मां थोंगपिन कियाचानासिरी ने अदालत के बाहर बेटी की तस्वीर थामकर फैसले पर बात की।

तुम्हें न्याय मिला, मेरी बच्ची। आज इस दुनिया में न्याय है।

वह जीवित बचीं क्योंकि उन्होंने अपने लक्षण पहचान लिए

कांतिमा पैसाद, जिन्हें प्ला कहा जाता है, एक ऐसी घटना में बच गईं जिसकी बाद में पुलिस ने हत्या के प्रयास के तौर पर जांच की। वह करीब एक दशक से सरारत को जानती थीं। उनके पति और सरारत के पूर्व पति ने एक ही पुलिस अकादमी में पढ़ाई की थी और दोनों परिवार अक्सर एक-दूसरे के घर आते-जाते थे।

प्ला ने बताया कि खांसी के लिए सरारत की दी हुई हर्बल दवा लेने के 10 मिनट से भी कम समय में वह गंभीर रूप से बीमार हो गईं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई, उन्होंने एम्बुलेंस बुलाई और बेहोश होने से पहले उनके हाथों में जकड़न बढ़ती गई। अस्पताल में होश आने के बाद उन्हें पति से पता चला कि उनका दिल रुक गया था।

पुलिस द्वारा पहचाने गए 15 लोगों में अकेली जीवित बचीं प्ला ने सांस लेने में हुई दिक्कत के बारे में बताया।

लेकिन मैंने सांस लेने की कितनी भी कोशिश की, फिर भी सांस नहीं ले पा रही थी।

उस समय उन्हें लगा कि यह एलर्जी की प्रतिक्रिया थी। सरारत अस्पताल में उनसे मिलने आईं और जाहिर तौर पर चिंतित दिखीं। दो महीने बाद, नवंबर 2022 में, वजन घटाने को लेकर परिवार में हुई बातचीत के बाद सरारत प्ला के घर स्लिमिंग गोलियां लेकर आईं। प्ला ने उन्हें नहीं लिया।

सिरिपोर्न को जहर दिए जाने की खबर सामने आने के बाद ही प्ला ने अपनी बीमारी को साइनाइड के संपर्क से जुड़े लक्षणों से जोड़ा। उन्होंने एक वित्तीय संबंध का भी जिक्र किया: उन्होंने सरारत को एक महीने के लिए 250,000 बाट उधार दिए थे, फिर कार का भुगतान करने के लिए पूरी रकम वापस मांगी।

उनके बच जाने से जांचकर्ताओं को ऐसी महिला का बयान मिला जो बीमारी और उससे पहले के रिश्ते, दोनों के बारे में बता सकती थीं। फिर भी, इस गवाही को मौतों से जुड़े सबूतों से अलग परखना जरूरी था।

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कर्ज और बचत समूहों ने मामलों को जोड़ा

जांचकर्ताओं ने कई तरह के वित्तीय संबंध पहचाने: सरारत द्वारा चलाए गए बचत समूहों के सदस्य, उन्हें सीधे कर्ज देने वाले दोस्त और वे लोग जिन्होंने उन्हें दूसरों को उधार देने या कहीं और निवेश करने के लिए पैसा दिया। सिरिपोर्न ने निवेश के लिए सरारत को 300,000 बाट हस्तांतरित किए थे, उनकी बहन के मुताबिक।

इन बचत समूहों में सदस्य नियमित रूप से पैसा जमा करते हैं। सदस्य तय ब्याज दर पर समूह से उधार ले सकते हैं और कर्ज चुकाते समय नियमित जमा जारी रखते हैं। कुछ सदस्यों के लिए ब्याज अतिरिक्त आय का जरिया होता है। यह व्यवस्था इस भरोसे पर निर्भर करती है कि दूसरे सदस्य अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पिरिया फोल्फिरुल ने थाईलैंड में इस व्यवस्था में भागीदारी के पैमाने का वर्णन किया।

अनुमान है कि लाखों थाई लोग शेयर समूहों में भाग लेते हैं और उनमें अरबों बाट के लेनदेन का अनुमान है।

पुलिस ने आरोप लगाया कि कर्ज और जुआ सरारत के कदमों की वजह थे। मई 2023 में सुराचेत ने उनके क्रेडिट कार्ड के भारी कर्ज का जिक्र किया। बाद में उन्होंने एक घटना बताई जिसमें कथित तौर पर कंचनाबुरी और नाखोन पथोम के बीच यात्रा करते समय सरारत ने जुए के अड्डे पर 10 लाख बाट गंवा दिए।

ये रकम वित्तीय संबंधों के अलग-अलग पैमानों को दिखाती हैं। एक अन्य संदिग्ध पीड़ित सूरत टोराफाप ने सरारत को पहले 50,000 और फिर 10,000 बाट उधार दिए थे, यानी कुल 60,000 बाट। सिरिपोर्न का 300,000 बाट का हस्तांतरण इससे पांच गुना था। जुए में कथित नुकसान दोनों कर्जों से कहीं अधिक था, हालांकि इन आंकड़ों से अकेले यह साबित नहीं होता कि कोई खास रकम किस काम में खर्च हुई।

वित्तीय तंगी पुलिस द्वारा बताए गए मकसद को समझा सकती है, लेकिन अपने-आप हत्या साबित नहीं करती। हर अभियोजन में ऐसे सबूत जरूरी हैं जो आरोपी को जहर देने और संबंधित पीड़ित से जोड़ें।

परिवारों ने प्राकृतिक कारण बताकर दर्ज मौतों पर सवाल उठाए

मुकदाहान में, निम नाम से जानी जाने वाली सवित्री बुदसिरक की नवंबर 2020 में बच्ची को जन्म देने के कुछ ही समय बाद मौत हो गई। उनके पति नितिपोन नुचित बैंकॉक में काम कर रहे थे, जो करीब 650 किलोमीटर दूर है। उनके फोन का जवाब न मिलने पर उन्होंने पांच साल के बेटे से वीडियो कॉल की।

बच्चे ने कैमरा अपनी मां की ओर किया। वह गद्दे पर मुंह के बल लेटी थीं। नितिपोन को पहले लगा कि वह सो रही हैं। दूसरी कॉल पर भी उन्हें उसी स्थिति में देखकर उन्होंने एक पड़ोसी को देखने के लिए कहा। उनकी नवजात बेटी पास ही थी।

पत्नी की मौत का पता चलने के बारे में बताते हुए नितिपोन ने पास में सो रही बच्ची का जिक्र किया।

निम बिस्तर पर मृत मिलीं और हमारी बेटी उनसे कुछ ही फीट दूर सो रही थी।

निम अतिरिक्त आय कमाने के लिए सरारत से जुड़े एक ऑनलाइन बचत समूह में शामिल हुई थीं। रिपोर्टों में उनकी उम्र अलग-अलग दी गई है: 40 या 41 साल। उनकी मौत को पहले प्राकृतिक कारणों से हुई मौत माना गया था।

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बी नाम से जाने जाने वाले सूरत 35 वर्ष के थे और सरारत के साथ स्कूल में पढ़े थे। कंचनाबुरी में उनकी अचानक मौत पर उनके भाई ने सवाल उठाए और सरारत को दिए गए कर्ज के संदेश पाए। उस मौत को भी प्राकृतिक कारणों से हुई बताया गया था।

घटनाक्रम की तारीखों में रिपोर्टों के बीच अंतर है: परिवार का विवरण सूरत की मौत जनवरी 2021 में बताता है, जबकि बाद की मामलों की सूची में 6 मार्च 2021 की तारीख है। मूल केस रिकॉर्ड के बिना इस अंतर को सुलझाया नहीं जा सकता। दोनों विवरण अचानक हुई मौत और एक ही वित्तीय संबंध का जिक्र करते हैं।

एक अन्य जांच विदेश से थाईलैंड लौटने के बाद मरी मोंथाथिप खाओ-इन से जुड़ी थी। उनकी मां ने कहा कि सरारत उन्हें हवाई अड्डे से लेकर आईं और कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई। मई 2023 की रिपोर्ट में मौत को सात साल पहले का बताया गया, जबकि बाद की सूची में 7 जुलाई 2015 की तारीख है। ये तारीखें भी पूरी तरह मेल नहीं खातीं।

जांचकर्ताओं ने सबूत कैसे जुटाए

जांच में विष-विज्ञान परीक्षण, निगरानी कैमरे की फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड और गवाहों की गवाही शामिल थी। मई 2023 में राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख दमरोंगसक कित्तिप्रपास ने कहा कि किसी गवाह ने सरारत को खाने या पानी में साइनाइड मिलाते नहीं देखा था, लेकिन जांचकर्ताओं का मानना था कि अभियोजन के लिए उनके पास पर्याप्त परिस्थितिजन्य और फॉरेंसिक सबूत थे।

परिस्थितिजन्य सबूत कथित कृत्य को सीधे दर्ज नहीं करते। इसके बजाय वे खरीदारी, बातचीत, धन हस्तांतरण और आवाजाही जैसे तथ्यों के जरिए घटनाओं को जोड़ सकते हैं। उनका महत्व इस पर निर्भर करता है कि क्या वे तथ्य संबंधित मामले में जिम्मेदारी को विश्वसनीय रूप से स्थापित करते हैं।

रापी ने एक डिलीवरी की तस्वीर का जिक्र किया जिसमें सरारत की टोयोटा फॉर्च्यूनर में साइनाइड सौंपा जा रहा था। गियर स्टिक के पास एक छोटा गुलाबी हैलो किट्टी बैग दिखाई दे रहा था। उनके मुताबिक, जांचकर्ताओं ने बाद में बैग जब्त किया और उसमें एक बोतल पाई, जिस पर दर्ज नंबर से उसके आयातक की पहचान हुई। पुलिस ने यह भी कहा कि सरारत ने अपने नाम से साइनाइड खरीदने के बजाय दूसरे लोगों से इसे मंगवाया था।

साइनाइड कोशिकाओं को ऑक्सीजन का सही इस्तेमाल करने से रोकता है। इससे तेजी से सांस लेने में दिक्कत, बेहोशी और दिल का दौरा पड़ सकता है। धातुओं पर परत चढ़ाने और सोने के प्रसंस्करण समेत उद्योगों में इसके वैध उपयोग भी हैं। इसलिए इसे अपने पास रखने के सबूत को अवैध इस्तेमाल से जोड़ना जरूरी है।

सिरिपोर्न का मामला दिखाता है कि लक्षित फॉरेंसिक जांच से साइनाइड का पता लगाया जा सकता है। दिल के दौरे की शुरुआती व्याख्या ने दिखाई देने वाली चिकित्सकीय घटना का वर्णन किया; बाद में विष-विज्ञान जांच में मिले निष्कर्ष ने उसके कारण का सबूत दिया। इस अंतर ने जांचकर्ताओं को उन मौतों पर फिर से गौर करने में मदद की जो पहले आपस में जुड़ी हुई नहीं लगती थीं।

पहले फैसले में क्या तय हुआ

20 नवंबर 2024 के फैसले में सिरिपोर्न की हत्या के लिए सरारत को मौत की सजा दी गई। उनके पूर्व पति, पूर्व पुलिस लेफ्टिनेंट कर्नल वितून रंगसिवुथापोर्न और वकील थानिचा एक्सुवनवात को भी सबूत छिपाने में मदद करने या सरारत को सजा से बचाने में सहायता देने के लिए सजा सुनाई गई।

रिपोर्टों में सहमति है कि वितून को एक साल और चार महीने की जेल हुई। थानिचा की सजा के बारे में रिपोर्टें अलग हैं। एक रिपोर्ट कहती है कि दोनों को पहले दो-दो साल की सजा सुनाई गई, जिसे उपयोगी गवाही के लिए घटाकर एक साल और चार महीने कर दिया गया। बाद की कार्यवाही की खबरों समेत अन्य रिपोर्टों में वकील की सजा दो साल बताई गई है।

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मुआवजे की रकम भी अलग-अलग बताई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों आरोपियों को संयुक्त रूप से सिरिपोर्न के परिवार को 2.4 मिलियन बाट देने का आदेश दिया गया। दूसरी रिपोर्ट कहती है कि सरारत को दो मिलियन बाट देने का आदेश हुआ। संभव है कि ये अलग-अलग देनदारियों का जिक्र हों, लेकिन यह अंतर स्पष्ट नहीं है; इसलिए इन रकमों को एक-दूसरे के बराबर नहीं मानना चाहिए।

कार्यवाही के दौरान वितून की स्थिति बदल गई थी। मई 2023 में नाखोन पथोम की प्रांतीय अदालत ने उन्हें अस्थायी रूप से रिहा कर दिया था, क्योंकि जांचकर्ता तब तक कथित अपराधों से उन्हें जोड़ने वाले सबूत स्थापित नहीं कर पाए थे। उस समय पुलिस ने चोरी की संपत्ति और जाली आधिकारिक दस्तावेजों से जुड़े आरोपों का जिक्र किया था। वह शुरुआती रिहाई बाद में सामने आए सबूत छिपाने के मामले पर अंतिम फैसला नहीं थी।

26 नवंबर 2024 को थानिचा ने बचाव का तरीका तय करने को लेकर मतभेद और ट्रायल कोर्ट में अपना काम पूरा होने का हवाला देते हुए सरारत की वकील के तौर पर हटने की अर्जी दी। पहली दोषसिद्धि से पहले उन्होंने पुलिस की थ्योरी को चुनौती दी थी और इस पर सवाल उठाया था कि क्या साइनाइड से जहर दिए जाने के सबूत से यह साबित होता है कि जहर सरारत ने दिया था।

14 और मामले, और घटनाक्रम की परस्पर विरोधी तारीखें

26 नवंबर 2024 को जांचकर्ताओं ने 14 अन्य मामलों की फाइलें अभियोजकों को सौंपीं। राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख के सहायक थानायुत वुथिचत्थमरॉन्ग ने फाइलें सौंपने की अगुवाई की। इसमें केंद्रीय और प्रांतीय पुलिस के जांचकर्ता शामिल थे। अपराध दमन प्रभाग के उपकमांडर अनेत ताओसुपाप ने कहा कि उनका मानना है कि अभियोजन के लिए सबूत पर्याप्त थे।

फाइलों का आकार काफी अलग-अलग था। प्ला से जुड़ी फाइल में छह फोल्डरों के भीतर 2,821 पन्ने थे। पुसेदी सम्बूनमी से जुड़े मामले की फाइल में आठ फोल्डरों के भीतर 3,479 पन्ने थे। एक रिपोर्ट ने भले ही कहा कि फाइलें 14 मौतों से संबंधित थीं, लेकिन उसकी अपनी सूची में प्ला का नाम शामिल है, जो बच गई थीं।

आपराधिक मुकदमा कार्यालय के महानिदेशक संचाई चानफोंग ने कहा कि अभियोजक फाइलें अलग-अलग सौंपेंगे और उनकी समीक्षा करेंगे। उन्होंने आगाह किया कि पहले फैसले का अन्य मामलों पर असर अलग से विचार करने का विषय है।

  • 14 अप्रैल 2023: सरारत के साथ रत्चबुरी में माए क्लोंग नदी जाने के बाद सिरिपोर्न की मौत हुई।
  • 25 अप्रैल 2023: पुलिस ने बैंकॉक में सरारत को गिरफ्तार किया।
  • 4 मई 2023: पुलिस ने 15 संदिग्ध पीड़ितों के बारे में सार्वजनिक रूप से बताया, जिनमें 14 मृतक और एक जीवित बची व्यक्ति शामिल थीं।
  • 20 नवंबर 2024: आपराधिक अदालत ने सिरिपोर्न की हत्या के मामले में पहली मौत की सजा सुनाई।
  • 26 नवंबर 2024: जांचकर्ताओं ने 14 और मामलों की फाइलें अभियोजकों को सौंपीं।

बाद की रिपोर्टों को जोड़कर एक भरोसेमंद संयुक्त अपडेट नहीं बनाया जा सकता। 22 सितंबर की एक रिपोर्ट, जिसमें साल स्पष्ट नहीं है, तीन मौत की सजा, दो उम्रकैद और तीन बरी किए जाने के फैसले दर्ज करती है। 25 अगस्त 2026 की तारीख वाली एक अलग समीक्षा में सात फैसलों का जिक्र है: दो मौत की सजाएं, दो उम्रकैद और तीन बरी किए जाने के फैसले। उसमें दरीनी थेपथावी के मामले में मौत की सजा को सातवां फैसला बताया गया है।

बाद वाली समीक्षा कई फैसलों को 2026 का बताती है, जबकि सितंबर की रिपोर्ट में अलग कुल संख्या दी गई है। इन तारीखों और संख्याओं को अलग-अलग ही रखना चाहिए, न कि बिना बताए उन्हें जोड़ देना चाहिए।

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बरी होने के फैसले दिखाते हैं कि हर मुकदमा अलग है

तारीख वाली समीक्षा में नित्तया कैवबुब्पा, रोजारिन निलहोई और मोंथाथिप खाओ-इन से जुड़े मामलों में बरी किए जाने का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों में ऐसे सबूतों की कमी थी जो सरारत को कथित जहर देने, साइनाइड रखने या वित्तीय मकसद से जोड़ सकें। रोजारिन के मामले में यह भी कहा गया कि मृतक ने कर्ज चुका दिया था और गिरवी रखा वाहन वापस ले लिया था।

ये नतीजे जांच में उठे संदेह और दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त सबूत के बीच का अंतर दिखाते हैं। बार-बार एक जैसा पैटर्न होने के बारे में पुलिस का भरोसा हर मुकदमे में आरोपी की जिम्मेदारी साबित करने वाले सबूतों की जगह नहीं ले सकता।

सोमदेत चाओप्राया मनोचिकित्सा संस्थान के उपनिदेशक विन्यू चानाकुल ने भी बार-बार की गई हिंसा को समझाने के लिए कर्ज को पूरी वजह मानने के प्रति आगाह किया। उन्हें हत्या समेत हिंसक कृत्य करने वाले मनोरोगियों की देखभाल का 20 साल से अधिक का अनुभव है।

किसी के पास इतनी वित्तीय समस्याएं हों कि वह दूसरों की हत्या करने लगे और ऐसा बार-बार करे, तो इसे सिर्फ पैसों की वजह से नहीं समझाया जा सकता। वरना कर्ज में डूबा हर व्यक्ति लोगों की हत्या करता।

उनकी टिप्पणी से सरारत को कोई मनोरोग संबंधी निदान नहीं मिलता। यह उस धारणा को चुनौती देती है कि जांचकर्ताओं द्वारा बताए गए व्यवहार को सिर्फ वित्तीय मुश्किलों से समझाया जा सकता है।

22 सितंबर की रिपोर्ट कहती है कि निम और सूरत के मामलों की सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई थी। उसमें प्ला के हत्या के प्रयास के मामले की अगली तारीख 25 नवंबर बताई गई है, लेकिन साल स्पष्ट नहीं है। न तो वह रिपोर्ट और न ही बाद की समीक्षा प्ला के मामले का नतीजा या अपील की पूरी जानकारी स्थापित करती है। मौत की सजा का मतलब यह भी नहीं कि फांसी दे दी गई है: रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड में 2009 के अंत के बाद से 2018 में सिर्फ एक फांसी दी गई थी।

मुख्य बातें

  • सिरिपोर्न खानवोंग की हत्या के लिए सरारत रंगसिवुथापोर्न को 20 नवंबर 2024 को पहली मौत की सजा सुनाई गई।
  • पुलिस ने 15 संदिग्ध पीड़ितों की पहचान की: 14 लोगों की मौत हुई और एक, कांतिमा पैसाद, जीवित बचीं।
  • दूसरी शव-परीक्षा में साइनाइड मिलना, निगरानी कैमरे की फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिलीवरी से जुड़े सबूत जांच का दायरा बढ़ाने में मददगार रहे।
  • जांचकर्ताओं ने 26 नवंबर 2024 को 14 और मामलों की फाइलें अभियोजकों को सौंपीं।
  • अन्य मामलों में दोषसिद्धि और बरी किए जाने के फैसले आए हैं; हर मामले में सबूत अलग से पेश करना जरूरी है।
  • बाद के फैसलों की कुल संख्या, कुछ तारीखों, वकील की सजा और मुआवजे की रकम को लेकर रिपोर्टों में मतभेद हैं।
  • जीवित बची महिला के मामले में बताई गई 25 नवंबर की तारीख का साल स्पष्ट नहीं है और यहां उस मामले का नतीजा स्थापित नहीं है।
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