दर्शनीय स्थलों से खरीदारी की धूम तक: चीनी पर्यटक कोरियाई यात्रा की परिभाषा कैसे बदल रहे हैं
जब चेल्सी वांग अप्रैल के आखिर में दो दोस्तों के साथ सियोल पहुंचीं, तो उनकी प्राचीन महल देखने या मनोरम पहाड़ों पर चढ़ने की कोई योजना नहीं थी। साढ़े तीन दिन की उनकी यात्रा पूरी तरह ड्यूटी-फ्री खरीदारी, सौंदर्य उपचार, हेयर सैलून और सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों के इर्द-गिर्द थी। वांग अपने साथ खरीदारी की एक ऐसी सूची लेकर आई थीं, जिस पर उन्होंने अच्छी तरह शोध किया था: एक बैकपैक, जिसकी कीमत चीन के मुकाबले कम से कम 500 युआन (70 डॉलर) कम होने का उनका अनुमान था, और लगभग इतनी ही छूट पर मिलने वाली एक इत्र की बोतल।
विषय-सूची
- दर्शनीय स्थलों से खरीदारी की धूम तक: चीनी पर्यटक कोरियाई यात्रा की परिभाषा कैसे बदल रहे हैं
- ड्यूटी-फ्री से आगे: जीवनशैली पर्यटन का उभार
- विदेशी पर्यटकों के खर्च को आकर्षित करने की खुदरा कारोबार में होड़
- क्षेत्रीय पर्यटन में कोरिया की होड़: जापान से आगे
- व्यापक आर्थिक संदर्भ: उछाल या अस्थायी तेजी?
- कमजोर मुद्रा के दोहरे असर
- के-ब्यूटी के चलन के पीछे क्या है?
- चुनौतियां और आगे की राह
- मुख्य बातें
उनकी दोस्त वू, 28 वर्षीय कार्यालय कर्मचारी, जो शादी की तैयारी कर रही थीं, ने इससे भी बड़ी खरीदारी की। कई माध्यमों पर कीमतों की तुलना करने के बाद वू ने सियोल के व्यस्त म्योंगडोंग इलाके में लोटे ड्यूटी-फ्री से लगभग 37,000 युआन में चौमेट की शादी की अंगूठी खरीदी। छूट, कर-वापसी और अनुकूल विनिमय दर को जोड़ने के बाद, चीन में इसकी कीमत के मुकाबले उन्होंने करीब 11,000 युआन बचाए। वू ने कहा, “यह वाकई काफी अच्छा सौदा था।” उनकी बात में उस भावना की झलक थी, जो दक्षिण कोरिया में चीनी पर्यटन में असाधारण उछाल को बढ़ावा दे रही है।
सियोल का सांस्कृतिक गंतव्य से खरीदारी के स्वर्ग में बदलना आर्थिक और सांस्कृतिक ताकतों के प्रभावशाली मेल को दर्शाता है। पिछले एक साल में कोरियाई वॉन प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले उल्लेखनीय रूप से कमजोर बना हुआ है, जिससे चीनी पर्यटकों की खरीदने की क्षमता काफी बढ़ गई है। जून में एक युआन के बदले औसतन करीब 226 वॉन मिले, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा लगभग 209 वॉन था। विनिमय दर में इस बदलाव और के-ब्यूटी तथा कोरियाई पॉप संस्कृति की वैश्विक लोकप्रियता ने सियोल के खुदरा इलाकों में वह माहौल बना दिया है, जिसे उद्योग के जानकार “खपत का उत्सव” कहते हैं।
सरकार-वित्तपोषित अनुसंधान संस्था कोरिया संस्कृति एवं पर्यटन संस्थान ने जून के पर्यटन परिदृश्य में इस रुझान को रेखांकित किया। संस्थान ने कहा कि कमजोर वॉन से कोरिया की कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और विदेशी पर्यटकों की खरीदने की क्षमता में इजाफा हुआ है। उड़ानों की बढ़ी उपलब्धता और कोरियाई सांस्कृतिक सामग्री की लगातार बनी वैश्विक लोकप्रियता के साथ इन कारकों ने देश में आने वाले पर्यटकों के लिए असाधारण रूप से अनुकूल स्थितियां बनाई हैं।
सरकारी आंकड़े इस तेजी का पैमाना दिखाते हैं। कोरिया पर्यटन संगठन (केटीओ) के अनुसार, दक्षिण कोरिया में केवल मई में करीब 19.5 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आए, जिनमें 5,63,000 चीन से थे। एक साल पहले इसी अवधि में चीन से 4,84,390 पर्यटक आए थे। इससे भी उल्लेखनीय बात यह रही कि मई में विदेशी पर्यटकों का क्रेडिट कार्ड खर्च पहली बार 2 लाख करोड़ वॉन (1.45 अरब डॉलर) से अधिक हो गया। सालाना आधार पर 67.1 प्रतिशत बढ़कर यह रिकॉर्ड 2.12 लाख करोड़ वॉन पर पहुंच गया।
इस खर्च में तेज उछाल के पीछे चीनी पर्यटक सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे। मई में उनका कार्ड खर्च सालाना आधार पर 214 प्रतिशत बढ़ा और 2026 भर जारी रहने वाले ऊपर की ओर रुझान को आगे बढ़ाया। केटीओ ने खास तौर पर कहा कि चीनी पर्यटकों ने अति-लक्जरी खरीदारी की अगुवाई की, जिससे घड़ियों, आभूषणों और लग्जरी एक्सेसरीज़ की बिक्री अभूतपूर्व स्तर पर पहुंची।
ड्यूटी-फ्री से आगे: जीवनशैली पर्यटन का उभार
कोरिया में चीनी पर्यटन के बदलते स्वरूप का शायद सबसे अहम पहलू यह है कि लोग क्या खरीद और अनुभव कर रहे हैं। केटीओ ने पारंपरिक ड्यूटी-फ्री खरीदारी से हटकर उस दिशा में स्पष्ट बदलाव पहचाना है, जिसे वह “जीवनशैली से जुड़ी खपत” कहता है। इसमें स्मृति-चिह्न तलाशने या केवल लग्जरी सामान खरीदने के बजाय कोरिया के रोजमर्रा के जीवन से मेल खाने वाले अनुभव शामिल हैं।
इस रुझान में सौंदर्य उपचार और त्वचा रोग विशेषज्ञों के पास जाना, कोरियाई त्वचा देखभाल उत्पादों के लिए फार्मेसी में खरीदारी, स्थानीय दुकानों से फैशन की खरीदारी, कोरियाई सैलून में बाल संवारना और गंगनम जैसे इलाकों में घूमना शामिल है, जहां संपन्न कोरियाई रहते और खरीदारी करते हैं। कई चीनी पर्यटकों के लिए ये गतिविधियां अब यात्रा के वैकल्पिक हिस्से नहीं, बल्कि उसका मुख्य मकसद बन गई हैं।
शंघाई में रहने वाली 32 वर्षीय मीडिया पेशेवर ग्रेस गु इस नए तरह के पर्यटक की मिसाल हैं। वह मई के आखिर में अपनी बहन के साथ सियोल गईं। पहले दोनों ने जापान में पारिवारिक छुट्टी मनाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने गंतव्य बदलकर कोरिया कर लिया। गु ने बताया, “विनिमय दर एक वजह थी। जब आपको पता चलता है कि वॉन सस्ता है, तो आप स्वाभाविक रूप से उत्पाद ढूंढ़ने और कीमतों की तुलना करने लगते हैं। फिर आपको एहसास होता है कि खर्च के मुकाबले यहां मिलने वाला मूल्य बहुत अच्छा है और आप स्वाभाविक रूप से ज्यादा खरीदना चाहते हैं।”
पांच दिन के प्रवास में गु ने एक पूरा दिन खरीदारी के लिए और दूसरा सियोल के संपन्न दक्षिणी इलाके गंगनम में सौंदर्य उपचारों के लिए रखा। उन्होंने कोरियाई सैलून में बाल भी कटवाए। उड़ान, होटल, भोजन, खरीदारी और सौंदर्य सेवाओं समेत उनका कुल खर्च 10,000 युआन से अधिक रहा। ऑलिव यंग के म्योंगडोंग स्थित प्रमुख स्टोर में उन्होंने बंद होने से कुछ समय पहले भुगतान के लिए कतार में लगे ग्राहकों को देखा। उनमें से कई के बड़े-बड़े बैग त्वचा देखभाल उत्पादों और सौंदर्य प्रसाधनों से भरे थे। गु ने याद करते हुए कहा, “आप वाकई इस खपत के उत्सव को महसूस कर सकते थे। कोरिया में बाल कटवाना, सौंदर्य क्लीनिक जाना और सौंदर्य प्रसाधन खरीदना, सब कुछ यात्रा का स्वाभाविक हिस्सा लगता था।”
विदेशी पर्यटकों के खर्च को आकर्षित करने की खुदरा कारोबार में होड़
खुदरा उद्योग ने बढ़ती मांग को आकर्षित करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। कोरिया की प्रमुख सौंदर्य उत्पाद खुदरा कंपनी सीजे ऑलिव यंग ने बताया कि 2023 से विदेशी खरीदारों की दोबारा आने की दर हर साल दोगुने से अधिक बढ़ी है। पिछले साल के डिस्काउंट आयोजनों के दौरान ही 6,200 विदेशी यात्रियों ने ऑलिव यंग में तीन या उससे अधिक बार खरीदारी की। यह ब्रांड और उसके उत्पादों के प्रति उल्लेखनीय निष्ठा दिखाता है।
कोरिया की तीन सबसे बड़ी डिपार्टमेंट स्टोर श्रृंखलाएं, लोटे, शिनसेगे और हुंडई, इस साल विदेशी ग्राहकों से सालाना बिक्री में एक-एक लाख करोड़ वॉन (67 करोड़ डॉलर) का आंकड़ा पार करने की राह पर हैं। कुछ साल पहले तक यह लक्ष्य महत्वाकांक्षी लगता। लोटे डिपार्टमेंट स्टोर ने 2026 की पहली छमाही में विदेशी ग्राहकों से 64,000 करोड़ वॉन की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल से 125 प्रतिशत अधिक थी। उसके प्रमुख स्टोर की बिक्री में विदेशी खरीदारों का हिस्सा 30 प्रतिशत रहा। शिनसेगे डिपार्टमेंट स्टोर की पहली छमाही में विदेशी बिक्री 120 प्रतिशत बढ़कर 58,000 करोड़ वॉन हो गई, जो 2025 के उसके करीब 65,000 करोड़ वॉन के पूरे साल के आंकड़े के लगभग बराबर है। हुंडई डिपार्टमेंट स्टोर की पहली छमाही में विदेशी बिक्री 50,000 करोड़ वॉन रही, जो 2025 के पूरे साल के कुल का करीब 70 प्रतिशत है।
विदेशी खरीदारों की संरचना में भी काफी बदलाव आया है। शिनसेगे डिपार्टमेंट स्टोर में 2019 में विदेशी बिक्री में चीनी पर्यटकों का हिस्सा 77.5 प्रतिशत था, लेकिन 2026 की पहली छमाही में यह घटकर 48.5 प्रतिशत रह गया। इस बीच अमेरिकी खरीदारों का हिस्सा 1.1 प्रतिशत से बढ़कर 19.1 प्रतिशत हो गया। दक्षिण-पूर्व एशिया को छोड़कर अन्य एशियाई देशों से आए पर्यटकों का हिस्सा 4.4 प्रतिशत से बढ़कर 14.9 प्रतिशत पहुंच गया। खरीदारों की इस विविधता से संकेत मिलता है कि कोरिया का पर्यटन आकर्षण उसके पारंपरिक चीनी बाजार से आगे बढ़ा है, भले ही चीनी पर्यटकों का खर्च नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा हो।
डिपार्टमेंट स्टोर ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की जरूरतों के मुताबिक सेवाओं में भारी निवेश किया है। शिनसेगे अपने म्योंगडोंग स्थित मुख्य स्टोर को अधिक खर्च करने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए लग्जरी खरीदारी के गंतव्य के रूप में स्थापित कर रहा है। हुंडई डिपार्टमेंट स्टोर ने वास्तविक समय में अनुवाद की सुविधा वाली एआई-आधारित खरीदारी सहायता सेवा शुरू की है, ताकि कर्मचारी विदेशी ग्राहकों से बातचीत कर सकें। ये पहल दिखाती हैं कि उद्योग विदेशी पर्यटकों, खासकर प्रीमियम अनुभव चाहने वालों, को आमदनी बढ़ाने का बड़ा अवसर मानता है।
क्षेत्रीय पर्यटन में कोरिया की होड़: जापान से आगे
कोरिया में चीनी पर्यटन के उछाल का क्षेत्रीय यात्रा के रुझानों पर बड़ा असर पड़ रहा है, खासकर जापान के साथ प्रतिस्पर्धा पर। वर्षों से जापान चीनी यात्रियों का पसंदीदा गंतव्य रहा है। उसे अपने कमजोर येन और गहरी सांस्कृतिक अपील का लाभ मिला। हालांकि, कई स्रोतों के अनुसार दक्षिण कोरिया अब अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे निकल रहा है।
यात्रा विश्लेषण कंपनी चाइना ट्रेडिंग डेस्क के मुताबिक, 2026 के चंद्र नववर्ष की छुट्टियों के दौरान दक्षिण कोरिया चीनी यात्रियों के लिए शीर्ष गंतव्य के रूप में जापान से आगे निकल सकता है। कोविड-19 महामारी के बाद ऐसा पहली बार होगा। 15 फरवरी से शुरू होने वाली नौ दिन की छुट्टी के दौरान मुख्यभूमि चीन से अनुमानित 2,30,000 से 2,50,000 पर्यटक दक्षिण कोरिया पहुंच सकते हैं। यह पिछले साल से 52 प्रतिशत तक अधिक होगा। इसके उलट, इसी अवधि में जापान आने वाले चीनी पर्यटकों की संख्या 60 प्रतिशत तक गिरने का अनुमान है।
इस नाटकीय बदलाव के पीछे मुद्रा के फायदे से परे कई वजहें हैं। बीजिंग और टोक्यो के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव ने चीनी राष्ट्रवादियों के लिए जापान को कम आकर्षक गंतव्य बना दिया है। चीनी पर्यटक समूहों के लिए वीज़ा नियमों में दक्षिण कोरिया की व्यापक ढील और जून 2026 तक वीज़ा-मुक्त नीति बढ़ाने से यात्रा की एक बड़ी बाधा दूर हुई है। क्षेत्र के एक अन्य प्रतिद्वंद्वी थाईलैंड को लेकर सुरक्षा चिंताओं ने भी पर्यटकों का रुख कोरिया की ओर मोड़ा है। ये चिंताएं पड़ोसी म्यांमार में एक धोखाधड़ी केंद्र से चीनी अभिनेता के अपहरण के बाद बढ़ीं।
द स्ट्रेट्स टाइम्स के अनुसार, चाइना ट्रेडिंग डेस्क के मुख्य कार्यकारी सुब्रमनिया भट्ट ने कहा, “कमजोर वॉन के कारण सियोल, बुसान और जेजू खरीदारी और खान-पान के लिए बेहतर मूल्य वाले विकल्प लगते हैं।” विश्लेषकों के मुताबिक, के-पॉप संस्कृति और जापान से दक्षिण कोरिया की ओर क्रूज़ तथा पर्यटन यात्राओं के रुख बदलने से विकल्पों के बीच स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है।
एयरलाइनों ने इस बदलाव के अनुरूप उड़ानों की क्षमता तेजी से बढ़ाई है। विमानन आंकड़ा कंपनी सिरियम के अनुसार, चंद्र नववर्ष की अवधि में मुख्यभूमि चीन और दक्षिण कोरिया के बीच उड़ानों की संख्या पिछले साल से करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 1,330 से अधिक हो गई। इसके उलट, चीन से जापान के लिए निर्धारित उड़ानें 48 प्रतिशत घटकर 800 से कुछ अधिक रह गईं। इसके बाद चीन की प्रमुख एयरलाइनों ने जापान जाने वाली उड़ानों के लिए रद्दीकरण शुल्क में छूट मार्च 2026 तक बढ़ा दी।
व्यापक आर्थिक संदर्भ: उछाल या अस्थायी तेजी?
खर्च के प्रभावशाली आंकड़ों के बावजूद अर्थशास्त्री पर्यटन में इस उछाल के व्यापक आर्थिक असर को बढ़ा-चढ़ाकर बताने से सावधान करते हैं। जेपी मॉर्गन के मुख्य कोरिया अर्थशास्त्री पार्क सिओक-गिल ने माना कि कमजोर वॉन ने विदेशी पर्यटकों के खर्च में सुधार में “कुछ हद तक” योगदान दिया है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि इसके व्यापक आर्थिक महत्व को बढ़ाकर नहीं आंकना चाहिए।
पार्क ने बताया कि देश में आने वाले पर्यटकों और विदेशी कार्ड खर्च में बढ़ोतरी महामारी के बाद धीरे-धीरे हो रही बहाली का हिस्सा है, न कि अर्थव्यवस्था में कोई ढांचागत बदलाव। उन्होंने कहा कि कोरियाई संस्कृति और के-ब्यूटी की लोकप्रियता जैसे गैर-आर्थिक कारक भी पर्यटकों की पसंद तय करने में उतने ही अहम हैं। उन्होंने कहा, “यह बढ़ रहा है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन समूची व्यापक आर्थिक तस्वीर बदलने के लिए यह बढ़ोतरी काफी मजबूत नहीं है।” उनके मुताबिक, कोरिया में घरेलू खपत का परिदृश्य विदेशी पर्यटकों के खर्च के बजाय मुख्य रूप से परिवारों की खरीदने की क्षमता, आय में वृद्धि, संपत्ति से मिलने वाले लाभ और ब्याज दरों पर निर्भर करता है।
जेपी मॉर्गन द्वारा उद्धृत बैंक ऑफ कोरिया के आंकड़े बताते हैं कि ऐतिहासिक तुलना में चीनी पर्यटन की बहाली अब भी अधूरी है। 2025 में चीन के साथ कोरिया का यात्रा अधिशेष 3.77 अरब डॉलर रहा, जो 2024 के 4.32 अरब डॉलर से कम था और 2016 में दर्ज 7.61 अरब डॉलर के अधिशेष से काफी नीचे था। 2016 में अमेरिकी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस मिसाइल प्रणाली की तैनाती को लेकर कूटनीतिक तनाव और उसके बाद कोविड-19 महामारी ने दोनों देशों के बीच पर्यटन को बुरी तरह प्रभावित किया था।
चीनी पर्यटन का स्वरूप भी बुनियादी रूप से बदल गया है। महामारी से पहले बाजार में टूर समूहों और दाइगौ के नाम से जाने जाने वाले पेशेवर सीमा-पार निजी खरीदारों का दबदबा था। ये संगठित यात्री चीन में दोबारा बेचने के लिए बड़ी मात्रा में सामान खरीदते थे। इससे आज के व्यक्तिगत यात्रियों से अलग तरह के खर्च का पैटर्न बनता था। मौजूदा तेजी में निजी इस्तेमाल के लिए खरीदारी करने वाले स्वतंत्र यात्रियों की संख्या अधिक है। यह संभावित रूप से अधिक टिकाऊ, लेकिन कम मात्रा पर आधारित बहाली का संकेत है।
कमजोर मुद्रा के दोहरे असर
विदेशी खरीदारों को आकर्षित करने वाला कमजोर वॉन कोरियाई अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों के लिए बड़ी चुनौतियां पैदा करता है। जहां देश में आने वाले पर्यटकों की सेवा देने वाले संचालकों और होटलों को बढ़ती विदेशी मांग का फायदा होता है, वहीं बाहर जाने वाली यात्राओं की एजेंसियों को उद्योग के जानकारों के मुताबिक कई वर्षों के सबसे कठिन कारोबारी माहौल में से एक का सामना करना पड़ रहा है। कोरियाई उपभोक्ताओं के लिए विदेश यात्रा बेहद महंगी हो गई है। इससे विदेश पर्यटन पर खर्च घटता है और घरेलू खपत स्थानीय विकल्पों की ओर जा सकती है।
यह अंतर एक बुनियादी आर्थिक सच दिखाता है: मुद्रा में उतार-चढ़ाव एक ही अर्थव्यवस्था में कुछ लोगों को फायदा और कुछ को नुकसान पहुंचाता है। पर्यटन क्षेत्र का लाभ कुछ हद तक उन कोरियाई लोगों की कीमत पर आता है, जो अन्यथा विदेश यात्रा करते। वहीं निर्यातकों को अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों का फायदा मिलता है, लेकिन उन्हें आयातित कच्चे माल और पुर्जों की बढ़ी लागत का सामना करना पड़ता है।
कैसीनो उद्योग इसका एक और विरोधाभास पेश करता है। पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद के बावजूद, दक्षिण कोरिया में केवल विदेशी ग्राहकों के लिए संचालित तीन सूचीबद्ध कैसीनो कंपनियों, पैराडाइज़ कंपनी, ग्रैंड कोरिया लीजर और लोटे टूर डेवलपमेंट, के शेयर भाव 12 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। पैराडाइज़ कंपनी ने बताया कि पहली तिमाही में राजस्व बढ़ने के बावजूद उसका मुनाफा सालाना आधार पर करीब 56 प्रतिशत घटा। पैराडाइज़ सिटी एकीकृत रिसॉर्ट के विस्तार से जुड़ा परिचालन खर्च और एकीकरण लागत, पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी के लाभ पर भारी पड़ी। पर्यटन की मात्रा और कंपनियों के मुनाफे के बीच यह अंतर निवेशकों को याद दिलाता है कि पर्यटकों की संख्या अकेले वित्तीय सफलता की गारंटी नहीं देती।
के-ब्यूटी के चलन के पीछे क्या है?
यह समझने के लिए कि चीनी पर्यटक सौंदर्य क्लीनिकों और सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों में पूरा-पूरा दिन क्यों बिताते हैं, के-ब्यूटी के वैश्विक चलन के पैमाने और परिष्कार को समझना जरूरी है। दक्षिण कोरिया सौंदर्य क्षेत्र में अनुयायी से नवाचार का अगुआ बन गया है। उसकी त्वचा देखभाल की दिनचर्या, सौंदर्य प्रसाधन और सौंदर्य उपचारों के दुनिया भर में समर्पित प्रशंसक हैं।
कोरियाई सौंदर्य संस्कृति में कमियों को ठीक करने के बजाय रोकथाम और नियमित देखभाल पर जोर दिया जाता है। इसमें एसेंस, सीरम, एम्पूल और शीट मास्क के कई चरणों वाली त्वचा देखभाल की दिनचर्या शामिल है, जो शंघाई से सैन फ्रांसिस्को तक के बाथरूमों का अहम हिस्सा बन चुकी है। कोरिया का नियामक माहौल उत्पादों में तेजी से नवाचार की गुंजाइश देता है। नए घटक और फॉर्मूले कई पश्चिमी देशों के मुकाबले बाजार में जल्दी पहुंचते हैं। कमजोर वॉन के कारण प्रतिस्पर्धी कीमतों के साथ यह नवाचार चीनी उपभोक्ताओं के लिए बेहद आकर्षक मूल्य प्रस्ताव बनाता है। चीन में इन्हीं उत्पादों के लिए उन्हें 30 से 50 प्रतिशत तक अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
उत्पादों के अलावा, कोरिया ऐसी सौंदर्य सेवाएं देता है जिनकी दूसरी जगह नकल करना मुश्किल है। त्वचा रोग विशेषज्ञों के क्लीनिक में लेज़र उपचार से लेकर इंजेक्शन तक की प्रक्रियाएं ऐसी कीमतों पर उपलब्ध हैं कि यात्रा का खर्च जोड़ने के बाद भी वे चीन में उन्हीं सेवाओं के मुकाबले सस्ती पड़ती हैं। हेयर सैलून ने कोरियाई नाटकों और संगीत वीडियो में दिखने वाली खास रंगाई और स्टाइलिंग तकनीकों में विशेषज्ञता हासिल की है। अक्सर आलीशान सुविधाओं और ध्यानपूर्वक देखभाल के साथ मिलने वाले ये अनुभव महज लेन-देन के बजाय यात्रा की यादगार का हिस्सा बन जाते हैं।
सियोल की एक परामर्श कंपनी चलाने वाले टोनी मेडिना विदेशी पर्यटकों को त्वचा देखभाल और कॉस्मेटिक सर्जरी क्लीनिकों से जोड़ते हैं। उन्होंने बताया कि हाल के हफ्तों में उन्हें मुख्यभूमि चीन के ग्राहकों से कई सौ पूछताछ मिलीं, जबकि पिछले साल ऐसी कुछ ही पूछताछ आई थीं। द स्ट्रेट्स टाइम्स से मेडिना ने कहा, “कोरिया में 20 साल हो गए और मैंने ऐसी तेजी कभी नहीं देखी।” उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी चीन या मंदारिन भाषा में अपनी सेवाओं का प्रचार तक नहीं करती।
चुनौतियां और आगे की राह
दक्षिण कोरिया में पर्यटन की तेजी का हर जगह स्वागत नहीं हुआ है। कुछ स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया मंचों ने मुख्यभूमि चीन से आए पर्यटकों की आमद को बढ़ते अपराध से जोड़ा है, हालांकि सरकार ने इन दावों को निराधार बताया है। चीनी पर्यटक समूहों के लिए वीज़ा-मुक्त नीति समाप्त करने की मांग वाली एक याचिका पर करीब 60,000 हस्ताक्षर हुए हैं। यह बड़े पैमाने के पर्यटन के सामाजिक असर को लेकर अंदरूनी तनाव को दर्शाता है।
ये चिंताएं बार्सिलोना से बाली तक दुनिया के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर चल रही बहसों से मिलती-जुलती हैं, जहां निवासी तेजी से सवाल उठा रहे हैं कि पर्यटकों की संख्या उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है या कम करती है। कोरियाई नीति-निर्माताओं के सामने आर्थिक लाभ अधिकतम करने के साथ भीड़भाड़ को नियंत्रित करने, मोहल्लों की पहचान बनाए रखने और सुरक्षा तथा सार्वजनिक सेवाओं को लेकर निवासियों की वाजिब चिंताओं का समाधान करने की चुनौती है।
कूटनीतिक मोर्चे पर सियोल और बीजिंग के बीच संबंधों में सुधार पर्यटन की निरंतर वृद्धि में मदद कर सकता है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग 2026 की शुरुआत में बीजिंग गए। करीब दो महीने में चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ यह उनकी दूसरी बैठक थी। 2019 के बाद किसी दक्षिण कोरियाई नेता की यह पहली ऐसी यात्रा थी। मुख्य रूप से सुरक्षा और व्यापार के मुद्दों पर केंद्रित यह कूटनीतिक संपर्क सांस्कृतिक और पर्यटन आदान-प्रदान के लिए अनुकूल माहौल बनाता है।
2026 के अंत और उसके बाद कोरिया जाने की योजना बना रहे यात्रियों को उद्योग विशेषज्ञ रवाना होने से पहले विनिमय दरों पर नजर रखने की सलाह देते हैं, क्योंकि मुद्रा में उतार-चढ़ाव से कुल बचत पर सीधा असर पड़ता है। खरीदारी का अधिकतम लाभ लेने के लिए कर-वापसी की प्रक्रिया समझें, रसीदें संभालकर रखें और घर लौटने से पहले सीमा-शुल्क की छूट की सीमा जांच लें। सौंदर्य उपचार कराने के इच्छुक लोगों को काफी पहले अपॉइंटमेंट लेना चाहिए, खासकर छुट्टियों के दौरान, जब मांग तेजी से बढ़ती है।
मुख्य बातें
- कमजोर कोरियाई वॉन के कारण जनवरी से जून 2026 के बीच युआन का मूल्य 209 से बढ़कर 226 वॉन हो गया, जिससे दक्षिण कोरिया में चीनी पर्यटकों की खरीदने की क्षमता काफी बढ़ी।
- मई 2026 में चीनी पर्यटकों का क्रेडिट कार्ड खर्च सालाना आधार पर 214 प्रतिशत बढ़ा और विदेशी पर्यटकों का कुल खर्च रिकॉर्ड 2.12 लाख करोड़ वॉन तक पहुंच गया।
- पर्यटन पारंपरिक दर्शनीय स्थलों की यात्रा से हटकर “जीवनशैली से जुड़ी खपत” की ओर बढ़ा है, जिसमें सौंदर्य उपचार, हेयर स्टाइलिंग, फार्मेसी में खरीदारी और स्थानीय खुदरा दुकानों के अनुभव शामिल हैं।
- प्रमुख छुट्टियों के दौरान चीनी यात्रियों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में दक्षिण कोरिया जापान से आगे निकल रहा है। चंद्र नववर्ष पर कोरिया आने वालों की संख्या 52 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है, जबकि जापान में 60 प्रतिशत गिरावट का अनुमान है।
- कोरिया की तीन प्रमुख डिपार्टमेंट स्टोर श्रृंखलाएं पहली बार विदेशी ग्राहकों से सालाना बिक्री में एक-एक लाख करोड़ वॉन का आंकड़ा पार करने की राह पर हैं।
- अर्थशास्त्रियों का कहना है कि पर्यटन खर्च बढ़ रहा है, लेकिन कोरिया के समूचे व्यापक आर्थिक परिदृश्य को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह परिदृश्य घरेलू खपत के कारकों पर अधिक निर्भर करता है।
- चीनी पर्यटन का स्वरूप संगठित टूर समूहों और पेशेवर खरीदारों से बदलकर निजी खरीदारी करने वाले स्वतंत्र यात्रियों की ओर बढ़ा है।
- पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद के बावजूद, कैसीनो संचालकों जैसे पर्यटन से जुड़े कुछ कारोबार बढ़ती लागत और परिचालन संबंधी जटिलताओं के चलते मुनाफे की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।






