ओकिनोशिमा की बैटरी नंबर 3: मेइजी काल के सैन्य गढ़ से तोमोगाशिमा के प्रमुख स्थल तक

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ओकिनोशिमा की बैटरी नंबर 3: मेइजी काल के सैन्य गढ़ से तोमोगाशिमा के प्रमुख स्थल तक

एक किला, जो खुला संग्रहालय बन गया

वाकायामा के तट से दूर तोमोगाशिमा द्वीपसमूह के सबसे बड़े द्वीप ओकिनोशिमा पर, लाल ईंटों के मेहराब और अंधेरी सुरंगें बैटरी नंबर 3 के अवशेषों को घेरे हुए हैं। मेइजी काल में 1892 में बना यह परिसर ओसाका खाड़ी के दक्षिणी प्रवेशद्वार की रक्षा करने वाले तटीय किलाबंदी तंत्र का अहम हिस्सा था। आज दीवारों पर बेलें लिपटी हैं और लंबे गलियारों के मुहानों पर धूप बिखरी रहती है। यह जगह किसी फैंटेसी फिल्म के दृश्य जैसी लगती है। यही एक वजह है कि यह स्थल कंसाई में इतिहास के बीच सैर के लिए सबसे ज्यादा तस्वीरें खींचे जाने वाली जगहों में शामिल हो गया है।

विषय-सूची
  1. एक किला, जो खुला संग्रहालय बन गया
  2. बैटरी नंबर 3 इतनी अहम क्यों थी
  3. रणनीतिक रूप से अहम संकरा मार्ग
  4. मारक क्षमता और निर्माण
  5. लाल ईंटों की भूलभुलैया के भीतर
  6. गुप्त नक्शों से सोशल मीडिया की सनसनी तक
  7. कैसे पहुंचें: फेरी, पगडंडियां और नियम
  8. क्या साथ लाएं और योजना कैसे बनाएं
  9. द्वीपों पर सुरक्षा और संरक्षण
  10. बैटरियों से आगे: प्रकाशस्तंभ, वेधशाला और प्रकृति
  11. सांस्कृतिक परतें: शुगेंदो, मेरिडियन स्क्वायर और युद्धकालीन विरासत
  12. मुख्य आकर्षण

ओकिनोशिमा के पश्चिमी हिस्से में बैटरी नंबर 3 प्रमुखता से दिखाई देती है। इसके साथ चार अन्य तोप चौकियां भी हैं। यहां आने वाले लोग तोपों के गड्ढों में खड़े हो सकते हैं, गोला-बारूद के भंडारों में झांक सकते हैं और सैनिकों के उन बैरकों से गुजर सकते हैं जिन्हें स्थानीय तौर पर एम्पेइबू कहा जाता है। मोटी चिनाई और मिट्टी के तटबंधों के पीछे बने इस परिसर में कभी सैनिकों के रहने की जगह, बारूदघर और भंडार थे। ऊपर तेकानोसु पर्वत की वेधशाला से क्षितिज पर अवाजी द्वीप और सामने कितान जलडमरूमध्य दिखाई देता है।

उन्नीसवीं सदी के आखिर से लेकर दूसरे विश्व युद्ध तक यह द्वीप इम्पीरियल जापानी सेना के नियंत्रण में रहा। यात्रा गाइड इस अनुभव को इतिहास के बीच से गुजरती पैदल यात्रा बताते हैं। लाल ईंटों और घनी हरी वनस्पति का मेल कई यात्रियों को आकर्षित करता है। यह नजारा स्टूडियो घिबली की फिल्म ‘कैसल इन द स्काई’ की याद दिलाता है। द्वीप की सबसे बड़ी बैटरी नंबर 3 में ईंटों का काम और भूमिगत रास्ते अच्छी तरह संरक्षित हैं। यह फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में भी दिखाई दी है। सैन्य इतिहास और सिनेमाई माहौल का मेल तोमोगाशिमा की ओर नई पीढ़ी को खींच रहा है।

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बैटरी नंबर 3 इतनी अहम क्यों थी

तोमोगाशिमा ओसाका खाड़ी के दक्षिणी प्रवेशद्वार पर, वाकायामा और अवाजी के बीच संकरे कितान जलडमरूमध्य में स्थित है। उन्नीसवीं सदी के आखिर में ओसाका और कोबे पश्चिमी जापान के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र थे। मेइजी पुनर्स्थापना (1868) के बाद, जब जापान ने अपनी सेना और तटीय सुरक्षा का तेजी से आधुनिकीकरण किया, इस समुद्री मार्ग को दुश्मन जहाजों से बचाना राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया।

रणनीतिक रूप से अहम संकरा मार्ग

कितान जलडमरूमध्य एक प्राकृतिक संकरा समुद्री रास्ता बनाता है। सेतो अंतर्देशीय सागर या प्रशांत महासागर से आने वाले युद्धपोतों को ओकिनोशिमा की निगरानी वाले जलक्षेत्र से गुजरना पड़ता था। मेइजी सरकार ने इस गलियारे पर नियंत्रण के लिए किलों का एक तंत्र बनाया, जिसे अक्सर युरा किलेबंदी कहा जाता है। तोमोगाशिमा के किले पास के तटों पर स्थित चौकियों के साथ मिलकर इस अहम समुद्री प्रवेशद्वार पर एक-दूसरे को ढकने वाले गोलाबारी क्षेत्र बनाते थे।

मारक क्षमता और निर्माण

बैटरी नंबर 3 ओकिनोशिमा की प्रमुख तोप चौकी थी। लाल ईंटों की दीर्घाएं, मेहराबदार गोला-बारूद भंडार और मिट्टी के तटबंध सैनिकों तथा गोला-बारूद की रक्षा करते थे। समकालीन विवरणों और स्थल गाइडों के अनुसार, तोप मंचों पर तैनात तटीय तोपों की मार लगभग 7.8 किलोमीटर तक थी, जो जलडमरूमध्य की ओर बढ़ते जहाजों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त थी। इस निर्माण में मजबूती और छिपाव, दोनों का ध्यान रखा गया था। ईंटें मौसम और झटकों का सामना करती थीं, जबकि मिट्टी की आड़ से विस्फोट के टुकड़ों से होने वाला नुकसान कम होता था और इमारतें पहाड़ी में घुल-मिल जाती थीं। इस तरह मोटी दीवारों के पीछे सुरंगों, भंडारों और खुले तोप मंचों वाला एक मजबूत किला तैयार हुआ।

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लाल ईंटों की भूलभुलैया के भीतर

बैटरी नंबर 3 तक पहुंचने का रास्ता सदाबहार जंगल से गुजरता है। गर्मियों में यहां झींगुरों की आवाज गूंजती है और पत्थरों पर उमस छाई रहती है। भीतर जाते ही रोशनी मंद पड़ जाती है; छत के रोशनदानों और दरवाजों से आती किरणें ही अंधेरे को चीरती हैं। कभी-कभी गोला-बारूद भंडारों के फर्श पर पानी जमा हो जाता है और उसमें आईने जैसे प्रतिबिंब बनते हैं, जो फोटोग्राफरों को खूब भाते हैं। दीवारों में बने दीपक रखने के खांचे, गोले ले जाने के लिए बनाए गए मेहराबदार दरवाजे और लंबे गलियारे अब भी दिखते हैं। इन गलियारों के घुमाव से बाहर निकलने का रास्ता नजरों से ओझल हो जाता है।

ओकिनोशिमा के सभी खंडहर स्थिर नहीं हैं। पास की पहाड़ी पर स्थित दूसरी बैटरी को भारी नुकसान पहुंचा है और उसके कुछ हिस्सों में जाना अब सुरक्षित नहीं है। वहां लगा सुरक्षा संकेत आगंतुकों को साफ शब्दों में चेतावनी देता है। संदेश सख्त है, जैसा कि सुरक्षा संबंधी सूचनाएं अक्सर होती हैं।

दूसरी बैटरी के स्थल पर लगे सुरक्षा संकेत पर लिखा है: ‘प्रतिबंधित क्षेत्र। तोप बैटरी के ये अवशेष लगातार क्षरित हो रहे हैं और इसलिए बेहद खतरनाक हैं। कृपया इस क्षेत्र में प्रवेश न करें।’

यह चेतावनी बेवजह नहीं है। जो चिनाई मजबूत दिखती है, वह भी ढह सकती है। सुरंग में गिरने पर तुरंत मदद मिलना मुश्किल है। चिह्नित रास्तों पर चलने से आगंतुक सुरक्षित रहते हैं और दुर्लभ रूप से बची इस तटीय किलेबंदी को नुकसान से बचाया जा सकता है। बैटरी नंबर 3 के बेहतर हालत वाले हिस्सों में ईंटों का काम सावधानी से घूमने लायक मजबूत है। सीढ़ियां पुराने तोप ठिकानों तक जाती हैं और रास्ते उन कमरों तक पहुंचते हैं, जो युद्ध के समय सैनिकों के बंकर जैसे ठिकानों के काम आते थे।

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गुप्त नक्शों से सोशल मीडिया की सनसनी तक

सेवा में रहने के दौरान तोमोगाशिमा में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित था। युद्धकालीन अधिकारियों ने यहां आने-जाने पर रोक लगा रखी थी। स्थानीय इतिहास के अनुसार, ये द्वीप नागरिकों के नक्शों से भी गायब कर दिए गए थे। किलों का इस्तेमाल बंद होने और युद्ध समाप्त होने के बाद, द्वीपसमूह को चरणबद्ध तरीके से जनता के लिए खोला गया और सेतोनाइकाई राष्ट्रीय उद्यान में शामिल कर लिया गया। सैनिकों के जाने के बाद प्रकृति ने जगह ले ली। पेड़ों की जड़ों ने ईंटों के जोड़ तोड़ दिए और फर्न ने मंचों को ढक लिया।

वास्तुकला और वनस्पति के इस धीमे मेल ने द्वीपों को कलाकारों, फिल्मकारों और लोकेशन तलाशने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया। एनिमेशन के प्रशंसक अक्सर यहां के दृश्यों की तुलना ‘कैसल इन द स्काई’ के तैरते शहर से करते हैं। कॉस्प्ले करने वाले तस्वीरें खिंचवाने के लिए इन रहस्यमय गलियारों का इस्तेमाल करते हैं। यात्रा संबंधी मीडिया में भूमिगत तहखानों और दोपहर की धूप से ईंटों के गहरे लाल दिखने के दृश्य अक्सर छपते हैं।

सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट ने ओसाका और वाकायामा शहर से एक दिन की यात्राओं को फिर लोकप्रिय बनाने में मदद की। यहां का अनुभव सिर्फ तस्वीरों की पृष्ठभूमि तक सीमित नहीं है। व्यस्त सप्ताहांत में ओकिनोशिमा का रास्ता चलते-फिरते पाठशाला बन जाता है। परिवार और छात्र चर्चा करते हैं कि उन्नीसवीं सदी में तट की रक्षा कैसे की जाती थी, फिर उन्हीं कमरों में जाते हैं जहां सैनिक बारूद और गोले रखते थे।

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कैसे पहुंचें: फेरी, पगडंडियां और नियम

ओकिनोशिमा तक वाकायामा शहर के मध्य से उत्तर-पश्चिम में स्थित कादा बंदरगाह से छोटी फेरी यात्रा करके पहुंचा जा सकता है। तोमोगाशिमा के नोनौरा बंदरगाह तक का सफर करीब 20 मिनट का है। ओसाका से आने वाले यात्री नानकाई लाइन से कादा स्टेशन पहुंचकर घाट तक 15 से 20 मिनट पैदल जा सकते हैं। वयस्कों का आना-जाना मिलाकर किराया अक्सर 2,200 येन और बच्चों का करीब 1,100 येन होता है। मुख्य मौसम में फेरी आम तौर पर दिन में कई बार चलती है और सर्दियों में सेवाएं कम हो जाती हैं। छुट्टियों को छोड़कर बुधवार को अक्सर फेरी नहीं चलती। समय-सारणी मौसम और ऋतु के अनुसार बदलती है, इसलिए रवाना होने से पहले संचालक की वेबसाइट देख लें।

आधिकारिक जानकारी और समय-सारणी फेरी कंपनी प्रकाशित करती है। नवीनतम समय यहां देखें: तोमोगाशिमा फेरी समय-सारणी।

किनारे पर उतरने के बाद करीब 3.3 किलोमीटर का चक्रीय रास्ता प्रकाशस्तंभ, कई बैटरियों और तेकानोसु वेधशाला समेत प्रमुख स्थलों से होकर गुजरता है। ज्यादातर लोग इस रास्ते पर दो से तीन घंटे चलते हैं और बैटरी नंबर 3 की सुरंगों में कुछ अतिरिक्त समय बिताते हैं। रास्तों की ढलान हल्की है, लेकिन बारिश के बाद वे फिसलन भरे हो सकते हैं। अंधेरे गलियारों में टॉर्च काम आती है।

क्या साथ लाएं और योजना कैसे बनाएं

घाट के पास शौचालय हैं और कभी-कभी एक छोटा कैफे भी खुला रहता है, लेकिन द्वीप पर सुविधाएं सीमित हैं। तैयारी के साथ आएं।

  • मजबूत जूते पहनें। ऊंची एड़ी वाले जूते या सैंडल न पहनें।
  • पानी, नाश्ता और सुरंगों के लिए टॉर्च साथ रखें।
  • आखिरी फेरी का समय जांचें और घाट पर जल्दी पहुंचें। अक्सर टिकट आरक्षण स्वीकार नहीं किए जाते।
  • जंगल वाले इलाकों में मोबाइल सिग्नल कमजोर मिल सकता है।
  • तूफानों के बाद बंद रास्तों का सम्मान करें। सुरक्षा कारणों से कुछ पूर्वी रास्ते बंद रहते हैं।

कैंपिंग की अनुमति केवल मिनामी तारामिजु कैंपसाइट में है, जो जंगल के रास्ते घाट से थोड़ी दूर पैदल चलकर पहुंचा जा सकता है। ऑनलाइन अग्रिम आरक्षण जरूरी है। सुविधाएं साधारण हैं और वहां बिजली या पीने का पानी नहीं है। अपना सारा सामान साथ लाएं और कचरा द्वीप से वापस ले जाने की योजना बनाएं। आग जलाना, आतिशबाजी करना और समुद्र तट पर अलाव जलाना प्रतिबंधित है। रात में शांति बनाए रखने के नियम लागू होते हैं।

  • केवल आरक्षित कैंपसाइट भूखंड का इस्तेमाल करें। समूह कई भूखंड आरक्षित नहीं कर सकते।
  • द्वीप पर किराये का कोई सामान उपलब्ध नहीं है।
  • रात 10 बजे के बाद लाइटें बंद कर दें और पार्टियों से बचें।
  • मौसम के कारण फेरी सेवा निलंबित होने की आशंका हो तो कैंपिंग की अनुमति रद्द की जा सकती है।

द्वीपों पर सुरक्षा और संरक्षण

तोमोगाशिमा में वन्यजीवों की भरमार है। गर्म महीनों में सांप सक्रिय रहते हैं, जिनमें विषैला पिट वाइपर मामुशी भी शामिल है। द्वीप पर हिरण और गिलहरियां रहती हैं। सांपों की संख्या कम करने की कोशिश में कई साल पहले मोर भी छोड़े गए थे। जानवरों से दूरी बनाए रखें और चिह्नित रास्तों पर ही चलें।

तूफानों के कारण रास्ते बंद किए जा सकते हैं। तूफान या भारी बारिश के बाद नुकसान का आकलन होने तक ओकिनोशिमा का पूर्वी हिस्सा बंद रखा जा सकता है। समुद्री धाराओं के साथ आया कचरा कभी-कभी तटों पर जमा हो जाता है। स्वयंसेवक और स्थानीय अधिकारी समय-समय पर मलबा हटाते हैं, लेकिन आगंतुकों को अपना लाया हुआ सारा सामान वापस ले जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। संरक्षण के लिए सावधानी से चलना और संकेतों का सम्मान करना जरूरी है।

कई संरचनाएं एक सदी से भी पुरानी हैं। नाजुक ईंटों को छूने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से नुकसान तेजी से बढ़ता है और आगंतुकों को भी खतरा होता है। घूमने का सबसे सुरक्षित तरीका है कि ढहते स्थलों को अवरोधों के बाहर से देखें और बैटरी नंबर 3 के मजबूत हिस्सों में अधिक समय बिताएं, जहां मोटी दीवारें और साफ रास्ते सावधानी से घूमना संभव बनाते हैं।

बैटरियों से आगे: प्रकाशस्तंभ, वेधशाला और प्रकृति

ओकिनोशिमा पर सिर्फ किले और सुरंगें ही नहीं हैं। पश्चिमी छोर पर 1872 में बना सफेद प्रकाशस्तंभ खड़ा है, जो जापान के अब भी सेवा में मौजूद सबसे पुराने प्रकाशस्तंभों में से एक है। इसकी पश्चिमी शैली की बनावट गहरे नीले समुद्र के सामने अलग दिखाई देती है और यह जलडमरूमध्य से गुजरने वाले स्थानीय जहाजों को आज भी दिशा दिखाता है। द्वीप के सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित तेकानोसु वेधशाला से अवाजी द्वीप और नीचे की चट्टानी तटरेखा का विस्तृत नजारा दिखता है। कई आगंतुक रास्तों के शुरुआती हिस्सों के पास घास के मैदानों में पिकनिक करते हैं और खाड़ी पर सफेद लकीरें बनाती फेरी को देखने के लिए रुकते हैं।

प्रकृति इस स्थल के हर कोने को नरम बनाती है। द्वीप के गाइड में उपोष्णकटिबंधीय फर्न से लेकर तटीय चीड़ तक पौधों की सैकड़ों प्रजातियों का जिक्र है। पश्चिमी हिस्से में दलदली क्षेत्र जगेइके को स्नेक पॉन्ड भी कहा जाता है। यहां मौसमी पौधे खूब पनपते हैं। गर्मियों में द्वीप कीटों की आवाजों से गूंजता है और पेड़ों की छाया राहत देती है। यहां के नजारे ईंटों के तहखानों जितने ही यादगार हो सकते हैं, खासकर जब सुबह का कोहरा पेड़ों के बीच से गुजरता है।

भाटा के समय उथले पानी के पार तोराजिमा तक रास्ता दिखाई दे सकता है, जहां बैटरी के छोटे अवशेष हैं। यह रास्ता खतरनाक हो सकता है और सुरक्षा कारणों से कभी-कभी बंद रहता है। स्थानीय संकेत बताएंगे कि पार जाना सुरक्षित है या नहीं। कोशिश करने से पहले ज्वार और हालात की जांच जरूर करें।

सांस्कृतिक परतें: शुगेंदो, मेरिडियन स्क्वायर और युद्धकालीन विरासत

तोमोगाशिमा का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास से भी गहरा जुड़ाव है। ये द्वीप शुगेंदो की तपस्वी साधना से जुड़ी कत्सुरागी तीर्थयात्रा की शुरुआत को चिह्नित करते हैं। प्रशिक्षण स्थलों और पड़ावों के अवशेष जगह-जगह दिखाई देते हैं। तट के पास पुराना नौसेना निगरानी कार्यालय एक चट्टान में बना है। इसकी खिड़कियां समुद्र की ओर खुलती हैं और रोशनदानों से आने वाली किरणें फर्श पर पड़ती हैं। यह मंच-सज्जा जैसा दिखता है, लेकिन याद दिलाता है कि कभी इन द्वीपों पर इंजनों की आवाज सुनने और क्षितिज पर जहाजों की परछाइयों पर नजर रखने का काम होता था।

एक और पड़ाव मेरिडियन स्क्वायर है, जहां 135 डिग्री पूर्वी देशांतर रेखा को चिह्नित किया गया है। इसी रेखा से जापान का मानक समय तय होता है। परिवार इसके दोनों ओर एक-एक पैर रखकर तस्वीरें खिंचवाते हैं। यहां खड़े होकर यात्रा का रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ाव महसूस होता है, चाहे वह रेलगाड़ियों की समय-सारणी हो या इस देशांतर रेखा के अनुसार तय टेलीविजन प्रसारण।

कई आगंतुक तोमोगाशिमा के साथ कादा में भी समय बिताते हैं, जहां से फेरी रवाना होती है। वहां का अवाशिमा श्राइन गुड़ियों के संग्रह और हिना नागाशी गुड़िया विसर्जन की रस्म के लिए जाना जाता है। नानकाई लाइन की चमकीली गुलाबी मेदेताई ट्रेन सफर को भी मजेदार बना देती है। लाल ईंटों के तहखानों और समुद्री नजारों के बीच दिन बिताने के बाद, कुछ यात्री ओसाका लौटने से पहले बंदरगाह के पास गर्म पानी के झरनों में स्नान करते हैं।

मुख्य आकर्षण

  • ओकिनोशिमा की बैटरी नंबर 3 का निर्माण 1892 में पूरा हुआ था। यह द्वीप पर बचे पांच बैटरियों में सबसे बड़ी है।
  • कितान जलडमरूमध्य में इसकी स्थिति ने मेइजी काल के किलों को ओसाका खाड़ी के दक्षिणी समुद्री मार्ग पर नियंत्रण दिया।
  • लाल ईंटों की दीर्घाएं, भूमिगत गोला-बारूद भंडार और तोपों के गड्ढे अब भी मौजूद हैं। ऐतिहासिक तोपों की मार कभी करीब 7.8 किलोमीटर तक थी।
  • युद्ध के बाद तोमोगाशिमा को जनता के लिए खोला गया और अब यह सेतोनाइकाई राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है।
  • कादा बंदरगाह से नोनौरा तक 20 मिनट की फेरी से पहुंचा जा सकता है। वयस्कों का आना-जाना मिलाकर किराया अक्सर 2,200 येन होता है।
  • 3.3 किलोमीटर का चक्रीय रास्ता प्रकाशस्तंभ, बैटरियों और तेकानोसु वेधशाला को जोड़ता है। सुरंगों में टॉर्च काम आती है।
  • कैंपिंग केवल मिनामी तारामिजु कैंपसाइट में अग्रिम आरक्षण के साथ की जा सकती है। वहां बिजली या पीने का पानी नहीं है।
  • वन्यजीवों में मामुशी सांप शामिल है। तूफानों के बाद कुछ रास्ते बंद हो जाते हैं। लगे सुरक्षा संकेतों का पालन करें।
  • अन्य दर्शनीय स्थलों में 1872 का प्रकाशस्तंभ, स्नेक पॉन्ड का दलदली क्षेत्र और 135 डिग्री पूर्व को चिह्नित करने वाला मेरिडियन स्क्वायर शामिल हैं।
  • यहां से अवाजी द्वीप दिखाई देता है। खंडहर फिल्मकारों, कॉस्प्ले करने वालों और मेइजी काल का इतिहास जानने आए परिवारों को आकर्षित करते हैं।
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