फिलीपींस में बाढ़ नियंत्रण घोटाला: सोशल मीडिया ने ‘नेपो बेबीज़’ को किया बेनकाब, देशभर में आक्रोश
बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं में अरबों पेसो के भ्रष्टाचार की जांच के बीच अधिकारियों के बच्चों की आलीशान जीवनशैली सामने आने से जनता का गुस्सा बढ़ा।
अगस्त 2025 के आखिरी दिनों में फिलीपींस में जनाक्रोश की लहर फैल गई। नागरिकों ने बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं से जुड़े विशाल भ्रष्टाचार घोटाले में कथित रूप से शामिल नेताओं और ठेकेदारों के बच्चों की भव्य जीवनशैली के सबूत जुटाकर साझा किए। विवाद तब भड़का जब राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने बताया कि 2022 से बाढ़ प्रबंधन पर 545 अरब पेसो (लगभग 9.5 अरब अमेरिकी डॉलर) खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी महज चार दिन की भारी बारिश के बाद मेट्रो मनीला और आसपास के प्रांत जलमग्न हो गए। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं, पत्रकारों और मशहूर हस्तियों ने उन लोगों की संतान को बेनकाब करने के लिए अभियान छेड़ा, जिन्हें वे “नेपो बेबीज़” कहते हैं—यानी सरकारी ठेकों से कथित तौर पर लाभ पाने वालों के विशेषाधिकार प्राप्त बच्चे। इससे जवाबदेही और सुधार की मांग तेज हुई।
विषय-सूची
- फिलीपींस में बाढ़ नियंत्रण घोटाला: सोशल मीडिया ने ‘नेपो बेबीज़’ को किया बेनकाब, देशभर में आक्रोश
- बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं में अरबों पेसो के भ्रष्टाचार की जांच के बीच अधिकारियों के बच्चों की आलीशान जीवनशैली सामने आने से जनता का गुस्सा बढ़ा।
- घोटाला कैसे सामने आया
- जवाबदेही का माध्यम बना सोशल मीडिया
- मशहूर हस्तियों की टिप्पणियों और वायरल व्यंग्य से घोटाले को मिली और हवा
- भ्रष्टाचार का तरीका: घोस्ट प्रोजेक्ट्स और बजट में मनमानी मदें
- राजनीतिक और सामाजिक असर
- जानने योग्य बातें
घोटाला कैसे सामने आया
जुलाई 2025 में मेट्रो मनीला और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश से व्यापक बाढ़ आई, जिसके बाद घोटाले ने जोर पकड़ना शुरू किया। बाढ़ नियंत्रण पर वर्षों तक सरकारी खर्च के बावजूद बुनियादी ढांचा समुदायों की रक्षा करने में नाकाम रहा। राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने जवाब में लोक निर्माण और राजमार्ग विभाग (DPWH) तथा इन परियोजनाओं के जिम्मेदार ठेकेदारों की जांच का आदेश दिया। जांच में पता चला कि पंजीकृत 2,409 ठेकेदारों में से सिर्फ 15 कंपनियों को 100 अरब पेसो से अधिक के ठेके मिले—कुल बजट का करीब 20 प्रतिशत—जबकि बाकी धन अन्य ठेकेदारों में बांटा गया।
इसके बाद सीनेट में सुनवाई शुरू हुई, जिसमें “घोस्ट प्रोजेक्ट्स”—यानी कागजों पर मौजूद, लेकिन जमीन पर नहीं—और घटिया निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया। सांसदों ने सवाल उठाया कि इतनी सारी परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अध्ययन क्यों नहीं हुए और DPWH ने बाढ़ प्रबंधन की समग्र योजना बनाने वाली एजेंसियों के साथ तालमेल क्यों नहीं किया। सीनेटर रोडांटे मार्कोलेटा की अध्यक्षता वाली ब्लू रिबन समिति ने प्रमुख ठेकेदारों को समन भेजा। इनमें से कुछ सुनवाई में नहीं पहुंचे और अब उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकते हैं। लोक निर्माण सचिव मैनुअल बोनोआन ने पुष्टि की कि वावाओ बिल्डर्स जैसी कंपनियां बुलाकान प्रांत की उन परियोजनाओं के लिए जांच के दायरे में हैं, जिन्हें अरबों पेसो का धन मिला, लेकिन उनसे बाढ़ से सुरक्षा के नाम पर बहुत कम काम हुआ।
सीनेटर रैफी तुल्फो ने आरोप लगाया कि परियोजना का सिर्फ 13.5 प्रतिशत धन वास्तव में निर्माण पर लगा और बाकी अधिकारियों तथा ठेकेदारों ने हड़प लिया। सीनेटर विन गात्चालियन ने चेतावनी दी कि घटिया परियोजनाओं को धन देना जारी रखने पर DPWH का बजट रोका जा सकता है। वहीं, सीनेटर मिग्ज जुबिरी ने संदिग्ध बजट मदों के लिए लॉबिंग करने वाले सांसदों की पहचान कर उन पर मुकदमा चलाने की मांग की।
जवाबदेही का माध्यम बना सोशल मीडिया
सरकारी जांच के बीच आम फिलीपीनी नागरिकों ने खुद मोर्चा संभाल लिया। सोशल मीडिया मंच, खासकर रेडिट, घोटाले में कथित रूप से शामिल लोगों की आलीशान जीवनशैली उजागर करने के केंद्र बन गए। lifestylecheckPH सबरेडिट पर तेजी से करीब 7,000 सदस्य जुड़ गए। उपयोगकर्ताओं ने “नेपो बेबीज़” के महंगी कारें, डिजाइनर सामान, निजी विमान और महंगी छुट्टियां दिखाने वाले स्क्रीनशॉट और वीडियो अपलोड किए। इन पोस्ट में अक्सर ऐसी चीजों की कीमत की तुलना औसत फिलीपीनी कर्मचारी के वेतन से की गई, जिससे गहरी असमानता उजागर हुई और जनता का गुस्सा बढ़ा।
“नेपो बेबीज़” शब्द का इस्तेमाल पहले हॉलीवुड हस्तियों के उन बच्चों के लिए होता था, जिन्हें पारिवारिक संपर्कों से फायदा मिलता है। फिलीपींस में इसे उन नेताओं और कारोबारी दिग्गजों की संतानों के लिए अपनाया गया, जिन पर सरकारी ठेकों से लाभ कमाने का आरोप है। इनमें से कई लोगों के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर थे, लेकिन विरोध तेज होने पर कुछ ने अपने खाते निजी कर लिए या आपत्तिजनक पोस्ट हटा दीं।
समाजशास्त्रियों और सुशासन विशेषज्ञों ने कहा कि ऑनलाइन सार्वजनिक आलोचना भ्रष्टाचार पर लोगों का ध्यान बनाए रखकर जवाबदेही को बढ़ावा दे सकती है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि स्थायी बदलाव के लिए संस्थागत सुधार और लगातार निगरानी जरूरी है, खासकर तब जब देश में अगले चुनाव नजदीक आ रहे हैं।
मशहूर हस्तियों की टिप्पणियों और वायरल व्यंग्य से घोटाले को मिली और हवा
फिलीपीनी मशहूर हस्तियों और सोशल मीडिया प्रभावशाली लोगों के विरोध में शामिल होने से घोटाले की चर्चा और तेज हो गई। अभिनेत्री ऐन कर्टिस ने पत्रकार जेसिका सोहो की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि लालच बाढ़ से बड़ा खतरा है। गायिका नादिन लस्त्रे ने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर गुस्सा और दुख जताया, जबकि हास्य कलाकार वाइस गांडा ने करदाताओं के पैसे के दुरुपयोग पर अफसोस जताया। टीवी प्रस्तोता बियांका गोंजालेज-इंताल ने अधिकारियों के बच्चों की ऐशोआराम की जिंदगी और आम फिलीपीनी लोगों के रोजमर्रा के संघर्षों के बीच के फर्क की ओर ध्यान दिलाया।
पत्रकार कैरेन डाविला ने भ्रष्ट नेताओं को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने की मांग की और कहा कि दूसरे देशों में ऐसे व्यवहार पर जेल या बदनामी झेलनी पड़ती है। अर्थशास्त्री जेसी पुनोंगबायन ने सवाल उठाया कि हर साल बाढ़ नियंत्रण पर 300 अरब पेसो से अधिक का बजट होने के बावजूद बाढ़ क्यों जारी है। पूर्व सीनेटर पैनफिलो लैकसन ने दावा किया कि 2011 से बाढ़ नियंत्रण के लिए आवंटित करीब एक लाख करोड़ पेसो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए होंगे।
अभिनेता और टीवी हस्ती एडु मंज़ानो घोटाले पर तंज कसती AI से बनाई गई व्यंग्यात्मक तस्वीरों के साथ वायरल हो गए। एक पोस्ट में वे निर्माण स्थल पर इंजीनियर के रूप में नजर आए। तस्वीर के साथ लिखा था, “आराम से, दोस्तों। मैं संभाल लूंगा… हमेशा के लिए सड़क का काम। बिल, बिल, बिल।” दूसरी पोस्ट में आलीशान खर्चों की नकल करते हुए उन वायरल टिप्पणियों का जिक्र था, जिनमें नेपो बेबीज़ ने छाते के लिए लग्जरी कारें खरीदने की बात कही थी। मंज़ानो के व्यंग्य को ऑनलाइन हजारों लोगों ने पसंद किया। यह व्यापक निराशा और अविश्वास का प्रतिबिंब था।
भ्रष्टाचार का तरीका: घोस्ट प्रोजेक्ट्स और बजट में मनमानी मदें
जांच रिपोर्टों में बाढ़ नियंत्रण घोटाले के तौर-तरीकों का खुलासा हुआ। आरोप है कि ठेकेदारों और उनके सरकारी सहयोगियों ने सार्वजनिक धन हड़पने के लिए कई तरीके अपनाए:
- घोस्ट प्रोजेक्ट्स: कुछ परियोजनाएं सिर्फ कागजों पर थीं और वास्तव में कोई निर्माण नहीं हुआ। इनके लिए आवंटित धन ठेकेदारों और अधिकारियों ने हड़प लिया।
- घटिया सामग्री: जहां निर्माण हुआ, वहां ठेकेदारों ने कम गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल की या काम में कटौती की। नतीजतन, बुनियादी ढांचा जल्द ही नाकाम हो गया या बाढ़ से वास्तविक सुरक्षा देने में बहुत कम काम आया।
- बजट में मनमानी मदें: आरोप है कि सांसदों ने राष्ट्रीय बजट में खास परियोजनाएं शामिल कराईं और कमीशन के बदले ठेके अपने पसंदीदा ठेकेदारों को दिलाए।
- बढ़ा-चढ़ाकर कीमतें दिखाना: परियोजनाओं की लागत बढ़ाकर दिखाई गई और अतिरिक्त धन इस योजना में शामिल लोगों के बीच बांट दिया गया।
सीनेट की सुनवाई में सामने आया कि कुछ ठेकेदारों के पास उन परियोजनाओं के लिए पात्र होने लायक पूंजी नहीं थी, जो उन्हें मिलीं। इससे निविदा प्रक्रिया और निगरानी पर सवाल उठे। लोक निर्माण और राजमार्ग विभाग की आलोचना हुई कि उसने नदी बेसिन नियंत्रण कार्यालय के साथ तालमेल नहीं किया, जबकि बाढ़ प्रबंधन की व्यापक योजना तैयार करने की जिम्मेदारी इसी कार्यालय की है।
सीनेटर बाम अक्विनो ने कहा कि जारी जांच और बजट पर विचार-विमर्श से बाढ़ नियंत्रण पर खर्च की गंभीर खामियों को दूर करने का अवसर मिला है। हालांकि, आलोचकों ने कहा कि जीवनशैली की जांच से सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार की जड़ें दूर नहीं होतीं। इनमें बजट प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और राजनीतिक वंशों का प्रभाव शामिल हैं।
राजनीतिक और सामाजिक असर
इस घोटाले ने फिलीपींस में राजनीतिक वंशों, भाई-भतीजावाद और दंड से बच निकलने की संस्कृति पर बहस फिर छेड़ दी है। सेंटर फॉर पीपल एम्पावरमेंट इन गवर्नेंस (CenPEG) ने गहरी जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार की निंदा करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की तथा राजनीतिक वंशों को नकारने की अपील की। संगठन ने जोर दिया कि भ्रष्टाचार नागरिकों को जरूरी सेवाओं से वंचित करता है और ताकतवर अभिजात वर्ग द्वारा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को खत्म करने की मांग की।
राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने DPWH को पिछले तीन वर्षों की सभी बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं की सूची सौंपने का आदेश दिया और “सुम्बोंग सा पंगुलो” वेबसाइट शुरू की, जिससे नागरिक सरकारी परियोजनाओं पर नजर रख और उनकी शिकायत कर सकते हैं। सीमा शुल्क ब्यूरो और आंतरिक राजस्व ब्यूरो ने भी घोटाले से जुड़े लग्जरी कारों के आयात और ठेकेदारों की जांच शुरू की।
हालांकि, कुछ टिप्पणीकारों ने मार्कोस प्रशासन के भ्रष्टाचार-विरोधी प्रयासों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। इसकी वजह परिवार का अपना ऐशोआराम का इतिहास और अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के अनसुलझे आरोप हैं। रैपलर में प्रकाशित एक विचार लेख में तर्क दिया गया कि जीवनशैली की जांच पर्याप्त नहीं है। वास्तविक सुधार के लिए सांसदों को निर्माण कंपनियों का मालिक बनने से रोकना और DPWH के बजट को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखना जरूरी है।
घोटाले की जानकारी सामने लाने वाले व्हिसलब्लोअर गंभीर जोखिमों का सामना कर रहे हैं। बातांगास के प्रथम जिले के प्रतिनिधि लिआंद्रो लेविस्ते ने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार में कथित रूप से शामिल ठेकेदार और सांसद गड़बड़ी उजागर करने वालों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। यह फिलीपींस में ताकतवर हितों को चुनौती देने के खतरों को रेखांकित करता है।
जानने योग्य बातें
- 2022 से बाढ़ नियंत्रण पर 545 अरब पेसो (9.5 अरब अमेरिकी डॉलर) खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी मेट्रो मनीला और आसपास के प्रांतों में भीषण बाढ़ जारी है।
- सिर्फ 15 ठेकेदारों को 100 अरब पेसो से अधिक के ठेके मिले, जिससे पक्षपात और बजट आवंटन पर चिंता बढ़ी।
- सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने “नेपो बेबीज़”—नेताओं और ठेकेदारों के बच्चों—की आलीशान जीवनशैली उजागर की, जिससे जनता का आक्रोश बढ़ा।
- सीनेट की सुनवाई में धन हड़पने के लिए घोस्ट प्रोजेक्ट्स, घटिया सामग्री और बजट में मनमानी मदों के व्यापक इस्तेमाल का खुलासा हुआ।
- मशहूर हस्तियों की आवाजों और वायरल व्यंग्य ने जवाबदेही और सुधार की मांग को और तेज किया।
- राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने जांच और जीवनशैली की पड़ताल का आदेश दिया तथा निगरानी के लिए सार्वजनिक वेबसाइट शुरू की, लेकिन आलोचक इन उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हैं।
- विशेषज्ञ और वकालत समूह भ्रष्टाचार की जड़ें दूर करने तथा व्हिसलब्लोअर की सुरक्षा के लिए संस्थागत सुधारों की मांग कर रहे हैं।






