परिचय: एक साहसिक प्रयोग का भविष्य अनिश्चित
फिलिपीनी घरेलू कामगारों को सियोल लाने का दक्षिण कोरिया का पायलट कार्यक्रम सितंबर 2024 में बड़ी उम्मीदों और व्यापक प्रचार के बीच शुरू किया गया था। देश की रिकॉर्ड-निम्न जन्मदर और दोहरी आय वाले परिवारों पर बढ़ते दबाव से निपटने के लिए तैयार इस पहल का उद्देश्य बच्चों की देखभाल और घरेलू कामकाज में जरूरी सहायता देना था। हालांकि, शुरुआत के एक साल से भी कम समय में राजनीतिक उथल-पुथल, श्रम विवादों और लागत, निगरानी तथा कामगारों की सुरक्षा से जुड़े अनसुलझे सवालों के बीच कार्यक्रम का भविष्य अधर में है।
विषय-सूची
- परिचय: एक साहसिक प्रयोग का भविष्य अनिश्चित
- शुरुआत और उद्देश्य: राष्ट्रीय संकट से निपटना
- क्रियान्वयन: बड़ी उम्मीदें और शुरुआती चुनौतियां
- वेतन और पहुंच: देखभाल की लागत
- कामगारों के अनुभव: अवसर और शोषण के बीच
- राजनीतिक बदलाव: अधर में कार्यक्रम
- व्यापक असर: आव्रजन, लैंगिक समानता और सामाजिक बदलाव
- विदेशों से सबक: तुलनात्मक नजरिया
- मौजूदा स्थिति और आगे की राह
- संक्षेप में
कार्यक्रम की अनिश्चित स्थिति दक्षिण कोरिया में आव्रजन, श्रम अधिकारों और देश के जनसांख्यिकीय संकट पर चल रही व्यापक बहस को दर्शाती है। बढ़ती उम्र की आबादी और सिकुड़ते कार्यबल से जूझ रहे देश में यह पायलट कार्यक्रम परिवारों को बेहतर सहायता देने और विदेशी कामगारों के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
शुरुआत और उद्देश्य: राष्ट्रीय संकट से निपटना
इस पायलट कार्यक्रम का विचार तात्कालिकता की भावना के बीच सामने आया। दक्षिण कोरिया की प्रजनन दर गिरकर 0.72 पर आ गई है, जो दुनिया में सबसे कम है। सियोल में यह दर और भी नीचे, 0.55 है। जनसांख्यिकीय गिरावट से देश का आर्थिक भविष्य खतरे में है और कामकाजी माता-पिता, खासकर महिलाओं पर भारी दबाव पड़ता है, जिन्हें अक्सर देखभाल की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा निभाना पड़ता है।
2022 में कैबिनेट की एक बैठक के दौरान सियोल के मेयर ओ से-हून ने विदेशी घरेलू कामगारों को लाने का प्रस्ताव समाधान के तौर पर रखा। सिंगापुर और हांगकांग की ऐसी ही नीतियों से प्रेरित इस योजना में फिलिपींस से 100 प्रशिक्षित देखभालकर्मियों की भर्ती की जानी थी। फिलिपींस में घरेलू कामगारों के प्रमाणन की एक स्थापित व्यवस्था है। कार्यक्रम में सियोल के दोहरी आय वाले, एकल अभिभावक और बड़े परिवारों को प्राथमिकता दी गई, ताकि बच्चों की देखभाल अधिक सुलभ और किफायती हो सके।
समर्थकों को उम्मीद थी कि इस पहल से परिवारों का बोझ घटेगा और महिलाओं के लिए कार्यबल में बने रहना आसान होने से देश की गिरती जन्मदर को पलटने में भी मदद मिलेगी। देखभाल क्षेत्र में कामगारों की कमी दूर करने के तरीके के तौर पर भी इस कार्यक्रम को देखा गया। दक्षिण कोरिया की तेजी से बूढ़ी होती आबादी के कारण 2042 तक इस क्षेत्र में 1.55 मिलियन कामगारों की कमी होने की आशंका है।
क्रियान्वयन: बड़ी उम्मीदें और शुरुआती चुनौतियां
चार सप्ताह के गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद, जिसमें भाषा और सांस्कृतिक परिचय भी शामिल था, 100 फिलिपीनी घरेलू कामगारों का पहला समूह अगस्त 2024 में सियोल पहुंचा। उन्हें शहर के अलग-अलग घरों में पूर्णकालिक या अंशकालिक देखभालकर्मियों के रूप में नियुक्त किया गया। कार्यक्रम के तहत हर कामगार को सप्ताह में कम से कम 30 घंटे काम की गारंटी दी गई, जबकि ओवरटाइम और छुट्टियों के वेतन सहित अधिकतम 52 घंटे काम करने की संभावना थी।
शुरुआत से ही सियोल महानगर सरकार और रोजगार एवं श्रम मंत्रालय, दोनों कार्यक्रम की निगरानी कर रहे थे। अधिकारियों ने देखभालकर्मियों के लिए उचित कामकाजी परिस्थितियों और सहायता के महत्व पर जोर दिया। उन्हें सरकार द्वारा नियुक्त दो एजेंसियों के माध्यम से काम पर रखा गया था। कार्यक्रम में शामिल परिवारों की शुरुआती प्रतिक्रिया काफी हद तक सकारात्मक रही। शुरुआती सर्वेक्षणों में 84% संतुष्टि दर्ज की गई।
हालांकि, जल्द ही चुनौतियां सामने आने लगीं। काम के दायरे को लेकर भ्रम, सांस्कृतिक अंतर और वेतन पर बहस लगभग तुरंत शुरू हो गई। कुछ कामगारों ने बताया कि उनसे अनुबंध से बाहर के काम, जैसे पालतू जानवरों की देखभाल, अंग्रेजी पढ़ाना या विस्तारित परिवार के सदस्यों के लिए घरेलू काम करने को कहा गया। कुछ अन्य को वेतन मिलने में देरी हुई और रोजगार की सीमाएं स्पष्ट नहीं थीं, जिससे निगरानी और कामगारों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
वेतन और पहुंच: देखभाल की लागत
विदेशी घरेलू कामगारों को नियुक्त करने की लागत सबसे विवादित मुद्दों में से एक रही है। अंतरराष्ट्रीय श्रम समझौतों पर हस्ताक्षरकर्ता होने के नाते दक्षिण कोरिया को विदेशी कामगारों को वही न्यूनतम वेतन अधिकार देने होते हैं जो कोरियाई नागरिकों को मिलते हैं। इसके चलते शुरुआत में सेवा शुल्क 13,940 वॉन प्रति घंटा (करीब $10.20) तय हुआ, जो 2025 में बढ़कर 16,800 वॉन ($12.29) हो गया। पूर्णकालिक देखभालकर्मी रखने वाले परिवार का मासिक खर्च सामाजिक बीमा सहित 2.06 मिलियन वॉन (करीब $1,540) तक पहुंच सकता है, जो कोरिया की औसत मासिक घरेलू आय का लगभग आधा है।
इसके मुकाबले, हांगकांग में घरेलू कामगारों को प्रति माह कम से कम US$642 मिलते हैं, जबकि सिंगापुर और मलेशिया में वेतन इससे भी कम है। दक्षिण कोरिया में ऊंचा वेतन इसे एशिया में विदेशी घरेलू कामगारों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बनाता है, लेकिन कार्यक्रम तक पहुंच भी सीमित करता है। आंकड़ों के मुताबिक, 43% आवेदन सियोल के सबसे धनी जिलों—गंगनम, साछो और सोंगपा—से आए। इससे आलोचना हुई कि इस पहल का मुख्य लाभ संपन्न परिवारों को मिल रहा है।
सियोल के मेयर ओ से-हून और शहर के अन्य अधिकारियों ने सेवा को किफायती बनाने के लिए न्यूनतम वेतन से छूट देने की मांग की है और सिंगापुर तथा हांगकांग का उदाहरण दिया है। हालांकि, रोजगार एवं श्रम मंत्रालय ने श्रम मानक अधिनियम और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के उन समझौतों का हवाला देते हुए इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया, जो राष्ट्रीयता के आधार पर वेतन में भेदभाव पर रोक लगाते हैं। यह कानूनी बाध्यता पायलट चरण से आगे कार्यक्रम के विस्तार में बड़ी बाधा बन गई है।
कामगारों के अनुभव: अवसर और शोषण के बीच
फिलिपीनी देखभालकर्मियों के लिए यह कार्यक्रम मिला-जुला अनुभव रहा है। एक ओर, दक्षिण कोरिया में मिलने वाला वेतन अन्य एशियाई शहरों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे कामगारों और उनके घर पर मौजूद परिवारों को अच्छे आर्थिक अवसर मिलते हैं। कई कामगारों ने अपने अनुभव सकारात्मक बताए हैं। कुछ ने मामूली संवाद संबंधी कठिनाइयों के बावजूद सियोल में रहने और काम करने का मौका मिलने पर आभार जताया।
दूसरी ओर, दुर्व्यवहार, जरूरत से ज्यादा काम और पर्याप्त सहायता न मिलने की खबरों ने कार्यक्रम पर सवाल खड़े किए हैं। नागरिक समूहों और श्रमिक संगठनों ने अत्यधिक काम के बोझ, यौन उत्पीड़न और शोषण के मामले दर्ज किए हैं। प्रवासी देखभालकर्मियों के अधिकारों का समर्थन करने वाले एक गठबंधन की मैदानी जांच में पाया गया कि कुछ कामगार ग्राहक संतुष्टि रेटिंग से जुड़े अल्पकालिक अनुबंधों में बंधे थे, जिससे वे मनमाने ढंग से नौकरी से निकाले जाने और दुर्व्यवहार के प्रति असुरक्षित हो गए।
सियोल महानगर परिषद की मेजबानी में हुए एक मंच पर फिलिपीनी देखभालकर्मियों ने अपनी कहानियां साझा कीं और बेहतर निगरानी तथा सहायता तंत्र की जरूरत पर जोर दिया। कोरिया ट्रेड यूनियन परिसंघ समेत श्रमिक समूहों ने कार्यक्रम को रोककर उसकी पूरी समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने वेतन में लगातार देरी, काम के अस्पष्ट विवरण और उचित निगरानी की कमी जैसे मुद्दों का हवाला दिया।
अंतरराष्ट्रीय घरेलू कामगार महासंघ की एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय समन्वयक फिश इप ने कार्यक्रम के अल्पकालिक अनुबंधों और नागरिक समाज तथा ट्रेड यूनियनों से संवाद की कमी पर चिंता जताई:
जब कामगार कोरिया पहुंचें, तो यह जरूरी है कि उन्हें प्रासंगिक जानकारी पाने की गारंटी मिले, वे दुर्व्यवहार और शोषण का सामना किए बिना काम कर सकें और उन्हें पता हो कि अगर उनके साथ दुर्व्यवहार हो तो मदद के लिए कहां जाना है।
उन्होंने घरेलू कामगारों के लिए छह महीने की अनुमत अवधि को "हास्यास्पद रूप से कम" बताते हुए इसकी आलोचना की। उनका कहना था कि इससे प्रवासी कामगार असुरक्षित हो जाते हैं और उनके लिए यूनियन बनाना मुश्किल होता है। इसके मुकाबले, जापान और ताइवान में प्रवासी घरेलू कामगारों को तीन साल के अनुबंध मिलते हैं, जिन्हें आगे बढ़ाया भी जा सकता है।
राजनीतिक बदलाव: अधर में कार्यक्रम
अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति यून सुक योल को पद से हटाए जाने के बाद पायलट कार्यक्रम का भविष्य और अनिश्चित हो गया। यून इस पहल के प्रबल समर्थक थे, लेकिन उनके उत्तराधिकारी और डेमोक्रेटिक पार्टी के ली जे-म्यंग ने इसके प्रति संदेह जताया है। नए प्रशासन ने अभी तक कोई दीर्घकालिक योजना तय नहीं की है। उप श्रम मंत्री किम मिन-सोक ने कहा है कि निकट भविष्य में पायलट कार्यक्रम का विस्तार होने की संभावना नहीं है।
राजनीतिक मुश्किलों के बावजूद, सरकार ने मौजूदा घरेलू कामगारों के रोजगार परमिट 2026 की शुरुआत तक बढ़ा दिए हैं। इससे नवीनीकृत अनुबंध वाले कामगार घरेलू सहायक के रूप में काम जारी रख सकेंगे या अनुमत क्षेत्रों में अन्य सेवा संबंधी नौकरियों में भेजे जा सकेंगे। हालांकि, कामगारों की संख्या 1,200 तक बढ़ाने या कार्यक्रम को देशभर में लागू करने की योजनाएं रोक दी गई हैं। सियोल के बाहर इसमें सीमित रुचि दर्ज की गई है।
डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रवक्ता ली सो-यंग ने कार्यक्रम के मूल विचार की आलोचना करते हुए कहा है कि हांगकांग और सिंगापुर में ऐसी ही पहलों से जन्मदर में सुधार नहीं हुआ। कई विशेषज्ञ भी इसी तरह की आशंका जताते हैं। उनका कहना है कि विदेशी घरेलू कामगारों से जुड़ी नीतियां महिलाओं को कार्यबल में बने रहने में मदद कर सकती हैं, लेकिन दूसरे देशों में वे जनसांख्यिकीय गिरावट को पलट नहीं पाई हैं।
व्यापक असर: आव्रजन, लैंगिक समानता और सामाजिक बदलाव
दक्षिण कोरिया के फिलिपीनी घरेलू कामगार कार्यक्रम पर बहस आव्रजन, लैंगिक भूमिकाओं और सामाजिक बदलाव से जुड़े गहरे सवालों को छूती है। दक्षिण कोरिया दुनिया के सबसे अधिक जातीय रूप से समरूप देशों में से एक है। विदेशी देखभालकर्मियों के आगमन ने बहुसांस्कृतिकता और प्रवासी कामगारों को कोरियाई समाज में शामिल करने के तरीकों पर चर्चा छेड़ दी है।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कार्यक्रम की चुनौतियां लैंगिक असमानता और देखभाल के काम को कम महत्व देने समेत व्यापक सामाजिक समस्याओं को दर्शाती हैं। श्रम और लैंगिक समानता की विद्वान जोन विलियम्स ने कहा है कि दक्षिण कोरिया का प्रजनन संकट राष्ट्रीय आपातस्थिति है, लेकिन देखभाल और लैंगिक भूमिकाओं में मौजूद बुनियादी असमानताओं को दूर किए बिना केवल विदेशी कामगारों को लाने से समस्या हल होने की संभावना नहीं है।
यह चिंता भी है कि कार्यक्रम से कोरियाई महिलाओं द्वारा पारंपरिक रूप से किए जाने वाले घरेलू काम कम संपन्न देशों की महिलाओं को "आउटसोर्स" किए जाने का जोखिम है। इससे शोषण और प्रवासी कामगारों के साथ उचित व्यवहार को लेकर नैतिक सवाल उठते हैं। फिलिपीनी देखभालकर्मियों के अंग्रेजी भाषा कौशल पर जोर देने से कार्यक्रम के उद्देश्य और जटिल हुए हैं। कुछ परिवार इस सेवा को जन्मदर संकट का समाधान नहीं, बल्कि अपने बच्चों को अंग्रेजी सिखाने का तरीका मानते हैं।
विदेशों से सबक: तुलनात्मक नजरिया
विदेशी घरेलू कामगारों को लेकर दक्षिण कोरिया का प्रयोग सिंगापुर, हांगकांग और अन्य एशियाई देशों के अनुभवों पर काफी हद तक आधारित है। इन जगहों पर प्रवासी घरेलू श्रम का उपयोग आम हो गया है, लेकिन जन्मदर पर इसका असर सीमित रहा है। उदाहरण के लिए, सिंगापुर में दशकों से विदेशी घरेलू कामगारों को नियुक्त किए जाने के बावजूद 2023 में प्रजनन दर 1.0 से नीचे गिर गई। हांगकांग में भी ऐसा ही रुझान देखने को मिला है।
एक अहम अंतर यह है कि सिंगापुर और हांगकांग में नियोक्ताओं के लिए विदेशी घरेलू कामगारों को स्थानीय न्यूनतम वेतन देना जरूरी नहीं है, जिससे अधिक परिवारों के लिए यह सेवा किफायती हो जाती है। हालांकि, इससे वेतन में भेदभाव और खराब कामकाजी परिस्थितियों की आलोचना भी हुई है। समान वेतन सुरक्षा बनाए रखने का दक्षिण कोरिया का फैसला अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाता है, लेकिन इससे कार्यक्रम तक पहुंच और उसका विस्तार सीमित होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए उनके साथ परिवारों को सहायता देने वाली व्यापक सामाजिक नीतियां, लैंगिक असमानता दूर करने के उपाय और प्रवासी कामगारों के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। इन उपायों के बिना जनसांख्यिकीय रुझानों पर असर मामूली रहने की आशंका है।
मौजूदा स्थिति और आगे की राह
2025 के मध्य तक दक्षिण कोरिया का फिलिपीनी घरेलू कामगार पायलट कार्यक्रम अधर में है। सरकार ने पायलट को हर महीने के आधार पर बढ़ाया है, लेकिन इसे स्थायी कार्यक्रम में बदलने की कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं है। लागत, कामगारों की सुरक्षा और कार्यक्रम की प्रभावशीलता को लेकर जारी बहस इसके भविष्य को आकार दे रही है।
फिलहाल, सियोल में मौजूद 98 फिलिपीनी देखभालकर्मियों को उनके E-9 वीजा की अवधि बढ़ाए जाने के कारण 36 महीने तक रहने की अनुमति होगी। सेवा को अधिक सुलभ बनाने के प्रयास में शहर सरकार विदेशी देखभालकर्मियों को नियुक्त करने वाले परिवारों के लिए सब्सिडी बढ़ाने पर विचार कर रही है। कोरियाई घरेलू कामगारों को भी इसी तरह की सब्सिडी दी जाती है। सेवा प्रदाता काम के विवरण स्पष्ट करने और परिवारों तथा देखभालकर्मियों के बीच विवाद सुलझाने में भी जुटे हैं।
इन प्रयासों के बावजूद कार्यक्रम का विस्तार अनिश्चित है। नए प्रशासन के संदेह और लागत तथा निगरानी से जुड़े अनसुलझे मुद्दों के चलते यह पायलट देशव्यापी समाधान बनने के बजाय सीमित प्रयोग बनकर रह सकता है।
संक्षेप में
- दक्षिण कोरिया ने कम जन्मदर से निपटने और कामकाजी परिवारों की सहायता के लिए फिलिपीनी घरेलू कामगारों का पायलट कार्यक्रम शुरू किया था, लेकिन राजनीतिक बदलाव और अनसुलझी चुनौतियों के कारण इसका भविष्य अनिश्चित है।
- यह कार्यक्रम अन्य एशियाई देशों में ऐसी ही नौकरियों की तुलना में अधिक वेतन देता है, लेकिन ऊंची लागत के कारण इसका लाभ संपन्न परिवारों तक सीमित रहा है। इससे समानता और प्रभावशीलता पर आलोचना हुई है।
- दुर्व्यवहार, जरूरत से ज्यादा काम और काम की अस्पष्ट सीमाओं समेत कामगारों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों ने बेहतर निगरानी और समीक्षा के लिए कार्यक्रम रोकने की मांग को जन्म दिया है।
- समान न्यूनतम वेतन देने की कानूनी बाध्यता ने कार्यक्रम को महंगा और बड़े पैमाने पर लागू करना मुश्किल बना दिया है। वेतन में छूट के प्रस्ताव सरकार ने खारिज कर दिए हैं।
- परिवारों में संतुष्टि की ऊंची दर के बावजूद, जन्मदर पर कार्यक्रम के असर को लेकर सवाल हैं, क्योंकि दूसरे देशों में ऐसी ही पहलें जनसांख्यिकीय गिरावट को पलट नहीं पाई हैं।
- मौजूदा कामगारों को 2026 की शुरुआत तक रहने की अनुमति है, लेकिन विस्तार की योजनाएं रोक दी गई हैं और कार्यक्रम का दीर्घकालिक भविष्य अनिश्चित है।
- यह बहस आव्रजन, लैंगिक भूमिकाओं और दक्षिण कोरिया की जनसांख्यिकीय चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक सामाजिक नीतियों की जरूरत जैसे बड़े मुद्दों को उजागर करती है।






