वेलिंगटन में रिकॉर्ड और बाल-बाल बची जीत
विराट कोहली ने 7 नवंबर, 2026 को एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ के रूप में रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ दिया। वेलिंगटन के Hnry Stadium में उन्होंने पहली बार सामना की गई दूसरी गेंद पर चौका लगाया। उनकी पारी सिर्फ सात गेंद चली, लेकिन भारत ने डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति के तहत दूसरा वनडे चार रन से जीतने के लिए कहीं लंबा संघर्ष किया।
विषय-सूची
- वेलिंगटन में रिकॉर्ड और बाल-बाल बची जीत
- कोहली ने पोंटिंग को कैसे पीछे छोड़ा
- सात शतकों ने रिकॉर्ड की नींव रखी
- बराड़ ने दबाव को विकेटों में बदला
- मिचेल और सैंटनर ने न्यूज़ीलैंड को मुकाबले में बनाए रखा
- 135 रन का लक्ष्य हासिल करना इतना मुश्किल क्यों हुआ
- चार रन से तय हुआ अधूरा पीछा
- दो मैच, दो उपलब्धियां, सीरीज़ में बढ़त
- मुख्य बातें
मैच से पहले न्यूज़ीलैंड के खिलाफ कोहली और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान पोंटिंग के नाम 1,971-1,971 रन थे। पारी की पहली चार गेंदों में चौका लगाकर कोहली 1,975 रन पर पहुंचे। इस उपलब्धि की खबरों में उनका कुल स्कोर यही बताया गया। सात गेंदों की पारी पूरी होने पर उनके कुल रन 1,978 हो गए, जो पोंटिंग से सात ज़्यादा और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 2,000 वनडे रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ बनने से सिर्फ 22 कम थे।
चौथे ओवर में जैकब डफी ने विल यंग के हाथों कैच कराकर कोहली को आउट किया। इसके बाद न्यूज़ीलैंड ने लगातार विकेट लेकर 135 रन के शुरुआती लक्ष्य का पीछा कर रहे भारत पर दबाव बनाए रखा। 26 ओवर के बाद बारिश से खेल रुकने के समय भारत का स्कोर सात विकेट पर 113 रन था, जो डीएलएस पार स्कोर से सिर्फ चार रन ज़्यादा था।
भारत ने 41 ओवर में न्यूज़ीलैंड को 134 रन पर समेटा। 30 रन देकर चार विकेट लेने वाले गुरनूर बराड़ को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। डेरिल मिचेल ने 55 और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 31 रन बनाए, लेकिन उनकी वापसी की कोशिश न्यूज़ीलैंड को बारिश के कारण खेल रुकने की एक और स्थिति से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
भारत अब पांच मैचों की वनडे सीरीज़ में 2-0 से आगे है। कोहली ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाया, जबकि बराड़ और निचले मध्य क्रम के बल्लेबाज़ों ने मुश्किल शाम को दूसरी जीत में बदलने में मदद की।
कोहली ने पोंटिंग को कैसे पीछे छोड़ा
4 नवंबर को ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे में 51 गेंदों पर 74 रन बनाकर कोहली पोंटिंग की बराबरी पर पहुंचे थे। बारिश के कारण भारत का लक्ष्य 32 ओवर में 143 रन कर दिया गया था और इस पारी ने भारत को पांच विकेट से जीत दिलाने में मदद की।
वेलिंगटन में रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए कोहली को सिर्फ एक रन की ज़रूरत थी। उन्होंने ड्राइव कर चौका लगाकर यह मुकाम हासिल किया, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद डफी की गेंद उनके कवर ड्राइव के दौरान रुककर आई और यंग ने कैच लपक लिया।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में अब कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पांच दिग्गजों से आगे हैं:
- विराट कोहली: 1,978 रन।
- रिकी पोंटिंग: 1,971 रन।
- सचिन तेंदुलकर: 1,750 रन।
- कुमार संगकारा: 1,568 रन।
- सनथ जयसूर्या: 1,519 रन।
- जैक्स कैलिस: 1,449 रन।
कोहली 38 पारियों में इस कुल स्कोर तक पहुंचे, जबकि पोंटिंग ने 50 पारियां खेली थीं। इस तरह कोहली 12 पारियां कम खेलकर सात रन आगे निकल गए। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उनका औसत 56.51 और स्ट्राइक रेट 97.87 है। यानी उन्होंने सामना की गई हर 100 गेंदों पर लगभग 98 रन बनाए हैं।
सात शतकों ने रिकॉर्ड की नींव रखी
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ कोहली का रिकॉर्ड सिर्फ उस चौके तक सीमित नहीं है, जिसने उन्हें पोंटिंग से आगे पहुंचाया। उनके नाम इस टीम के खिलाफ सात शतक हैं, जो किसी भी बल्लेबाज़ के सबसे ज़्यादा हैं। इसके अलावा उन्होंने 11 अर्धशतक लगाए हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 154 रन है।
इन आंकड़ों के साथ कोहली ने 18 बार कम से कम 50 रन की पारी खेली है, जो पोंटिंग के बराबर है। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ ने छह शतक और 12 अर्धशतकों के साथ यह संख्या हासिल की थी। कोहली ने ऐसी पारियों में से एक और को शतक में बदला है।
ऑकलैंड में कोहली ने एक और उपलब्धि हासिल की थी: वह नंबर 3 पर 13,000 रन तक पहुंचे। यह बल्लेबाज़ी क्रम दोनों सलामी बल्लेबाज़ों के तुरंत बाद आता है। उनका 74 रन का स्कोर वनडे में 80वां अर्धशतक भी था और यह उनके 38वें जन्मदिन से एक दिन पहले आया।
वेलिंगटन के बाद उनके करियर के आंकड़े 320 मैचों में 15,190 वनडे रन, 55 शतक और 80 अर्धशतक हैं। अब अगला लक्ष्य छोटा और करीब है: न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 22 रन और बनाते ही वह 2,000 रन पूरे कर लेंगे। सीरीज़ में अभी तीन मैच बाकी हैं।
बराड़ ने दबाव को विकेटों में बदला
बारिश के कारण शुरुआत में देरी हुई और मैच घटाकर दोनों टीमों के लिए 47-47 ओवर का कर दिया गया। इसके बाद शुभमन गिल ने गेंदबाज़ी का फैसला किया। भारत ने बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल के साथ चार तेज़ गेंदबाज़ों को उतारा, जिससे न्यूज़ीलैंड के लिए रन बनाने के मौके मुश्किल हो गए।
औक़िब नबी ने दोनों सलामी बल्लेबाज़ों टिम सीफ़र्ट और विल यंग को आउट किया, जबकि अंशुल कंबोज ने हेनरी निकोल्स का विकेट लिया। मिचेल और टॉम लैथम के पारी संभालने की कोशिश शुरू करने से पहले न्यूज़ीलैंड का स्कोर तीन विकेट पर 23 रन था।
बराड़ ने इस साझेदारी को तोड़ा और उसी ओवर में ग्लेन फिलिप्स को भी आउट कर दिया। इससे न्यूज़ीलैंड का स्कोर पांच विकेट पर 53 रन हो गया। उछाल वाली और असमान सतह पर उनकी छोटी गेंदों को खेलना खास तौर पर मुश्किल था।
बराड़ ने दस ओवर में 30 रन देकर चार विकेट लिए, जिनमें दो मेडन ओवर थे, यानी ऐसे ओवर जिनमें कोई रन नहीं बना। अर्शदीप सिंह ने सात ओवर में सिर्फ 16 रन देकर उनका साथ दिया, जबकि नबी ने 31 रन देकर दो और अक्षर ने 28 रन देकर दो विकेट लिए।
कंबोज ने आठ ओवर में 25 रन देकर दो विकेट लिए। ब्लेयर टिकनर को बोल्ड कर उन्होंने अपना दूसरा विकेट लिया और न्यूज़ीलैंड की पारी समाप्त की। कंबोज के इन दो विकेटों के साथ भारतीय गेंदबाज़ों ने मिलकर न्यूज़ीलैंड के सभी दस विकेट लिए।
भारत ने 176 डॉट गेंदें फेंकी, यानी ऐसी गेंदें जिन पर कोई रन नहीं बना। लगातार बने इस दबाव से समझ आता है कि अपेक्षाकृत छोटा स्कोर बनाने में भी न्यूज़ीलैंड को 41 ओवर क्यों लगे।
मिचेल और सैंटनर ने न्यूज़ीलैंड को मुकाबले में बनाए रखा
मिचेल ने 104 गेंदों पर 55 रन बनाए। मैच का यही एकमात्र अर्धशतक था। कंबोज की गेंद पर गिल ने उनका कैच 21 रन पर छोड़ दिया, जिससे न्यूज़ीलैंड की सबसे बड़ी पारी आगे बढ़ सकी।
सैंटनर ने 38 गेंदों पर 31 रन बनाकर पारी में रफ्तार जोड़ी और छठे विकेट के लिए मिचेल के साथ 59 रन जोड़े। इस साझेदारी ने न्यूज़ीलैंड को पांच विकेट पर 53 रन से 112 रन तक पहुंचाया और मेज़बान टीम के गेंदबाज़ों को बचाव के लिए कुछ स्कोर दिया।
आखिरकार अक्षर ने मिचेल को आउट किया। वह आगे बढ़कर खेलने आए और लॉन्ग ऑफ पर कैच दे बैठे। स्पिनर के खिलाफ मिचेल को खुलकर रन बनाने में परेशानी हुई और उनकी 26 गेंदों पर सिर्फ 10 रन बने।
अगले ही ओवर में बराड़ ने सैंटनर को आउट किया और न्यूज़ीलैंड ने अपने आखिरी पांच विकेट 22 रन के भीतर गंवा दिए। ऑकलैंड में बनाए 185 रन के मुकाबले उनका 134 का स्कोर 51 रन कम था।
कंबोज की बाउंसर लगने के बाद ब्लेयर टिकनर को कन्कशन हुआ। उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैट फिशर मैच में आए और बाद में भारत की पारी के दौरान एक विकेट भी लिया।
135 रन का लक्ष्य हासिल करना इतना मुश्किल क्यों हुआ
न्यूज़ीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ों ने छोटे लक्ष्य को भी बड़ा बना दिया। डफी और काइल जैमीसन ने 35-35 रन देकर तीन-तीन विकेट लिए और उसी उछाल व गेंद की मूवमेंट का फायदा उठाया, जिसने मेज़बान टीम के बल्लेबाज़ों को परेशान किया था।
भारत की पारी काफी हद तक खराब गेंदों पर आक्रमण करने पर निर्भर रही। 113 में से 78 रन चौकों और छक्कों से आए, यानी कुल स्कोर का करीब 69 प्रतिशत। न्यूज़ीलैंड के मैदान की घनी घास के कारण गेंद उछलने के बाद जल्दी धीमी हो जाती थी, इसलिए हल्के हाथों से लगाए गए शॉट से कम फायदा मिला।
रोहित शर्मा ने अपने 23 में से 20 रन बाउंड्री से बनाए। श्रेयस अय्यर ने भारत की ओर से सबसे ज़्यादा 30 रन बनाए, जबकि केएल राहुल 26 रन पर नाबाद रहे और आसपास विकेट गिरते रहने के बीच उन्होंने पारी को संभाला।
फिशर ने अक्षर को 17 रन पर आउट किया और जैमीसन ने कड़ी छोटी गेंद से अय्यर का विकेट लिया। पारी के आखिरी हिस्से में आउट होने से पहले नमन धीर ने 12 रन जोड़े। कंबोज का विकेट गिरने तक भारत के सात विकेट गिर चुके थे और वह मैच का आखिरी ओवर था।
राहुल का क्रीज़ पर बने रहना अहम था, क्योंकि हर विकेट से लक्ष्य पूरा करने की भारत की क्षमता और बारिश के हिसाब से तय होने वाली स्थिति, दोनों पर असर पड़ता। खेल रुकने पर भारत के पास पर्याप्त रन थे, लेकिन बढ़त बहुत कम थी।
चार रन से तय हुआ अधूरा पीछा
न्यूज़ीलैंड के 134 रन बनाने के बाद भारत को 135 रन का लक्ष्य मिला था। बारिश के कारण लक्ष्य का पीछा सामान्य तौर पर पूरा नहीं हो सका, इसलिए नतीजा डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति पर निर्भर था, जिसे आम तौर पर डीएलएस कहा जाता है।
मौसम के कारण खेल का समय घटने पर डीएलएस लक्ष्य में बदलाव करता है। इसमें उपलब्ध ओवरों और गिरे हुए विकेटों का हिसाब रखा जाता है, क्योंकि ज़्यादा विकेट हाथ में होने पर टीम के तेज़ी से रन बनाने की संभावना आम तौर पर अधिक होती है।
26 ओवर के बाद भारत का स्कोर सात विकेट पर 113 रन था, जो लागू पार स्कोर 109 से चार रन ज़्यादा था। इसलिए स्कोरकार्ड पर उस समय का लक्ष्य 110 दिखाया गया। बारिश के दौरान रात 10.55 बजे स्थानीय समय पर खेल फिर शुरू करने के लिए 37 ओवर में 133 रन का संशोधित लक्ष्य तय किया गया, लेकिन खेल दोबारा शुरू होने से पहले बारिश लौट आई और आखिरकार मैच रद्द कर दिया गया।
डीएलएस के तहत भारत चार रन से जीता। भारत की जीत का अंतर खेल रुकने के समय पार स्कोर के मुकाबले उसकी स्थिति से तय हुआ, न कि 135 रन का मूल लक्ष्य पूरा करने से।
सात विकेट गिर जाने से यह बढ़त नाज़ुक हो गई थी। एक और विकेट गिरने पर डीएलएस गणना में भारत के पास उपलब्ध संसाधन बदल जाते। इसी वजह से मूल लक्ष्य मामूली होने के बावजूद तनाव बना रहा।
दो मैच, दो उपलब्धियां, सीरीज़ में बढ़त
कोहली के योगदान में बड़ा फर्क होने के बावजूद भारत ने दोनों वनडे जीते हैं। ऑकलैंड में उनके 74 रन ने लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका निभाई; वेलिंगटन में उनके सात रन रिकॉर्ड के लिए काफी थे, जबकि जीत दिलाने की जिम्मेदारी दूसरों ने संभाली।
सीरीज़ के शुरुआती मैचों का हाल इस तरह रहा:
- 4 नवंबर, ऑकलैंड: भारत ने न्यूज़ीलैंड को 185 रन पर समेटा और संशोधित 143 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पांच विकेट से जीत हासिल की। कोहली ने 74 रन बनाए और नंबर 3 पर अपने 13,000 वनडे रन पूरे किए।
- 7 नवंबर, वेलिंगटन: कोहली ने चौका लगाकर पोंटिंग को पीछे छोड़ा, बराड़ ने 30 रन देकर चार विकेट लिए और भारत ने सात विकेट पर 113 रन बनाने के बाद डीएलएस के तहत चार रन से जीत हासिल की।
- दो वनडे के बाद: तीन मैच बाकी हैं और भारत सीरीज़ में 2-0 से आगे है।
न्यूज़ीलैंड के लिए मिचेल और सैंटनर ने बल्ले से पारी को संभाला, जबकि डफी और जैमीसन ने भारत को लक्ष्य से चूकने के करीब पहुंचा दिया। लगातार मैचों में 185 और 134 रन पर ऑल आउट होने के बाद टीम को अब बल्लेबाज़ी में मजबूत शुरुआत की ज़रूरत है।
दूसरी ओर, भारत ने अनुभवी बल्लेबाज़ों के साथ कम अनुभवी गेंदबाज़ों के निर्णायक योगदान को जोड़ा है। वेलिंगटन में बराड़ को मिला पुरस्कार भारत की गेंदबाज़ी के प्रदर्शन का केंद्र बना, हालांकि उस दिन सुर्खियां कोहली के रिकॉर्ड ने बटोरीं।
मुख्य बातें
- कोहली ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पोंटिंग के 1,971 वनडे रनों को पीछे छोड़ा और अपनी पारी के अंत तक कुल 1,978 रन बना लिए।
- न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उनके सात शतक किसी भी बल्लेबाज़ से ज़्यादा हैं। 2,000 रन पूरे करने के लिए उन्हें 22 रन और चाहिए।
- बराड़ ने 30 रन देकर चार और कंबोज ने 25 रन देकर दो विकेट लिए। न्यूज़ीलैंड 41 ओवर में 134 रन पर ऑल आउट हुआ।
- मिचेल ने 55 रन बनाए, जबकि सैंटनर ने 31 रन जोड़े। दोनों ने मिलकर छठे विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी की।
- 26 ओवर के बाद भारत का स्कोर सात विकेट पर 113 रन था, जो 109 के डीएलएस पार स्कोर से चार रन ज़्यादा था। 37 ओवर में 133 रन का संशोधित लक्ष्य तय हुआ, लेकिन खेल दोबारा शुरू नहीं हुआ और भारत डीएलएस के तहत चार रन से जीता।
- भारत पांच मैचों की वनडे सीरीज़ में 2-0 से आगे है।






