कल्पित हवाई दृश्य से प्रोडक्शन में व्यापक बदलाव के संकेत
इमरजेंसी रूम 24 आवर्स के एक विस्फोट दृश्य में दिखाया गया हवाई नज़ारा काल्पनिक था: दृश्यावली जनरेटिव एआई से तैयार की गई और प्रोडक्शन टीम ने उसमें धुआँ जोड़ा। फूजी टेलीविज़न ने अक्टूबर 2026 में शुरू हुई मेडिकल ड्रामा की छठी सीरीज़ के पहले एपिसोड के ज़रिए एक नई प्रोडक्शन प्रणाली को आज़माया।
विषय-सूची
- कल्पित हवाई दृश्य से प्रोडक्शन में व्यापक बदलाव के संकेत
- एआई सैंडबॉक्स कौन बना रहा है?
- विचार से पर्दे तक कैसे पहुँचता है कोई दृश्य
- इमरजेंसी रूम 24 आवर्स में क्या बदला?
- 70 से 80 प्रतिशत के आंकड़े का मतलब
- सुरक्षा और योजना परियोजना का हिस्सा क्यों हैं
- हर तिमाही कम से कम एक केंद्रित प्रोडक्शन
- फूजी के ड्रामा स्टूडियो से आगे विस्तार
- मुख्य बातें
5 नवंबर 2026 को जापानी प्रसारक ने अक्टूबर 2027 तक ऐसी प्रणाली बनाने की योजना घोषित की, जिससे उसके बनाए हर ड्रामा में ज़रूरत के मुताबिक एआई का इस्तेमाल हो सके। इसके परीक्षण के लिए टोक्यो के कोटो वार्ड स्थित आओमी के वांगान स्टूडियो में सितंबर से चल रहा प्रयोग स्थल एआई सैंडबॉक्स है।
फूजी के मुताबिक, परीक्षणों में वीडियो प्रोडक्शन की कुछ प्रक्रियाओं में पारंपरिक तरीकों की तुलना में लगने वाला काम 70 से 80 प्रतिशत तक घटा है। कंपनी तीन परस्पर जुड़े लक्ष्य हासिल करना चाहती है: मुश्किल दृश्य संभव बनाना, प्रोडक्शन का कार्यभार घटाना और सुरक्षा बेहतर करना।
यह पहल किसी एक मेडिकल सीरीज़ तक सीमित नहीं है। फूजी हर साल स्थलीय टेलीविज़न के गोल्डन और प्राइम टाइम, यानी शाम 7 से रात 11 बजे के बीच प्रसारित होने वाले 16 धारावाहिक बनाता है। कई धारावाहिकों में जनरेटिव एआई का इस्तेमाल शुरू हो चुका है; इमरजेंसी रूम 24 आवर्स इसका अब तक सामने आया सबसे विस्तृत उदाहरण है।
एआई सैंडबॉक्स कौन बना रहा है?
जुलाई 2026 में संगठनात्मक बदलाव के तहत फूजी ने अपने डिजिटल स्ट्रैटेजी ऑफिस में एआई सेंटर स्थापित किया। एआई सैंडबॉक्स इसी केंद्र के तहत काम करता है और टेलीविज़न प्रोडक्शन के अलग-अलग हिस्सों को संभालने वाले लोगों को साथ लाता है।
इस परियोजना में फूजी का स्टूडियो 1 शामिल है, जहां उसका ड्रामा और फिल्म प्रोडक्शन संचालन होता है; साथ ही उसका टेक आर्ट डिज़ाइन विभाग और बाहरी कंपनी एंडेंट भी इसमें शामिल हैं। एंडेंट की एआई विकास इकाई, स्टू, विकास साझेदार के रूप में काम करती है। उसके एआई सुपरवाइज़र और डिज़ाइनर निर्देशक, निर्माता और तकनीकी कर्मचारियों के साथ काम करते हैं।
इस व्यवस्था में एआई विशेषज्ञ वास्तविक कार्यक्रम बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं। निर्देशक अपने मनचाहे दृश्य बताते हैं, प्रोडक्शन कर्मचारी उन्हें साकार करने के तरीकों पर विचार करते हैं और तकनीकी टीमें आकलन करती हैं कि ज़रूरी छवियां तैयार करने के लिए किन साधनों का मेल उपयुक्त होगा।
विचार से पर्दे तक कैसे पहुँचता है कोई दृश्य
एआई सैंडबॉक्स फिल्मांकन से पहले काम शुरू करता है। टीमें पटकथाएं और लक्षित छवियां साझा करती हैं, फिर जनरेटिव एआई की मदद से निर्देशक की कल्पना को तस्वीरों या वीडियो में बदलती हैं, ताकि सहकर्मी उन पर चर्चा कर सकें। जनरेटिव एआई ऐसे सॉफ़्टवेयर को कहते हैं जो निर्देशों और अन्य इनपुट के आधार पर तस्वीरों या वीडियो जैसी नई सामग्री बनाता है।
साझा दृश्य योजना से प्रोडक्शन और तकनीकी टीमों को ठोस सामग्री मिलती है, जिसकी वे जांच कर सकती हैं। कैमरे चालू होने से पहले वे तय कर सकती हैं कि दृश्य के किन हिस्सों का फिल्मांकन होगा, कौन-से डिजिटल तरीके से बनाए जाएंगे और ये हिस्से आपस में कैसे जुड़ेंगे।
फूजी के मुताबिक, इसके लिए लाइव एक्शन, विज़ुअल इफेक्ट्स, कंप्यूटर ग्राफ़िक्स और जनरेटिव एआई में से चुनाव किया जाता है। विज़ुअल इफेक्ट्स, जिन्हें अक्सर वीएफएक्स कहा जाता है, तैयार शॉट बनाने के लिए छवियों को जोड़ते या बदलते हैं। कंप्यूटर ग्राफ़िक्स, यानी सीजी, डिजिटल वस्तुएं और परिवेश तैयार करते हैं। एक ही दृश्य में इनमें से कई तरीकों का इस्तेमाल हो सकता है।
एआई सैंडबॉक्स के तकनीकी प्रमुख और फूजी के टेक आर्ट डिज़ाइन विभाग के सहायक निर्देशक शिन्या मासाकी ने बताया कि टीम ये फैसले कैसे करती है। जापानी से अनूदित टिप्पणी में उन्होंने कहा:
हर चीज़ एआई से बनाने के बजाय, हम इसे पारंपरिक वीएफएक्स और दूसरी तकनीकों के साथ मिलाते हैं और प्रोडक्शन कर्मचारियों के साथ मिलकर काम के लिए सबसे अच्छा तरीका तय करते हैं।
फूजी का कहना है कि तैयार ड्रामा की गुणवत्ता सबसे पहले आती है। इसलिए एआई दो चरणों में काम आता है: कर्मचारियों को यह तय करने में मदद देना कि वे क्या दिखाना चाहते हैं और, जहां उपयुक्त हो, वे छवियां तैयार करने में मदद करना जिन्हें दर्शक अंततः देखते हैं।
इमरजेंसी रूम 24 आवर्स में क्या बदला?
इमरजेंसी रूम 24 आवर्स अक्टूबर 2026 में अपनी छठी सीरीज़ के साथ लौटा। इसकी पांचवीं सीरीज़ 2013 में प्रसारित हुई थी, यानी वापसी 13 साल बाद हुई। 1999 में शुरू हुआ यह मेडिकल ड्रामा आपातकालीन चिकित्सा में काम करने वाले डॉक्टरों और नर्सों की कहानी दिखाता है।
पहले एपिसोड के विस्फोट दृश्य के लिए टीम ने एक काल्पनिक हवाई दृश्य तैयार किया और उस पर धुआँ संयोजित किया। संयोजन का मतलब है अलग-अलग दृश्य तत्वों को मिलाकर एक छवि बनाना। इससे दुर्घटनास्थल दिखाने वाला शॉट तैयार हो सका, जिसके लिए पूरा दृश्य किसी वास्तविक स्थान पर फिल्माना ज़रूरी नहीं था।
प्रोडक्शन मेडिकल दृश्यों में बारीक छवि प्रसंस्करण और ऐसे दुर्घटना स्थलों के लिए भी एआई का इस्तेमाल करता है जिन्हें केवल फिल्मांकन से दोहराना मुश्किल होगा। शूटिंग से पहले निर्देशक की कल्पित छवियां प्रोडक्शन और तकनीकी कर्मचारियों के साथ साझा की जाती हैं, ताकि वे लाइव एक्शन और छवि प्रसंस्करण के मेल की योजना बना सकें।
इमरजेंसी रूम 24 आवर्स के निर्माता र्योतारो अडाची ने कहा कि एआई सैंडबॉक्स टीम ने पहली बार इस सीरीज़ में हिस्सा लिया। उन्होंने आपदा दृश्यों और विदेश में घटित दृश्यों के नतीजों का ज़िक्र किया। जापानी से अनूदित टिप्पणी में उन्होंने कहा:
खास तौर पर आपदा दृश्यों और विदेश में घटित दृश्यों में हम अपनी कल्पना से बेहतर छवि गुणवत्ता हासिल कर रहे हैं।
अडाची ने फिल्मांकन से पहले किसी दृश्य को साकार करने के तरीके पर चर्चा करने की अहमियत भी बताई। उनका बयान काम करने के तरीके में पहले हुए बदलाव से दृश्य नतीजों का संबंध जोड़ता है: तैयारी के चरण से ही निर्माता और तकनीशियन मिलकर मनचाही छवि पर विचार करते हैं।
70 से 80 प्रतिशत के आंकड़े का मतलब
फूजी का सबसे बड़ा संख्यात्मक दावा, वीडियो प्रोडक्शन की चुनी हुई प्रक्रियाओं में लगने वाले श्रम से जुड़ा है। कंपनी के मुताबिक, परीक्षण किए गए कामों में जनरेटिव एआई से पारंपरिक तरीकों की तुलना में काम की मात्रा 70 से 80 प्रतिशत तक घटी।
इस प्रतिशत को समझने के लिए मान लें कि पारंपरिक तरीके से किसी काम में 100 इकाई श्रम लगता है। इतनी कमी के बाद उस काम में 20 से 30 इकाई श्रम लगेगा। यह प्रतिशत समझाने का उदाहरण है; फूजी ने इन इकाइयों में मापा गया कोई काम प्रकाशित नहीं किया है।
यह आंकड़ा कुछ खास प्रक्रियाओं को मापता है। एक पूरे ड्रामा के बजट में अभिनय, लोकेशन, फिल्मांकन और एडिटिंग समेत कई अन्य गतिविधियां शामिल होती हैं, जबकि प्रकाशित नतीजा कुछ चुने हुए वीडियो कार्यों में लगने वाले काम से जुड़ा है। फूजी ने संबंधित काम के घंटों, परीक्षणों की संख्या या पूरा वित्तीय विवरण नहीं बताया है।
प्रोडक्शन टीमों के लिए व्यावहारिक अवसर यह है कि कुछ मुश्किल छवियों पर कम मेहनत लगे, जबकि तरीकों का चुनाव खुला रहे। मासाकी ने कहा कि एक और उद्देश्य कंपनी के भीतर प्राप्त अनुभव और तकनीकी जानकारी को संजोना है, ताकि आगे के प्रोडक्शन उसका लाभ उठा सकें।
सुरक्षा और योजना परियोजना का हिस्सा क्यों हैं
फूजी के स्टूडियो 1 ड्रामा एंड फिल्म प्रोडक्शन सेंटर में रणनीति, कारोबार विकास और प्रोडक्शन प्रोत्साहन की ज़िम्मेदारी संभालने वाले विभाग प्रमुख दाइसुके नागाशिमा ने लोकेशन, मौसम, कानूनी आवश्यकताओं और सुरक्षा को फिल्मांकन की सीमाओं के रूप में बताया।
कहानी के लिए कोई दृश्य ज़रूरी हो सकता है, लेकिन उसे सही जगह या समय पर फिल्माना मुश्किल हो सकता है। एआई सैंडबॉक्स कर्मचारियों को ऐसे दृश्यों की योजना बनाने का एक और तरीका देता है। इसके तहत वे तय कर सकते हैं कि दृश्य का कितना हिस्सा वास्तविक रूप से फिल्माना है और कितना छवि प्रसंस्करण से तैयार किया जा सकता है।
नागाशिमा ने इस पहल के व्यापक उद्देश्य को धारावाहिकों के प्रोडक्शन कार्यप्रवाह में बदलाव के रूप में बताया। जापानी से अनूदित टिप्पणी में उन्होंने कहा:
यह पहल एआई को एक नए विकल्प के रूप में जोड़ती है और धारावाहिक बनाने के पूरे कार्यप्रवाह को नया रूप देती है।
उनकी बात शुरुआती दौर में छवियां साझा करने को टेलीविज़न के समयबद्ध कार्यक्रम के दबाव से भी जोड़ती है। जब कर्मचारी फिल्मांकन से पहले किसी मुश्किल शॉट के ठोस रूप पर चर्चा कर सकते हैं, तो लोकेशन, तकनीकी काम और विज़ुअल इफेक्ट्स से जुड़े फैसले पहले लिए जा सकते हैं।
हर तिमाही कम से कम एक केंद्रित प्रोडक्शन
फूजी की योजना अक्टूबर 2026 के सीज़न से शुरू होकर, हर प्रसारण तिमाही में कम से कम एक ऐसे ड्रामा से शुरुआत करने की है जिसमें एआई के इस्तेमाल पर खास तौर पर काम होगा। इन प्रोडक्शनों से एआई सैंडबॉक्स को वास्तविक कार्यक्रम बनाने के दौरान तरीके आज़माने के नियमित मौके मिलेंगे।
एक साल में प्रसारण की चार तिमाहियां होती हैं, इसलिए पूरे वर्ष में कम से कम चार ऐसे प्रोडक्शन चुने जाएंगे। शाम के मुख्य समय में फूजी के मौजूदा सालाना 16 स्थलीय धारावाहिकों के साथ यह इस कार्यक्रम का पैमाना भी बताता है: चार, 16 का एक चौथाई है।
अक्टूबर 2027 का व्यापक लक्ष्य ऐसी प्रणाली तैयार करना है जिससे फूजी के सभी प्रोडक्शनों को उपयुक्त एआई तरीकों की सुविधा मिले। फैसले हर ड्रामा और दृश्य की ज़रूरत के हिसाब से होंगे; कर्मचारी फिल्मांकन और डिजिटल तकनीकों का वही मेल चुनेंगे जिसे वे उचित समझें।
फूजी के संगठनात्मक बदलावों, प्रोडक्शन परीक्षणों और विस्तार के लक्ष्यों का क्रम इस प्रकार है:
- जुलाई 2026: फूजी अपने डिजिटल स्ट्रैटेजी ऑफिस में एआई सेंटर स्थापित करता है।
- सितंबर 2026: वांगान स्टूडियो में एआई सैंडबॉक्स का संचालन शुरू होता है।
- अक्टूबर 2026: हर तिमाही एआई पर केंद्रित ड्रामा बनाने का कार्यक्रम शुरू होता है। इसमें इमरजेंसी रूम 24 आवर्स की छठी सीरीज़ शामिल है।
- 5 नवंबर 2026: फूजी व्यापक पहल और अपने प्रोडक्शन लक्ष्य घोषित करता है।
- अक्टूबर 2027: फूजी का लक्ष्य अपने बनाए सभी धारावाहिकों में उपयुक्त एआई इस्तेमाल की सुविधा देने वाली प्रणाली तैयार करना है।
- वित्त वर्ष 2029: फूजी मीडिया होल्डिंग्स का लक्ष्य प्रमुख घरेलू सेवा प्रदाताओं के बराबर एआई क्षमताएं हासिल करना है।
फूजी के ड्रामा स्टूडियो से आगे विस्तार
फूजी की योजना अक्टूबर 2027 के आसपास इस पहल को फूजी मीडिया होल्डिंग्स की वीडियो से जुड़ी कंपनियों तक बढ़ाने की है। वित्त वर्ष 2029 तक समूह का लक्ष्य अग्रणी जापानी सेवा प्रदाताओं के स्तर की एआई क्षमताएं हासिल करना है।
अभी ध्यान प्रोडक्शन के ज़रिए अनुभव जुटाने पर है: तरीके चुनना, दृश्य से जुड़ी समस्याएं हल करना और कर्मचारियों की सीख साझा करना। समूह में विस्तार से यह जानकारी फूजी की अपनी ड्रामा टीमों से आगे, वीडियो बनाने से जुड़े दूसरे व्यवसायों तक पहुँचेगी।
एंडेंट की भागीदारी आंतरिक कार्यक्रम को बाहरी एआई विकास कौशल से जोड़ती है। उसकी स्टू इकाई के सुपरवाइज़र और डिज़ाइनर कहानी, शूटिंग और तैयार छवियों की ज़िम्मेदारी संभालने वाले लोगों के साथ काम करते हैं। फूजी की योजना इस साझेदारी के साथ प्रसारक के भीतर ज्ञान जुटाने के घोषित लक्ष्य को भी जोड़ती है।
जापानी ड्रामा प्रोडक्शन में अन्य जगहों पर भी एआई का इस्तेमाल हो रहा है। टीबीएस ने विवांट में गूगल के वीओ 3 का इस्तेमाल किया है, जो टेलीविज़न ड्रामा में जनरेटिव वीडियो के प्रवेश का एक और उदाहरण है। फूजी की पहल इस व्यापक चलन में एक समर्पित कार्यस्थल, नियमित प्रोडक्शन असाइनमेंट और विस्तार के लिए तय तारीखें जोड़ती है।
मुख्य बातें
- फूजी ने 5 नवंबर 2026 को अपनी एआई सैंडबॉक्स विस्तार योजना घोषित की। इससे पहले सितंबर में टोक्यो के वांगान स्टूडियो में यह कार्यस्थल शुरू हुआ था।
- इमरजेंसी रूम 24 आवर्स की छठी सीरीज़ के एक विस्फोट दृश्य में एआई से तैयार हवाई दृश्य का इस्तेमाल किया गया और उसमें धुआँ जोड़ा गया।
- फूजी के मुताबिक, परीक्षणों में वीडियो प्रोडक्शन के चुने हुए कामों में लगने वाला श्रम 70 से 80 प्रतिशत तक घटा।
- प्रसारक की योजना अक्टूबर 2026 के सीज़न से हर तिमाही कम से कम एक ऐसे ड्रामा की है जिसमें एआई के इस्तेमाल पर ध्यान दिया जाएगा।
- अक्टूबर 2027 तक फूजी के बनाए सभी धारावाहिकों में उपयुक्त एआई इस्तेमाल को समर्थन देने वाली प्रणाली तैयार करने का लक्ष्य है।
- योजना में फूजी मीडिया होल्डिंग्स के वीडियो कारोबार तक विस्तार शामिल है; समूह की एआई क्षमता हासिल करने का लक्ष्य वित्त वर्ष 2029 के लिए तय है।






