निलंबन के बाद कथित ब्लैकमेल को लेकर मामला
एक अंतरंग वीडियो ऑनलाइन प्रसारित होने के बाद, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने 2 नवंबर, 2026 को मैमनसिंह में हुई आपात बैठक में 46 वर्षीय मोहम्मद शाहिदुल्लाह की सदस्यता निलंबित कर दी। विवाद बाद में अदालत पहुंचा। शाहिदुल्लाह ने आरोप लगाया कि सामग्री प्रकाशित करने से पहले कुछ लोगों ने उनसे 30,000 टका मांगे थे।
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मामला दर्ज किए जाने के बारे में प्रकाशित विवरणों के अनुसार, शाहिदुल्लाह ने 5 नवंबर को अश्लीलता नियंत्रण अधिनियम, 2012 की कई धाराओं के तहत मामला दायर किया। इससे पहले उन्होंने मैमनसिंह कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी थी। उपनिरीक्षक गोलाम रब्बानी ने शिकायत मिलने की पुष्टि की और कहा कि पुलिस जांच कर रही है।
विवाद में सामग्री को लेकर परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं। शाहिदुल्लाह ने साक्षात्कारों में कहा कि वीडियो में उनकी पत्नी के साथ निजी पल दिखाया गया है और संभव है कि इसे उनके मोबाइल फोन से लिया गया हो। उनकी लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया कि अज्ञात लोगों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से दंपति की तस्वीरों को संपादित कर ऐसी तस्वीरें और वीडियो बनाए, जिनका मकसद उनके परिवार को नुकसान पहुंचाना था।
मैमनसिंह महानगर जमात के प्रमुख कमरुल अहसान इमरुल ने शाहिदुल्लाह का रुक्न दर्जा अस्थायी रूप से निलंबित किए जाने की पुष्टि की। यह पार्टी सदस्यता की एक श्रेणी है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस मामले को नैतिक दुराचार माना। शाहिदुल्लाह नया बाजार संगठनात्मक थाना इकाई के सदस्य थे और शहर के नौमहल इलाके में अल अरबिया दाखिल मदरसा में कार्यालय सहायक के रूप में काम करते थे।
यह विवाद स्थानीय चुनाव प्रचार तक भी फैल गया। फेसबुक की एक पोस्ट में शाहिदुल्लाह को जमात के महापौर पद के उम्मीदवार शाहिदुल्लाह कैसर से जोड़ा गया। कैसर ने कहा कि राजनीतिक विरोधी उन्हें विवाद में घसीटने के लिए एक प्रचार कार्यक्रम की तस्वीर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
2 नवंबर को वीडियो कैसे फैला
यह सामग्री सोमवार, 2 नवंबर की सुबह सोशल मीडिया पर फैलनी शुरू हुई। वीडियो टेलीग्राम पर साझा किया गया, जबकि स्क्रीनशॉट और इससे जुड़ी सामग्री फेसबुक पर दिखाई दी। दोपहर तक फेसबुक समूह जेन-ज़ी मैमनसिंह की एक पोस्ट में दिखाई गई महिला की पहचान को लेकर आरोप जोड़ा गया।
पोस्ट में दावा किया गया कि वह विदेश में रहने वाले एक व्यक्ति की पत्नी हैं। इसके बजाय, शाहिदुल्लाह ने उन्हें अपनी पत्नी बताया। अंतरंग सामग्री के प्रसार के साथ यह पहचान संबंधी दावा भी सार्वजनिक विवाद का हिस्सा बन गया।
स्थानीय चर्चा और आलोचना के बाद महानगर जमात समिति ने उसी शाम बैठक बुलाई। सदस्यता अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला लेने से पहले पार्टी नेताओं ने शाहिदुल्लाह से बात की। वह इस बात को लेकर अपने दावे पर कायम रहे कि सामग्री कैसे बनाई गई या हासिल की गई और फिर साझा की गई।
वीडियो के बारे में शाहिदुल्लाह का बयान
शाहिदुल्लाह की सार्वजनिक सफाई निजी रिकॉर्डिंग और उनके फोन तक संभावित पहुंच पर केंद्रित थी। वीडियो प्रसारित होने की रात उन्होंने कहा कि वह नहीं बता सकते कि यह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा।
निलंबित जमात सदस्य और मदरसा कार्यालय सहायक शाहिदुल्लाह ने वीडियो के बारे में कहा:
यह वीडियो मेरी पत्नी के साथ रिकॉर्ड किया गया था। मैं नहीं बता सकता कि यह सोशल मीडिया पर कैसे फैला। दुश्मनी के चलते किसी अज्ञात व्यक्ति ने इसे मेरे मोबाइल फोन से फैलाया हो सकता है।
उनकी लिखित शिकायत में तस्वीरें और वीडियो बनाए जाने के बारे में अलग विवरण दिया गया। उसमें आरोप लगाया गया कि अज्ञात लोगों ने उनकी और उनकी पत्नी की तस्वीरें इकट्ठा कीं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, यानी एआई, की मदद से उन्हें संपादित कर ऐसा सामग्री बनाई, जिसका मकसद परिवार को नुकसान पहुंचाना और बदनाम करना था।
एआई उपकरण तस्वीरों में बदलाव कर सकते हैं या मौजूदा तस्वीरों से चलती हुई छवियां बना सकते हैं। इस मामले में आरोप यह है कि प्रसारित सामग्री के साथ छेड़छाड़ की गई थी या नहीं, जबकि शाहिदुल्लाह के साक्षात्कार में फोन से ली गई निजी रिकॉर्डिंग की बात कही गई है। सामग्री असली है या नहीं, वह उनके नियंत्रण से बाहर कैसे गई और उसे किसने प्रसारित किया, ये सवाल अभी अनसुलझे हैं; पुलिस ने तकनीकी जांच के किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है।
कमरुल अहसान इमरुल ने कहा कि शाहिदुल्लाह पार्टी नेताओं को यह भी नहीं बता सके कि उनका फोन हैक हुआ था या वीडियो किसी दूसरे तरीके से फैला।
30,000 टका की मांग
शाहिदुल्लाह ने आरोप लगाया कि वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उनसे पैसे मांगे गए थे। बाद में रकम 30,000 टका बताई गई, जिससे वीडियो को लेकर विवाद में जबरन वसूली का ठोस आरोप जुड़ गया।
बाद में दिए गए उनके बयान के अनुसार, अल अरबिया दाखिल मदरसा के दो पूर्व छात्र, बुरहान सुल्तान मुग्ध और रकीब, मामला सुलझाने के बारे में उनसे मिले और पैसे मांगे। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने मुग्ध के पिता को इसकी जानकारी दी और आरोप लगाया कि इसके बाद मुग्ध नाराज हो गए और उन्हें गालियां दीं।
शाहिदुल्लाह ने आगे आरोप लगाया कि ब्लैकमेल में शामिल लोगों ने पुलिस की पूछताछ से नाराज होकर वीडियो जारी किया। उनके बयान के मुताबिक, 2 नवंबर को वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित होने से पहले पैसे मांगे गए थे।
जांच के लिए कथित घटनाक्रम अहम है: पुलिस निजी सामग्री हासिल करने और वितरित करने की शिकायत की जांच कर रही है, जबकि बाद में दर्ज मामला पैसे देने के लिए कथित दबाव से भी जुड़ा है। ब्लैकमेल का अर्थ है निजी जानकारी उजागर करने जैसी धमकी देकर किसी से पैसे लेने या कोई काम कराने की कोशिश करना।
पुलिस शिकायत से अदालत में मामला
बाद के एक विवरण के अनुसार, शाहिदुल्लाह ने अपनी शुरुआती लिखित शिकायत 27 अक्टूबर को दी थी, यानी वीडियो व्यापक रूप से फैलने से छह दिन पहले। इसमें कहा गया है कि शिकायत मैमनसिंह सदर नंबर 3 पुलिस चौकी को भेजी गई थी और प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक गोलाम रब्बानी को सौंपी गई थी।
रब्बानी ने पुष्टि की कि शाहिदुल्लाह ने एक छात्र की पहचान ऐसे व्यक्ति के रूप में की थी, जिस पर उन्हें वीडियो फैलाने में शामिल होने का संदेह था। अधिकारी ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रिपोर्ट किए गए घटनाक्रम में शुरुआती शिकायत से लेकर नौ दिन बाद अदालत में मामला दायर करने तक की जानकारी शामिल है:
- 27 अक्टूबर, 2026: बाद में मामले के बारे में दी गई जानकारी के अनुसार, शाहिदुल्लाह ने मैमनसिंह कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी।
- 2 नवंबर, सुबह और दोपहर: वीडियो और तस्वीरें ऑनलाइन प्रसारित हुईं। इनमें जेन-ज़ी मैमनसिंह में पोस्ट की गई सामग्री भी शामिल थी।
- 2 नवंबर, शाम: महानगर जमात के नेताओं ने आपात बैठक की और उनकी सदस्यता अस्थायी रूप से निलंबित कर दी।
- 5 नवंबर: शाहिदुल्लाह ने अश्लीलता नियंत्रण अधिनियम, 2012 के तहत मैमनसिंह की नंबर 1 अमली अदालत में मामला दायर किया।
रिपोर्ट के अनुसार, अदालत में दायर मामले में कानून की धाराओं 8(1), 8(2), 8(3), 8(5) और 8(7) का उल्लेख किया गया। शाहिदुल्लाह और पार्टी नेताओं के पहले के बयानों में साइबर कानून के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी की बात कही गई थी; बाद में दायर मामले की पहचान अश्लीलता नियंत्रण अधिनियम के तहत दर्ज मामले के रूप में की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, नामजद आरोपियों में बुरहान सुल्तान मुग्ध, रकीब, बिलाल हुसैन मानिक, खलीलुर रहमान, अनवर हुसैन मंजू और हृदय खान रिसान के साथ अज्ञात लोग भी शामिल हैं। शाहिदुल्लाह ने खास तौर पर मानिक पर 2 नवंबर को इससे जुड़ा एक फोटो कार्ड और वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया। नामजद आरोपियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया या अगली सुनवाई की तारीख घोषित नहीं की गई है।
पार्टी सदस्यता और नौकरी पर असर
कमरुल अहसान इमरुल ने कहा कि महानगर समिति ने शाहिदुल्लाह की सफाई पर विचार किया, लेकिन फिर भी उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला लिया। यह कार्रवाई जमात की नया बाजार इकाई में उनकी रुक्न सदस्यता से संबंधित थी।
महानगर जमात के प्रमुख इमरुल ने अनुशासनात्मक फैसले के बारे में कहा:
फिलहाल उनका रुक्न दर्जा निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मामले को नैतिक दुराचार मानते हुए की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, अल अरबिया दाखिल मदरसा ने भी शाहिदुल्लाह को अस्थायी रूप से निलंबित किया। इस तरह विवाद का असर उनकी राजनीतिक सदस्यता और कार्यालय सहायक की नौकरी, दोनों पर पड़ा।
महानगर जमात के मीडिया विभाग के एक संदेश संपादक ने दो पक्ष रखे: अंतरंग पलों की रिकॉर्डिंग पार्टी की धार्मिक समझ के विपरीत थी, जबकि निजी वीडियो प्रकाशित करना या पैसे वसूलने के लिए उसे सार्वजनिक करने की धमकी देना गंभीर आपराधिक अपराध था। अधिकारी ने जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें कानून के सामने लाने के लिए जांच की मांग की।
इस तरह जमात की प्रतिक्रिया में शाहिदुल्लाह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और कथित तौर पर निजी सामग्री उजागर करने तथा जबरन वसूली में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग, दोनों शामिल थीं। पार्टी ने सदस्यता निलंबित करने के अपने फैसले को अस्थायी बताया।
चुनाव प्रचार की तस्वीर से महापौर उम्मीदवार विवाद में आए
मैमनसिंह महानगर जमात के सचिव और मैमनसिंह सिटी कॉरपोरेशन के महापौर पद के लिए पार्टी उम्मीदवार शाहिदुल्लाह कैसर, चुनाव प्रचार के दौरान की एक तस्वीर के कारण विवाद में आ गए।
अंतरंग सामग्री प्रसारित करने वाली फेसबुक पोस्ट में यह दावा भी किया गया कि प्रचार के दौरान शाहिदुल्लाह, कैसर के करीबी थे। कैसर ने जवाब दिया कि उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में अलग-अलग इलाकों और राजनीतिक दलों के लोग शामिल हुए थे।
चुनाव प्रचार की तस्वीर और शाहिदुल्लाह से संभावित संपर्क के बारे में कैसर ने कहा:
वह व्यक्ति किसी सार्वजनिक जनसंपर्क कार्यक्रम में आया हो सकता है। एक विरोधी समूह उस समय की तस्वीर का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर मुझे विवाद में घसीटने वाला अभियान चला रहा है।
उनके जवाब में तस्वीर को एक सार्वजनिक सभा की छवि बताया गया। कैसर ने एक विरोधी समूह पर उन्हें विवाद से जोड़ने के लिए तस्वीर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, लेकिन उस समूह की पहचान नहीं बताई।
चुनावी विवाद ने शाहिदुल्लाह की सदस्यता और नौकरी से आगे भी असर डाला। एक निजी वीडियो, उसमें दिखाई गई महिला के बारे में एक आरोप और राजनीतिक जनसंपर्क की एक अलग तस्वीर, तीनों एक ही ऑनलाइन चर्चा में जोड़ दिए गए।
मुख्य बातें
- ऑनलाइन अंतरंग सामग्री फैलने के बाद, 2 नवंबर, 2026 को जमात ने मोहम्मद शाहिदुल्लाह की सदस्यता अस्थायी रूप से निलंबित कर दी।
- शाहिदुल्लाह ने अपनी पत्नी के साथ निजी रिकॉर्डिंग की बात कही, जबकि उनकी लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया कि तस्वीरें और वीडियो बनाने या संपादित करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया गया।
- उन्होंने 30,000 टका मांगे जाने का आरोप लगाया और 5 नवंबर को अश्लीलता नियंत्रण अधिनियम, 2012 के तहत अदालत में मामला दायर किया।
- पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की और कहा कि वह जांच कर रही है।
- रिपोर्ट के अनुसार, अल अरबिया दाखिल मदरसा ने भी उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया।
- महापौर पद के उम्मीदवार शाहिदुल्लाह कैसर ने विरोधियों पर उन्हें विवाद में घसीटने के लिए प्रचार की एक तस्वीर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।






