साई नदी के सभी नमूना स्थलों पर आर्सेनिक का स्तर मानक से अधिक
थाईलैंड के प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने पाया कि सितंबर 2026 के अंत में निगरानी के 23वें दौर के दौरान साई नदी के जिन भी स्थलों पर जांच की गई, वहां आर्सेनिक का स्तर राष्ट्रीय सतही जल मानक से अधिक था। सर्वेक्षण में कोक, रुआक, मेकांग और साई नदियों के 23 स्थान शामिल थे। इससे जलापूर्ति की सुरक्षा और थाईलैंड की उत्तरी सीमाओं के पार से आने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए अधिकारियों पर दबाव फिर बढ़ गया है।
विषय-सूची
- साई नदी के सभी नमूना स्थलों पर आर्सेनिक का स्तर मानक से अधिक
- नदी के ताजा नतीजों पर सावधानी से नजर रखना क्यों जरूरी
- पहले के माप से चिंता का पैमाना पता चलता है
- स्वास्थ्य जांच और घरेलू खर्च
- पीने के पानी, मछली और चावल की अलग-अलग जांच जरूरी
- खनन से जुड़े आरोप एक नदी तक सीमित नहीं
- संकट और प्रतिक्रिया का घटनाक्रम
- थाईलैंड पड़ोसी देशों से क्या चाहता है
- तलछट का उपचार और वित्तीय सहायता अलग-अलग काम
- मुख्य बिंदु
विभाग ने कहा कि उस दौर में बाकी तीन नदियों के नतीजे मानक के भीतर थे, हालांकि मेकांग में आर्सेनिक का स्तर बढ़ रहा था। उसने इस रुझान को पड़ोसी देशों से आए बाढ़ के पानी से जोड़ा। प्रांतीय अधिकारियों और प्रांतीय जलापूर्ति प्राधिकरण को सूचित किया गया कि वे जलापूर्ति प्रणालियों में पहुंचने वाले अनुपचारित पानी और घरों तक पहुंचने वाले उपचारित पानी, दोनों की जांच मजबूत करें।
ये निष्कर्ष नवंबर 2026 के अंत में प्रस्तावित थाईलैंड-म्यांमार कार्य समूह की बैठक और उसी महीने लाओस के साथ प्रस्तावित संयुक्त निगरानी से पहले आए हैं। विभाग के अनुसार, उत्तरी थाईलैंड में अब तक की जांच में प्रदूषण का कोई घरेलू स्रोत नहीं मिला है।
नदी किनारे रहने वाले समुदायों के लिए तात्कालिक चिंताएं पीने के पानी से लेकर भोजन, घरेलू खर्च और खेती की सुरक्षा तक फैली हैं। शोधकर्ताओं ने ऐसे स्वास्थ्य संकेतकों की पहचान की है जिनकी आगे निगरानी जरूरी है, जबकि चियांग माई और चियांग राय में सर्वेक्षण किए गए परिवार साफ पानी पाने के लिए अधिक खर्च कर रहे हैं।
नदी के ताजा नतीजों पर सावधानी से नजर रखना क्यों जरूरी
विभाग का 23वां दौर 19 सितंबर को जारी 22वें दौर के नतीजों के बाद हुआ था। उस रिपोर्ट में कोक और साई नदियों के 22 निगरानी स्थलों पर आर्सेनिक का स्तर राष्ट्रीय सीमा से अधिक बताया गया था। सितंबर के अंत के निष्कर्षों में ताजा उल्लंघन साई नदी में दर्ज हुआ, जबकि उस सर्वेक्षण के दौरान कोक नदी का पानी मानक के भीतर था।
नमूने लेने की तारीखों के बीच पानी की स्थिति बदल सकती है। पर्यावरण मंत्री सुचार्ट चोमक्लिन ने 29 अक्टूबर को संसद में कहा कि कोक नदी में प्रदूषण मौसम और अधिक जलस्तर के दौरान तलछट के फिर से बहने से घटता-बढ़ता रहता है। तलछट में मिट्टी, रेत और अन्य पदार्थ शामिल होते हैं, जो नदी तल में जम जाते हैं और तेज धारा होने पर दोबारा नीचे की ओर बह सकते हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि लाओस के बांधों से छोड़ा गया पानी मेकांग में तलछट को हिला सकता है, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि कुछ जांचों में प्रदूषक मिले और कुछ में नहीं। मेकांग में आर्सेनिक का स्तर बढ़ने की विभाग की चिंता को देखते हुए बार-बार नमूने लेना जरूरी है, भले ही ताजा माप मानक के भीतर रहे हों।
सितंबर के अंत के नतीजे सीधे नदियों से लिए गए पानी के नमूनों से जुड़े हैं। उपचारित नल का पानी पीने के पानी के मानकों पर खरा उतरता है या नहीं, यह उपचार के बाद और आपूर्ति नेटवर्क में जांच पर निर्भर करता है। अधिकारियों ने जलापूर्ति कंपनियों से दोनों चरणों की कड़ी निगरानी करने को कहा है; 23वें दौर में अलग-अलग स्थलों पर दर्ज सांद्रता और घरों के नल के पानी के मौजूदा नतीजे घोषणा में नहीं बताए गए।
पहले के माप से चिंता का पैमाना पता चलता है
बिजनेस एंड ह्यूमन राइट्स रिसोर्स सेंटर की नदी प्रदूषण पर रिपोर्ट में माए आई जिले में पहले की गई जांच दर्ज है। इसमें आर्सेनिक का स्तर 0.026 मिलीग्राम प्रति लीटर पाया गया, जबकि उद्धृत सीमा 0.01 मिलीग्राम प्रति लीटर थी। पारे का स्तर 0.076 मिलीग्राम प्रति लीटर था, जबकि उद्धृत सीमा 0.05 थी।
आर्सेनिक के ये माप उद्धृत सीमा से 2.6 गुना और पारे का माप उसकी सीमा से 1.52 गुना था। ये आंकड़े माए आई में पहले हुए प्रदूषण की संख्यात्मक तस्वीर देते हैं; विभाग की ताजा घोषणा एक अलग निगरानी दौर से संबंधित है।
संस्था की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषण 12 लाख लोगों के स्वास्थ्य और आजीविका के लिए खतरा है। इसमें मेकांग नदी आयोग का यह वर्गीकरण भी दर्ज है कि जुलाई 2025 की शुरुआत में सीमाएं पार कर फैलने वाला प्रदूषण मध्यम रूप से गंभीर पर्यावरणीय समस्या था। उस समय आयोग ने मेकांग और कोक के कुछ हिस्सों में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों से अधिक आर्सेनिक की पुष्टि की थी।
आर्सेनिक एक विषैला तत्व है, जिसके लंबे समय तक संपर्क में रहने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। इसकी मौजूदगी के साथ पारे और सीसे को लेकर चिंताएं भी हैं, इसलिए जांच कार्यक्रमों में केवल एक नतीजे पर ध्यान देने के बजाय कई प्रदूषकों की जांच जरूरी है।
स्वास्थ्य जांच और घरेलू खर्च
चियांग माई विश्वविद्यालय के जनस्वास्थ्य संकाय और रोग नियंत्रण विभाग ने माए आई जिले में कोक नदी किनारे रहने वाले लोगों का सर्वेक्षण किया। शुरुआती नतीजों में लिवर एंजाइम और थायरॉयड हार्मोन के स्तर असामान्य पाए गए। इन मापों से डॉक्टरों को अंगों और हार्मोन प्रणालियों की कार्यप्रणाली का आकलन करने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने अभी यह तय नहीं किया है कि इन असामान्यताओं का संबंध नदी के प्रदूषकों से है या नहीं। इसलिए पर्यावरणीय जांच के साथ-साथ लगातार चिकित्सकीय निगरानी भी प्रतिक्रिया का हिस्सा है।
चियांग माई विश्वविद्यालय के जनस्वास्थ्य संकाय की उपाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर वारंगकाना नाक्सेन ने कहा कि चिंता केवल आर्सेनिक को लेकर नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने चेताया है कि समय के साथ शरीर में जमा होने वाला सीसा तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है।
पानी खरीदने से परिवारों पर पहले ही मापने योग्य आर्थिक बोझ पड़ रहा है। चियांग माई और चियांग राय से लिए गए 400 नमूनों के निष्कर्षों के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लगभग सभी परिवारों को पीने के लिए पानी खरीदना पड़ा। उन्होंने हर महीने 1,800 बाट का अतिरिक्त खर्च बताया। इस मासिक दर से एक परिवार साल भर में 21,600 बाट खर्च करेगा।
कोक नदी स्वास्थ्य प्रभाव आकलन परियोजना की सलाहकार सीनेटर मानेरात खेमा वोंग ने कहा कि लोग लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क और अपनी जीवनशैली में बाधा को लेकर चिंतित हैं। नदियों पर निर्भर परिवारों के लिए पानी खरीदना बार-बार होने वाला खर्च है, जबकि व्यापक समस्या भोजन और आय को भी प्रभावित करती है।
पीने के पानी, मछली और चावल की अलग-अलग जांच जरूरी
लोगों को नदी का अनुपचारित पानी पीने या खाना पकाने में इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी गई है। पानी उबालने से कई रोगाणु मर जाते हैं, लेकिन आर्सेनिक नहीं निकलता। इसलिए पीने के लिए ऐसे पानी की आपूर्ति जरूरी है जिसके उपचार और गुणवत्ता जांच में रासायनिक प्रदूषण का ध्यान रखा गया हो।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को कोक और साई नदियों के कुछ हिस्सों में पकड़ी गई मछली, झींगा और अन्य जलीय जीव खाने से भी बचने की सलाह दी है, जहां आर्सेनिक और अन्य धातुओं का स्तर मानकों से अधिक था। यह सलाह प्रभावित नदी क्षेत्रों से संबंधित है, इसलिए उन लोगों के लिए स्थानीय सूचनाएं महत्वपूर्ण हैं जो भोजन के लिए मछली पकड़ते हैं या अपनी पकड़ बेचते हैं।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग चावल समेत कृषि उपज की जांच के लिए समन्वय कर रहा है। संसद में पीपुल्स पार्टी के चियांग माई सांसद फत्ताराफोंग लीलाफात ने धान के पौधों में आर्सेनिक और सीसे को लेकर चिंता जताई। विभाग ने कहा कि वह कृषि प्रदूषण से जुड़ी जानकारी अभी जुटा रहा है।
नदी के नमूने लेना, खाने योग्य फसलों की जांच करना और उपचारित पीने के पानी की गुणवत्ता देखना, तीन अलग-अलग व्यावहारिक सवालों के जवाब देते हैं। किसानों को सिंचाई और उपज की जानकारी चाहिए, मछली पकड़ने वाले परिवारों को अपनी पकड़ के बारे में मार्गदर्शन और जलापूर्ति कंपनियों को यह बताने वाले माप चाहिए कि उनके उपचार संयंत्रों में क्या पानी पहुंचता है और वहां से क्या निकलता है।
खनन से जुड़े आरोप एक नदी तक सीमित नहीं
म्यांमार के तचिलेक प्रांत की 20 से अधिक खदानों पर कोक और साई नदियों में अनुपचारित अपशिष्ट जल छोड़ने का आरोप लगाया गया है। रिसोर्स सेंटर की रिपोर्ट में यह आरोप भी दर्ज है कि 2023 से चार चीनी कंपनियों ने म्यांमार में खनन गतिविधियां तेज कीं। इसके साथ ही शान राज्य में सोने के खनन, वनों की कटाई और दुर्लभ मृदा तत्वों के बढ़ते निष्कर्षण को लेकर चिंताएं भी बताई गई हैं।
रिपोर्ट में उद्धृत नवंबर 2025 के एक डेटासेट में म्यांमार, लाओस और कंबोडिया में 2,400 से अधिक अनियमित खनन स्थलों की पहचान की गई। इस क्षेत्रीय सूची का दायरा उन खदानों से कहीं व्यापक है जिन पर कोक और साई में प्रदूषण फैलाने का आरोप है। इन दोनों विवरणों से पता चलता है कि थाईलैंड अपने क्षेत्र से बाहर भी सहयोग क्यों तलाश रहा है।
बैंकॉक स्थित चीनी दूतावास ने चीनी कंपनियों से जुड़े आरोपों पर 8 जून 2025 को जवाब देते हुए कहा:
विदेशों में काम करने वाली चीनी कंपनियों को स्थानीय कानूनों और नियमों का पालन करना आवश्यक है
दूतावास ने मैत्रीपूर्ण संवाद के जरिए समाधान की अपील की। जून 2026 में उसने फिर बातचीत का आह्वान किया और कहा कि चीनी सरकार विदेशों में काम करने वाली कंपनियों से पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण संबंधी नियमों के अनुपालन को महत्व देने की अपेक्षा करती है।
थाईलैंड ने म्यांमार के सैन्य अधिकारियों और जातीय सशस्त्र बलों से जुड़ी बातचीत में सहयोग के लिए जापान और ऑस्ट्रेलिया से मदद मांगी है। खनन क्षेत्रों में अलग-अलग अधिकारियों की मौजूदगी से वहां पहुंच हासिल करने, अपशिष्ट जल की जांच करने और ऊपर की ओर प्रदूषण रोकने के प्रयास जटिल हो जाते हैं।
संकट और प्रतिक्रिया का घटनाक्रम
दो साल से अधिक समय में बाढ़, सार्वजनिक विरोध और निगरानी के लगातार दौर ने प्रतिक्रिया को दिशा दी है। प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
- सितंबर 2024: बाढ़ का गंदा पानी म्यांमार के पेंग खाम और चियांग माई के थातोन समेत कई समुदायों तक पहुंचा।
- 14 मार्च 2025: नदियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई दिवस पर थातोन के 700 से अधिक निवासी कोक नदी की सुरक्षा की मांग को लेकर एकजुट हुए।
- जुलाई 2025 की शुरुआत: मेकांग नदी आयोग ने सीमाएं पार कर फैलने वाले प्रदूषण को मध्यम रूप से गंभीर पर्यावरणीय समस्या बताया।
- नवंबर 2025: एक क्षेत्रीय डेटासेट में म्यांमार, लाओस और कंबोडिया में 2,400 से अधिक अनियमित खनन स्थलों की पहचान की गई।
- मई 2026 के अंत से जून की शुरुआत तक: निवासियों और नागरिक समूहों ने सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए तीर्थयात्रा निकाली।
- सितंबर 2026: थाईलैंड ने निगरानी के 22वें दौर के नतीजे जारी किए और चार नदियों में 23वां दौर पूरा किया।
- 29 अक्टूबर 2026: शुरुआती स्वास्थ्य निष्कर्षों पर ध्यान जाने के बीच मंत्रियों और सांसदों ने संसद में प्रतिक्रिया पर बहस की।
- नवंबर 2026: लाओस के साथ संयुक्त निगरानी और म्यांमार के साथ कार्य समूह की बैठक की योजना बनाई गई।
अगले निर्धारित कूटनीतिक कदमों में नदी के ऊपरी हिस्सों की स्थितियों की जांच और पड़ोसी देशों के बीच प्रदूषण मापने के तरीके पर सहमति, दोनों शामिल हैं।
थाईलैंड पड़ोसी देशों से क्या चाहता है
प्रदूषण नियंत्रण विभाग नवंबर के अंत में होने वाली थाईलैंड-म्यांमार कार्य समूह की बैठक में प्रदूषण के कारणों का पता लगाने और प्रतिक्रिया पर सहमति बनाने की योजना बना रहा है। वह नवंबर में लाओस की सीमा के पास पानी की गुणवत्ता का संयुक्त मापन कराने के लिए मेकांग नदी आयोग के जरिए भी समन्वय कर रहा है।
सुचार्ट ने संसद में कहा कि थाईलैंड ने लाओस से नदी के दोनों किनारों पर एक-दूसरे के अनुरूप निगरानी केंद्र स्थापित करने में सहयोग मांगा है। एक जैसे स्थानों और नमूना लेने की व्यवस्थाओं से दोनों देशों को तुलनीय परिस्थितियों में प्रदूषण का आकलन करने में मदद मिलेगी।
29 अक्टूबर की बहस के दौरान फत्ताराफोंग ने सरकार की प्रगति पर सवाल उठाते हुए कहा कि म्यांमार के साथ मौजूदा व्यवस्थाएं समस्या हल करने में नाकाम रही हैं और आरोप लगाया कि नई खदानें खुलती जा रही हैं। उन्होंने कोक नदी की स्थिति के बारे में मंत्री के बयान पर भी सवाल उठाया। सुचार्ट ने कहा कि वह प्रदूषण नियंत्रण विभाग के महानिदेशक से सांसद के साथ निष्कर्षों पर समन्वय करने को कहेंगे।
इस चर्चा से नवंबर की वार्ता का एक ठोस काम सामने आता है: बार-बार किए गए माप और शिकायतों को नदी के ऊपरी हिस्सों में समन्वित कार्रवाई में बदलना और साथ ही नीचे की ओर रहने वाले समुदायों को बदलती स्थिति की जानकारी देते रहना।
तलछट का उपचार और वित्तीय सहायता अलग-अलग काम
विभाग दूषित तलछट के प्रबंधन का अध्ययन करने और भारी धातुओं का पता लगाने के उपकरण विकसित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन, जापान, एससीजी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ काम कर रहा है।
नदी तल की तलछट पर विशेष सावधानी जरूरी है, क्योंकि प्रदूषक उसमें जम सकते हैं और तलछट के हिलने पर फिर से फैल सकते हैं। रिसोर्स सेंटर की रिपोर्ट में उद्धृत पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेताया है कि कोक नदी से तलछट निकालने की प्रस्तावित योजना प्रदूषित पदार्थों को हिलाकर प्रदूषण और बढ़ा सकती है। इसलिए तलछट प्रबंधन पर शोध का पुनर्बहाली के काम के तरीके पर सीधा असर पड़ता है।
वित्तीय सहायता भी विवाद का एक और मुद्दा है। विभाग ने कहा कि 1992 के राष्ट्रीय पर्यावरण गुणवत्ता संवर्धन और संरक्षण अधिनियम की धारा 23 के तहत स्थापित पर्यावरण कोष, पर्यावरणीय परियोजनाओं के लिए एजेंसियों और निजी संस्थाओं को सहायता या ऋण देता है, लेकिन व्यक्तियों को सीधे मुआवजा देने की कोई व्यवस्था नहीं है।
संसदीय बहस के दौरान फत्ताराफोंग ने धारा 23(4) का हवाला देते हुए कहा कि इसके प्रावधान पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सहायता दे सकते हैं। विभाग के घोषित रुख के अनुसार, अतिरिक्त पानी खर्च झेल रहे परिवारों के पास इस कोष के जरिए सीधे व्यक्तिगत मुआवजा पाने का रास्ता नहीं है।
मुख्य बिंदु
- सितंबर 2026 के अंत में निगरानी के दौर में जांचे गए साई नदी के सभी स्थलों पर आर्सेनिक का स्तर थाईलैंड के सतही जल मानक से अधिक था।
- सर्वेक्षण में चार नदियों के 23 स्थल शामिल थे। उस दौर में कोक, रुआक और मेकांग का पानी मानक के भीतर था, हालांकि मेकांग में आर्सेनिक का स्तर बढ़ रहा था।
- जलापूर्ति कंपनियों से अनुपचारित स्रोत जल और उपचारित नल के पानी, दोनों की जांच मजबूत करने को कहा गया।
- शुरुआती स्वास्थ्य शोध में सर्वेक्षण किए गए निवासियों के लिवर एंजाइम और थायरॉयड हार्मोन के स्तर असामान्य पाए गए; कारण की जांच जारी है।
- सर्वेक्षण के निष्कर्षों के अनुसार, साफ पानी के लिए घरेलू खर्च हर महीने 1,800 बाट बढ़ा।
- नवंबर 2026 में म्यांमार के साथ वार्ता और लाओस के साथ संयुक्त निगरानी की योजना बनाई गई।
- दूषित तलछट पर शोध जारी है, जबकि पर्यावरण कोष में व्यक्तियों को सीधे मुआवजा देने की कोई व्यवस्था नहीं है।






