ऑकलैंड में जीत के साथ तीन रिकॉर्ड और पहली विजय
ग्लेन फिलिप्स ने 49 गेंदों में 107 रन बनाए और जैकब डफी ने 23 रन देकर चार विकेट लिए। इसकी बदौलत न्यूजीलैंड ने 30 अक्टूबर, 2026 को ऑकलैंड के ईडन पार्क में भारत को 87 रन से हराया। मेजबान टीम ने 7 विकेट पर 259 रन बनाए, जो उसका टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वोच्च स्कोर है। जवाब में भारत को 9 विकेट पर 172 रन पर रोक दिया गया।
विषय-सूची
- ऑकलैंड में जीत के साथ तीन रिकॉर्ड और पहली विजय
- भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन शुरुआती विकेट से मिली राहत सीमित रही
- फिलिप्स ने तेज शतक से पारी को नई रफ्तार दी
- ब्रेसवेल की पारी ने साझेदारी को निर्णायक बनाया
- आखिरी पांच ओवर में भारत ने दिए 85 रन
- डफी ने पहले ही ओवर में लक्ष्य का पीछा रोक दिया
- भारत को बाउंड्री मिलीं, लेकिन कोई साझेदारी नहीं टिक सकी
- कप्तानों ने गेंदबाजी और ईडन पार्क के हालात के मुताबिक ढलने पर जोर दिया
- हैमिल्टन में सीरीज का समापन, भारत पहले ही कर चुका है अपने नाम
- मुख्य बातें
इस नतीजे से पांच मैचों की सीरीज में न्यूजीलैंड को पहली जीत मिली और इस प्रारूप में भारत के खिलाफ रन के लिहाज से उसकी सबसे बड़ी जीत दर्ज हुई। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम शुरुआती तीनों मैच जीतकर पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी थी। अब 1 नवंबर को हैमिल्टन में होने वाले आखिरी मैच से पहले भारत 3-1 से आगे है।
न्यूजीलैंड का स्कोर 2022 में स्कॉटलैंड के खिलाफ उसके पिछले सर्वोच्च स्कोर 5 विकेट पर 254 रन से पांच रन अधिक था। यह साल की शुरुआत में साउथैम्पटन में भारत के खिलाफ इंग्लैंड के 257 रन के पिछले सर्वोच्च टी20 अंतरराष्ट्रीय स्कोर से भी दो रन ज्यादा था। जीत के अंतर ने भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड की पिछली सर्वश्रेष्ठ जीत को पीछे छोड़ दिया। उसने 2019 में भारत को 80 रन से हराया था।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की आधिकारिक मैच रिपोर्ट में स्कोर, फिलिप्स के शतक और डफी के गेंदबाजी आंकड़ों की पुष्टि की गई है। इन प्रदर्शनों ने सीरीज के परिचित सिलसिले को बदल दिया: न्यूजीलैंड ने आखिरकार बड़ा स्कोर बनाने के साथ शुरुआती विकेट लेकर भारत की लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश को रोक दिया।
भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन शुरुआती विकेट से मिली राहत सीमित रही
अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने वैभव सूर्यवंशी और भुवनेश्वर कुमार की जगह ईशान किशन और मयंक यादव को टीम में शामिल किया। किशन चोट से वापसी कर रहे थे, जबकि मयंक ने तुरंत दिखा दिया कि उनका चयन क्यों किया गया।
टिम सीफर्ट पहले ओवर में तीन रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद डेरिल मिचेल ने तीसरे ओवर में मयंक पर दो चौके और दो छक्के लगाए, लेकिन उसी ओवर में बाद में एलबीडब्ल्यू होकर 24 रन पर आउट हो गए। न्यूजीलैंड का स्कोर 2 विकेट पर 34 रन था। भारत को विकेट मिलने के साथ चेतावनी भी मिल गई थी: विकेट गिर रहे थे, लेकिन चौके-छक्के भी लग रहे थे।
फिलिप्स और फिन एलन ने रन गति को धीमा किए बिना पारी को संभाला। दोनों ने 59 रन जोड़े और छह ओवर के पावरप्ले के बाद न्यूजीलैंड का स्कोर 2 विकेट पर 67 रन था। पावरप्ले पारी का शुरुआती चरण होता है, जब फील्डिंग की पाबंदियों के कारण बाउंड्री के पास कम खिलाड़ी तैनात रहते हैं।
एलन 17 गेंदों में 31 रन बनाकर अक्षर पटेल की गेंद पर कैच आउट हुए। इसके बाद बेवन जैकब्स सात रन बनाकर आउट हो गए और मयंक ने अपना तीसरा विकेट लिया। 11वें ओवर में न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 112 रन था। शुरुआती अच्छी स्थिति को बड़े स्कोर में बदलने के लिए उसे अब भी एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी।
फिलिप्स ने तेज शतक से पारी को नई रफ्तार दी
फिलिप्स ने पारी की रफ्तार बढ़ाई। उन्होंने 31 गेंदों में 50 रन पूरे किए और शतक तक पहुंचने के लिए सिर्फ 15 गेंदें और लीं। 19वें ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर सीधे छक्का लगाकर उन्होंने शतक पूरा किया।
निर्णायक हमला 16वें ओवर में आया, जिसे नीतीश कुमार रेड्डी ने फेंका। फिलिप्स ने लगातार चार छक्के लगाए और इस ओवर में 32 रन बने। इससे न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 174 से 4 विकेट पर 206 रन हो गया। छह वैध गेंदों में भारत ने मध्य ओवरों में हासिल किया नियंत्रण काफी हद तक गंवा दिया।
फिलिप्स ने छह चौके और 10 छक्के लगाए। इन बाउंड्री से उनके 107 रनों में 84 रन आए, यानी उनकी पारी के लगभग चार-पांचवें हिस्से से। रेड्डी ने आखिरी ओवर में उन्हें आउट किया, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड राष्ट्रीय रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुका था।
यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में फिलिप्स का तीसरा शतक था। इसके साथ वह न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा शतकों के मामले में फिन एलन और कॉलिन मुनरो के बराबर पहुंच गए। सीरीज में उनके स्कोर अब नाबाद 82, 70, 17 और 107 हैं। उनका औसत 92 के साथ कुल 276 रन है। बल्लेबाजी औसत निकालने के लिए कुल रनों को आउट होने की संख्या से भाग दिया जाता है; इन चार पारियों में फिलिप्स तीन बार आउट हुए।
ब्रेसवेल की पारी ने साझेदारी को निर्णायक बनाया
माइकल ब्रेसवेल ने 25 गेंदों में 65 रन बनाए, जिसमें चार चौके और छह छक्के शामिल थे। पांचवें विकेट के लिए फिलिप्स के साथ उनकी 115 रन की साझेदारी भारत की मैच में सबसे बड़ी साझेदारी से दोगुने से भी अधिक थी। भारत की सबसे बड़ी साझेदारी 46 रन की रही।
विस्तृत मैच विवरण के मुताबिक साझेदारी 41 गेंदों तक चली, जबकि कुछ अन्य विवरणों में इसे 40 गेंद का बताया गया है। दोनों ही आंकड़े रन बनाने की रफ्तार दिखाते हैं: इस जोड़ी ने प्रति गेंद लगभग तीन रन बनाए और न्यूजीलैंड की पारी को नई ऊंचाई पर पहुंचाया। प्रिंस यादव ने ब्रेसवेल को एलबीडब्ल्यू आउट करके यह साझेदारी तोड़ी।
आईसीसी के अनुसार ब्रेसवेल ने 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि दो मैच विवरणों में यह आंकड़ा 18 गेंद है। उन्होंने लगातार चार गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाकर अक्षर पर हमला किया। फिर मयंक की रफ्तार का इस्तेमाल करते हुए फ्लिक और स्कूप से गेंद को बाउंड्री के पार भेजा।
प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए फिलिप्स ने बताया कि उन्होंने और ब्रेसवेल ने हवा की दिशा और मैदान के किस छोर से शॉट लगाना आसान होगा, इस पर चर्चा की थी। बल्लेबाजी की परिस्थितियों के बारे में उन्होंने कहा:
बल्लेबाजी के लिए पिच बहुत अच्छी थी और मुझे लगता है कि हमने इसका पूरा फायदा उठाया, जो शानदार है,
न्यूजीलैंड ने 20 छक्के और 14 चौके लगाए। इन शॉट से ही 176 रन बने, जो भारत के कुल 172 रन से भी अधिक थे। फिलिप्स और ब्रेसवेल ने मिलकर 16 छक्के और 10 चौके लगाए।
आखिरी पांच ओवर में भारत ने दिए 85 रन
15 ओवर के बाद न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 174 रन था। आखिरी पांच ओवरों में उसने 85 रन जोड़े और इस दौरान प्रति ओवर 17 रन बनाए। भारत को जीत के लिए 260 रन का लक्ष्य मिला, यानी पूरे लक्ष्य का पीछा करते हुए उसे प्रति ओवर 13 रन बनाने थे।
भारत की ओर से मयंक ने चार ओवर में 48 रन देकर सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए। अर्शदीप ने 38 रन देकर एक, प्रिंस ने 49 रन देकर एक और रेड्डी ने 64 रन देकर एक विकेट लिया। अक्षर ने तीन ओवर में 43 रन दिए, जबकि नमन धीर के एक ओवर में 16 रन बने।
रेड्डी के गेंदबाजी आंकड़े दिखाते हैं कि 16वां ओवर उनके लिए कितना भारी रहा: उन्हें दिए गए 64 रनों में से आधे इसी ओवर में बने। आखिर में फिलिप्स को आउट करने से भी भारत को सीमित राहत ही मिली।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर को आउट करके अर्शदीप ने व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में 150 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए। यह उपलब्धि ऐसी पारी के दौरान आई, जिसमें भारत विकेट तो लेता रहा, लेकिन उनके बीच रन बनाने की गति पर अंकुश नहीं लगा सका।
डफी ने पहले ही ओवर में लक्ष्य का पीछा रोक दिया
संजू सैमसन ने भारत की पारी शुरू करते हुए डफी की पहली गेंद पर चौका लगाया। अगली गेंद पर विकेटकीपर सीफर्ट ने उन्हें कैच कर लिया। इसके बाद किशन खाता खोले बिना कैच और बोल्ड हुए। पहले ओवर में ही भारत के दो विकेट गिर चुके थे।
क्राइस्टचर्च में भारत के पहले मैच में लक्ष्य का पीछा करने में सैमसन की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने 33 गेंदों में 67 रन बनाए थे और भारत ने दो गेंद शेष रहते 226 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया था। ऑकलैंड में लक्ष्य इससे बड़ा था और भारत के पास बल्लेबाजी के विकल्प तुरंत कम पड़ गए।
बाद में डफी ने धीर को 28 रन पर और अर्शदीप को खाता खोले बिना लगातार गेंदों पर आउट किया। उनके 23 रन देकर चार विकेट के आंकड़े ने 2017 में राजकोट में ट्रेंट बोल्ट के 34 रन देकर चार विकेट के प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। भारत के खिलाफ किसी न्यूजीलैंड तेज गेंदबाज का यह सर्वश्रेष्ठ टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन है।
आईसीसी ने डफी के आंकड़े 23 रन देकर चार विकेट दर्ज किए हैं, हालांकि एक लाइव मैच विवरण में 29 रन देकर चार विकेट का जिक्र था। भारत के खिलाफ उनके चार ओवरों में प्रति ओवर छह से भी कम रन बने, जबकि भारत को शुरुआत से प्रति ओवर 13 रन चाहिए थे।
डफी के करियर में 51 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 67 विकेट हो गए हैं। इनमें छह पारियों में उन्होंने चार विकेट लिए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 14 रन देकर चार विकेट का रहा है। इस प्रदर्शन से उनका ऐसा साल भी बेहतर हुआ, जिसमें 13 मैचों में उन्होंने 32.85 के औसत से 14 विकेट लिए थे।
भारत को बाउंड्री मिलीं, लेकिन कोई साझेदारी नहीं टिक सकी
अभिषेक शर्मा और अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 46 रन जोड़कर पारी को कुछ देर संभाला। विस्तृत स्कोरकार्ड और मैच विवरण में अभिषेक के 15 गेंदों पर 27 रन बताए गए हैं, हालांकि एक अन्य विवरण में उनका स्कोर 35 रन है। मैथ्यू फिशर की गेंद पर सैंटनर ने उनका कैच पकड़ा।
अय्यर ने 11 गेंदों में 22 रन बनाए, फिर एडम मिल्ने की गेंद पर बोल्ड हो गए। पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर 4 विकेट पर 61 रन था। यह इसी चरण में न्यूजीलैंड के स्कोर से केवल छह रन कम था, लेकिन भारत के दोगुने विकेट गिर चुके थे। अतिरिक्त बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने से कठिन लक्ष्य का पीछा करना और मुश्किल हो गया।
इसके बाद सैंटनर ने अपने पहले ओवर में रेड्डी को 21 और अक्षर को सात रन पर आउट किया। धीर ने 28 रन बनाकर कुछ देर के लिए रन गति बढ़ाई, लेकिन डफी ने उनकी पारी खत्म कर दी। 11 ओवर और तीन गेंदों के बाद भारत का स्कोर 8 विकेट पर 121 रन था और प्रमुख आक्रामक बल्लेबाज आउट हो चुके थे।
तिलक वर्मा ने 35 रन बनाकर शीर्ष स्कोर किया, फिर फिशर ने पारी के आखिरी से पहले वाले ओवर में उन्हें आउट किया। मूल मैच विवरण और विस्तृत स्कोरकार्ड में उनकी पारी 35 गेंद की दर्ज है, जबकि एक अन्य विवरण में 32 गेंद बताई गई हैं। प्रिंस 18 और मयंक तीन रन बनाकर नाबाद रहे। आखिरी ओवर में प्रिंस के छक्के समेत नौ रन बने और भारत 9 विकेट पर 172 रन तक पहुंचा।
विस्तृत स्कोरकार्ड में फिशर ने 40 रन देकर दो विकेट और सैंटनर ने 24 रन देकर दो विकेट लिए हैं, हालांकि दो मैच विवरणों में सैंटनर के आंकड़े 23 रन देकर दो विकेट हैं। मिल्ने ने बाकी एक विकेट लिया। न्यूजीलैंड की कामयाबी किसी एक स्पेल के बजाय लगातार विकेट लेने से मिली।
कप्तानों ने गेंदबाजी और ईडन पार्क के हालात के मुताबिक ढलने पर जोर दिया
अय्यर ने माना कि भारत की गेंदबाजी के कारण न्यूजीलैंड मैच पर हावी हो गया। भारतीय कप्तान ने कहा:
मुझे लगता है कि हमने शुरुआत में गेंदबाजी में थोड़ी कमी छोड़ी।
अय्यर ने फिलिप्स की निरंतरता की तारीफ की और कहा कि भारत हैमिल्टन से पहले अपनी योजनाओं के अमल की समीक्षा करेगा। उन्होंने ईडन पार्क के मैदान के आयामों के मुताबिक ढलने की चुनौती का भी जिक्र किया, खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो पहली बार यहां खेल रहे थे।
सैंटनर ने पिच की उछाल का फायदा उठाने और पावरप्ले में विकेट लेने की न्यूजीलैंड की क्षमता पर जोर दिया। न्यूजीलैंड के कप्तान ने कहा:
जाहिर है, 260 अच्छा स्कोर है, लेकिन आपको इन खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी करनी होती है और मुझे लगता है कि हमने ऐसा किया।
फिलिप्स ने यह भी बताया कि हैमस्ट्रिंग की परेशानी के कारण वह फील्डिंग में पूरी तरह हिस्सा नहीं ले सके। उन्होंने कहा कि यह एहतियातन लिया गया फैसला था। हैमिल्टन में उनकी उपलब्धता की पुष्टि नहीं हुई थी। ऑकलैंड मैच के दो दिन बाद आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय खेला जाना है।
हैमिल्टन में सीरीज का समापन, भारत पहले ही कर चुका है अपने नाम
भारत की शुरुआती तीन जीत का मतलब है कि न्यूजीलैंड सीरीज में 3-2 से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकता। फिर भी मेजबान टीम अपनी पहली जीत, राष्ट्रीय स्कोरिंग रिकॉर्ड और इस सबूत के साथ हैमिल्टन जाएगी कि उसकी गेंदबाजी ऐसी टीम को रोक सकती है जो लगातार तीन मैचों में लक्ष्य का पीछा कर चुकी थी।
आईसीसी के अनुसार सीरीज का कार्यक्रम और नतीजे इस प्रकार हैं:
- 22 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च: भारत ने पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय चार विकेट से जीता।
- 24 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च: भारत ने दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय चार विकेट से जीता।
- 27 अक्टूबर, वेलिंगटन: भारत ने तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय छह विकेट से जीता और सीरीज अपने नाम की।
- 30 अक्टूबर, ऑकलैंड: न्यूजीलैंड ने चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय 87 रन से जीता।
- 1 नवंबर, हैमिल्टन: पांचवां और आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय निर्धारित है।
इसके बाद दौरे में पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और दो टेस्ट मैच होंगे। भारत की निर्धारित वनडे कप्तानी में बदलाव के तहत पहले तीन वनडे में शुभमन गिल कप्तानी करेंगे और आखिरी दो में अय्यर यह जिम्मेदारी संभालेंगे। पहला वनडे 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेला जाना है।
मुख्य बातें
- न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में भारत को 87 रन से हराकर टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में पहली जीत दर्ज की।
- मेजबान टीम ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड 7 विकेट पर 259 रन बनाए और भारत को 9 विकेट पर 172 रन पर रोक दिया।
- ग्लेन फिलिप्स ने 49 गेंदों में 107 और माइकल ब्रेसवेल ने 25 गेंदों में 65 रन बनाए।
- जैकब डफी ने 23 रन देकर चार विकेट लिए, जिनमें पहले ओवर के दो विकेट शामिल थे।
- अर्शदीप सिंह टी20 अंतरराष्ट्रीय में 150 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने।
- 1 नवंबर को हैमिल्टन में होने वाले आखिरी मैच से पहले भारत सीरीज में 3-1 से आगे है।






