निजी कैमरा संचालकों को प्रवर्तन की नई भूमिका
उज्बेकिस्तान में उद्यमियों द्वारा लगाए गए ट्रैफिक कैमरे 1 नवंबर, 2026 से सीट बेल्ट नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को दर्ज कर सकेंगे। उपकरण से ऐसी तस्वीरें ले पाना जरूरी होगा, जिनमें चालक का चेहरा और सीट बेल्ट पहने होने या न होने की स्थिति स्पष्ट दिखे। साथ ही, उसे घटना का विवरण अपने आप भेजना होगा और बिजली गुल होने पर कम-से-कम आठ घंटे तक काम करते रहना होगा।
विषय-सूची
यह बदलाव 29 अक्टूबर, 2026 के मंत्रिमंडल के प्रस्ताव संख्या 596 में किया गया है, जिसकी घोषणा न्याय मंत्रालय ने की। इसके तहत 21 अप्रैल, 2021 के प्रस्ताव संख्या 232 में संशोधन किया गया है। यह प्रस्ताव ट्रैफिक उल्लंघनों को दर्ज करने वाली विशेष स्वचालित प्रणालियों को नियंत्रित करता है।
वाहन चालकों के लिए व्यावहारिक बदलाव यह है कि मौजूदा अपराध का पता लगाने वाली प्रणालियों का दायरा बढ़ रहा है। स्वचालित कैमरों ने अक्टूबर 2023 में बिना सीट बेल्ट पहने वाहन चलाने वालों को दर्ज करना शुरू किया था। नवंबर का यह कदम इस भूमिका को निजी कारोबारों द्वारा लगाए गए निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले उपकरणों तक बढ़ाता है।
यह अनुमति ट्रैफिक अपराध दर्ज करने वाली विशेष प्रणालियों से जुड़ी है। उनकी तस्वीरों और उनसे संबंधित डेटा को प्रशासनिक प्रक्रिया में शामिल किए जाने से पहले तकनीकी आवश्यकताओं पर खरा उतरना होगा। प्रस्ताव में उन खास शहरों या सड़क के हिस्सों का उल्लेख नहीं है, जहां ये उपकरण इस्तेमाल किए जाएंगे।
इस कदम से उज्बेकिस्तान के सीट बेल्ट नियमों में एक कमी पर भी नए सिरे से ध्यान गया है। मई 2022 से वाहन चलने से पहले चालकों और आगे की सीटों पर बैठे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य है, लेकिन ऐसा न करने वाले यात्रियों के लिए कानून में अब भी कोई जुर्माना नहीं है। पीछे की सीटों पर सीट बेल्ट और बच्चों के लिए तय सुरक्षा उपकरण अनिवार्य नहीं, बल्कि अनुशंसित हैं।
1 नवंबर से क्या बदलेगा?
प्रस्ताव संख्या 596 से उन उल्लंघनों का दायरा बढ़ेगा जिन्हें उद्यमियों द्वारा लगाई गई स्वचालित प्रणालियां दर्ज कर सकती हैं। इसके प्रावधानों में वाहन चलाते समय और यात्रियों को ले जाते समय चालकों द्वारा सीट बेल्ट नियमों का पालन करना शामिल है।
तस्वीर में जिस व्यक्ति का चेहरा और सीट बेल्ट की स्थिति दिखना जरूरी है, वह चालक है। इस शर्त के तहत कैमरे की नई अनुमति में चालक का आचरण केंद्र में रहेगा, जबकि यात्रियों की अलग कानूनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।
तारीखों से पता चलता है कि यह विस्तार पहले हुए बदलावों की कड़ी का हिस्सा है:
- 21 अप्रैल, 2021: मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव संख्या 232 अपनाया, जिसमें नवीनतम कदम के तहत संशोधन किया गया है।
- मई 2022: वाहन चलने से पहले आगे की सीटों पर बैठे चालकों और यात्रियों के लिए सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य करने वाले ट्रैफिक नियम लागू हुए।
- अक्टूबर 2023: स्वचालित प्रणालियों ने सीट बेल्ट न पहनने वाले चालकों को दर्ज करना शुरू किया।
- 29 अक्टूबर, 2026: प्रस्ताव संख्या 596 के जरिए निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाली निजी प्रणालियों को इन उल्लंघनों को दर्ज करने की अनुमति दी गई।
- 1 नवंबर, 2026: नई अनुमति लागू होगी।
इस तरह, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों का स्वचालित पता लगाना शुरू होने के करीब तीन साल बाद इसका दायरा बढ़ रहा है। निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले ट्रैफिक कैमरे चलाने वाले कारोबार अब तकनीकी जिम्मेदारियों के साथ एक और तरह का उल्लंघन दर्ज कर सकेंगे।
तस्वीर में क्या दिखना जरूरी है?
तस्वीर इतनी स्पष्ट होनी चाहिए कि चालक का चेहरा पहचाना जा सके और यह तय हो सके कि उसने सीट बेल्ट पहनी थी या नहीं। तस्वीर में ये दोनों बातें दिखना जरूरी है।
सिर्फ कैमरे के सामने से गुजरते वाहन की तस्वीर लेना पर्याप्त नहीं है। इस तरह के उल्लंघन के लिए उपकरण को वाहन चालक की तस्वीर लेनी होगी और बेल्ट की स्थिति स्पष्ट दिखानी होगी। इसलिए तस्वीर की गुणवत्ता दर्ज करने की प्रक्रिया की ही एक शर्त है।
यह शर्त इसलिए अहम है क्योंकि कथित उल्लंघन वाहन के भीतर हो रही गतिविधि से जुड़ा है। कैमरा प्रणाली को चालक का पर्याप्त रूप से विस्तृत दृश्य लेना होगा, न कि केवल यह दर्ज करना कि किसी खास समय पर कार कहां थी।
नियमों के तहत यह जिम्मेदारी उद्यमियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों पर है। सीट बेल्ट उल्लंघन दर्ज करने के इच्छुक निजी संचालकों को ऐसी प्रणालियां इस्तेमाल करनी होंगी, जो जरूरी तस्वीरें लेने के साथ उनसे जुड़ी जानकारी भी भेज सकें।
हर तस्वीर के साथ कौन-सी जानकारी भेजी जाएगी?
हर प्रणाली को पता चले उल्लंघन की जानकारी अपने आप प्रशासनिक अभ्यास मॉड्यूल में भेजनी होगी, जिसे उज़्बेक भाषा में Ma'muriy amaliyot कहा जाता है। यह प्रशासनिक प्रणाली ऐसे रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए निर्धारित की गई है।
जरूरी जानकारी में उल्लंघन की तारीख और समय, उसके स्थान के सटीक निर्देशांक और उपकरण के मेट्रोलॉजिकल सत्यापन प्रमाणपत्र का नंबर तथा उसकी वैधता अवधि शामिल है।
मेट्रोलॉजिकल सत्यापन लागू मानकों के अनुसार मापन उपकरण की औपचारिक जांच है। प्रमाणपत्र में उपकरण के सत्यापन का रिकॉर्ड होता है, जबकि उसकी वैधता अवधि बताती है कि सत्यापन कब तक मान्य रहेगा।
घटना के साथ ये विवरण भेजने से प्रशासनिक रिकॉर्ड में कथित उल्लंघन के साथ-साथ उसे दर्ज करने वाले उपकरण की जानकारी भी शामिल होती है। तारीख, समय और निर्देशांक बताते हैं कि घटना कब और कहां हुई। प्रमाणपत्र का विवरण उपकरण की सत्यापन स्थिति की पहचान करता है।
जानकारी अपने आप भेजना भी स्पष्ट रूप से अनिवार्य है। प्रणाली में तय जानकारी प्रशासनिक अभ्यास मॉड्यूल तक पहुंचाने की क्षमता होनी चाहिए। इस तरह डेटा भेजना सीट बेल्ट उल्लंघन दर्ज करने की तकनीकी शर्तों में शामिल है।
बैकअप बिजली कम-से-कम आठ घंटे जरूरी
इस काम के लिए इस्तेमाल होने वाली निजी कैमरा प्रणालियों में ऐसा बैकअप बिजली स्रोत होना चाहिए, जो बिजली आपूर्ति बंद होने पर उन्हें कम-से-कम आठ घंटे तक चालू रख सके। सड़क सुरक्षा प्राधिकरणों द्वारा संचालित कैमरों पर भी यही न्यूनतम अवधि लागू होती है।
कम-से-कम आठ घंटे की यह शर्त बताती है कि बिजली थोड़ी देर के लिए जाने पर निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली प्रणाली का काम तुरंत बंद नहीं होना चाहिए। उपकरण लगाते समय संचालकों को बिजली कटौती के दौरान भी सेवा जारी रखने की व्यवस्था करनी होगी।
बिजली की यह शर्त तस्वीर की गुणवत्ता, उपकरण के सत्यापन और डेटा अपने आप भेजने के मानकों के साथ लागू होती है। इन शर्तों से तय होता है कि कैमरा प्रणाली क्या कर सके: घटना की स्पष्ट तस्वीर लेना, जरूरी विवरण जोड़ना और मुख्य बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहने पर भी काम करते रहना।
चालकों और यात्रियों के लिए अलग-अलग नियम
उज्बेकिस्तान के ट्रैफिक नियमों के तहत मई 2022 से वाहन चलने से पहले चालक और आगे की सीटों पर बैठे यात्रियों, दोनों के लिए सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य है। नवंबर 2026 तक यह नियम करीब साढ़े चार साल से लागू होगा।
सीट बेल्ट न पहनने वाले यात्रियों के लिए कानून में अब भी कोई जुर्माना नहीं है। कानूनी दायित्व और आर्थिक दंड, प्रवर्तन के अलग-अलग पहलू हैं: ट्रैफिक नियम किसी काम को अनिवार्य कर सकते हैं, जबकि दंड संबंधी कानून किसी खास व्यक्ति के उल्लंघन के लिए तय जुर्माना न रखे।
नवंबर में कैमरों से जुड़ा बदलाव चालकों के उल्लंघनों का पता लगाने के बारे में है। इससे यात्रियों के लिए जुर्माने की मौजूदा कमी बनी रहेगी।
पीछे की सीटों पर बैठे लोगों के लिए अलग व्यवस्था है। वहां सीट बेल्ट पहनने की सिफारिश की जाती है। सात साल से कम उम्र के बच्चों के लिए विशेष चाइल्ड सीट और सात से 12 साल के बच्चों के लिए उपयुक्त सुरक्षा उपकरण भी अनिवार्य नहीं, बल्कि अनुशंसित हैं।
इसलिए परिवारों पर लागू कानूनी नियम इस बात के अनुसार अलग-अलग हैं कि कौन किस सीट पर बैठा है और बच्चे की उम्र क्या है। कैमरों के विस्तार से चालक द्वारा सीट बेल्ट न पहनने का उल्लंघन दर्ज करने का एक तरीका जुड़ेगा, जबकि यात्रियों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मौजूदा प्रावधान पहले की तरह बने रहेंगे।
चिकित्सकीय छूट के लिए अलग दस्तावेज
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीट बेल्ट पहनने की अनिवार्यता से छूट के लिए चिकित्सकीय आधारों को मंजूरी दी है। इनमें कुछ खास चोटें, गंभीर बीमारियां और शारीरिक स्थितियां शामिल हैं।
सूची में कंधे के जोड़, पसलियों, कॉलरबोन या उरोस्थि में फ्रैक्चर; रीढ़ की कशेरुका में दबाव से हुआ फ्रैक्चर; चौथे चरण का ब्रोन्कियल अस्थमा; तीसरे स्तर का या गंभीर स्थिति में पहुंचा दीर्घकालिक हृदय विफलता; और गंभीर हृदय रोग शामिल हैं, जिनमें पहले पड़ा दिल का दौरा या इस्कीमिया भी है। इस्कीमिया का अर्थ है कि शरीर के किसी हिस्से को पर्याप्त रक्त नहीं मिल रहा।
सूची में 40 या उससे अधिक बॉडी मास इंडेक्स वाला गंभीर मोटापा, एक फेफड़े या फेफड़े के किसी हिस्से को निकालना, 150 सेंटीमीटर से कम लंबाई वाला बौनापन और हाथ या कंधे की गति सीमित करने वाली तंत्रिका संबंधी स्थितियां भी शामिल हैं। बॉडी मास इंडेक्स व्यक्ति के वजन और लंबाई से निकाला जाने वाला माप है।
अधिकांश चिकित्सकीय आधारों के प्रमाणपत्र अधिकतम एक साल तक मान्य होते हैं। बौनेपन या फेफड़ा निकालने के लिए जारी प्रमाणपत्रों की कोई समाप्ति तिथि नहीं होती। चालक एकीकृत सार्वजनिक सेवा पोर्टल के जरिए चिकित्सकीय छूट का प्रमाणपत्र अपलोड कर सकते हैं।
स्वचालित प्रवर्तन का दायरा बढ़ने के साथ छूट के पात्र चालकों के लिए प्रमाणपत्र की प्रक्रिया प्रासंगिक है। अधिकांश प्रमाणपत्र सीमित अवधि के लिए मान्य होते हैं, इसलिए उनकी वैधता चिकित्सकीय स्थिति के बने रहने से अलग विषय है।
मुख्य बातें
- 1 नवंबर, 2026 से उद्यमियों द्वारा लगाए गए निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले ट्रैफिक कैमरे सीट बेल्ट नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को दर्ज कर सकेंगे।
- 29 अक्टूबर, 2026 का प्रस्ताव संख्या 596, 21 अप्रैल, 2021 के प्रस्ताव संख्या 232 में संशोधन करता है।
- तस्वीरों में चालक का चेहरा और सीट बेल्ट पहने होने या न होने की स्थिति स्पष्ट दिखनी चाहिए।
- प्रणालियों को घटना की तारीख, समय और स्थान के साथ उपकरण के सत्यापन प्रमाणपत्र का विवरण अपने आप भेजना होगा।
- बैकअप बिजली से उपकरण कम-से-कम आठ घंटे तक चालू रहना चाहिए।
- आगे की सीटों पर बैठे यात्रियों को सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है, लेकिन ऐसा न करने पर कानून में अब भी कोई जुर्माना नहीं है।
- पीछे की सीटों पर सीट बेल्ट और बच्चों के लिए तय सुरक्षा उपकरण अनुशंसित हैं; सूचीबद्ध चिकित्सकीय स्थितियों के लिए दस्तावेजी छूट उपलब्ध है।






