बढ़ते कार बाजार के बीच पिकअप कारखानों के सामने चुनौतियां
थाईलैंड में 2026 के पहले नौ महीनों में 521,266 वाहन बिके, जो एक साल पहले के 447,969 वाहनों से 16.35% अधिक है। फिर भी पिकअप की बिक्री में गिरावट जारी रही। इससे ऑटोमोटिव आपूर्ति नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है, जिसमें फेडरेशन ऑफ थाई इंडस्ट्रीज (FTI) के अनुसार 2,500 से अधिक व्यवसाय शामिल हैं और 800,000 से अधिक लोग काम करते हैं।
विषय-सूची
- बढ़ते कार बाजार के बीच पिकअप कारखानों के सामने चुनौतियां
- पिकअप की बिक्री कितनी घटी है?
- खरीदारों को ऋण मिलने में दिक्कत क्यों हो रही है
- पिकअप का एक ऑर्डर न मिलने से इतने व्यवसाय क्यों प्रभावित होते हैं
- इलेक्ट्रिक कारों से बिक्री बढ़ी, पर कारखानों पर असर अलग
- मध्य पूर्व में व्यवधान से मांग का एक और स्रोत घटा
- बाढ़ से कारखानों की आपसी निर्भरता सामने आई
- FTI सरकार से क्या फैसले चाहता है
- सालाना लक्ष्य तक पहुंचने के लिए क्या जरूरी है
- मुख्य बिंदु
सितंबर में पिकअप की बिक्री 7.11% घटकर 10,315 वाहन रह गई, जबकि कुल घरेलू वाहन बिक्री 14.28% बढ़कर 55,255 पर पहुंची। इस वृद्धि में इलेक्ट्रिक कारों की बड़ी भूमिका रही। स्थानीय स्तर पर बने पुर्जों का कहीं बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करने वाले पिकअप सख्त ऋण शर्तों, कारोबार की कमजोर आय और मध्य पूर्व को निर्यात में गिरावट के कारण दबाव में बने रहे।
FTI सरकार से पिकअप के लिए वित्तपोषण को अधिक सुलभ बनाने और आयातित वाहनों पर प्रस्तावित उत्पाद शुल्क बदलावों को स्पष्ट करने की मांग कर रहा है। उसकी मुख्य चिंता यह है कि वाहनों की बढ़ती मांग का फायदा किसे मिलता है: बिक्री से थाई कारखानों और उनके आपूर्तिकर्ताओं को काम मिल सकता है, या विदेश से तैयार वाहन देश में आ सकता है।
सितंबर के आखिर में बाढ़ ने एक और व्यवधान पैदा किया। पुर्जे न पहुंच पाने के कारण कुछ असेंबली संयंत्रों को अस्थायी रूप से काम रोकना पड़ा। फेडरेशन के अनुसार, अक्टूबर के मध्य तक प्रभावित कारखानों में उत्पादन सामान्य हो गया था। FTI ने सालाना उत्पादन का 1.45 मिलियन वाहनों का लक्ष्य बरकरार रखा।
किसानों, व्यापारियों और छोटे कारोबारों के लिए तत्काल समस्या रोजी-रोटी कमाने में इस्तेमाल होने वाला वाहन खरीदने की है। निर्माताओं के सामने बदलते बाजार के बीच उत्पादन, आपूर्तिकर्ताओं की आय और रोजगार बनाए रखने के लिए पर्याप्त ऑर्डर जुटाने की चुनौती है।
पिकअप की बिक्री कितनी घटी है?
थाईलैंड का पिकअप बाजार कई वर्षों से सिकुड़ रहा है। सालाना बिक्री 2022 के लगभग 388,000 से घटकर 2023 में 265,000, फिर 2024 में 163,000 और 2025 में 144,000 रह गई। उद्योग का ताजा अनुमान है कि 2026 में यह करीब 140,000 होगी।
140,000 की बिक्री 2022 के आंकड़े से लगभग 64% कम होगी। 2022 में थाईलैंड के वाहन बाजार में पिकअप की हिस्सेदारी करीब 46% थी। 2026 के पहले नौ महीनों में यह लगभग 20% रही, जबकि इस दौरान पिकअप की कुल बिक्री करीब 100,000 थी।
अब घरेलू मांग में यात्री कारों का दबदबा है। जनवरी से सितंबर के बीच इनकी बिक्री 366,910 रही, जो कुल बाजार के 70% से कुछ अधिक है।
सितंबर के आंकड़े पिकअप की विभिन्न श्रेणियों में दबाव दिखाते हैं। FTI ने अपनी एक-टन पिकअप श्रेणी में 5,003 बिक्री दर्ज की, जो एक साल पहले की तुलना में 11.50% कम थी। डबल-कैब की बिक्री भी 4.95% घटी। पहले सात महीनों में ही एक-टन पिकअप की बिक्री 17.38% गिरकर 37,369 रह गई थी।
FTI के ऑटोमोटिव इंडस्ट्री क्लब के सलाहकार और प्रवक्ता सुरापोंग पैसितपतानापोंग ने अगस्त में मासिक गिरावट का पैमाना बताते हुए कहा:
"जुलाई में पिकअप श्रेणी की बिक्री सिर्फ 10,000 से कुछ अधिक रही, जबकि पहले औसतन हर महीने 30,000 वाहन बिकते थे," श्री सुरापोंग ने कहा।
खरीदारों को ऋण मिलने में दिक्कत क्यों हो रही है
FTI के अनुसार, आर्थिक वृद्धि धीमी होने और घरेलू कर्ज ऊंचा बने रहने के कारण बैंकों ने वाहन ऋण देना सख्त कर दिया है। थाईलैंड की अर्थव्यवस्था 2026 की दूसरी तिमाही में 1.9% बढ़ी, जबकि पहली तिमाही में वृद्धि 2.8% थी। फेडरेशन ने छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों की कमजोर आय और जीवनयापन की बढ़ती लागत का भी जिक्र किया।
पिकअप अक्सर निजी आवागमन के बजाय कारोबारी साधन के रूप में इस्तेमाल होता है। किसान फसल और सामान ढोने के लिए इसका उपयोग करते हैं। व्यापारी बाजार तक माल पहुंचाते हैं। छोटे ठेकेदार मजदूरों और उपकरणों को ले जाते हैं। इन खरीदारों को आय कमाने के लिए वाहन की जरूरत हो सकती है, जबकि उसे खरीदने के लिए ऋण भी चाहिए।
ऋणदाता यह देखते हैं कि कर्ज लेने वाला नियमित किस्तें चुका पाएगा या नहीं। जब कारोबार की आय अनिश्चित हो और पहले से कर्ज ज्यादा हो, तो ऋण मंजूर होना मुश्किल हो जाता है। FTI चाहता है कि सरकार वित्तीय संस्थानों को पिकअप ऋण तक पहुंच आसान बनाने के लिए प्रोत्साहित करे, ताकि घरेलू मांग से कारखानों का उत्पादन कायम रह सके।
सुरापोंग के अनुसार, 5 अरब बाट की सरकारी ऋण गारंटी योजना में अगस्त तक केवल करीब 2,000 प्रतिभागी शामिल हुए थे। पात्र कर्जदार के भुगतान न कर पाने की स्थिति में गारंटी ऋणदाताओं को कुछ सुरक्षा देती है। उद्योग जगत के नेताओं ने कहा कि पिकअप की मांग को फिर से बढ़ाने के लिए भागीदारी बहुत कम रही।
उप वित्त मंत्री पाओपूम रोजानासाकुल ने 21 मार्च, 2025 को थाई क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन के माध्यम से "กระบะพี่ มีคลังค้ำ" नाम की यह योजना शुरू की थी। इसके तहत शुरुआती 5 अरब बाट की गारंटी राशि PGS 11 कार्यक्रम से आई थी और प्रति कर्जदार अधिकतम 1.5 मिलियन बाट की गारंटी तय थी। आवेदन 1 अप्रैल से 30 दिसंबर, 2025 तक स्वीकार किए गए। गारंटी की अवधि अधिकतम सात साल या 84 किस्तें थी।
सरकार ने पहले तीन वर्षों की गारंटी फीस का भुगतान किया और चौथे से सातवें वर्ष तक इसमें सब्सिडी दी। बाद के वर्षों में फीस 1.5% सालाना रखी गई। योजना की शर्तों के तहत, निगम बकाया कर्ज और वाहन की नीलामी कीमत के बीच का अंतर वहन करता। इस उपाय का मकसद कारोबारों को काम के लिए नए पिकअप खरीदने में मदद देना था, जबकि ऋणदाता एसएमई के भुगतान और इस्तेमाल किए गए वाहनों की गिरती कीमतों को लेकर चिंतित थे।
शुरुआत में अनुमान था कि यह योजना 6,250 से अधिक नए पिकअप की खरीद में मदद करेगी और 5 अरब बाट से अधिक का नया ऋण उपलब्ध कराएगी। इससे कम से कम 21 अरब बाट के आर्थिक लाभ का अनुमान था। ये योजना के पूर्वानुमान थे, इसमें हिस्सा लेने वाले कर्जदारों की वास्तविक संख्या नहीं।
पिकअप का एक ऑर्डर न मिलने से इतने व्यवसाय क्यों प्रभावित होते हैं
FTI के अनुसार, आंतरिक दहन इंजन वाले पिकअप में 90% तक स्थानीय रूप से हासिल किए गए पुर्जे लगते हैं। इसलिए पिकअप का एक ऑर्डर रेडिएटर, एग्जॉस्ट सिस्टम, सीट, एयर कंडीशनिंग, कांच, स्टील और पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने वाली थाई कंपनियों को काम दे सकता है।
फेडरेशन ने कहा कि पिकअप के पुर्जों का उत्पादन 300,000 से अधिक इकाइयों तक गिर गया है। आपूर्तिकर्ताओं ने उत्पादन घटाया, कर्मचारियों की आय कम हुई और इसका असर शोरूम, बिक्री कर्मचारियों, वित्तीय संस्थानों तथा सरकारी कर राजस्व तक पहुंचा।
इस उद्योग से 2,500 से अधिक व्यवसाय और 800,000 से ज्यादा कर्मचारी जुड़े हैं। इनमें वाहन निर्माण, पुर्जे, कच्चा माल, सहायक उद्योग और संबंधित सेवाएं शामिल हैं। FTI चाहता है कि पिकअप की मांग मजबूत हो, ताकि ये व्यवसाय उत्पादन और रोजगार बनाए रख सकें।
उद्योग से मिली जानकारी के अनुसार, अगस्त तक कुछ पुर्जा आपूर्तिकर्ता बंद हो चुके थे या निवेश विदेश ले गए थे। कारखानों की क्षमता का उपयोग 60% से कम था, यानी मापी गई उत्पादन क्षमता के दो-पांचवें से अधिक हिस्से का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। थाईलैंड का मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन इंडेक्स, जो कारखानों के उत्पादन पर नजर रखता है, कुछ महीनों में गिरा या इसमें कमजोर वृद्धि दर्ज हुई।
ऑर्डर घटने का असर तेजी से पूरी आपूर्ति श्रृंखला में फैल सकता है। असेंबली संयंत्र को कम सीटों और रेडिएटरों की जरूरत होगी; फिर पुर्जे बनाने वाली कंपनियां कम स्टील, कांच और रसायन खरीदेंगी। FTI की प्रस्तावित ऋण सहायता का मकसद अधिक घरेलू खरीदारों को खरीद पूरी करने में मदद देकर इस सिलसिले को रोकना है।
इलेक्ट्रिक कारों से बिक्री बढ़ी, पर कारखानों पर असर अलग
बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक यात्री कारों की सितंबर में 16,404 बिक्री हुई, जो एक साल पहले की तुलना में 80.13% अधिक थी। जनवरी से सितंबर के बीच इनकी बिक्री 98.56% बढ़कर 161,532 रही। ये वाहन इंजन में ईंधन जलाने के बजाय बैटरी में जमा बिजली से चलते हैं।
FTI ने सितंबर में बीईवी की कुल बिक्री 16,626 भी बताई, जो 81.61% अधिक थी; इसके साथ यात्री कारों का आंकड़ा भी दिया। हाइब्रिड यात्री कारों की बिक्री 10.78% बढ़कर 14,113 और प्लग-इन हाइब्रिड की बिक्री 137.24% बढ़कर 1,497 रही। हाइब्रिड वाहन इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों का इस्तेमाल करते हैं; प्लग-इन मॉडल बाहरी बिजली स्रोत से भी अपनी बैटरी चार्ज कर सकते हैं।
इसके विपरीत, आंतरिक दहन इंजन वाली यात्री कारों की बिक्री घटी। सितंबर में यह 14.50% गिरकर 7,776 रही और पहले नौ महीनों की बिक्री 20.20% घटकर 77,837 पर आ गई।
थाईलैंड में इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन भी बढ़ रहा है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई के बीच घरेलू बीईवी उत्पादन 73% बढ़कर 47,452 रहा। यात्री वाहनों की एक अन्य श्रेणी के आंकड़े के मुताबिक, इस अवधि में 46,924 इलेक्ट्रिक यात्री कारों का उत्पादन हुआ।
फिर भी FTI का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की वृद्धि से थाईलैंड के भीतर निर्माताओं को अधिक काम मिलना चाहिए। जनवरी से जुलाई के यात्री ईवी आंकड़ों में बिक्री 125,411 और घरेलू उत्पादन 46,924 रहा। फेडरेशन ने आयातित वाहनों की हिस्सेदारी 62.58% बताई और वाहन करों में बदलाव की मांग के लिए इस आंकड़े का हवाला दिया।
आपूर्तिकर्ताओं के लिए व्यावहारिक सवाल यह है कि किस तरह के वाहन खरीदे जा रहे हैं और उनकी असेंबली कहां होती है। तैयार आयातित कार से बिक्री और सर्विस कारोबार को फायदा होता है। थाईलैंड में बने वाहन से असेंबली का काम और स्थानीय पुर्जों के ऑर्डर भी मिलते हैं।
मध्य पूर्व में व्यवधान से मांग का एक और स्रोत घटा
FTI के अनुसार, जनवरी से सितंबर के दौरान मध्य पूर्व को पिकअप निर्यात 33,118 वाहन या 37.73% घटा। फेडरेशन ने इस गिरावट का कारण अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना बताया। यह समुद्री मार्ग खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ता है।
FTI ने क्षेत्र में वाहन निर्यात का एक और आंकड़ा 14,419 बताया, जो 30.60% कम था, हालांकि उस आंकड़े की अवधि लगातार स्पष्ट नहीं की गई। पिकअप की कमी के लिए फेडरेशन ने बार-बार पहले नौ महीनों में 33,118 वाहनों की गिरावट का आंकड़ा दिया।
पिछले पूरे वर्ष में थाईलैंड ने मध्य पूर्व को 100,000 से अधिक पिकअप निर्यात किए थे। इस बाजार के ऑर्डर खोने से घरेलू खरीदारी की कमजोरी का दबाव और बढ़ता है। इससे उत्पादकों के पास देश के भीतर आई गिरावट की भरपाई के कम अवसर रह जाते हैं।
संघर्ष के कारण ईंधन, भोजन और खेती की लागत बढ़ने पर थाईलैंड में पहले ही आपातकालीन मूल्य राहत देनी पड़ी थी। अब पिकअप उद्योग पर दोनों ओर से दबाव है: परिवारों और कारोबारों के पास खर्च करने के लिए कम पैसा है, जबकि विदेशों में व्यवधान से निर्यात मांग घट गई है।
अन्य गंतव्यों की मदद से सितंबर में वाहन निर्यात 4.55% बढ़कर 89,972 रहा। एशियाई बाजारों को भेजी गई खेप 27.16% बढ़ी और कुल निर्यात में उनकी हिस्सेदारी 28.61% रही। यह ऑस्ट्रेलिया और ओशिनिया की 29.30% हिस्सेदारी से थोड़ी कम थी। हालांकि जनवरी से सितंबर के दौरान तैयार वाहनों का कुल निर्यात 4.94% गिरकर 655,009 रहा।
बाढ़ से कारखानों की आपसी निर्भरता सामने आई
सितंबर के आखिर में चोनबुरी के अमाता सिटी इंडस्ट्रियल एस्टेट के आसपास आई बाढ़ ने पुर्जा निर्माताओं को सीधे प्रभावित किया। कुछ वाहन असेंबली संयंत्रों के अपने परिसर सूखे थे, फिर भी उन्हें काम रोकना पड़ा, क्योंकि आपूर्तिकर्ता पुर्जे नहीं पहुंचा सके, परिवहन मार्ग बाधित थे और कर्मचारी काम पर नहीं पहुंच पाए।
FTI के ऑटोमोटिव इंडस्ट्री क्लब के अध्यक्ष सुवात सुपाकर्नडेचकुल ने कहा कि प्रभावित कारखानों में अक्टूबर के मध्य तक उत्पादन सामान्य हो गया था। सदस्य वाहन निर्माताओं ने सहायता अभियान भी शुरू किए, जिनमें श्रम शुल्क में कटौती, स्पेयर पार्ट्स पर छूट, नए वाहनों पर छूट और किस्त भुगतान में राहत शामिल थी।
हाल की घटनाओं का क्रम दिखाता है कि कमजोर मांग और उत्पादन में व्यवधान एक साथ कैसे आए:
- जुलाई 2026: पिकअप की मासिक बिक्री 10,000 से कुछ अधिक रही, जबकि पहले का औसत करीब 30,000 था।
- अगस्त 2026: उद्योग जगत के नेताओं ने आपूर्तिकर्ताओं के बंद होने और ऋण गारंटी कार्यक्रम में कम भागीदारी को लेकर चेतावनी दी।
- सितंबर 2026 का अंत: बाढ़ से पुर्जों की डिलीवरी बाधित हुई और कुछ असेंबली लाइनें अस्थायी रूप से बंद रहीं।
- अक्टूबर 2026 का मध्य: FTI के अनुसार, प्रभावित कारखानों में उत्पादन सामान्य हो गया।
- 27 और 28 अक्टूबर, 2026: उद्योग की नई जानकारियों में सालाना उत्पादन लक्ष्य बरकरार रखा गया और ऋण तथा कर उपायों की मांग दोहराई गई।
सितंबर में वाहन उत्पादन 6.08% घटकर 120,319 रहा। पहले नौ महीनों का कुल उत्पादन एक साल पहले से थोड़ा अधिक था: यह 0.39% बढ़कर 1,080,030 पहुंचा।
FTI सरकार से क्या फैसले चाहता है
FTI की मांगों में पिकअप ऋण, प्रस्तावित वाहन ट्रेड-इन योजना और उत्पाद शुल्क शामिल हैं। उद्योग जगत के नेता चाहते हैं कि ट्रेड-इन कार्यक्रम में पिकअप को भी शामिल किया जाए, ताकि पुराने वाहन बदलने वाले कारोबारों को इसका लाभ मिल सके।
अगस्त तक सरकार ने प्रस्तावित योजना में सब्सिडी की राशि, वाहनों की उम्र की सीमा या पात्र मॉडलों को स्पष्ट नहीं किया था। अक्टूबर के आखिर में भी फेडरेशन पूरी तरह से तैयार आयातित वाहनों पर संशोधित उत्पाद शुल्क को लेकर औपचारिक घोषणा का इंतजार कर रहा था। इन फैसलों को लागू करने की कोई पक्की तारीख नहीं दी गई।
उत्पाद शुल्क कुछ खास वस्तुओं, जिनमें वाहन भी शामिल हैं, पर लगाया जाने वाला कर है। इसके ढांचे में बदलाव से तैयार वाहन आयात करने या देश में बनाने की तुलनात्मक लागत बदल सकती है। FTI चाहता है कि थाईलैंड के कारखानों में निवेश करने वाली कंपनियों के साथ उचित व्यवहार हो, चाहे वे आंतरिक दहन इंजन वाले वाहन बनाएं या इलेक्ट्रिक वाहन।
फेडरेशन ने कर बदलावों पर अपना रुख एक बयान में रखा:
"उत्पाद शुल्क ढांचे में स्पष्ट बदलाव यह संकेत देंगे कि थाईलैंड दीर्घकालिक निवेश और घरेलू मूल्य सृजन को महत्व देता है। इससे थाई ऑटोमोटिव उद्योग को एक प्रमुख और टिकाऊ वैश्विक उत्पादन एवं निर्यात केंद्र के रूप में संरक्षण और समर्थन देने में मदद मिलेगी," FTI ने कहा।
इन मांगों का साझा उद्देश्य विनिर्माण गतिविधियों को थाईलैंड में बनाए रखना है। पिकअप ऋण आसान होने से तुरंत ऑर्डर मिल सकते हैं, जबकि कर नियम उन प्रोत्साहनों को तय करेंगे जो कंपनियों को भविष्य के वाहन बनाने की जगह चुनते समय प्रभावित करेंगे।
सालाना लक्ष्य तक पहुंचने के लिए क्या जरूरी है
FTI के 1.45 मिलियन वाहनों के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए थाईलैंड को 2026 के आखिरी तीन महीनों में 369,970 और वाहन बनाने होंगे। इसके लिए हर महीने औसतन करीब 123,323 वाहनों का उत्पादन करना होगा, जो सितंबर के 120,319 वाहनों से लगभग 2.5% अधिक है।
इस लक्ष्य में निर्यात के लिए बनाए जाने वाले 900,000 और घरेलू बिक्री के लिए 550,000 वाहन शामिल हैं। जनवरी से सितंबर के बीच कारखानों ने निर्यात के लिए 686,647 और घरेलू बाजार के लिए 393,383 वाहन बनाए।
उत्पादन लक्ष्य पूरा करने के लिए आखिरी तिमाही में निर्यात हेतु 213,353 और घरेलू बिक्री के लिए 156,617 वाहन बनाने होंगे। FTI ने कहा कि कारखाने बाढ़ के दौरान हुए उत्पादन नुकसान की भरपाई की योजना बना रहे थे।
व्यापक कारोबारी मूल्य अब भी काफी बड़ा है। सितंबर में वाहनों, इंजनों, पुर्जों और स्पेयर पार्ट्स का निर्यात करीब 82.65 अरब बाट रहा, जो 8.15% अधिक था। पहले नौ महीनों में इनका कुल मूल्य करीब 638.08 अरब बाट रहा, जो 2.99% कम था।
कारखानों में परिचालन बहाल होने से निर्माता फिर उत्पादन कर सकते हैं। अब व्यावसायिक चुनौती पर्याप्त ऑर्डर जुटाना है, खासकर पिकअप के लिए, जिनके स्थानीय पुर्जे थाई कारोबारों के बड़े नेटवर्क में आय का स्रोत हैं।
मुख्य बिंदु
- थाईलैंड में जनवरी से सितंबर 2026 के बीच वाहन बिक्री 16.35% बढ़कर 521,266 रही, जबकि पिकअप की मांग घटती रही।
- इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में तेज वृद्धि के बावजूद सितंबर में पिकअप की बिक्री 7.11% गिरकर 10,315 रही।
- FTI पिकअप के लिए आसान ऋण और थाईलैंड में वाहन बनाने वाली कंपनियों के समर्थन वाली कर व्यवस्था चाहता है।
- फेडरेशन के अनुसार, ऑटोमोटिव आपूर्ति नेटवर्क में 2,500 से अधिक व्यवसाय शामिल हैं और 800,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं।
- पहले नौ महीनों में मध्य पूर्व को पिकअप निर्यात 33,118 वाहन घटा।
- बाढ़ से प्रभावित कारखानों में अक्टूबर के मध्य तक उत्पादन सामान्य हो गया।
- FTI ने सालाना 1.45 मिलियन वाहनों का उत्पादन लक्ष्य बरकरार रखा। आखिरी तिमाही में 369,970 और वाहन बनाने होंगे।






