199 रन का लक्ष्य हासिल कर भारत ने बनाया रिकॉर्ड
अभिषेक शर्मा ने 38 गेंदों में 113 रन ठोके और भारत ने 27 अक्टूबर, 2026 को वेलिंगटन में 13.2 ओवर में 199 रन का लक्ष्य हासिल कर न्यूजीलैंड को छह विकेट से हराया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली।
विषय-सूची
- 199 रन का लक्ष्य हासिल कर भारत ने बनाया रिकॉर्ड
- सलामी बल्लेबाजों ने कैसे बनाया दबदबा
- अभिषेक ने बताया क्या थी रणनीति
- सूर्यवंशी को क्रम में ऊपर भेजने का फायदा
- रिकॉर्ड बुक में भारत की पारी का स्थान
- मिचेल ने न्यूजीलैंड को मजबूत आधार दिया
- भारत की गेंदबाजी में बदलाव भी रहा अहम
- लक्ष्य का पीछा, छह पड़ावों में
- आखिरी दो मैचों से पहले सीरीज़ पर कब्जा
- मुख्य बातें
अभिषेक और वैभव सूर्यवंशी ने पहले विकेट के लिए महज़ 7.1 ओवर में 133 रन जोड़े। इसके बाद भारत ने 40 गेंद बाकी रहते चार विकेट पर 199 रन बनाकर मैच जीत लिया। पहले छह ओवर में बिना विकेट गंवाए 118 रन के साथ भारत ने पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय का पावरप्ले रिकॉर्ड बनाया और मुश्किल लक्ष्य को आसान जीत में बदल दिया।
न्यूजीलैंड ने डेरिल मिचेल के नाबाद 89 रनों की बदौलत तीन विकेट पर 198 रन बनाए थे। भारत के लक्ष्य का पीछा करते हुए काइल जैमीसन ने 45 रन देकर दो विकेट लिए, लेकिन शुरुआती धुआंधार बल्लेबाजी ने मेजबान टीम को रन रोकने के बजाय तेज़ी से घटते लक्ष्य का बचाव करने पर मजबूर कर दिया।
अभिषेक ने 15 गेंदों में अर्धशतक और 35 गेंदों में अपना चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। संजू सैमसन से पहले पारी की शुरुआत करने उतरे सूर्यवंशी ने 19 गेंदों में 45 रन बनाए। इस तरह भारत को बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पर किए गए बदलाव से सफलता मिली।
सलामी बल्लेबाजों ने कैसे बनाया दबदबा
भारत की पारी की पहली गेंद पर सूर्यवंशी ने चौका और तीसरी गेंद पर छक्का लगाया। अभिषेक भी जल्द ही आक्रामक हो गए और न्यूजीलैंड को ऐसी गेंद या फील्डिंग सजावट नहीं मिली जिससे दोनों बल्लेबाजों की रफ्तार थाम सके।
भारत ने 2.2 ओवर में 50 रन पूरे किए। यानी दो ओवर और दो वैध गेंदें, कुल 14 गेंदें। पांचवें ओवर के आखिर में सलामी जोड़ी ने 100 रन पूरे किए और छठा ओवर बिना विकेट गंवाए 118 रन पर समाप्त किया।
टी20 पारी के पहले छह ओवर पावरप्ले होते हैं, जिनमें 30 गज के घेरे के बाहर केवल दो क्षेत्ररक्षक रह सकते हैं। अभिषेक और सूर्यवंशी ने इन पाबंदियों और वेलिंगटन की छोटी स्क्वायर बाउंड्री का फायदा उठाकर न्यूजीलैंड को फील्ड फैलाने का मौका मिलने से पहले ही हमला बोल दिया।
पहले छह ओवर के अंत तक भारत 199 रन के लक्ष्य का 59 प्रतिशत से अधिक बना चुका था। अब 84 गेंदों में 81 रन की दरकार थी, यानी प्रति गेंद एक रन से भी कम, जबकि सभी दस विकेट बाकी थे। शुरुआती आक्रामक बल्लेबाजी ने लक्ष्य का पूरा समीकरण बदल दिया था।
अभिषेक ने बताया क्या थी रणनीति
लक्ष्य का पीछा करने में सबसे अधिक रन बनाने वाले भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक ने कहा कि बल्लेबाजी से पहले दोनों ने मैदान पर रहते हुए परिस्थितियों का जायजा लिया था।
जब हम फील्डिंग कर रहे थे, तब पिच को देख रहे थे। गेंद में थोड़ा अतिरिक्त उछाल था और मैदान के आकार को देखते हुए हम पावरप्ले और गेंद की रफ्तार का इस्तेमाल कर सकते थे। योजना बस टीम को गति देने की थी।
उनकी बात से साफ हुआ कि आक्रामक बल्लेबाजी मैदान की खास परिस्थितियों को ध्यान में रखकर की गई थी। पिच के दोनों ओर मारी जाने वाली गेंदों के लिए स्क्वायर बाउंड्री, गेंदबाज के पीछे की सीधी बाउंड्री से छोटी थी। अतिरिक्त उछाल और गेंदों की रफ्तार ने सलामी बल्लेबाजों को छोटी बाउंड्री की ओर शॉट लगाने के मौके दिए।
सूर्यवंशी के आउट होने के बाद भी अभिषेक ने तेज़ रन बनाना जारी रखा। उन्होंने जैमीसन की गेंद पर चौका लगाकर शतक पूरा किया और आखिरकार 113 रन बनाकर आउट हुए। भारत के विजयी स्कोर में उनका योगदान लगभग 57 प्रतिशत था।
सूर्यवंशी को क्रम में ऊपर भेजने का फायदा
सूर्यवंशी को पारी की शुरुआत में भेजने से भारत को नई सलामी जोड़ी मिली और सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। दूसरे मैच में तीसरे नंबर पर खेलते हुए किशोर बल्लेबाज ने आठ गेंदों में चार रन बनाए थे। वेलिंगटन में 19 गेंदों में 45 रन की उनकी पारी बड़ा सुधार थी।
दाएं एडडक्टर मांसपेशी में हल्के खिंचाव के कारण ईशान किशन बाहर थे। जांघ और कमर के बीच के हिस्से की इस मांसपेशी में खिंचाव ने पिछले मैच में सूर्यवंशी के लिए मौका बनाया था। इसके बाद उन्हें पारी की शुरुआत में भेजने से पहली ही गेंद से फील्डिंग पाबंदियों का फायदा उठाने का अवसर मिला।
आठवें ओवर की पहली गेंद पर मैथ्यू फिशर ने सलामी साझेदारी तोड़ी। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह उनकी पहली ही गेंद थी। सूर्यवंशी ने लॉन्ग-ऑन की ओर ऊंचा शॉट खेलने की कोशिश की। यह गेंद लेग साइड में गेंदबाज के आगे की गहरी फील्डिंग पोजिशन की ओर गई, जहां मिचेल ने डाइव लगाकर कैच लपका।
तब तक भारत का स्कोर एक विकेट पर 133 रन हो चुका था। साझेदारी में प्रति ओवर लगभग 18.6 रन बने, लिहाजा मध्यक्रम को जीत के लिए केवल 66 और रन बनाने थे।
रिकॉर्ड बुक में भारत की पारी का स्थान
भारत के बिना विकेट गंवाए 118 रन ने पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय पावरप्ले के पिछले सर्वश्रेष्ठ 116 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह रिकॉर्ड 2021 में सर्बिया के खिलाफ रोमानिया ने बनाया था। गेंद-दर-गेंद के विस्तृत रिकॉर्ड वाले पुरुष टी20 क्रिकेट में सनराइजर्स हैदराबाद का दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 2024 इंडियन प्रीमियर लीग में बिना विकेट गंवाए 125 रन का स्कोर इससे ऊपर रहा।
भारत ने 7.4 ओवर, यानी 46 वैध गेंदों में 150 रन भी पूरे किए। पुरुष टी20 क्रिकेट में इससे पहले सबसे तेज़ 150 रन का रिकॉर्ड 8.2 ओवर का था, जो सनराइजर्स हैदराबाद ने 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ बनाया था। उस पारी में भी अभिषेक खेले थे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह रिकॉर्ड तुर्की के नाम था, जिसने 2025 में बुल्गारिया के खिलाफ 8.3 ओवर में 150 रन बनाए थे।
50 रन तक पहुंचने के लिए लगी 14 गेंदें, गेंदों के रिकॉर्ड वाले मैचों में पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय की सबसे तेज़ टीम फिफ्टी के रिकॉर्ड की बराबरी थी। भारत ने पांच ओवर में शतक भी बेहद तेज़ी से पूरा किया, हालांकि इस साल की शुरुआत में इस्वातिनी ने मोजाम्बिक के खिलाफ 4.5 ओवर में 100 रन बना लिए थे।
अभिषेक का शतक पुरुष टी20 क्रिकेट में उनका 11वां शतक था। इसके साथ उन्होंने विराट कोहली के दस शतकों को पीछे छोड़कर इस फॉर्मेट में भारत के लिए सबसे अधिक शतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिस गेल के 22 और बाबर आजम के 13 शतक उनसे आगे थे। अभिषेक के चार शतक भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में आए हैं; कुल टी20 आंकड़े में घरेलू और फ्रेंचाइज़ी मैच भी शामिल हैं।
मिचेल ने न्यूजीलैंड को मजबूत आधार दिया
भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। इसके बाद मिचेल ने न्यूजीलैंड की पारी को संभाला। अर्शदीप सिंह ने टिम सीफर्ट को छह रन पर आउट किया, जबकि फिन एलन ने 40 रन बनाकर शुरुआती आक्रामक गति दी।
नीतीश कुमार रेड्डी ने फुल लेंथ की सीधी गेंद पर एलन को आउट किया और अक्षर पटेल ने ग्लेन फिलिप्स को 17 रन पर पवेलियन भेजा। फिलिप्स अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे थे। इन विकेटों के बाद पारी के आखिरी चरणों में मिचेल और बेवन जैकब्स पर जिम्मेदारी आ गई।
मिचेल ने 52 गेंदों में नाबाद 89 रन बनाए, जबकि जैकब्स ने 23 गेंदों में नाबाद 39 रन जोड़े। चौथे विकेट के लिए उनकी अविजित साझेदारी 75 रन दर्ज की गई; एक अन्य स्कोर विवरण में मिचेल के 88 रन और साझेदारी के 65 रन बताए गए हैं।
मिचेल ने अपनी आखिरी 26 गेंदों में 35 रन बनाए। अंतिम पारी के स्कोर में से ये आंकड़े घटाने पर पता चलता है कि शुरुआती 26 गेंदों में उन्होंने 54 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड के विकेट सुरक्षित रहने के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने उनकी पारी के दूसरे हिस्से में रन बनाने की रफ्तार कम कर दी थी।
भारत की गेंदबाजी में बदलाव भी रहा अहम
अय्यर ने कहा कि दस ओवर के बाद भारतीय गेंदबाजों को अपनी रणनीति बदलने की जरूरत थी, क्योंकि बल्लेबाज से थोड़ी छोटी या कुछ ज्यादा फुल गेंदों पर भी खूब रन बन रहे थे। उन्होंने गेंदबाजों को अधिक यॉर्कर डालने की सलाह दी, यानी ऐसी गेंदें जो बल्लेबाज के पैरों के पास गिरें।
सटीक यॉर्कर पर बल्लेबाज को बल्ला घुमाने और गेंद को बाउंड्री के पार भेजने के लिए बहुत कम जगह मिलती है। भारतीय तेज़ गेंदबाजों ने पारी के आखिरी ओवरों में आक्रमण करना मुश्किल बनाने के लिए फुलर गेंदें और रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल किया। गेंद पुरानी होने के साथ हवा में जिस दिशा में मूव करती है, उसे रिवर्स स्विंग कहते हैं।
वेलिंगटन के मैदान का आकार दोनों पारियों में अहम रहा। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज छोटी स्क्वायर बाउंड्री की ओर निशाना साध सकते थे, लेकिन भारत के गेंदबाजों ने उन्हें मैदान के लंबे हिस्सों की ओर, यानी अधिक सीधे शॉट खेलने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। बाद में भारत के सलामी बल्लेबाजों ने इन्हीं छोटी बाउंड्री का कहीं तेज़ी से फायदा उठाया।
न्यूजीलैंड ने पहले दो मैचों में भी विकेट बचाए रखे थे। पहले मैच में उसके चार और दूसरे में पांच विकेट गिरे थे। वेलिंगटन में पारी के अंत तक सात विकेट इस्तेमाल नहीं हुए। इस रफ्तार से खेलने में सक्षम भारतीय बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ मेजबान टीम को स्थिर शुरुआत के साथ तेज़ अंत की भी जरूरत थी।
लक्ष्य का पीछा, छह पड़ावों में
भारत के मील के पत्थर बताते हैं कि न्यूजीलैंड को वापसी का कितना कम समय मिला। मेजबान टीम ने चार विकेट जरूर लिए, लेकिन सलामी साझेदारी तब तक लक्ष्य के दबाव का बड़ा हिस्सा खत्म कर चुकी थी।
- 2.2 ओवर के बाद: भारत ने 14 वैध गेंदों में 50 रन पूरे किए।
- पांच ओवर के बाद: सलामी साझेदारी ने 100 रन पूरे किए।
- छह ओवर के बाद: भारत बिना विकेट गंवाए रिकॉर्ड 118 रन पर था।
- 7.1 ओवर के बाद: 45 रन बनाकर सूर्यवंशी आउट हुए और 133 रन की सलामी साझेदारी टूटी।
- 7.4 ओवर के बाद: भारत ने 150 रन पूरे किए, जो पुरुष टी20 क्रिकेट में सबसे तेज़ था।
- 13.2 ओवर के बाद: भारत ने चार विकेट पर 199 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया।
शतक पूरा करने के बाद अभिषेक आउट हुए। अंत के करीब अय्यर पांच और सैमसन 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इन विकेटों से नतीजे में कुछ देर जरूर हुई, लेकिन लक्ष्य की रन गति मुश्किल नहीं हुई।
पुरुष टी20 क्रिकेट में कम से कम 190 रन के लक्ष्य का सफल पीछा करने वाली टीमों में भारत की यह दूसरी सबसे तेज़ जीत थी। 2024 में एस्टोनिया ने साइप्रस के खिलाफ 192 रन का लक्ष्य 13 ओवर में हासिल किया था, यानी दो वैध गेंदें कम खेलकर।
आखिरी दो मैचों से पहले सीरीज़ पर कब्जा
अय्यर ने कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी टीम को पांच ओवर में 100 रन बनाते नहीं देखा था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके और सैमसन के बल्लेबाजी करते समय गेंद पिच से हरकत कर रही थी, इसलिए सलामी बल्लेबाजों की सफलता उन्हें खास तौर पर प्रभावशाली लगी।
कप्तान ने लंबे सफर और जेट लैग के बाद परिस्थितियों के मुताबिक ढलने का श्रेय खिलाड़ियों को दिया। भारत ने अब अजेय बढ़त बना ली है, जबकि न्यूजीलैंड को सीरीज़ की पहली जीत की तलाश में बाकी मैच खेलने होंगे।
चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शुक्रवार, 30 अक्टूबर को खेला जाना है। वेलिंगटन की जीत ने न्यूजीलैंड में भारत को लगातार तीसरी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ जीत भी दिलाई।
भारत ने इससे पहले 23 जनवरी को रायपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ 209 रन का लक्ष्य 28 गेंद बाकी रहते हासिल किया था। वेलिंगटन में लक्ष्य दस रन कम था, लेकिन भारत ने 40 गेंद शेष रहते मैच जीत लिया, यानी दो ओवर और ज्यादा बाकी थे। दोनों मैचों में समान बात यह रही कि बड़े लक्ष्य का दबाव आखिरी ओवरों से काफी पहले खत्म कर दिया गया।
मुख्य बातें
- भारत ने वेलिंगटन में न्यूजीलैंड को छह विकेट से हराकर सीरीज़ में 3-0 की बढ़त बनाई।
- अभिषेक शर्मा ने 38 गेंदों में 113 रन बनाए और 35 गेंदों में शतक पूरा किया।
- वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों में 45 रन बनाए; सलामी जोड़ी ने 133 रन जोड़े।
- पावरप्ले में भारत के बिना विकेट गंवाए 118 रन पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय का रिकॉर्ड है।
- डेरिल मिचेल की नाबाद पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने तीन विकेट पर 198 रन बनाए।
- भारत ने 13.2 ओवर में चार विकेट पर 199 रन बनाए और 40 गेंद बाकी रहते जीत हासिल की।
- चौथा मैच 30 अक्टूबर को खेला जाना है।






