आईपीएल 2027 के लिए मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच बने कीरोन पोलार्ड, रिटेंशन की समयसीमा होगी पहली परीक्षा

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Kieron Pollard Named Mumbai Indians Head Coach for IPL 2027, With Retention Deadline First Test

खिलाड़ियों को बनाए रखने की समयसीमा करीब, पोलार्ड ने संभाली कमान

मुंबई इंडियंस ने 24 अक्टूबर, 2026 को कीरोन पोलार्ड को मुख्य कोच नियुक्त किया। इंडियन प्रीमियर लीग के अपने पांचों खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे पोलार्ड को 2027 के लिए टीम तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके सामने पहला बड़ा फैसला जल्द ही होगा: फ्रेंचाइजी को 15 नवंबर की समयसीमा से पहले खिलाड़ियों को रिटेन करने की सूची तय करनी है।

विषय-सूची
  1. खिलाड़ियों को बनाए रखने की समयसीमा करीब, पोलार्ड ने संभाली कमान
  2. मैदान पर जीत का रिकॉर्ड, हाल के नतीजे उतार-चढ़ाव भरे
  3. कैसे हुआ यह बदलाव
  4. वानखेड़े में मुंबई की पहचान फिर से कायम करना
  5. खिलाड़ियों को आजादी, तैयारी में बारीकी
  6. जयवर्धने से पोलार्ड क्या सीख लेकर आए
  7. नए मुख्य कोच के साथ काम करने वाला स्टाफ
  8. रिटेंशन के फैसलों से नियुक्ति पर अमल शुरू
  9. क्रिकेट करियर का दायरा बढ़ा
  10. मुख्य बातें

पोलार्ड ने महेला जयवर्धने की जगह ली है, जिन्होंने 17 अक्टूबर को पद छोड़ दिया था। यह बदलाव 2026 के निराशाजनक सत्र के बाद हुआ है। इसके साथ ही मुंबई के साथ पोलार्ड का जुड़ाव आगे बढ़ा है। वह 2010 में खिलाड़ी के रूप में फ्रेंचाइजी से जुड़े थे और 2023 से चार सत्र तक बल्लेबाजी कोच रहे।

अपनी मुख्य कोच की नियुक्ति की घोषणा में मुंबई इंडियंस ने फ्रेंचाइजी की समझ, टी20 क्रिकेट की बदलती रणनीतियों के उनके अनुभव और टीम के सबसे सफल वर्षों में उनकी भूमिका का उल्लेख किया। इस नियुक्ति के बाद अब उनकी जिम्मेदारी सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी टीम की होगी।

मुंबई इंडियंस ने 24 अक्टूबर, 2026 की सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस पदोन्नति की घोषणा की और इसे फ्रेंचाइजी के साथ पोलार्ड के 16 साल के जुड़ाव का नया अध्याय बताया। फ्रेंचाइजी के बयान में पोलार्ड ने कहा: "MI मेरी जिंदगी और करियर का बहुत अहम हिस्सा रहा है। इस टीम, खिलाड़ियों और पलटन के साथ मेरा जो रिश्ता है, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। पहले खिलाड़ी और फिर कोच के रूप में इस सफर का हिस्सा रहने के कारण मैं समझता हूं कि मुंबई इंडियंस किसका प्रतिनिधित्व करती है और ब्लू एंड गोल्ड का प्रतिनिधित्व करने के साथ कौन-सी जिम्मेदारी आती है।"

मुंबई इंडियंस के नए मुख्य कोच पोलार्ड ने मालिकों के भरोसे के लिए आभार जताया और अपनी प्राथमिकताएं बताईं:

मैं श्रीमती नीता अंबानी, आकाश अंबानी और पूरे MI परिवार का मुझ पर भरोसा जताने के लिए आभारी हूं। मैं खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के साथ मिलकर काम करने, टीम की विरासत को आगे बढ़ाने, हमारी प्रतिभाओं को निखारने और पलटन को जश्न मनाने के और मौके देने के लिए उत्सुक हूं।

मुंबई इंडियंस के समर्थकों को पलटन कहा जाता है। पोलार्ड का संदेश उनके साथ पुराने जुड़ाव और एक तात्कालिक चुनौती, दोनों को सामने रखता है: 2020 के बाद से आईपीएल खिताब नहीं जीत पाई टीम को फिर से खिताब की दावेदार बनाना।

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मैदान पर जीत का रिकॉर्ड, हाल के नतीजे उतार-चढ़ाव भरे

पोलार्ड ने अपने आईपीएल करियर में सिर्फ मुंबई इंडियंस के लिए खेला। 2010 से 2022 के बीच उन्होंने 189 मैच खेले, 3,412 रन बनाए और 69 विकेट लिए। ऑलराउंडर के तौर पर उन्होंने बल्ले और गेंद, दोनों से योगदान दिया।

उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट 147.32 था। क्रिकेट में स्ट्राइक रेट बताता है कि बल्लेबाज ने हर 100 गेंदों पर कितने रन बनाए। यानी पोलार्ड ने हर 100 गेंदों पर करीब 147 रन की गति से रन बनाए। इससे उस आक्रामक बल्लेबाजी अनुभव का अंदाजा मिलता है, जो वह ऐसे प्रारूप में लेकर आते हैं जहां हर टीम को सामान्य तौर पर 120 वैध गेंदें खेलने का मौका मिलता है।

मुंबई ने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में आईपीएल खिताब जीता और पोलार्ड हर बार विजेता टीम का हिस्सा थे। वह 2011 और 2013 में चैंपियंस लीग टी20 खिताब जीतने वाली मुंबई की टीम में भी शामिल थे। इससे आईपीएल से बाहर फ्रेंचाइजी की सफलता का उनका अनुभव भी दिखता है।

हाल के नतीजे उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। मुंबई 2023 और 2025 में प्लेऑफ तक पहुंची, लेकिन 2024 में दसवें और 2026 में नौवें स्थान पर रही, हालांकि 2026 के लिए चौथे स्थान पर रहने की खबर भी आई है। 2023 से 2026 तक चार सत्रों में टीम दो बार प्लेऑफ में पहुंची।

लीग चरण के बाद चैंपियन का फैसला करने वाला नॉकआउट दौर प्लेऑफ कहलाता है। लगातार प्लेऑफ में जगह बनाना पोलार्ड के सामने पहली प्रतिस्पर्धी चुनौती है। इसके बाद मुंबई को 2020 की जीत के बाद से लगातार छह पूरे सत्रों से चले आ रहे खिताब के सूखे को खत्म करना होगा।

कैसे हुआ यह बदलाव

पोलार्ड की पदोन्नति फ्रेंचाइजी के बाहर से किसी नए व्यक्ति को लाने के बजाय मुंबई के साथ उनकी लंबी यात्रा का अगला पड़ाव है। वह 22 साल की उम्र में टीम से जुड़े और आईपीएल में खेलना छोड़ने के बाद भी टीम के साथ बने रहे।

  • 2010: पोलार्ड खिलाड़ी के रूप में मुंबई इंडियंस से जुड़े।
  • 2013 से 2020: मुंबई के आईपीएल खिताब जीतने के पांचों अभियानों में टीम का हिस्सा रहे।
  • 2022: आईपीएल में उनका आखिरी सत्र।
  • 2023: मुंबई के बल्लेबाजी कोच के रूप में काम शुरू किया।
  • 17 अक्टूबर, 2026: जयवर्धने ने मुख्य कोच का पद छोड़ दिया।
  • 24 अक्टूबर, 2026: मुंबई ने पोलार्ड की पदोन्नति की घोषणा की।
  • 15 नवंबर, 2026: 2027 की नीलामी से पहले खिलाड़ियों को रिटेन करने की समयसीमा।

आईपीएल 2027 की नीलामी रिटेंशन की समयसीमा के करीब एक महीने बाद गोवा में होने की उम्मीद है। नीलामी की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

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वानखेड़े में मुंबई की पहचान फिर से कायम करना

मुंबई के घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम के माहौल को पोलार्ड ने टीम की वापसी के अपने संदेश का हिस्सा बनाया है। वह चाहते हैं कि टीम का प्रदर्शन समर्थकों को मैदान को मुंबई के नीले रंग से भरने की वजह दे, न कि प्रतिद्वंद्वी टीमों से जुड़े पीले और लाल रंग से।

मुंबई इंडियंस की ओर से पोस्ट किए गए वीडियो में पोलार्ड ने माना कि टीम समर्थकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। नए मुख्य कोच ने कहा कि सुधार से पहले इस बात को स्वीकार करना जरूरी है:

हम उतने अच्छे नहीं रहे, जितना आप (प्रशंसक) हमें देखना चाहते हैं। बेहतर होने का पहला कदम इस बात को स्वीकार करना है, और हम मानते हैं कि आप अब भी हमारे सबसे वफादार प्रशंसक हैं, पलटन। उम्मीद है कि हम वह जुनून दिखाते रहेंगे, जो आपने पिछले वर्षों में देखा है, और नई पीढ़ी के कुछ क्रिकेटरों के साथ उन यादों को फिर से जी सकेंगे,

पोलार्ड का व्यापक संदेश था कि खिलाड़ियों को खुद से पहले टीम को रखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि वे किसका प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने समर्थकों के जुनून की वापसी को टीम के भीतर के काम से जोड़ा और माहौल फिर बनाने की जिम्मेदारी खिलाड़ियों पर रखी।

मुंबई के नए खिलाड़ियों के लिए इसका मतलब है कि क्लब का इतिहास उनके सामने एक ऐसा मानक रखता है, जिसे हासिल करने की दिशा में उन्हें काम करना होगा। पोलार्ड पिछली खिताबी जीतों से जुड़े समर्पण का लाभ उठाते हुए नई पीढ़ी को अपने सफल सत्र बनाने में मदद करना चाहते हैं।

खिलाड़ियों को आजादी, तैयारी में बारीकी

पोलार्ड की कार्यशैली में खिलाड़ियों को अपनी पहचान दिखाने की आजादी के साथ बातचीत, रणनीतिक योजना और डेटा का इस्तेमाल भी शामिल है। उनका कहना है कि खिलाड़ी अपने व्यवहार और प्रतिस्पर्धा के तरीके को लेकर बहुत ज्यादा बंधे हुए महसूस न करें, बल्कि खुद को खुलकर जाहिर कर सकें।

नियमों और डिमेरिट अंकों की चिंता के बीच कुछ खिलाड़ियों के "रोबोटिक" होने की बात उन्होंने कही। डिमेरिट अंक क्रिकेट की आचार संहिता के उल्लंघन पर मिलने वाली अनुशासनात्मक सजा हैं। पोलार्ड चाहते हैं कि मुंबई के ड्रेसिंग रूम में मौजूद अलग-अलग व्यक्तित्व खुलकर सामने आएं।

टीम को संभालने का अपना तरीका बताते हुए पोलार्ड ने उस तैयारी का भी जिक्र किया, जो खिलाड़ियों को यह आजादी देने के पीछे होती है:

यह खिलाड़ियों पर निर्भर करता है। यह बातचीत पर निर्भर करता है, आमने-सामने की बातचीत पर। हां, इसमें टीम की बैठकें और टीम की रणनीति भी शामिल हैं। क्रिकेट हाल में बहुत बदल गया है, ऐसे में डेटा भी अहम हो जाता है। इससे तैयारी में मदद मिलती है।

इन प्राथमिकताओं में खिलाड़ियों से व्यक्तिगत बातचीत और सामूहिक योजना, दोनों शामिल हैं। बातचीत से कोच किसी खिलाड़ी की भूमिका और चिंताओं को समझ सकता है, जबकि प्रदर्शन से जुड़े डेटा के आधार पर खास प्रतिद्वंद्वियों के लिए तैयारी की जा सकती है। पोलार्ड ने इन दोनों को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बताया है।

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जयवर्धने से पोलार्ड क्या सीख लेकर आए

जयवर्धने के जाने के साथ मुंबई के मुख्य कोच के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल समाप्त हो गया। वह 2017 से 2022 तक इस पद पर रहे और 2025 तथा 2026 सत्रों के लिए लौटे। 2023 और 2024 में मार्क बाउचर टीम के कोच थे।

पोलार्ड ने पहले खिलाड़ी और फिर कोचिंग दल के सदस्य के रूप में जयवर्धने की कार्यशैली को देखा। उन्होंने श्रीलंकाई कोच की रणनीतिक सटीकता की सराहना की और कहा कि उनके मार्गदर्शन में काम करने से उन्हें कई नजरियों से सीखने का मौका मिला।

मुंबई के पांच में से तीन आईपीएल खिताब, 2017, 2019 और 2020 में, जयवर्धने के पहले कार्यकाल में आए। इस तरह पोलार्ड कोच के रूप में उस शख्स की जगह ले रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने फ्रेंचाइजी के साथ अपनी कुछ सबसे बड़ी सफलताएं हासिल कीं।

इस पदोन्नति के साथ पोलार्ड मुंबई के मुख्य कोच का पद संभालने वाले आठवें व्यक्ति बन गए हैं। जयवर्धने और बाउचर से पहले 2008 में लालचंद राजपूत, 2009 में शॉन पोलॉक, 2010 से 2012 तक रॉबिन सिंह, 2013 और 2014 में जॉन राइट तथा 2015 और 2016 में रिकी पोंटिंग इस पद पर रहे।

राइट के मार्गदर्शन में मुंबई ने 2013 में अपना पहला आईपीएल खिताब जीता, जबकि 2015 की जीत के समय पोंटिंग कोच थे। पोलार्ड का खेल करियर इन कोचों के कार्यकाल से जुड़ा रहा, जिससे उन्हें एक ही फ्रेंचाइजी में काम करने की कई शैलियों का अनुभव मिला।

नए मुख्य कोच के साथ काम करने वाला स्टाफ

पोलार्ड कोचिंग, प्रदर्शन विश्लेषण, फिटनेस और चिकित्सा देखभाल से जुड़े स्टाफ के साथ काम करेंगे। 2027 के स्टाफ में सचिन तेंदुलकर आइकन, जुबिन भरूचा प्रदर्शन निदेशक और राहुल सांघवी क्रिकेट निदेशक के रूप में शामिल हैं।

लसिथ मलिंगा और पारस म्हाम्ब्रे गेंदबाजी कोच हैं, जबकि कार्ल हॉपकिन्सन क्षेत्ररक्षण कोच हैं। उनकी विशेषज्ञ भूमिकाएं टीम की व्यापक तैयारी और दिशा की पोलार्ड की जिम्मेदारी के साथ जुड़ेंगी।

धनंजय सीकेएम प्रदर्शन डेटा और नवाचार के मुख्य अधिकारी और वरुण एल. डेटा विश्लेषक हैं। ये भूमिकाएं मैचों के लिए खिलाड़ियों की तैयारी में जानकारी का इस्तेमाल करने की पोलार्ड की बताई प्राथमिकता से सीधे जुड़ी हैं।

सहयोगी ढांचे में बेन लैंगली खेल विज्ञान और चिकित्सा प्रमुख, पॉल चैपमैन शक्ति एवं कंडीशनिंग कोच, क्रेग गोवेंडर फिजियोथेरेपिस्ट और किनिता पटेल टीम पोषण विशेषज्ञ हैं। प्रशांत सी. जंगम टीम मैनेजर हैं।

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रिटेंशन के फैसलों से नियुक्ति पर अमल शुरू

15 नवंबर पोलार्ड के कार्यकाल की पहली ठोस समयसीमा है। रिटेंशन के फैसले तय करेंगे कि नीलामी से पहले मुंबई किन खिलाड़ियों को अपने साथ रखेगी। इससे 2027 में कोचिंग के लिए मिलने वाली टीम का खाका बनेगा और उन कमियों का पता चलेगा जिन्हें फ्रेंचाइजी को बाद में भरना होगा।

इन चर्चाओं में पोलार्ड मुंबई के बल्लेबाजी कोच के तौर पर चार सत्रों का अनुभव लेकर आ रहे हैं। नई भूमिका का दायरा इससे बड़ा है: उन्हें व्यक्तिगत खिलाड़ियों की जरूरतों के साथ पूरी टीम के संतुलन पर ध्यान देना होगा, जिसमें बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण शामिल हैं।

मुंबई के मालिकों ने क्लब के साथ पोलार्ड की परिचितता को उन्हें चुनने की एक वजह बताया है। फ्रेंचाइजी की सह-मालिक नीता एम. अंबानी ने उनके अनुभव को नेतृत्व से अपनी उम्मीदों से जोड़ा:

पॉली जानते हैं कि MI की जर्सी पहनने का क्या मतलब है और पलटन के लिए खेलने में क्या लगता है। मुझे भरोसा है कि वह इस भूमिका में भी वही समर्पण, विश्वास और दृढ़ संकल्प लेकर आएंगे। टीम को उसके अगले अध्याय में ले जाते हुए मैं उन्हें हर सफलता की शुभकामना देती हूं।

फ्रेंचाइजी की नियुक्ति संबंधी घोषणा में पोलार्ड का स्वागत करते हुए अंबानी ने कहा: "पोलार्ड 22 साल के युवा खिलाड़ी के रूप में मुंबई इंडियंस से जुड़े थे और पिछले सोलह वर्षों में हमारे परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने हमें कई यादगार पल दिए, और कोच के तौर पर वह अपना अनुभव, जुनून और खेल की गहरी समझ साझा करते रहे हैं। उन्हें मुख्य कोच की नई जिम्मेदारी संभालते देख हमें बेहद खुशी है।"

रिटेंशन सूची पहला संकेत होगी कि मुंबई अपनी अगली टीम किस तरह बनाना चाहती है। इसके बाद गोवा में होने वाली संभावित नीलामी 2027 के सत्र से पहले इन फैसलों पर अमल का एक और मौका देगी।

क्रिकेट करियर का दायरा बढ़ा

पोलार्ड की नियुक्ति कई प्रतियोगिताओं के उनके अनुभव को एक साथ लाती है। वह द हंड्रेड में MI लंदन के मुख्य कोच भी हैं। खिलाड़ी के रूप में उनका करियर मेजर लीग क्रिकेट में MI न्यूयॉर्क, SA20 में MI केप टाउन और ILT20 में MI एमिरेट्स तक फैला है।

आगामी SA20 सत्र के लिए वह जॉबर्ग सुपर किंग्स की ओर से खेलेंगे। इस टीम ने नीलामी में उन्हें लिया, जबकि MI केप टाउन की ओर से उनके लिए कोई प्रतिस्पर्धी बोली नहीं आई। इसलिए दक्षिण अफ्रीका में उनका अगला खेल कार्यभार मुंबई की सहयोगी टीम के बजाय किसी दूसरी फ्रेंचाइजी के साथ होगा।

2019 से पोलार्ड कैरेबियन प्रीमियर लीग में अपनी घरेलू टीम ट्रिनबागो नाइट राइडर्स के लिए भी खेलते रहे हैं। खेलना जारी रखने की उनकी जिम्मेदारियों के साथ कोचिंग करियर भी आगे बढ़ रहा है। अब मुंबई की आईपीएल भूमिका के जरिए उन्हें इस प्रतियोगिता की सबसे कामयाब टीमों में से एक की जिम्मेदारी मिली है।

मुंबई के सामने तत्काल कामों का क्रम साफ है: तय करना कि किन खिलाड़ियों को रिटेन करना है, नीलामी की तैयारी करना और ऐसी टीम बनाना जो प्लेऑफ में लौट सके। क्लब के साथ पोलार्ड का जुड़ाव इस काम को एक परिचित शुरुआत देता है, जबकि हाल के नतीजे सुधार की जरूरत बताते हैं।

मुख्य बातें

  • मुंबई इंडियंस ने 24 अक्टूबर, 2026 को कीरोन पोलार्ड को मुख्य कोच नियुक्त किया। वह आईपीएल 2027 के लिए महेला जयवर्धने की जगह लेंगे।
  • पोलार्ड ने मुंबई के लिए आईपीएल के 189 मैच खेले और टीम के पांचों खिताबी अभियानों का हिस्सा रहे।
  • वह 2023 में बल्लेबाजी कोच बने थे और अब पूरी टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • उनकी बताई प्राथमिकताओं में टीम को पहले रखना, खिलाड़ियों को खुलकर खेलने देना और तैयारी में डेटा का इस्तेमाल शामिल है।
  • खिलाड़ियों को रिटेन करने की समयसीमा 15 नवंबर है। इसके करीब एक महीने बाद गोवा में नीलामी होने की उम्मीद है।
  • मुंबई ने आखिरी बार 2020 में आईपीएल जीता था और 2023 तथा 2025 में प्लेऑफ तक पहुंची।
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