तीसरा याओगान-50 उपग्रह ताइयुआन से कक्षा में पहुंचा
चीन ने 23 अक्टूबर, 2026 को बीजिंग समयानुसार शाम 6:15 बजे याओगान-50 03 रिमोट सेंसिंग उपग्रह का प्रक्षेपण किया। इसके साथ ही भूमि और प्राकृतिक संसाधनों का सर्वेक्षण करने, फसल पैदावार का अनुमान लगाने तथा आपदा रोकथाम और राहत में सहायता के उद्देश्य वाली श्रृंखला में तीसरा अंतरिक्ष यान जुड़ गया। यह लॉन्ग मार्च रॉकेट परिवार का 672वां उड़ान मिशन था।
विषय-सूची
- तीसरा याओगान-50 उपग्रह ताइयुआन से कक्षा में पहुंचा
- उपग्रह किन चीजों का अवलोकन करेगा
- बार-बार गुजरना क्यों मायने रखता है
- 2026 में तीन प्रक्षेपण
- प्रतिगामी कक्षा का अर्थ
- मिशन के पीछे का रॉकेट
- अलग-अलग उपग्रह संयोजनों के लिए बना प्रक्षेपण यान
- चीन की प्रक्षेपण गतिविधियों में इस उड़ान की जगह
- नई क्षमता का जमीन पर क्या मतलब है
- मुख्य बिंदु
लॉन्ग मार्च 6A रॉकेट ने उत्तरी चीन के शान्शी प्रांत में ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 9A से उड़ान भरी। सरकारी अंतरिक्ष कंपनी चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्प. ने कहा कि उपग्रह अपनी निर्धारित कक्षा में पहुंच गया और मिशन सफल रहा।
याओगान 50C के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस अंतरिक्ष यान का निर्माण शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी ने किया। यह प्रतिगामी निम्न पृथ्वी कक्षा में पहुंचा, यानी यह पृथ्वी के घूर्णन की विपरीत दिशा में उसके चारों ओर घूमता है।
शुक्रवार का मिशन जनवरी में याओगान 50A और मार्च में याओगान 50B के प्रक्षेपण के बाद हुआ। तीनों उपग्रहों का उद्देश्य अवलोकन क्षेत्रों का बार-बार निरीक्षण करना है। इनका कवरेज पूरे चीन के साथ-साथ उत्तर में ब्रिटेन और दक्षिण में दक्षिण अफ्रीका तक फैला है।
उपग्रह किन चीजों का अवलोकन करेगा
याओगान-50 03 के तीन घोषित मुख्य उपयोग हैं: भूमि और प्राकृतिक संसाधनों का सर्वेक्षण, फसल पैदावार का अनुमान और आपदा रोकथाम एवं शमन। रिमोट सेंसिंग का अर्थ है किसी स्थान से दूर रहकर उसके बारे में जानकारी जुटाना। उपग्रह पृथ्वी की सतह से आने वाले प्रकाश या अन्य संकेतों को दर्ज करके ऐसा करते हैं। इससे हर जगह सर्वेक्षण दल भेजे बिना बड़े क्षेत्रों की जांच की जा सकती है।
भूमि सर्वेक्षण से एजेंसियों को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि किसी क्षेत्र का उपयोग किस तरह किया जा रहा है। फसल पैदावार का अनुमान खेतों के अवलोकन के आधार पर लगाया जाता है, जिससे पता चलता है कि किसी फसल से कितना खाद्यान्न मिल सकता है। आपदा निगरानी से बचावकर्मियों को प्रभावित क्षेत्र का व्यापक दृश्य मिल सकता है, खासकर तब जब नुकसान इतना फैला हो कि जमीन पर मौजूद दल तुरंत पूरे इलाके का निरीक्षण न कर सकें।
व्यापक याओगान परिवार में अलग-अलग उपकरण लगे हैं, जिनमें ऑप्टिकल सेंसर और रडार शामिल हैं। ऑप्टिकल उपकरण तस्वीरें बनाने के लिए प्रकाश जुटाते हैं, जबकि रडार संकेत भेजता है और उनके परावर्तन को मापता है। प्रक्षेपण संबंधी जानकारी में याओगान-50 03 पर लगे विशेष सेंसर, उसकी छवि का रिजॉल्यूशन और उसकी सटीक कक्षीय ऊंचाई नहीं बताई गई।
बार-बार गुजरना क्यों मायने रखता है
बताया गया है कि तीनों याओगान-50 उपग्रह चुने गए स्थानों की दिन में कई बार, रात में भी, तस्वीरें ले सकते हैं। किसी अवलोकन प्रणाली में एक निरीक्षण से अगले निरीक्षण तक का समय अहम होता है, क्योंकि इस दौरान जमीन पर स्थितियां बदल सकती हैं।
बाढ़ फैल सकती है, खेतों में पानी भर सकता है और आपातकालीन दलों के शुरुआती नुकसान का आकलन करने के दौरान ही रास्ते प्रभावित हो सकते हैं। अधिक बार अवलोकन होने से एजेंसियों को प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन अपडेट करने के ज्यादा मौके मिलते हैं। कृषि में, बार-बार ली गई तस्वीरें बढ़ते मौसम के दौरान फसलों में होने वाले बदलावों पर नजर रखने में मदद कर सकती हैं।
तीसरे उपग्रह के जुड़ने से इस श्रृंखला में एक और अंतरिक्ष यान शामिल हुआ है, जो अवलोकन क्षेत्रों के ऊपर से गुजर सकता है। उपयोगी तस्वीरों के बीच वास्तविक अंतराल उपग्रहों के मार्ग, उनके उपकरणों के निशाने और निगरानी किए जा रहे स्थानों पर निर्भर करता है।
इस श्रृंखला का बताया गया कवरेज चीन से काफी आगे तक पहुंचता है। ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका का उल्लेख इसकी भौगोलिक पहुंच दर्शाता है; मिशन के घोषित उपयोग भूमि और प्राकृतिक संसाधनों के सर्वेक्षण, कृषि संबंधी अनुमान और आपदा प्रबंधन ही हैं।
2026 में तीन प्रक्षेपण
याओगान-50 03 करीब नौ महीनों में हुए तीन प्रक्षेपणों की श्रृंखला पूरी करता है। पहले और तीसरे अंतरिक्ष यान का निर्माण शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी ने किया, जबकि दूसरे का निर्माण चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी ने किया।
- जनवरी 2026: श्रृंखला का पहला उपग्रह याओगान 50A प्रक्षेपित किया गया।
- मार्च 2026: दूसरा उपग्रह याओगान 50B प्रक्षेपित हुआ।
- सितंबर 2026 की शुरुआत: दूसरे उपग्रह के साथ एक घटना हुई, जिससे मलबा बना। खबरों के मुताबिक, वह काम करता रहा।
- 23 अक्टूबर, 2026: याओगान-50 03 ने बीजिंग समयानुसार शाम 6:15 बजे, यानी 10:15 बजे UTC, ताइयुआन से उड़ान भरी।
सितंबर की घटना विकसित हो रहे अवलोकन नेटवर्क की स्थिति के लिहाज से अहम है। दूसरे उपग्रह के काम करते रहने का मतलब है कि तीसरे अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण के समय उसे श्रृंखला में योगदान देने वाला बताया गया था।
शुक्रवार की घोषणा ने कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचने की पुष्टि की। नए प्रक्षेपित अवलोकन उपग्रह का नियमित इस्तेमाल शुरू होने से पहले आमतौर पर उसके सिस्टम और उपकरणों की जांच की जाती है।
प्रतिगामी कक्षा का अर्थ
याओगान-50 03 अपने दोनों पूर्ववर्ती उपग्रहों की तरह व्यापक तौर पर एक ही कक्षीय दिशा में चलता है। प्रतिगामी कक्षा पृथ्वी के घूर्णन के विपरीत दिशा में होती है। निम्न पृथ्वी कक्षा में अंतरिक्ष यान ग्रह के अपेक्षाकृत करीब रहता है, जबकि कुछ उपग्रह इससे कहीं अधिक दूर काम करते हैं।
अगर कोई उपग्रह नक्शे पर एक तय रेखा के साथ चलता हुआ दिखाई दे, तो भी पृथ्वी उसके नीचे घूम रही होती है। इसलिए हर चक्कर में सतह की अलग पट्टी नजर आ सकती है। कक्षा का कोण तय करने में मदद करता है कि अंतरिक्ष यान कितनी दूर उत्तर और दक्षिण तक जा सकता है।
याओगान-50 श्रृंखला व्यापक भौगोलिक क्षेत्र में बार-बार अवलोकन के मौके देने के लिए इन कक्षीय मार्गों का इस्तेमाल करती है। दिन और रात, दोनों समय तस्वीरें लेने की इसकी बताई गई क्षमता खास तौर पर तब काम आ सकती है, जब कोई घटना सूर्यास्त के बाद भी जारी रहे।
अन्य अवलोकन मिशन सूर्य-समकालिक कक्षाओं का उपयोग करते हैं, जिनमें उपग्रह किसी स्थान के ऊपर से लगभग हर दिन स्थानीय सौर समय पर गुजरते हैं। इससे अलग-अलग तस्वीरों की तुलना के लिए रोशनी की स्थितियां लगभग समान रहती हैं। अलग-अलग कक्षीय डिजाइन अलग अवलोकन कार्यक्रमों के लिए उपयोगी होते हैं। निरीक्षण की आवृत्ति उपग्रहों की संख्या और उनके उपकरणों की पहुंच पर भी निर्भर करती है।
मिशन के पीछे का रॉकेट
लॉन्ग मार्च 6A, जिसे चीन की प्रक्षेपण घोषणा में संशोधित लॉन्ग मार्च-6 कहा गया है, में तरल प्रणोदक से चलने वाला मुख्य भाग और ठोस प्रणोदक से चलने वाले चार बूस्टर हैं। इसका प्रक्षेपण के समय कुल द्रव्यमान करीब 530 मीट्रिक टन होता है।
मुख्य बूस्टर की लंबाई 50 मीटर बताई गई है। इसके मुख्य चरण रॉकेट-ग्रेड केरोसिन और तरल ऑक्सीजन जलाते हैं, जबकि इससे जुड़े चार बूस्टर उड़ान के शुरुआती हिस्से में अतिरिक्त जोर देते हैं। जोर वह बल है जो रॉकेट को ऊपर की ओर धकेलता है।
इस रॉकेट की क्षमता निम्न पृथ्वी कक्षा में 8,000 किलोग्राम या 700 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूर्य-समकालिक कक्षा में कम से कम 4,500 किलोग्राम ले जाने की है। ये अलग-अलग गंतव्य हैं: रॉकेट की वहन क्षमता तय कक्षा तक पहुंचने के लिए जरूरी ऊर्जा के अनुसार बदलती है।
4,500 किलोग्राम की क्षमता 4.5 मीट्रिक टन के बराबर है। इस मिशन में रॉकेट ने एक उपग्रह को ले गया। प्रकाशित क्षमता बताती है कि प्रक्षेपण यान तय परिस्थितियों में कितना भार ले जा सकता है, जबकि किसी खास उड़ान में इस्तेमाल हुई क्षमता वास्तविक अंतरिक्ष यान के द्रव्यमान पर निर्भर करती है।
अलग-अलग उपग्रह संयोजनों के लिए बना प्रक्षेपण यान
लॉन्ग मार्च 6A प्रक्षेपण सेवा की जिम्मेदार कंपनी चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कमर्शियल लॉन्च व्हीकल ग्रुप ने उड़ान के बाद अपने बयान में कहा कि रॉकेट अलग-अलग पेलोड संयोजनों को ले जा सकता है।
यह विभिन्न प्रकार की उच्च-घनत्व प्रक्षेपण जरूरतों को पूरा कर सकता है। इनमें एक उपग्रह का प्रक्षेपण या टैंडम, समानांतर, एक-दूसरे के ऊपर, बगल में लगे अथवा साझा प्रक्षेपण वाले संयोजनों में कई उपग्रहों की तैनाती शामिल है।
व्यावहारिक रूप से, एक प्रक्षेपण यान एक बड़े अंतरिक्ष यान या आकार और छोड़े जाने की जरूरतों के अनुरूप संयोजनों में सुरक्षित कई उपग्रह ले जा सकता है। साझा प्रक्षेपण में कई पेलोड एक ही रॉकेट से यात्रा करते हैं।
चीन के अवलोकन उपग्रहों के समूह और अलग-अलग अंतरिक्ष यान बढ़ाने के साथ यह लचीलापन अहम है। हर मिशन में उपग्रहों के द्रव्यमान, उनके आकार और उनकी लक्षित कक्षा के बीच उचित संतुलन जरूरी होता है।
लॉन्ग मार्च 6A का विकास शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी ने किया। इसी अकादमी ने याओगान-50 03 का निर्माण भी किया, इसलिए शुक्रवार को प्रक्षेपित रॉकेट और अंतरिक्ष यान, दोनों के विकास में उसकी भूमिका रही।
चीन की प्रक्षेपण गतिविधियों में इस उड़ान की जगह
शुक्रवार का प्रक्षेपण लॉन्ग मार्च 6A का 28वां मिशन और 2026 में चीन का 74वां प्रक्षेपण था। यह शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी का 280वां लॉन्ग मार्च प्रक्षेपण यान भी था।
ये अलग-अलग आंकड़े अलग चीजें गिनते हैं। 672 का आंकड़ा पूरे लॉन्ग मार्च रॉकेट परिवार के लिए है। 28 का आंकड़ा केवल लॉन्ग मार्च 6A के लिए है, जबकि राष्ट्रीय कुल में चीन के अलग-अलग प्रकार के रॉकेटों के सभी प्रक्षेपण शामिल हैं।
चीन ने हाल में अपने रिमोट सेंसिंग बेड़े के अन्य हिस्सों का भी विस्तार किया है। सितंबर के मिशनों में याओगान-53-01, 02 और 03 समूह, याओगान-56-01, 02 और 03 समूह तथा याओगान-40 ग्रुप-04 को तैनात किया गया।
व्यापक याओगान श्रृंखला को चीन का पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों का सबसे बड़ा परिवार बताया गया है। इसकी तस्वीरों और आंकड़ों का उपयोग सरकारी एजेंसियां, सार्वजनिक सेवाएं और कारोबार करते हैं। याओगान-50 03 इस नेटवर्क में एक और अवलोकन मंच जोड़ता है, जिसका घोषित ध्यान भूमि, प्राकृतिक संसाधनों, खेती और आपदा निगरानी पर है।
नई क्षमता का जमीन पर क्या मतलब है
सरकारी एजेंसियों और अन्य उपयोगकर्ताओं को व्यापक दृश्य के साथ समय पर अपडेट भी चाहिए। उपग्रह की तस्वीर बड़े क्षेत्र की स्थिति दिखा सकती है, जबकि बार-बार निरीक्षण से पिछली तस्वीर के बाद हुए बदलावों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
फसल के अनुमान के लिए किसी एक तस्वीर के बजाय समय के साथ जुटाए गए अवलोकन उपयोगी होते हैं। आपदा प्रतिक्रिया में उस क्षेत्र की नई तस्वीर मिलना अहम हो सकता है, जहां हालात तेजी से बदल रहे हों। इसी तरह, अलग-अलग तारीखों पर किए गए अवलोकनों की तुलना से भूमि सर्वेक्षण को लाभ मिलता है।
याओगान-50 03 ऐसे अवलोकन जुटाने की क्षमता बढ़ाता है। उन्हें व्यावहारिक फैसलों में बदलने के लिए आंकड़ों का विश्लेषण करना और उन्हें जमीन पर मौजूद स्थितियों की जानकारी के साथ जोड़ना भी जरूरी है।
तत्काल उपलब्धि उपग्रह का सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचना है। इससे बड़ा विकास तीन उपग्रहों वाली याओगान-50 श्रृंखला है, जिसे चीन और उससे बाहर के बड़े क्षेत्र का अधिक बार अवलोकन करने के लिए बनाया गया है।
मुख्य बिंदु
- याओगान-50 03 ने 23 अक्टूबर, 2026 को बीजिंग समयानुसार शाम 6:15 बजे ताइयुआन से उड़ान भरी।
- चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्प. ने कहा कि उपग्रह अपनी निर्धारित कक्षा में पहुंच गया।
- उपग्रह के घोषित उपयोग भूमि और प्राकृतिक संसाधनों का सर्वेक्षण, फसल पैदावार का अनुमान तथा आपदा रोकथाम और शमन हैं।
- यह जनवरी और मार्च में प्रक्षेपित याओगान 50A और 50B के साथ बार-बार अवलोकन के लिए बनाई गई श्रृंखला में शामिल हुआ है।
- लॉन्ग मार्च 6A की यह उड़ान व्यापक लॉन्ग मार्च रॉकेट परिवार का 672वां मिशन थी।






