सुरक्षा जांच में सियोल के विशेष टीबी अस्पताल की कमियां उजागर
दक्षिण कोरिया की राजधानी क्षेत्र का एकमात्र विशेष तपेदिक अस्पताल, सियोल मेट्रोपॉलिटन सेबुक अस्पताल, आइसोलेशन कमरों में लिए गए दबाव के 60.51 प्रतिशत मापों में अपर्याप्त नेगेटिव प्रेशर दर्ज किया गया। शहर की जांच में यह बात सामने आई। 2.88 प्रतिशत मापों में दबाव पॉजिटिव था, जिससे दूषित हवा के उन कमरों से बाहर निकलने का जोखिम पैदा हुआ जिन्हें उसे भीतर रोकने के लिए बनाया गया है।
विषय-सूची
- सुरक्षा जांच में सियोल के विशेष टीबी अस्पताल की कमियां उजागर
- शहर ने किन बातों की जांच की
- हवा की दिशा क्यों मायने रखती है
- रोजाना की लॉग में समस्याएं दर्ज नहीं हुईं
- दरवाजों और शटर में अग्नि सुरक्षा की खामियां
- पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल में काम नहीं कर रहा था
- चिकित्सा कचरा भंडारण सीमा से अधिक रखा गया
- अस्पताल ने बदलाव के लिए क्या कहा
- मुख्य बातें
सियोल की ऑडिट समिति ने 2024, 2025 और 2026 के जनवरी माह के दबाव संबंधी रिकॉर्ड की जांच की। इन मापों में खामियां मिलने के बावजूद, जनवरी 2024 से मार्च 2026 तक की निगरानी लॉग में उपकरणों को हर दिन सामान्य रूप से काम करते हुए दर्ज किया गया। केवल एक कमरे में 20 दिनों तक समस्या दर्ज थी।
जांच में वेंटिलेशन से इतर भी कमियां मिलीं। ऑडिटरों ने पाया कि कुछ अग्नि-द्वार और शटर गायब थे या खराब थे, बाहरी तौर पर पंजीकृत एक रेडियोलॉजिस्ट वास्तव में अस्पताल में काम नहीं करता था, और चिकित्सा कचरा कानूनी भंडारण सीमा से 67 दिन तक अधिक रखा गया था।
अस्पताल में सामान्य तपेदिक और मल्टीड्रग-रेजिस्टेंट तपेदिक के मरीजों का इलाज होता है। यह बीमारी का ऐसा रूप है जो इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं का असर झेल लेता है। मरीजों के इलाज के दौरान संक्रमण फैलने की आशंका कम करने के लिए यहां आइसोलेशन कमरे बनाए गए हैं।
अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि नेगेटिव प्रेशर का रखरखाव पूरी तरह न होने के बावजूद मरीजों को कोई समस्या नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि टीबी वार्ड का वेंटिलेशन अलग है और हर कमरे में अलग एग्जॉस्ट व्यवस्था है। इसके बावजूद ऑडिट में नेगेटिव प्रेशर उपकरणों की पूरी जांच और मरम्मत करने के साथ-साथ उनके प्रबंधन में हुई खामियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
शहर ने किन बातों की जांच की
सियोल मेट्रोपॉलिटन सरकार के अस्पताल सुरक्षा ऑडिट में सिटिजन्स हेल्थ ब्यूरो, सेबुक अस्पताल और सियोल मेट्रोपॉलिटन उनप्योंग अस्पताल शामिल थे। निरीक्षण 11 मार्च से 7 अप्रैल 2026 तक चला और इसमें जनवरी 2024 से किए गए काम की समीक्षा की गई।
सुरक्षा ऑडिट टीम 4 के प्रमुख समेत पांच सदस्यों की टीम ने छह दिन प्रारंभिक ऑडिट और 14 दिन मुख्य ऑडिट किया। इसकी प्राथमिकताओं में चिकित्सा सुरक्षा, आग की रोकथाम, इमारतों और वेंटिलेशन उपकरणों का रखरखाव तथा सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा वातावरण का प्रबंधन शामिल था।
सियोल ने कहा कि संक्रामक रोगों के फैलाव की चिंता के बीच इस जांच का मकसद दुर्घटनाओं को रोकना और भरोसेमंद सार्वजनिक चिकित्सा सेवाओं को समर्थन देना था। सेबुक अस्पताल में मिली कमियां इस जिम्मेदारी के कई पहलुओं तक फैली थीं, मरीजों के आसपास की हवा से लेकर आग को फैलने से रोकने वाली बाधाओं तक।
मुख्य तारीखों से पता चलता है कि समीक्षा में पहले के कर्मचारियों और रखरखाव संबंधी फैसलों को 2026 में मिली स्थितियों से जोड़ा गया:
- जनवरी 2024: ऑडिट में शामिल अस्पताल के कामकाज की अवधि शुरू हुई।
- दिसंबर 2024: सेबुक अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट ने नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद एक बाहरी विशेषज्ञ को पंजीकृत किया गया।
- जनवरी 2024, जनवरी 2025 और जनवरी 2026: इन्हीं महीनों के दबाव माप ऑडिट के नमूने में शामिल थे।
- मार्च 2026: ऑडिटरों की समीक्षा वाली निगरानी लॉग की अवधि का आखिरी महीना।
- 11 मार्च से 7 अप्रैल 2026: शहर ने अस्पताल सुरक्षा ऑडिट किया।
- 2027: अस्पताल निदेशक ने कहा कि खराब अग्नि-द्वार और गायब अग्नि सुरक्षा सुविधाओं के लिए धन मांगा जाएगा।
हवा की दिशा क्यों मायने रखती है
नेगेटिव प्रेशर का मतलब है कि आइसोलेशन कमरे के भीतर हवा का दबाव बाहर की तुलना में कम हो। इसलिए हवा कमरे से बाहर निकलने के बजाय उसमें भीतर की ओर जाती है। इससे हवा में मौजूद कण मरीज के आसपास सीमित रहते हैं और पास के स्थानों तक नहीं पहुंचते।
तपेदिक हवा के जरिए फैल सकता है, इसलिए अन्य मरीजों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा में वेंटिलेशन की व्यावहारिक भूमिका है। सेबुक अस्पताल के आइसोलेशन कमरों में एंटीरूम यानी मरीज के कमरे और आसपास के हिस्सों के बीच छोटी जगहें, और नेगेटिव प्रेशर उपकरण मौजूद हैं।
पॉजिटिव प्रेशर हवा के प्रवाह की तय दिशा को उलट देता है। अगर कमरे के भीतर का दबाव बाहर से अधिक हो जाए, तो हवा बाहर की ओर धकेली जा सकती है। ऑडिटरों के नमूने में 2.88 प्रतिशत मापों में पॉजिटिव प्रेशर मिला। वहीं, कुल 60.51 प्रतिशत माप जरूरी नेगेटिव प्रेशर मानक से कम थे।
आसान शब्दों में कहें तो नमूने में हर 100 में से करीब 61 माप मानक पर खरे नहीं उतरे, जबकि लगभग हर 100 में से तीन में दबाव तय दिशा के उलट था। ये प्रतिशत नमूने में शामिल जनवरी की अवधियों के मापों को दर्शाते हैं; निगरानी की समीक्षा मार्च 2026 तक की लंबी अवधि को कवर करती है।
रोजाना की लॉग में समस्याएं दर्ज नहीं हुईं
ऑडिटरों ने कुछ कमरों में खिड़कियों के आसपास की दरारों से हवा आती-जाती देखी और कुछ दरवाजों के नीचे एक सेंटीमीटर से अधिक खाली जगह पाई। उनका निष्कर्ष था कि कमरों की खराब वायुरोधकता के कारण उचित नेगेटिव प्रेशर बनाए रखना संभव नहीं हो रहा था। इसके बावजूद, जरूरी मरम्मत किए बिना टीबी मरीजों का भर्ती होकर इलाज जारी रहा।
दबाव को नियंत्रित रखने के लिए कमरे और वेंटिलेशन मशीनरी, दोनों का सही होना जरूरी है। अनियंत्रित खुली जगहों से दबाव का निर्धारित अंतर बनाए रखना कठिन हो जाता है। सेबुक अस्पताल में इन भौतिक खामियों के साथ-साथ कर्मचारियों के सिस्टम की जांच और उसके प्रदर्शन को दर्ज करने के तरीके में भी कमजोरी मिली।
ऑडिट में पाया गया कि टीबी वार्ड के नर्सिंग स्टेशन में निगरानी के जिम्मेदार कर्मचारियों को नेगेटिव प्रेशर का जरूरी मानक मालूम नहीं था। कुछ लोग केवल यह जांचते थे कि पॉजिटिव प्रेशर तो नहीं है। किसी कमरे का दबाव बाहर से कम होने के बावजूद जरूरी नेगेटिव प्रेशर स्तर से नीचे रह सकता है, इसलिए सिर्फ दिशा उलटने की जांच करने से दूसरी खामियां पकड़ में नहीं आतीं।
अस्पताल के निदेशक ली चांग-ग्यू ने कहा कि कर्मचारियों की अदला-बदली के कारण पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिल पाया होगा। समिति ने उन्हें पूरे नेगेटिव प्रेशर सिस्टम की जांच और मरम्मत कराने तथा अपर्याप्त प्रबंधन के जिम्मेदार लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया।
दरवाजों और शटर में अग्नि सुरक्षा की खामियां
सेबुक अस्पताल के 72 अग्नि-द्वार स्थानों की समीक्षा की गई। नौ दरवाजे हटा दिए गए थे या कभी लगाए ही नहीं गए थे। बाकी 63 दरवाजों में टेढ़ेपन और जरूरत से अधिक खाली जगह जैसी खामियां थीं।
जांच में शामिल सभी अग्नि-द्वार स्थानों पर कमी मिली: 12.5 प्रतिशत जगहों पर दरवाजा नहीं था, जबकि बाकी 87.5 प्रतिशत में खामियां पाई गईं। अग्नि-द्वार का मकसद इमारत के अलग-अलग हिस्सों के बीच बाधा बनना है, ताकि आग और धुआं एक हिस्से से दूसरे में आसानी से न फैलें।
ऑडिटरों ने 14 अग्नि शटरों की भी जांच की। दो हटा दिए गए थे और बाकी 12 में ठीक से बंद न होने या मशीन से असामान्य आवाज आने जैसी समस्याएं थीं। अग्नि-द्वार की तरह शटर भी सुरक्षा बाधा बनाने के लिए सही ढंग से बंद होने चाहिए।
ऑडिट समिति ने चेतावनी दी कि इन स्थितियों के कारण अस्पताल आग लगने पर लपटों और धुएं को प्रभावी रूप से रोकने में नाकाम हो सकता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए इन बाधाओं की स्थिति अहम है, क्योंकि आग लगने पर चिकित्सा उपचार जारी रखते हुए कर्मचारियों को मरीजों की सुरक्षा करनी पड़ सकती है या उन्हें दूसरी जगह ले जाना पड़ सकता है।
ली ने कहा कि खराब अग्नि-द्वारों की मरम्मत के लिए अस्पताल अगले वर्ष के बजट में 80 लाख वॉन शामिल करने की योजना बना रहा है। गायब सुविधाओं के लिए अगले वर्ष अनुपूरक बजट से धन दिया जाएगा। ऑडिट की 2026 की समय-सारिणी के अनुसार, दोनों योजनाएं 2027 से जुड़ी हैं; काम पूरा होने की कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई।
पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल में काम नहीं कर रहा था
अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट ने दिसंबर 2024 में नौकरी छोड़ दी। इसके बाद सेबुक ने एक बाहरी रेडियोलॉजिस्ट को पंजीकृत किया, लेकिन ऑडिट में पाया गया कि वह विशेषज्ञ वास्तव में काम करने अस्पताल नहीं आता था।
इसके बजाय, अस्पताल के कर्मचारी उसके कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैनर, जिसे आम तौर पर सीटी स्कैनर कहा जाता है, से बनी छवियों की गुणवत्ता जांचते थे। सीटी उपकरण शरीर के अंदर की विस्तृत तस्वीरें बनाने के लिए एक्स-रे का इस्तेमाल करता है। छवियों की गुणवत्ता की जांच से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि वे चिकित्सा उपयोग के लिए उपयुक्त हैं।
ऑडिटरों ने इस बात पर सवाल उठाया कि गुणवत्ता नियंत्रण का काम कौन कर रहा था। विशेषज्ञ के रूप में पंजीकृत व्यक्ति अनुपस्थित था, जबकि अस्पताल के कर्मचारी उसकी जगह जांच कर रहे थे।
ऑडिट में दर्ज जवाब में अस्पताल ने कहा कि उसने अस्थायी अनुबंध पर एक रेडियोलॉजिस्ट नियुक्त किया और पहले से पंजीकृत विशेषज्ञ की जगह नया विशेषज्ञ रखा। अस्पताल ने इसे पूरा किया गया एक सुधारात्मक कदम बताया। उसने अन्य कदम उठाने की बात भी कही।
चिकित्सा कचरा भंडारण सीमा से अधिक रखा गया
सेबुक अस्पताल का चिकित्सा कचरा भंडारण कक्ष अक्सर खुला छोड़ दिया जाता था, जिससे जरूरी पाबंदियों के बिना वहां पहुंचा जा सकता था। ऑडिटरों ने कुछ कचरे को कानूनी रूप से तय अवधि से 67 दिन तक अधिक समय तक रखा हुआ भी पाया।
चिकित्सा कचरे को नियंत्रित तरीके से रखना जरूरी है, क्योंकि इसमें मरीजों के इलाज और संक्रमण के जोखिम से जुड़ी सामग्री हो सकती है। प्रवेश सीमित रखने से ऐसे लोग कचरे से दूर रहते हैं जिन्हें उसे संभालने की जिम्मेदारी नहीं दी गई है, जबकि भंडारण की समय-सीमा के तहत उसे समय पर हटाना जरूरी है।
अस्पताल ने कहा कि वह चिकित्सा कचरे के प्रबंधन और निगरानी को सख्त करेगा तथा ठेके पर कचरा निपटाने वाली कंपनी के कर्मचारियों को संक्रमण नियंत्रण का प्रशिक्षण देगा। इस कदम से अस्पताल के कर्मचारियों के साथ उन लोगों की जिम्मेदारी भी जुड़ती है जो अस्पताल की ओर से कचरा इकट्ठा करते और संभालते हैं।
अस्पताल ने बदलाव के लिए क्या कहा
अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि टीबी वार्ड का वेंटिलेशन सिस्टम अन्य वार्डों के सिस्टम से अलग है और हर कमरे का अपना एग्जॉस्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि नेगेटिव प्रेशर पूरी तरह बनाए नहीं रख पाने से मरीजों को कोई समस्या नहीं हुई।
सियोल के ऑडिट में इस बात पर ध्यान दिया गया कि अस्पताल की सुरक्षा प्रणालियां जरूरी मानकों पर खरी उतरती हैं या नहीं, और कर्मचारी खामियों को पहचानकर उन पर कार्रवाई करते हैं या नहीं। जांच में कमरे की खराब सीलिंग, दबाव के मानकों की अपर्याप्त जानकारी और निगरानी लॉग में ज्यादातर सामान्य संचालन दर्ज किए जाने को आपस में जोड़ा गया।
अस्पताल की प्रतिक्रिया में कई अलग-अलग काम शामिल हैं: दबाव उपकरणों की जांच और मरम्मत, कर्मचारियों का प्रशिक्षण बेहतर करना, अग्नि सुरक्षा की कमियों को दूर करना, सीटी गुणवत्ता जांच की विशेषज्ञ निगरानी बहाल करना और कचरा प्रबंधन सख्त करना। इनमें से हर काम अस्पताल की रोजमर्रा की सुरक्षा के एक अलग पहलू से जुड़ा है।
कुछ कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है, जिनमें रेडियोलॉजिस्ट की जगह नया विशेषज्ञ रखना शामिल है। अग्नि सुरक्षा का काम 2027 के नियोजित बजट से जुड़ा है, जबकि ऑडिट समिति ने नेगेटिव प्रेशर सिस्टम की पूरी जांच और मरम्मत कराने को कहा है। मरीज और कर्मचारी इन उपायों के समय पर पूरा होने पर निर्भर हैं। निगरानी रिकॉर्ड में भी सही-सही दर्ज होना चाहिए कि उपकरणों को कब ध्यान देने की जरूरत है।
मुख्य बातें
- सियोल के ऑडिटरों ने पाया कि आइसोलेशन कमरों के दबाव के नमूना मापों में 60.51 प्रतिशत मानक से कम थे और 2.88 प्रतिशत में पॉजिटिव प्रेशर था।
- दबाव संबंधी खामियों के बावजूद, जनवरी 2024 से मार्च 2026 तक की निगरानी लॉग में ज्यादातर सामान्य संचालन दर्ज किया गया।
- समीक्षा किए गए सभी 72 अग्नि-द्वार और 14 अग्नि शटर स्थानों पर उपकरण गायब थे या उनमें खामियां थीं।
- बाहरी तौर पर पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल में काम नहीं करता था; अस्पताल का कहना है कि उसकी जगह नया विशेषज्ञ नियुक्त किया गया है।
- कुछ चिकित्सा कचरा कानूनी सीमा से 67 दिन तक अधिक समय तक भंडारण में रहा।
- अस्पताल का कहना है कि मरीजों को कोई समस्या नहीं हुई और वह मरम्मत, कड़ी निगरानी तथा अतिरिक्त प्रशिक्षण की योजना बना रहा है।






