कैन ज़ियो में निर्माण की तेज़ी से हो ची मिन्ह सिटी की मैंग्रोव सुरक्षा पर खतरा

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Can Gio Building Boom Puts Ho Chi Minh City's Mangrove Shield at Risk

तटीय विस्तार और बाढ़ से बचाने वाली प्राकृतिक ढाल

2,870 हेक्टेयर में फैला तटीय विकास, 4.7 अरब डॉलर की प्रस्तावित बंदरगाह परियोजना और नए परिवहन संपर्क कैन ज़ियो का स्वरूप बदल रहे हैं। यहां के मैंग्रोव वन हो ची मिन्ह सिटी के 1 करोड़ लोगों को तूफान, बाढ़ और कटाव से बचाने में मदद करते हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि निर्माण से उन जलधाराओं का प्रवाह बाधित हो सकता है जो इन वनों को जीवित रखती हैं। इससे पर्यावरणीय जोखिम निर्माण स्थल से आगे तक फैल सकते हैं।

विषय-सूची
  1. तटीय विस्तार और बाढ़ से बचाने वाली प्राकृतिक ढाल
  2. नदियां पेड़ों जितनी ही क्यों अहम हैं
  3. युद्धकालीन तबाही के बाद फिर उगा जंगल
  4. तटीय विकास से क्या उम्मीदें हैं
  5. बदलते तट से जूझते मछुआरे परिवार
  6. पर्यावरणीय मंजूरी में क्या कहा गया
  7. मेट्रो से जंगल पर अलग सवाल
  8. वित्तपोषण भी क्यों अहम है
  9. विकास के फैसले के दोनों ओर लागत
  10. मुख्य बातें

वियतनाम की सबसे बड़ी कंपनी विनग्रुप की रियल एस्टेट इकाई विनहोम्स यहां ग्रीन पैराडाइज नाम की आवासीय, खरीदारी और मनोरंजन सुविधाओं वाली परियोजना बना रही है। व्यापक विस्तार योजना में सड़कें, पुल, मेट्रो संपर्क और कैन ज़ियो को बंदरगाह शहर वुंग ताउ से जोड़ने वाला 14 किलोमीटर का प्रस्तावित मार्ग शामिल है।

हो ची मिन्ह सिटी पहले से ही पानी की वजह से भारी कीमत चुका रहा है। वियतनामी वैज्ञानिकों के 2026 के एक अध्ययन के मुताबिक, शहर का करीब 80% क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ सकता है। सरकार का अनुमान है कि समुद्र का जलस्तर बढ़ने से शहर को हर साल करीब 57 करोड़ डॉलर का नुकसान होता है। 2025 में रिकॉर्ड बारिश और इतिहास के सबसे ऊंचे ज्वार से सड़कें और घर जलमग्न हो गए थे।

कैन ज़ियो के मैंग्रोव तटीय मिट्टी को बांधे रखते हैं, मछलियों और शंख-सीप को आश्रय देते हैं और अपने पेड़ों तथा मिट्टी में कार्बन जमा करते हैं। इसलिए इनका भविष्य रोजमर्रा की जिंदगी के कई पहलुओं को एक साथ प्रभावित करता है: घरों की सुरक्षा, मछली पकड़ने से होने वाली आमदनी और बदलती जलवायु से निपटने की शहर की क्षमता।

अधिकारियों ने तटीय विकास को दी गई पर्यावरणीय मंजूरी और रिजर्व के सबसे सख्ती से संरक्षित हिस्से से बाहर इसकी जगह का बचाव किया है। शोधकर्ताओं को चिंता है कि सड़कें, तटबंध और पुनः प्राप्त की गई जमीन पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में पानी के प्रवाह को किस तरह बदल सकते हैं।

नदियां पेड़ों जितनी ही क्यों अहम हैं

यूनेस्को की कैन ज़ियो रिजर्व की प्रोफाइल में इसका क्षेत्रफल 75,740 हेक्टेयर और आबादी 71,157 बताई गई है। रिजर्व में मैंग्रोव, आर्द्रभूमि, नमक के दलदल, ज्वारीय कीचड़ वाले मैदान और समुद्री घास के क्षेत्र शामिल हैं; यह केवल जंगल का एक लगातार फैला हुआ हिस्सा नहीं है।

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साइगॉन और डोंग नाई नदियों ने वह मिट्टी बनाने में मदद की जिस पर मैंग्रोव विकसित हुए। यूनेस्को के मुताबिक, नदियों का घना जाल मुहाने तक भरपूर जलोढ़ मिट्टी पहुंचाता है। यह बहते पानी के साथ जमा होने वाला तलछट है। वर्षा और मीठे तथा खारे पानी का मिलन भी इस आवास को बनाए रखता है।

सड़कें और तटबंध पानी के बहाव की दिशा बदल सकते हैं। शुरुआत में जंगल के पेड़ बने रह सकते हैं, लेकिन उन्हें पानी, नमक और तलछट की आपूर्ति अलग तरह से मिलने लग सकती है। निर्माण परियोजनाओं के आकलन में इन बदलावों को समझना अहम है।

पेरिस स्थित सोरबोन विश्वविद्यालय में कार्यरत फ्रेंच इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की शोधकर्ता मैरी अरनॉड ने चेतावनी दी कि बुनियादी ढांचा इन जलधाराओं के रास्ते में बाधा बन सकता है।

उन्होंने कहा, "ऐसे उदाहरण हैं जहां सड़कों और पुलों जैसी जल-प्रवाह संबंधी बाधाओं के कारण मैंग्रोव गायब हो गए।"

कोलंबिया का सिएनागा ग्रांदे इसका ठोस उदाहरण है। 1950 के दशक से सड़कों और बांधों ने समुद्री और मीठे पानी के प्रवाह को बाधित किया, जिससे मैंग्रोव के दर्ज किए गए सबसे बड़े नुकसान में से एक हुआ। अरनॉड ने यह भी चेताया कि कैन ज़ियो में बढ़ता प्रदूषण दबाव और बढ़ाएगा। यहां पुराने पेड़ और कार्बन से भरपूर मिट्टी उन गैसों को जमा करते हैं जो वातावरण को गर्म करती हैं।

युद्धकालीन तबाही के बाद फिर उगा जंगल

वियतनाम युद्ध के दौरान कैन ज़ियो के मैंग्रोव लगभग पूरी तरह नष्ट हो गए थे। अमेरिकी सेना ने वियत कॉन्ग लड़ाकों के छिपने के लिए इस्तेमाल होने वाली वनस्पति हटाने के वास्ते रसायनों का छिड़काव किया था। 1970 के दशक के आखिरी वर्षों में दोबारा पौधरोपण शुरू हुआ। 2000 में बहाल किए गए इस क्षेत्र को वियतनाम का पहला यूनेस्को बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया गया।

यूनेस्को के मुताबिक, कैन ज़ियो में उपक्षेत्र के मैंग्रोव पौधों की सबसे अधिक विविधता है। मैंग्रोव के बीच रहने वाले अकशेरुकी जीवों के साथ-साथ उनसे जुड़े मछली और शंख-सीप भी यहां पाए जाते हैं। यहां की आर्थिक गतिविधियों में मछली पकड़ना, जलीय कृषि, नमक उत्पादन, खेती, व्यापार और पर्यटन शामिल हैं।

रिजर्व का इतिहास आज के निर्माण कार्यों को तबाही, बहाली और विकास के लंबे सिलसिले में रखता है:

  • वियतनाम युद्ध के दौरान रसायनों के छिड़काव ने मैंग्रोव जंगल को तबाह कर दिया।
  • 1970 के दशक के आखिरी वर्षों में बड़े पैमाने पर दोबारा पौधरोपण शुरू हुआ।
  • 2000 में कैन ज़ियो को यूनेस्को बायोस्फीयर रिजर्व का दर्जा मिला।
  • 20 जुलाई 2020 को वियतनाम के पर्यावरण मंत्रालय ने तटीय शहरी परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन को मंजूरी देने का आधार बताया।
  • 2025 में भारी बारिश और ज्वार से हो ची मिन्ह सिटी में बाढ़ आई।
  • 2026 में वियतनामी वैज्ञानिकों के एक अध्ययन ने शहर के करीब 80% क्षेत्र को बाढ़ की चपेट में आने योग्य बताया।
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तटीय विकास से क्या उम्मीदें हैं

विनग्रुप ने अप्रैल में नए तटीय शहर की नींव रखी। अधिकारियों की नजर में कैन ज़ियो समुद्र तक पहुंच, लॉजिस्टिक्स केंद्र और पर्यटन स्थल बनने का रास्ता है। प्रस्तावित बंदरगाह से हर साल लाखों मालवाहक कंटेनरों को संभालने की उम्मीद है, जबकि नई सड़कें और रेल संपर्क इस जिले को हो ची मिन्ह सिटी से अधिक करीब जोड़ेंगे।

ग्रीन पैराडाइज इस बदलाव के केंद्र में है। पुनः प्राप्त जमीन पर निर्माण का मतलब है ऐसे क्षेत्र में उपयोगी जमीन तैयार करना जो पहले पानी से ढका था। घरों, दुकानों और अन्य सुविधाओं के संचालन से पहले बड़े पैमाने पर निर्माण करना होगा।

प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरण मंत्रालय ने जुलाई 2020 में परियोजना के आर्थिक लक्ष्यों का पैमाना बताया था। उसने अनुमान लगाया था कि परियोजना पूरी होने पर यहां 2,28,000 से अधिक निवासी होंगे, हर साल करीब 90 लाख पर्यटक आएंगे, 25,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और सालाना बजट राजस्व लगभग 2.9 ट्रिलियन डोंग होगा।

ये आंकड़े 2020 में पेश किए गए अनुमान थे। इनसे पता चलता है कि अधिकारियों ने विकास का समर्थन क्यों किया: अधिक आबादी, ज्यादा पर्यटक, रोजगार और सरकारी राजस्व। मौजूदा निवासियों के लिए इसका तात्कालिक अनुभव निर्माण कार्य, मछली पकड़ने के इलाकों तक पहुंच में बदलाव और अलग तरह के काम की संभावना है।

बदलते तट से जूझते मछुआरे परिवार

कैन ज़ियो के निवासी निर्माण की तेज़ी पर बंटी हुई प्रतिक्रिया बताते हैं। कई युवा अब विनग्रुप के लिए काम करते हैं और कुछ परिवारों को उम्मीद है कि परियोजनाओं से और रोजगार मिलेगा। दूसरी ओर, कुछ लोगों की शिकायत है कि उनकी जमीन के लिए मिला मुआवजा उन कीमतों के मुकाबले बहुत कम था जिन पर अब इसे बाजार में बेचा जा रहा है।

मछुआरों के परिवारों का कहना है कि निर्माण के कारण मछलियां गहरे पानी में चली गई हैं, जहां उनकी छोटी नावें नहीं पहुंच सकतीं। कंक्रीट की समुद्री दीवारें और तटबंध पुनः प्राप्त जमीन को घेर रहे हैं, जबकि पाइप और बुलडोजर समुद्र तट पर मौजूद हैं।

मुई नाम के एक निवासी ने अधिकारियों से बदले की कार्रवाई के डर से सिर्फ अपना एक नाम बताया। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी बंद होने से बाढ़ और बदतर हुई और पानी प्रदूषित हो गया, जिससे सीप मर गए और उनके पालन के खेत नष्ट हो गए। उन्होंने मछली पकड़ना छोड़ दिया है और अब अपनी पत्नी की दुकान में मदद करते हैं। कभी जादुई कहे जाने वाले स्थान के खोने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:

वह अब नहीं रहा। उन्होंने सब कुछ बंद कर दिया है।

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यूनेस्को के मुताबिक, रिजर्व के संक्रमण क्षेत्र में ज्यादातर समुदाय रहते हैं। यहां वियतनामी, चीनी और खमेर लोग कस्बों और ग्रामीण कम्यूनों में रहते हैं। इसके मुख्य और बफर क्षेत्रों में वन रक्षकों, वन विभाग के कर्मचारियों और उनके परिवारों के अलावा कुछ पारंपरिक झींगा जाल इस्तेमाल करने वाले मछुआरों को छोड़कर बहुत कम लोग रहते हैं।

मछली पकड़ना, जलीय कृषि और नमक उत्पादन सीधे स्थानीय जल-स्थितियों पर निर्भर हैं। निर्माण, खुदरा व्यापार और पर्यटन की ओर बदलाव से उपलब्ध नौकरियां और आजीविका के लिए परिवारों को जरूरी संसाधन, दोनों बदलते हैं।

पर्यावरणीय मंजूरी में क्या कहा गया

वियतनाम के पर्यावरण मंत्रालय ने 20 जुलाई 2020 को एक ब्रीफिंग में तटीय परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन को मंजूरी देने का बचाव किया। ऐसे आकलन में पर्यावरण को संभावित नुकसान का अनुमान लगाया जाता है और उसे कम करने के उपाय बताए जाते हैं।

उस समय मंत्रालय के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन मूल्यांकन विभाग के निदेशक गुयेन शुआन हाई ने कहा था कि कई दौर के संशोधनों और सुधारों के बाद एक मूल्यांकन परिषद ने आकलन स्वीकार किया। मंजूरी में 15 शर्तें थीं।

हाई ने कहा कि समीक्षा में मैंग्रोव जैव विविधता, प्राकृतिक जलधाराओं, तलछट जमाव, कटाव, जल प्रदूषण और सामाजिक तथा आर्थिक प्रभावों की जांच की गई। मॉडलिंग में प्रदूषण के फैलाव, लवणता में बदलाव और समुद्र का जलस्तर बढ़ने पर भी विचार किया गया। मंत्रालय के मुताबिक, मॉडल से अनुमान था कि उन्नत निर्माण तरीकों और वियतनाम के उच्चतम मानकों के अनुरूप अपशिष्ट जल उपचार के साथ बायोस्फीयर रिजर्व पर बहुत कम असर पड़ेगा।

मंत्रालय ने बताया कि विकास स्थल रिजर्व के संक्रमण क्षेत्र के पास और इसके मुख्य संरक्षित हिस्से से लगभग 18 किलोमीटर दूर है। उसके अनुसार, यह स्थान वियतनामी कानून और यूनेस्को के नियमों के अनुरूप था।

हो ची मिन्ह सिटी की इंडस्ट्रियल यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंटल साइंस, इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के पूर्व प्रमुख ले हुय बा ने जमीन तैयार करने और क्षेत्र में सुधार की संभावना का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने सावधानीपूर्वक और निष्पक्ष आकलन के साथ दीर्घकाल में पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा की मांग की।

सरकार का पक्ष अनुमानित प्रभावों और प्रस्तावित सुरक्षा उपायों पर आधारित है। अरनॉड की चिंताएं इस बात पर केंद्रित हैं कि तटरेखा बदलने के साथ निर्माण और प्रदूषण आपस में जुड़े जल-जाल को किस तरह प्रभावित कर सकते हैं।

मेट्रो से जंगल पर अलग सवाल

हो ची मिन्ह सिटी के अधिकारियों ने सितंबर में कैन ज़ियो तक मेट्रो संपर्क के लिए रिजर्व के बफर क्षेत्र में 4.57 हेक्टेयर मैंग्रोव हटाने की मंजूरी मांगी। इससे परिवहन योजनाओं में जंगल की कटाई भी शामिल हो गई है, जबकि अधिकारी तटीय विकास स्थल के संरक्षित मुख्य क्षेत्र से बाहर होने की बात कहते हैं।

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बफर क्षेत्र अधिक सख्ती से संरक्षित मुख्य हिस्से के चारों ओर होता है और उसकी रक्षा में मदद करता है। यहां से रेल मार्ग ले जाने पर न सिर्फ काटे जाने वाले पेड़ों, बल्कि निर्माण से पानी की निकासी और नदी के प्रवाह में होने वाले बदलावों पर भी ध्यान देना होगा।

अधिकारियों ने यह भी कहा है कि कंक्रीट के लिए रेत मेकांग नदी के बजाय एक कृत्रिम झील से लाई जाएगी। मेकांग में रेत खनन से नदी तटों का कटाव बढ़ा है और नदी का प्रवाह बदला है।

कैन थो विश्वविद्यालय के तुआन वो ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए कभी-कभी जंगल की बलि देनी पड़ सकती है। लेकिन उन्होंने विशेषज्ञों से सलाह और नदी के प्रवाह में बदलाव की समझ पर जोर दिया, ताकि नुकसान कम किया जा सके।

यूनेस्को ने कहा कि वह परियोजना पर नजर रख रहा है और वियतनाम सरकार तथा अन्य हितधारकों के साथ काम कर रहा है, लेकिन यह नहीं बताया कि उसने विकास योजना की समीक्षा की है या नहीं। बफर क्षेत्र की कटाई की मंजूरी पर फैसले की कोई तारीख नहीं बताई गई। वियतनाम सरकार और विनग्रुप ने टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।

वित्तपोषण भी क्यों अहम है

सिंगापुर के आईएसईएएस-युसोफ इशाक इंस्टीट्यूट के ले होंग हिएप पर्यावरणीय जोखिमों के साथ वित्तीय जोखिम भी देखते हैं। विनहोम्स आम तौर पर बड़े शहरों के पास ऐसी संपत्तियां विकसित करता है जिन्हें जल्दी बेचा जा सके। कैन ज़ियो में निवासियों के बसने से पहले महंगे भूमि पुनरुद्धार और बड़े बुनियादी ढांचे की जरूरत है।

हिएप ने कहा कि महंगी संपत्तियों की मांग में सुस्ती दबाव बढ़ाती है। विनग्रुप अपने अन्य कारोबारों, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता विनफास्ट भी शामिल है, को सहारा देने के लिए विनहोम्स के राजस्व पर निर्भर है।

एशिया डेली की अगस्त 2025 की विनग्रुप की देनदारियों पर रिपोर्ट में कुल 31 अरब डॉलर की देनदारियां बताई गई थीं, जो संपत्तियों का 86% थीं। ब्याज भुगतान हर दिन 32 लाख डॉलर था। ये आंकड़े समूह के विस्तार के साथ जुड़ी वित्तीय जरूरतों की उस समय की तस्वीर पेश करते हैं।

हिएप ने लगातार परियोजनाएं, कर्ज और घोषित आय बनाए रखने के दबाव का वर्णन किया:

उन्होंने कहा, "बैंकों से कर्ज लेने, नया राजस्व और मुनाफा दर्ज करने तथा शेयर बाजार में अपने शेयरों का प्रदर्शन बढ़ाने के लिए उन्हें नई परियोजनाएं चाहिए। और वे रुक नहीं सकते।"

विनग्रुप हा लॉन्ग खाड़ी के पास 6,200 हेक्टेयर में 16 अरब डॉलर की शहरी परियोजना भी बना रहा है, जो ग्रीन पैराडाइज के 2,870 हेक्टेयर से दोगुने से भी ज्यादा है। निर्माण जारी रहते हुए वहां करीब 7,000 घर बेचने की मंजूरी मिल चुकी है। दोनों परियोजनाओं में बड़ी नई आबादी बसने से पहले भारी खर्च की जरूरत है।

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विकास के फैसले के दोनों ओर लागत

कैन ज़ियो में ऐसे लाभ और जोखिम साथ मौजूद हैं जिनका असर अलग-अलग लोगों पर और अलग-अलग समय पर पड़ता है। निर्माण से अभी रोजगार मिल सकता है, जबकि पर्यटन, आवास और बंदरगाह गतिविधियों के लाभ बाद में मिलने की उम्मीद है। मछली पकड़ने वाले परिवार पहले ही पानी तक पहुंच और आय में बदलाव बता रहे हैं, वहीं वैज्ञानिकों ने शहर के बड़े हिस्से की रक्षा करने वाली प्राकृतिक ढाल को नुकसान की चेतावनी दी है।

दुनिया के आंकड़े इस चेतावनी को गंभीर बनाते हैं। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, 2000 से 2020 के बीच दुनिया में मैंग्रोव जंगल का कुल 2,84,000 हेक्टेयर क्षेत्र घटा। वियतनाम ने नए मैंग्रोव लगाए हैं, लेकिन जलीय कृषि, जमीन को अन्य उपयोगों में बदलने और तटीय कटाव से इन लाभों में कमी आई है।

कैन ज़ियो का बहाल किया गया जंगल स्थानीय आजीविका को सहारा देता है और ऐसे शहर की रक्षा में मदद करता है जहां बाढ़ पहले से ही भारी नुकसान पहुंचाती है। अधिकारियों और डेवलपरों के सामने व्यावहारिक चुनौती यह है कि वे वादा किया गया बुनियादी ढांचा बनाते हुए पानी, तलछट और समुद्री जीवन के प्रवाह को उस पारिस्थितिकी तंत्र में जारी रखें जिस पर यह सुरक्षा निर्भर करती है।

मुख्य बातें

  • कैन ज़ियो में बंदरगाह और नए परिवहन संपर्कों की तैयारी के बीच विनहोम्स 2,870 हेक्टेयर में ग्रीन पैराडाइज तटीय परियोजना बना रहा है।
  • यूनेस्को के मुताबिक, कैन ज़ियो बायोस्फीयर रिजर्व 75,740 हेक्टेयर में फैला है और इसके मैंग्रोव के लिए नदियां तथा तलछट की आपूर्ति अहम हैं।
  • वैज्ञानिकों ने चेताया है कि जल प्रवाह में बाधाएं और बढ़ता प्रदूषण जंगल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • वियतनाम के पर्यावरण मंत्रालय ने 2020 में मॉडलिंग और मंजूरी की 15 शर्तों का हवाला देकर परियोजना के आकलन का बचाव किया था।
  • शहर के अधिकारियों ने मेट्रो संपर्क के लिए बफर क्षेत्र के 4.57 हेक्टेयर मैंग्रोव हटाने की अनुमति मांगी है।
  • निवासियों ने रोजगार के नए अवसरों के साथ मछली पकड़ने, खेतों और तट तक पहुंच पर पड़ रहे नुकसान का भी जिक्र किया है।
  • विनग्रुप पर वित्तपोषण की लगातार जरूरतों के बीच इस विकास के लिए महंगे भूमि पुनरुद्धार और बुनियादी ढांचे की भी दरकार है।
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