336 ठेकों के चलते सार्वजनिक शोध खर्च पर उठी निगरानी की मांग
दक्षिण कोरिया के सरकारी वित्तपोषित शोध संस्थानों ने 2022 से जून 2026 के बीच अपने शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित कंपनियों को 12,064,750,000 वॉन के 336 ठेके दिए। सांसदों के सामने पेश राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुसंधान परिषद (NST) के आंकड़ों के अनुसार, आधे से अधिक यानी 182 ठेके बिना प्रतिस्पर्धी बोली के सीधे एक चुनी हुई कंपनी को दिए गए।
विषय-सूची
- 336 ठेकों के चलते सार्वजनिक शोध खर्च पर उठी निगरानी की मांग
- कुल ठेकों में सीधे दिए गए ठेकों की हिस्सेदारी 54.2%
- 110 ठेकों में शोधकर्ताओं का अपने संस्थानों से रोजगार संबंध बना हुआ था
- एक ही शोध परियोजना के तीन ठेके
- संस्थान ने नियमों का हवाला दिया, बदलाव का वादा किया
- शोध संबंधी शिकायतों पर औसतन करीब 300 दिन लगे
- छह महीने के नियम में बढ़ाई जा सकती है समयसीमा, अंतिम सीमा तय नहीं
- मामले कैसे आगे बढ़े
- काम के दौरान गेमिंग पर फटकार
- वित्तपोषण में बदलाव के बीच कारोबारी सहयोग बनाए रखने की चुनौती
- मुख्य बातें
इन ठेकों की 20 अक्टूबर 2026 को डेेजॉन स्थित कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (KAIST) में संसदीय लेखा-परीक्षा के दौरान जांच हुई। नेशनल असेंबली की विज्ञान, आईसीटी, प्रसारण एवं संचार समिति के सदस्य और पीपल पावर पार्टी के सांसद पार्क जोंग-हा ने NST से ये आंकड़े हासिल किए।
सबसे करीबी जांच का विषय कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग एंड बिल्डिंग टेक्नोलॉजी द्वारा एक हीटिंग उपकरण कंपनी को दिए गए तीन ठेके थे, जिनकी कुल कीमत 45.43 मिलियन वॉन थी। कंपनी का प्रमुख संस्थान का एक कार्यरत शोधकर्ता था। तीनों ठेके एक ही शोध परियोजना के तहत दिए गए और हर ठेका उस 20 मिलियन वॉन की सीमा से कम था, जिसके तहत लागू नियम सीधे ठेका देने की अनुमति देते हैं।
सांसदों ने शोध में अनियमितता की उन शिकायतों की भी जांच की, जिन पर कार्रवाई में सैकड़ों दिन लगे थे, और उन कर्मचारियों पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी, जिन्होंने काम के घंटों में बार-बार गेमिंग सर्वर खोले थे। इन मामलों ने सरकारी वित्तपोषण से चलने वाली प्रयोगशालाओं में खरीद के फैसलों, जांच की समयसीमा और कार्यस्थल की निगरानी पर सवाल खड़े किए।
बहस में एक और चिंता भी सामने आई: सुरक्षा उपायों को मजबूत करते हुए सार्वजनिक प्रयोगशालाओं और व्यवसायों के बीच उपयोगी सहयोग कैसे बनाए रखा जाए। इसी सुनवाई में सांसदों ने एक सर्वेक्षण पर चर्चा की, जिसमें 61.2% सार्वजनिक संस्थान के शोधकर्ताओं ने परियोजना-आधारित वित्तपोषण प्रणाली, जिसे PBS कहा जाता है, खत्म होने के बाद कारोबारी सहयोग घटने की आशंका जताई।
कुल ठेकों में सीधे दिए गए ठेकों की हिस्सेदारी 54.2%
NST के आंकड़ों के मुताबिक, संस्थानों के शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित कंपनियों को दिए गए 336 ठेकों में से 54.2% सीधे दिए गए थे। इनकी कुल कीमत करीब 5.4 अरब वॉन थी, जबकि आंकड़ों में शामिल सभी ठेकों की कीमत लगभग 12.06 अरब वॉन थी।
इस तरह सीधे दिए गए ठेकों की संख्या कुल का आधे से अधिक थी, लेकिन कुल मूल्य में उनकी हिस्सेदारी करीब 45% रही। इस अंतर का मतलब है कि सीधे दिए गए ठेके औसतन दूसरे ठेकों से छोटे थे।
सीधे ठेका देने में संस्थान बिना बोली प्रक्रिया के कंपनियों को प्रतिस्पर्धा का मौका दिए किसी आपूर्तिकर्ता को चुन सकता है। कुछ छोटे ठेकों समेत निर्धारित परिस्थितियों में ऐसी खरीद की अनुमति है। सुनवाई में मुख्य चिंता यह थी कि जब आपूर्तिकर्ता का संस्थापक उसी सरकारी निकाय में काम करता हो जो भुगतान कर रहा है, तब संस्थान खरीद प्रक्रिया का प्रबंधन कैसे करते हैं।
पार्क ने संस्थानों में जांच कराने और ठेका प्रबंधन तथा हितों के टकराव से बचाव के उपायों में बदलाव की मांग की। हितों का टकराव तब होता है जब किसी व्यक्ति की सार्वजनिक जिम्मेदारियां उसके निजी वित्तीय हित से जुड़ जाती हैं और ऐसे में जानकारी सार्वजनिक करना तथा स्वतंत्र रूप से फैसले लेना जरूरी हो जाता है।
110 ठेकों में शोधकर्ताओं का अपने संस्थानों से रोजगार संबंध बना हुआ था
आठ संस्थानों ने उन कंपनियों के साथ 110 ठेके दर्ज किए, जिन्हें स्थापित करने वाले शोधकर्ताओं का खरीद करने वाले संस्थान से रोजगार संबंध बना हुआ था। इन संबंधों में सक्रिय नौकरी, अवकाश और संस्थान में पद के साथ दूसरी भूमिका निभाने की अनुमति शामिल थी।
इनमें से 83 ठेके इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस रिसर्च इंस्टीट्यूट (ETRI) के थे। इसके बाद कोरिया एटॉमिक एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट के 11 और कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग एंड बिल्डिंग टेक्नोलॉजी के पांच ठेके थे। यानी 110 में से 83 ठेकों के आधार पर इस समूह के करीब तीन-चौथाई ठेके ETRI के थे।
आठों संस्थानों में 110 में से 41 ठेके सीधे दिए गए थे, जो लगभग 37% है। संस्थानों के बीच यह अनुपात अलग-अलग था: एटॉमिक एनर्जी संस्थान के 11 में से 10 और निर्माण संस्थान के पांच में से चार ठेके प्रतिस्पर्धी बोली के बिना दिए गए।
रोजगार संबंध इसलिए अहम है क्योंकि कोई संस्थान शोधकर्ता के कारोबार को समर्थन देने के साथ-साथ यह भी तय कर सकता है कि उसके उत्पाद या सेवाएं खरीदी जाएं या नहीं। जब सहकर्मी इस संबंध के दोनों पक्षों में काम कर रहे हों, तब आपूर्तिकर्ता चुनने, काम पूरा होने की जांच करने और भुगतान मंजूर करने की जिम्मेदारी स्पष्ट होना खास तौर पर जरूरी हो जाता है।
एक ही शोध परियोजना के तीन ठेके
निर्माण संस्थान के मामले ने इन दोहरी भूमिकाओं को केंद्र में ला दिया। 2023 में संस्थान ने एक कार्यरत रिसर्च फेलो को हीटिंग उपकरण कारोबार, जिसे कंपनी E के रूप में पहचाना गया, में दूसरी भूमिका जारी रखने की अनुमति बढ़ा दी।
सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच संस्थान ने कंपनी को पाइप का काम, माप उपकरणों की स्थापना और कंट्रोलर बनाने के लिए तीन सीधे ठेके दिए। इनकी कुल कीमत 45.43 मिलियन वॉन थी। हर ठेके की कीमत 20 मिलियन वॉन या उससे कम थी।
लागू नियमों के तहत इस सीमा तक के ठेके सीधे दिए जा सकते थे। चूंकि तीनों खरीद एक ही शोध परियोजना का हिस्सा थीं, इसलिए संदेह उठा कि सीमा के भीतर रहने के लिए काम को छोटे ठेकों में बांटा गया था।
खरीद का अनुरोध करने वाले और काम की निगरानी तथा जांच करने वाले कर्मचारी उसी शोध प्रभाग में थे, जहां कंपनी का शोधकर्ता मुख्य कार्यकारी था। कंपनी E संस्थान की स्टार्टअप सहायता सुविधाओं के भीतर कार्यालय की जगह भी इस्तेमाल करती थी।
इन तथ्यों से स्पष्ट होता है कि जांच केवल हर खरीद की कीमत तक सीमित क्यों नहीं रही। आपूर्तिकर्ता का नेतृत्व, काम की निगरानी करने वाले अधिकारी और कार्यालय की जगह देने वाला संस्थान, सभी एक ही कार्यस्थल के जरिए जुड़े हुए थे।
संस्थान ने नियमों का हवाला दिया, बदलाव का वादा किया
निर्माण संस्थान ने पार्क के कार्यालय को बताया कि हित का खुलासा करना या फैसलों से अलग होने का आवेदन देना लागू नहीं था। उसने कहा कि ठेके संस्थान के मौजूदा नियमों के मुताबिक दिए गए और निष्पक्षता बेहतर बनाने के लिए उनमें संशोधन किए जा रहे हैं।
संसदीय लेखा-परीक्षा में संस्थान के अध्यक्ष पार्क सन-क्यू ने ठेकों की कीमत लगभग 45 मिलियन वॉन बताई और कहा कि कुछ खरीद छोटे ठेकों के लिए सीधे ठेका देने की अनुमति वाले प्रावधानों के तहत की गई थीं।
पार्क जोंग-हा ने कहा कि शोधकर्ताओं को उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, लेकिन ठेकों के फैसले पारदर्शी रहें और तकनीकों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के जरिए परखा जाए। पीपल पावर पार्टी के सांसद ने संस्थानों के लिए जरूरी सीमा को इस तरह बताया:
शोधकर्ताओं के स्टार्टअप के चलते उनके मूल संस्थानों के साथ ठेकों में हितों का टकराव या पक्षपात के आरोप नहीं लगने चाहिए।
ठेकों को कथित तौर पर बांटने के मामले में कोई निष्कर्ष, संस्थान के नियमों में बदलाव की समयसीमा या व्यापक समीक्षा का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया। संस्थान की तत्काल प्रतिक्रिया मौजूदा नियमों के पालन का बचाव करना और साथ ही उन्हें संशोधित करने की जरूरत स्वीकार करना थी।
शोध संबंधी शिकायतों पर औसतन करीब 300 दिन लगे
रीबिल्डिंग कोरिया पार्टी के सांसद किम सन-मिन ने विज्ञान एवं आईसीटी मंत्रालय से अलग आंकड़े हासिल किए। इनके मुताबिक, 2021 से शोध में अनियमितता या शोध निधि के दुरुपयोग की 108 शिकायतें मिलीं।
वापस ली गई या खारिज की गई चार शिकायतों को हटाने के बाद बाकी 104 मामलों में कार्रवाई या अब तक बीता समय औसतन करीब 300 दिन था। 29 मामले एक साल से ज्यादा चले, यानी इस समूह के करीब 28%।
इस औसत में पूरे हो चुके मामलों के साथ-साथ उन मामलों पर अब तक लगा समय भी शामिल है जिनकी जांच जारी है। फैसले का इंतजार कर रहे शोधकर्ताओं के लिए ये आंकड़े ऐसी प्रक्रिया दिखाते हैं जो साल के बड़े हिस्से या उससे भी अधिक समय तक चल सकती है।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट स्पेशल जोन्स प्रमोशन फाउंडेशन द्वारा संभाले गए सरकारी सब्सिडी गलत तरीके से हासिल करने के एक संदिग्ध मामले में, फरवरी 2022 में शिकायत मिलने से सितंबर 2024 में जांच निष्कर्ष सौंपे जाने तक 938 दिन लगे। शोध में शामिल लोगों का नाम झूठे तौर पर दर्ज करने के एक अन्य आरोप पर निष्कर्ष रिपोर्ट आने में 621 दिन लगे।
कोरिया नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की निगरानी में आए साहित्यिक चोरी के एक मामले की जांच क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी ने की। अप्रैल 2022 में शिकायत दर्ज होने के बाद चार साल और छह महीने तक उस पर पुनर्विचार जारी रहा।
छह महीने के नियम में बढ़ाई जा सकती है समयसीमा, अंतिम सीमा तय नहीं
विज्ञान एवं आईसीटी मंत्रालय के सूचना, संचार एवं प्रसारण क्षेत्रों के नियम और शिक्षा मंत्रालय के शोध नैतिकता दिशानिर्देश आम तौर पर प्रारंभिक जांच शुरू होने से फैसले तक छह महीने की अवधि तय करते हैं।
दोनों नियमों में समय बढ़ाने की अनुमति है, लेकिन न तो बढ़ोतरी की संख्या की सीमा तय है और न ही जांच की कुल अवधि की। इससे मामले तय छह महीने से काफी आगे तक खिंच सकते हैं।
शिकायत के आंकड़े रिपोर्ट दर्ज होने से बीता समय मापते हैं, जबकि नियमों के तहत समय की गणना प्रारंभिक जांच शुरू होने पर होती है। इसलिए दो चरणों पर ध्यान देना जरूरी है: औपचारिक जांच शुरू होने से पहले का समय और जांच तथा फैसला करने में लगा समय।
सबसे लंबे मामलों से पता चलता है कि अंतिम फैसले में कितनी देर हो सकती है। सब्सिडी के मामले में निष्कर्ष रिपोर्ट तक पहुंचने में ढाई साल से अधिक लगे, जबकि साहित्यिक चोरी की शिकायत पर साढ़े चार साल बाद भी पुनर्विचार जारी था।
मामले कैसे आगे बढ़े
ठेके, शिकायतें और अनुशासनात्मक मामले कई वर्षों में फैले हुए हैं। घटनाक्रम से यह समझने में मदद मिलती है कि अक्टूबर 2026 की सुनवाई में अलग-अलग फैसलों के साथ-साथ उन्हें नियंत्रित करने वाले नियमों पर भी चर्चा क्यों हुई।
- 2021 से आगे: अधिकारियों को शोध में अनियमितता या शोध निधि के दुरुपयोग से जुड़ी 108 शिकायतें मिलीं।
- फरवरी 2022: सरकारी सब्सिडी में धोखाधड़ी का संदिग्ध मामला दर्ज हुआ; 938 दिन बाद सितंबर 2024 में जांच निष्कर्ष रिपोर्ट सौंपी गई।
- अप्रैल 2022: क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा जांची गई साहित्यिक चोरी की शिकायत दर्ज हुई।
- 2023: निर्माण संस्थान ने अपने शोधकर्ता को कंपनी E में दूसरी भूमिका जारी रखने की अनुमति बढ़ाई।
- 2024: ETRI से संबद्ध नेशनल सिक्योरिटी रिसर्च इंस्टीट्यूट के पांच कर्मचारियों को काम के घंटों में बार-बार गेमिंग सर्वर खोलते पकड़ा गया।
- सितंबर से दिसंबर 2025: कंपनी E को 45.43 मिलियन वॉन के तीन सीधे ठेके मिले।
- जून 2026: NST के ठेकों का आंकड़ा तैयार हुआ, जिसमें 2022 से शुरू हुए 336 ठेके शामिल थे।
- 20 अक्टूबर 2026: सांसदों ने डेेजॉन में संसदीय लेखा-परीक्षा के दौरान ठेकों और कारोबारी सहयोग से जुड़ी चिंताओं की जांच की।
इस घटनाक्रम से पता चलता है कि कंपनी E को तीनों खरीद संस्थान द्वारा शोधकर्ता की बाहरी भूमिका जारी रखने की अनुमति दिए जाने के बाद मिलीं। यह भी दिखता है कि कुछ शिकायतें निगरानी के कई सालाना दौरों के दौरान लंबित रहीं।
काम के दौरान गेमिंग पर फटकार
कार्यस्थल अनुशासन ने सार्वजनिक प्रयोगशालाओं में निगरानी को लेकर एक और चिंता सामने रखी। नेशनल सिक्योरिटी रिसर्च इंस्टीट्यूट के पांच कर्मचारियों को 2024 में काम के घंटों के दौरान बार-बार गेमिंग सर्वर खोलने के बाद फटकार मिली।
एक कर्मचारी का दर्ज कनेक्शन समय 90 घंटे से अधिक था। संस्थान ने पहले उस कर्मचारी के वेतन में कटौती को उचित माना था, लेकिन पहले मिले प्रशस्ति-पत्र के कारण अनुशासनात्मक सजा कम कर दी।
संस्थान ने कहा कि उसने कनेक्शन समय के अनुपात में सालाना छुट्टी और वेतन में कटौती की तथा काम से असंबंधित वेबसाइटों को रोकने के उपाय मजबूत किए। ये कदम फटकार के साथ उठाए गए।
इस मामले में चुनी गई सजा और उसे कम करने के लिए पहले मिले पुरस्कारों के इस्तेमाल, दोनों पर ध्यान गया। इससे खर्च और शोध नैतिकता की जांच जैसे बड़े सवालों के साथ रोजमर्रा की निगरानी का मुद्दा भी जुड़ गया।
वित्तपोषण में बदलाव के बीच कारोबारी सहयोग बनाए रखने की चुनौती
सुनवाई में यह चिंता भी उठी कि PBS खत्म होने से सार्वजनिक प्रयोगशालाओं और छोटे कारोबारों के बीच सहयोग घट सकता है। PBS शोध के वित्तपोषण को अलग-अलग परियोजनाओं से जोड़ता है; सुधार पर बहस इस बात को लेकर है कि कंपनियों के साथ काम जारी रखते हुए शोधकर्ताओं को वित्तपोषण में अधिक स्थिरता कैसे दी जाए।
डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद हान जुन-हो ने कोरिया इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी एसोसिएशन के जून 2026 के सर्वेक्षण का हवाला दिया। इसमें 61.2% संस्थान के शोधकर्ताओं ने PBS खत्म होने के बाद कारोबारी सहयोग घटने की आशंका जताई। सार्वजनिक संस्थानों के साथ काम करने का अनुभव रखने वाली कंपनियों में 77.2% ने कहा कि संयुक्त शोध से उनके शोध एवं विकास को मदद मिली।
ये दोनों आंकड़े अलग-अलग समूहों के बारे में हैं: बदलाव की आशंका जता रहे शोधकर्ताओं और पिछले सहयोग का आकलन कर रही कंपनियों के बारे में। मिलाकर ये बताते हैं कि प्रयोगशालाओं को अधिक स्थिरता देने के उद्देश्य से किया गया वित्तपोषण सुधार, कारोबारों के लिए उपयोगी सहयोग को कमजोर कर सकता है।
हान ने संस्थानों से छोटे और मध्यम आकार के कारोबारों के लिए कम अवधि वाली छोटी परियोजनाएं जारी रखने, मौजूदा साझेदारों के साथ काम बढ़ाने और अधिक क्षेत्रीय कंपनियों को अवसर देने का आग्रह किया। उन्होंने कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मशीनरी एंड मैटेरियल्स के दक्षिण-पूर्वी शोध प्रभाग का उदाहरण दिया, जहां संयुक्त परियोजनाओं की संख्या 2023 के छह से बढ़कर 2025 में 30 हो गई, यानी पांच गुना।
कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष सोन उंग-ही ने माना कि कंपनियों के साथ सहयोग घटने की चिंता है। उन्होंने ऐसे वित्तपोषण प्रबंधों की मांग की जो औद्योगिक कार्यस्थलों से करीबी संबंध रखने वाले संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखें।
शोध कर्मचारियों की स्थिति से दबाव और बढ़ता है। अक्टूबर की शुरुआत में चर्चा किए गए NST के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 155 शोधकर्ताओं ने स्वेच्छा से नौकरी छोड़ी, जिनमें 30 और 40 की उम्र के 137 लोग थे। युवा शोधकर्ताओं ने संस्थान छोड़े और अक्सर अकादमिक क्षेत्र में दूसरे करियर अपनाए।
संस्थानों के सामने ठोस चुनौती है कि शोध के लिए जरूरी कर्मचारियों और कारोबारी संबंधों को बनाए रखते हुए आपूर्तिकर्ता चुनने की प्रक्रिया को अधिक स्वतंत्र और शिकायतों पर कार्रवाई को समयबद्ध बनाया जाए। सुनवाई में सांसदों ने शोधकर्ताओं के कारोबार से जुड़े खरीदी फैसलों पर कड़ा नियंत्रण लगाने के साथ-साथ छोटे कारोबारों के लिए सार्वजनिक प्रयोगशालाओं तक पहुंच जारी रखने की मांग की।
मुख्य बातें
- सार्वजनिक शोध संस्थानों ने 2022 से जून 2026 के बीच अपने शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित कंपनियों को करीब 12.06 अरब वॉन के 336 ठेके दिए।
- 182 ठेके यानी 54.2% सीधे दिए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 5.4 अरब वॉन थी।
- निर्माण संस्थान के 45.43 मिलियन वॉन के तीन ठेकों की जांच हुई, क्योंकि वे एक ही परियोजना से जुड़े थे और हर ठेका सीधे देने की सीमा से कम था।
- शोध में अनियमितता और निधि से जुड़ी 104 शिकायतों पर कार्रवाई या अब तक बीता समय औसतन करीब 300 दिन था; 29 मामले एक साल से अधिक चले।
- जांच के नियम आम तौर पर छह महीने की अवधि तय करते हैं, लेकिन बढ़ोतरी की संख्या या कुल अवधि की कोई सीमा नहीं है।
- शोध वित्तपोषण में बदलाव के बीच सांसदों ने कारोबारी सहयोग बचाए रखने की मांग की और संयुक्त शोध को कंपनियों के लिए उपयोगी बताने वाले सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला दिया।






