DeepSeek पर प्रतिबंध चैटबॉट से भी आगे
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने संघीय असैन्य एजेंसियों को अपने सूचना तंत्रों से DeepSeek तकनीक हटाने और इससे बने उत्पादों व सेवाओं की खरीद रोकने का आदेश दिया है। इससे चीनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी पर वॉशिंगटन के प्रतिबंध उन सॉफ्टवेयर तक भी बढ़ गए हैं, जिन्हें बाहरी ठेकेदार मुहैया कराते हैं।
विषय-सूची
- DeepSeek पर प्रतिबंध चैटबॉट से भी आगे
- DHS के मुताबिक एजेंसियों को क्या हटाना होगा
- सरकार इसे सुरक्षा जोखिम क्यों मानती है
- बाहरी सॉफ्टवेयर को लेकर उलझा सवाल
- क्लाउड के जरिए रूटिंग से DeepSeek की पहचान मुश्किल
- प्रतिबंध कैसे विकसित हुए
- कम कीमतें DeepSeek को आकर्षक बनाती हैं
- सरकारी आपूर्तिकर्ताओं पर कई नियम लागू
- चीनी तकनीक पर FCC की एक और पहल
- मुख्य बातें
19 अक्टूबर, 2026 को फेडरल रजिस्टर में दर्ज DHS के नोटिस में कहा गया कि DeepSeek मॉडल "कई तरह के खतरे पैदा करते हैं।" विभाग ने चेतावनी दी कि सरकारी कर्मचारियों या विक्रेताओं के इस्तेमाल से संवेदनशील जानकारी चीन तक पहुंच सकती है, अमेरिकियों या संघीय एजेंसियों के बारे में कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी तैयार हो सकती है और तंत्रों में मैलवेयर या अन्य सुरक्षा कमजोरियां आ सकती हैं।
यह प्रतिबंध DeepSeek का ऐप डाउनलोड करने या उसकी वेबसाइट पर जाने तक सीमित नहीं है। इसमें DeepSeek और उससे संबद्ध उत्पादों के साथ-साथ दूसरी कंपनियों के वे उत्पाद और सेवाएं भी शामिल हैं, जिन्हें DeepSeek के कार्यान्वयनों का इस्तेमाल करके विकसित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण एजेंसी, वित्त विभाग और आंतरिक राजस्व सेवा जैसी असैन्य एजेंसियां इसके दायरे में आती हैं।
बताया गया है कि आदेश पर 24 जुलाई को हस्ताक्षर किए गए थे, जबकि इसे सार्वजनिक रूप से अक्टूबर में जारी किया गया। अपवादों के अनुरोध के लिए बताई गई 60 दिनों की अवधि करीब 22 सितंबर को समाप्त हो गई होगी। इस समय-सीमा से सरकारी आपूर्तिकर्ताओं के सामने अनुपालन की तत्काल चुनौती खड़ी हो गई है, वहीं आदेश की व्यापक भाषा से यह अस्पष्ट है कि उन्हें ठीक कौन-सा सॉफ्टवेयर हटाना होगा।
DHS के मुताबिक एजेंसियों को क्या हटाना होगा
DHS ने असैन्य एजेंसियों को मौजूदा DeepSeek तकनीक हटाने और दायरे में आने वाले उत्पादों व सेवाओं की खरीद रोकने का निर्देश दिया है। खरीद पर लगी रोक का अर्थ है कि कोई एजेंसी सीधे DeepSeek की सदस्यता को किसी दूसरी कंपनी की ऐसी सेवा से नहीं बदल सकती, जो उसी मूल मॉडल को उपलब्ध कराती हो।
AI मॉडल वह सॉफ्टवेयर तंत्र है जो जवाब तैयार करता है, कोड लिखता है या दूसरे काम करता है। कोई कंपनी दूसरे डेवलपर के मॉडल के ऊपर अपना इंटरफेस बना सकती है। इसलिए सरकारी सॉफ्टवेयर अनुबंध पर दर्ज नाम और काम करने वाली तकनीक का नाम अलग-अलग हो सकता है।
इसलिए खरीद टीमों का व्यावहारिक काम इंस्टॉल किए गए ऐप की सूची खंगालने से कहीं आगे है। एजेंसियों को यह समझना होगा कि उनके आपूर्तिकर्ता कौन-से मॉडल इस्तेमाल करते हैं, जिनमें क्लाउड सेवाओं और उप-ठेकेदारों के जरिए उपलब्ध मॉडल भी शामिल हैं। जुलाई में जारी DHS के एक ज्ञापन में एजेंसियों से संभावित DeepSeek जोखिमों के लिए सरकारी वेबसाइटों पर आने-जाने वाले डेटा पर नजर रखने की भी अपील की गई थी।
असैन्य एजेंसियों के लिए यह आदेश रक्षा और खुफिया तंत्रों पर लागू अलग नियमों के साथ काम करता है। निर्दिष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र अन्य प्राधिकारों के अधीन आते हैं, जबकि पेंटागन के नेटवर्क और सैन्य उपयोगकर्ताओं पर पहले ही DeepSeek के इस्तेमाल की पाबंदियां लगाई जा चुकी हैं।
सरकार इसे सुरक्षा जोखिम क्यों मानती है
DHS ने कई ऐसे तरीकों की पहचान की है जिनसे सरकार में DeepSeek का इस्तेमाल जोखिम पैदा कर सकता है। किसी कर्मचारी या विक्रेता द्वारा डाली गई संवेदनशील सामग्री चीन पहुंच सकती है। कई बातचीतों से इकट्ठा की गई जानकारी किसी को एजेंसी, उसके कर्मचारियों या उसके कामकाज की उपयोगी तस्वीर बनाने में भी मदद कर सकती है।
विभाग की चिंता सॉफ्टवेयर सुरक्षा तक भी फैली है। उसके नोटिस में कहा गया है कि DeepSeek मॉडल में "मैलवेयर या अन्य सुरक्षा कमजोरियां हो सकती हैं।" दस्तावेजों को संसाधित करने या कंप्यूटर संबंधी कामों में सहायता के लिए AI का इस्तेमाल करने वाली एजेंसी के लिए कोई कमजोरी चैट विंडो में दिखने वाले जवाब से कहीं ज्यादा मायने रख सकती है।
DeepSeek के मोबाइल ऐप की सुरक्षा जांच में और विशिष्ट चिंताएं सामने आई हैं। दिसंबर 2025 के एक आकलन में बिना एन्क्रिप्शन के भेजी जाने वाली जानकारी, चीनी तकनीकी कंपनियों द्वारा संचालित सर्वरों से कनेक्शन और SSL पिनिंग की कमी का जिक्र किया गया। बिना एन्क्रिप्शन वाली जानकारी भेजे जाने के दौरान सुरक्षित नहीं रहती। SSL पिनिंग एक अतिरिक्त जांच है, जो ऐप को यह पुष्टि करने में मदद करती है कि वह सही सर्वर से संवाद कर रहा है।
मॉडल का व्यवहार भी एक जोखिम है। राष्ट्रीय मानक एवं प्रौद्योगिकी संस्थान से जुड़े परीक्षणों में पाया गया कि DeepSeek R1-0528 पर बने एजेंट, GPT-5 और Claude Opus 4 इस्तेमाल करने वाले एजेंटों की तुलना में लगभग 12 गुना अधिक बार रोपे गए दुर्भावनापूर्ण निर्देशों का पालन करते थे। इस तरह के हमले को प्रॉम्प्ट इंजेक्शन कहते हैं। इसमें AI प्रणाली द्वारा पढ़ी जा रही सामग्री के भीतर निर्देश छिपाए जाते हैं, ताकि उसे सौंपे गए काम से भटकाया जा सके।
बाहरी सॉफ्टवेयर को लेकर उलझा सवाल
"DeepSeek कार्यान्वयनों का इस्तेमाल करके विकसित" उत्पादों को शामिल करने वाला वाक्यांश व्यावहारिक स्तर पर सबसे बड़ी अनिश्चितता पैदा करता है। इसका दायरा उस सेवा तक हो सकता है जो सीधे DeepSeek को अनुरोध भेजती है, DeepSeek की तकनीक से अनुकूलित मॉडल तक, या ऐसे सॉफ्टवेयर तक जिसके डेवलपरों ने कोड लिखने या जांचने के लिए DeepSeek का इस्तेमाल किया हो। आदेश के विवरणों में DHS ने सार्वजनिक रूप से इन सीमाओं को स्पष्ट नहीं किया है।
साइबर सुरक्षा कंपनी Luta Security की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Katie Moussouris ने कहा कि सीधे प्रतिबंधों को लागू करना, बाहरी उत्पादों को शामिल करने वाले प्रावधान की तुलना में आसान है:
DeepSeek के अपने ऐप और API पर प्रतिबंध लागू किया जा सकता है। समस्या 'DeepSeek कार्यान्वयनों का इस्तेमाल करके विकसित तृतीय-पक्ष उत्पादों और सेवाओं' पर लगी रोक है।
API, यानी एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस, एक सॉफ्टवेयर प्रणाली को दूसरी प्रणाली से सेवाएं मांगने देता है। API कनेक्शन रोकना एक स्पष्ट तकनीकी कदम है। लेकिन यह पता लगाना कि किसी आपूर्तिकर्ता ने महीनों पहले कोडिंग सहायक के तौर पर किस टूल का इस्तेमाल किया था, अलग तरह के रिकॉर्ड पर निर्भर करता है और हो सकता है कि ऐसे रिकॉर्ड कभी रखे ही न गए हों।
Moussouris ने कहा कि AI सॉफ्टवेयर बिल ऑफ मैटेरियल्स, यानी किसी उत्पाद में शामिल AI घटकों की सूची, विकास के दौरान इस्तेमाल किए गए हर टूल का रिकॉर्ड नहीं रखेगी। उन्होंने सत्यापन की समस्या सीधे शब्दों में बताई:
हर विक्रेता को यह पुष्टि करनी होगी कि वह जिस किसी चीज पर निर्भर है, उसका कभी DeepSeek से संबंध नहीं रहा। इसे सत्यापित करने का कोई व्यावहारिक तरीका नहीं है।
क्लाउड के जरिए रूटिंग से DeepSeek की पहचान मुश्किल
OpenRouter और Vercel AI Gateway जैसी सेवाएं ग्राहकों को एक साझा कनेक्शन के जरिए कई AI प्रदाताओं तक पहुंच देती हैं। मॉडल और रूटिंग सेटिंग के आधार पर, कर्मचारी को हर बार नया चुनाव किए बिना अनुरोध किसी प्रदाता को भेजा जा सकता है।
इसलिए सरकारी आपूर्तिकर्ताओं को अनुबंधों के साथ-साथ कॉन्फिगरेशन सेटिंग की भी जांच करनी होगी। स्पष्ट रूप से अनुमत मॉडल चुनना, फॉलबैक विकल्पों की जांच करना और सेवा लॉग की समीक्षा करना यह पता लगाने में मदद कर सकता है कि कोई उत्पाद बिचौलिये के जरिए DeepSeek तक पहुंचता है या नहीं।
DeepSeek ओपन-वेट मॉडल भी जारी करता है। वेट वे संख्यात्मक फाइलें हैं जिनमें मॉडल ने प्रशिक्षण के दौरान जो सीखा, वह दर्ज होता है। दूसरी कंपनियां इन फाइलों को डाउनलोड करके मॉडल अपने कंप्यूटरों या अमेरिकी क्लाउड प्रदाता के जरिए चला सकती हैं, बजाय DeepSeek के सर्वरों को अनुरोध भेजने के।
Moussouris ने कहा कि सरकार की बताई चिंताओं का आकलन करते समय होस्टिंग की जगह मायने रखती है:
आदेश में बताए गए जोखिम मुख्य रूप से DeepSeek के चीन स्थित सर्वरों तक डेटा पहुंचने, उसके डेटा संग्रह और उसके ऐप से जुड़े हैं। अमेरिका में होस्टिंग से इनमें से ज्यादातर जोखिम टल जाते हैं।
फिर भी आदेश की व्यापक भाषा ऐसी व्यवस्था पर विचार कर रही एजेंसियों के लिए अनुपालन की समस्या पैदा करती है। अमेरिका में मॉडल चलाने से जानकारी संसाधित होने की जगह बदल जाती है, जबकि प्रतिबंध में तकनीक का मूल और दूसरे उत्पादों के भीतर उसका इस्तेमाल भी शामिल है।
प्रतिबंध कैसे विकसित हुए
DeepSeek के खिलाफ संघीय कार्रवाई ताजा असैन्य नोटिस से काफी पहले शुरू हो गई थी। कंपनी के मॉडल के उपयोगकर्ता बढ़ने के साथ रक्षा संगठनों, अलग-अलग एजेंसियों और राज्य सरकारों ने अपने-अपने प्रतिबंध लगाए।
- जनवरी 2025: रक्षा सूचना प्रणाली एजेंसी ने पेंटागन के नेटवर्क पर DeepSeek को ब्लॉक करना शुरू किया। इसी महीने DeepSeek के कम लागत वाले AI सहायक ने दुनिया भर का ध्यान खींचा।
- 6 फरवरी, 2025: सांसद Darin LaHood और Josh Gottheimer ने सरकारी उपकरणों पर DeepSeek रोक अधिनियम पेश किया। विधेयक समिति से आगे नहीं बढ़ा।
- 2025 के दौरान: वाणिज्य विभाग ने सरकारी उपकरणों पर DeepSeek के इस्तेमाल पर रोक लगाई और नौसेना ने अपने सदस्यों को इसका उपयोग न करने का आदेश दिया। NASA, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और न्यूयॉर्क, टेनेसी तथा वर्जीनिया समेत कई राज्यों ने भी कदम उठाए।
- जुलाई 2026: DHS ने एजेंसियों से DeepSeek जोखिमों के लिए वेबसाइट ट्रैफिक पर नजर रखने की अपील की। बताया गया है कि व्यापक रूप से तकनीक हटाने वाले आदेश पर 24 जुलाई को हस्ताक्षर किए गए।
- 17 अक्टूबर, 2026: DeepSeek ने अपना नवीनतम मॉडल V4.1-Flash-1017 जारी किया।
- 19 अक्टूबर, 2026: DHS ने फेडरल रजिस्टर में नोटिस के जरिए असैन्य एजेंसियों पर लागू प्रतिबंध सार्वजनिक किया।
संघीय जांच का दायरा उन आरोपों तक भी बढ़ा है कि चीनी AI डेवलपरों ने प्रमुख अमेरिकी मॉडल के खिलाफ डिस्टिलेशन हमलों का इस्तेमाल किया। डिस्टिलेशन में एक मॉडल को दूसरे मॉडल के जवाबों से प्रशिक्षित किया जाता है। अमेरिकी चिंताएं मालिकाना प्रणालियों की क्षमताओं को कथित तौर पर बिना अनुमति निकालने पर केंद्रित हैं, जबकि हटाने के आदेश के पीछे अलग सुरक्षा चिंताएं भी हैं।
कम कीमतें DeepSeek को आकर्षक बनाती हैं
DeepSeek का आकर्षण सक्षम मॉडल, डाउनलोड किए जा सकने वाले वेट और अपेक्षाकृत कम कीमतों का मेल रहा है। इन खूबियों ने इसे उन संगठनों के लिए प्रतिस्पर्धी विकल्प बनाया जो पूरी तरह सबसे बड़े अमेरिकी प्रदाताओं पर निर्भर हुए बिना AI का इस्तेमाल करना चाहते हैं।
17 अक्टूबर को जारी मॉडल ने इस प्रतिस्पर्धा को और तेज कर दिया। AI मूल्यांकन कंपनी Artificial Analysis ने V4.1-Flash-1017 को 45 अंक दिए, जबकि इसके पिछले मॉडल को 39 अंक मिले थे। वहीं प्रति काम औसत मूल्यांकन लागत $0.49 से घटकर $0.26 रह गई। दो आंकड़ों के आधार पर यह करीब 47% की कमी है।
DeepSeek के अपने प्रदर्शन आंकड़ों में नए मॉडल का DeepSWE v1.1 सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग स्कोर 77.0 बताया गया, जो पहले 74.2 था। उसका Terminal-Bench 4.0 स्कोर 31.2 से बढ़कर 42.3 हो गया। ये परीक्षण खास कामों का आकलन करते हैं और संभावित उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा, विश्वसनीयता तथा संचालन लागत के साथ विचार करने के लिए कुछ मापदंड देते हैं।
DeepSeek की बताई गई API कीमतें व्यस्त समय के दौरान प्रति दस लाख इनपुट टोकन के लिए $0.30 और प्रति दस लाख आउटपुट टोकन के लिए $1.20 थीं। इन समयों के बाहर दरें आधी थीं। टोकन पाठ के छोटे हिस्से होते हैं, जिनका इस्तेमाल AI कंपनियां यह मापने के लिए करती हैं कि मॉडल कितनी जानकारी प्राप्त करता और तैयार करता है।
जनवरी 2025 में DeepSeek की सफलता पहले ही दिखा चुकी थी कि सस्ता AI बाजारों को कितनी मजबूती से प्रभावित कर सकता है। सेमीकंडक्टर, बिजली और बुनियादी ढांचा कंपनियों के बाजार मूल्य में कुल नुकसान $1 ट्रिलियन से अधिक रहा। Nvidia के शेयर करीब 17% गिर गए और कंपनी ने लगभग $593 बिलियन का बाजार मूल्य गंवा दिया। उस समय किसी कंपनी के लिए एक दिन में यह रिकॉर्ड नुकसान था।
सरकारी आपूर्तिकर्ताओं पर कई नियम लागू
असैन्य एजेंसियों को सेवाएं देने वाली कंपनियों को अब अपने उत्पादों की DHS प्रतिबंध के संदर्भ में जांच करनी होगी। रक्षा ठेकेदारों पर एक अलग नियम भी लागू है: वित्त वर्ष 2026 के रक्षा प्राधिकरण कानून की धारा 1532 में DeepSeek और उसकी मूल कंपनी High-Flyer शामिल हैं।
संघीय खरीद खंड FAR 52.204-30 के तहत आने वाले ठेकेदारों पर भी अनुपालन की जिम्मेदारियां हैं। बताया गया है कि इनमें कम से कम हर तीन महीने में लागू आपूर्ति-श्रृंखला आदेशों की जांच करना, दायरे में आने वाली पहचानी गई तकनीक की सूचना तीन कारोबारी दिनों में देना और अगले 10 कारोबारी दिनों के भीतर सुधार संबंधी जानकारी देना शामिल है। किसी आपूर्तिकर्ता की जिम्मेदारियां उसके अनुबंध और लागू आदेश पर निर्भर करती हैं।
व्यावसायिक और सरकारी, दोनों तरह की सेवाएं बेचने वाली कंपनियों के लिए तत्काल कारोबारी चुनौती उन्हें अलग रखने की है। असैन्य एजेंसियों पर प्रतिबंध संघीय प्रणालियों और खरीद से जुड़ा है। दूसरी जगह DeepSeek का इस्तेमाल करने वाले आपूर्तिकर्ताओं को यह पता लगाना होगा कि साझा बुनियादी ढांचा, उप-ठेकेदार या विकास प्रक्रियाएं उस तकनीक को सरकारी काम में तो नहीं ला रही हैं।
और प्रतिबंधों पर विचार किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2027 के रक्षा विधेयक के प्रस्तावित प्रावधान प्रतिबंधों को चीन की 10 अतिरिक्त AI कंपनियों और उनसे बने मॉडलों तक बढ़ा सकते हैं। ये प्रस्ताव पहले से लागू प्रतिबंधों से अलग हैं, लेकिन आपूर्तिकर्ताओं के लिए अपने उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले मूल मॉडल पर नजर रखने का एक और कारण हैं।
चीनी तकनीक पर FCC की एक और पहल
संघीय संचार आयोग ने अमेरिकी बाजार के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं से जुड़े एक अलग प्रस्ताव पर 29 अक्टूबर को मतदान तय किया है। इस प्रस्ताव के तहत उन देशों की चीनी और अन्य विदेशी प्रयोगशालाओं पर रोक लगेगी, जो अमेरिकी परीक्षण प्रयोगशालाओं को समान व्यवहार नहीं देते।
FCC ने 2025 में चीनी सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली प्रयोगशालाओं को अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक्स की जांच करने से पहले ही रोक दिया था। आयोग ने कहा कि चीन में स्थित कई प्रयोगशालाएं यह काम जारी रखे हुए थीं, जिसके चलते व्यापक प्रस्ताव लाया गया।
FCC के अध्यक्ष Brendan Carr ने कहा कि 82% इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच चीन में होती थी, जबकि अमेरिका की प्रयोगशालाओं में यह आंकड़ा 4% से कम था। इन आंकड़ों के अनुसार चीन का हिस्सा अमेरिका के हिस्से से 20 गुना से भी अधिक था। परीक्षण प्रयोगशालाएं बाजार में आने से पहले यह जांचती हैं कि उपकरण तकनीकी जरूरतें पूरी करते हैं या नहीं। इसलिए उनकी मंजूरी की भूमिका निर्माताओं के लिए अहम होती है।
29 अक्टूबर का मतदान अगला तय फैसला है। DeepSeek का आदेश और प्रयोगशालाओं का प्रस्ताव अलग-अलग तकनीकों से जुड़े हैं, लेकिन दोनों में अमेरिका की जांच तैयार उत्पाद से आगे बढ़कर उसके पीछे की कंपनियों और सेवाओं तक पहुंचती है। एजेंसियों और विक्रेताओं के लिए सरकारी कारोबार में यह जानना अहम होता जा रहा है कि मूल तकनीक कौन मुहैया कराता है।
मुख्य बातें
- DHS ने संघीय असैन्य एजेंसियों को DeepSeek के उत्पाद और दूसरी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली दायरे में शामिल सेवाएं हटाने का निर्देश दिया है।
- 19 अक्टूबर, 2026 के सार्वजनिक नोटिस में उस प्रतिबंध का खुलासा हुआ, जिस पर कथित तौर पर 24 जुलाई को हस्ताक्षर किए गए थे।
- DHS ने संवेदनशील डेटा के हस्तांतरण, खुफिया जोखिमों और सॉफ्टवेयर सुरक्षा कमजोरियों का हवाला दिया।
- DeepSeek का इस्तेमाल करके विकसित उत्पादों की परिभाषा आपूर्तिकर्ताओं के लिए व्यावहारिक चिंता बनी हुई है।
- DeepSeek का नवीनतम मॉडल 17 अक्टूबर को जारी हुआ। इसके मूल्यांकन स्कोर बेहतर थे और प्रति काम मापी गई लागत कम थी।
- रक्षा ठेकेदारों पर अलग प्रतिबंध लागू हैं, जबकि चीनी AI पर व्यापक रोकों पर विचार किया जा रहा है।
- FCC विदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स परीक्षण प्रयोगशालाओं को प्रभावित करने वाले प्रतिबंधों पर 29 अक्टूबर को मतदान करने की योजना बना रहा है।






