छह डिज़ाइन मलेशिया की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं की कसौटी पर
मलेशिया ने 16 अक्टूबर, 2026 को कुआलालंपुर में स्थानीय स्तर पर विकसित सेमीकंडक्टर के छह नवाचार पेश किए। इनकी संयुक्त बिक्री क्षमता का अनुमान 30 करोड़ रिंगिट है। यह ऐसे समय में हुआ है जब देश तकनीक के डिज़ाइन और स्वामित्व से अधिक लाभ कमाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इन उत्पादों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए प्रोसेसर से लेकर उपग्रहों की बिजली और स्वायत्त ड्रोन नियंत्रित करने वाले उपकरण शामिल हैं।
विषय-सूची
- छह डिज़ाइन मलेशिया की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं की कसौटी पर
- छह नवाचार क्या काम करने के लिए बनाए गए हैं
- ग्राहक और योग्यता जांच क्यों अगला कदम हैं
- चिप निर्माण से डिज़ाइन के स्वामित्व तक
- डिज़ाइन के लिए साझा आधार बना रहे दो पार्क
- आर्म तक पहुंच से इंजीनियरिंग प्रयास को मदद
- प्रशिक्षण के लक्ष्य छह उत्पादों से आगे
- उत्पादन की ओर बढ़ने के लिए पूंजी जरूरी
- राज्यों से अपनी अलग-अलग खूबियों के आधार पर योगदान की अपील
- मुख्य बातें
अर्थव्यवस्था मंत्री अकमल नसरुल्लाह मोहम्मद नासिर ने कहा कि ये नवाचार मलेशिया की बढ़ती डिज़ाइन क्षमता दिखाते हैं, लेकिन ग्राहकों को हासिल करना, उद्योग के मानकों पर खरा उतरना और उत्पादन बढ़ाना अगली चुनौतियां हैं। 30 करोड़ रिंगिट के इस अनुमान को लगभग 7.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर के बराबर बताया गया है और इसे संभावित सालाना बिक्री कहा गया है। अकमल ने यह नहीं बताया कि यह स्तर कब तक हासिल हो सकता है।
ये छह नवाचार मलेशिया सेमीकंडक्टर आईसी डिज़ाइन पार्क पहल के तहत काम करने वाली कंपनियों ने विकसित किए हैं। पुचोंग और साइबरजया स्थित इन केंद्रों में अब 20 कंपनियों के 407 इंजीनियर काम करते हैं। इस पहल के तहत मलेशियाई कंपनियां ताइवान, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साझेदारों के साथ जुड़ रही हैं।
अकमल ने सेलांगोर एआई एंड सेमीकंडक्टर सम्मेलन के दौरान ये उत्पाद पेश किए। यह सम्मेलन सेलांगोर अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन 2026 के साथ आयोजित हुआ। उनका संदेश था कि पांच दशक से अधिक के सेमीकंडक्टर विनिर्माण अनुभव वाले देश को अब ऐसे और कारोबारों की जरूरत है, जो उत्पादों के पीछे की तकनीक बनाते हैं।
मलेशियाई इंजीनियरों और कंपनियों के लिए इसका मतलब है कि चिप क्या काम करेगी, इसका फैसला करने, डिज़ाइन विकसित करने और बौद्धिक संपदा अपने पास रखने में उनकी बड़ी भूमिका हो। ग्राहकों के लिए तात्कालिक सवाल व्यावहारिक है: क्या ये उत्पाद उनकी तकनीकी जरूरतें पूरी करते हैं और क्या इनकी भरोसेमंद आपूर्ति हो सकती है?
अकमल ने अपने उद्घाटन भाषण में अगला व्यावसायिक पड़ाव इस तरह बताया:
अगला पड़ाव ग्राहकों को इन्हें अपनाने के लिए राजी करना, उद्योग की योग्यता संबंधी जरूरतें पूरी करना और इन नवाचारों को सफल व्यावसायिक उत्पादों के रूप में बड़े पैमाने पर तैयार करना है।
छह नवाचार क्या काम करने के लिए बनाए गए हैं
इन उत्पादों में इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के कई अलग-अलग हिस्से शामिल हैं। कुछ जानकारी का प्रसंस्करण करते हैं, जबकि दूसरे डेटा संग्रहित करते हैं, बिजली नियंत्रित करते हैं या गति को दिशा देते हैं। इनके लक्षित बाजार कंप्यूटर और कारखानों से लेकर वाहनों और अंतरिक्ष यानों तक फैले हैं।
- स्काईचिप का MARS1000 एक एज एआई प्रोसेसर है, जिसे कैमरों, रोबोटों और कारखाना प्रणालियों के लिए बनाया गया है।
- माईस्टोरेज का aiDAPTIV+ एआई ऐप्लिकेशन चलाने वाले पर्सनल कंप्यूटरों और सर्वरों के लिए स्टोरेज समाधान उपलब्ध कराता है।
- सिलिकॉनएक्स का फील्ड-प्रोग्रामेबल गेट ऐरे, यानी FPGA, एक पुनःप्रोग्राम किया जा सकने वाला चिप है, जिसे औद्योगिक और ऑटोमोटिव ऐप्लिकेशन के लिए बनाया गया है। इसे मलेशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया का पहला स्वदेशी FPGA बताया गया।
- इन्फिनेक्स का मैक्सवेल वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बनाया गया पावर रेगुलेटर है।
- वीरॉक स्पेस का कॉनन उपग्रहों और अन्य अंतरिक्ष प्रणालियों के लिए पावर कंट्रोलर चिप है।
- अल्फास्विफ्ट का FC Mini स्वायत्त ड्रोन के लिए फ्लाइट कंट्रोलर है।
एज एआई का अर्थ है जानकारी जुटाए जाने वाली जगह के पास ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता का संचालन करना, जैसे कैमरे या रोबोट के भीतर, बजाय इसके कि हर काम किसी दूरस्थ सर्वर पर भेजा जाए। इस भूमिका के लिए बने प्रोसेसर को बिजली, जगह और कंप्यूटिंग क्षमता की डिवाइस संबंधी सीमाओं के भीतर काम करना होता है।
FPGA का उद्देश्य अलग है। विनिर्माण के बाद इसके आंतरिक लॉजिक को फिर से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है, जिससे इंजीनियर इसे खास कामों के लिए अनुकूल बना सकते हैं। पावर रेगुलेटर और कंट्रोलर दूसरे घटकों को मिलने वाली बिजली का प्रबंधन करते हैं, जबकि ड्रोन का फ्लाइट कंट्रोलर विमान को चालू रखने के लिए जरूरी कामों में तालमेल बैठाता है।
ग्राहक और योग्यता जांच क्यों अगला कदम हैं
अकमल की व्यावसायिक प्राथमिकताओं में तकनीकी विकास के साथ ग्राहकों की मांग को भी जगह दी गई है। किसी डिज़ाइन को खरीदार की प्रणाली के अनुकूल होना चाहिए, उसके निर्धारित उपयोग के लिए जरूरी जांचों में सफल होना चाहिए और ऐसी मात्रा में उत्पादन तक पहुंचना चाहिए जो व्यावसायिक रूप से उचित हो।
उद्योग योग्यता जांच वह प्रक्रिया है जिसमें यह दिखाया जाता है कि कोई घटक बाजार या ग्राहक की प्रदर्शन और विश्वसनीयता संबंधी जरूरतें पूरी करता है। वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष प्रणालियों में कड़े मानक हो सकते हैं, क्योंकि घटकों को कठिन परिस्थितियों में भी भरोसेमंद ढंग से काम करना होता है।
इसलिए इन छह उत्पादों के लिए बिक्री तक पहुंचने के रास्ते अलग-अलग हैं। एआई स्टोरेज समाधान पर विचार कर रही कंपनी उसे अपनी कंप्यूटिंग जरूरतों के आधार पर परखेगी। उपग्रह विकसित करने वाली कंपनी पावर कंट्रोलर को अपने अंतरिक्ष यान की जरूरतों के अनुसार जांचेगी। हर आपूर्तिकर्ता को अपनी तकनीकी क्षमता को ऐसे उत्पाद में बदलना होगा जिसे ग्राहक खरीदने के लिए तैयार हो।
अकमल ने यह भी कहा कि मलेशियाई डिज़ाइनों के लिए बाजार विकसित करने में सरकार को मदद करनी होगी। उनकी रणनीति उत्पाद विकास को मांग से जोड़ती है: अधिक ग्राहक उत्पादन के बड़े पैमाने को सहारा दे सकते हैं और स्थानीय कारोबारों में और निवेश आकर्षित कर सकते हैं।
30 करोड़ रिंगिट की संभावित बिक्री इन कदमों पर निर्भर करेगी। घोषणा में अगले चरण के केंद्र में ग्राहकों द्वारा उत्पाद अपनाने, योग्यता जांच और उत्पादन बढ़ाने को रखा गया है, न कि उत्पादों के अनावरण को अंतिम व्यावसायिक पड़ाव माना गया है।
चिप निर्माण से डिज़ाइन के स्वामित्व तक
मलेशिया का सेमीकंडक्टर उद्योग 50 से अधिक वर्षों में विकसित हुआ है। इसकी शुरुआत पेनांग में असेंबली के काम से हुई और बाद में इसका विस्तार परीक्षण, पैकेजिंग, उपकरण, विनिर्माण सेवाओं और डिज़ाइन तक हुआ। देश में इंटेल, ग्लोबलफाउंड्रीज़ और इन्फिनियॉन समेत बड़ी अंतरराष्ट्रीय सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए काम करने वाले केंद्र हैं।
पैकेजिंग चिप को सुरक्षित रखती है और उसे व्यापक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से जोड़ती है। परीक्षण यह जांचता है कि चिप अपेक्षा के मुताबिक काम करती है या नहीं। चिप डिज़ाइन उसके भीतर के सर्किट और कार्य तय करता है। मलेशिया की रणनीति अपने स्थापित विनिर्माण काम के साथ डिज़ाइन क्षमता विकसित करना है।
अकमल ने नीतिगत बदलाव को दो विचारों से समझाया: ‘मेड इन मलेशिया’ बताता है कि उत्पाद कहां बनाया गया है, जबकि ‘मेड बाय मलेशिया’ उसके पीछे की तकनीक विकसित करने और उसका स्वामित्व रखने की क्षमता पर जोर देता है। उन्होंने कहा कि देश को दोनों की जरूरत है।
सेलांगोर के मुख्यमंत्री दातुक सेरी अमिरुदिन शारी ने इस बदलाव को कहीं और लिए गए उत्पादन संबंधी फैसलों पर अत्यधिक निर्भर रहने के जोखिम से जोड़ा। उन्होंने बताया कि अधिक मूल्य वाली गतिविधियों की ओर बढ़ना क्यों जरूरी है:
अगर कोई देश खुद को बदलकर मूल्य श्रृंखला में ऊपर नहीं बढ़ता, तो किसी कंपनी के अपना कारोबार बंद कर उत्पादन कहीं और ले जाने का फैसला करने पर हमें नुकसान हो सकता है।
डिज़ाइन के लिए साझा आधार बना रहे दो पार्क
सेलांगोर के दो डिज़ाइन पार्क इस प्रयास को भौतिक आधार देते हैं। अमिरुदिन ने कहा कि पुचोंग का केंद्र लगभग भर चुका है, जबकि साइबरजया में एक मंजिल से बढ़ाकर तीन मंजिलों तक विस्तार की तैयारी है। साइबरजया पार्क में एक उन्नत चिप परीक्षण केंद्र भी है, जिसे उद्घाटन के समय दक्षिण-पूर्व एशिया का पहला ऐसा केंद्र बताया गया।
यह विकास कई चरणों में आगे बढ़ा है:
- अगस्त 2024: मलेशिया का पहला सेमीकंडक्टर आईसी डिज़ाइन पार्क पुचोंग में खुला।
- नवंबर 2025: साइबरजया में दूसरा केंद्र खुला, जिससे डिज़ाइन के लिए जगह और उन्नत परीक्षण बुनियादी ढांचा बढ़ा।
- 16 अक्टूबर, 2026: सेलांगोर एआई एंड सेमीकंडक्टर सम्मेलन में स्थानीय स्तर पर विकसित सेमीकंडक्टर के छह नवाचार पेश किए गए।
अकमल ने कहा कि इन पार्कों में दो साल के भीतर छह नवाचार विकसित हुए। यहां 407 इंजीनियर काम करते हैं और 20 कंपनियां मौजूद हैं। यह दिखाता है कि इस पहल के तहत कई कारोबार और तकनीकी टीमें एक ही नेटवर्क में जुड़ रही हैं।
साइबरजया में प्रस्तावित विस्तार से इस्तेमाल में आने वाली मंजिलों की संख्या एक से बढ़कर तीन हो जाएगी। अमिरुदिन ने इन पार्कों को ऐसी जगहों के रूप में पेश किया जहां प्रतिभा, तकनीक और पूंजी को एक साथ लाया जा सके और अंतरराष्ट्रीय साझेदार स्थानीय डिज़ाइन परिवेश में योगदान दे सकें।
आर्म तक पहुंच से इंजीनियरिंग प्रयास को मदद
आर्म के साथ मलेशिया की साझेदारी का उद्देश्य स्थानीय कंपनियों को उन्नत चिप डिज़ाइन तकनीक और बौद्धिक संपदा तक व्यापक पहुंच देना है। अकमल ने कहा कि यह पहुंच परीक्षण, उपकरण और पैकेजिंग में मलेशिया की मौजूदा विशेषज्ञता पर आधारित है।
चिप डिज़ाइन में बौद्धिक संपदा में ऐसे दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले तकनीकी डिज़ाइन शामिल हो सकते हैं, जिन्हें इंजीनियर लाइसेंस के तहत किसी बड़े उत्पाद में शामिल करते हैं। स्थापित तकनीकी घटकों तक पहुंच से विकास के कुछ चरणों में लगने वाला समय घट सकता है। इससे टीमें अपने उत्पाद को उपयोगी बनाने वाले खास कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकती हैं।
अकमल ने आर्म तक पहुंच को इन पार्कों में नवाचारों के तेज विकास से जोड़ा। उन्होंने इस पहुंच को ऐसे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य उत्पादों में बदलने की जरूरत पर भी जोर दिया जिन्हें बड़ी मात्रा में बेचा जा सके।
उनके बताए प्रगति के पैमाने मलेशियाई कारखानों से गुजरने वाली चिपों की संख्या तक सीमित नहीं हैं। इनमें यह भी शामिल है कि कितनी चिपों का डिज़ाइन स्थानीय स्तर पर होता है, मलेशियाई कंपनियां कितनी बौद्धिक संपदा विकसित कर उसकी मालिक बनती हैं और देश में कितना आर्थिक मूल्य बना रहता है।
प्रशिक्षण के लक्ष्य छह उत्पादों से आगे
राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर रणनीति का लक्ष्य 60,000 मलेशियाई इंजीनियरों को प्रशिक्षण देना और उनके कौशल को बेहतर बनाना है। व्यापक प्रतिभा विकास प्रयास के तहत आर्म ऑन-डिमांड ट्रेनिंग कार्यक्रम चार साल में 10,000 मलेशियाई लोगों को विशेषीकृत इंटीग्रेटेड सर्किट डिज़ाइन कौशल देने का लक्ष्य रखता है। इंटीग्रेटेड सर्किट, यानी आईसी, एक छोटे सेमीकंडक्टर चिप पर इलेक्ट्रॉनिक घटकों को जोड़ता है।
अमिरुदिन ने कहा कि मलेशिया की उन्नत सेमीकंडक्टर अकादमी ने 100 से अधिक विश्वविद्यालयों के सहयोग से अब तक लगभग 850 इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया है। इस तरह उत्पाद विकसित करने वाली कंपनियों के साथ-साथ पार्कों के पास प्रशिक्षण नेटवर्क भी है।
राष्ट्रीय रणनीति का लक्ष्य अधिक आर्थिक मूल्य वाली 110 मलेशियाई सेमीकंडक्टर कंपनियां विकसित करना भी है: 10 मौजूदा स्थानीय कंपनियां और 100 अतिरिक्त कंपनियां। इसकी तकनीकी प्राथमिकताओं में आईसी डिज़ाइन, उन्नत पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण उपकरण शामिल हैं।
तेरहवीं मलेशिया योजना के तहत सरकार कुशल कामगारों की हिस्सेदारी 2025 के लगभग 31% से बढ़ाकर 35% करने का लक्ष्य रखती है, जो चार प्रतिशत अंक की वृद्धि है। अकमल ने कहा कि सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों के विकास के साथ कंपनियों को अधिक कुशल लोगों को आकर्षित करने और नौकरी देने की जरूरत है।
उत्पादन की ओर बढ़ने के लिए पूंजी जरूरी
सेलांगोर का एहसान सेमीकंडक्टर फंड युवा सेमीकंडक्टर कारोबारों और एआई ऐप्लिकेशन विकसित करने वाली कंपनियों के लिए 10 करोड़ रिंगिट जुटाने का लक्ष्य रखता है। अमिरुदिन ने स्थानीय डिज़ाइन क्षमता के लिए पूंजी तक पहुंच को तीन जरूरी चीजों में से एक बताया। अन्य दो तकनीक और प्रतिभा हैं।
स्काईचिप सार्वजनिक बाजार के जरिए वित्तपोषण का एक अलग उदाहरण है। अमिरुदिन ने कहा कि मई में बर्सा मलेशिया के मुख्य बाजार में सूचीबद्ध होने पर कंपनी ने 35.2 करोड़ रिंगिट जुटाए। यह वित्तपोषण उसके MARS1000 प्रोसेसर के विकास कार्य के साथ जुड़ा है।
अमिरुदिन के अनुसार, वीरॉक स्पेस ने अपना दूसरा टेप-आउट पूरा कर लिया है। टेप-आउट वह चरण है जब तैयार चिप डिज़ाइन को विनिर्माण के लिए भेजा जाता है। निर्मित सिलिकॉन का मूल्यांकन करने और ग्राहक उपयोग के लिए जरूरी आगे का काम करने से पहले यह विकास का एक अहम चरण है।
फंड, शेयर सूचीबद्ध करना और टेप-आउट एक ही उद्योग की अलग-अलग जरूरतों को दिखाते हैं: कारोबार विकसित करने के लिए पैसा, वृद्धि को सहारा देने वाली पूंजी और निर्मित उत्पादों की दिशा में इंजीनियरिंग प्रगति। ऑर्डर हासिल करने की कोशिश के दौरान इन छह नवाचारों के लिए भी इन क्षेत्रों में लगातार काम करना जरूरी होगा।
राज्यों से अपनी अलग-अलग खूबियों के आधार पर योगदान की अपील
अकमल ने केंद्र और राज्यों की सेमीकंडक्टर पहलों से एक-दूसरे को पूरक बनाने की अपील की। सरवाक में हाल ही में पेश किए गए स्थानीय डिज़ाइन वाले गैलियम नाइट्राइड चिप के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्य अपनी विशेषज्ञता के जरिये राष्ट्रीय उद्योग को मजबूत बना सकते हैं।
उन्होंने सेलांगोर में डिज़ाइन कंपनियों, इंजीनियरों, उपकरणों और निवेश के जमावड़े का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने पेनांग, केदाह और सरवाक को भी पूरक क्षमताओं वाले राज्य बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय से अलग-अलग राज्यों में किया गया निवेश पूरे मलेशिया के लिए लाभ में बदल सकता है।
अकमल ने मलेशिया के आकार के संदर्भ में सहयोग की जरूरत बताई:
हमारे जैसे छोटे देश के लिए एक-दूसरे की खूबियों पर निर्भर रहना निश्चित रूप से जरूरी है।
अब नीतिगत चुनौती में राष्ट्रीय समन्वय के साथ कंपनियों के स्तर पर अमल भी शामिल है। साझा प्रशिक्षण, डिज़ाइन तक पहुंच और परीक्षण सुविधाएं उद्योग को सहारा दे सकती हैं, लेकिन हर आपूर्तिकर्ता को अपने उत्पाद के लिए ग्राहक खुद तलाशने होंगे। ये छह नवाचार मलेशिया को तकनीक का स्वामित्व हासिल करने, कुशल रोजगार बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर अधिक मूल्य बनाए रखने की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के ठोस अवसर देते हैं।
मुख्य बातें
- मलेशिया ने 16 अक्टूबर, 2026 को एआई, औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहनों, उपग्रहों और ड्रोन से जुड़े सेमीकंडक्टर के छह स्थानीय नवाचार पेश किए।
- इनकी संयुक्त बिक्री क्षमता का अनुमान 30 करोड़ रिंगिट है। इसे सालाना अवसर बताया गया है, लेकिन इसे हासिल करने की कोई तारीख नहीं दी गई।
- पुचोंग और साइबरजया के डिज़ाइन पार्कों में 20 कंपनियों के 407 इंजीनियर काम करते हैं।
- ग्राहकों द्वारा उत्पाद अपनाना, उद्योग योग्यता जांच और उत्पादन बढ़ाना अगले व्यावसायिक लक्ष्य हैं।
- राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर रणनीति का लक्ष्य 60,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षण देना और 110 मलेशियाई सेमीकंडक्टर कंपनियां विकसित करना है।
- आर्म तक पहुंच, प्रशिक्षण कार्यक्रम, परीक्षण बुनियादी ढांचा और निवेश मलेशिया को अधिक तकनीक डिज़ाइन करने और उसका स्वामित्व हासिल करने में मदद देने के लिए हैं।






