राष्ट्रीय डेटा दान अभियान में अब अधिक लोग शामिल हो सकेंगे
दक्षिण कोरिया ने 2032 तक दस लाख लोगों की स्वास्थ्य और आनुवंशिक जानकारी जुटाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बायोबैंक में भर्ती का दायरा बढ़ाया है। 2028 तक इसमें 660 अरब वॉन के निवेश की योजना है। सरकार चाहती है कि यह संसाधन चिकित्सा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नई दवाओं और अलग-अलग मरीजों के अनुरूप उपचार विकसित करने में मदद करे।
विषय-सूची
- राष्ट्रीय डेटा दान अभियान में अब अधिक लोग शामिल हो सकेंगे
- स्वयंसेवकों के लिए क्या बदलेगा?
- बायोबैंक में क्या शामिल होगा?
- दस लाख लोगों का लक्ष्य कैसे बांटा गया है
- डेटा संग्रह और शोध तक पहुंच की रफ्तार अलग क्यों है?
- परियोजना की समय-सारणी
- जानकारी का उपयोग कौन कर सकेगा?
- चिकित्सा एआई इस डेटा का उपयोग कैसे करेगा?
- प्रतिभागियों को लाभ कैसे मिल सकता है?
- मुख्य बिंदु
15 अक्टूबर की घोषणा में भागीदारी का दायरा राष्ट्रीय या सामान्य स्वास्थ्य जांच कराने वाले लोगों से आगे बढ़ाया गया। इन जांच कार्यक्रमों से बाहर के नागरिक अब भर्ती केंद्रों पर निर्धारित जांच पूरी करके शामिल हो सकते हैं। इस बदलाव में वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें उम्र या रोजगार की स्थिति के कारण पहले राष्ट्रीय जांच कार्यक्रमों से बाहर रखा गया था।
घोषणा के अनुसार, 14 अक्टूबर तक करीब 238,000 लोगों ने नामांकन कराया था और नवंबर में लगभग 120,000 लोगों का डेटा शामिल करने वाली पहली शोध सामग्री जारी करने का कार्यक्रम था। 1 दिसंबर, 2025 के एक विवरण में क्लिनिकल और जीनोमिक डेटा वाले लोगों की संख्या करीब 110,000 बताई गई और पहली सामग्री 2026 की चौथी तिमाही में जारी होने की उम्मीद जताई गई। अक्टूबर की घोषणा में वर्ष का उल्लेख नहीं है, इसलिए इन नामांकन आंकड़ों और जारी करने के कार्यक्रमों के बीच संबंध स्पष्ट नहीं है।
साझा उद्देश्य अधिक सीधा है: प्रतिभागियों की सहमति से जैविक नमूने जुटाना, उन्हें स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जोड़ना और मंजूरी प्राप्त शोधकर्ताओं को नियंत्रित कंप्यूटिंग परिवेश में इस संयुक्त जानकारी का अध्ययन करने देना।
स्वयंसेवकों के लिए क्या बदलेगा?
स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय, विज्ञान एवं आईसीटी मंत्रालय, व्यापार, उद्योग एवं ऊर्जा मंत्रालय और कोरिया रोग नियंत्रण एवं रोकथाम एजेंसी ने मिलकर पात्रता के विस्तारित नियमों की घोषणा की। पहले भर्ती मुख्य रूप से उन लोगों तक सीमित थी जो पहले से स्वास्थ्य जांच करा रहे थे, जिससे उसी दौरे के दौरान जांच के नतीजे जुटाना आसान होता था।
अब इन कार्यक्रमों से बाहर के लोगों को भर्ती केंद्रों पर आयोजित जांच के जरिए भाग लेने का अवसर मिलेगा। भागीदारी स्वैच्छिक रहेगी और इसमें सहमति, नमूना संग्रह तथा शारीरिक माप शामिल होंगे। 15 अक्टूबर की घोषणा में देशभर के 48 भर्ती केंद्रों और हर दिन औसतन 600 से 700 नए प्रतिभागियों का उल्लेख था।
स्वास्थ्य मंत्री जंग युन-क्योंग और राष्ट्रीय एआई रणनीति समिति के उपाध्यक्ष हा जंग-वू ने 15 अक्टूबर को सियोल के योनसेई यूनिवर्सिटी सिनचोन सेवरेंस अस्पताल में आयोजित दान कार्यक्रम में करीब 40 लोगों के साथ हिस्सा लिया। कोरिया स्वास्थ्य उद्योग विकास संस्थान के प्रमुख को सांग-बेक और अस्पताल के अधिकारी भी उपस्थित लोगों में शामिल थे।
इस कार्यक्रम में दानदाताओं से सार्वजनिक अपील के साथ-साथ कार्यान्वयन, शोध तक पहुंच और चिकित्सा एआई में डेटा के उपयोग पर नीति संबंधी चर्चा भी हुई। स्वयंसेवकों के लिए व्यावहारिक बदलाव यह है कि अब नियमित जांच के लिए पात्र हुए बिना भी नामांकन कराया जा सकता है।
बायोबैंक में क्या शामिल होगा?
परियोजना निदेशक बेक रोंग-मिन के अनुसार, यह संसाधन कई तरह की जानकारियों को जोड़कर तैयार किया जा रहा है। परियोजना के आधिकारिक संगठनात्मक विवरण के मुताबिक, प्रतिभागियों की सहमति के आधार पर इसमें रक्त, मूत्र और ऊतक जैसे नमूने, क्लिनिकल रिकॉर्ड, जीनोमिक डेटा, सार्वजनिक संस्थानों के पास मौजूद जानकारी और व्यक्तियों से प्राप्त स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई जाती है।
बायोबैंक में शोध के लिए मानव शरीर से प्राप्त भौतिक सामग्री रखी जाती है। डेटाबैंक में उससे जुड़ी डिजिटल जानकारी होती है। रक्त से डीएनए प्राप्त किया जा सकता है, जिसमें आनुवंशिक निर्देश होते हैं, और सीरम भी, जो रक्त के थक्के बनने के बाद बचा तरल हिस्सा है। शोधकर्ता इन सामग्रियों का अध्ययन व्यक्ति की बीमारियों और चिकित्सा देखभाल संबंधी जानकारी के साथ कर सकते हैं।
अक्टूबर की घोषणा के अनुसार, दान किए गए रक्त और मूत्र को कोरिया रोग नियंत्रण एवं रोकथाम एजेंसी द्वारा संचालित कोरिया के राष्ट्रीय बायोबैंक में सुरक्षित रखा जाता है। नमूनों को रिकॉर्ड से जोड़ने पर शोधकर्ता यह जांच सकते हैं कि आनुवंशिक भिन्नताओं का बीमारियों और उपचार से क्या संबंध है।
सटीक चिकित्सा का उद्देश्य किसी व्यक्ति की विशिष्ट विशेषताओं के आधार पर रोकथाम या उपचार चुनना है। परियोजना के निर्धारित उपयोगों में शामिल फार्माकोजीनोमिक्स यह अध्ययन करता है कि आनुवंशिक भिन्नताएं दवाओं के प्रति प्रतिक्रिया को कैसे प्रभावित करती हैं, जैसे कि कोई दवा असर करेगी या अवांछित प्रभाव पैदा कर सकती है।
दस लाख लोगों का लक्ष्य कैसे बांटा गया है
सरकार की योजना 2028 तक 772,000 लोगों की जानकारी जुटाने और फिर 2032 तक यह संख्या दस लाख तक पहुंचाने की है। भर्ती योजना में शुरुआती लक्ष्य को तीन समूहों में बांटा गया है:
- 585,000 सामान्य प्रतिभागी।
- गंभीर बीमारियों से पीड़ित 140,000 मरीज।
- दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित 47,000 मरीज।
इन समूहों की कुल संख्या 772,000 है। गंभीर या दुर्लभ बीमारियों के मरीजों के लिए 187,000 स्थान हैं, यानी शुरुआती भर्ती लक्ष्य का करीब 24 प्रतिशत। सामान्य प्रतिभागियों का हिस्सा करीब 76 प्रतिशत है।
लक्षित बीमारियों से पीड़ित और उनसे मुक्त लोगों को शामिल करने से शोधकर्ताओं को अलग-अलग समूहों की तुलना करने का अवसर मिलेगा। वे खास बीमारियों से जुड़ी आनुवंशिक भिन्नताओं, क्लिनिकल इतिहास और जैविक मापों का अध्ययन कर सकते हैं। दुर्लभ बीमारी वाला समूह उन रोगों के लिए अलग संग्रह भी उपलब्ध कराएगा जिनके मरीज अलग-अलग अस्पतालों में बिखरे हो सकते हैं।
करीब 120,000 रिकॉर्ड जारी करने की प्रस्तावित पहली खेप, अंततः दस लाख लोगों के लक्ष्य का लगभग 12 प्रतिशत होगी। इस तरह भर्ती और डेटा तैयार करने का काम जारी रहते हुए शोधकर्ता संसाधन के एक हिस्से पर काम शुरू कर सकेंगे।
डेटा संग्रह और शोध तक पहुंच की रफ्तार अलग क्यों है?
नामांकन, शोध के लिए डेटा तैयार करने की प्रक्रिया की शुरुआत भर है। रिकॉर्ड की जांच, व्यवस्थित करने और मानकीकरण की जरूरत होती है, ताकि अलग-अलग संस्थानों में जुटाई गई जानकारी का एक साथ विश्लेषण किया जा सके। पूरे डेटासेट में किसी माप या निदान का अर्थ एकसमान होना चाहिए।
अक्टूबर की घोषणा के अनुसार, पहली खेप में पिछले वर्ष के अंत तक जुटाई गई वह जानकारी शामिल होगी जिसे पहले ही मानकीकृत और साफ किया जा चुका है। घोषणा में बताया गया कि शोध मंच पिछले सप्ताह पूरा हुआ था और गुणवत्ता जांच तथा परीक्षण चल रहे थे। घोषणा वाले वर्ष के अंत तक जुटाई गई जानकारी अगले वर्ष जारी की जानी थी।
दिसंबर 2025 के विवरण में इससे पहले की संचालन समय-सारणी का अधिक विस्तार से उल्लेख है। 38 भर्ती केंद्रों की प्रणालियों से जुड़ी देरी और अन्य कारणों के बाद मार्च 2025 में भर्ती का काम पूरी रफ्तार से शुरू हुआ। 2025 के अंत तक 190,000 से 200,000 लोगों का डेटा जुटाने की शुरुआती उम्मीद घटाकर करीब 120,000 कर दी गई थी।
उस समय रोजाना 800 से 900 लोगों की भर्ती हो रही थी। बेक का अनुमान था कि 2032 तक दस लाख प्रतिभागियों तक पहुंचने के लिए हर दिन औसतन 1,000 दानदाताओं की जरूरत होगी। इस हिसाब से रोजाना की घोषित रफ्तार उनके मानक का 80 से 90 प्रतिशत थी, जबकि डेटा की सफाई और मानकीकरण का बड़ा काम भी बाकी था।
परियोजना की समय-सारणी
यह परियोजना कई वर्षों में विकसित जैविक नमूना संग्रह और संस्थानों के साथ एक नया एकीकृत डेटा प्रयास जोड़ती है। इसके पड़ाव मौजूदा आधार और नए संसाधन को शोधकर्ताओं के उपयोग के लिए तैयार करने के काम, दोनों को दिखाते हैं।
- 2001: कोरियाई जीनोम एवं महामारी विज्ञान अध्ययन ने आबादी के मानव जैविक संसाधन जुटाना शुरू किया।
- 2008: नमूनों के राष्ट्रीय प्रबंधन और जैवचिकित्सा शोध को समर्थन देने के लिए कोरिया बायोबैंक परियोजना शुरू हुई।
- मार्च 2025: संचालन संबंधी देरी के बाद एकीकृत परियोजना के लिए भर्ती पूरी गति से शुरू हुई।
- 1 दिसंबर, 2025: करीब 110,000 लोगों के क्लिनिकल और जीनोमिक डेटा देने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया।
- 2026 की योजना: तीसरी तिमाही में मंच पूरा होने और चौथी तिमाही में शुरुआती डेटासेट उपलब्ध होने की उम्मीद थी।
- 15 अक्टूबर की घोषणा, वर्ष निर्दिष्ट नहीं: पात्रता का दायरा बढ़ाया गया और नवंबर में करीब 120,000 लोगों का डेटा जारी करने की घोषणा की गई।
- 2028 और 2032: भर्ती लक्ष्य क्रमशः 772,000 और दस लाख लोग हैं।
कोरिया बायोबैंक नेटवर्क का संस्थागत पृष्ठभूमि पृष्ठ 17 विश्वविद्यालय अस्पतालों और दो सहयोगी संस्थानों में क्षेत्रीय बायोबैंक का विवरण देता है, जो 2013 से इस नेटवर्क में शामिल हैं। इसमें मानव जैविक संसाधनों की परिभाषा देते हुए जैवनीति एवं सुरक्षा अधिनियम के अनुच्छेद 2, उपखंड 11 का भी उल्लेख है। इसमें ऊतक, रक्त, डीएनए और प्रोटीन शामिल हैं।
यह स्थापित नेटवर्क जैविक सामग्री जुटाने, प्रबंधित करने और वितरित करने का अनुभव देता है। एकीकृत परियोजना का अतिरिक्त काम कई तरह की जानकारियों को जोड़कर साझा शोध संसाधन बनाना है।
जानकारी का उपयोग कौन कर सकेगा?
विश्वविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों और कंपनियों के शोधकर्ता शोध योजना जमा करके डेटा तक पहुंच के लिए आवेदन कर सकेंगे। अक्टूबर की घोषणा के अनुसार, मंजूरी पाने वाले उपयोगकर्ता सुरक्षित, बंद मंच के भीतर जानकारी का विश्लेषण करेंगे।
संवेदनशील जीनोमिक और क्लिनिकल जानकारी इसी परिवेश में रहेगी। केवल विश्लेषण के नतीजे बाहर ले जाए जा सकेंगे। व्यावहारिक रूप से, शोधकर्ता प्रतिभागियों के रिकॉर्ड की बिना पाबंदी वाली प्रति पाने के बजाय अपने शोध प्रश्न और विश्लेषण के साधन डेटा तक लेकर जाएंगे।
यह परियोजना कोरिया स्वास्थ्य उद्योग विकास संस्थान के एक कार्यालय, बाइको (BIKO), के जरिए संचालित है। इसकी संरचना में सचिवालय, डेटाबैंक और बायोबैंक शामिल हैं। डेटाबैंक डिजिटल जानकारी के एकीकरण और शोध में उसके उपयोग का प्रबंधन करता है, जबकि बायोबैंक नमूनों से प्राप्त सामग्री और संबंधित जानकारी संभालता है।
विशेषज्ञ समितियां डेटा की गुणवत्ता और सुरक्षा, नैतिक एवं कानूनी मुद्दों, पहुंच और उपयोग, जैविक विश्लेषण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर सलाह देती हैं। उनकी जिम्मेदारियां वैज्ञानिक काम को संवेदनशील जानकारी के रखरखाव और उसका अध्ययन करने वालों के चयन से जुड़े फैसलों के साथ जोड़ती हैं।
चिकित्सा एआई इस डेटा का उपयोग कैसे करेगा?
सरकार इस संसाधन को उस चीज के लिए इस्तेमाल करना चाहती है जिसे वह संप्रभु कोरियाई चिकित्सा एआई कहती है: यानी कोरिया के नियंत्रण में डेटा और शोध ढांचे का उपयोग करके चिकित्सा एआई विकसित करने की घरेलू क्षमता। घोषित उपयोगों में उन्नत चिकित्सा उपकरण, नई दवाएं और रोग के जैवचिह्नों की खोज भी शामिल हैं।
जैवचिह्न ऐसी जैविक विशेषता है जिसे मापा जा सकता है और जो शोधकर्ताओं को किसी बीमारी की पहचान करने या उस पर नजर रखने में मदद करती है। नमूनों का मेडिकल रिकॉर्ड के साथ अध्ययन करके शोधकर्ता किसी बीमारी या उपचार के प्रति प्रतिक्रिया से जुड़े आनुवंशिक या अन्य जैविक स्वरूप खोज सकते हैं।
राष्ट्रीय एआई रणनीति समिति के उपाध्यक्ष हा जंग-वू ने इस परियोजना को चिकित्सा और दवा विकास में राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं से जोड़ा:
मुझे उम्मीद है कि एआई के नवाचार के आधार पर सटीक चिकित्सा और नई दवाओं के विकास में दक्षिण कोरिया की क्षमता एक नई छलांग लगाएगी।
दिसंबर 2025 की योजना में 2026 के अंत तक एआई मॉडल विकास योजना तैयार करने का इरादा भी बताया गया था। इसमें बड़े भाषा मॉडल या शोध में मदद के लिए एआई एजेंटों की संभावनाएं शामिल थीं। बड़ा भाषा मॉडल भाषा को संसाधित और तैयार करता है; एआई एजेंट सॉफ्टवेयर उपकरणों का उपयोग करके कई कामों का क्रम पूरा कर सकता है। मंच के भीतर शोध उपकरणों के तौर पर दोनों पर विचार किया जा रहा था।
प्रतिभागियों को लाभ कैसे मिल सकता है?
स्वास्थ्य मंत्री जंग युन-क्योंग ने अक्टूबर के कार्यक्रम में बायोबैंक को साझा राष्ट्रीय संसाधन बताया:
राष्ट्रीय एकीकृत बायो बिग डेटा जनता की भागीदारी से बना सार्वजनिक संसाधन है।
सरकार का वादा है कि व्यापक और सुरक्षित शोध उपयोग से बेहतर दवाओं, उपकरणों और अधिक व्यक्तिगत देखभाल के रूप में जनता को लाभ होगा। संभावित मंजूरी प्राप्त उपयोगकर्ताओं में कंपनियां भी शामिल हैं, इसलिए यह संसाधन अस्पतालों और विश्वविद्यालयों के शोध के साथ-साथ व्यावसायिक विकास के लिए भी प्रासंगिक है।
दिसंबर 2025 की योजनाओं में दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित प्रतिभागियों के लिए अधिक प्रत्यक्ष लाभ का खाका पेश किया गया था। परियोजना की योजना 2026 से इलाज करने वाले चिकित्सकों को ऐसे निदान संबंधी दावों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की थी जो दानदाताओं की देखभाल में मदद कर सकें। इससे दुर्लभ बीमारियों की जानकारी जुटाने का काम उसमें योगदान देने वाले लोगों की उपचार संबंधी जरूरतों से जुड़ता है।
तत्काल संचालन संबंधी काम स्पष्ट है: स्वयंसेवकों की भर्ती करना, रिकॉर्ड को एकसमान रूप देना, पहुंच संबंधी जांच पूरी करना और शोध मंच को उपयोग के लिए तैयार करना। दस लाख लोगों का लक्ष्य इन गतिविधियों की साझा प्रगति पर निर्भर है, ताकि दान किए गए नमूने और जानकारी ऐसा संसाधन बन सकें जिसका शोधकर्ता वास्तव में अध्ययन कर सकें।
मुख्य बिंदु
- दक्षिण कोरिया ने नियमित स्वास्थ्य जांच कराने वालों से आगे बायोबैंक की पात्रता का दायरा बढ़ाया है।
- परियोजना का लक्ष्य 2028 तक 772,000 और 2032 तक दस लाख प्रतिभागी जुटाना है। 2028 तक 660 अरब वॉन के निवेश की योजना है।
- शुरुआती भर्ती लक्ष्य में 585,000 सामान्य प्रतिभागी, गंभीर बीमारियों से पीड़ित 140,000 और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित 47,000 मरीज शामिल हैं।
- विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और कंपनियों के मंजूरी प्राप्त शोधकर्ता बंद मंच का उपयोग करेंगे; केवल विश्लेषण के नतीजे बाहर ले जाए जा सकेंगे।
- अक्टूबर की घोषणा में नवंबर में डेटा जारी करने की योजना है, जबकि दिसंबर 2025 का विवरण पहली पहुंच 2026 के अंत में होने की बात कहता है; अक्टूबर की घोषणा का वर्ष निर्दिष्ट नहीं है।
- निर्धारित उपयोगों में चिकित्सा एआई, दवा विकास, रोग के जैवचिह्न और अलग-अलग मरीजों के अनुरूप उपचार शामिल हैं।






