अक्टूबर में नामांकन से वेतन समीक्षा की प्रक्रिया शुरू
ढाका के उत्तरा इलाके में लगातार तीसरे दिन सड़क पर विरोध प्रदर्शनों के बाद, बांग्लादेश का श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 15 अक्टूबर 2026 को नए परिधान वेतन बोर्ड के लिए कारखाना मालिकों और श्रमिकों से प्रतिनिधियों के नाम मांगेगा। श्रमिक 30,000 टका मासिक न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं, जबकि मौजूदा न्यूनतम वेतन 12,500 टका है।
विषय-सूची
- अक्टूबर में नामांकन से वेतन समीक्षा की प्रक्रिया शुरू
- सड़क नाकेबंदी से मांग सार्वजनिक चर्चा में आई
- बातचीत को दिशा देने वाली तारीखें
- तीन साल के नियम पर विवाद क्यों
- घरेलू खर्चों के मुकाबले वेतन वृद्धि
- नियोक्ता बोर्ड के पक्ष में, लेकिन लागत को लेकर चिंतित
- बोर्ड में श्रमिकों की ओर से कौन बोलेगा?
- वेतन ढांचे में कुल राशि से अधिक बातें शामिल
- अक्टूबर में बोर्ड बनने पर समयसीमा तंग
- मुख्य बातें
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने 14 अक्टूबर की बैठक में नामांकन पत्र भेजने का फैसला किया। श्रम सचिव अब्दुर रहमान तराफदार ने कहा कि दोनों पक्षों से जल्द से जल्द नाम भेजने को कहा जाएगा, ताकि नाम मिलने के बाद सरकार बोर्ड का गठन शीघ्र कर सके। यह पूछे जाने पर कि क्या बोर्ड अगले सप्ताह तक बन सकता है, उन्होंने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
30,000 टका की मांग से न्यूनतम वेतन में 17,500 टका यानी 140% की बढ़ोतरी होगी। इससे वेतन मौजूदा स्तर का 2.4 गुना हो जाएगा। श्रमिक अन्य वेतनों और भत्तों में भी बढ़ोतरी चाहते हैं, इसलिए बातचीत केवल सबसे कम मासिक वेतन तक सीमित नहीं रहेगी।
नवीनतम नाकेबंदी से पहले ही सरकार सैद्धांतिक रूप से वेतन बोर्ड बनाने पर सहमत हो गई थी। 7 अक्टूबर के एक विवरण में श्रम मंत्री अरिफुल हक चौधरी, तराफदार, बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महमूद हसन खान और बांग्लादेश निटवेयर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद हातेम की बैठक का उल्लेख था। तराफदार ने तब कहा था कि नामांकन मिलने के बाद अक्टूबर में बोर्ड बनाया जा सकता है।
फिलहाल प्रतिनिधियों का चयन करना प्राथमिक काम है। बड़ा विवाद इस बात पर है कि वेतन कितना बढ़ना चाहिए, संशोधित कानूनी समीक्षा अवधि कब से शुरू होती है और क्या दिसंबर 2023 की वेतन वृद्धि की तीसरी वर्षगांठ तक नया ढांचा पूरा हो सकता है।
सड़क नाकेबंदी से मांग सार्वजनिक चर्चा में आई
14 अक्टूबर को कई परिधान कारखानों के श्रमिकों ने उत्तरा में सड़कें रोक दीं, जिससे यातायात बाधित हुआ और लंबा जाम लगा। पुलिस के उत्तरा ट्रैफिक डिवीजन के सहायक उपायुक्त शाहजहान हुसैन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सुबह पहले आजमपुर के पास एक सड़क रोकी और फिर हवाई अड्डे की ओर बढ़कर एयरपोर्ट रोड को जाम कर दिया।
हुसैन ने दोपहर करीब 12:30 बजे हुए घटनाक्रम का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिक सोमवार से प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे बुधवार को वेतन और भत्तों को लेकर सड़क पर विरोध का लगातार तीसरा दिन रहा।
बांग्लादेश गारमेंट लेबर यूनिटी काउंसिल के अध्यक्ष तौहीदुर रहमान ने नामांकन प्रक्रिया शुरू करने के सरकार के कदम का स्वागत किया। उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर नजदीक है और बोर्ड का गठन अब तक बाकी है, इसलिए यह प्रक्रिया पहले शुरू होनी चाहिए थी।
इन प्रदर्शनों के बीच अन्य क्षेत्रों में भी वेतन की मांगें बढ़ रही हैं। सरकार ने सितंबर में सरकारी कर्मचारियों के लिए नए वेतनमान की घोषणा की, जिसके पूरी तरह लागू होने पर कुल मासिक वेतन 33,000 टका से अधिक होगा। यह घोषणा परिधान श्रमिकों की 30,000 टका की मांग की राजनीतिक पृष्ठभूमि बनाती है, हालांकि दोनों वेतन ढांचों में काम और भुगतान की व्यवस्थाएं अलग-अलग हैं।
बातचीत को दिशा देने वाली तारीखें
बांग्लादेश का मौजूदा परिधान वेतन ढांचा नवंबर 2023 में घोषित हुआ और उसी साल 1 दिसंबर से लागू हुआ। घोषणा और लागू होने के बीच के अंतर से समझ आता है कि अगली समीक्षा की चर्चा में नवंबर और दिसंबर, दोनों का उल्लेख क्यों हो रहा है।
मौजूदा विवाद तक पहुंचाने वाली प्रमुख घटनाएं:
- दिसंबर 2018: परिधान क्षेत्र का न्यूनतम वेतन 8,000 टका मासिक तय किया गया।
- अप्रैल 2023: इस राशि की समीक्षा के लिए नया वेतन बोर्ड बनाया गया।
- नवंबर 2023: सरकार ने 12,500 टका न्यूनतम वेतन की घोषणा की और वेतन ढांचे को सात श्रेणियों से घटाकर पांच कर दिया।
- 1 दिसंबर 2023: संशोधित वेतन लागू हुआ।
- 2025 के अंत में: श्रम कानून में संशोधन कर नियमित वेतन समीक्षा का अंतराल पांच साल से घटाकर तीन साल किया गया।
- 7 अक्टूबर 2026: एक और बोर्ड बनाने के सरकार के सैद्धांतिक फैसले का सार्वजनिक रूप से जिक्र हुआ।
- 12 से 14 अक्टूबर 2026: श्रमिकों ने उत्तरा में लगातार कई दिनों तक सड़क पर विरोध प्रदर्शन किए।
- 15 अक्टूबर 2026: मंत्रालय ने बोर्ड के प्रतिनिधियों के नाम मांगने के लिए पत्र भेजने की योजना बनाई।
2023 की बढ़ोतरी से न्यूनतम वेतन में 4,500 टका यानी 56.25% का इजाफा हुआ था। मौजूदा मांग राशि और प्रतिशत, दोनों के लिहाज से कहीं बड़ी है। श्रमिकों का कहना है कि बढ़ती जीवनयापन लागत ने पहले की बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा बेअसर कर दिया है।
तीन साल के नियम पर विवाद क्यों
बांग्लादेश के संशोधित श्रम कानून ने सभी क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन की समीक्षा का अंतराल पांच साल से घटाकर तीन साल कर दिया। श्रमिक नेता परिधान क्षेत्र में दिसंबर 2023 से लागू वेतन वृद्धि के बाद से यह अवधि गिनते हैं, जिससे अगली समीक्षा दिसंबर 2026 में होनी चाहिए।
कारखाना मालिकों का तर्क है कि छोटी अवधि की गणना संशोधन पारित होने की तारीख से की जानी चाहिए। उनकी व्याख्या से उद्योग को अगली नियमित समीक्षा से पहले अधिक समय मिलेगा। असहमति इस बात पर है कि क्या नया नियम पुराने कानून के तहत पहले ही बीत चुके समय पर भी लागू होता है।
बांग्लादेश सेंटर फॉर वर्कर्स सॉलिडैरिटी की कार्यकारी निदेशक कल्पना अख्तर ने प्रस्तावित बोर्ड का स्वागत किया, लेकिन कहा कि सरकार ने प्रक्रिया बहुत देर से शुरू की:
हम इस कदम का स्वागत करते हैं, लेकिन यह बहुत पहले उठाया जाना चाहिए था, क्योंकि संशोधित श्रम कानून के तहत तीन साल के भीतर नया वेतन तय होना जरूरी है। यह समयसीमा अगले दिसंबर में समाप्त हो जाएगी।
बांग्लादेश निटवेयर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हातेम ने इस व्याख्या को खारिज किया:
कुछ लोग संशोधित श्रम कानून की गलत व्याख्या कर रहे हैं, क्योंकि कानून में कोई भी संशोधन या बदलाव पिछली तारीख से लागू नहीं हो सकता।
तराफदार ने कहा कि सरकार, नियोक्ताओं और श्रमिकों की भागीदारी वाली एक तकनीकी समिति इस मुद्दे पर विचार करेगी। अगर वह मामले का समाधान नहीं कर पाती, तो सवाल राष्ट्रीय त्रिपक्षीय परामर्श परिषद के पास जाएगा, जिसमें यही तीन पक्ष शामिल हैं। असहमति जारी रहने पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारी फैसला करेंगे।
इसलिए समयसीमा प्रशासनिक काम और संशोधित कानून को लागू करने के तरीके पर फैसले, दोनों पर निर्भर करती है। श्रमिक नेता दिसंबर तक संशोधित वेतन तय करना चाहते हैं, ताकि श्रमिकों को जनवरी 2027 से यह मिल सके।
घरेलू खर्चों के मुकाबले वेतन वृद्धि
ढाका के तेजगांव इलाके में आर्माना अपैरल्स लिमिटेड की परिधान श्रमिक शम्पा अख्तर ने बताया कि चार सदस्यों के परिवार के लिए 12,500 टका का क्या मतलब है। उनके कारखाने में ओवरटाइम नहीं मिलता, इसलिए वह न्यूनतम मासिक वेतन पर निर्भर हैं।
परिधान उद्योग में 25 साल से काम कर रहीं अख्तर ने अपने परिवार की स्थिति बताई:
हमारे परिधान कारखाने में ओवरटाइम का काम नहीं मिलता, इसलिए मुझे सरकार द्वारा तय 12,500 टका का न्यूनतम वेतन मिलता है। इस रकम में चार लोगों के परिवार का खर्च चलाना काफी मुश्किल है, क्योंकि हर चीज की कीमत बढ़ गई है।
2023 में 4,500 टका वेतन बढ़ने के साथ ही उनका किराया 1,000 टका बढ़ गया। यानी भोजन, परिवहन या अन्य खर्चों में बदलाव से पहले ही सिर्फ किराये में उस वेतन वृद्धि का करीब 22% खर्च हो गया।
अख्तर ने कहा कि अधिक वेतन से उन्हें बेहतर चिकित्सा, भोजन या आवास नहीं मिल पाया। उनका अनुभव दिखाता है कि आय बढ़ने के बावजूद परिवार के लिए गुजारा मुश्किल रह सकता है, जब खरीदी जाने वाली चीजें और महंगी हो जाएं।
गारमेंट वर्कर्स ट्रेड यूनियन सेंटर ने ढाका के जातीय प्रेस क्लब में आयोजित एक संगोष्ठी में व्यापक अनुमान पेश किया। संगठन के अनुसार, 2018 में 8,000 टका में मिलने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमत अब 14,500 से 15,000 टका हो गई है। यह करीब 81% से 88% की बढ़ोतरी है, जबकि इस अवधि में परिधान क्षेत्र के न्यूनतम वेतन में 56.25% इजाफा हुआ।
12,500 टका का मौजूदा न्यूनतम वेतन, यूनियन के अनुमान के मुताबिक, उस वस्तु और सेवा समूह की आज की कीमत से 2,000 से 2,500 टका कम है। यह अनुमान कुछ खास वस्तुओं और सेवाओं से जुड़ा है, न कि प्रकाशित राष्ट्रीय महंगाई दर की गणना से। फिर भी यह वेतन मांग के पीछे के दबाव को ठोस रूप में दर्शाता है।
यूनियन ने कहा कि श्रमिकों को भोजन, किराया, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और परिवहन का खर्च उठाने में कठिनाई होती है और कई लोग अत्यधिक ओवरटाइम पर निर्भर हैं। उसने मांग की कि वेतन संबंधी फैसलों में जीवनयापन लागत, महंगाई, उत्पादकता और उद्योग से पैदा हुई संपत्ति के बंटवारे पर विचार किया जाए।
नियोक्ता बोर्ड के पक्ष में, लेकिन लागत को लेकर चिंतित
कारखाना मालिकों ने वेतन बोर्ड की जरूरत स्वीकार की है, लेकिन वेतन वृद्धि के समय को लेकर आपत्ति जताई है। तराफदार ने कहा कि मंत्रालय के साथ चर्चा के दौरान नियोक्ता प्रतिनिधियों ने बोर्ड बनाने पर असहमति नहीं जताई।
बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महमूद हसन खान ने ढाका की संगोष्ठी में कहा कि नियोक्ता बोर्ड के पक्ष में हैं और उसके गठन की तारीख तय करना सरकार का काम है। उन्होंने यह भी कहा कि कारखानों को नए वेतन ढांचे को लागू करने के लिए समय चाहिए होगा।
हातेम ने माना कि ऊंची महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि की मांग जायज है, लेकिन कहा कि कारखानों की भुगतान क्षमता को भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा वेतन ढांचे के तहत कई कारखाने पहले ही बंद हो चुके हैं।
तत्काल वेतन वृद्धि का विरोध करते हुए हातेम ने निर्यात खरीदारों के दबाव का जिक्र किया:
फिलहाल निर्यात ऑर्डर घट रहे हैं, जबकि कई कारणों से उत्पादन लागत भी बढ़ रही है। लेकिन हमें खरीदारों से उसके अनुरूप कीमतें नहीं मिल रही हैं। ऐसे में अगर वेतन बढ़ाया गया, तो उद्योग इस अतिरिक्त दबाव को सहन नहीं कर पाएगा।
उनकी चेतावनी घरेलू वेतन बहस को विदेशों के उन खरीदारों द्वारा चुकाई जाने वाली परिधान कीमतों से जोड़ती है। अगर खरीदारों की कीमतें स्थिर रहें और कारखाने का खर्च बढ़े, तो निर्माताओं को अपनी कमाई, बचत या उत्पादन में बदलाव के जरिए इस अंतर को पूरा करना होगा।
कल्पना अख्तर ने निर्यातकों से खरीदारों के साथ बेहतर कीमतों के लिए मोलभाव करने की क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार से जरूरी वस्तुओं की कीमतों, किराये और श्रमिकों को प्रभावित करने वाले अन्य खर्चों पर नियंत्रण करने की भी अपील की।
बोर्ड में श्रमिकों की ओर से कौन बोलेगा?
परिधान वेतन बोर्ड में छह सदस्य होते हैं: चार स्थायी सदस्य और क्षेत्र के नियोक्ताओं तथा श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो अस्थायी सदस्य। श्रम संगठनों के लिए अस्थायी श्रमिक प्रतिनिधि का चयन अहम चिंता है, क्योंकि यह व्यक्ति वेतन वार्ता में सीधे हिस्सा लेता है।
अप्रैल 2023 के बोर्ड ने मालिकों का प्रतिनिधि बीजीएमईए के पूर्व अध्यक्ष एमडी सिद्दिकुर रहमान को और श्रमिकों का प्रतिनिधि बांग्लादेश नेशनल गारमेंट्स वर्कर्स एम्प्लॉइज लीग के अध्यक्ष सिराजुल इस्लाम रोनी को नियुक्त किया था। वरिष्ठ जिला न्यायाधीश लियाकत अली मोल्ला स्थायी बोर्ड के प्रमुख थे। बोर्ड के अन्य सदस्यों में नियोक्ताओं, श्रमिकों और स्वतंत्र पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग शामिल थे।
बांग्लादेश गारमेंट वर्कर्स सॉलिडैरिटी ने नए बोर्ड में वास्तविक श्रमिक प्रतिनिधित्व की मांग की है। तस्लीम अख्तर की अध्यक्षता और महासचिव मिजानुर रहीम चौधरी के संचालन में राष्ट्रीय प्रेस क्लब के बाहर हुई रैली में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व अवामी लीग सरकार के तहत बने तीन बोर्डों में श्रमिक या तटस्थ प्रतिनिधियों ने मुख्य रूप से नियोक्ताओं के हितों की सेवा की।
जीडब्ल्यूटीयूसी की अध्यक्षता में हुई संगोष्ठी में, उसके अध्यक्ष मोंटू घोष ने बैठक का संचालन किया। नॉलेज हब इंस्टीट्यूट ट्रस्ट के अध्यक्ष खोंडाकर गोलाम मोज्जेम ने श्रमिकों से अपने प्रतिनिधि खुद चुनने और नाम सार्वजनिक करने का आग्रह किया। खान ने कहा कि मौजूदा बीजीएमईए नेतृत्व चयन प्रक्रिया में दखल नहीं देगा।
सॉलिडैरिटी रैली में लोकतांत्रिक श्रम नियमों, ट्रेड यूनियन पंजीकरण को आसान बनाने और अनुचित श्रम व्यवहार खत्म करने की मांग भी की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस साल एक बदलाव के तहत यूनियन पंजीकरण के लिए कार्यस्थल के 20% श्रमिकों की सहमति की शर्त हटाकर 20 श्रमिकों की सहमति की शर्त रखी गई।
उनके मुताबिक, श्रमिकों की संख्या की जांच, प्रमाणन की जरूरत, पंजीकरण में 55 दिन से अधिक समय लगना और काम न करने वाले ऑनलाइन सर्वर जैसी व्यावहारिक बाधाएं अब भी बनी हुई हैं। ये शिकायतें वेतन वार्ता को श्रमिकों की संगठित होने और अपना प्रतिनिधि चुनने की क्षमता से जोड़ती हैं।
वेतन ढांचे में कुल राशि से अधिक बातें शामिल
बांग्लादेश के परिधान क्षेत्र का न्यूनतम वेतन मूल वेतन और भत्तों को मिलाकर बनता है। 2018 में लागू 8,000 टका के ढांचे में 4,100 टका मूल वेतन, 2,050 टका मकान किराया, चिकित्सा खर्च के लिए 600 टका, परिवहन के लिए 350 टका और भोजन के लिए 900 टका शामिल थे।
इस बंटवारे से समझ आता है कि प्रदर्शनकारी 30,000 टका न्यूनतम वेतन के साथ अन्य वेतनों और भत्तों में बदलाव की मांग क्यों कर रहे हैं। नए ढांचे में यह तय करना होगा कि कुल राशि का बंटवारा कैसे हो और अलग-अलग श्रेणियों के श्रमिकों को कितना वेतन मिले।
2023 के संशोधन में श्रेणियों की संख्या सात से घटाकर पांच कर दी गई थी। ढाका की संगोष्ठी में मोज्जेम ने यह भी कहा कि निचली श्रेणी के कुछ श्रमिकों को 9,875 टका मिलते हैं, जबकि सबसे निचली श्रेणी का न्यूनतम वेतन 12,500 टका बताया। उन्होंने 9,875 टका की राशि के पीछे के वर्गीकरण की व्याख्या नहीं की।
पहले की मांगें मौजूदा प्रदर्शन के लक्ष्य से कम थीं। 2023 के संशोधन से पहले, सात संगठनों के मंच बांग्लादेश गारमेंट्स वर्कर्स यूनिटी काउंसिल ने 22,000 टका न्यूनतम वेतन की मांग की थी। मौजूदा 30,000 टका की मांग उस पुराने लक्ष्य से 8,000 टका अधिक है।
संगोष्ठी में बांग्लादेश की कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुजाहिदुल इस्लाम सेलिम ने कहा कि श्रमिकों के हित और उद्योग के हित परस्पर विरोधी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उचित वेतन, बेहतर कामकाजी परिस्थितियां, कौशल विकास और तकनीक में निवेश से समय के साथ प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत हो सकती है।
अक्टूबर में बोर्ड बनने पर समयसीमा तंग
वेतन तय करने की प्रक्रिया में बोर्ड का गठन, बैठकें, प्रस्ताव तैयार करना, सरकारी मंजूरी लेना और आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना जारी करना शामिल है। अधिसूचना प्रकाशित कानूनी नोटिस होती है, जो नए ढांचे को आधिकारिक रूप से लागू करती है।
पिछली प्रक्रियाओं में इन चरणों को पूरा करने में करीब छह महीने लगे थे। अक्टूबर में गठित बोर्ड के पास श्रमिक नेताओं द्वारा बताई गई दिसंबर की वर्षगांठ से पहले करीब दो महीने होंगे, जिससे उनकी मांगी गई समयसीमा पिछली प्रक्रिया से काफी छोटी होगी।
तराफदार ने उम्मीद जताई थी कि बोर्ड अक्टूबर में बन जाएगा, लेकिन यह भी कहा था कि इससे पहले एक समिति और अन्य शुरुआती कदम जरूरी हैं। 15 अक्टूबर को भेजे जाने वाले नामांकन पत्र इस काम को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन वेतन पर बातचीत और मंजूरी की प्रक्रिया उसके बाद भी बाकी होगी।
सरकार का अगला ठोस कदम नियोक्ताओं और श्रमिकों से नाम लेना है। इसके बाद बोर्ड को परस्पर प्रतिस्पर्धी चिंताओं पर विचार करना होगा: श्रमिकों के बढ़ते घरेलू खर्च, कारखानों की उत्पादन लागत, वेतन का श्रेणियों और भत्तों में बंटवारा तथा समीक्षा की तारीख को लेकर कानूनी विवाद। श्रमिकों की मांग 30,000 टका है, जबकि अंतिम वेतन राशि पर बातचीत होनी बाकी है।
मुख्य बातें
- उत्तरा में लगातार तीन दिनों के सड़क प्रदर्शनों के बाद मंत्रालय ने 15 अक्टूबर 2026 को परिधान वेतन बोर्ड के प्रतिनिधियों के नाम मांगने की योजना बनाई।
- श्रमिक 30,000 टका मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं, जो मौजूदा 12,500 टका न्यूनतम वेतन से 140% अधिक है।
- मौजूदा वेतन 1 दिसंबर 2023 से लागू हुआ था। इससे पहले 8,000 टका के वेतन में 56.25% की बढ़ोतरी की गई थी।
- संशोधित तीन-वर्षीय समीक्षा अवधि कब से शुरू होती है, इस पर श्रमिक नेताओं और नियोक्ताओं में मतभेद है।
- श्रमिक बढ़ते घरेलू खर्चों का हवाला देते हैं; नियोक्ता घटते ऑर्डर, बढ़ती उत्पादन लागत और कारखानों के बंद होने की बात कहते हैं।
- श्रम संगठन वास्तविक श्रमिक प्रतिनिधियों और जनवरी 2027 से लागू होने वाले संशोधित वेतन की मांग कर रहे हैं।
- बोर्ड गठन की तारीख और अंतिम वेतन राशि तय नहीं हुई है।






