छठी मंजिल की आग पर काबू पाने में दमकल की दस इकाइयों को मशक्कत
पुराने ढाका के चावकबाजार स्थित मंजूर खान प्लाजा में लगी आग मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह तक बेकाबू रही। दमकलकर्मियों को बंद गोदामों, घने धुएं और पानी की कमी के बीच घंटों मशक्कत करनी पड़ी। दो दमकलकर्मियों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।
विषय-सूची
- छठी मंजिल की आग पर काबू पाने में दमकल की दस इकाइयों को मशक्कत
- आपात स्थिति कैसे आगे बढ़ी
- छोटी दूरी, लेकिन संकरी गलियों से पहुंचने में देरी
- बंद गोदामों और धुएं ने अभियान में बाधा डाली
- दो दमकलकर्मियों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर
- तैनात इकाइयों की संख्या अलग-अलग क्यों बताई गई
- आग पर काबू और उसके फैलाव को लेकर विरोधाभासी बयान
- आग लगने की संभावित जगह, कारण की पुष्टि नहीं
- शहर के प्रशासक ने मरम्मत और सहायता पर विचार का भरोसा दिया
- मुख्य बिंदु
आग सोमवार, 12 अक्टूबर को शाम करीब 5:02 बजे छोटो कटरा में एसी मस्जिद के पास स्थित सात मंजिला बाजार की इमारत में लगी। फायर सर्विस और सिविल डिफेंस को शाम 5:04 बजे सूचना मिली। दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और शाम 5:22 बजे काम शुरू किया। रात में दमकल की दस इकाइयां काम कर रही थीं। सेवा के संचालन निदेशक के अनुसार, विशेष और रोशनी मुहैया कराने वाली टीमों के साथ तैनात इकाइयों की कुल संख्या 12 हो गई थी।
रात 2:00 बजे तक की एक रिपोर्ट में कहा गया कि आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। यह जानकारी आग लगने की खबर के लगभग नौ घंटे बाद आई, हालांकि रिपोर्ट में अवधि आठ घंटे से अधिक बताई गई।
अधिकारियों ने इस बारे में अलग-अलग जानकारी दी कि आग बाजार से बाहर फैली थी या नहीं और क्या उस पर काबू पा लिया गया था। आग लगने की संभावित जगह को लेकर भी मतभेद था: शहर के प्रशासक ने बैग के गोदाम की बात कही, जबकि एक अन्य विवरण में बिजली के सामान के गोदाम का जिक्र था। आग लगने के कारण या नुकसान के अनुमान की पुष्टि नहीं हुई थी।
आपात स्थिति कैसे आगे बढ़ी
सबसे सुसंगत समय-सारिणी के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलने से दो मिनट पहले आग लगी और सूचना के 18 मिनट बाद दमकलकर्मियों ने काम शुरू किया। फायर सर्विस के मीडिया अधिकारी तल्हा बिन जासिम ने घटनाक्रम का यह ब्यौरा दिया:
"हमें घटना की सूचना शाम 5:04 बजे मिली और दमकलकर्मी 5:22 बजे घटनास्थल पर पहुंचे," उन्होंने कहा।
बताई गई समय-सारिणी से पता चलता है कि दोपहर की आपात स्थिति रातभर चलने वाले अभियान में कैसे बदल गई:
- 12 अक्टूबर, शाम 5:02 बजे: खबरों के अनुसार, छठी मंजिल पर एक दुकान या गोदाम में आग लगी।
- शाम 5:04 बजे: फायर सर्विस को सूचना मिली। फायर सर्विस के एक कथित टेक्स्ट संदेश में कहा गया कि इकाइयां उसी समय रवाना हो गई थीं।
- शाम 5:22 बजे: दमकलकर्मियों की पहली टीमें पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया।
- रात करीब 9:00 बजे: नियंत्रण कक्ष के अधिकारी शाहजहां हुसैन ने कहा कि दस इकाइयां तैनात थीं। उन्होंने घटनास्थल तक पहुंच, धुएं और पानी की समस्याओं का भी जिक्र किया।
- रात 10:30 बजे: मीडिया विंग के निरीक्षक अनवरुल इस्लाम ने घटनास्थल पर नौ इकाइयों की मौजूदगी बताई, जिनमें से सात आग बुझाने में सक्रिय थीं।
- रात 11:15 बजे: धुआं निकालने के उपकरणों के साथ एक विशेष टीम अंदर दाखिल हुई।
- 13 अक्टूबर, रात करीब 12:30 बजे: संचालन निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल एमडी महमूदुल हसन ने कहा कि आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया गया था और कुल 12 इकाइयां तैनात थीं।
- रात 2:00 बजे: एक और जानकारी में कहा गया कि दमकल की दस इकाइयां अब भी काम कर रही थीं और आग बेकाबू थी।
इन जानकारियों में आग पर काबू पाने या उसे पूरी तरह बुझाने का कोई अंतिम समय नहीं बताया गया।
छोटी दूरी, लेकिन संकरी गलियों से पहुंचने में देरी
दमकल केंद्र से बाजार की दूरी करीब दो किलोमीटर थी। बताया गया कि यातायात और संकरी गलियों के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में देरी हुई। सटीक समय के अनुसार, शाम 5:04 बजे रवाना होने और 5:22 बजे पहुंचने के बीच 18 मिनट लगे, जबकि कुछ खबरों में इस सफर को करीब 20 मिनट बताया गया।
दमकलकर्मियों के पहुंचने के बाद भी रास्ते की समस्या बनी रही। रात करीब 9:00 बजे नियंत्रण कक्ष के अधिकारी शाहजहां हुसैन ने कहा कि दमकल की बड़ी गाड़ियां घटनास्थल तक जाने वाली संकरी गलियों में दाखिल नहीं हो सकीं। इस वजह से उपकरणों और पानी की आपूर्ति को इमारत के करीब ले जाना मुश्किल हुआ।
दमकलकर्मियों ने दूर से पाइप खींचे और पानी से भरे वाहनों का इस्तेमाल किया। घटनास्थल पर अधिकारियों ने कहा कि पास में पानी का कोई प्राकृतिक या स्थायी स्रोत आसानी से उपलब्ध नहीं था। इसलिए अतिरिक्त दमकलकर्मियों को भेजने से आग तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की समस्या अपने आप हल नहीं हुई।
फायर सर्विस के मीडिया अधिकारी तल्हा बिन जासिम ने इन समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा:
"संकरी गलियों, घने धुएं और पानी की कमी के कारण हमें आग पर काबू पाने में मुश्किल हो रही है," उन्होंने कहा।
बंद गोदामों और धुएं ने अभियान में बाधा डाली
फायर सर्विस के अधिकारी अनवरुल इस्लाम ने कहा कि छठी मंजिल पर अलग-अलग उत्पादों के गोदाम थे। उनके दरवाजों पर ताले लगे थे, इसलिए अंदर जाकर आग बुझाने से पहले दमकलकर्मियों को ताले तोड़ने पड़े। इससे इमारत के भीतर भी देरी हुई, जबकि बाहर पहुंचने में पहले से मुश्किलें थीं।
संचालन और रखरखाव के जिम्मेदार निदेशक हसन ने कहा कि गोदामों में कॉस्मेटिक्स और बैग रखे थे और आग अलग-अलग हिस्सों में फैल गई थी। उनके बयान से पता चलता है कि अभियान में एक आसानी से पहुंची जा सकने वाली दुकान के बजाय कई भंडारण कक्ष शामिल थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दूसरी और तीसरी मंजिल पर दुकानें थीं और चौथी से सातवीं मंजिल तक गोदाम थे। वहां कॉस्मेटिक्स, छाते और वैनिटी बैग रखे होने की खबर थी। इन जानकारियों से इमारत के इस्तेमाल का अंदाजा मिलता है, लेकिन उनसे यह साबित नहीं होता कि सबसे पहले कौन-से सामान में आग लगी या आग कैसे शुरू हुई।
रात 11:15 बजे धुआं बाहर निकालने वाली मशीन के साथ एक विशेष टीम अंदर गई। इस उपकरण का इस्तेमाल बंद जगह से धुआं बाहर निकालने के लिए किया जाता है। दमकलकर्मियों ने बार-बार घने धुएं को अंदर काम करने में बाधा बताया था। उपकरण पहुंचने का मतलब यह नहीं था कि आग पर काबू पाने की घोषणा कर दी गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की खबर मिलने के बाद खरीदार, विक्रेता और व्यापारी बाजार से नीचे आ गए। कितने लोगों को बाहर निकाला गया या अंदर कौन-कौन मौजूद था, इसका कोई पुष्ट ब्यौरा नहीं था।
दो दमकलकर्मियों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर
फायर सर्विस के नियंत्रण कक्ष के ड्यूटी अधिकारी एमडी शाहजहां ने मंगलवार तड़के बताया कि अभियान के दौरान दो दमकलकर्मी घायल हुए। उनके गंभीर रूप से घायल होने की खबर है और उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।
एक अलग खबर में कहा गया कि आग बुझाने के दौरान कई दमकलकर्मियों की तबीयत बिगड़ गई। यह स्पष्ट नहीं था कि इन लोगों में अस्पताल ले जाए गए दोनों दमकलकर्मी शामिल थे या ये अन्य मामले थे। उनके नाम, चोटों की प्रकृति और बाद की चिकित्सकीय स्थिति की जानकारी नहीं दी गई।
पहले की खबरों में कहा गया था कि हताहतों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। बाद में दमकलकर्मियों के घायल होने की खबर से तस्वीर बदलती है: शुरुआत में हताहतों की संख्या न बताने का अर्थ यह नहीं कि किसी को चोट नहीं आई।
घायल दमकलकर्मियों की जानकारी देने वाली खबर में किसी अन्य के हताहत होने की सूचना नहीं थी। हताहतों का अंतिम आकलन अब भी उपलब्ध नहीं था।
तैनात इकाइयों की संख्या अलग-अलग क्यों बताई गई
अलग-अलग अपडेट में दमकल इकाइयों की संख्या अलग बताई गई। शुरुआती जानकारी में पांच इकाइयों का जिक्र था, जबकि बाद की कई खबरों में कहा गया कि शुरुआत में तीन इकाइयां काम पर लगी थीं और फिर उनकी संख्या बढ़कर नौ और उसके बाद दस हो गई। शुरुआती जवाबी कार्रवाई की संख्या को लेकर इन बयानों में पूरी एकरूपता नहीं है।
रात करीब 10:30 बजे दिए गए एक बयान में मौके पर मौजूद इकाइयों और सक्रिय रूप से आग बुझा रही इकाइयों के बीच उपयोगी अंतर बताया गया। अनवरुल इस्लाम ने कहा कि मौके पर नौ इकाइयां थीं, लेकिन आग सीधे तौर पर केवल सात इकाइयां बुझा रही थीं। रात करीब 9:00, 10:00 और 11:00 बजे के अन्य अपडेट में दस इकाइयों का जिक्र था, इसलिए इन आंकड़ों को केवल लगातार बढ़ती संख्या मानकर एक साथ नहीं मिलाया जा सकता।
रात करीब 12:30 बजे हसन ने आग बुझाने वाली दस इकाइयों के अलावा एक विशेष प्रतिक्रिया दल और एक रोशनी मुहैया कराने वाली इकाई का जिक्र किया। इस तरह कुल संख्या 12 थी। यह व्यापक गणना उन खबरों के साथ मेल खा सकती है जिनमें आग पर काबू पाने के लिए काम कर रही दस इकाइयों का जिक्र था।
यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि कुल तैनाती में पहुंच, रोशनी या अन्य कामों में मदद करने वाली टीमें भी शामिल हो सकती हैं। जरूरी नहीं कि सभी टीमें आग पर पानी डाल रही हों।
आग पर काबू और उसके फैलाव को लेकर विरोधाभासी बयान
ढाका दक्षिण सिटी कॉरपोरेशन के प्रशासक एमडी अब्दुस सलाम ने सोमवार देर रात घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि फायर सर्विस के एक अधिकारी ने उन्हें बताया था कि आग पर काबू पा लिया गया है। सलाम ने बातचीत का जिक्र करते हुए कहा:
"मैंने यहां फायर सर्विस के अधिकारी से बात की। उन्होंने कहा, 'अब आग नहीं है; इस पर काबू पा लिया गया है'," सलाम ने कहा।
हालांकि, नियंत्रण कक्ष के अधिकारी शाहजहां हुसैन ने आधी रात के करीब कहा कि फायर सर्विस ने आग पर काबू पाने की घोषणा नहीं की है। इसके बाद हसन ने कहा कि आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया गया था और अनुमान जताया कि दमकलकर्मियों को एक और घंटा लग सकता है। यह एक अनुमान था, आग पर काबू पाने का पक्का समय नहीं।
आग के फैलाव को लेकर भी बयानों में मतभेद था। ड्यूटी अधिकारी रशीद बिन खालिद के हवाले से शाम की एक खबर में कहा गया कि आग पास की इमारत तक पहुंच गई थी। बाद में अनवरुल इस्लाम ने कहा कि आग प्रभावित इमारत तक सीमित थी और कहीं और नहीं फैली।
एमडी शाहजहां ने मंगलवार तड़के मुश्किल का जिक्र करते हुए कहा:
"आग फैल गई, जिससे उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया," उन्होंने कहा।
इस बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उनका मतलब मंजूर खान प्लाजा के भीतर आग फैलने से था या उसके बाहर। हसन के इस विवरण से कि आग अलग-अलग हिस्सों में फैली, बाजार के भीतर आग फैलने की बात पुष्ट होती है, लेकिन इससे पड़ोसी इमारत तक आग पहुंचने को लेकर विरोधाभासी बयानों का समाधान नहीं होता।
आग लगने की संभावित जगह, कारण की पुष्टि नहीं
सलाम ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार आग बैग के एक गोदाम में लगी थी और उसके पास कपड़े के गोदाम थे। उन्होंने यह भी माना कि फायर सर्विस अभी यह नहीं बता सकी थी कि आग कैसे लगी और इसकी जांच करनी होगी।
एक अन्य खबर में आग लगने की जगह छठी मंजिल पर बिजली के सामान का गोदाम बताई गई। हसन ने कॉस्मेटिक्स और बैग के गोदामों का जिक्र किया, जबकि शुरुआती जानकारी में उस मंजिल पर एक दुकान बताई गई थी, लेकिन वहां रखे सामान का विवरण नहीं था।
इन बयानों से आग लगने की सटीक जगह स्पष्ट नहीं होती। साथ ही, आग कहां लगी और किस वजह से लगी, ये अलग-अलग सवाल हैं। किसी गोदाम या उसमें रखे सामान की पहचान से यह साबित नहीं होता कि आग बिजली की खराबी, खुली लौ या किसी अन्य वजह से लगी। ऐसी कोई वजह घोषित नहीं की गई थी।
जले हुए सामान की कीमत, इमारत को हुए नुकसान की सीमा और पड़ोसी संपत्तियों की स्थिति की भी पुष्टि नहीं हुई थी। गोदामों में बड़ी मात्रा में सामान होने के विवरण, नुकसान के सत्यापित अनुमान नहीं थे।
शहर के प्रशासक ने मरम्मत और सहायता पर विचार का भरोसा दिया
सलाम ने राहत कार्य में आई मुश्किलों को पुरानी पानी की पाइपलाइनों और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर दबाव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि सिटी कॉरपोरेशन पाइपलाइनों की मरम्मत की योजना बना रहा है और पुराने ढाका के बचे हुए तालाबों में पानी बचाए रखने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने काम पूरा होने की कोई तारीख नहीं दी।
प्रशासक ने बाजारों से अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखने और सड़कों को खाली रखने की अपील भी की। उनका कहना था कि सड़कों और फुटपाथों पर दुकानों का कब्जा दमकल की गाड़ियों का रास्ता रोक सकता है, हालांकि किसी एक कारोबार की ओर से रास्ता बाधित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई।
सलाम ने कहा कि कॉरपोरेशन प्रभावित लोगों की सहायता पर विचार करेगा और फायर सर्विस की जांच से सामने आने वाली सिफारिशों पर कार्रवाई करेगा। सहायता राशि, पात्रता के नियम, जांच की समयसीमा या निष्कर्ष जारी करने की तारीख घोषित नहीं की गई।
तत्काल जिन सवालों के जवाब नहीं मिले थे, उनमें आग पर काबू पाने का अंतिम समय, घायल दमकलकर्मियों की स्थिति, आग का कारण और शुरुआत की जगह तथा नुकसान और आग के फैलाव का सत्यापित ब्यौरा शामिल था।
मुख्य बिंदु
- 12 अक्टूबर को शाम करीब 5:02 बजे चावकबाजार के छोटो कटरा स्थित मंजूर खान प्लाजा में आग लगी।
- दमकलकर्मियों को शाम 5:04 बजे सूचना मिली और उन्होंने 5:22 बजे काम शुरू किया।
- संकरी गलियों, पानी की कमी, घने धुएं और बंद गोदामों के कारण राहत कार्य धीमा हुआ।
- दमकल की दस इकाइयों के काम करने की खबर थी। विशेष और रोशनी मुहैया कराने वाली टीमों के साथ कुल तैनाती 12 तक पहुंच गई।
- दो दमकलकर्मियों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।
- अधिकारियों ने आग पर काबू पाने, उसके फैलाव और आग लगने वाले गोदाम को लेकर अलग-अलग बयान दिए।
- रात 2:00 बजे के अपडेट में भी आग को बेकाबू बताया गया। आग का कारण और नुकसान की सीमा पुष्ट नहीं हुई थी।






