जापान की सात रेलवे कंपनियां वसंत 2027 से चुंबकीय टिकटों की जगह क्यूआर टिकट जारी करना शुरू करेंगी

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Seven Japanese Railways to Begin Replacing Magnetic Tickets With QR Tickets in Spring 2027

कागजी टिकट जारी रहेंगे, लेकिन यात्री उनका इस्तेमाल अलग तरीके से करेंगे

जापान की सात रेलवे कंपनियां वसंत 2027 से चुंबकीय कागजी टिकटों की जगह क्यूआर कोड वाले टिकट जारी करना शुरू करेंगी। इससे स्टेशन पर टिकट को गेट में डालने की परिचित प्रक्रिया बदलकर उसे रीडर के सामने रखने की हो जाएगी। 13 अक्टूबर 2026 की संयुक्त घोषणा में इस व्यवस्था को भाग लेने वाली कंपनियों की हर लाइन और स्टेशन पर लागू करने की योजना है, हालांकि अलग-अलग कंपनियों की शुरुआत की तारीखें और स्टेशनों की प्रक्रियाएं अलग होंगी।

विषय-सूची
  1. कागजी टिकट जारी रहेंगे, लेकिन यात्री उनका इस्तेमाल अलग तरीके से करेंगे
  2. यात्री स्टेशनों में कैसे दाखिल होंगे और बाहर निकलेंगे
  3. बड़े टिकट, कुछ अपवादों के साथ
  4. रेलवे कंपनियां चुंबकीय उपकरण क्यों हटा रही हैं
  5. जेआर ईस्ट, केइक्यू और टोबू की टिकट योजनाएं अलग-अलग
  6. 2024 के प्रस्ताव से 2027 में शुरुआत तक
  7. ट्रांसफर के लिए सात कंपनियों से आगे समन्वय जरूरी
  8. आईसी कार्ड जारी रहेंगे, जबकि अहम तारीखें अभी तय नहीं
  9. एक नजर में

इन कंपनियों में केइसेई इलेक्ट्रिक रेलवे, केइक्यू कॉरपोरेशन, सेंदाई एयरपोर्ट ट्रांजिट, टोक्यो मोनोरेल, टोबू रेलवे, ईस्ट जापान रेलवे कंपनी (जेआर ईस्ट) और होकुसो रेलवे शामिल हैं। उनकी योजनाओं में कम्यूटर मार्गों और हवाई अड्डे से जुड़ी सेवाओं का मिश्रण है। इनमें हनेदा हवाई अड्डे तक टोक्यो मोनोरेल की सेवाएं और नारिता हवाई अड्डे को मध्य टोक्यो से जोड़ने वाली केइसेई की सेवाएं भी शामिल हैं।

रेलवे कंपनियों की संयुक्त घोषणा में वसंत 2027 को बदलाव की शुरुआत बताया गया है, न कि हर कंपनी के लिए एक ही निश्चित रूपांतरण तारीख। इसमें यह भी कहा गया है कि वित्त वर्ष 2027 या उसके बाद सेवा शुरू करने वाली कंपनियां कार्यक्रम तय होने पर इसकी घोषणा करेंगी।

वेंडिंग मशीन से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए मुख्य बदलाव टिकट और गेट से गुजरने के तरीके में होगा। इस योजना के तहत कागजी टिकट बंद नहीं होंगे। इसके बजाय, चुंबकीय कोडिंग की जगह छपे हुए क्यूआर कोड आएंगे। वहीं, सुका, पास्मो और उनके मोबाइल संस्करण कागज रहित यात्रा बढ़ाने की कंपनियों की व्यापक कोशिशों का हिस्सा बने रहेंगे।

यात्री स्टेशनों में कैसे दाखिल होंगे और बाहर निकलेंगे

स्टेशन में प्रवेश करते समय यात्री अपने टिकट का क्यूआर कोड संगत ऑटोमैटिक गेट रीडर के सामने रखेंगे और यात्रा के दौरान टिकट अपने पास रखेंगे। गंतव्य पर वे इसे फिर स्कैन करेंगे और कागजी टिकट गेट पर लगाए गए संग्रह बॉक्स में डालेंगे।

इससे वे दो काम अलग हो जाएंगे जिन्हें चुंबकीय गेट अभी एक साथ करते हैं: टिकट की जांच करना और यात्रा के अंत में उसे वापस लेना। इसलिए यात्रियों को निकास की प्रक्रिया पूरी होने तक क्यूआर टिकट अपने पास रखना होगा, न कि पहली बार स्कैन कराने के बाद उसे वहीं छोड़ देना होगा।

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जिन स्टेशनों पर सातों कंपनियों के क्यूआर टिकट संभालने में सक्षम ऑटोमैटिक गेट नहीं हैं, वहां कर्मचारी टिकट खिड़कियों पर मदद करेंगे। संयुक्त घोषणा में साफ कहा गया है कि प्रक्रियाएं हर स्टेशन पर लगे उपकरणों के अनुसार अलग होंगी। इसलिए सभी स्टेशनों को सेवा के दायरे में शामिल करने का मतलब यह नहीं कि शुरुआत में हर स्टेशन पर एक जैसी ऑटोमैटिक रीडर व्यवस्था होगी।

व्यवस्थाएं तय होने के बाद कंपनियां अधिक विस्तृत निर्देश जारी करेंगी। फिलहाल यह स्पष्ट है कि संगत गेट कोड पढ़ेंगे, जबकि उपयुक्त गेट न होने वाले स्टेशनों पर कर्मचारी टिकट संभालेंगे। घोषणा में स्टेशन-दर-स्टेशन उपकरणों की सूची नहीं दी गई है।

बड़े टिकट, कुछ अपवादों के साथ

वेंडिंग मशीनों से जारी क्यूआर टिकटों का आकार आम तौर पर 57.5 गुणा 85 मिलीमीटर होगा। मौजूदा छोटे चुंबकीय टिकट 30 गुणा 57.5 मिलीमीटर के हैं। संयुक्त घोषणा में नए आकार के अपवादों की गुंजाइश रखी गई है, इसलिए यात्रियों को यह नहीं मानना चाहिए कि हर भाग लेने वाली रेलवे हर टिकट बिल्कुल एक ही आकार में जारी करेगी।

आकार में यह बड़ा बदलाव है। बताए गए माप के अनुसार मौजूदा टिकट का क्षेत्रफल 1,725 वर्ग मिलीमीटर है, जबकि नए टिकट का क्षेत्रफल 4,887.5 वर्ग मिलीमीटर होगा। यानी बड़े टिकट का क्षेत्रफल छोटे टिकट से करीब 2.83 गुना होगा। यह तुलना टिकट के क्षेत्रफल की है, उसके वजन या उसे बनाने के पर्यावरणीय प्रभाव की नहीं।

टोबू ने अधिक स्पष्ट प्रतिबद्धता जताई है: उसकी ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीनों से बिकने वाले सभी क्यूआर टिकट बड़े आकार के होंगे। यह संयुक्त योजना के अनुरूप है, जिसमें एक सामान्य आकार तय किया गया है, लेकिन अन्य जगहों पर अंतर की गुंजाइश भी है।

छपे हुए क्यूआर टिकट को फोन पर दिखाए जाने वाले टिकट से अलग समझना चाहिए। साझा बदलाव में कोड वाले कागजी टिकट शामिल हैं, हालांकि टोबू कई विशेष टिकट उत्पादों को अलग से डिजिटल प्रारूप में बदल रहा है। इसलिए बदले हुए कागजी टिकट खरीदने और इस्तेमाल करने के लिए स्मार्टफोन की सामान्य रूप से जरूरत नहीं होगी।

रेलवे कंपनियां चुंबकीय उपकरण क्यों हटा रही हैं

कंपनियों का कहना है कि यह बदलाव लंबी अवधि में रेलवे सेवाओं को बनाए रखने में मदद करेगा। चुंबकीय टिकट गेट और वेंडिंग मशीनों के लिए विशेष उपकरणों की जरूरत होती है। इन प्रणालियों का रखरखाव चिंता का विषय बन गया है, जबकि रेलवे आईसी कार्ड और मोबाइल सेवाओं का अधिक इस्तेमाल भी बढ़ा रहे हैं।

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चुंबकीय गेट टिकट को मशीन के भीतर खींचता है, उसे पढ़ता है और फिर लौटाता है या अपने पास रख लेता है। क्यूआर स्कैनिंग में कागज को इस आंतरिक तंत्र से गुजारने की जरूरत नहीं होगी। जेआर ईस्ट का कहना है कि इस बदलाव से ऑटोमैटिक गेट के भीतर टिकट फंसने की समस्या खत्म होगी। व्यापक परियोजना का उद्देश्य चुंबकीय टिकट उपकरणों से जुड़ी रखरखाव लागत घटाना भी है।

पर्यावरण संबंधी दलील चुंबकीय सामग्री और मशीनरी, दोनों से जुड़ी है। जेआर ईस्ट का कहना है कि पारंपरिक टिकटों की पीठ पर लगी गैर-पुनर्चक्रण योग्य चुंबकीय परत हटाने से पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा। चुंबकीय हिस्सों की वजह से पुनर्चक्रण में अधिक मेहनत लगती है। कंपनियां इन टिकटों के उत्पादन और निपटान का बोझ भी घटाना चाहती हैं।

बदलाव से जुड़ी जानकारी में रखरखाव पर होने वाली बचत, कचरे में कमी का अनुमान या पर्यावरणीय प्रभाव की पूरी तुलना के आंकड़े नहीं दिए गए हैं। टिकट का बड़ा आकार देखते हुए पर्यावरण संबंधी दावे को कम कागज इस्तेमाल करने के वादे के रूप में पेश नहीं करना चाहिए। बताए गए फायदे चुंबकीय सामग्री हटाने और टिकट संभालने के लिए जरूरी उपकरण बदलने से जुड़े हैं।

जेआर ईस्ट, केइक्यू और टोबू की टिकट योजनाएं अलग-अलग

साझा गेट व्यवस्था का यह मतलब नहीं कि हर कंपनी एक जैसी श्रेणी के टिकट बदल रही है। जेआर ईस्ट की घोषित योजना उसकी पारंपरिक लाइनों पर 100 किलोमीटर तक की यात्राओं के चुंबकीय टिकटों पर लागू होती है। फिलहाल शिंकानसेन के टिकट चुंबकीय कागज पर जारी होते रहेंगे। इसलिए इस योजना को जेआर ईस्ट के बिकने वाले हर चुंबकीय टिकट को तुरंत बंद करने के रूप में नहीं समझना चाहिए।

केइक्यू की चुंबकीय टिकटों पर सूचना में, जो 13 अक्टूबर 2026 को जारी हुई, कहा गया है कि सेंगाकुजी को छोड़कर उसके स्टेशनों पर वसंत 2027 में टिकटों की बिक्री बंद हो जाएगी। सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। इस सूचना में बदलाव को कंपनी की 20वीं व्यापक प्रबंधन योजना और रेलवे संचालन की अगली पीढ़ी से जुड़ी योजनाओं का हिस्सा बताया गया है।

केइक्यू ने उन चुंबकीय टिकटों में सामान्य टिकट, शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक दिव्यांगता वाले यात्रियों के लिए रियायती मल्टीपल-जर्नी टिकट, छात्रों के लिए रियायती मल्टीपल-जर्नी टिकट और विशेष टिकट उत्पादों को शामिल किया है जिनकी बिक्री बंद होगी। कंपनी का कहना है कि इसके बाद क्यूआर टिकट बेचे जाएंगे और आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी। सेंगाकुजी का अपवाद चुंबकीय टिकटों की बिक्री बंद करने की घोषणा से जुड़ा है, इसका यह मतलब नहीं कि उस स्टेशन को साझा क्यूआर सेवा से बाहर रखा गया है।

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टोबू मार्च 2027 में बदलाव करने की योजना बना रही है। इसके बदलावों में सामान्य टिकट, स्टेशन प्रवेश टिकट, रियायती मल्टीपल-जर्नी टिकट और विशेष टिकट उत्पाद शामिल हैं। ज्यादातर विशेष उत्पाद डिजिटल टिकटों में बदल जाएंगे, जिनका इस्तेमाल स्मार्टफोन या इसी तरह के उपकरणों पर होगा। ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीनों और अन्य बिक्री केंद्रों पर उनकी बिक्री बंद हो जाएगी। कुछ विशेष उत्पाद, जिनमें आईसी कार्ड इस्तेमाल होते हैं, अपवाद होंगे।

टोबू का यह भी कहना है कि शेयरधारकों के यात्रा पास पास और मल्टीपल-जर्नी, दोनों प्रारूपों में जारी होते रहेंगे। व्यक्तिगत टिकट सेवाओं में आगे के बदलावों की घोषणा चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इन विवरणों से स्पष्ट है कि रियायती टिकट, विशेष पास या स्टेशन प्रवेश टिकट इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को केवल क्यूआर गेट के सामान्य निर्देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी रेलवे कंपनी के उत्पादों के नियम देखने होंगे।

2024 के प्रस्ताव से 2027 में शुरुआत तक

इस परियोजना की शुरुआत 29 मई 2024 को हुई संयुक्त घोषणा से हुई थी, जिसमें वित्त वर्ष 2026 के अंत से चुंबकीय टिकटों की जगह क्यूआर टिकट लाने का प्रस्ताव था। अक्टूबर 2026 की घोषणा उस व्यापक प्रस्ताव को वसंत 2027 की सेवा योजना में बदलती है, साथ ही बाद में सेवा शुरू करने वाली कंपनियों के लिए लचीलापन भी रखती है।

  • 29 मई 2024: आठ रेलवे कंपनियों ने चुंबकीय टिकटों की जगह क्यूआर टिकट लाने के लिए मिलकर काम करने की योजना घोषित की।
  • 2025: केइसेई इलेक्ट्रिक रेलवे और शिन-केइसेई इलेक्ट्रिक रेलवे का विलय हुआ, जिससे अलग-अलग कंपनियों की संख्या बदल गई।
  • 13 अक्टूबर 2026: सात कंपनियों ने वसंत 2027 की सेवा योजना घोषित की। सेंदाई एयरपोर्ट ट्रांजिट वर्तमान समूह में शामिल हुई।
  • मार्च 2027: टोबू ने अपने चुंबकीय टिकटों को क्यूआर टिकटों में बदलने की योजना बनाई है।
  • वसंत 2027 और उसके बाद: साझा व्यवस्था लागू होना शुरू होगी। वित्त वर्ष 2027 या उसके बाद सेवा शुरू करने वाली कंपनियां अपना कार्यक्रम घोषित करेंगी।

आठ कंपनियों का जिक्र करने वाली और सात कंपनियों के नाम देने वाली खबरें परियोजना के अलग-अलग चरणों का वर्णन करती हैं। इस बदलाव की वजह केवल केइसेई का विलय नहीं है। सेंदाई एयरपोर्ट ट्रांजिट वर्तमान समूह में शामिल हुई है, जबकि पहले प्रस्ताव में शामिल सेइबू रेलवे अपनी क्यूआर सेवा अलग से शुरू करने की तैयारी कर रही है और उसने शुरुआत का समय तय नहीं किया है।

वित्त वर्ष 2026 के अंत का जिक्र वसंत 2027 में शुरुआत के अनुरूप है: जापान का वित्त वर्ष 2026 मार्च 2027 में समाप्त होता है। हालांकि, संयुक्त घोषणा में सभी सात कंपनियों के लिए पूरा बदलाव खत्म करने की कोई साझा समयसीमा तय नहीं की गई है।

ट्रांसफर के लिए सात कंपनियों से आगे समन्वय जरूरी

साझा प्रणाली और सर्वर का उद्देश्य भाग लेने वाली कंपनियों को अपने नेटवर्क में क्यूआर टिकट जारी करने और स्वीकार करने में सक्षम बनाना है। साझा बुनियादी ढांचा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक टिकट में एक से अधिक रेलवे कंपनियां शामिल हो सकती हैं, खासकर उन मार्गों पर जहां ट्रेनें सीधे दूसरी कंपनी की पटरियों पर चलती हैं।

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सातों कंपनियों का कहना है कि वे एक-दूसरे के नेटवर्क पर चलने वाली सेवाओं और संबंधित व्यवस्थाओं में शामिल अन्य रेलवे कंपनियों के साथ समन्वय कर रही हैं। जेआर ईस्ट भी अपने नेटवर्क पर सीधे सेवाएं चलाने वाली कंपनियों के साथ काम कर रही है। इस व्यापक परियोजना में उन रेलवे कंपनियों के साथ समन्वय भी शामिल है जो यही बदलाव नहीं कर रही हैं।

इन चर्चाओं का उद्देश्य यात्राओं और ट्रांसफर को सुविधाजनक बनाए रखना है, लेकिन घोषणा में समर्थित मार्गों, टिकटों के संयोजनों या कंपनियों की सीमा वाले हर स्थान पर प्रक्रियाओं की पूरी सूची नहीं दी गई है। भाग लेने वाले नेटवर्कों में टिकट स्वीकार किए जाने को इस बात की पुष्टि नहीं मानना चाहिए कि हर दूसरी रेलवे कंपनी भी तुरंत वही क्यूआर टिकट स्वीकार करेगी।

कई कंपनियों से होकर गुजरने वाली यात्राओं के लिए कुछ व्यावहारिक जानकारियां अभी बाकी हैं: कौन-सा टिकट जारी होगा, उसे कहां स्कैन किया जा सकेगा और किन स्थितियों में कर्मचारियों की मदद लेनी पड़ सकती है। कंपनियों ने आगे जानकारी देने का वादा किया है, लेकिन अभी इन सभी सवालों के जवाब नहीं दिए हैं।

आईसी कार्ड जारी रहेंगे, जबकि अहम तारीखें अभी तय नहीं

क्यूआर कागजी टिकटों की ओर बदलाव के साथ सुका, पास्मो, मोबाइल सुका और मोबाइल पास्मो के इस्तेमाल को बढ़ाने की कोशिशें भी जारी हैं। कंपनियां कागजी टिकटों को प्रोसेस करने का तरीका बदल रही हैं, इन स्थापित यात्रा विकल्पों को वापस लेने की घोषणा नहीं कर रही हैं।

केइक्यू ने स्पष्ट किया है कि चुंबकीय टिकटों की बिक्री बंद होने के बाद भी यात्री देशव्यापी पारस्परिक व्यवस्था के तहत स्वीकार किए जाने वाले परिवहन आईसी कार्ड और उसकी क्रेडिट कार्ड संपर्करहित यात्रा सेवा का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह आश्वासन केइक्यू की सूचना के लिए विशिष्ट है; इसे हर भाग लेने वाली रेलवे कंपनी की ओर से भुगतान के बारे में समान प्रतिबद्धता नहीं समझना चाहिए।

सबसे स्पष्ट तारीखें टोबू की मार्च 2027 में बदलाव की योजना और साझा सेवा की वसंत 2027 में शुरुआत हैं। अन्य कंपनियों की सटीक तारीखों, चुंबकीय टिकट सेवाओं में विस्तृत बदलाव और स्टेशन संबंधी निर्देशों की घोषणा अलग-अलग की जाएगी। सेइबू की अलग सेवा के शुरू होने का समय अभी तय नहीं है।

मुख्य बदलाव तय है: वेंडिंग मशीनों से मिलने वाले कागजी टिकटों को गेट में डालने के बजाय स्कैन किया जाएगा। अब बाकी फैसले उन समयसीमाओं और उत्पाद नियमों से जुड़े हैं जिनसे अलग-अलग स्टेशनों, टिकटों और एक-दूसरे से जुड़े रेलवे नेटवर्कों में यह बदलाव लागू हो सकेगा।

एक नजर में

  • सात कंपनियां वसंत 2027 से चुंबकीय टिकटों की जगह क्यूआर टिकट जारी करना शुरू करेंगी। कुछ कंपनियों की सेवा बाद में शुरू हो सकती है।
  • सेवा भाग लेने वाली सभी लाइनों और स्टेशनों के लिए प्रस्तावित है, लेकिन गेट की प्रक्रिया वहां लगे उपकरणों पर निर्भर करेगी।
  • यात्री प्रवेश और निकास पर कागजी टिकट स्कैन करेंगे और बाहर निकलते समय उसे संग्रह बॉक्स में डालेंगे।
  • वेंडिंग मशीनों से मिलने वाले ज्यादातर क्यूआर टिकट 57.5 गुणा 85 मिलीमीटर के होंगे, हालांकि कुछ अपवाद भी हैं।
  • टोबू मार्च 2027 में बदलाव की योजना बना रही है। केइक्यू सेंगाकुजी को छोड़कर वसंत 2027 में चुंबकीय टिकटों की बिक्री बंद करेगी।
  • जेआर ईस्ट का बदलाव पारंपरिक लाइनों पर 100 किलोमीटर तक की यात्राओं के टिकटों पर लागू होगा। फिलहाल शिंकानसेन के चुंबकीय टिकट जारी रहेंगे।
  • आईसी कार्ड सेवाएं जारी रहेंगी। ट्रांसफर की व्यवस्थाओं, अलग-अलग कंपनियों की शुरुआत की तारीखों और टिकटों के कुछ नियमों पर आगे घोषणाएं होंगी।
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