उत्पादन बढ़ने के साथ उत्तर कोरिया ने पांगह्योन से आगे सशस्त्र ड्रोन परीक्षणों का विस्तार किया

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North Korea Expands Armed Drone Tests Beyond Panghyon as Production Grows

सशस्त्र ड्रोन अपने विकास केंद्र से आगे बढ़े

खबरों के अनुसार, उत्तर कोरिया मिसाइल ले जाने वाले सैटब्योल-9 ड्रोन को उत्तरी प्योंगान प्रांत के पांगह्योन हवाई अड्डे से दूसरे हवाई अड्डों पर हथियारों के परीक्षण के लिए भेज रहा है। इससे उस कार्यक्रम का दायरा बढ़ रहा है, जिसके भौतिक विस्तार में सात नए हैंगर और लगभग 9,300 वर्ग मीटर के नियोजित भवन के साथ एक कारखाने का पुनर्विकास शामिल है।

विषय-सूची
  1. सशस्त्र ड्रोन अपने विकास केंद्र से आगे बढ़े
  2. दूसरे हवाई अड्डों पर परीक्षण क्या संकेत देते हैं
  3. कार्यक्रम यहां तक कैसे पहुंचा
  4. सैटब्योल-9 के बारे में क्या पता है
  5. ग्लाइड बम महत्वाकांक्षा दिखाते हैं, तैनाती की पुष्टि नहीं
  6. सैटब्योल-4 का टोही कार्यक्रम अलग है
  7. छोटे कुमसोंग ड्रोन से उत्पादन प्रयास का विस्तार
  8. पांगह्योन का विस्तार ठोस साक्ष्य देता है
  9. रूसी सहायता अब भी अनसुलझा पहलू
  10. मुख्य बातें

दक्षिण कोरियाई सरकारी सूत्रों के हवाले से बताई गई ये गतिविधियां देश के मुख्य ड्रोन विकास केंद्र से बाहर तैनाती की तैयारियों का संकेत देती हैं। छोटे ड्रोन भी कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बनाए, परखे और प्रशिक्षण में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इनमें लक्ष्य पर प्रहार करते समय खुद को नष्ट करने के लिए बनाए गए विमान भी शामिल हैं। खबरों में अतिरिक्त हवाई अड्डों, स्थानांतरित विमानों की संख्या या परिचालन तैनाती की तारीख नहीं बताई गई है।

सबसे ठोस दस्तावेजीकृत साक्ष्य पूरी तरह मापी गई युद्धक क्षमता के बजाय एक विस्तारशील कार्यक्रम की ओर इशारा करते हैं। 25 सितंबर 2025 को प्रकाशित अपनी ड्रोन कार्यक्रम की समीक्षा में शोध संगठन 38 नॉर्थ ने अनुमान लगाया कि उत्तर कोरिया ने कम से कम छह सैटब्योल-9 विमान बनाए हैं। उसने पांगह्योन में निर्माण गतिविधियों और कई छोटे ड्रोन डिजाइनों का भी दस्तावेजीकरण किया, साथ ही चेतावनी दी कि सार्वजनिक प्रदर्शन से उनकी मारक दूरी, पेलोड, मार्गदर्शन क्षमता या सटीकता साबित नहीं होती।

यह अंतर महत्वपूर्ण है। विमानों को अलग-अलग ठिकानों पर भेजना और उत्पादन सुविधाओं का विस्तार व्यापक सैन्य भूमिका की दिशा में ठोस कदम हैं। लेकिन इनसे अपने आप यह साबित नहीं होता कि उत्तर कोरिया भरोसेमंद ढंग से लक्ष्य खोज सकता है, उन पर हथियार निर्देशित कर सकता है या हमले के दौरान ड्रोन को संचालित रख सकता है।

दूसरे हवाई अड्डों पर परीक्षण क्या संकेत देते हैं

पांगह्योन उत्तर कोरिया के बड़े ड्रोन विकसित करने और उनका प्रदर्शन करने का केंद्रीय ठिकाना रहा है। अन्य जगहों पर परीक्षण से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि विमान और उन्हें सहयोग देने वाले दल किसी विकास केंद्र के बजाय दूसरे ठिकानों से भी काम कर सकते हैं या नहीं।

बताई गई गतिविधियों में सशस्त्र सैटब्योल-9 विमानों को दूसरे हवाई अड्डों पर ले जाने के बाद उनके परीक्षण के तौर पर प्रक्षेपण करना शामिल है। इसे तैनाती की तैयारी बताया गया है, न कि इस बात की पुष्टि कि नियमित युद्धक इकाइयों को ड्रोन पहले ही मिल चुके हैं। इन परीक्षणों या उनके नतीजों का कोई सार्वजनिक विवरण साथ में नहीं दिया गया है।

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परीक्षण और सेवा में शामिल करने के बीच का अंतर खास तौर पर इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि उत्तर कोरिया पहले ही दिखा चुका है कि उसके बड़े ड्रोन उड़ सकते हैं। अनसुलझा सवाल यह है कि पूरा तंत्र कितना कारगर है: विमान, हथियार, सेंसर, संचार और साथ काम करते कर्मी। सफल उड़ान या मिसाइल प्रक्षेपण का छोटा वीडियो इस कड़ी का केवल एक हिस्सा साबित करता है।

छोटे ड्रोन का प्रयास बड़े विमानों के साथ-साथ आगे बढ़ रहा है। सरकारी सूत्र कई स्थानों पर उत्पादन, प्रदर्शन परीक्षण और प्रशिक्षण की बात कहते हैं। इससे उत्तर कोरिया के मानवरहित बलों के निर्माण के दो अलग रास्ते बन सकते हैं: हथियार ले जाने वाले पुनः इस्तेमाल योग्य विमान और बड़ी संख्या में बनाए जाने वाले छोटे, एक बार इस्तेमाल होने वाले ड्रोन।

कार्यक्रम यहां तक कैसे पहुंचा

किम जोंग उन ने 2021 में वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में ड्रोन विकास को रणनीतिक हथियारों का कार्य घोषित किया था। इसके बाद के निरीक्षणों में इस लक्ष्य को टोही, हमले के अभियानों और उत्पादन क्षमता से जोड़ा गया है।

सार्वजनिक रूप से सामने आए प्रमुख पड़ाव विमानों के अनावरण से लेकर हथियारों के परीक्षण और विनिर्माण विस्तार तक की प्रगति दिखाते हैं:

  • 2021: किम ने वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में ड्रोन विकास को रणनीतिक हथियारों का कार्य बताया।
  • 26 जुलाई 2023: किम और रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू की मौजूदगी में हथियार प्रदर्शनी में सैटब्योल-4 और सैटब्योल-9 को औपचारिक रूप से प्रदर्शित किया गया।
  • अगस्त 2024: किम ने रक्षा विज्ञान अकादमी के ड्रोन अनुसंधान संस्थान का दौरा किया और अधिक टोही, बहुउद्देशीय हमलावर तथा सामरिक आत्मघाती ड्रोन बनाने का आह्वान किया।
  • नवंबर 2024: किम ने उत्पादन प्रणालियां स्थापित करने और आत्मघाती ड्रोन का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की अपील की।
  • मार्च 2025: पांगह्योन में एक निरीक्षण के दौरान उन्नत सैटब्योल-4 दिखाई दिया।
  • 15 मई 2025: हवाई अभ्यास में निर्देशित ग्लाइड बम ले जा रहा सैटब्योल-9 शामिल था। सरकारी मीडिया ने इसे अनुप्रयोग परीक्षण बताया।
  • सितंबर 2025: आगे के उड़ान परीक्षणों और एक अन्य निरीक्षण में ड्रोन प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता पर जोर दिया गया।

यह क्रम कई वर्षों से नेतृत्व के लगातार ध्यान को दर्शाता है। सितंबर के उत्पादन निर्देश इस आकलन को बल देते हैं कि कम से कम कुछ डिज़ाइन शुरुआती विकास से आगे बढ़ चुके हैं, हालांकि इससे यह पता नहीं चलता कि कितने ड्रोन सैन्य सेवा के लिए तैयार हैं।

सैटब्योल-9 के बारे में क्या पता है

सैटब्योल-9 प्रोपेलर से चलने वाला विमान है, जिसके पंखों का फैलाव अनुमानतः लगभग 20 मीटर है। इसका रूप अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर जैसा है और उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने इसे बहुउद्देशीय लड़ाकू ड्रोन बताया है।

उपग्रह चित्रों पर आधारित एक पुराने अनुमान में इसके पंखों का फैलाव लगभग 65 फीट बताया गया था, जबकि एमक्यू-9 का 66 फीट है। 65 फीट लगभग 19.8 मीटर होता है, इसलिए यह अनुमान बाद के 20 मीटर वाले आकलन से मोटे तौर पर मेल खाता है। हालांकि, समान आकार और बनावट से समान प्रदर्शन साबित नहीं होता।

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विमान के प्रत्येक पंख के नीचे हथियार लगाने के तीन पाइलन हैं, यानी बाहर हथियार लगाने के छह बिंदु। उत्तर कोरियाई टेलीविजन पर इसके मिसाइल दागने के संक्षिप्त दृश्य दिखाए गए हैं। तस्वीरों में नाक के नीचे एक बड़ा ऑप्टिकल सेंसर जैसा उपकरण भी दिखता है, साथ ही कुछ अन्य हिस्से भी हैं जिनका काम स्पष्ट नहीं है।

कम से कम छह विमानों का अनुमान प्रदर्शनी, परेड और उड़ान के वीडियो पर आधारित है। पहचाने गए क्रमांक में 2102009, 2101005, 2101007 और 2101003 शामिल हैं। कुछ विमानों की संख्या पहचान में नहीं आई, इसलिए कुल संख्या के आकलन में यह मानना शामिल है कि कई बार दिखे विमान अलग-अलग थे।

009 पर खत्म होने वाला क्रमांक यह संकेत दे सकता है कि किसी समय नौ विमान मौजूद थे, लेकिन इसकी पुष्टि पूरे बेड़े की संख्या के रूप में नहीं हुई है। क्रमांक से उत्पादन का पूरा या लगातार क्रमवार रिकॉर्ड मिलना जरूरी नहीं। ठोस निष्कर्ष प्रकाशित अनुमान है कि कम से कम छह विमान बनाए गए हैं, न कि नौ परिचालन ड्रोन की पुष्ट संख्या।

ग्लाइड बम महत्वाकांक्षा दिखाते हैं, तैनाती की पुष्टि नहीं

15 मई 2025 के हवाई अभ्यास से सैटब्योल-9 को निर्देशित ग्लाइड बमों से लैस करने की उत्तर कोरिया की योजना के और संकेत मिले। ये हथियार छोड़े जाने के बाद वायुगतिकीय उठाव के सहारे आगे बढ़ते हैं, जबकि मार्गदर्शन उपकरण उन्हें लक्ष्य की ओर ले जाने में मदद करते हैं। उनकी पहुंच छोड़ने की ऊंचाई, गति और डिजाइन जैसे कारकों पर निर्भर करती है।

38 नॉर्थ के शोधकर्ता तियानरान शू ने 22 मई को प्रकाशित अपने हवाई अभ्यास के आकलन में किम द्वारा निरीक्षण किए गए दो बमों का विश्लेषण किया। एक में संभवतः उपग्रह नेविगेशन उपकरण और दूसरे में लक्ष्य के पास पहुंचने के अंतिम चरण के लिए ऑप्टिकल सीकर लगा था।

उपग्रह नेविगेशन से स्थिर ठिकानों पर हमले करने में मदद मिल सकती है। ऑप्टिकल सीकर संभावित रूप से सटीकता बढ़ा सकता है या चलते लक्ष्य पर हमला करने में मदद दे सकता है। लेकिन यह हथियार की वास्तविक क्षमता और संभवतः उड़ान के दौरान सुधार के निर्देशों पर निर्भर करेगा। इनमें से किसी संभावना की प्रदर्शन के जरिए पुष्टि नहीं हुई है।

शू ने आकलन किया कि बमों के क्रमांक से संकेत मिलता है कि वे संभवतः उन्हीं नमूनों में से थे जिन्हें मई 2024 में किम को दिखाया गया था। उनका निष्कर्ष था कि ये हथियार अभी परिचालन योग्य नहीं थे, हालांकि मई 2025 के अनुप्रयोग परीक्षण के दौरान सैटब्योल-9 से इन्हें ले जाया गया हो सकता है।

इससे नए सटीक हथियार ले जाने वाले ड्रोन के बारे में किए जा सकने वाले दावों की सीमा तय होती है। हथियार ले जाना, एकीकरण की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे यह साबित नहीं होता कि बम सफलतापूर्वक छोड़ा गया, सटीकता से निर्देशित हुआ या सेवा के लिए स्वीकार किया गया। इन हथियारों की मारक दूरी का कोई स्वतंत्र रूप से स्थापित आंकड़ा नहीं दिया गया है।

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सैटब्योल-4 का टोही कार्यक्रम अलग है

उत्तर कोरिया का दूसरा बड़ा ड्रोन सैटब्योल-4 है, जिसे सैटब्योल-9 से जुड़ी हमले की भूमिका के बजाय रणनीतिक टोही के लिए बनाया गया है। यह अमेरिकी आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक जैसा दिखता है और इसके पंखों का फैलाव अनुमानतः लगभग 35 मीटर है, जो सैटब्योल-9 से करीब 15 मीटर अधिक है।

सितंबर की समीक्षा में क्रमांक 2102001 और 2102002 के आधार पर कम से कम दो पुराने सैटब्योल-4 विमानों की पहचान की गई। 21070601 क्रमांक वाला एक उन्नत विमान मार्च 2025 में, मई में सुनचोन हवाई अड्डे पर और सितंबर में पांगह्योन में आगे के परीक्षणों के दौरान दिखाई दिया।

दिखाई देने वाले बदलावों में नाक के नीचे एक नई ऑप्टिकल खिड़की, दोनों ओर अतिरिक्त पैनल और पंखों में बदलाव शामिल थे। कुछ पैनल इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी जुटाने के लिए हो सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बाहरी खिड़कियां और पैनल यह साबित नहीं करते कि उनके पीछे काम करने वाले सेंसर लगे हैं।

टोही और हमले के कार्यक्रम आगे चलकर एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं: एक विमान जानकारी जुटाए और दूसरा हथियार पहुंचाए। कोई सार्वजनिक प्रदर्शन यह साबित नहीं करता कि उत्तर कोरिया ने इस तरह का समन्वय हासिल कर लिया है। इसलिए दोनों डिजाइनों के अस्तित्व को उन्हें प्रभावी लक्ष्य-निर्धारण प्रणाली में जोड़ने की सिद्ध क्षमता से अलग समझना चाहिए।

छोटे कुमसोंग ड्रोन से उत्पादन प्रयास का विस्तार

छोटे ड्रोन उत्पादन की मात्रा के लिहाज से अधिक अहम हो सकते हैं। बड़े, पुनः इस्तेमाल योग्य विमान से अलग, आत्मघाती ड्रोन हमले में नष्ट होने के लिए बनाया जाता है। इसलिए उसका सैन्य महत्व इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसे पर्याप्त संख्या में बनाया और तैनात किया जा सकता है या नहीं।

उत्तर कोरियाई घोषणाओं की खबरों में कुमसोंग नाम वाले दो आत्मघाती ड्रोन प्रकारों और उनके कृत्रिम बुद्धिमत्ता इस्तेमाल करने के दावों का उल्लेख है। सितंबर की 38 नॉर्थ समीक्षा में कम से कम छह छोटे मॉडलों वाली एक व्यापक कुमसोंग शृंखला का वर्णन है। इन विवरणों का स्तर अलग-अलग है; इन्हें परिचालन हथियारों की एक ही गिनती नहीं मानना चाहिए।

डिजाइनों में एक छोटा प्रोपेलर चालित विमान, एक्स आकार में व्यवस्थित पंखों वाले दो विमान और मुख्य पंखों के आगे छोटे अग्रपंखों वाला एक अन्य विमान शामिल है। कुछ को ट्यूब से और कुछ को रेल से छोड़ा जाता है; उड़ान शुरू करने के लिए गैस निष्कासन या छोटे रॉकेट का इस्तेमाल होता है। तस्वीरों में वाहनों और बख्तरबंद लक्ष्यों से जुड़े प्रदर्शनों को दिखाया गया है।

शोध समीक्षा ने आगाह किया कि कुमसोंग के परीक्षण वीडियो में नहीं दिखाए गए हैं। स्थिर तस्वीरों से प्रक्षेपण, पास आते विमान या विस्फोट का दृश्य दिख सकता है, लेकिन पूरी प्रक्रिया, मार्गदर्शन की सटीकता या हुए नुकसान की पुष्टि नहीं होती। तस्वीरों में दिखाए गए कम से कम एक वाहन लक्ष्य का कुछ हिस्सा लकड़ी का था।

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उत्तर कोरिया ने अलग-अलग आकार के तीन क्वाडकॉप्टर और टैंक पर गोला गिराते ड्रोन की तस्वीरें भी दिखाई हैं। इन्हें किसने बनाया, यह स्पष्ट नहीं है। ये प्रदर्शन युद्धक्षेत्र में कई भूमिकाओं में रुचि का संकेत देते हैं, लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दावे की पुष्टि नहीं हुई है। कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण यह नहीं बताता कि कथित तकनीक क्या करती है या इसमें कितना मानवीय नियंत्रण जरूरी है।

पांगह्योन का विस्तार ठोस साक्ष्य देता है

पांगह्योन प्योंगयांग से लगभग 110 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और चीन की सीमा से 60 किलोमीटर दूर है। आसपास का विमानन उद्योग ड्रोन कार्यक्रम को विनिर्माण और रखरखाव का स्थापित आधार देता है।

पास की विमान पुर्जे बनाने वाली एक फैक्टरी ने मिग-15 और मिग-17 विमानों के पुर्जे बनाए हैं और किट से मिग-29 लड़ाकू विमानों को जोड़ा है। भूमिगत हिस्से वाले एक संयंत्र समेत अन्य निर्माण और विमानन सुविधाएं भी आसपास मौजूद हैं।

2024 में हवाई अड्डे के विस्तार में सात हैंगर जोड़े गए। हर हैंगर लगभग 45 मीटर चौड़ा है और उसका प्रवेश द्वार 40 मीटर का है। ये प्रवेश द्वार सैटब्योल-4 के अनुमानित 35 मीटर के पंखों के फैलाव से चौड़े हैं। इससे अंदाजा मिलता है कि इमारतों में किस आकार के विमान रखे जा सकते हैं, हालांकि इससे यह तय नहीं होता कि वहां कौन से विमान रखे जाएंगे।

मूल तीन हैंगर के साथ सात नए हैंगर जुड़ने से कुल संख्या दस हो जाती है। 2025 की शुरुआत में एक प्रशासनिक इमारत ढहा दी गई और गर्मियों में प्रशासनिक उपयोग की तीन इमारतें बनाई गईं।

पास की विमान फैक्टरी का पुनर्विकास जुलाई 2024 में शुरू हुआ। सबसे बड़ी नियोजित इमारत लगभग 225 मीटर लंबी निर्माणशाला लगती है, जिसका क्षेत्रफल करीब 9,300 वर्ग मीटर होगा। सितंबर की समीक्षा के लिए देखी गई उपग्रह तस्वीरों में निर्माण जारी था और छत का काम बाकी था। ये बदलाव उत्पादन विस्तार की खबरों का समर्थन करते हैं, लेकिन अतिरिक्त जानकारी के बिना केवल फर्श क्षेत्र से सालाना ड्रोन उत्पादन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

रूसी सहायता अब भी अनसुलझा पहलू

यूक्रेन युद्ध के लिए रूस में उत्तर कोरिया की ओर से सैनिक भेजे जाने से युद्धक्षेत्र का अनुभव और तकनीकी जानकारी उसके ड्रोन कार्यक्रम तक पहुंचने का एक संभावित रास्ता बना है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का आकलन है कि उत्तर कोरियाई सैनिकों ने ड्रोन उड़ाने और रणनीति का अनुभव हासिल किया, और विकास के लिए संभावित तकनीकी सहायता भी मिली।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कीव में एक प्रेस वार्ता में कहा, जिसकी टिप्पणियों की खबर 4 अक्टूबर को प्रकाशित हुई, कि रूस ने उत्तर कोरिया के साथ जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन की तकनीक साझा की हो सकती है। यह एक आरोप है, किसी खास तकनीकी हस्तांतरण की सार्वजनिक पुष्टि नहीं। इस बयान में न तो ड्रोन का कोई मॉडल बताया गया है और न ही हस्तांतरित उपकरण।

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अगर ऐसी सहायता मिली है, तो उससे उत्तर कोरिया के छोटे, एक बार इस्तेमाल होने वाले हमलावर ड्रोन को मदद मिल सकती है। इससे यह साबित नहीं होगा कि प्रोपेलर से चलने वाले सैटब्योल-9 को जेट इंजन मिला है। युद्धक्षेत्र का प्रशिक्षण और विनिर्माण या डिजाइन में सहायता भी अलग-अलग तरह का सहयोग हैं; इन्हें एक ही पुष्ट व्यवस्था नहीं मानना चाहिए।

यूक्रेन का अनुभव बड़ी संख्या में बनाए जा सकने वाले सस्ते ड्रोन में उत्तर कोरिया की रुचि का व्यावहारिक कारण देता है। फिर भी उसका कार्यक्रम सैनिकों की तैनाती से पहले शुरू हुआ था: रणनीतिक विकास का काम 2021 का है और बड़े विमानों का सार्वजनिक अनावरण 2023 में हुआ था।

मई 2025 के अभ्यास में ड्रोन से बचाव का पहलू भी शामिल था। इसमें अलग-अलग दिशाओं से आते क्रूज मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोन का परिदृश्य था। उत्तर कोरिया मानवरहित हमले की क्षमता विकसित करने के साथ इसी तरह के खतरों से निपटने का प्रशिक्षण भी कर रहा है।

अगले निर्णायक साक्ष्य में हथियारों के प्रदर्शन की पुष्टि, नियमित इकाइयों में तैनाती और निरंतर उत्पादन से जुड़े प्रमाण होंगे। इन खबरों में परिचालन तैनाती की समय-सीमा या अगले परीक्षण की तारीख घोषित नहीं की गई है। फिलहाल दस्तावेजीकृत तस्वीर व्यापक परीक्षण और बढ़ते बुनियादी ढांचे की है, जबकि युद्धक प्रभावशीलता पर बड़े सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।

मुख्य बातें

  • सरकारी सूत्रों के अनुसार, पांगह्योन से बाहर के हवाई अड्डों पर सैटब्योल-9 के हथियार परीक्षण हुए हैं, लेकिन स्थान और तैनाती की समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।
  • 38 नॉर्थ का अनुमान है कि सैटब्योल-9 के कम से कम छह विमान बनाए गए हैं।
  • मई 2025 के अभ्यास में ले जाए गए निर्देशित ग्लाइड बमों को अभी परिचालन योग्य नहीं माना गया।
  • कुमसोंग शृंखला में कई छोटे डिज़ाइन शामिल हैं, लेकिन उनकी मारक दूरी, सटीकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
  • 2024 में पांगह्योन में सात हैंगर जोड़े गए, जबकि पास की फैक्टरी के पुनर्विकास में लगभग 9,300 वर्ग मीटर की नियोजित इमारत शामिल है।
  • रूसी ड्रोन तकनीक से सहायता मिलने के दावे की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है और किसी खास हस्तांतरण की पहचान नहीं की गई है।
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