सेमीकंडक्टर का मजबूत चक्र, लेकिन वृद्धि की कमजोर होती रफ्तार
अर्थशास्त्रियों ने सियोल में आयोजित एक नीतिगत मंच पर चेतावनी दी कि दशकों से जारी वृद्धि में गिरावट बनी रही तो दक्षिण कोरिया 2029 या 2030 के आसपास आर्थिक ठहराव की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, यह चेतावनी कोरिया विकास संस्थान के प्रकाशित आधारभूत पूर्वानुमान से काफी पहले की है। संस्थान ने 2030 में संभावित वृद्धि 1% के निचले स्तर पर रहने और 2040 के दशक के उत्तरार्ध में अर्थव्यवस्था के सिकुड़ने का अनुमान जताया है।
विषय-सूची
- सेमीकंडक्टर का मजबूत चक्र, लेकिन वृद्धि की कमजोर होती रफ्तार
- अर्थव्यवस्था के सिकुड़ने के पूर्वानुमान अलग क्यों हैं
- पहले की मंदी की सबसे बड़ी वजह उत्पादकता
- चिप कंपनियों की कमाई दूसरी जगहों की कमजोरी छिपा सकती है
- AI की मांग और चीन से प्रतिस्पर्धा अलग-अलग जोखिम
- घटता कार्यबल समस्या को और बढ़ाता है
- शिक्षा सुधार का लक्ष्य नकल नहीं, नए विचार
- स्थायी संरक्षण के बिना सरकारी सहयोग
- नीतिगत फैसले नतीजा बदल सकते हैं, जनसांख्यिकीय रुझान नहीं
- मुख्य बातें
यह अंतर मायने रखता है। एक आकलन के मुताबिक, 2026 में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की तेजी से निर्यात और कंपनियों की आय बढ़ रही है और सालाना आर्थिक वृद्धि 3% से अधिक रहने का अनुमान है। हालांकि, न तो एक मजबूत साल और न ही अतीत की कमजोरी के आधार पर लगाया गया अनुमान यह तय करता है कि अर्थव्यवस्था कब सिकुड़ने लगेगी।
NEAR फाउंडेशन, KDI और कोरियाई आर्थिक संघ ने 12 तारीख को सियोल के जंग जिले में स्थित कोरिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में गोलमेज बैठक आयोजित की। मुख्य चिंता यह थी कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चिपों से हो रहे लाभ अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से में उत्पादकता की धीमी वृद्धि को छिपा रहे हैं। प्रतिभागियों ने कहा कि शिक्षा, औद्योगिक नीति और AI का प्रसार अलग-अलग पहल के बजाय साझा विकास रणनीति का हिस्सा बनने चाहिए।
KDI के समष्टि आर्थिक और वित्तीय नीति अनुसंधान विभाग की प्रमुख किम मि-रू ने कहा कि पिछले तीन दशकों में वास्तविक दीर्घकालीन वृद्धि की प्रवृत्ति हर पांच साल में करीब एक प्रतिशत अंक घटी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यही रुझान जारी रहा तो 2029 या 2030 के आसपास वृद्धि लगभग ठहर सकती है और उसके बाद अर्थव्यवस्था सिकुड़ सकती है।
यह एक सशर्त चेतावनी है, सर्वसम्मति से तय पूर्वानुमान नहीं। ज्यादा उपयोगी सवाल यह है कि इन संभावित नतीजों के बीच फर्क किस बात से पड़ेगा: आबादी के बूढ़े होने के साथ कोरिया अपने श्रमिकों और निवेश से कितना उत्पादन कर सकता है, और क्या चिप उद्योग की सफलता दूसरे कारोबारों तक पहुंचेगी।
अर्थव्यवस्था के सिकुड़ने के पूर्वानुमान अलग क्यों हैं
8 मई, 2025 को प्रकाशित KDI की संभावित वृद्धि संबंधी रिपोर्ट में मंच पर दी गई चेतावनी की तुलना में धीमी गिरावट का अनुमान है। इसके आधारभूत अनुमान में 2025 में संभावित वृद्धि 1% के ऊपरी स्तर पर, 2030 में 1% के निचले स्तर पर और 2040 के दशक में शून्य के आसपास रहने की बात कही गई है। उत्पादन में छोटी गिरावट 2040 के दशक के उत्तरार्ध में शुरू होगी।
संभावित वृद्धि वह रफ्तार है जिसे कोई अर्थव्यवस्था श्रम, पूंजी और उत्पादक क्षमता का इस्तेमाल करते हुए लगातार महंगाई का दबाव पैदा किए बिना बनाए रख सकती है। निर्यात में तेजी के दौरान वास्तविक वृद्धि इससे अधिक हो सकती है और मंदी में कम। इसलिए एक तिमाही में GDP की बढ़ोतरी, सालाना वृद्धि का पूर्वानुमान और दीर्घकालीन संभावित वृद्धि का अनुमान अलग-अलग चीजें मापते हैं।
मंच पर किम की टिप्पणियों की खबरों में भी अंतर है। एक खबर में 2029 या 2030 के आसपास लगभग ठहराव की बात है; दूसरी में 2026 में वृद्धि के 0% के दायरे में आने और 2030 के आसपास संभावित संकुचन का उल्लेख है। इनमें से कोई भी खबर यह साबित नहीं करती कि KDI ने अपने प्रकाशित मॉडल की जगह कोई नया आधिकारिक पूर्वानुमान जारी किया है।
मुख्य तारीखें और अनुमान इस प्रकार हैं:
- 5 अगस्त, 2013: नेशनल असेंबली बजट कार्यालय ने उत्पादकता वृद्धि में मंदी का दस्तावेजीकरण करने वाला अध्ययन प्रकाशित किया।
- 8 मई, 2025: KDI ने संभावित वृद्धि के परिदृश्य प्रकाशित किए और आधारभूत अनुमान में 2040 के दशक के उत्तरार्ध में संकुचन की बात कही।
- 2026: मंच के प्रतिभागियों ने चेतावनी दी कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र की तेजी उद्योगों की व्यापक कमजोरी को छिपा रही है।
- 2029 से 2030: किम की रुझान संबंधी चेतावनी के अनुसार, ऐतिहासिक गिरावट जारी रही तो अर्थव्यवस्था लगभग ठहराव पर पहुंच सकती है।
- 2040 के दशक की शुरुआत से उत्तरार्ध: KDI के निराशावादी और आधारभूत परिदृश्यों में संकुचन की शुरुआत क्रमशः इन्हीं अवधियों में होने का अनुमान है।
एक अलग खबर में उद्धृत OECD के अनुमानों के मुताबिक संभावित वृद्धि 2025 में 1.92%, 2026 में 1.71% और 2027 में 1.57% रहेगी। 2027 की चौथी तिमाही के लिए अनुमानित दर 1.52% है। ये आंकड़े लगातार कमजोर होती वृद्धि की ओर इशारा करते हैं, लेकिन 2030 के आसपास संकुचन की ओर नहीं।
पहले की मंदी की सबसे बड़ी वजह उत्पादकता
कोरिया की औसत सालाना वृद्धि 2001 से 2010 के दौरान 4.7% थी, जो 2011 से 2019 के दौरान घटकर 3.1% रह गई। KDI की गणना के मुताबिक, कुल कारक उत्पादकता की धीमी वृद्धि इस 1.6 प्रतिशत अंक की गिरावट के 66.9% हिस्से की वजह थी। यह करीब 1.07 प्रतिशत अंक बैठता है, जिससे उत्पादकता इस गिरावट का सबसे बड़ा पहचाना गया कारण बनती है।
कुल कारक उत्पादकता यह मापती है कि अर्थव्यवस्था केवल अधिक श्रमिक या उपकरण जोड़ने के बजाय संसाधनों को उत्पादन में कितनी कुशलता से बदलती है। बेहतर तकनीक, मजबूत कौशल, बेहतर संगठन और संसाधनों का अधिक कुशल आवंटन, ये सभी इसे बढ़ा सकते हैं। यह गणना से निकला माप है, आविष्कारों की सीधी गिनती नहीं।
KDI के मुताबिक, हाल के वर्षों में भी यह मंदी जारी रही। 2011 से 2019 की तुलना में 2015 से 2024 की अवधि, जो पहले वाली अवधि से कुछ साल मेल खाती है, में वृद्धि और 0.6 प्रतिशत अंक घटी। इस दौरान उत्पादकता से मिलने वाला लाभ और श्रम योगदान की वृद्धि, दोनों कमजोर पड़े।
नेशनल असेंबली बजट कार्यालय ने इससे जुड़ी समस्या की पहचान काफी पहले कर ली थी। उसकी 2013 की उत्पादकता संबंधी समीक्षा में अनुमान था कि बाजार अर्थव्यवस्था में उत्पादकता वृद्धि 1980 के दशक के 2.2% से घटकर 2000 के दशक में 1.3% रह गई। विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादकता वृद्धि 2000 के दशक में घटकर 0.5% रह गई, जबकि बाजार सेवाओं की वृद्धि 1990 के दशक के 0.8% से गिरकर 2000 के दशक में 0.1% पर आ गई।
इन ऐतिहासिक अनुमानों को KDI की नई समय-श्रृंखला के साथ सीधे नहीं जोड़ना चाहिए। बजट कार्यालय ने खुद दर्ज किया था कि श्रम के दायरे, पूंजी के मापन और आर्थिक मान्यताओं में अंतर के कारण शोधकर्ताओं के अनुमान अलग-अलग थे। लगातार कमजोरी की दिशा एक जैसी है, लेकिन आंकड़ों का कोई एक निर्बाध क्रम नहीं।
चिप कंपनियों की कमाई दूसरी जगहों की कमजोरी छिपा सकती है
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल इकोनॉमिक्स एंड ट्रेड के अध्यक्ष क्वोन नाम-हून द्वारा पेश किए गए आंकड़े दिखाते हैं कि औद्योगिक परिदृश्य पर सेमीकंडक्टर क्षेत्र का कितना गहरा असर है। जनवरी से अगस्त तक कुल निर्यात में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 52.8% की वृद्धि बताई गई। सेमीकंडक्टर निर्यात 169.6% बढ़ा, जबकि सेमीकंडक्टर को छोड़कर बाकी निर्यात में 18% की वृद्धि हुई।
इसलिए उस अवधि में बिना चिपों वाला निर्यात घट नहीं रहा था, बल्कि बढ़ रहा था। चिंता उसकी तुलनात्मक रफ्तार और लंबे समय के रुझान को लेकर है: सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल को छोड़कर बाकी निर्यात करीब 15 साल से मोटे तौर पर स्थिर बताया गया। इस माप में दो उद्योग शामिल नहीं हैं, जबकि 18% का आंकड़ा सिर्फ चिपों को बाहर रखता है।
कंपनियों के मुनाफे की तुलना में अंतर और साफ दिखता है। दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र का परिचालन लाभ मार्जिन 24% बताया गया, लेकिन सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स को निकालने के बाद यह केवल 7.2% था। दोनों के बीच 16.8 प्रतिशत अंक का अंतर है; व्यापक मार्जिन इन दोनों कंपनियों के बिना वाले मार्जिन से तीन गुने से अधिक है। यह दो कंपनियों को बाहर रखकर की गई तुलना है, सभी सेमीकंडक्टर कारोबारों का सटीक माप नहीं।
क्वोन ने चेतावनी दी कि यह तेजी औद्योगिक प्रतिस्पर्धा की असल स्थिति को धुंधला कर सकती है। उनके सुझावों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर करना, अलग-अलग उद्योगों की परिस्थितियों के अनुसार कदम उठाना और प्रमुख उद्योगों के आसपास आपूर्तिकर्ताओं व संबंधित कंपनियों के नेटवर्क का विस्तार करना शामिल था।
बैंक ऑफ कोरिया के अलग से उद्धृत पहली तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक GDP पिछली तिमाही से 1.7% बढ़ा और निर्यात में 5.1% की वृद्धि हुई, जिसमें चिप समेत IT उत्पादों की अहम भूमिका थी। ये तिमाही आंकड़े और मंच पर प्रस्तुत जनवरी से अगस्त के निर्यात तथा दूसरी तिमाही के आंकड़े अलग-अलग अवधियों के हैं। इन्हें एक ही समय की तस्वीर नहीं मानना चाहिए।
AI की मांग और चीन से प्रतिस्पर्धा अलग-अलग जोखिम
सेमीकंडक्टर को लेकर चिंता यह नहीं है कि मजबूत मांग बुरी बात है। चिंता यह है कि मांग पलटने पर उन उद्योगों की कमजोरी सामने आ सकती है जो पहले से प्रतिस्पर्धा के लिए जूझ रहे हैं। कोरिया की कैथोलिक यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर यांग जुन-सोक ने चेतावनी दी कि AI बुलबुले की आशंकाओं के बीच वैश्विक चिप मांग कमजोर हुई तो उसका झटका व्यापक अर्थव्यवस्था तक पहुंच सकता है।
कोरिया यूनिवर्सिटी के पूर्व विजिटिंग प्रोफेसर किम डोंग-वोन ने 2028 में अमेरिका के AI निवेश में सुधार के एक पूर्वानुमान का हवाला दिया। उन्होंने चेताया कि मध्यम या निम्न प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने वाले उद्योग, जिनमें विनिर्माण क्षेत्र के 42% रोजगार हैं, सेमीकंडक्टर तेजी खत्म होने पर खास तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। यह तारीख उनके द्वारा उद्धृत पूर्वानुमान है, कोई तय घटना या स्थापित निर्णायक मोड़ नहीं।
चीन से प्रतिस्पर्धा एक अलग दबाव है। मंच पर पेश किए गए औद्योगिक विश्लेषण में कहा गया कि कंप्यूटर, औद्योगिक विद्युत उपकरण और सटीक रासायनिक सामग्री के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा एक दशक पहले की तुलना में बढ़ा है। बैटरी, सामग्री, इस्पात के अन्य उत्पाद, ऑटोमोबाइल और दवा क्षेत्र भी घाटे में चले गए हैं।
कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस के वरिष्ठ शोध अध्येता जी मान-सू ने चीन की कम कीमतों से प्रतिस्पर्धा कर रहे बड़े सामग्री, पुर्जे और उपकरण कारोबारों को समर्थन देने वाली नीतियों की मांग की। NEAR फाउंडेशन के अध्यक्ष चुंग डक-कू ने कहा कि भू-राजनीतिक बदलावों के चलते कोरिया को अंतरराष्ट्रीय उत्पादन नेटवर्क में अपनी स्थिति पर फिर से विचार करना चाहिए और चीन की बढ़ती विनिर्माण क्षमता का जवाब देना चाहिए।
सेजोंग यूनिवर्सिटी के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के प्रोफेसर किम डे-जोंग ने सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में श्रम विवादों को भी उत्पादन के लिए संभावित जोखिम बताया। उन्होंने रक्षा और AI के साथ इस्पात तथा पेट्रोकेमिकल उद्योगों को भी समर्थन देने की वकालत की, ताकि राष्ट्रीय वृद्धि किसी एक उद्योग पर इतनी अधिक निर्भर न रहे।
घटता कार्यबल समस्या को और बढ़ाता है
KDI की जनसांख्यिकीय मान्यताएं दिखाती हैं कि उत्पादकता बढ़ाना क्यों अधिक जरूरी होता जा रहा है। 15 से 64 वर्ष की आबादी 2019 में 3.763 करोड़ के शिखर पर पहुंची। इसके 2021 से 2030 के दौरान करीब 32 लाख, 2031 से 2040 के दौरान 51 लाख और 2041 से 2050 के दौरान 46 लाख घटने का अनुमान है।
इन तीन अनुमानित गिरावटों का कुल योग 1.29 करोड़ लोग है। आबादी में कामकाजी उम्र के लोगों का हिस्सा 2025 के 69.5% से घटकर 2050 में 51.9% रहने की उम्मीद है। इसी अवधि में 65 या उससे अधिक उम्र के लोगों का हिस्सा 20.3% से बढ़कर 40.1% हो जाएगा, यानी करीब दोगुना।
उम्र के ढांचे का असर सिर्फ लोगों की संख्या पर नहीं, रोजगार पर भी पड़ता है। KDI के मुताबिक 30 से 50 वर्ष की उम्र के लोगों में श्रमबल भागीदारी करीब 80% है, लेकिन 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र वालों में यह 50% से कम है। इसके आधारभूत मॉडल में 2030 के आसपास वृद्धि में श्रम का योगदान नकारात्मक हो जाता है।
उत्पादकता की धीमी वृद्धि और श्रमिकों की कम संख्या से निवेश पर मिलने वाला अपेक्षित लाभ भी घट सकता है, जिससे पूंजी निवेश की वृद्धि कमजोर होगी। इसलिए KDI ने प्रसव और बच्चों की देखभाल के दौरान महिलाओं के रोजगार को समर्थन देने, बुजुर्गों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और अधिक विदेशी श्रमिकों को श्रम बाजार में आने देने के उपाय सुझाए हैं।
यह बहस प्रस्तावित छोटे कार्य-सप्ताह से भी जुड़ती है, जिसमें वेतन घटाए बिना मानक कार्य-सप्ताह को 40 से घटाकर 36 घंटे करने की बात थी। पहले के आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में कोरिया में प्रति घंटे उत्पादन 54.64 डॉलर था, जबकि अमेरिका में यह 97.05 डॉलर था। इस प्रस्ताव का असर कुछ हद तक इस पर निर्भर करेगा कि कंपनियां कम काम के घंटों की भरपाई के लिए प्रति घंटे उत्पादन कितना बढ़ा पाती हैं। मौजूदा खबरों से कानून की स्थिति स्पष्ट नहीं होती।
शिक्षा सुधार का लक्ष्य नकल नहीं, नए विचार
KDI के अध्यक्ष किम से-जिक ने कहा कि पहले से मौजूद ज्ञान को अपनाने में कोरिया की पुरानी सफलता अब उतने ही विकास के अवसर नहीं देती। उनके मुताबिक 1960 से 1980 के दशकों में नकल पर आधारित कौशलों के विकास ने 8% से अधिक की दीर्घकालीन वृद्धि को सहारा दिया। 1990 के दशक से उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के साथ तकनीकी अंतर कम होने पर इस तरीके का महत्व तेजी से घटा।
मंच पर किम ने विकास नीति को शिक्षा और मौलिक सोच को मिलने वाले प्रोत्साहनों से जोड़ा:
AI के दौर में दीर्घकालीन वृद्धि में गिरावट पलटने के लिए सोचने की क्षमता अहम है।
उन्होंने ऐसे शिक्षा और चयन तंत्र का प्रस्ताव रखा जो रचनात्मकता को विकसित करे। इसमें खुले सवाल तैयार करने पर आधारित कक्षाएं और विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं, जिनमें रचनात्मक क्षमता को अधिक महत्व दिया जाए। उद्देश्य नया ज्ञान पैदा करना है, न कि मुख्य रूप से दूसरों के विकसित किए ज्ञान को सीखने पर निर्भर रहना।
प्रस्तावित राष्ट्रीय विचार पंजीकरण प्रणाली में विचारों का पंजीकरण होगा, अधिकारों की रक्षा की जाएगी और रचनाकारों को पुरस्कृत किया जाएगा। मंच पर बताए गए प्रस्ताव के तहत सरकार सार्वजनिक महत्व वाले विचार खरीद सकती है। KDI के शोधकर्ता चो डक-सांग ने तर्क दिया कि अच्छे विचार अपने रचनाकारों से आगे भी लाभ दे सकते हैं, इसलिए सफल विचारों की थोड़ी संख्या भी बड़ा प्रतिफल दे सकती है।
कूकमिन यूनिवर्सिटी के एमेरिटस प्रोफेसर किम जे-जुन ने इस बात पर ध्यान दिया कि संभावनाशील विचारों का मूल्यांकन कैसे होता है। उन्होंने खारिज किए गए प्रस्तावों का रिकॉर्ड रखने, उनका दोबारा मूल्यांकन करने और मूल्यांकनकर्ताओं के रिकॉर्ड पर नजर रखने का सुझाव दिया। ये अभी नीतिगत सुझाव हैं। इन्हें लागू करने की समय-सीमा, वित्तपोषण योजना या अधिकारों का विस्तृत ढांचा तय नहीं किया गया।
स्थायी संरक्षण के बिना सरकारी सहयोग
कोरियाई आर्थिक संघ के अध्यक्ष और कोरिया यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर कांग सुंग-जिन ने कहा कि निजी कंपनियों की तकनीकी और निवेश क्षमता बढ़ने के साथ सरकार की भूमिका भी बदलनी चाहिए। कारोबारों को निवेश, तकनीक विकास और व्यावसायीकरण की अगुवाई करनी चाहिए, जबकि निजी निवेश की कमी वाले क्षेत्रों में सरकार बुनियादी अनुसंधान, कौशल और बुनियादी ढांचे को समर्थन दे।
उनके प्रस्ताव में अनिश्चित तकनीकों के शुरुआती जोखिम सार्वजनिक रूप से साझा किए जा सकते हैं, लेकिन स्पष्ट लक्ष्य और प्रदर्शन मानक तय करने की मांग भी है, ताकि सहायता कुछ कंपनियों को स्थायी संरक्षण देने का जरिया न बन जाए। यह उस मॉडल से अलग है जिसमें सरकार सीधे उद्योग चुनती है और संसाधनों के आवंटन को निर्देशित करती है।
कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस के प्रमुख ली यंग ने कहा कि सरकार को नवाचार की बुनियाद और अधिक तर्कसंगत नियमन पर ध्यान देना चाहिए। सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर किम सो-यंग ने परिपक्व बाजार अर्थव्यवस्था में संसाधनों के वितरण पर सरकार के अत्यधिक नियंत्रण के प्रति आगाह किया।
बदलावों का असर श्रमिकों पर भी इसी बहस का हिस्सा है। कोरिया इकोनॉमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष चुंग चुल ने चेतावनी दी कि अगर बदलाव की लागत का बड़ा हिस्सा श्रमिकों पर पड़ा तो तकनीक अपनाने और सुधारों का विरोध बढ़ सकता है। उन्होंने श्रम बाजार में अधिक लचीलेपन और रोजगार सुरक्षा के मजबूत उपाय, दोनों की वकालत की।
बजट कार्यालय का पुराना शोध औद्योगिक पैमाने को लेकर एक सावधानी भी सामने रखता है। उसके अनुमान में बाजार अर्थव्यवस्था में पैमाने से मिलने वाला लाभ 1980 के दशक के 0.66 से बढ़कर 1990 के दशक के बाद 1.16 हो गया, जबकि अनुमानित तकनीकी प्रगति 4% से घटकर 1% रह गई। एक से अधिक मान का मतलब है कि उत्पादन बढ़ने पर उत्पादन की मात्रा, संसाधनों की तुलना में तेजी से बढ़ सकती है। कार्यालय ने सेवा क्षेत्र में सहयोगी ढांचे और छोटी कंपनियों के लिए साझा अनुसंधान तथा बाजार तक पहुंच के नेटवर्क बनाने की सिफारिश की, साथ ही आय पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखने की बात कही।
नीतिगत फैसले नतीजा बदल सकते हैं, जनसांख्यिकीय रुझान नहीं
KDI ने उत्पादकता वृद्धि के तीन सालाना अनुमान रखे हैं: आधारभूत परिदृश्य में 0.6%, आशावादी परिदृश्य में 0.9% और निराशावादी परिदृश्य में 0.3%। आशावादी परिदृश्य में AI के विकास और उसे अपनाने के साथ आर्थिक सुधारों में प्रगति मानी गई है। निराशावादी परिदृश्य में व्यापारिक टकराव से अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता और तकनीक के प्रसार पर रोक लगने तथा सुधारों के ठहरने की धारणा है।
इन अलग-अलग अनुमानों के नतीजे महत्वपूर्ण हैं। आशावादी परिदृश्य में भी 2050 में मामूली वृद्धि बनी रहती है; निराशावादी परिदृश्य में संकुचन 2040 के दशक की शुरुआत में आ जाता है। कीमतों और विनिमय दरों को 2024 के स्तर पर स्थिर रखने पर, 2050 में प्रति व्यक्ति GDP का अनुमान क्रमशः करीब 53,000 डॉलर, 48,000 डॉलर और 44,000 डॉलर है। ये अलग-अलग परिदृश्यों के अनुमान हैं, मौजूदा विनिमय दरों पर भविष्य की डॉलर आय के पूर्वानुमान नहीं।
KDI ने यह चेतावनी भी दी कि संरचनात्मक कमजोरी को केवल अस्थायी मंदी नहीं मानना चाहिए। उसके मुताबिक 2011 से 2019 के दौरान प्रबंधित राजकोषीय घाटा GDP के औसतन 1.4% के बराबर था, लेकिन महामारी संकट के बाद यह करीब 4% बना रहा। बार-बार प्रोत्साहन उपायों से उत्पादक क्षमता बहाल किए बिना सरकारी वित्त कमजोर हो सकता है। धीमी वृद्धि से स्थिर आर्थिक गतिविधि के लिए जरूरी ब्याज दर भी कम हो सकती है, जिससे मंदी के दौरान दरों में कटौती की गुंजाइश घटेगी।
वित्त मंत्री कू यून-चोल और बैंक ऑफ कोरिया के गवर्नर शिन ह्योन-सोंग ने संरचनात्मक सुधार और नीतियों के बीच बेहतर तालमेल की मांग की है। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने नियमन, वित्त, सार्वजनिक सेवाओं, पेंशन, शिक्षा और श्रम को सुधार के क्षेत्र बताया। मंच से जुड़ी खबरों में इन प्रस्तावों को अपनाने की कोई बाध्यकारी समय-सीमा नहीं दी गई है। अगली कसौटी यह होगी कि ये व्यापक प्रतिबद्धताएं सेमीकंडक्टर क्षेत्र से आगे उत्पादकता और श्रम भागीदारी में बदलाव ला पाती हैं या नहीं।
मुख्य बातें
- मंच पर दी गई चेतावनी में 2029 या 2030 के आसपास संभावित ठहराव की बात है, जो KDI के प्रकाशित आधारभूत पूर्वानुमान से पहले है।
- KDI ने 2030 में संभावित वृद्धि 1% के निचले स्तर पर और 2040 के दशक के उत्तरार्ध में आधारभूत अनुमान के तहत संकुचन की बात कही है।
- उत्पादकता में धीमी वृद्धि 2001 से 2010 और 2011 से 2019 के बीच वृद्धि में आई गिरावट के 66.9% हिस्से की वजह थी।
- सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स को शामिल करने पर विनिर्माण का लाभ मार्जिन 24% बताया गया; दोनों को हटाने पर यह 7.2% रह जाता है।
- KDI का अनुमान है कि 2050 तक कामकाजी उम्र के लोगों का हिस्सा घटकर 51.9% रह जाएगा और 65 या उससे अधिक उम्र के लोग आबादी का 40.1% होंगे।
- प्रस्तावों में रचनात्मकता पर आधारित शिक्षा, विचारों के लिए पुरस्कार, मजबूत औद्योगिक नेटवर्क और श्रमबल में व्यापक भागीदारी शामिल हैं।
- विचार पंजीकरण प्रणाली और मंच की अन्य सिफारिशों को लागू करने की कोई तय समय-सीमा नहीं है।






