मनीला, 16 अक्टूबर: P319.33 मिलियन के हस्तांतरण सुरक्षा जांच के दायरे में
मुख्यभूमि चीन और हांगकांग से उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते के पति से जुड़ी एक खाद्य कंपनी को कथित तौर पर भेजे गए कुल P319.33 मिलियन फिलीपीन सरकार की जांच का केंद्र बन गए हैं। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने चेतावनी दी कि आरोप सही साबित होने पर यह उच्चतम स्तर पर खतरा हो सकता है।
विषय-सूची
यह रकम दुतेर्ते के महाभियोग मुकदमे के दौरान एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग काउंसिल (AMLC) के कार्यकारी निदेशक रोनेल बुएनावेंतुरा की गवाही में सामने आई। रकम पाने वाली कंपनी की पहचान Cale88 Foods Corporation के रूप में की गई। इस कंपनी में उनके पति, वकील मनासेस कार्पियो का कारोबारी हित था।
रविवार को सिंगापुर में कपिहान साक्षात्कार के दौरान मार्कोस ने कहा कि कथित तौर पर चीनी धन की भागीदारी की राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस चिंता को राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में रखा, लेकिन बार-बार स्पष्ट किया कि उनका आकलन सबूतों पर निर्भर है।
फिलीपीन के राष्ट्रपति मार्कोस ने बताया कि वे इन आरोपों को गंभीर क्यों मानते हैं:
इसका सबसे चिंताजनक पहलू चीनी धन है। अब यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन जाता है।
इसके बाद दुतेर्ते ने इस तर्क को चुनौती देते हुए कहा कि फिलीपींस के कई व्यवसाय चीन से आयात या वहां निर्यात करते हैं। उनकी प्रतिक्रिया एक अहम अंतर को सामने लाती है: किसी कंपनी को विदेश से भुगतान मिला हो, इससे अपने आप गैरकानूनी गतिविधि या राज्य के लिए खतरा साबित नहीं होता।
अब तक कोई गलत काम साबित नहीं हुआ है। इस विवाद में अब कई अलग-अलग सवाल हैं: क्या बताए गए हस्तांतरण हुए, उन्हें किसने भेजा, उनका कारोबारी उद्देश्य क्या था और क्या उनका अनुचित विदेशी प्रभाव से कोई संबंध था। मार्कोस ने कहा कि निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांचकर्ताओं को सच्चाई स्थापित करनी चाहिए।
वित्तीय गवाही से क्या स्थापित होता है
बुएनावेंतुरा ने गवाही दी कि Cale88 को मुख्यभूमि चीन और हांगकांग से P319.33 मिलियन की आवक धनराशि मिली। आवक धनराशि का मतलब है विदेश से देश में भेजा गया पैसा। यह शब्द भुगतान की दिशा बताता है, न कि यह कि भुगतान वैध था या उससे क्या खरीदा गया।
कांग्रेस में हुई चर्चा के एक अन्य विवरण में रकम P319 मिलियन बताई गई। यह बुएनावेंतुरा के नाम से बताई गई अधिक सटीक रकम से P330,000 कम है और ऐसा लगता है कि यह उसी कुल राशि का गोल किया हुआ आंकड़ा है, न कि अलग से पहचाने गए हस्तांतरणों का समूह।
रिपोर्टों में कंपनी का नाम भी अलग-अलग लिखा गया है: बुएनावेंतुरा की गवाही के विवरण में Cale88 Foods Corporation और प्रस्तावित संसदीय जांच के विवरण में Calle88 Foods Corp. दोनों विवरण कार्पियो से जुड़े खाद्य व्यवसाय के बारे में हैं, लेकिन इन रिपोर्टों में सार्वजनिक रूप से पेश किए गए किसी कॉरपोरेट दस्तावेज से वर्तनी का यह अंतर स्पष्ट नहीं किया गया है।
कांग्रेस की चर्चा में इस व्यवसाय को कथित केले के चिप्स बनाने वाली कंपनी बताया गया, जो दुतेर्ते और कार्पियो से जुड़ी थी। AMLC की गवाही के साथ दिए गए अधिक विशिष्ट विवरण में कार्पियो का कारोबारी हित बताया गया। इनमें से कोई भी विवरण यह स्थापित नहीं करता कि दुतेर्ते को व्यक्तिगत रूप से ये रकम मिली।
गवाही से विवाद में एक विशिष्ट वित्तीय रकम और नामित प्राप्तकर्ता सामने आते हैं। हालांकि, इससे भुगतान का उद्देश्य, हर हस्तांतरण के समय कंपनी का स्वामित्व या बदले में सामान अथवा सेवाएं दी गई थीं या नहीं, यह स्पष्ट नहीं होता।
क्या रकम भेजने वाले चीनी सरकारी संस्थान थे?
सीनेटर-जज रीसा होंटिवेरोस ने कहा कि उनकी जांच से संकेत मिला कि निगम को पैसा भेजने वाले व्यवसाय कथित तौर पर चीनी सरकारी स्वामित्व वाली संस्थाएं थे। यह आरोप AMLC की उस गवाही से अलग है जिसमें आवक धनराशि के स्रोत मुख्यभूमि चीन और हांगकांग बताए गए थे।
सरकारी स्वामित्व वाला उद्यम ऐसा व्यवसाय होता है जिसका मालिकाना हक या नियंत्रण किसी सरकार के पास हो। यह दर्जा स्थापित होने से रकम भेजने वालों की पहचान में मदद मिलेगी, लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होगा कि किसी खास भुगतान का उद्देश्य फिलीपीन के अधिकारी को प्रभावित करना था।
यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि मार्कोस की चिंता संभावित विदेशी प्रभाव को लेकर है, जबकि दुतेर्ते ने सामान्य व्यापार का तर्क दिया है। इन दोनों पक्षों के दावों का आकलन करने के लिए यह पता लगाना जरूरी है कि रकम भेजने वालों का स्वामित्व किसके पास था और लेन-देन का उद्देश्य क्या था। होंटिवेरोस के आरोप को गलत काम का अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया गया है।
मार्कोस बोले: पहले सबूत जरूरी
मार्कोस ने पुष्टि की कि सरकार आरोपों की गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा विभाग (DND) का कर्तव्य है कि वह इनके संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी नतीजों की जांच करे। उन्होंने किसी जांच के पूरा होने की घोषणा नहीं की और न ही किसी खतरे को साबित बताया।
राष्ट्रपति ने जांचकर्ताओं के लिए वह क्रम बताया जिसका पालन किया जाना चाहिए:
इस पूरी स्थिति और लगाए जा रहे इन आरोपों से निपटने का पहला कदम है कि हम सबूत तलाशें और देखें कि सच्चाई क्या है। यही अहम है।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने DND को क्या निर्देश दिए हैं और क्या उन्होंने चीनी अधिकारियों से बात की है, तो मार्कोस ने अटकल लगाने से इनकार किया। उनके जवाबों में जांच के विशिष्ट निर्देश नहीं बताए गए और न ही यह स्थापित हुआ कि राजनयिक संपर्क हुआ था या नहीं।
उन्होंने कहा कि आरोपों की पुष्टि होने पर यह देश की सुरक्षा संबंधी चिंताओं में सबसे ऊपर आ जाएंगे, क्योंकि मामला फिलीपीन की संप्रभुता और राज्य की सुरक्षा से जुड़ा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोपों को गलत साबित करने वाले सबूतों का वे स्वागत करेंगे।
मार्कोस ने इस संभावना को निजी अंदाज में व्यक्त किया:
मुझे इससे ज्यादा खुशी किसी बात से नहीं होगी कि सबूत साबित कर दें कि यह सच नहीं है। तब यह उन चिंताओं में से एक कम होगी जिनकी मुझे फिक्र करनी है।
दुतेर्ते ने सुरक्षा संबंधी तर्क को चुनौती दी
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को आई खबरों में दुतेर्ते ने सवाल उठाया कि क्या चीन के साथ कारोबार को राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम माना जा रहा है। उन्होंने उन तमाम फिलीपीन कंपनियों का उल्लेख किया जिनका आयात या निर्यात चीन से जुड़ा है।
दुतेर्ते ने यह भी कहा कि मार्कोस की टिप्पणियों से ऐसा लगा मानो उनका प्रशासन 2023 से ही उन्हें खतरा मानता रहा हो। यह उनकी टिप्पणियों की व्याख्या थी, न कि मार्कोस की ओर से यह स्वीकारोक्ति कि सरकार ने ऐसा आकलन किया था।
उनके बचाव का जोर इस बात पर था कि विदेश से जुड़े लेन-देन व्यावसायिक प्रकृति के हो सकते हैं। इससे रकम भेजने वाली कंपनियों, उनके कथित सरकारी स्वामित्व या महाभियोग की कार्यवाही के दौरान बताए गए लेन-देन से जुड़े विशिष्ट सवाल हल नहीं हुए।
दुतेर्ते ने अलग से आरोप लगाया कि सबूतों की कमी के कारण महाभियोग मामला कमजोर पड़ रहा है और उसके समर्थकों ने ध्यान चीनी धन की ओर मोड़ दिया है। उन्होंने उन पर सबूत गढ़ने का आरोप लगाया और शिकायत दाखिल करते समय सहायक दस्तावेज संलग्न न होने की बात की आलोचना की। ये आरोप अब भी विवादित दावे हैं, महाभियोग अदालत के निष्कर्ष नहीं।
संसदीय जांच की उम्मीद
हाउस अभियोजन पैनल के सदस्य, बुकिदनोन के प्रतिनिधि जोनाथन कीथ फ्लोरेस ने कहा कि कथित धन की जांच की मांग वाला एक प्रस्ताव कांग्रेस में पेश किए जाने की उम्मीद है। उनकी टिप्पणी में प्रस्तावित कदम का जिक्र था, न कि पहले से पारित प्रस्ताव या तय समयसीमा वाली जांच का।
फ्लोरेस ने कहा कि अभियोजन पैनल को धन के बारे में सीनेट महाभियोग अदालत में गवाहों की पेशी के दौरान पता चला। उनके मुताबिक, महाभियोग की कार्यवाही से पहले पैनल को इसकी जानकारी नहीं थी।
यह समय-संदर्भ दुतेर्ते के उस आरोप के लिए अहम है कि मामले के समर्थकों ने अपना रुख बदल लिया। फ्लोरेस ने बताया कि गवाही के दौरान जानकारी सामने आई; दुतेर्ते ने चीन पर ध्यान दिए जाने को मामले की कमजोरियों से ध्यान हटाने की कोशिश बताया। इनमें से कोई भी पक्ष का विवरण अपने आप वित्तीय आरोपों की वैधता तय नहीं करता।
फ्लोरेस ने यह भी कहा कि विदेश मामलों का विभाग, न्याय विभाग और लोकपाल कार्यालय से कंपनी के मामले में कार्रवाई की उम्मीद है। उनकी टिप्पणियों के विवरण में इन एजेंसियों की ओर से कोई खास दाखिल करने की तारीख, जांच का दायरा या निर्णय घोषित नहीं किया गया।
विवाद कैसे आगे बढ़ा
पूर्व सीनेटर एंटोनियो त्रिलानेस IV ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीनी संस्थाओं और कंपनी से जुड़े लेन-देन के आरोप पहली बार सार्वजनिक किए। इसके बाद विवाद वित्तीय गवाही, प्रस्तावित संसदीय जांच और राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के बीच सार्वजनिक बयानबाजी तक पहुंचा।
- एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिलानेस ने चीनी धन और कार्पियो से जुड़ी कंपनी के बारे में आरोप लगाए। सटीक तारीख नहीं बताई गई।
- 12 अक्टूबर 2026 से पहले वाले सप्ताह में महाभियोग मुकदमे के दौरान बुएनावेंतुरा ने मुख्यभूमि चीन और हांगकांग से P319.33 मिलियन की आवक धनराशि के बारे में गवाही दी।
- रविवार को सिंगापुर में मार्कोस ने जांच की पुष्टि की और कहा कि संभावित सुरक्षा खतरा सबूत मिलने पर निर्भर करेगा।
- सोमवार, 12 अक्टूबर को दुतेर्ते ने सुरक्षा संबंधी व्याख्या को चुनौती दी और महाभियोग के समर्थकों पर अपना रुख बदलने का आरोप लगाया।
एक अलग राजनीतिक बयानबाजी में दुतेर्ते ने आरोप लगाया कि प्रशासन बर्खास्त पुलिस अधिकारी रूडोल्फो ग्रासियोसो जूनियर द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे था। मार्कोस ने इसमें शामिल होने से इनकार किया और सबूत मांगे। इस बयानबाजी को इस बात का सबूत नहीं माना जाना चाहिए कि ग्रासियोसो के आरोप और कंपनी को मिली रकम एक ही मामला हैं।
मार्कोस ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी पर ध्यान देने से ज्यादा उनकी चिंता अपने प्रशासन की प्राथमिकताएं पूरी करने को लेकर है। अगले ठोस कदमों की जानकारी अब भी नहीं है: प्रस्तावित संसदीय प्रस्ताव, जांच रिपोर्ट या यह तय करने वाले किसी फैसले की तारीख नहीं दी गई कि रकम भेजने में कोई गलत काम हुआ था या नहीं।
मुख्य बातें
- AMLC के कार्यकारी निदेशक रोनेल बुएनावेंतुरा ने गवाही दी कि Cale88 Foods Corporation को मुख्यभूमि चीन और हांगकांग से P319.33 मिलियन मिले।
- कंपनी का संबंध दुतेर्ते के पति मनासेस कार्पियो के कारोबारी हित से था।
- होंटिवेरोस ने आरोप लगाया कि रकम भेजने वाले व्यवसाय चीनी सरकारी स्वामित्व वाली संस्थाएं थे; यह दावा कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं है।
- मार्कोस ने जांच की पुष्टि की और कहा कि सुरक्षा संबंधी कोई भी आकलन सबूतों पर निर्भर होना चाहिए।
- दुतेर्ते ने चीन के साथ व्यापार को सुरक्षा चिंता मानने पर सवाल उठाया और महाभियोग मामले की मजबूती को चुनौती दी।
- कांग्रेस में एक प्रस्ताव पेश किए जाने की उम्मीद है, लेकिन प्रस्ताव दाखिल करने की तारीख या जांच की समयसीमा घोषित नहीं की गई।
- कोई गलत काम या अनुचित विदेशी प्रभाव साबित नहीं हुआ है।






