500 हेक्टेयर की परियोजना पर राष्ट्रीय हितों को लेकर विवाद
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम ने ईगल हिल्स के साथ सरकार के रासमाले' समझौते की आलोचना की है। उन्होंने 500 हेक्टेयर में फैले विकास के लिए कथित 99 साल की व्यवस्था के सुरक्षा प्रावधानों पर सवाल उठाए। उनकी आलोचना ऐसे समय आई है जब ईगल हिल्स के अध्यक्ष मोहम्मद अलब्बार ऐसी परियोजना को बढ़ावा दे रहे हैं जिसमें 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश, 15,000 निर्माण श्रमिकों और कम से कम 1,500 दुकानों की योजना है।
विषय-सूची
- 500 हेक्टेयर की परियोजना पर राष्ट्रीय हितों को लेकर विवाद
- यामीन ने सरकार की कानूनी चुप्पी को चुनौती दी
- दुबई में हस्ताक्षर से यह तय नहीं होता कि कौन-सा कानून लागू होगा
- अलब्बार ने स्थायी बसावट नहीं, दूसरे घरों की बात कही
- अनुभव के पीछे कौन-सी कंपनी है?
- स्थानीय रोजगार और दुकानें आर्थिक लाभ का आधार
- पैमाना बड़ा है, लेकिन आंकड़े अनुमान हैं
- गाजा पर टिप्पणियों से राजनीतिक विवाद बढ़ा
- जानकारी सार्वजनिक करने की मांग के बीच पुराने विवाद फिर उठे
- मुख्य बिंदु
दोनों पक्षों के तर्क एक ही परियोजना, मालदीव्स वाटरफ्रंट एंड मरीना, से जुड़े हैं। यह माले' के पास समुद्र से हासिल की गई जमीन पर बनाई जा रही है। यामीन का कहना है कि सरकार इसके लाभ और जोखिम स्पष्ट करने में विफल रही है। अलब्बार का कहना है कि इससे मालदीव के कारोबारियों के लिए अवसर पैदा होंगे और विदेशों के खरीदारों को स्थायी रूप से बसने की जगह दूसरा घर मिलेगा।
यह फर्क महत्वपूर्ण है, क्योंकि बहस में कई अलग-अलग मुद्दे शामिल हैं: जमीन पर नियंत्रण, संपत्ति की खरीद, निवास के अधिकार, स्थानीय रोजगार और सरकार द्वारा कारोबारी साझेदार चुनना। परियोजना कैसे संचालित होगी, इस बारे में वादा अपने आप यह तय नहीं करता कि समझौता कानूनी रूप से क्या करने की अनुमति देता है या क्या करने की मांग करता है।
पीपुल्स नेशनल फ्रंट (पीएनएफ) के फ्रंट ऑफिस की रैली में बोलते हुए यामीन ने समझौते को "बिल्कुल ठीक नहीं" और "अपराध" बताया। ये उनके आरोप हैं, गलत काम का कोई स्थापित निष्कर्ष नहीं। उन्होंने यह दावा भी किया कि पूर्व नेता और सरकार के कानूनी अधिकारी इस सौदे पर चर्चा करने की "हिम्मत नहीं करते"।
यामीन ने सरकार की कानूनी चुप्पी को चुनौती दी
यामीन ने खास तौर पर अटॉर्नी जनरल के कार्यालय की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए उचित कानूनी ढांचा नहीं है और राज्य के कानूनी अधिकारी इस बारे में "बात करना बंद कर चुके हैं"। उनका तर्क था कि जमीन के बड़े हिस्से और करीब एक सदी की अवधि से जुड़ी प्रतिबद्धता के बारे में जनता को स्पष्ट जानकारी देना जरूरी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस व्यवस्था से विदेशियों को ऐसे ढंग से बसने की अनुमति मिल सकती है जो राष्ट्रीय हितों को कमजोर करे। उनका यह भी तर्क था कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना व्यापक तटीय जमीन आवंटित करने से तटीय सुरक्षा और पर्यटन उद्योग को जोखिम हो सकता है। ये संभावित परिणामों के बारे में चेतावनियां थीं, इस बात का सबूत नहीं कि वे परिणाम सामने आ चुके हैं।
यामीन ने इस विकास को राष्ट्रीय संसाधनों पर व्यापक बहस के संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा कि आर्थिक लाभ इन संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करके मिलना चाहिए, न कि मुनाफे के नाम पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और मुख्य बंदरगाह जैसी रणनीतिक संपत्तियां बेचकर। इन सुविधाओं का उनका जिक्र इसी व्यापक तर्क का हिस्सा था; इससे यह साबित नहीं होता कि रासमाले' समझौते में इनमें से कोई संपत्ति शामिल है।
दुबई में हस्ताक्षर से यह तय नहीं होता कि कौन-सा कानून लागू होगा
बताया गया है कि समझौते पर दुबई में हस्ताक्षर हुए, जबकि जमीन और नियोजित निवेश मालदीव में हैं। इससे यह आरोप लगा है कि व्यवस्था इस तरह बनाई गई कि मालदीव का कानून लागू न हो। हालांकि, हस्ताक्षर समारोह किस शहर में हुआ, इससे यह तय नहीं होता कि किसी अनुबंध पर कौन-सा कानून लागू होगा या विवाद की सुनवाई किस प्राधिकरण के पास होगी।
ये बातें समझौते के शब्दों और संबंधित कानूनी आवश्यकताओं पर निर्भर करती हैं। लागू कानून की धारा बताती है कि अनुबंध की जिम्मेदारियों की व्याख्या किस कानून के आधार पर होगी। विवाद समाधान की धारा तय करती है कि मतभेद कहां और किस तरह सुलझाए जाएंगे। केवल उस शहर से इनमें से किसी बात का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता जहां हस्ताक्षर हुए।
जमीन पट्टे पर देने और उसका स्वामित्व हस्तांतरित करने में भी फर्क है। आम तौर पर पट्टा किसी तय अवधि के लिए संपत्ति के इस्तेमाल का अधिकार देता है, जबकि स्वामित्व कानूनी हक से संबंधित होता है। निवास की अनुमति एक अलग मामला है। खबरों में 99 साल की व्यवस्था को जमीन आवंटन या पट्टे और निवास कार्यक्रम, दोनों से जोड़ा गया है। इन अधिकारों के बीच सटीक संबंध अब भी स्पष्ट नहीं है।
8 अक्टूबर 2026 के एक बयान में इब्राहिम रिजवान ने तर्क दिया कि संविधान मालदीव की जमीन पर विदेशी स्वामित्व की मनाही करता है और उन्होंने उन जमीन की बिक्री रोकने की मांग की जो उनके मुताबिक जायनिस्ट हितों की पूर्ति करती है। उनका संवैधानिक तर्क यह साबित नहीं करता कि रासमाले' व्यवस्था में स्वामित्व हस्तांतरित किया जा रहा है। इसका निर्धारण समझौते में दिए गए वास्तविक अधिकारों के आधार पर होना चाहिए, न कि पट्टे, संपत्ति खरीद और निवास को एक ही मानकर।
अलब्बार ने स्थायी बसावट नहीं, दूसरे घरों की बात कही
अलब्बार ने इस चिंता पर सीधे बात की है कि विदेशी खरीदार इस परियोजना के जरिए मालदीव में स्थायी रूप से बस जाएंगे। देश के दौरे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईगल हिल्स के अध्यक्ष ने परियोजना का घोषित उद्देश्य बताया:
"मालदीव की परियोजना एक दूसरा घर मुहैया करा रही है," अलब्बार ने कहा।
इस स्पष्टीकरण के मुताबिक, यह परियोजना उन लोगों के लिए ठिकाना होगी जिनका मुख्य निवास कहीं और है। इससे कारोबारी मंशा के स्तर पर आलोचना का जवाब मिलता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि निवास की अनुमति कैसे काम करेगी, खरीदार कितने समय तक रह सकेंगे या पाबंदियां लागू कराई जा सकेंगी या नहीं।
अलब्बार ने यह भी कहा कि उनका कारोबार 20 देशों में सक्रिय है और राष्ट्रीय कानूनों तथा नियमों का सम्मान करता है। अपने अनुभव पर भरोसा करने की अपील करते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा:
"इसलिए मैं चाहता हूं कि हर कोई मुझ पर भरोसा करे। मैं यह पहले भी कर चुका हूं," अलब्बार ने कहा।
उनकी अपील दूसरे स्थानों पर परियोजनाएं पूरी करने के रिकॉर्ड पर आधारित है। यामीन की चुनौती इस बात को लेकर है कि क्या यह खास समझौता मालदीव के हितों की रक्षा करता है। दोनों पक्ष अलग-अलग कसौटियों पर बात कर रहे हैं: विकासकर्ता की निर्माण क्षमता और शर्तों पर नियंत्रण बनाए रखने की राज्य की क्षमता।
अनुभव के पीछे कौन-सी कंपनी है?
अलब्बार के उदाहरणों में ईगल हिल्स और एमार प्रॉपर्टीज के बीच फर्क करना भी जरूरी है। वह दोनों कंपनियों के अध्यक्ष हैं, लेकिन ये अलग-अलग कारोबार हैं। एमार की स्थापना 1997 में हुई थी और बाद में यह बाहरी शेयरधारकों वाली सार्वजनिक कंपनी बनी। ईगल हिल्स 2014 में पंजीकृत हुई और निजी कंपनी है।
अलब्बार ने जिन कई परियोजनाओं का अपने अनुभव के सबूत के तौर पर जिक्र किया, वे केवल ईगल हिल्स की नहीं, बल्कि एमार से जुड़ी हैं। मालदीव्स वाटरफ्रंट एंड मरीना को दोनों कंपनियों की भागीदारी वाली परियोजना बताया गया है, जबकि सरकार का जमीन आवंटन और विवाद के केंद्र में मौजूद समझौता ईगल हिल्स से संबंधित है।
अलब्बार ने कहा कि एमार की शुरुआत से अब तक उन्होंने 450 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की परियोजनाओं का प्रबंधन किया है और कारोबार में 29 साल का अनुभव बताया। यह उनके व्यापक विकास रिकॉर्ड का उनका विवरण है, ईगल हिल्स के मालदीव निवेश का मूल्य नहीं। रासमाले' में निवेश का अनुमान 20 अरब अमेरिकी डॉलर है।
कंपनियों के बीच यह फर्क परियोजना पूरी करने के वादों को परखते समय मायने रखता है। एक ही अध्यक्ष एक कारोबार का अनुभव दूसरे में ला सकता है, लेकिन इससे उनकी वित्तीय स्थिति, स्वामित्व या अनुबंध संबंधी जिम्मेदारियां एक जैसी नहीं हो जातीं। कौन-सी कंपनी परियोजना के लिए धन जुटाएगी, निर्माण करेगी और संचालन संभालेगी, यह समझने के लिए दोनों कंपनियों की जिम्मेदारियों का बंटवारा अहम है।
स्थानीय रोजगार और दुकानें आर्थिक लाभ का आधार
घरेलू लाभ के पक्ष में अलब्बार का तर्क सामान्य निवेश वादे से ज्यादा ठोस है। उनका अनुमान है कि निर्माण के लिए 15,000 श्रमिकों की जरूरत होगी और तैयार परियोजना में कम से कम 1,500 दुकानें होंगी, जिन्हें मालदीव के कारोबारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका यह भी कहना है कि निर्माण सामग्री स्थानीय रूप से उपलब्ध होने पर उसे मालदीव के विक्रेताओं से खरीदा जाना चाहिए।
व्यावसायिक जगहों तक पहुंच के बारे में ईगल हिल्स के अध्यक्ष ने कहा:
यहां 1,500 कारोबारी होंगे और हम इन दुकानों के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देंगे।
प्राथमिकता का मतलब पक्का आवंटन नहीं है। कारोबारियों को जगह देने की शर्तें, जैसे पात्रता, किराया, भुगतान की व्यवस्था और आरक्षित दुकानों का हिस्सा, प्रस्ताव के सार्वजनिक विवरणों में तय नहीं किए गए हैं। इसी तरह, निर्माण श्रमिकों का अनुमान मालदीव के नागरिकों के लिए आरक्षित नौकरियों की पुष्टि नहीं करता।
अलब्बार ने उन कारोबारियों के लिए एक संभावित वित्तपोषण मॉडल बताया जिनके पास विस्तार के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है। ईगल हिल्स स्थानीय दुकान या रेस्तरां के लिए जगह बना सकती है और कारोबार से आमदनी शुरू होने के बाद भुगतान की शुरुआत हो सकती है। इससे कारोबार शुरू करने की शुरुआती लागत कम हो सकती है, हालांकि कारोबारी को इसका कितना लाभ होगा, यह अंतिम भुगतान शर्तों और अन्य शुल्कों पर निर्भर करेगा।
तुलना के लिए अलब्बार ने मिस्र के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित मरासी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां करीब 15,000 मिस्री काम करते हैं और कर्मचारी, ठेकेदार, इंजीनियर तथा अन्य कर्मी स्थानीय हैं। मिस्र में रोजगार का आंकड़ा और मालदीव में निर्माण श्रमिकों का अनुमान एक ही है, लेकिन दोनों अलग बातें बताते हैं। पहला, एक मौजूदा परियोजना में रोजगार के बारे में उनका विवरण है; दूसरा, निर्माण चरण का अनुमान।
पैमाना बड़ा है, लेकिन आंकड़े अनुमान हैं
योजना के मुताबिक 500 हेक्टेयर की परियोजना समुद्र से हासिल पांच वर्ग किलोमीटर जमीन पर फैलेगी। इससे इसका भौतिक पैमाना समझने में मदद मिलती है। हालांकि, इससे यह मान लेना ठीक नहीं होगा कि यह रासमाले' के कुल क्षेत्रफल का कितना हिस्सा है, क्योंकि चर्चा में आए आंकड़ों में व्यापक परियोजना का कुल क्षेत्रफल नहीं बताया गया है।
आर्थिक अनुमान भी बड़े हैं: 20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश और हर साल 10 लाख अतिरिक्त पर्यटक आगमन। ये परियोजना से जुड़ी उम्मीदें हैं, पहले से किया गया निवेश या पहले से आए पर्यटकों की संख्या नहीं। इन आंकड़ों के साथ कोई ऐसी समय-सारिणी नहीं दी गई है जिससे पता चले कि पूरा निवेश या पर्यटन में सालाना बढ़ोतरी कब हासिल होगी।
यह अनुमान निर्माण शुरू करने की अधिक तात्कालिक योजना से भी अलग है। अलब्बार ने कहा कि कंपनी की क्षमता के अधीन, उन्हें उम्मीद है कि व्यावहारिक काम 12 महीनों के भीतर शुरू हो सकता है। उन्होंने इसे बिना शर्त तय तारीख या एक साल में परियोजना पूरी करने का वादा नहीं बताया।
इसलिए रोजगार, खुदरा कारोबार और पर्यटन के आंकड़ों को अलग-अलग समझना चाहिए। निर्माण रोजगार का संबंध परियोजना बनाने से है। दुकानें इसके व्यावसायिक संचालन से जुड़ी हैं। अतिरिक्त पर्यटक आगमन पर्यटन पर इसके अनुमानित असर को दर्शाता है। इन्हें मिलाकर पक्के आर्थिक लाभ का एक ही दावा करने से अलग-अलग चरणों और शर्तों की अनदेखी होगी।
गाजा पर टिप्पणियों से राजनीतिक विवाद बढ़ा
यामीन ने अबू धाबी के कुछ पक्षों के साथ कारोबारी रिश्ते मजबूत करने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका संबंध फलस्तीन में इजराइल की कार्रवाइयों से है। उन्होंने धार्मिक विद्वानों की चुप्पी पर सवाल उठाया और तर्क दिया कि कारोबारी लाभ इन चिंताओं से ऊपर नहीं होना चाहिए। हालांकि, ऐसे संबंधों का उनका आरोप परियोजना के विवरण या अलब्बार के आर्थिक लाभों संबंधी बयानों से स्थापित नहीं होता।
एक अलग विवाद 2026 में दुबई में हुए वन बिलियन समिट में गाजा के पुनर्निर्माण पर पूछे गए सवाल के जवाब में अलब्बार की टिप्पणी को लेकर है। उन्होंने कहा कि वह इसमें भूमिका नहीं निभाएंगे और खुद को परोपकारी सहायता देने वाले के बजाय कारोबारी बताया। उनका तर्क था कि जिन्होंने गाजा को तबाह किया, उन्हें ही इसके पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
इन टिप्पणियों के बाद आलोचना हुई और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार से ईगल हिल्स जैसे पक्षों से दूरी बनाने की मांग उठी। रासमाले' सौदे की जानकारी सार्वजनिक करने की मांगें भी फिर तेज हुईं। हालांकि, पुनर्निर्माण में भूमिका से इनकार करना गाजा के विनाश में शामिल होने का सबूत नहीं है।
रिजवान के अक्टूबर के बयान में इससे अधिक टकराव वाला रुख अपनाया गया। उन्होंने सैनिकों और पुलिस से राजनीतिक नेताओं या दलों से पहले राष्ट्र और नागरिकों के प्रति निष्ठा रखने का आह्वान किया। ये सुरक्षा बलों से उनकी अपीलें थीं, दोनों में से किसी संस्था की घोषित राय नहीं।
जानकारी सार्वजनिक करने की मांग के बीच पुराने विवाद फिर उठे
10 अक्टूबर 2026 की राजनीतिक टिप्पणी में रासमाले' की लंबी अवधि वाली जमीन व्यवस्था के समर्थन की तुलना फाफू एटोल को बेचने के आरोपों पर हुए पुराने प्रदर्शनों और वेलाना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जीएमआर को सौंपने से की गई। इसमें चागोस से जुड़े समुद्री सीमा के फैसलों का विरोध करने और नए विकास का समर्थन करने के बीच असंगति का आरोप भी लगाया गया।
ये तुलनाएं राजनीतिक निरंतरता से जुड़ी हैं, इस बात का सबूत नहीं कि इन सौदों का कानूनी ढांचा एक जैसा है। आलोचना यह है कि राष्ट्रीय संपत्तियों में विदेशी भागीदारी पर रुख सत्ता में कौन है, इसके अनुसार बदलता दिखता है। इसी टिप्पणी में तर्क दिया गया कि फलस्तीन के समर्थन में बहिष्कार से जुड़े सिद्धांत बड़े सरकारी सौदों में पीछे रखे जा रहे हैं।
जिन घटनाओं और बयानों की तारीख दी गई है, उन्हें उन घोषणाओं से अलग रखा जा सकता है जिनकी सटीक तारीख नहीं बताई गई:
- 2026 की शुरुआत: वन बिलियन समिट में अलब्बार ने गाजा के पुनर्निर्माण पर सवाल का जवाब दिया।
- 8 अक्टूबर 2026: रिजवान ने विदेशी जमीन स्वामित्व और सैनिकों व पुलिस के कर्तव्यों पर अपना बयान जारी किया।
- 10 अक्टूबर 2026: एक राजनीतिक टिप्पणी में रासमाले' के समर्थन की तुलना फाफू एटोल, हवाई अड्डे और चागोस से जुड़े पुराने विवादों से की गई।
- तारीख निर्दिष्ट नहीं: अलब्बार ने कंपनी की क्षमता के अधीन मालदीव में व्यावहारिक काम 12 महीनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद जताई।
इन सार्वजनिक बयानों में हस्ताक्षर की कोई सटीक तारीख, निर्माण शुरू करने की पक्की तारीख, पूरा करने की समय-सीमा या निर्धारित कानूनी सुनवाई स्थापित नहीं हुई है। मुख्य अनसुलझे सवाल हैं: जमीन और निवास से जुड़े कौन-से अधिकार दिए गए हैं, कौन-से कानूनी सुरक्षा उपाय लागू होंगे, कंपनियों की जिम्मेदारियां क्या होंगी और स्थानीय कारोबारियों के लिए किए गए वादे लागू किए जा सकने वाले दायित्वों में बदलेंगे या नहीं। इन शर्तों को सार्वजनिक करने से बहस परस्पर विरोधी आश्वासनों और आरोपों से आगे बढ़ सकेगी।
मुख्य बिंदु
- यामीन का आरोप है कि रासमाले' समझौता राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा है और इसके बारे में जनता को पर्याप्त कानूनी जानकारी नहीं दी गई है।
- बताया गया है कि विकास 500 हेक्टेयर में फैला है और इसकी व्यवस्था 99 साल की है।
- अलब्बार का कहना है कि परियोजना स्थायी बसावट के लिए नहीं, बल्कि दूसरे घर उपलब्ध कराने के लिए है।
- अनुमानित लाभों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश, निर्माण में 15,000 श्रमिक, कम से कम 1,500 दुकानें और हर साल 10 लाख अतिरिक्त पर्यटक शामिल हैं।
- स्थानीय कारोबारियों को प्राथमिकता देने का वादा है, लेकिन जगह पाने और भुगतान की विस्तृत शर्तें स्पष्ट नहीं हैं।
- ईगल हिल्स और एमार अलग-अलग कंपनियां हैं, जिनके अध्यक्ष अलब्बार हैं।
- गाजा पर अलब्बार की टिप्पणियों से सौदे की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग और आलोचना तेज हुई है।
- 12 महीनों के भीतर काम शुरू होने की उम्मीद सशर्त है, निर्माण की पक्की समय-सीमा नहीं।






