विवाद के केंद्र में हर सप्ताह की 265 उड़ानें
भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मुंबई हवाई अड्डे से हर सप्ताह संचालित होने वाली 770 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 265 के स्लॉट हटाने की योजना रोक दी है। इस बीच एयरलाइंस और अडानी एयरपोर्ट्स टर्मिनल 1 के पुनर्विकास के दौरान यात्रियों की व्यवस्था करने के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं। प्रस्तावित कटौती से 46 एयरलाइंस प्रभावित होंगी और टर्मिनल 2 से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 34.4% की कमी आएगी। फिलहाल मुंबई की सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यहीं से संचालित होती हैं।
विषय-सूची
- विवाद के केंद्र में हर सप्ताह की 265 उड़ानें
- मंत्रालय ने क्या रोका है
- घरेलू उड़ानों के लिए पुनर्निर्माण का असर अंतरराष्ट्रीय सेवाओं पर क्यों
- एयरलाइंस सुरक्षा संबंधी सबूत और विकल्प चाहती हैं
- क्षमता के आंकड़ों को अलग-अलग संदर्भ में समझना होगा
- किन एयरलाइंस पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
- उड़ान को स्थानांतरित करने के लिए नए टर्मिनल से ज्यादा की जरूरत
- नवी मुंबई में क्षमता, प्रोत्साहन और नई बस सेवा
- वे समयसीमाएं जिनके बाद सरकार ने हस्तक्षेप किया
- किन बातों पर अब भी सहमति जरूरी
- मुख्य बातें
मंत्रालय ने हवाई अड्डा संचालक और एयरलाइंस से 20 अक्टूबर तक साझा सहमति वाली संक्रमण योजना पर काम करने को कहा है। इस मुद्दे पर 13 अक्टूबर को चर्चा होनी है। मंत्रालय के हस्तक्षेप से अक्टूबर में होने वाला बदलाव टल गया है। एयरलाइंस का कहना है कि इससे सर्दियों के उड़ान कार्यक्रम, विमानों की तैनाती और यात्रियों की पहले से की गई बुकिंग प्रभावित होगी।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) टर्मिनल 2 में जगह खाली करना चाहती है, ताकि टर्मिनल 1 के पुनर्निर्माण के कारण विस्थापित होने वाले सालाना लगभग 50 लाख घरेलू यात्रियों की व्यवस्था की जा सके। प्रभावित अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को लगभग 50 किलोमीटर दूर नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थानांतरित किया जाएगा या अस्थायी रूप से मुंबई से उनका संचालन रोक दिया जाएगा। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) दोनों हवाई अड्डों का संचालन करती है।
विवाद इस बात पर नहीं है कि टर्मिनल 1 का पुनर्निर्माण होना चाहिए या नहीं। एयरलाइंस पुनर्विकास का समर्थन करती हैं, लेकिन स्थापित स्लॉट छोड़ने पर सहमत होने से पहले प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कटौती के पीछे के सुरक्षा आकलन, क्षमता गणना और विकल्प देखना चाहती हैं। AAHL का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी है, निर्माण के लिए जरूरी है और इसे संभाला जा सकता है, क्योंकि नवी मुंबई सालाना 50 लाख तक अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सेवा दे सकता है।
मंत्रालय ने क्या रोका है
सरकार ने पुनर्विकास योजना छोड़ने के बजाय बदलाव को कुछ हफ्तों के लिए टालने का प्रस्ताव दिया है। संशोधित योजना के लिए संबंधित पक्षों की सहमति और जरूरी नियामकीय मंजूरियां अपेक्षित हैं। एयरलाइंस की सहमति के दस्तावेज मंत्रालय द्वारा हवाई अड्डे की प्रमुख विकास योजना पर विचार के दौरान देखे जाएंगे। इस योजना में बुनियादी ढांचे और परिचालन संबंधी बदलाव शामिल हैं।
मूल योजना लागू होने की तारीख को लेकर खबरों में अंतर है। कई खबरों में प्रस्तावित बदलाव की तारीख 25 अक्टूबर बताई गई है, जबकि MIAL के संदेश के विवरण में 26 अक्टूबर से स्लॉट बंद करने और टर्मिनल 2 की सुविधाओं का पुनः आवंटन करने की बात है। मंत्रालय की बैठक की अध्यक्षता किसने की, इसे लेकर भी खबरें अलग-अलग हैं: एक रिपोर्ट में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा का नाम है, जबकि दूसरी में वुमलुनमंग वुअलनाम का। इन विसंगतियों का समाधान नहीं हुआ है।
हालांकि, मुख्य नतीजे को लेकर खबरों में सहमति है: मौजूदा बदलाव को आगे की चर्चा लंबित रहने तक टाल दिया गया है। बातचीत में एयरलाइंस, AAHL, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और एयरलाइन उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिनिधित्व करने वाली एयरलाइंस में इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर शामिल थीं।
घरेलू उड़ानों के लिए पुनर्निर्माण का असर अंतरराष्ट्रीय सेवाओं पर क्यों
MIAL की योजना जनवरी 2027 में टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से का पुनर्निर्माण शुरू करने की है। AAHL का कहना है कि टर्मिनल की उम्र और उसकी संरचनात्मक स्थिति के कारण काम टाला नहीं जा सकता। टर्मिनल लगभग 60 साल पुराना है। प्रस्तावित पुनर्विकास से टर्मिनल 1 की सालाना यात्री क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर 2 करोड़ हो जाएगी। यानी 50 लाख या लगभग 33% की वृद्धि होगी।
निर्माण के दौरान MIAL को उम्मीद है कि सालाना लगभग 50 लाख घरेलू यात्रियों को टर्मिनल 2 में जगह देनी होगी। उसकी योजना है कि वहां की अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली सुविधाएं, जिनमें चेक-इन काउंटर, बैगेज बेल्ट, बोर्डिंग गेट और परिचालन कार्यालय की जगह शामिल हैं, घरेलू उड़ानों के लिए उपलब्ध कराई जाएं।
यह अंतर महत्वपूर्ण है: तत्काल दबाव निर्माण के दौरान यात्रियों की आवाजाही संभालने की क्षमता पर है, जबकि प्रस्तावित जवाब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्लॉट घटाना है। स्लॉट किसी विमान के आगमन या प्रस्थान के लिए आवंटित समय होता है। यात्री क्षमता और प्रस्थान स्लॉट अलग-अलग चीजें मापते हैं, इसलिए केवल एक के आधार पर जरूरी कटौती तय नहीं की जा सकती।
एयरलाइंस ने पूछा है कि प्रस्तावित कटौती की गणना यात्रियों की संख्या, टर्मिनल क्षमता, उड़ानों की आवाजाही या स्लॉट के आधार पर की गई है। वे यह भी जानना चाहती हैं कि टर्मिनल 1 से हटने वाले घरेलू परिचालन की व्यवस्था टर्मिनल 2 से अंतरराष्ट्रीय सेवाएं हटाए बिना अन्य तरीकों से क्यों नहीं की जा सकती।
एयरलाइंस सुरक्षा संबंधी सबूत और विकल्प चाहती हैं
मुंबई में एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाली एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी ने 13 अक्टूबर की बैठक से पहले एजेंडे में छह मुद्दे शामिल करने का अनुरोध किया। उसकी मांगें पुनर्निर्माण के औचित्य, निर्माण के दौरान उपलब्ध क्षमता और हटाई जाने वाली उड़ानों के चयन की प्रक्रिया से जुड़े सबूतों पर केंद्रित हैं।
कमेटी ने हवाई अड्डा संचालक को एक ईमेल में स्वतंत्र तकनीकी सबूतों की मांग का कारण बताया:
विभिन्न मंचों पर MIAL ने T1 की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर बातें कही हैं। AOC ऐसी किसी भी स्वतंत्र सलाहकार रिपोर्ट की समीक्षा करना चाहेगी, जिसमें इन चिंताओं की पुष्टि की गई हो,
मांगे गए एजेंडे में शामिल हैं:
- टर्मिनल 1 की संरचनात्मक सुरक्षा पर स्वतंत्र सलाहकारों की रिपोर्टें।
- चरणों, तकनीकी आकलन, समयसीमा और क्षमता पर असर सहित विस्तृत पुनर्विकास योजना।
- टर्मिनल 2 के प्रस्तावित विस्तार की स्थिति, दायरा और समयसीमा।
- 2026 के दौरान दोनों टर्मिनलों में हर महीने क्षमता का उपयोग, उपलब्ध या घोषित क्षमता की तुलना में।
- विचार किए गए विकल्प, जिनमें यात्रियों की आवाजाही के लिए अस्थायी सुविधा शामिल है।
- क्षमता घटने पर मंत्रालय के स्लॉट आवंटन दिशानिर्देशों का अनुपालन।
रिपोर्ट मांगने का अर्थ यह नहीं है कि टर्मिनल सुरक्षित या असुरक्षित है। इससे पता चलता है कि पुनर्निर्माण योजना के परिचालन नतीजों को स्वीकार करने से पहले एयरलाइंस किन तकनीकी सबूतों की समीक्षा करना चाहती हैं।
क्षमता के आंकड़ों को अलग-अलग संदर्भ में समझना होगा
AAHL का कहना है कि लगभग 50 लाख यात्रियों, यानी मुंबई हवाई अड्डे के सालाना यातायात के 9% को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जाएगा और करीब 91% पर असर नहीं पड़ेगा। वित्त वर्ष 2026 में मुंबई से लगभग 3.8 करोड़ घरेलू और 1.6 करोड़ से अधिक अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने सफर किया। दोनों आंकड़े मिलाकर 5.4 करोड़ से अधिक होते हैं, जिनमें 50 लाख लगभग 9% है।
यह तुलना अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान स्लॉट में प्रस्तावित 34.4% कटौती के विरोधाभासी नहीं है। दोनों प्रतिशतों के आधार अलग हैं: एक हवाई अड्डे के सभी यात्रियों से संबंधित है, जबकि दूसरा केवल अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान उड़ानों से। इनमें से कोई भी प्रतिशत अपने आप यह नहीं बताता कि प्रभावित उड़ानों में कितने यात्री सफर करेंगे, क्योंकि विमानों का आकार और उनमें यात्रियों की संख्या अलग-अलग होती है।
एयरलाइंस एक और आंकड़े की ओर ध्यान दिलाती हैं: बताया जाता है कि टर्मिनल 1 सालाना लगभग एक करोड़ यात्रियों को संभालता है, जबकि उसकी घोषित क्षमता 1.5 करोड़ है। यह घोषित सालाना क्षमता का लगभग दो-तिहाई है। हालांकि सालाना कुल आंकड़ों से यह पता नहीं चलता कि कुछ खास घंटों या सुविधाओं में भीड़ होती है या नहीं, अथवा निर्माण के हर चरण में कितनी जगह अनुपलब्ध होगी। मांगा गया मासिक डेटा और विस्तृत पुनर्विकास योजना इन सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए है।
टर्मिनल 2 का प्रस्तावित विस्तार भी बातचीत का अहम मुद्दा है। इससे सालाना लगभग 50 लाख यात्रियों की अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की उम्मीद थी। यह उतनी ही संख्या है, जितने घरेलू यात्रियों को MIAL के अनुसार कहीं और जगह देनी होगी। एयरलाइंस इसकी स्थिति और पूरा होने की समयसीमा जानना चाहती हैं, हालांकि केवल सालाना आंकड़ों का समान होना यह साबित नहीं करता कि विस्तार प्रस्तावित स्थानांतरण का विकल्प बन सकता है।
किन एयरलाइंस पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
मुंबई से इंडिगो की हर सप्ताह की 224 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 74 के स्लॉट हटेंगे, यानी लगभग 33%। एयर इंडिया की 100 में से 33 और अकासा एयर की 32 में से 11 उड़ानें प्रभावित होंगी, जो लगभग 34.4% है। इन तीनों एयरलाइंस की उड़ानें मिलाकर प्रस्तावित 265 कटौतियों में से 118 हैं, यानी करीब 44.5%।
एमिरेट्स और एतिहाद एयरवेज की हर सप्ताह की 28 उड़ानों में से 10-10 स्थानांतरित होंगी, यानी लगभग 35.7%। ब्रिटिश एयरवेज और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 21-21 उड़ानों में से सात-सात स्थानांतरित होंगी। कम उड़ानें संचालित करने वाली कई एयरलाइंस को अनुपात के हिसाब से बड़ी कटौती झेलनी पड़ेगी: सात में से तीन उड़ानें हटाने का मतलब लगभग 42.9% की कमी है, जबकि चार में से दो हटाने का मतलब आधी उड़ानें कम होना है।
इन अंतरों से समझ आता है कि एयरलाइंस प्रस्ताव को एक समान 33% कटौती मानने के बजाय उड़ानों के चयन का तरीका क्यों जानना चाहती हैं। सप्ताह में कुछ ही उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइन के लिए दो हवाई अड्डों से परिचालन करने का अर्थ कुछ उड़ानों के लिए अलग टीमें और सेवा व्यवस्थाएं बनाए रखना हो सकता है।
MIAL ने एयरलाइंस से 6 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक उन स्लॉट की जानकारी देने को कहा था जिन्हें वे बंद करेंगी। उसने कहा था कि एयरलाइंस के जवाब नहीं देने पर वह परिचालन क्षमता और क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं के आधार पर खुद स्लॉट चुनेगी। मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद संशोधित समझौते पर काम के दौरान यह प्रस्तावित प्रक्रिया रोक दी गई है।
उड़ान को स्थानांतरित करने के लिए नए टर्मिनल से ज्यादा की जरूरत
एयरलाइंस का कहना है कि स्थानांतरण के लिए ग्राउंड हैंडलिंग, विमान रखरखाव, खानपान, कार्गो, चालक दल के परिवहन और आवास की व्यवस्था करनी होगी। विदेशी एयरलाइंस को अपनी वैश्विक प्रबंधन टीमों से मंजूरी भी लेनी पड़ सकती है। यात्री कनेक्शन एक और चिंता है, खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय उड़ान उस हवाई अड्डे से हटे जहां उसकी घरेलू कनेक्टिंग उड़ानें आती-जाती हैं।
120 देशों की 370 से अधिक एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाली इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने 9 सितंबर को मंत्रालय को लिखे पत्र में प्रस्ताव को "जबरन स्थानांतरण" बताया। उसने परिचालन, वाणिज्यिक और नियामकीय चिंताएं उठाईं और कहा कि कोई भी बदलाव स्वैच्छिक होना चाहिए।
एयर फ्रांस और KLM के महाप्रबंधक स्टीफन गुमुसेली ने कहा कि परिचालन को दो जगहों पर बांटने से दक्षता घटेगी, टीमें और ग्राउंड हैंडलिंग की व्यवस्थाएं बंटेंगी तथा एयरलाइंस के लंबी दूरी वाले नेटवर्क का प्रबंधन जटिल होगा। एयरलाइंस का यह भी कहना है कि उनके सर्दियों के उड़ान कार्यक्रम और विमानों की योजनाएं लगभग तय हो चुकी हैं, इसलिए अक्टूबर में बदलाव करना खास तौर पर मुश्किल होगा।
एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी ने संचालक को भेजे संदेश में सहमति को लेकर अपना रुख बताया:
जरूरी आंकड़ों, विस्तृत योजना और उचित परामर्श के बिना एयरलाइंस अपने मौजूदा परिचालन या स्लॉट में किसी भी एकतरफा कटौती, स्थानांतरण या उससे जुड़े बदलावों पर सहमति नहीं दे सकतीं,
AAHL का कहना है कि पुनर्विकास के बाद मुंबई के ऐतिहासिक स्लॉट बहाल किए जाएंगे और अतिरिक्त स्लॉट भी दिए जाएंगे। खबरों में हुई चर्चाओं के दौरान काम पूरा होने की तारीख और बहाली की विस्तृत व्यवस्था तय नहीं हुई है। इसलिए एयरलाइंस यह स्पष्टता चाहती हैं कि बदलाव वास्तव में कितने समय के लिए होगा।
नवी मुंबई में क्षमता, प्रोत्साहन और नई बस सेवा
AAHL का कहना है कि नवी मुंबई सालाना 50 लाख तक अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने के लिए तैयार है। वहां सड़क संपर्क, खानपान, लाउंज, होटल और यात्रियों के लिए अन्य सेवाएं उपलब्ध हैं। अंतरराष्ट्रीय परिचालन के प्रस्तावित पैमाने को संभालने की हवाई अड्डे की क्षमता को लेकर एयरलाइंस की चिंताओं का यह उसका जवाब है।
संचालक ने नवी मुंबई से शुरू होने वाली नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग शुल्क में 100% छूट की पेशकश की है। उसने यूजर डेवलपमेंट फीस के अंतर की भरपाई के लिए नकद वाउचर देने का भी प्रस्ताव रखा है। यह यात्रियों से लिया जाने वाला शुल्क है, जिसका इस्तेमाल हवाई अड्डे के विकास में किया जाता है। खबरों के अनुसार, नवी मुंबई में अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान शुल्क 1,225 रुपये और मुंबई में 615 रुपये है, यानी 610 रुपये का अंतर। नवी मुंबई के शुल्क की अंतिम व्यवस्था पर मंत्रालय विचार कर रहा है।
शुल्क के अलावा भी व्यावसायिक चिंताएं हैं। नवी मुंबई से निर्धारित उड़ानों की संख्या मई में 2,204 से घटकर सितंबर में 1,497 रह गई, यानी 707 या लगभग 32% की गिरावट। बताया गया है कि इस अवधि में इंडिगो की उड़ानें 30% और अकासा एयर की उड़ानें 75% घटीं। ये आंकड़े निर्धारित उड़ानों में कमी दिखाते हैं, लेकिन अपने आप इसकी वजह या अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को संभालने की हवाई अड्डे की क्षमता स्थापित नहीं करते।
7 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम ने दादर से नवी मुंबई हवाई अड्डे तक बस सेवा शुरू की, जिससे सड़क परिवहन का एक नया संपर्क जुड़ा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि मांग के अनुसार और सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। सेवा के उद्देश्य के बारे में उन्होंने कहा:
यह बस सेवा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एसटी के व्यापक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे हवाई यात्रियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी लाभ होगा,
प्रस्तावित स्थानांतरण की राजनीतिक आलोचना भी हुई है। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने हवाई अड्डा संचालक पर मुंबई के निवासियों से "ज्यादा वसूली" करने का आरोप लगाया। यह एक राजनीतिक आरोप है, जो तकनीकी और व्यावसायिक सबूतों की एयरलाइंस की मांग से अलग है।
वे समयसीमाएं जिनके बाद सरकार ने हस्तक्षेप किया
मंत्रालय द्वारा बदलाव रोकने से पहले परामर्श के अनुरोधों और समयसीमाओं के बीच असहमति बढ़ी:
- अगस्त 2026: टर्मिनल 1 के पुनर्विकास के दौरान अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को स्थानांतरित करने पर MIAL ने चर्चा शुरू की।
- 9 सितंबर: IATA ने प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर मंत्रालय से हस्तक्षेप करने को कहा।
- 16 सितंबर: MIAL ने बदलाव से जुड़ी बैठक की। उसका कहना है कि कई एयरलाइंस इसमें शामिल नहीं हुईं।
- 25 सितंबर: एयरलाइंस की बदलाव योजनाएं जमा करने की MIAL की समयसीमा समाप्त हुई। उसका कहना है कि कई एयरलाइंस ने जवाब नहीं दिया।
- 6 अक्टूबर: प्रभावित स्लॉट की जानकारी देने के लिए एयरलाइंस के पास शाम 4 बजे तक का समय था। मंत्रालय ने मौजूदा योजना को टालने के लिए हस्तक्षेप किया।
- 7 अक्टूबर: दादर से नवी मुंबई हवाई अड्डे की बस सेवा शुरू हुई।
- 13 अक्टूबर: एयरलाइंस और हवाई अड्डा संचालक संशोधित बदलाव योजना और मांगे गए सबूतों पर चर्चा करेंगे।
- 20 अक्टूबर: संबंधित पक्षों से मंत्रालय की समीक्षा के लिए योजना को अंतिम रूप देने की उम्मीद है।
- जनवरी 2027: टर्मिनल 1B का पुनर्निर्माण शुरू होने वाला है।
परामर्श के इतिहास को लेकर भी विवाद है। AAHL के मुख्य कार्यकारी अरुण बंसल का कहना है कि टर्मिनल 1 के भविष्य पर 2020 से चर्चा जारी है और पुनर्विकास योजना भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण के सामने रखी गई थी। एयरलाइंस ने बैठकों के कार्यवृत्त और दर्ज नतीजे मांगे हैं। उनका कहना है कि अडानी ने मुंबई हवाई अड्डे का संचालन 2021 के मध्य में ही संभाला था। अन्य एयरलाइन प्रतिनिधियों ने कहा कि बदलाव पर चर्चा लगभग 18 महीने से चल रही है।
किन बातों पर अब भी सहमति जरूरी
अक्टूबर की बैठकों में सिर्फ नई शुरुआत की तारीख तय करना काफी नहीं होगा। एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय उड़ानें घटाने का तकनीकी आधार, निर्माण योजना, टर्मिनल 2 में उपलब्ध क्षमता और स्लॉट चुनने तथा बहाल करने के नियम जानना चाहती हैं। संचालक को यह भी देखना होगा कि क्या वैकल्पिक यात्री सुविधाएं या टर्मिनल 2 का प्रस्तावित विस्तार विस्थापित घरेलू यातायात का कुछ हिस्सा संभाल सकता है।
मुंबई में रनवे की सीमाएं एक अलग पहलू हैं। हवाई अड्डे पर एक ही रनवे है, जहां प्रति घंटे लगभग 46 विमानों की आवाजाही होती है। इसे बढ़ाकर 52 से 55 करने की कोशिश की जा रही है। टर्मिनल की यात्री क्षमता बढ़ने से रनवे की क्षमता अपने आप नहीं बढ़ती, ठीक वैसे ही जैसे चेक-इन काउंटरों का स्थान बदलने से एयरलाइंस के कर्मचारियों या यात्रियों के कनेक्शन की व्यवस्थाएं तय नहीं होतीं।
फिलहाल स्थानांतरण की कोई संशोधित तारीख तय नहीं हुई है। 20 अक्टूबर की समीक्षा अगला फैसला लेने का पड़ाव है, यात्रियों के लिए हवाई अड्डा बदलने की कोई पुष्ट समयसीमा नहीं। अभी अंतिम उड़ान सूची, नियामकीय मंजूरियां, यात्री शुल्क की व्यवस्था और पुनर्निर्माण के बाद सेवाओं को मुंबई लौटाने की व्यावहारिक शर्तों पर सहमति बाकी है।
मुख्य बातें
- मंत्रालय ने मुंबई के टर्मिनल 2 से हर सप्ताह संचालित होने वाली 770 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 265 के स्लॉट घटाने का प्रस्ताव रोक दिया है। इससे 46 एयरलाइंस प्रभावित होंगी।
- MIAL टर्मिनल 1 के पुनर्विकास के कारण विस्थापित होने वाले सालाना लगभग 50 लाख घरेलू यात्रियों के लिए टर्मिनल 2 में जगह चाहती है।
- एयरलाइंस पुनर्निर्माण का समर्थन करती हैं, लेकिन सुरक्षा रिपोर्ट, क्षमता के आंकड़े, विकल्प और स्लॉट आवंटन की सहमत प्रक्रिया चाहती हैं।
- 13 अक्टूबर को चर्चा होनी है, जिसके बाद लगभग 20 अक्टूबर को मंत्रालय समीक्षा करेगा।
- AAHL नवी मुंबई के लिए लैंडिंग शुल्क में छूट और यात्री वाउचर दे रही है, लेकिन शुल्क की अंतिम व्यवस्था तय नहीं है।
- टर्मिनल 1 का पुनर्निर्माण जनवरी 2027 में शुरू होने वाला है। इससे सालाना क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर 2 करोड़ यात्री होगी।
- उड़ानों के स्थानांतरण की संशोधित तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।






