पर्यटन महाशक्ति का उदय
चीन का यात्रा और पर्यटन क्षेत्र अभूतपूर्व विस्तार का अनुभव कर रहा है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के नए आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में देश की पर्यटन अर्थव्यवस्था 9.9 प्रतिशत बढ़ी। यह वृद्धि दर वैश्विक औसत से दोगुने से भी अधिक है और इससे दशक के अंत से पहले चीन के दुनिया की सबसे बड़ी पर्यटन अर्थव्यवस्था के रूप में अमेरिका को पीछे छोड़ने की संभावना बनती है। 2025 में जहां अमेरिका ने वैश्विक पर्यटन GDP में लगभग 2.6 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दिया, वहीं चीन का योगदान 1.8 ट्रिलियन डॉलर रहा। लेकिन दोनों देशों की अलग-अलग विकास दर एक अहम तस्वीर पेश करती है। पिछले साल अमेरिकी बाजार 1 प्रतिशत से भी कम बढ़ा, जबकि चीन दो अंकों की वृद्धि के करीब पहुंचा। अमेरिका के पर्यटन राजस्व में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद चीन में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का खर्च 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ा।
विषय-सूची
यह बदलाव केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है। विदेशी यात्री चीन के साथ अपने जुड़ाव का तरीका बुनियादी रूप से बदल रहे हैं। वे तेजी से दर्शनीय स्थलों पर जाकर तस्वीरें खिंचवाने के बजाय गहरे सांस्कृतिक अनुभवों को तरजीह दे रहे हैं। चीन का विदेश मंत्रालय इस बदलाव को "चीन का अनुभव करने" से "चीन में घुलने-मिलने" की ओर बढ़ने के रूप में बताता है। व्यवहार में यह बदलाव और नीतियों में व्यापक ढील संकेत देती है कि पर्यटन में उछाल महामारी के बाद की अस्थायी वापसी नहीं, बल्कि एक ढांचागत बदलाव है। WTTC की अध्यक्ष और CEO ग्लोरिया ग्वेरा ने इस रुझान के महत्व की पुष्टि करते हुए कहा कि मौजूदा वृद्धि जारी रहने पर चीन तीन से चार साल में अमेरिका से अंतर घटा देगा।
50 देशों के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश
चीन में पर्यटन की तेज वृद्धि का आधार उसकी तेजी से विस्तारित होती वीजा-मुक्त नीति है। अब इसमें करीब 50 देश शामिल हैं, जिनके नागरिकों को एकतरफा आधार पर 30 दिन तक प्रवेश की सुविधा मिलती है। फरवरी 2026 में यूनाइटेड किंगडम और कनाडा को इस सूची में शामिल किया गया, जो उत्तर अमेरिकी बाजारों में रणनीतिक विस्तार का संकेत है। इन फैसलों से पहले प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और मार्क कार्नी की उच्चस्तरीय राजनयिक यात्राएं हुई थीं। दोनों नेताओं ने अपने-अपने देशों में इन व्यवस्थाओं को कारोबारी यात्रियों और मध्यमवर्गीय पर्यटकों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। फाइव आइज खुफिया गठबंधन में अब केवल अमेरिका को यह सुविधा नहीं मिली है; ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को 2024 में वीजा-मुक्त प्रवेश मिला था।
आधिकारिक आंकड़े इस नीति के तात्कालिक असर की पुष्टि करते हैं। 2026 की पहली तिमाही में वीजा-मुक्त प्रवेश साल-दर-साल करीब 30 प्रतिशत बढ़ा। राष्ट्रीय आव्रजन प्रशासन के अनुसार, इस दौरान कुल विदेशी आगमन में वीजा-मुक्त यात्रियों की हिस्सेदारी 77.9 प्रतिशत रही। 240 घंटे की वीजा-मुक्त ट्रांजिट नीति अब 65 निर्धारित बंदरगाहों पर लागू है। वहीं, 13 तटीय शहरों में क्रूज जहाजों के यात्रियों और हैनान तथा पर्ल रिवर डेल्टा जैसे क्षेत्रों में आने वाले टूर समूहों के लिए विशेष व्यवस्थाएं हैं। पात्र यात्रियों को चीनी दूतावासों को पहले से सूचना देने की जरूरत नहीं होती, हालांकि उनके पास कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट और वापसी का पुष्ट टिकट होना चाहिए।
एकतरफा छूट के अलावा, चीन के 29 देशों के साथ पारस्परिक वीजा-मुक्त समझौते हैं और करीब 55 देशों के यात्रियों के लिए 24 से 240 घंटे तक की अल्पकालिक ट्रांजिट योजनाएं उपलब्ध हैं। अक्टूबर 2025 में अधिकारियों ने खास तौर पर युवा STEM स्नातकों को आकर्षित करने के लिए K-वीजा शुरू किया, जो अमेरिकी H-1B कार्यक्रम का सीधा विकल्प है। विश्लेषकों के मुताबिक, यह कई स्तरों वाली व्यवस्था चीन के आधुनिक इतिहास की सबसे खुली सीमा नीति है। इसे विदेश, गृह, अर्थव्यवस्था और पर्यटन समेत कई मंत्रालयों के बीच तालमेल से लागू किया जा रहा है।
प्रसिद्ध स्थलों से रोजमर्रा की जिंदगी तक
चीन आने वाले मौजूदा दौर के पर्यटक पारंपरिक पर्यटन मार्गों को छोड़कर तेजी से प्रामाणिक सांस्कृतिक अनुभवों की ओर बढ़ रहे हैं। वे केवल महान दीवार या निषिद्ध शहर तक सीमित रहने के बजाय कलाकृतियों के संरक्षण की कार्यशालाओं में भाग लेते हैं, दुनहुआंग में प्राचीन भित्तिचित्रों का अध्ययन करते हैं, वूयी पर्वतों में चाय समारोह सीखते हैं और शीआन में छिनछ्यांग ओपेरा का अभ्यास करते हैं। उद्योग विशेषज्ञ जिसे "एक दिन के लिए चीनी बनना" कहते हैं, उसकी ओर यह बदलाव केवल जिज्ञासावश दर्शनीय स्थल देखने से आगे बढ़कर वास्तविक सांस्कृतिक समझ की ओर इशारा करता है। यह रुझान खासकर जेनरेशन Z के यात्रियों में दिखता है, जो तस्वीरें खींचने से ज्यादा अनुभवों को महत्व देते हैं।
दूसरे और तीसरे दर्जे के शहर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का बढ़ता ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। शंघाई, बीजिंग, ग्वांगझोउ और शेनझेन मुख्य प्रवेश-द्वार बने हुए हैं, लेकिन छंगदू, शीआन, गुइलिन और कुनमिंग जैसे शहरों में विदेशी पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 2026 के नववर्ष के दौरान सान्या और जिययांग के लिए उड़ानों की बुकिंग दोगुनी हो गई, जबकि ताइयुआन, चांगझोउ और कुनमिंग में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। नानचोंग, दछिंग और ऑर्डोस जैसी छोटी नगरपालिकाओं में भी विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसमें तीसरे और चौथे दर्जे के शहरों तक पहुंचे तेज रफ्तार रेल नेटवर्क और बेहतर क्षेत्रीय हवाई संपर्क की भूमिका है, जिसने दूरदराज के आकर्षणों तक पहुंचने की "आखिरी दूरी" की समस्या को हल किया है।
पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर धारणा इस बदलाव में अहम भूमिका निभाती है। विदेशी यात्री सुरक्षित सड़कों, अलीपे और वीचैट पे के जरिए आसान मोबाइल भुगतान और तेज रफ्तार रेल की सुविधा को लगातार निर्णायक कारण बताते हैं। न्यूयॉर्क की पर्यटक इरेन हेल्परिन ने लिजियांग यात्रा के दौरान अपने अनुभव की तुलना यूरोप की यात्रा से करते हुए कहा कि चीन में वह अपना फोन खुलेआम लेकर चल सकती थीं, जबकि कई अन्य जगहों पर सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है। सुरक्षा का यह एहसास और सुगम डिजिटल ढांचा यात्रियों को कड़ी निगरानी वाले पर्यटन क्षेत्रों से बाहर, रिहायशी इलाकों और उन स्थानीय बाजारों तक जाने का भरोसा देता है जिन्हें पहले विदेशियों की पहुंच से बाहर माना जाता था।
विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव
विदेशी पर्यटकों की बढ़ती आमद कई उद्योगों में बड़े आर्थिक लाभ पैदा कर रही है। चीन के लक्जरी होटल क्षेत्र को विकास के नए अवसर मिले हैं। द पेनिनसुला बीजिंग जैसे होटलों में अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की हिस्सेदारी लगभग बराबर है। शंघाई में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि बीजिंग में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और मेक्सिको से आने वाले राजनयिकों, कारोबारी यात्रियों और दोबारा छुट्टियां मनाने आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। बढ़ती मांग पूरी करने के लिए आतिथ्य उद्योग में रोजगार 20 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।
खुदरा और सेवा क्षेत्र विदेशी पर्यटकों के खर्च को आकर्षित करने के लिए तेजी से बदलाव कर रहे हैं। बीजिंग ने प्रस्थान पर कर-वापसी के लिए न्यूनतम खरीद सीमा 500 युआन से घटाकर 200 युआन कर दी, नकद रिफंड की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 20,000 युआन की और पर्यटक क्षेत्रों, परिवहन केंद्रों, हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों तथा भूमि सीमा चौकियों तक मान्यता प्राप्त कर-वापसी दुकानों का विस्तार किया। इन बदलावों से कर-वापसी योग्य वस्तुओं की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई। इसके अलावा, जल्द शुरू होने वाले "प्रस्थान कर-वापसी 2.0" उन्नयन में खर्च की न्यूनतम सीमा और घटाई जाएगी तथा इसमें शामिल दुकानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे खासकर हैनान के शुल्क-मुक्त खरीदारी क्षेत्र को लाभ होगा।
प्रौद्योगिकी मंच भी पर्यटकों की आमद का लाभ उठा रहे हैं। ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी टोंगछेंग ट्रैवल ने हाल ही में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एक समाधान पेश किया है, जो यात्रा कार्यक्रम बनाने से लेकर उड़ानों और होटलों की बुकिंग तक पूरे सफर में यात्रियों का मार्गदर्शन करता है। वहीं, Trip.com ने हैनान प्रांत के साथ मिलकर 730,000 डॉलर का उड़ान वाउचर अभियान शुरू किया है। इसके तहत हाइकोउ या सान्या के लिए आने-जाने के टिकट बुक करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 400 से 600 युआन तक की छूट दी जाएगी। ऐसी पहल दिखाती हैं कि प्रांतीय सरकारें पर्यटन के लाभों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय नीति के साथ लक्षित प्रोत्साहन भी दे रही हैं।
वैश्विक रुझानों से रणनीतिक अंतर
चीन ने ऐसे समय में अपनी सीमाएं खोलनी शुरू की हैं, जब अन्य देशों में पाबंदियां सख्त हो रही हैं। इससे रणनीतिक स्तर पर स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। लंबे समय तक वैश्विक पर्यटन में अग्रणी रहे अमेरिका में 2025 के दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या 5.5 प्रतिशत घट गई। इसकी वजह सख्त आव्रजन नियंत्रण और सीमा पर बढ़ी जांच-पड़ताल रही। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने अप्रैल से जून 2025 के बीच इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की करीब 15,000 तलाशी लीं, जबकि प्रवेश चौकियों पर हिरासत के मामले भी बिना स्पष्टीकरण बढ़े। इसके बाद कनाडा, जर्मनी, ब्रिटेन, डेनमार्क और नीदरलैंड समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश के जोखिमों के बारे में चेतावनी दी, जिससे पर्यटकों का रुख सीधे अधिक स्वागत करने वाले गंतव्यों की ओर मुड़ गया।
इसी तरह, थाईलैंड ने अप्रैल 2026 में घोषणा की कि वह 60 दिन की वीजा-मुक्त सुविधा को खत्म कर देश-दर-देश जांच व्यवस्था लागू कर सकता है। इसका उद्देश्य "अनचाहे पर्यटकों" को छांटना है, जबकि 90 प्रतिशत पर्यटक 30 दिन से कम समय के लिए ही ठहरते हैं। इस सख्त रुख के उलट चीन अपनी पहुंच बढ़ा रहा है और वैश्विक विखंडन के दौर में खुद को संपर्क और जुड़ाव पर केंद्रित शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है। WTTC की अध्यक्ष ग्वेरा के मुताबिक, चीन के उभार के समय अमेरिका बाजार हिस्सेदारी खो रहा है। इससे बीजिंग के लिए अधिक खर्च करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित करने का अवसर बन रहा है।
इसके राजनयिक निहितार्थ पर्यटन अर्थव्यवस्था से भी आगे जाते हैं। कारोबारी पेशेवरों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की यात्रा सुगम बनाकर चीन ऐसे संपर्क मार्ग तैयार करता है जो औपचारिक कूटनीति को पूरक बनाते हैं। जनवरी 2026 में चीन की यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री स्टार्मर और कार्नी ने वीजा-मुक्त सुविधा के नतीजों को प्रमुखता से उठाया। इससे संकेत मिला कि वे समझते हैं कि लोगों के बीच आदान-प्रदान प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और व्यापार में व्यापक द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देता है। "देखना ही विश्वास करना है" का यह तरीका अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को चीन के विकास को प्रत्यक्ष रूप से देखने का मौका देता है, जिससे मीडिया के जरिए छनकर आने वाली नकारात्मक छवियों का जवाब सीधे अनुभव से दिया जा सकता है।
प्रांतीय नवाचार और बाजारों में विविधता
हैनान प्रांत इसका उदाहरण है कि स्थानीय प्रशासन राष्ट्रीय नीति का लाभ उठाकर किस तरह विशेष पर्यटन उत्पाद तैयार कर सकता है। 86 देशों और क्षेत्रों के नागरिकों को वीजा-मुक्त प्रवेश देने वाले इस द्वीप में 2026 की पहली तिमाही में 495,000 से अधिक विदेशी पर्यटक आए, जो साल-दर-साल 54 प्रतिशत की वृद्धि है। आम समुद्री पर्यटन से आगे बढ़कर हैनान ने छह प्रीमियम टूर मार्ग और समुद्र-केंद्रित दस यात्रा कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें पारिवारिक शिक्षा, स्वास्थ्य और आराम, सांस्कृतिक खोज तथा खानपान के अनुभव शामिल हैं। सान्या में एशियाई बीच गेम्स के साथ प्रांत का सहयोग दिखाता है कि खेल आयोजनों को पर्यटन ढांचे के साथ जोड़कर कई तरह के आकर्षण तैयार किए जा सकते हैं।
दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों पर लक्षित अभियान बाजार के अलग-अलग वर्गों को ध्यान में रखने का उदाहरण है। वियतनाम, लाओस, कंबोडिया, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, मकाओ और ताइवान के यात्रियों को 1,600 युआन या उससे अधिक कीमत की उड़ानों पर 400 युआन की छूट मिलती है। अन्य अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 3,000 युआन से अधिक की बुकिंग पर 600 युआन की छूट दी जाती है। यह भौगोलिक लक्षित नीति मानती है कि एशियाई यात्री अक्सर कम अवधि की, लेकिन बार-बार यात्राएं करते हैं, जबकि यूरोप और अमेरिका के पर्यटक आम तौर पर लंबी और अधिक खर्च वाली यात्राएं पसंद करते हैं।
उभरते जनसमूह और सुगम यात्रा
दो अलग-अलग जनसांख्यिकीय रुझान चीन में विदेशी पर्यटन की तस्वीर बदल रहे हैं। 65 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों को लक्ष्य करने वाला "सिल्वर टूरिज्म" बाजार 2028 तक 396 मिलियन डॉलर का होने का अनुमान है। इसकी वजह खर्च करने योग्य आय और खाली समय रखने वाली बुजुर्ग आबादी में वृद्धि है। चीन की रेल सेवाओं में अब वरिष्ठ यात्रियों के लिए विशेष डिब्बे हैं, जिनमें सुगम पहुंच की सुविधाएं, पास में शौचालय और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारी उपलब्ध हैं। होटल भी चलने-फिरने में होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखकर सुविधाएं तैयार कर रहे हैं। हालांकि, डिजिटल साक्षरता अब भी चुनौती है, क्योंकि कई वरिष्ठ यात्रियों को मोबाइल बुकिंग मंचों का इस्तेमाल करने में कठिनाई होती है, जबकि उद्योग में इनका महत्व लगातार बढ़ रहा है।
इसके साथ ही, जेनरेशन Z के पर्यटक केवल देखने के बजाय प्रामाणिक अनुभव और भागीदारी चाहते हैं। इस आयु वर्ग के कारण हानफू पारंपरिक परिधानों के अनुभव, पकौड़े बनाने की कार्यशालाओं और चीनी मिट्टी पकाने के सत्रों की मांग बढ़ रही है। टिकटॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया मंचों ने आधिकारिक पर्यटन प्रचार की जगह ले ली है। विदेशी पर्यटक अपने अनुभव तुरंत साझा करते हैं, जिनका असर पारंपरिक विज्ञापनों से अधिक होता है। विंगसूट पायलट झांग शुपेंग का तियानमेन माउंटेन स्क्वायर के बीच से उड़ान भरता वायरल वीडियो 100 मिलियन से अधिक बार देखा गया और उसे करीब 5 मिलियन लाइक मिले। इससे दुनियाभर के साहसिक यात्रा पसंद करने वाले पर्यटकों में झांगजियाजिए के प्रति सीधी दिलचस्पी बढ़ी।
विस्तार के बीच गति बनाए रखना
उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 में चीन 38 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत करेगा। यह संख्या 2019 के उच्चतम स्तर की 60 प्रतिशत होगी और इससे 130 अरब डॉलर से अधिक खर्च होने की उम्मीद है। इन आंकड़ों तक पहुंचने के लिए बुनियादी ढांचे की सीमाओं, खासकर छुट्टियों के व्यस्त समय में हवाई अड्डों की क्षमता, से निपटना होगा। ऐसे दिनों में रोजाना आने वाले यात्रियों की संख्या पहले ही 2.05 मिलियन से अधिक हो जाती है। एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय मार्ग बढ़ा रही हैं। 2026 के ग्रीष्म-शरद मौसम में 191 घरेलू और विदेशी विमानन कंपनियां 86 देशों के लिए हर हफ्ते 21,047 उड़ानें चलाने की योजना बना रही हैं।
2026 के दौरान नीतियों में निरंतरता की संभावना है। ज्यादातर वीजा-मुक्त व्यवस्थाएं 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई हैं और अधिकारियों ने पात्र देशों की सूची और विस्तृत करने तथा इलेक्ट्रॉनिक वीजा प्रणालियों का पायलट परीक्षण करने के इरादे जताए हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने आठ अन्य विभागों के साथ हाल ही में ऑनलाइन वीजा आवेदन शुरू करने और प्रदर्शनियों तथा खेल आयोजनों में शामिल होने के लिए मंजूरी की प्रक्रिया आसान बनाने की योजनाओं की घोषणा की। इन उपायों से संकेत मिलता है कि मौजूदा विस्तार अस्थायी प्रोत्साहन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इससे चीन को उन प्रतिस्पर्धियों से बाजार हिस्सेदारी स्थायी रूप से हासिल करने में मदद मिल सकती है, जो पाबंदियां सख्त कर रहे हैं।
जानने योग्य बातें
- 2025 में चीन की पर्यटन अर्थव्यवस्था 9.9 प्रतिशत बढ़ी, जो वैश्विक औसत से दोगुने से अधिक है। इससे 2030 तक देश के दुनिया की सबसे बड़ी पर्यटन अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।
- वीजा-मुक्त नीति में अब करीब 50 देश शामिल हैं। फरवरी 2026 में ब्रिटेन और कनाडा को इसमें जोड़ा गया। 2026 की पहली तिमाही में चीन पहुंचे 77.9 प्रतिशत विदेशी यात्रियों ने बिना वीजा प्रवेश किया।
- सख्त सीमा नीतियों के बीच 2025 में चीन में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का खर्च 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ा, जबकि अमेरिका का पर्यटन राजस्व लगभग 5 प्रतिशत घटा।
- विदेशी पर्यटक पारंपरिक दर्शनीय स्थलों की यात्रा से हटकर छंगदू, शीआन और गुइलिन जैसे दूसरे दर्जे के शहरों में गहरे सांस्कृतिक अनुभवों की ओर बढ़ रहे हैं। विस्तृत तेज रफ्तार रेल नेटवर्क इस बदलाव को सहारा दे रहा है।
- हैनान का 730,000 डॉलर का उड़ान वाउचर अभियान और कर-वापसी सुविधाओं का विस्तार जैसी प्रांतीय पहलें प्रमुख तटीय केंद्रों से आगे पर्यटन को बढ़ावा दे रही हैं।
- 65 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों के लिए "सिल्वर टूरिज्म" बाजार 2028 तक 396 मिलियन डॉलर का होने का अनुमान है। वहीं, जेनरेशन Z के पर्यटक प्रसिद्ध स्थलों की तस्वीरें लेने के बजाय प्रामाणिक सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी चाहते हैं।
- विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 में चीन में 38 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आएंगे। मौजूदा वीजा-मुक्त व्यवस्थाएं 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई हैं और अधिकारी डिजिटल सुविधाओं को और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।






