बढ़ता खतरा अस्पतालों और वरिष्ठ देखभाल केंद्रों में उपचार का रूप बदल रहा है
कार्बापेनेम-प्रतिरोधी एंटरोबैक्टेरेल्स से होने वाले संक्रमण दक्षिण कोरिया में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे हैं। राष्ट्रीय निगरानी के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 तक 44,930 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या 2024 के पूरे वर्ष में दर्ज 42,347 संक्रमणों से भी अधिक है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि 2018 में देशव्यापी निगरानी शुरू होने के बाद से यह सबसे तेज वृद्धि है। इन जीवाणुओं को अक्सर सुपरबग कहा जाता है। ये कार्बापेनेम का प्रतिरोध करते हैं, जो अन्य उपचार विफल होने पर इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं की अंतिम श्रेणी है। जब ये अस्पतालों और देखभाल केंद्रों में फैलते हैं, तो चिकित्सकों के पास उपचार के विकल्प कम और मरीजों के लिए जोखिम अधिक हो जाते हैं।
विषय-सूची
- बढ़ता खतरा अस्पतालों और वरिष्ठ देखभाल केंद्रों में उपचार का रूप बदल रहा है
- CRE क्या है और यह क्यों मायने रखता है
- देखभाल केंद्रों में CRE कैसे फैलता है
- सात साल से लगातार वृद्धि, और मामले क्यों बढ़ते जा रहे हैं
- बेहतर पहचान बनाम वास्तविक वृद्धि
- इस उछाल का सबसे अधिक बोझ बुजुर्गों पर
- नैदानिक नतीजे और खर्च
- कोरिया में एंटीबायोटिक का इस्तेमाल अब भी अधिक, और विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी
- अस्पतालों के बाहर ‘वन हेल्थ’ से जुड़े दबाव
- दक्षिण कोरिया अब क्या तैयारी कर रहा है
- अस्पताल और देखभाल केंद्र अभी क्या कर सकते हैं
- व्यापक जन स्वास्थ्य परिदृश्य
- मरीज और परिवार क्या कर सकते हैं
- मुख्य बातें
कोरिया रोग नियंत्रण एवं रोकथाम एजेंसी (KDCA) ने 2017 में CRE की अनिवार्य रिपोर्टिंग शुरू होने के बाद से हर साल लगातार वृद्धि दर्ज की है। सालाना रिपोर्टों की संख्या 2017 में 5,717 से बढ़कर 2018 में 11,954, 2019 में 15,369, 2020 में 18,113, 2021 में 23,311, 2022 में 30,548 और 2023 में 38,405 हो गई। 2024 में 42,347 मामले दर्ज हुए। अब 2025 की संख्या इस बढ़ते क्रम को पार कर चुकी है। तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और एंटीबायोटिक दवाओं के व्यापक इस्तेमाल वाले देश में यह उछाल खतरे के बदलते स्वरूप को दिखाता है।
इसका बोझ बुजुर्गों पर सबसे अधिक है। 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में रिपोर्ट किए गए संक्रमणों के 86.3 प्रतिशत मामले हैं, जबकि 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के मरीजों में 31,000 से ज्यादा मामले हैं। नर्सिंग अस्पताल, दीर्घकालिक देखभाल संस्थान और सामूहिक आवास वाले अन्य देखभाल केंद्र संक्रमण नियंत्रण के लिहाज से कमजोर कड़ियां हैं। CRE संक्रमित या इन जीवाणुओं के वाहक मरीजों के संपर्क से, अथवा दूषित उपकरणों के जरिए फैलता है। इसलिए हाथों की सावधानीपूर्वक स्वच्छता, आसपास की सफाई और चिकित्सा उपकरणों का उचित प्रबंधन बेहद जरूरी है। इससे अक्सर अस्पताल में लंबे समय तक रहना, अधिक खर्च और मृत्यु का बढ़ा हुआ जोखिम जुड़ा होता है। OECD के सदस्यों में दक्षिण कोरिया एंटीबायोटिक खपत के मामले में भी शीर्ष देशों में है। 2023 में प्रति 1,000 लोगों पर इसका इस्तेमाल 31.8 परिभाषित दैनिक खुराक तक पहुंच गया, जो OECD के 18.3 के औसत से काफी अधिक है। KDCA अनावश्यक एंटीबायोटिक इस्तेमाल घटाने, प्रभावी उपचारों को बनाए रखने और संक्रमण रोकथाम मजबूत करने के लिए 2026 से 2030 तक की राष्ट्रीय योजना तैयार कर रही है।
CRE क्या है और यह क्यों मायने रखता है
एंटरोबैक्टेरेल्स जीवाणुओं का एक बड़ा समूह है, जो मानव आंत और पर्यावरण में पाया जाता है। इसमें E. coli, Klebsiella pneumoniae और Enterobacter प्रजातियां शामिल हैं। स्वस्थ लोगों में ये जीवाणु बिना नुकसान पहुंचाए शरीर में रह सकते हैं। अस्पताल में भर्ती या कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीजों में ये रक्तप्रवाह, फेफड़ों, मूत्र मार्ग, घावों और शल्य चिकित्सा स्थलों में गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं। कार्बापेनेम गंभीर संक्रमणों के लिए सुरक्षित रखी जाने वाली शक्तिशाली एंटीबायोटिक दवाएं हैं। जब एंटरोबैक्टेरेल्स कार्बापेनेम के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं, तो संक्रमण का उपचार बहुत कठिन हो सकता है और इसके लिए पुरानी दवाओं के संयोजन या नई, महंगी दवाओं की जरूरत पड़ सकती है।
देखभाल केंद्रों में CRE कैसे फैलता है
इसका प्रसार मुख्य रूप से स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में होता है। संक्रमित या इन जीवाणुओं के वाहक मरीज, स्वास्थ्यकर्मियों के हाथ, अथवा दूषित सतहों और उपकरणों के संपर्क से CRE एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। सफाई नियमित न हो तो जीवाणु बिस्तर की रेलिंग, वेंटिलेटर की नलियों, कैथेटर और यहां तक कि सिंक की नालियों पर भी बने रह सकते हैं। भीड़भाड़ वाले वार्ड, उपकरणों का बार-बार इस्तेमाल और एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक उपयोग, प्रतिरोधी जीवाणुओं के प्रसार के लिए अनुकूल स्थिति बनाते हैं। लंबे समय तक अस्पताल में रहने वाले, कई एंटीबायोटिक लेने वाले या आक्रामक चिकित्सकीय प्रक्रियाओं से गुजरने वाले मरीजों को अधिक जोखिम होता है।
सात साल से लगातार वृद्धि, और मामले क्यों बढ़ते जा रहे हैं
दक्षिण कोरिया की निगरानी से पता चलता है कि महामारी से पहले भी CRE एक पहचानी हुई समस्या थी और अनिवार्य रिपोर्टिंग शुरू होने के बाद से हर साल बढ़ी है। जांच के विस्तार और मजबूत निगरानी से मामलों का पता लगाने की दर बढ़ी होगी। KDCA ने डेटा प्रणालियों को भी आधुनिक बनाया है, जिससे रिपोर्टिंग तेज और अधिक पूर्ण हुई है। बेहतर पहचान के बावजूद, विशेषज्ञ मामलों में वास्तविक वृद्धि के स्पष्ट कारण बताते हैं: एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक इस्तेमाल, अस्पतालों में देखभाल की बढ़ती जटिलता और बुजुर्ग आबादी का तेजी से बढ़ना, जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने या देखभाल केंद्रों में रहने की अधिक संभावना होती है।
बेहतर पहचान बनाम वास्तविक वृद्धि
बेहतर निगरानी से उन मामलों का पता लगाने में मदद मिलती है, जो पहले छूट सकते थे। कोरिया के एकीकृत संक्रामक रोग सूचना मंच और अस्पतालों की नियमित रिपोर्टिंग से स्थिति पर नजर रखना आसान हुआ है। फिर भी, मरीजों की उम्र, नर्सिंग अस्पतालों और दीर्घकालिक देखभाल केंद्रों में मामलों का जमाव और साल-दर-साल लगातार वृद्धि वास्तविक प्रसार के दबाव की ओर इशारा करते हैं। महामारी के बाद नियमित देखभाल में आई बाधाओं और एंटीबायोटिक लिखने के तौर-तरीकों में बदलाव की भी भूमिका रही है। श्वसन वायरस के प्रकोप, काली खांसी और इन्फ्लुएंजा जैसे संक्रमणों में मौसमी उछाल और अस्पतालों में बढ़ती भीड़ संक्रमण नियंत्रण कार्यक्रमों पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। कड़े मानक बनाए रखने के लिए इन कार्यक्रमों को समय, प्रशिक्षण और कर्मचारियों की जरूरत होती है।
इस उछाल का सबसे अधिक बोझ बुजुर्गों पर
इस संकट के केंद्र में बुजुर्ग हैं। 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के मरीज रिपोर्ट किए गए मामलों में दस में से आठ से अधिक का हिस्सा हैं। इस साल अब तक केवल 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में ही 31,000 से अधिक संक्रमण हुए हैं। इनमें से कई मरीज पुरानी बीमारियों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ जी रहे हैं। कई को कैथेटर, फीडिंग ट्यूब या घावों की देखभाल की जरूरत होती है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ता है। बुजुर्गों की देखभाल करने वाले केंद्र अक्सर सीमित कर्मचारियों और तंग बजट में काम करते हैं, जिससे हर घंटे, हर दिन गहन संक्रमण रोकथाम उपाय जारी रखना मुश्किल हो जाता है।
नैदानिक नतीजे और खर्च
CRE संक्रमणों का संबंध अस्पताल में लंबे समय तक रहने और गंभीर परिणामों के अधिक जोखिम से है। अंतरराष्ट्रीय शोध से पता चलता है कि कार्बापेनेम-प्रतिरोधी Klebsiella pneumoniae से होने वाले रक्तप्रवाह संक्रमणों में अस्पताल के भीतर मृत्यु दर, संवेदनशील जीवाणु-प्रजातियों से होने वाले संक्रमणों की तुलना में काफी अधिक हो सकती है। दक्षिण कोरिया में अनिवार्य रूप से रिपोर्ट की जाने वाली बीमारियों के आधिकारिक आंकड़े भी इसका मानवीय असर दिखाते हैं। 2024 में, तपेदिक को छोड़कर निगरानी की जाने वाली प्रमुख रिपोर्ट योग्य बीमारियों में CRE संक्रमणों का संबंध सबसे अधिक मौतों से था; 838 मौतें दर्ज की गईं। उपचार के लिए अक्सर विशेषज्ञों की सलाह, कई या नई एंटीबायोटिक दवाओं और दुष्प्रभावों पर कड़ी निगरानी की जरूरत होती है। इलाज महंगा और संसाधन-साध्य है, खासकर गहन चिकित्सा इकाइयों में और उन मरीजों के लिए जिन्हें लंबे पुनर्वास की जरूरत होती है।
कोरिया में एंटीबायोटिक का इस्तेमाल अब भी अधिक, और विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी
OECD में दक्षिण कोरिया उन देशों में है जहां एंटीबायोटिक की खपत सबसे अधिक है। 2023 में प्रति 1,000 लोगों पर इसका इस्तेमाल 31.8 परिभाषित दैनिक खुराक था, जबकि OECD का औसत 18.3 था। इलाज तक आसान पहुंच और लंबे समय से चले आ रहे दवा लिखने के तौर-तरीके ऐसी स्थितियों में भी एंटीबायोटिक का बार-बार इस्तेमाल बढ़ाते हैं, जिनमें इसकी जरूरत नहीं होती, जैसे वायरल सर्दी-जुकाम। हर अनावश्यक नुस्खा ऐसा चयनात्मक दबाव बनाता है, जिससे प्रतिरोधी जीवाणुओं को पनपने में मदद मिलती है। समय के साथ CRE समेत कई जीवाणुओं में प्रतिरोध बढ़ता जाता है।
रोगाणुरोधी दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग के कार्यक्रमों का मकसद एंटीबायोटिक लिखने के तरीके बेहतर करना है। मजबूत कार्यक्रमों वाले अस्पताल रोजाना दवा के नुस्खों की समीक्षा करते हैं, प्रयोगशाला के नतीजों के अनुसार दवा चुनते हैं, खुराक और अवधि की जांच करते हैं और उपचार के लिए फार्मासिस्टों, संक्रामक रोग विशेषज्ञों तथा सूक्ष्मजीव वैज्ञानिकों के साथ काम करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के विस्तार के लिए राष्ट्रीय पायलट परियोजना 2024 में शुरू हुई। शुरुआती प्रयास स्पष्ट दिशानिर्देश बनाने, प्रशिक्षण देने और बहु-विषयक टीमें गठित करने पर केंद्रित हैं, ताकि बड़े अस्पतालों और छोटे देखभाल केंद्रों में भी दवाओं का उचित इस्तेमाल आम चलन बने।
अस्पतालों के बाहर ‘वन हेल्थ’ से जुड़े दबाव
प्रतिरोध अस्पताल के दरवाजे पर नहीं रुकता। ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच संबंधों को मान्यता देता है। पशु चिकित्सा में एंटीबायोटिक का इस्तेमाल, पशुधन के लिए दवा के नुस्खे की अनिवार्यता, कृषि में खाद्य सुरक्षा और अपशिष्ट जल प्रबंधन, सभी प्रतिरोधी जीवाणुओं के प्रसार को प्रभावित करते हैं। कोरिया ने पशु चिकित्सा के लिए दवा के नुस्खे पर नियंत्रण लागू किया है और खाद्य सुरक्षा के नियम मजबूत किए हैं, लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में रोगाणुरोधी दवाओं के अनावश्यक इस्तेमाल को सीमित करने के लिए लगातार ध्यान देना जरूरी है।
दक्षिण कोरिया अब क्या तैयारी कर रहा है
KDCA 2026 से 2030 तक के लिए तीसरी राष्ट्रीय रोगाणुरोधी प्रतिरोध प्रबंधन योजना को अंतिम रूप दे रही है। इस योजना का उद्देश्य अनुचित एंटीबायोटिक इस्तेमाल घटाना, मौजूदा उपचारों की प्रभावशीलता बनाए रखना और स्वास्थ्य देखभाल तथा सामुदायिक केंद्रों में संक्रमण रोकथाम मजबूत करना है। चर्चा में शामिल प्राथमिकताओं में अस्पतालों और क्लीनिकों में रोगाणुरोधी दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग का विस्तार, तेजी से जांच करने की क्षमता और प्रयोगशालाओं को बेहतर बनाना, नर्सिंग अस्पतालों और दीर्घकालिक देखभाल केंद्रों में संक्रमण नियंत्रण के मानकों को मजबूत करना तथा एंटीबायोटिक कब कारगर हैं और कब नहीं, इस बारे में जन जागरूकता बढ़ाना शामिल है। रणनीति में मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मंत्रालयों के बीच समन्वय तथा नई रोगाणुरोधी दवाओं और जांच के तरीकों के अनुसंधान एवं विकास को समर्थन देने पर भी जोर है।
अस्पताल और देखभाल केंद्र अभी क्या कर सकते हैं
साक्ष्य-आधारित उपायों को लगातार लागू करने से CRE का प्रसार कम किया जा सकता है। इनमें से कई कदम सरल हैं, लेकिन इन्हें सही ढंग से जारी रखने के लिए नेतृत्व का समर्थन और पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होती है।
- सभी कर्मचारियों, मरीजों और आगंतुकों के लिए हाथों की कड़ी स्वच्छता, नियमित जांच और फीडबैक के साथ
- ज्ञात या संदिग्ध CRE वाले मरीजों के लिए संपर्क संबंधी सावधानियां, जिनमें दस्ताने, गाउन और उनके लिए अलग चिकित्सा उपकरण शामिल हैं
- वाहक मरीजों की पहचान और उनके लिए उचित जगह तय करने हेतु भर्ती के समय उच्च जोखिम वाले मरीजों की सक्रिय जांच
- किसी इकाई में प्रसार रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर मरीजों और कर्मचारियों को अलग-अलग समूहों में रखना
- कमरों, उपकरणों और बार-बार छुई जाने वाली सतहों की अच्छी तरह सफाई और संक्रमणमुक्त करना, नालियों और सिंक पर विशेष ध्यान देते हुए
- 48 से 72 घंटे पर एंटीबायोटिक उपचार की फिर से समीक्षा करना, ताकि जरूरत का आकलन हो, उपचार सीमित किया जाए और अनावश्यक दवाएं बंद हों
- जटिल मामलों और महंगे उपचारों की फार्मासिस्ट तथा संक्रामक रोग टीम से समीक्षा
- मरीजों को एक केंद्र से दूसरे केंद्र में स्थानांतरित करते समय CRE की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देना
KDCA के अधिकारियों ने शुरुआती रिपोर्टिंग और समन्वित कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया है। KDCA की आयुक्त जी यंग-मी ने कहा कि अस्पतालों और क्लीनिकों से अग्रिम पंक्ति की रिपोर्टिंग प्रकोपों से बचाव का अहम जरिया है।
संक्रामक रोगों की रिपोर्टिंग, बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाकर और समुदाय में उसका प्रसार रोककर, उसके फैलने से होने वाले नुकसान को कम करने की पहली रक्षा पंक्ति है।
कर्मचारियों और परिवारों में जागरूकता बढ़ाने, प्रयोगशाला के त्वरित नतीजों तक पहुंच बेहतर करने और विवेकपूर्ण उपयोग की क्षमता में निवेश करने से राष्ट्रीय कार्यक्रमों के विस्तार के दौरान ही देखभाल केंद्र तुरंत प्रगति कर सकते हैं। वास्तविक सुधार तब आते हैं जब नेतृत्व स्पष्ट अपेक्षाएं तय करता है, प्रदर्शन मापता है और रोजमर्रा का काम करने वाली टीमों को समर्थन देता है।
व्यापक जन स्वास्थ्य परिदृश्य
CRE ऐसे समय बढ़ रहा है, जब स्वास्थ्य प्रणालियां अन्य संक्रमणों के उछाल से भी निपट रही हैं। महामारी की चरम स्थिति के बाद, कोरिया में 2024 में कोविड के अलावा अन्य संक्रामक बीमारियों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। इनमें काली खांसी का बड़ा प्रकोप और स्कार्लेट फीवर तथा चिकनपॉक्स के मामलों में उछाल शामिल था। इन्फ्लुएंजा के मौसमी प्रकोप ने भी सबसे तीव्र हफ्तों में क्लीनिकों पर दबाव डाला है और कुछ केंद्रों ने चरम दौर में दवाओं की आपूर्ति पर दबाव की सूचना दी है। श्वसन संक्रमण वाले अधिक मरीजों का मतलब है कि अधिक एंटीबायोटिक दवाएं लिखी जाती हैं और जोखिम वाले बुजुर्गों को अधिक अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। जब तक रोगाणुरोधी दवाओं का विवेकपूर्ण उपयोग और संक्रमण नियंत्रण इस दबाव के साथ कदम नहीं मिलाते, यह स्थिति प्रतिरोध के जोखिम को बढ़ा सकती है।
वैश्विक एजेंसियां रोगाणुरोधी प्रतिरोध को लेकर लगातार चेतावनी दे रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन इसे जन स्वास्थ्य के प्रमुख खतरों में से एक मानता है। वैश्विक अनुमानों के अनुसार, हर साल लाखों मौतों का संबंध ऐसे संक्रमणों से है जिनमें प्रतिरोध की भूमिका रही। एंटीबायोटिक के अधिक इस्तेमाल, तेजी से बढ़ती उम्रदराज आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं तक अच्छी पहुंच वाले दक्षिण कोरिया का अनुभव दिखाता है कि प्रतिरोध कितनी तेजी से अग्रिम पंक्ति की चुनौती बन सकता है। दवा लिखने, निगरानी और उच्च जोखिम वाले केंद्रों की सुरक्षा को लेकर अभी लिए गए फैसले आने वाले वर्षों के नतीजे तय करेंगे।
मरीज और परिवार क्या कर सकते हैं
व्यक्ति अस्पताल की व्यवस्थाओं को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन कुछ व्यावहारिक कदम आपके और उन लोगों के जोखिम को घटा सकते हैं जिनकी आप देखभाल करते हैं।
- अपने चिकित्सक से पूछें कि क्या एंटीबायोटिक वास्तव में जरूरी है। सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसे वायरस का उपचार एंटीबायोटिक से नहीं होता
- अगर एंटीबायोटिक दी जाए, तो उसे बताए गए तरीके से ही लें और बची हुई दवा आगे के लिए न रखें
- अस्पताल या देखभाल केंद्र जाते समय हाथों की स्वच्छता रखें और सुरक्षात्मक कपड़ों के बारे में कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें
- सुनिश्चित करें कि टीके अद्यतन हैं। बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों वाले लोगों के लिए इन्फ्लुएंजा और कोविड के टीके लगवाएं, ताकि जोखिम बढ़ाने वाली अस्पताल में भर्ती की नौबत कम हो
- किसी प्रक्रिया या उपकरण की देखभाल से पहले देखभाल करने वाले कर्मचारियों को विनम्रता से हाथों की स्वच्छता याद दिलाएं
- क्लीनिक या अस्पताल में पंजीकरण के समय CRE के पुराने संक्रमण या वाहक होने की जानकारी साझा करें, खासकर एक केंद्र से दूसरे केंद्र में स्थानांतरित होते समय
मुख्य बातें
- दक्षिण कोरिया में 1 दिसंबर 2025 तक कार्बापेनेम-प्रतिरोधी एंटरोबैक्टेरेल्स के 44,930 संक्रमण दर्ज किए गए, जो 2024 के 42,347 मामलों से पहले ही अधिक हैं
- 2017 में अनिवार्य निगरानी शुरू होने के बाद से मामले हर साल बढ़े हैं, जो प्रतिरोधी संक्रमणों में लगातार वृद्धि दर्शाते हैं
- बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं: 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में 86.3 प्रतिशत मामले हैं और 70 वर्ष से अधिक उम्र वालों में 31,000 से ज्यादा
- नर्सिंग अस्पताल और दीर्घकालिक देखभाल केंद्र संपर्क और दूषित उपकरणों के जरिए प्रसार के प्रमुख केंद्र हैं
- 2023 में दक्षिण कोरिया में प्रति 1,000 लोगों पर एंटीबायोटिक का इस्तेमाल 31.8 परिभाषित दैनिक खुराक था, जो उपलब्ध आंकड़ों वाले OECD देशों में दूसरा सबसे अधिक था
- KDCA 2026 से 2030 तक के लिए तीसरी राष्ट्रीय रोगाणुरोधी प्रतिरोध प्रबंधन योजना को अंतिम रूप देगी, जिसमें विवेकपूर्ण उपयोग, रोकथाम और निगरानी को प्राथमिकता मिलेगी
- 2024 में CRE संक्रमणों का संबंध प्रमुख रिपोर्ट योग्य बीमारियों में 838 मौतों से था, जो इसके मानवीय नुकसान को रेखांकित करता है
- अस्पताल हाथों की कड़ी स्वच्छता, संपर्क संबंधी सावधानियों, सक्रिय जांच, सावधानीपूर्वक सफाई और रोगाणुरोधी दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग के मजबूत कार्यक्रमों से प्रसार रोक सकते हैं






