मावुलिस द्वीप और ताइवान संकट की आशंका: बाशी चैनल में दांव पर क्या है

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मावुलिस द्वीप और ताइवान संकट की आशंका: बाशी चैनल में दांव पर क्या है

बाशी चैनल में अग्रिम चौकी

मावुलिस द्वीप की सबसे ऊंची जगह से फ़िरोज़ी पानी का क्षितिज दूर तक फैला दिखता है, लेकिन हवा में लहराता विशाल फिलीपीन ध्वज उस बात को साफ करता है जो यह नज़ारा नहीं बताता। यह सैन्य चौकी है, छुट्टियां बिताने का द्वीप नहीं। मावुलिस फिलीपींस का सबसे उत्तरी बिंदु है। यह चट्टानों और घास से बना निर्जन भूभाग है, जो बाटानेस प्रांत और ताइवान के बीच बाशी चैनल के मुहाने पर स्थित है। यहां से उस समुद्री प्रवेश मार्ग पर नज़र रखी जा सकती है जो दक्षिण चीन सागर को व्यापक प्रशांत महासागर से जोड़ता है। ताइवान को लेकर किसी भी संकट में यह मार्ग तय कर सकता है कि जहाजों, विमानों और सूचनाओं का आवागमन कितनी तेजी से होगा और इस जलमार्ग का इस्तेमाल कौन कर पाएगा।

विषय-सूची
  1. बाशी चैनल में अग्रिम चौकी
  2. यह संकरा जलमार्ग क्यों अहम है
  3. ताइवान संकट का अहम संकरा मार्ग
  4. नियंत्रण करना मुश्किल इलाका
  5. आज का मावुलिस: छोटा सैन्य दल, बड़ी जिम्मेदारियां
  6. मनीला की रणनीति: संधि संबंध और बदलती रक्षा नीति
  7. आंतरिक विद्रोह-विरोधी अभियानों से बाहरी रक्षा तक
  8. संघर्ष छिड़ने पर लोगों को निकालने की चुनौती
  9. एक चीन नीति और व्यावहारिक सहयोग के बीच संतुलन
  10. लुज़ोन जलडमरूमध्य में चीन की गतिविधियां और जवाब
  11. सहयोगी देशों की प्रतिक्रिया कैसी हो सकती है
  12. गलत आकलन के जोखिम और मानवीय पहलू
  13. एक नज़र में

मावुलिस ताइवान के दक्षिणी सिरे से करीब 142 किलोमीटर दूर है। यह द्वीप मनीला से बहुत दूर है और यहां पहुंचना मुश्किल है। आम तौर पर बास्को से रातभर की नाव यात्रा करके या मौसम अनुकूल होने पर हेलीकॉप्टर से थोड़ी देर में यहां पहुंचा जा सकता है। चीन के साथ तनाव बढ़ने के बीच फिलीपीनी सेना ने पिछले दशक में इस अलग-थलग द्वीप पर बारी-बारी से सैनिकों की तैनाती शुरू की। मावुलिस में तैनात सैनिक लुज़ोन जलडमरूमध्य में आपात स्थिति में सबसे पहले मदद पहुंचाते हैं, चैनल से गुजरने वाली गतिविधियों की पुष्टि करते हैं और देश की संप्रभुता जताते हैं। वे विदेशी अवैध मछुआरों पर भी नज़र रखते हैं। यहां चीनी जहाजों से आमना-सामना कम ही होता है, लेकिन यह शांति भ्रामक हो सकती है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा है कि भौगोलिक स्थिति और द्वीप पर बसे बड़े फिलीपीनी समुदाय को देखते हुए यह कल्पना करना मुश्किल है कि ताइवान संघर्ष हो और फिलीपींस उससे अछूता रह जाए। अमेरिका के साथ लंबे समय से चली आ रही संधि और उत्तरी लुज़ोन में ठिकानों तक अमेरिकी पहुंच बढ़ने के बाद मावुलिस की चौकी अब ताइवान जलडमरूमध्य में संकट की व्यापक योजनाओं का हिस्सा बन गई है।

यह संकरा जलमार्ग क्यों अहम है

बाशी चैनल पहली द्वीप श्रृंखला के कुछ गहरे समुद्री मार्गों में से एक है। यह द्वीपों की वह चापाकार श्रृंखला है जो जापान से ताइवान और फिलीपींस होते हुए बोर्नियो तक जाती है। वाणिज्यिक जहाज और नौसेनाएं, दोनों इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। पनडुब्बियां और सतही नौसैनिक समूह दक्षिण चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत के बीच आने-जाने के लिए यहां से गुजरते हैं। इसी आवाजाही के कारण यह चैनल रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। ताइवान पर युद्ध की स्थिति में इस जलमार्ग की नाकेबंदी द्वीप तक आपूर्ति पहुंचने में बाधा डाल सकती है और सहयोगी देशों की प्रतिक्रिया धीमी कर सकती है।

ताइवान संकट का अहम संकरा मार्ग

बीजिंग ताइवान के उत्तर और दक्षिण के जलक्षेत्र पर नियंत्रण को द्वीप को अलग-थलग करने और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को मुश्किल बनाने का तरीका मानता है। अगर चीन ने बाशी चैनल बंद करने की कोशिश की या वहां प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किए, तो इससे उन संचार मार्गों पर भारी दबाव पड़ेगा जिन पर ताइवान और उसके साझेदार निर्भर हैं। इससे फिलीपींस पर भी दांव बढ़ जाएगा, क्योंकि उसका द्वीपसमूह चैनल के दक्षिणी प्रवेश मार्ग को घेरे हुए है। उत्तरी लुज़ोन में मनीला के तटीय रडार, द्वीपीय चौकियां और हवाई पट्टियां इस समुद्री गलियारे पर नज़र रखने और जरूरत पड़ने पर इसे खुला रखने में दूसरों की मदद करने के लिए निर्णायक साबित हो सकती हैं।

नियंत्रण करना मुश्किल इलाका

यहां प्रकृति भी रणनीति को जटिल बनाती है। लुज़ोन जलडमरूमध्य उबड़-खाबड़ समुद्र, तेज धाराओं और बार-बार आने वाले मौसमी तूफानों के लिए जाना जाता है। बाटानेस के द्वीप और उनके आसपास के जलक्षेत्र दूर-दूर तक फैले और अलग-थलग हैं। इससे नौसैनिक अभियान मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन निगरानी भी जटिल होती है। इसी वजह से हाल के सैन्य अभ्यासों में मनीला और उसके साझेदारों ने द्वीपों पर मोबाइल सेंसरों और अभियानकारी सैन्य इकाइयों के मेल को आजमाया है। मकसद है जहाजों और विमानों को जल्द पहचानना, उनकी जानकारी तेजी से साझा करना और, अगर जलमार्ग बंद करने की कोशिश हो, तो उसे रोकना। जलडमरूमध्य के आसपास के समुद्री परिवहन और ऊर्जा मार्ग क्षेत्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम हैं। इसलिए लंबे समय तक किसी भी व्यवधान का असर फिलीपींस और ताइवान से बहुत दूर तक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ सकता है।

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आज का मावुलिस: छोटा सैन्य दल, बड़ी जिम्मेदारियां

मावुलिस में सेना की एक छोटी टुकड़ी तैनात है। आम तौर पर बारी-बारी से करीब 12 से 15 सैनिक यहां रहते हैं। वर्षों तक द्वीप को खाली छोड़ने के बाद 2016 में यहां सैन्य चौकी शुरू की गई। सुविधाएं अब भी बुनियादी हैं। पानी और बिजली की आपूर्ति भरोसेमंद नहीं है, इसलिए सैनिक और स्वयंसेवक सब्जियां उगाकर और मुर्गियां पालकर जरूरतें पूरी करते हैं। मौसम के कारण दूसरे संचार माध्यम बाधित होने पर सैटेलाइट इंटरनेट, जिसमें स्टारलिंक भी शामिल है, संपर्क बनाए रखता है। चौकी में भारी हथियार और उन्नत लंबी दूरी के सेंसर नहीं हैं। अधिकारियों ने रडार और बेहतर गोदी जैसी सुविधाओं की जरूरत बताई है, ताकि ज्यादा नियमित रूप से आपूर्ति पहुंचाई जा सके या आपात स्थिति में आवाजाही हो सके। वाशिंगटन ने बाटानेस में रडार लगाने और बुनियादी ढांचे पर काम करने के विकल्पों पर चर्चा की है, जिससे रोज़मर्रा की निगरानी और आपदा के समय मदद, दोनों को फायदा होगा।

मावुलिस का जीवन अलगाव और सतर्कता से तय होता है। सैनिक चौबीसों घंटे पहरा देते हैं, जहाजों और विमानों की गतिविधियों की सूचना देते हैं और समुद्री क्षेत्र की निगरानी के लिए फिलीपीन तटरक्षक बल के साथ समन्वय करते हैं। वे चैनल के किनारे फिलीपींस के अधिकार क्षेत्र के स्पष्ट प्रतीक के रूप में भी काम करते हैं। पश्चिम फिलीपीन सागर के तनावग्रस्त इलाकों की तुलना में यह चौकी शांत रहती है, लेकिन इसका महत्व इस बात में है कि यहां से क्या देखा जा सकता है और चैनल में गतिविधियों के तौर-तरीके बदलने पर उत्तरी लुज़ोन की इकाइयों को कितनी जल्दी सतर्क किया जा सकता है।

मनीला की रणनीति: संधि संबंध और बदलती रक्षा नीति

फिलीपींस ने अमेरिका के साथ अपना गठबंधन फिर मजबूत किया है और जापान तथा ऑस्ट्रेलिया के साथ सुरक्षा संबंध बढ़ाए हैं। उन्नत रक्षा सहयोग समझौते के तहत अब अमेरिका को फिलीपींस के अतिरिक्त सैन्य ठिकानों तक पहुंच मिली है। इनमें से कई उत्तरी लुज़ोन में हैं और बाशी चैनल की पहुंच के भीतर हैं। इस पहुंच से अमेरिकी बलों को विमान, रसद और मिसाइल इकाइयां तैनात करने के विकल्प मिलते हैं, जो दक्षिणी ताइवान की ओर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की किसी भी कार्रवाई को मुश्किल बना सकते हैं।

आंतरिक विद्रोह-विरोधी अभियानों से बाहरी रक्षा तक

मनीला की रणनीति अब केवल आंतरिक सुरक्षा पर केंद्रित नहीं है। 2024 में घोषित व्यापक द्वीपसमूह रक्षा अवधारणा देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र में सैन्य ताकत और निगरानी का विस्तार करने तथा पूरे द्वीपसमूह में रणनीतिक गहराई बनाने की परिकल्पना करती है। फिलीपींस की सशस्त्र सेनाएं बाहरी रक्षा अभियानों के लिए प्रशिक्षण ले रही हैं और एक ऐसे साझा थिएटर दृष्टिकोण को अपना रही हैं, जो पूर्वी चीन सागर, पश्चिम फिलीपीन सागर और लुज़ोन जलडमरूमध्य को एक ही परिचालन तस्वीर में जोड़ता है। इसमें फिलीपींस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच करीबी समन्वय शामिल है।

अवधारणा के अनुरूप बुनियादी ढांचा भी विकसित हो रहा है। बाटानेस द्वीप समूह में बातान द्वीप के महाताओ में एक नया अग्रिम संचालन अड्डा क्षेत्रीय रक्षा, समुद्री निगरानी और मानवीय सहायता के लिए सक्रिय किया गया। हाल के संयुक्त अभ्यास उत्तर की ओर स्थानांतरित हुए और उन्होंने दिखाया कि हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम, नेवी मरीन एक्सपीडिशनरी शिप इंटरडिक्शन सिस्टम और मिड रेंज कैपेबिलिटी टायफॉन सिस्टम समेत मोबाइल तटीय मिसाइल बैटरियां दुर्गम भूभाग में कैसे फैल सकती हैं और चैनल को बलपूर्वक पार करने की कोशिश करने वाले जहाजों को निशाना बना सकती हैं। इन अभ्यासों के साथ सेंसरों और हवाई पट्टियों में निवेश भी किया जा रहा है, जिससे बाटानेस किसी एक कमजोर बिंदु के बजाय आपस में जुड़े निगरानी चौकियों का नेटवर्क बन सके।

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संघर्ष छिड़ने पर लोगों को निकालने की चुनौती

ताइवान से जुड़ी किसी भी आकस्मिक स्थिति में फिलीपींस पर मानवीय जिम्मेदारी होगी। ताइवान में 150,000 से काफी अधिक फिलीपीनी रहते और काम करते हैं। कुछ अनुमानों के मुताबिक उनकी संख्या 250,000 के करीब है। मनीला की योजनाओं में उत्तरी लुज़ोन कमान को निकासी और स्वदेश वापसी के प्रयासों का केंद्र बनाया गया है। हवाई और समुद्री मार्ग खुलने पर कागायन, इलोकोस और बाटानेस में अस्थायी केंद्रों का इस्तेमाल किया जाएगा। हाल के अभ्यासों में गैर-लड़ाकों को निकालने के अभियानों के चरण शामिल रहे हैं, जिनमें निकाले गए लोगों का पंजीकरण करने से लेकर उन्हें जहाज या विमान से फिलीपींस में सुरक्षित जगहों तक पहुंचाना शामिल है।

फिलीपींस की सशस्त्र सेनाओं के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रोमियो ब्राउनर जूनियर ने उत्तरी सीमा पर तैनात इकाइयों से कहा है कि वे आखिरी द्वीपीय चौकी से आगे की सोचें। उत्तरी लुज़ोन कमान को सार्वजनिक संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर ताइवान जलडमरूमध्य में लड़ाई शुरू होती है तो मनीला किनारे नहीं बैठ सकता। उन्होंने योजनाकारों को संकट के बीच फंसे नागरिकों के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने बचाव की जिम्मेदारी ताइवान के सबसे निकट की कमान पर स्पष्ट रूप से डाली।

अगर ताइवान पर हमला होता है, तो हमें कार्रवाई की योजना बनानी शुरू करनी होगी। उत्तरी लुज़ोन कमान को इस पर विचार करना होगा कि हमारे लोगों को सुरक्षित कैसे लाया जाए, क्योंकि संघर्ष छिड़ने पर फिलीपींस अनिवार्य रूप से इसमें शामिल होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि बचाव अभियानों के लिए फिलीपीनी जहाजों और विमानों को उन इलाकों के पास जाना या वहां से गुजरना पड़ सकता है जिन पर संकट के समय चीन नियंत्रण का दावा करता है। इसमें ताइवान के आसपास घोषित हवाई या समुद्री प्रतिबंधित क्षेत्र भी शामिल हैं। अगर काफिलों को चुनौती दी गई तो गलत आकलन या अनजाने में तनाव बढ़ने का जोखिम पैदा होगा। स्पष्ट संचार माध्यम, तटरक्षक बल और नागरिक जहाजों का व्यापक इस्तेमाल तथा साझेदारों के साथ पहले से तय टकराव-रोक व्यवस्था निकासी अपरिहार्य होने पर इन जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती है।

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एक चीन नीति और व्यावहारिक सहयोग के बीच संतुलन

फिलीपींस अपनी एक चीन नीति के तहत चीन जनवादी गणराज्य को चीन की एकमात्र वैध सरकार मानता है। यह नीति 1970 के दशक से लागू है। मनीला ताइवान पर बीजिंग के दावे को स्वीकार करता है, लेकिन न तो उसका समर्थन करता है और न ही अपने हितों से पीछे हटता है। ताइवान और फिलीपींस के बीच मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। ताइवानी और फिलीपीनी अधिकारियों की आधिकारिक यात्राओं को आसान बनाने के हालिया कदम नीति का उल्लंघन किए बिना अधिक करीबी संपर्क की इच्छा दिखाते हैं। ताइवानी आगंतुकों के लिए वीज़ा-मुक्त प्रवेश और व्यापार पर चर्चाओं से नागरिक संबंध बढ़े हैं।

सुरक्षा समन्वय अब भी अनौपचारिक है, लेकिन विकसित हो रहा है। फिलीपीनी और ताइवानी नौसैनिक अधिकारियों के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई है। ताइवानी पर्यवेक्षकों ने बड़े सैन्य अभ्यासों के कुछ हिस्से देखे हैं और तटरक्षक इकाइयों ने बाशी चैनल के जलक्षेत्र में समन्वय किया है। ये व्यावहारिक कदम छोटे और सावधानी से उठाए गए हैं। इनका मकसद सुरक्षा और निगरानी बेहतर करना है, न कि कोई औपचारिक रक्षा संधि बनाना।

2025 में संयुक्त सैन्य अभ्यासों की शुरुआत के अवसर पर फिलीपीन सेना के वरिष्ठ कमांडर मेजर जनरल फ्रांसिस्को लोरेंजो जूनियर ने प्रतिरोधक क्षमता और संयम के बीच संतुलन साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देश ताइवान को लेकर किसी लड़ाई में सीधे शामिल होने से बचना चाहता है, लेकिन संघर्ष का असर फैलने पर अपने क्षेत्र और लोगों की सुरक्षा के लिए तैयार रहेगा।

हम ताइवान को लेकर किसी भी संघर्ष में हिस्सा नहीं लेंगे।

उनकी टिप्पणी में कई बारीकियां थीं। अगर फिलीपीनी क्षेत्र को खतरा हुआ या फिलीपीनी लोगों की जान बचाने की जरूरत पड़ी, तो फिलीपीनी बल कार्रवाई करेंगे। यह संदेश मनीला के रुख के अनुरूप था: तैयारी करना, हमले को रोकना और तनाव बढ़ाने से बचते हुए मानवीय समन्वय के माध्यम खुले रखना।

लुज़ोन जलडमरूमध्य में चीन की गतिविधियां और जवाब

बीजिंग ने ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं, जिनमें ईस्टर्न थिएटर कमान के बड़े और अचानक किए गए अभ्यास शामिल हैं। शानडोंग के इर्द-गिर्द बना विमानवाहक पोत समूह लुज़ोन जलडमरूमध्य से गुजरा है और चीन ने ताइपे के पास नाकेबंदी के अभ्यास किए हैं। चीनी अधिकारियों ने फिलीपींस में अमेरिकी ठिकानों तक बढ़ी पहुंच की आलोचना करते हुए दावा किया है कि ऐसी तैनातियों का मकसद चीन को घेरना है। चीनी बयानों में मनीला को ताइवान के साथ करीबी संबंध बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी भी दी गई है।

मनीला ने उत्तर में समुद्री गश्त बढ़ाकर और जलडमरूमध्य में अपनी मौजूदगी स्पष्ट करके जवाब दिया है। 2024 में फिलीपीनी बलों ने उत्तरी लुज़ोन में सैकड़ों गश्त कीं। संवेदनशील समय में चैनल पर नज़र रखने के लिए नौसेना ने अमेरिकी तटरक्षक बल के एक पुराने पोत और एक फ्रिगेट को तैनात किया है। फिलीपीनी कमांडर साइबर, सूचना और राजनीतिक क्षेत्रों में खतरों की ओर भी इशारा करते हैं। उनका जवाब है ज्यादा प्रशिक्षण लेना, साझेदारों के साथ अधिक जानकारी साझा करना और जहाजों तथा विमानों की आवाजाही जारी रखना, ताकि अचानक कार्रवाई करना मुश्किल हो।

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सहयोगी देशों की प्रतिक्रिया कैसी हो सकती है

उन्नत रक्षा सहयोग समझौते के तहत मिली पहुंच से अमेरिका थोड़े समय के नोटिस पर उत्तरी लुज़ोन में विमान, रडार और मिसाइल प्रणालियां भेज सकता है। इन ठिकानों से सहयोगी इकाइयां लुज़ोन जलडमरूमध्य में जहाजों और विमानों की गतिविधियों पर नज़र रखने में मदद कर सकती हैं और ताइवान के दक्षिणी हिस्से की ओर बढ़ने वाली किसी उभयचर सेना पर दबाव डाल सकती हैं। अभ्यासों के दौरान फिलीपींस और अमेरिका ने मोबाइल लॉन्चरों को अलग-अलग जगहों पर फैलाने और बाटानेस के कई द्वीपों में सेंसर नेटवर्क तेजी से स्थापित करने का अभ्यास किया है, ताकि विरोधी के लिए लक्ष्य तय करना मुश्किल हो।

ऑस्ट्रेलिया और जापान अब उत्तरी सैन्य अभ्यासों में नियमित रूप से हिस्सा लेते हैं। वे समुद्री गश्ती विमान, तटीय रक्षा विशेषज्ञता और मानवीय सहायता का कौशल लेकर आते हैं। फिलीपींस ने एक ऐसे समन्वय केंद्र में रुचि दिखाई है जो व्यापक समुद्री क्षेत्र को देखे और जिसमें पूर्वी चीन सागर, ताइवान जलडमरूमध्य और पश्चिम फिलीपीन सागर शामिल हों। मकसद मावुलिस जैसे छोटे द्वीपों को बड़े सैन्य अड्डों के बजाय निगरानी चौकियों और तैनाती केंद्रों के रूप में इस्तेमाल करना है, ताकि उनकी कमजोरियां सीमित रहें और निगरानी अधिकतम हो।

गलत आकलन के जोखिम और मानवीय पहलू

लुज़ोन जलडमरूमध्य में काफी भीड़ रहती है। मछली पकड़ने वाली नौकाएं, वाणिज्यिक जहाज, तटरक्षक पोत और नौसैनिक टुकड़ियां, सभी इन्हीं जलक्षेत्रों से गुजरते हैं। जहाजों का एक-दूसरे के करीब से गुजरना और रेडियो पर चेतावनी देना रोज़मर्रा की गतिविधियों का हिस्सा है। संकट न होने पर भी गलतफहमियां बढ़कर तनाव पैदा कर सकती हैं। फिलीपींस और उसके साझेदार संचार प्रक्रियाओं को एकरूप बनाने और समुद्र में कई तरह के संपर्कों के लिए तटरक्षक बल का इस्तेमाल करने पर काम कर रहे हैं। इससे नौसेनाओं के बीच सीधे आमने-सामने के मुकाबलों की तुलना में तनाव कम रहता है।

बाटानेस के समुदाय इन रणनीतिक हलचलों के अग्रिम मोर्चे पर रहते हैं। बंदरगाहों, हवाई पट्टियों, बिजली और संचार में निवेश से रक्षा और आपदा राहत, दोनों को मदद मिलती है। ये सुधार ताइवान से नागरिकों को निकालने में भी सहायक होंगे, अगर वाणिज्यिक मार्ग बंद हो जाएं। मावुलिस शायद एक छोटी चौकी ही बना रहेगा, लेकिन शुरुआती चेतावनी केंद्र, संप्रभुता के प्रतीक और संकट में फंसे लोगों के लिए संभावित सुरक्षा कवच के तौर पर इसकी भूमिका कहीं बड़ी है। इसका अलग-थलग होना चुनौती है, लेकिन इसकी अहमियत इसी जगह में है। अस्थिर जलमार्ग में एक शांत द्वीप भी बड़ा महत्व रख सकता है।

एक नज़र में

  • मावुलिस द्वीप फिलीपींस की सबसे उत्तरी चौकी है। यह ताइवान से करीब 142 किलोमीटर दूर बाशी चैनल पर नज़र रखता है।
  • बाशी चैनल दक्षिण चीन सागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है और ताइवान से जुड़े किसी भी संघर्ष में अहम होगा।
  • फिलीपीनी सेना निगरानी, संप्रभुता के लिए गश्त और शुरुआती चेतावनी के उद्देश्य से मावुलिस में एक छोटी टुकड़ी बारी-बारी से तैनात करती है।
  • व्यापक द्वीपसमूह रक्षा अवधारणा के तहत मनीला ने बाहरी रक्षा पर अधिक ध्यान देना शुरू किया है।
  • उत्तरी लुज़ोन के ठिकानों तक अमेरिका की बढ़ी पहुंच से विमान, सेंसर और मिसाइल इकाइयों की तेजी से तैनाती संभव होती है।
  • बाटानेस में नया अग्रिम संचालन अड्डा क्षेत्रीय रक्षा, समुद्री निगरानी और मानवीय सहायता में मदद करता है।
  • उत्तर में हाल के अभ्यासों में तटीय रक्षा का अभ्यास किया गया और HIMARS, NMESIS तथा Typhon जैसी प्रणालियां तैनात की गईं।
  • जनरल रोमियो ब्राउनर जूनियर ने उत्तरी लुज़ोन कमान को ताइवान पर हमले की आशंका और नागरिकों की निकासी की योजना बनाने का जिम्मा सौंपा है।
  • ताइवान में 150,000 से काफी अधिक फिलीपीनी रहते हैं, इसलिए उन्हें स्वदेश लाना फिलीपींस की योजना का प्रमुख हिस्सा है।
  • चीन ने ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं और फिलीपींस में अमेरिका की बढ़ी पहुंच की आलोचना की है।
  • फिलीपींस और ताइवान के बीच अनौपचारिक संपर्क बढ़ रहा है, जिसमें तटरक्षक समन्वय और पर्यवेक्षकों का आदान-प्रदान शामिल है।
  • मावुलिस का रणनीतिक महत्व निगरानी, प्रतिरोधक क्षमता और जरूरत पड़ने पर मानवीय अभियानों में मदद के लिए तैयार रहने में है।
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