रोज़मर्रा के भोजन में छिपा ख़तरा
नकली लेबल, प्रतिबंधित रसायन और अस्पष्ट स्रोत वाले खाद्य पदार्थ अब भी वियतनाम की स्कूल कैंटीनों, सड़क बाज़ारों और यहाँ तक कि आधुनिक सुपरमार्केटों तक पहुँच रहे हैं। हनोई में हाल ही में हुई एक कार्यशाला में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि उत्पादन, वितरण और निगरानी की कमज़ोरियों के कारण जोखिम वाले उत्पाद बाज़ार में पहुँच जाते हैं। इसका नतीजा जनस्वास्थ्य की समस्या के रूप में सामने आता है, जो उपभोक्ताओं का भरोसा कम करती है और ईमानदार किसानों तथा कारोबारों को नुकसान पहुँचाती है।
विषय-सूची
- रोज़मर्रा के भोजन में छिपा ख़तरा
- VietGAP को अपनाने की रफ्तार धीमी क्यों है
- खेतों में इस्तेमाल रसायनों से खाने की मेज़ तक
- अवशेष सीमा और कटाई-पूर्व अंतराल क्या हैं
- वितरण और उत्पाद का पता लगाने की कमज़ोर कड़ियाँ
- नई संस्थाएँ और डिजिटल साधन
- जोखिम-आधारित व्यवस्था से कामकाज कैसे बदलता है
- निर्यात का दबाव ऊँचे मानकों को बढ़ावा दे रहा है
- जब खाद्य सुरक्षा नाकाम होती है
- घरेलू बाज़ार में भरोसा कैसे बनेगा
- खरीदारों और विक्रेताओं के लिए व्यावहारिक कदम
- उपभोक्ताओं के लिए
- छोटे विक्रेताओं और स्कूल की रसोइयों के लिए
- जानने योग्य बातें
वियतनाम का कृषि क्षेत्र बड़ा और विविधतापूर्ण है। लगभग 1 करोड़ कृषि परिवार करीब 11.5 लाख हेक्टेयर में सब्ज़ियाँ और 13 लाख हेक्टेयर में फल उगाते हैं। फिर भी, इसका केवल छोटा हिस्सा ही मान्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है। सुरक्षित उत्पादन के राष्ट्रीय मानक के रूप में 2008 में शुरू किया गया VietGAP अब भी देश के खेतों के एक छोटे हिस्से पर लागू है। 2024 के एक सर्वेक्षण के अनुसार, सब्ज़ियों के एक प्रतिशत से भी कम रकबे को VietGAP प्रमाणन मिला है। फलों के मामले में करीब 76,000 हेक्टेयर और चाय के मामले में लगभग 5,200 हेक्टेयर प्रमाणित हैं। VietGAP के साथ दूसरे मानकों को भी गिनें, तो कुल प्रमाणित क्षेत्र करीब 4,40,000 हेक्टेयर है, जो देशव्यापी मांग और रोज़ाना की खपत के मुकाबले कम है।
खेत से थाली तक की आखिरी कड़ी भी कमज़ोर है। वियतनाम में 8,200 से अधिक बाज़ार, लगभग 300 व्यापार केंद्र और करीब 1,300 सुपरमार्केट हैं। आधुनिक खुदरा कारोबारियों को आपूर्ति करने वाले बड़े विक्रेता आम तौर पर सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं और उनके पास बेहतर दस्तावेज़ होते हैं। पारंपरिक बाज़ारों में छोटे व्यापारी अक्सर मौखिक भरोसे पर निर्भर रहते हैं। दूर-दूर फैले ठेलों और छोटी दुकानों में निगरानी और भी कमज़ोर है, जहाँ अधिकारियों के लिए उत्पादों के स्रोत और भंडारण की स्थितियों की पुष्टि करना चुनौतीपूर्ण होता है।
VietGAP को अपनाने की रफ्तार धीमी क्यों है
उद्योग संगठनों का कहना है कि उत्पादों के लिए VietGAP को न्यूनतम अनिवार्य मानक बनाया जाना चाहिए। फिर भी, अनुमान है कि केवल 5 से 6 प्रतिशत सब्ज़ियाँ ही इस मानक पर खरी उतरती हैं। जब इतने बुनियादी मानक का व्यापक रूप से पालन नहीं होता, तो घरेलू बाज़ार को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है और जोखिम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है। ज़्यादातर लोगों के रोज़ाना के भोजन में शामिल सब्ज़ियों के अनुपालन की दर सबसे कम है, जबकि ऊँचे मानकों पर खरी उतरने वाले कई फल स्थानीय खरीदारों के बजाय निर्यात के लिए उगाए जाते हैं।
किसानों का कहना है कि इसके कई कारण हैं। प्रमाणन के लिए रिकॉर्ड, ऑडिट और प्रशिक्षण की ज़रूरत होती है। उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले छोटे किसानों के लिए, तयशुदा ऊँची कीमत की गारंटी के बिना ये लागत उठाना मुश्किल है। ग्रामीण इलाकों में जाँच और निरीक्षण की क्षमता भी असमान है। प्रमाणित उत्पादों की खुदरा मांग भी हर जगह एक जैसी नहीं है, इसलिए कई किसानों को निवेश पर भरोसेमंद लाभ नहीं दिखता। निर्यातक अक्सर प्रमाणन इसलिए हासिल करते हैं क्योंकि विदेशी खरीदार इसकी माँग करते हैं। यही वजह है कि विदेशी बाज़ारों के लिए फल उगाने वाले क्षेत्रों में अनुपालन, घरेलू बाज़ार में बेची जाने वाली सब्ज़ियों के मुकाबले बेहतर है।
2010 के खाद्य सुरक्षा कानून के बाद से वियतनाम ने अपनी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए हैं। कानून और बाद के सुधारों से आधुनिक प्रशासनिक सिद्धांत, लेबलिंग के स्पष्ट नियम और नियमित जाँच लागू हुई। राष्ट्रीय खाद्य नियंत्रण प्रणाली में स्वास्थ्य मंत्रालय, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय और उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय शामिल हैं। समन्वय बेहतर हुआ है, लेकिन ज़िम्मेदारियों का आपस में मिलना और संसाधनों की कमी के कारण नियम लागू करना मुश्किल है। यह चुनौती अनौपचारिक क्षेत्र में ख़ास तौर पर बड़ी है, जहाँ कई छोटे उत्पादक और विक्रेता काम करते हैं। जोखिम आकलन की व्यवस्था अभी विकसित हो रही है और अलग-अलग क्षेत्रों में प्रयोगशालाओं की क्षमता असमान है।
खेतों में इस्तेमाल रसायनों से खाने की मेज़ तक
जब किसान इस बारे में नियमों का पालन नहीं करते कि कौन-सा रसायन कब इस्तेमाल करना है और फसल की कटाई कब करनी है, तो कीटनाशकों और पशु-चिकित्सा दवाओं के अवशेष लगातार जोखिम पैदा करते हैं। सबसे आम समस्या कटाई-पूर्व अंतराल की अनदेखी है। यह आखिरी बार रसायन छिड़कने और कटाई के बीच अनिवार्य समय होता है। फसल समय से पहले काटे जाने पर उसमें अवशेष स्वीकार्य सीमा से अधिक रह सकते हैं। स्वास्थ्य पर इसका असर अक्सर तुरंत दिखाई नहीं देता, जिससे इन जोखिमों का पता लगाना कठिन हो जाता है। बच्चे, बुज़ुर्ग और गर्भवती महिलाएँ लंबे समय तक संपर्क में रहने से विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
अवशेष सीमा और कटाई-पूर्व अंतराल क्या हैं
अधिकतम अवशेष सीमा, यानी MRL, भोजन में या उसकी सतह पर किसी रसायन की वह अधिकतम मात्रा है जिसकी कानूनन अनुमति है। नियामक जोखिम आकलन के बाद ये सीमाएँ तय करते हैं। इस आकलन में यह देखा जाता है कि लोग आम तौर पर किसी खाद्य पदार्थ को कितना खाते हैं और रसायन शरीर में किस तरह असर करता है। MRL विषाक्तता की सीमा नहीं है। यह कानूनी अधिकतम सीमा है, जिसका उद्देश्य रोज़ाना के संपर्क को स्वास्थ्य के लिए तय संदर्भ मानों से सुरक्षित रूप से नीचे रखना है। कटाई-पूर्व अंतराल से अवशेषों को उत्पाद के उपभोक्ताओं तक पहुँचने से पहले स्वीकार्य स्तर तक घटने का समय मिलता है।
वियतनाम में ज़्यादातर किसान कीटों से निपटने की ज़िम्मेदारी निभाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ कमियाँ अब भी बनी हुई हैं। कुछ किसान ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो खास फसलों के लिए पंजीकृत नहीं हैं। कुछ लोग पुरानी सलाह पर निर्भर रहते हैं या रिकॉर्ड नहीं रखते। जब बाज़ार में तेज़ी और आकर्षक दिखावट को इनाम मिलता है, तो समय से पहले कटाई का लालच सुरक्षा नियमों पर भारी पड़ सकता है। इसीलिए नियमों का पालन करवाना, व्यावहारिक प्रशिक्षण और भरोसेमंद जाँच अहम हैं।
वितरण और उत्पाद का पता लगाने की कमज़ोर कड़ियाँ
खेत पर खाद्य सुरक्षा की ज़िम्मेदारी खत्म नहीं होती। परिवहन, भंडारण और खुदरा बिक्री में भी कई जोखिम पैदा होते हैं। ठंडे ट्रकों या साफ़ डिब्बों के बिना, मांस और समुद्री भोजन बाज़ार पहुँचने से पहले खराब हो सकते हैं। स्टेनलेस स्टील के काउंटर, पीने योग्य पानी या बुनियादी सुरक्षात्मक उपकरणों के बिना चलने वाले ठेले सुरक्षित उत्पादों को भी दूषित कर सकते हैं। उत्पाद और परिवहन मानकों पर खरे उतरें, तब भी ठेले पर गलत तरीके से संभालने से सारी सावधानी बेकार हो सकती है।
नियामक प्रक्रियाओं में भी बदलाव हुए हैं। 2018 में वियतनाम ने कड़ी पूर्व-जाँच व्यवस्था की जगह बाद की जाँच का मॉडल अपनाया। नए नियमों के तहत, बड़ी संख्या में खेपों की तुरंत जाँच किए बिना उन्हें भेजा जाता है और कंपनियाँ खुद अनुपालन की घोषणा करती हैं। इसके बावजूद, यादृच्छिक जाँच होती हैं और आयात के छोटे हिस्से तक को निशाना बना सकती हैं। इस बदलाव से कागज़ी कार्रवाई और लागत कम हुई, लेकिन वितरण शुरू होने के बाद समस्याओं का पता लगाने की ज़िम्मेदारी कारोबारों और नियामकों पर अधिक आ गई। यह व्यवस्था तभी बेहतर काम करती है, जब उत्पाद का पता लगाने की व्यवस्था मज़बूत हो और दंड धोखाधड़ी को रोकें।
विकेंद्रीकृत निगरानी के कारण बाज़ारों और दुकानों के निरीक्षण का ज़्यादातर भार प्रांतीय अधिकारियों पर पड़ता है। नियम बदलने पर स्थानीय एजेंसियों को उन्हें लागू करने के लिए समय और संसाधनों की ज़रूरत होती है। छोटे विक्रेताओं के यहाँ उत्पादों का पता लगाने की व्यवस्था सीमित है, जिससे उत्पाद वापस मँगाने और जाँच करने का काम जटिल हो जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय एक परिपत्र का मसौदा तैयार कर रहा है, जिसके तहत मई 2026 तक हर उत्पाद के लिए डिजिटल पासपोर्ट शुरू किया जाएगा। अच्छी तरह तैयार किया गया सरल कोड किसी उत्पाद को उसके स्रोत, इस्तेमाल की गई चीज़ों, जाँच के नतीजों और वितरण के रास्ते से जोड़ सकता है। इससे जाँच तेज़ और धोखाधड़ी मुश्किल हो सकती है।
नई संस्थाएँ और डिजिटल साधन
वियतनाम खाद्य सुरक्षा के लिए अधिक वैज्ञानिक तरीका अपना रहा है। राष्ट्रीय खाद्य नियंत्रण संस्थान के तहत संचालित वियतनाम खाद्य सुरक्षा जोखिम आकलन केंद्र शुरुआती जोखिम पहचान और डेटा संग्रह को प्राथमिकता देगा। इसके कार्यादेश में स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोखिम संबंधी अध्ययन करना, मानकों के लिए मार्गदर्शन देना और राष्ट्रीय डेटाबेस विकसित करना शामिल है। इसका उद्देश्य ऐसा वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध कराना है जो उल्लंघनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में मदद करे और नियामकों को बताए कि सबसे बड़े ख़तरे कहाँ हैं।
अधिकारी दक्षिण कोरिया के साथ साझेदारी में डिजिटल खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली भी विकसित कर रहे हैं। इसका एक अहम हिस्सा खाद्य विषाक्तता के प्रकोपों की तुरंत रिपोर्टिंग है, ताकि अधिकारी बड़े नुकसान को रोकने के लिए तेज़ी से कार्रवाई कर सकें। समय के साथ, मंत्रालयों के बीच साझा डेटा मंच समन्वय बेहतर कर सकता है, बार-बार सामने आने वाली समस्याओं को उजागर कर सकता है और जहाँ सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो, वहाँ निरीक्षण पर ध्यान देने में मदद कर सकता है।
जोखिम-आधारित व्यवस्था से कामकाज कैसे बदलता है
जोखिम-आधारित मॉडल में हर चीज़ की जाँच करने के बजाय सही चीज़ों की जाँच पर ध्यान दिया जाता है। निरीक्षक उन उत्पादों, क्षेत्रों या तरीकों को प्राथमिकता देते हैं जिन्हें डेटा उच्च जोखिम वाला दिखाता है। इससे संसाधन बचते हैं और कम जोखिम वाले माल में अनावश्यक देरी घटती है। यह तरीका भरोसेमंद डेटा और मज़बूत पता लगाने की व्यवस्था पर निर्भर करता है, क्योंकि फैसले उतने ही अच्छे होते हैं जितनी अच्छी उनके पीछे की जानकारी होती है।
निर्यात का दबाव ऊँचे मानकों को बढ़ावा दे रहा है
विदेशी बाज़ार वियतनाम में बदलाव को बढ़ावा दे रहे हैं। यूरोपीय संघ कीटनाशकों के लिए अधिकतम अवशेष सीमाओं के अनुपालन की माँग करता है, कुछ रसायनों पर प्रतिबंध लगाता है और ज़्यादातर ताज़े उत्पादों के लिए पादप-स्वास्थ्य प्रमाणपत्र माँगता है। नॉर्डिक देशों के खुदरा विक्रेता अक्सर यूरोपीय संघ के बुनियादी मानकों से भी ऊँचे मानक लागू करते हैं। मूल्यवान बाज़ारों तक पहुँच बनाए रखने के लिए वियतनामी निर्यातकों को इन माँगों पर खरा उतरना होता है। इसके लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ों पर सटीक नियंत्रण और मज़बूत दस्तावेज़ीकरण ज़रूरी है।
नियामक और उद्योग क्षेत्र यूरोपीय संघ की खाद्य और चारा के लिए त्वरित चेतावनी प्रणाली जैसी चेतावनी व्यवस्थाओं पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। 2025 की शुरुआत में वियतनाम को पिछले साल की इसी अवधि से कम चेतावनियाँ मिलीं, फिर भी उनकी संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। एजेंसियों ने उत्पादकों से कीटनाशकों और एंटीबायोटिक्स पर नियंत्रण कड़ा करने, निर्यात से पहले अधिक जाँच करने और HACCP, GlobalGAP, ASC तथा BRC जैसी पता लगाने और गुणवत्ता प्रणालियों को मज़बूत करने का आग्रह किया है। कई छोटे और मध्यम उद्यम अब भी नई खाद्य श्रेणियों, जैसे नवीन खाद्य पदार्थों और मिश्रित उत्पादों के नियम सीख रहे हैं, जिससे अनुपालन की चुनौतियाँ बढ़ती हैं।
कुछ और उपाय लागू होने वाले हैं। यूरोपीय संघ के वनों की कटाई संबंधी नियम के तहत यह प्रमाण देना होगा कि कॉफी, रबर और लकड़ी जैसे उत्पाद ऐसी ज़मीन से नहीं आए हैं जो वनों की कटाई से जुड़ी हो। यूरोपीय संघ मछली और क्रस्टेशियन में अकार्बनिक आर्सेनिक की सीमा तय करने की तैयारी भी कर रहा है। 2026 के आखिर से यूरोपीय संघ उन रोगाणुरोधी दवाओं पर प्रतिबंध लगाएगा जिनका इस्तेमाल मानव चिकित्सा में या पशु उत्पादों में वृद्धि बढ़ाने के लिए होता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में समुद्री स्तनधारी संरक्षण अधिनियम 1 जनवरी 2026 से पूरी तरह लागू होगा। निर्यातकों को ऐसी सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी जो अनजाने में पकड़ी गई समुद्री प्रजातियों यानी बायकैच के लिए अमेरिकी नियमों के बराबर हो। इन नियमों के चलते वियतनाम को पूरी आपूर्ति श्रृंखला में निगरानी, उत्पाद का पता लगाने और टिकाऊपन के मानक बेहतर करने होंगे।
नियमों का अनुपालन केवल तकनीकी मुद्दा नहीं है। प्रमाणन प्रक्रियाएँ बदलने पर खेपें अटक सकती हैं। जुलाई से लागू एक नियम के तहत यूरोपीय संघ को निर्यात के लिए कुछ खाद्य सुरक्षा प्रमाणपत्र निजी संस्थाओं के बजाय सरकारी अधिकारियों को जारी करने होते हैं। कुछ प्रांतों को सही प्रक्रियाएँ स्थापित करने में समय लगा है। फल और सब्ज़ियों की खेपों में देरी हुई है और भंडारण लागत बढ़ी है, जिससे किसानों और आयातकों दोनों को नुकसान होता है। बिन्ह थुआन के ड्रैगन फ्रूट क्षेत्र के नेताओं समेत उद्योग प्रतिनिधियों ने तेज़ी से समाधान निकालने की माँग की है, ताकि उत्पाद बंदरगाहों पर न अटके रहें।
कुछ लक्षित समाधानों के संकेत दिख रहे हैं। उदाहरण के लिए, वियतनाम ने ताज़े ड्यूरियन के निर्यात के लिए खाद्य सुरक्षा की विस्तृत प्रक्रियाएँ जारी की हैं। इनमें खेती और कटाई से लेकर पैकिंग और शिपिंग तक की ज़रूरतें तय हैं। बागानों का निरीक्षण कर उन्हें पहचान कोड दिए जाते हैं। इससे उत्पाद का पता लगाने की व्यवस्था मज़बूत होती है और दूसरी फसलों के लिए भी एक मॉडल मिलता है।
जब खाद्य सुरक्षा नाकाम होती है
गंभीर नतीजों वाली घटनाएँ अब भी होती हैं। 2024 के आखिर में वुंग ताऊ की एक बान्ह मी दुकान को खाद्यजनित बीमारी के बड़े प्रकोप से जोड़ा गया। 340 से अधिक लोग बीमार पड़े और एक व्यक्ति की मौत हो गई। जाँचकर्ताओं को साल्मोनेला और ई. कोलाई से संदूषण मिला, जो संभवतः सूअर के मांस से बने उत्पादों और कच्ची सब्ज़ियों से आया था। अधिकारियों ने मालिक पर जुर्माना लगाया और दुकान का कामकाज निलंबित कर दिया। यह मामला पहले हुई ऐसी बड़ी घटनाओं की याद दिलाता है, जिनमें अलग-अलग प्रांतों में सैकड़ों लोग बीमार पड़े थे।
इन प्रकोपों में कुछ बातें समान हैं। कच्चे मांस का रस सब्ज़ियों या पके हुए भोजन को छूने से संदूषण फैल सकता है। फ्रिज में बहुत ज़्यादा सामान भरा हो या वह पर्याप्त ठंडा न हो, तो बैक्टीरिया तेज़ी से बढ़ते हैं। कर्मचारियों पर जल्दबाज़ी का दबाव हो और औज़ारों को ठीक से साफ़ किए बिना बार-बार इस्तेमाल किया जाए, तो किसी एक सामग्री में मौजूद रोगाणु कई ग्राहकों तक पहुँच सकता है। इसका विज्ञान सरल है। साल्मोनेला और ई. कोलाई को अच्छी तरह पकाने से मारा जा सकता है। साफ़ पानी, अलग-अलग काटने के तख्ते और सुरक्षित भंडारण तापमान बुनियादी सुरक्षा उपाय हैं। WHO के सुरक्षित भोजन के पाँच सिद्धांत: सफ़ाई रखें, कच्चे और पके भोजन को अलग रखें, भोजन अच्छी तरह पकाएँ, उसे सुरक्षित तापमान पर रखें और सुरक्षित पानी तथा कच्ची सामग्री का इस्तेमाल करें। ये सिद्धांत घरों, दुकानों और स्कूल की रसोइयों, सभी के लिए प्रासंगिक हैं।
घरेलू बाज़ार में भरोसा कैसे बनेगा
समाधान उभर रहे हैं। 2026 के लिए प्रस्तावित डिजिटल उत्पाद पासपोर्ट, उपभोक्ताओं को लेबल पर दिखने वाली जानकारी को स्रोत, इस्तेमाल की गई चीज़ों और जाँच के नतीजों के सत्यापित डेटा से जोड़ सकता है। हर खेप पर स्कैन किया जा सकने वाला कोड हो, तो विक्रेता मौके पर ही अनुपालन साबित कर सकते हैं और नियामक कुछ ही घंटों में समस्या के स्रोत का पता लगा सकते हैं। यह पारदर्शिता खरीदारों को गुणवत्ता के लिए अधिक कीमत चुकाने का भरोसा भी देती है।
खेती में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों पर नियंत्रण कड़ा करना होगा। किसानों को स्पष्ट मार्गदर्शन चाहिए कि किन रसायनों की अनुमति है और उनका इस्तेमाल कैसे करना है। खुदरा विक्रेताओं को ऐसी आपूर्ति ठुकरानी चाहिए जो कटाई-पूर्व अंतराल के नियमों का पालन न करे। अवैध कीटनाशकों और बेईमान वितरकों के खिलाफ कार्रवाई से ईमानदार उत्पादकों को बराबरी का अवसर मिलता है। सहकारी समितियों और सामुदायिक समूहों के ज़रिए प्रशिक्षण देकर कौशल तेज़ी से बढ़ाया जा सकता है, खासकर उन इलाकों में जहाँ छोटे किसानों को रिकॉर्ड रखने, खाद के इस्तेमाल, एकीकृत कीट प्रबंधन और साफ़ पानी पर व्यावहारिक सलाह की ज़रूरत है।
बाज़ारों में बुनियादी ढाँचे का उन्नयन भी अहम है। पीने योग्य पानी के नल, स्टेनलेस स्टील की सतहों, हाथ धोने की जगहों और भरोसेमंद शीत भंडारण में साधारण निवेश से संदूषण का जोखिम घटता है। बेहतर परिवहन, जिसमें ऊष्मारोधित क्रेट और ठंडे ट्रक शामिल हैं, वियतनाम की गर्म जलवायु में मछली और मांस को सुरक्षित रखता है। स्वतंत्र प्रयोगशालाएँ और मोबाइल जाँच इकाइयाँ तेज़ी से जाँच करने में मदद कर सकती हैं। ई-कॉमर्स मंच और सुपरमार्केट श्रृंखलाएँ अपने आपूर्तिकर्ताओं से उत्पाद का पता लगाने वाली जानकारी माँग सकती हैं, जिससे पूरे तंत्र को बेहतर तरीकों की ओर बढ़ावा मिलता है।
समन्वय भी अहम है। स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग मंत्रालयों समेत साझा ज़िम्मेदारी वाली एजेंसियों को आपस में जुड़े डेटाबेस, एक जैसी परिभाषाएँ और समय पर डेटा साझा करने की व्यवस्था चाहिए। नया जोखिम आकलन केंद्र साक्ष्य और शुरुआती चेतावनियों का केंद्र बन सकता है। अधिकारी और उत्पादक इस बात पर सहमत हैं कि उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाना बेहद ज़रूरी है। जब खरीदार सुरक्षित उत्पादों की माँग करते हैं और प्रमाणित गुणवत्ता को तरजीह देते हैं, तो बाज़ार अच्छे तौर-तरीकों को बढ़ावा देने लगता है।
खरीदारों और विक्रेताओं के लिए व्यावहारिक कदम
खाद्य सुरक्षा साझा ज़िम्मेदारी है। जोखिम घटाने और भरोसा बढ़ाने में उपभोक्ताओं, विक्रेताओं, स्कूलों और नियामकों, सभी की भूमिका है। छोटे-छोटे बदलाव जब बड़े पैमाने पर अपनाए जाते हैं, तो बड़ा फर्क ला सकते हैं।
उपभोक्ताओं के लिए
- ऐसे विक्रेताओं से खरीदें जो उत्पाद का स्रोत बता सकें और VietGAP, GlobalGAP या दुकान के अपने गुणवत्ता चिह्न जैसे बुनियादी दस्तावेज़ दिखा सकें।
- साफ़-सुथरे ठेले, मांस और समुद्री भोजन के लिए शीत भंडारण तथा कच्चे और पके भोजन के लिए अलग-अलग जगह देखें।
- सब्ज़ियों को बहते पानी में धोएँ, संभव हो तो छीलें और भंडारण से पहले हवा में सुखाएँ।
- घर में कच्चे और पके भोजन को अलग रखें, अलग-अलग काटने के तख्तों का इस्तेमाल करें और कामों के बीच औज़ार साफ़ करें।
- मांस, समुद्री भोजन और अंडों को अच्छी तरह पकाएँ। बचा हुआ खाना दो घंटे के भीतर फ्रिज में रखें।
- धोने और पकाने के लिए सुरक्षित पानी इस्तेमाल करें। संदेह होने पर पानी उबालें या बोतलबंद पानी लें।
- उपलब्ध होने पर उत्पाद के कोड स्कैन करके स्रोत और तारीखें जाँचें। अस्पष्ट लेबल या तारीख की जानकारी के बिना बिकने वाली चीज़ों से बचें।
छोटे विक्रेताओं और स्कूल की रसोइयों के लिए
- फ्रिज और गर्म भोजन को गर्म रखने वाले उपकरणों का तापमान रिकॉर्ड करें। थर्मामीटर को नियमित रूप से अंशांकित करें।
- कच्चा मांस खाने के लिए तैयार भोजन से नीचे रखें। एक-दूसरे से संदूषण रोकने के लिए रंगों के आधार पर अलग-अलग औज़ार इस्तेमाल करें।
- खाना तैयार करने, पकाने और भंडारण के अहम जोखिमों पर नियंत्रण के लिए HACCP सिद्धांतों पर आधारित सरल चेकलिस्ट अपनाएँ।
- पीने योग्य पानी और मंज़ूरशुदा सफ़ाई उत्पादों का इस्तेमाल करें। कर्मचारियों को हाथ धोने और सतहों को साफ़ रखने का प्रशिक्षण दें।
- खेपों के स्रोत और डिलीवरी की तारीखें दर्ज करें। ज़रूरत पड़ने पर तुरंत देखने के लिए फ़ोन या टैबलेट पर बुनियादी डिजिटल रिकॉर्ड रखें।
- पता लगाने और प्रमाणन की नई ज़रूरतों को समझने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ काम करें। नियम बदलने पर प्रशिक्षण माँगें।
- गर्म, क्षतिग्रस्त या स्पष्ट दस्तावेज़ों के बिना पहुँची आपूर्ति ठुकरा दें।
जानने योग्य बातें
- 2010 के बाद से वियतनाम की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है, फिर भी अनौपचारिक बाज़ारों और छोटे पैमाने के उत्पादन में नियम लागू करना मुश्किल बना हुआ है।
- VietGAP का दायरा छोटा है। सब्ज़ियों के एक प्रतिशत से कम रकबे को प्रमाणन मिला है और दूसरी फसलों में भी इसे सीमित रूप से अपनाया गया है।
- कीटनाशक अवशेष और कटाई-पूर्व अंतराल के नियमों का कमज़ोर पालन अब भी स्वास्थ्य के लिए जोखिम हैं।
- वितरण और खुदरा बिक्री कमज़ोर कड़ियाँ हैं। उत्पाद का पता लगाने की व्यवस्था सीमित है और बाज़ारों का बुनियादी ढाँचा असमान है।
- पता लगाने की व्यवस्था और जवाबदेही बेहतर करने के लिए 2026 के डिजिटल उत्पाद पासपोर्ट का मसौदा तैयार किया जा रहा है।
- एक नया राष्ट्रीय जोखिम आकलन केंद्र, 2030 तक शुरुआती ख़तरों का पता लगाने और साझा डेटा प्रणाली बनाने को प्राथमिकता देगा।
- यूरोपीय संघ और अमेरिका के निर्यात नियम अवशेषों, पता लगाने की व्यवस्था, टिकाऊपन और पशु कल्याण के ऊँचे मानकों को बढ़ावा दे रहे हैं।
- तुरंत खाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थों से जुड़े हालिया प्रकोप दिखाते हैं कि रखरखाव और भंडारण में खराब स्वच्छता की कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
- खेती में इस्तेमाल चीज़ों पर बेहतर नियंत्रण, व्यावहारिक प्रशिक्षण, बाज़ारों का उन्नयन और आपस में जुड़ा डेटा पूरी श्रृंखला में सुरक्षा बढ़ा सकता है।
- उपभोक्ता और विक्रेता रोज़मर्रा में खाद्यजनित जोखिम घटाने के लिए WHO के पाँच सिद्धांतों समेत सरल कदम अपना सकते हैं।






