सिंगापुर में वेपिंग पर नई सख्ती: विदेशियों के परमिट रद्द, निर्वासन और प्रवेश पर प्रतिबंध का सामना
सख्त कानूनों और साफ-सुथरी सड़कों के लिए मशहूर सिंगापुर, वेपिंग के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर रहा है। 1 सितंबर, 2025 से, इस नगर-राज्य में ई-सिगरेट या वेप के साथ पकड़े गए विदेशियों को भारी जुर्माने के अलावा अपने परमिट रद्द होने, निर्वासन और देश में दोबारा प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध का जोखिम भी उठाना पड़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय द्वारा घोषित नए उपाय दुनिया के सबसे सख्त वेपिंग-विरोधी नियमों में से एक हैं। इनका निशाना निकोटीन वाले और नशीले पदार्थ मिले वेप, दोनों हैं। यह सख्ती अवैध वेपिंग के बढ़ते मामलों और नशीले पदार्थों वाले उपकरणों, खासकर एटोमिडेट युक्त वेप को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच की जा रही है। एटोमिडेट को स्थानीय तौर पर "Kpods" कहा जाता है।
विषय-सूची
- सिंगापुर में वेपिंग पर नई सख्ती: विदेशियों के परमिट रद्द, निर्वासन और प्रवेश पर प्रतिबंध का सामना
- सिंगापुर वेपिंग पर इतनी सख्ती क्यों कर रहा है?
- वेपिंग करते पकड़े गए विदेशियों के लिए नए दंड क्या हैं?
- ट्रांजिट यात्री और पर्यटक: कोई छूट नहीं
- कानूनों को कैसे लागू किया जाता है?
- नशीले पदार्थ मिले वेपिंग को लेकर इतनी चिंता क्यों है?
- सिंगापुर का तरीका दुनिया के अन्य देशों से कितना अलग है?
- सिंगापुर में वेपिंग संस्कृति की वास्तविकता क्या है?
- प्रवासी कामगारों और विदेशों से आए लोगों के लिए मायने
- क्षेत्रीय असर: पर्यटन और सीमा-पार चुनौतियां
- आलोचना और बहस: क्या शून्य-सहनशीलता सबसे अच्छा तरीका है?
- विदेशियों को क्या करना चाहिए?
- सारांश
सिंगापुर का संदेश साफ है: देश वेपिंग बर्दाश्त नहीं करेगा और विदेशियों पर स्थानीय लोगों जैसे, बल्कि उनसे भी सख्त, दंड लागू होंगे। नए नियमों के पर्यटकों, प्रवासियों, प्रवासी कामगारों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए गंभीर निहितार्थ हैं।
सिंगापुर वेपिंग पर इतनी सख्ती क्यों कर रहा है?
सिंगापुर ने 2018 में ई-सिगरेट और वेप के आयात, बिक्री, खरीद, इस्तेमाल और कब्जे पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसा करने वाले वह दुनिया के शुरुआती देशों में से एक था। अधिकारियों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं, नशीली दवाओं के दुरुपयोग की ओर ले जाने वाले माध्यम के रूप में वेपिंग के जोखिम और युवाओं को इसकी आदत से बचाने की जरूरत को प्रतिबंध के प्रमुख कारण बताया है। एटोमिडेट मिले वेप के हालिया बढ़ते चलन ने सरकार की चिंता और बढ़ा दी है। एटोमिडेट एक शक्तिशाली बेहोशी की दवा है, जिसका असर केटामाइन जैसा होता है।
स्वास्थ्य मंत्री ओंग ये कुंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा:
वेप बहुत गंभीर नशीले पदार्थों के दुरुपयोग का रास्ता बन गए हैं। अब इन उपकरणों का इस्तेमाल नशीले पदार्थ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।सरकार की शून्य-सहनशीलता की नीति का मकसद सिंगापुर में रहने, काम करने या घूमने आए लाखों विदेशियों और निवासियों को कड़ी चेतावनी देना है।
हालिया आंकड़े समस्या की गंभीरता दिखाते हैं। 2025 की पहली छमाही में अधिकारियों को एटोमिडेट वाले ई-वेप पॉड के 28 मामले मिले, जो पूरे 2024 में मिले मामलों की संख्या से लगभग तीन गुना है। नशीले पदार्थ मिले वेप इस्तेमाल करने के बाद युवाओं के असामान्य व्यवहार के वीडियो वायरल हुए हैं, जिससे जनता की चिंता बढ़ी है और सख्त कार्रवाई के समर्थन में इजाफा हुआ है।
वेपिंग करते पकड़े गए विदेशियों के लिए नए दंड क्या हैं?
नए उपायों के तहत दंड के कई स्तर तय किए गए हैं। बार-बार नियम तोड़ने वालों और नशीले पदार्थ मिले वेप के साथ पकड़े गए लोगों को ज्यादा सख्त नतीजे भुगतने होंगे। नियमों का विवरण इस प्रकार है:
- पहली बार उल्लंघन (निकोटीन वाले वेप): ई-वेपोराइज़र के साथ पकड़े गए विदेशियों के उपकरण जब्त किए जाएंगे और उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों पर S$500 का जुर्माना लगेगा (पहले S$300), जबकि वयस्कों पर S$700 का (पहले S$500)।
- बार-बार उल्लंघन: शॉर्ट-टर्म विजिट पास धारक दोबारा नियम तोड़ने पर सिंगापुर में फिर से प्रवेश नहीं कर पाएंगे। लंबे समय के परमिट (एम्प्लॉयमेंट पास, एस पास, वर्क परमिट, स्टूडेंट्स पास, लॉन्ग-टर्म विजिट पास, डिपेंडेंट्स पास) पर रहने वाले विदेशियों का तीसरी बार उल्लंघन करने पर परमिट रद्द हो सकता है। उन्हें निर्वासित किया जा सकता है और दोबारा प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
- नशीले पदार्थ मिले वेप (Kpods/एटोमिडेट): एटोमिडेट मिले वेप के साथ पकड़े गए या इस पदार्थ की जांच में पॉजिटिव पाए गए विदेशियों के परमिट रद्द किए जा सकते हैं, उन्हें निर्वासित किया जा सकता है और सिंगापुर में प्रवेश पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जा सकता है, भले ही यह उनका पहला उल्लंघन हो।
- आपूर्तिकर्ता और तस्कर: नशीले पदार्थ मिले वेप की आपूर्ति करते पकड़े गए लोगों को, उनकी राष्ट्रीयता चाहे जो भी हो, 20 साल तक की जेल और बेंत से 15 वार तक की सजा हो सकती है।
गृह मंत्री के. शनमुगम ने जोर देकर कहा कि लंबे समय के परमिट पर रहने वाले युवा या पहली बार नियम तोड़ने वालों के प्रति कुछ नरमी बरती जा सकती है, लेकिन बार-बार उल्लंघन करने वालों को देश से हटाया जाएगा। अपील पर हर मामले के आधार पर विचार किया जाता है, लेकिन कुल मिलाकर नीति में कोई नरमी नहीं है।
ट्रांजिट यात्री और पर्यटक: कोई छूट नहीं
सिंगापुर के सख्त नियम उन लोगों पर भी लागू होते हैं जो सिर्फ चांगी हवाई अड्डे से होकर गुजर रहे हों। आने वाली उड़ानों में घोषणाओं और प्रमुख स्थानों पर लगे संकेतों के जरिए यात्रियों को चेतावनी दी जाती है कि वे आव्रजन जांच से पहले अपने वेप खास लाल डिब्बों में डाल दें। स्वास्थ्य मंत्री ओंग ये कुंग ने जोर देकर कहा:
वेप का निपटान करना जरूरी है। ट्रांजिट यात्री हवाई अड्डे पर इसकी घोषणा कर सकते हैं और लाल डिब्बों में वेप डाल सकते हैं।पकड़े जाने पर अधिकारी यह जांचेंगे कि वेप निजी इस्तेमाल के लिए हैं या तस्करी के लिए। तस्करी पर कहीं ज्यादा सख्त दंड लागू होंगे।
कानूनों को कैसे लागू किया जाता है?
सिंगापुर में कानूनों को लागू करने की व्यवस्था कई स्तरों पर काम करती है और इसमें कई सरकारी एजेंसियां शामिल हैं:
- आव्रजन एवं चेकपॉइंट प्राधिकरण (ICA): सीमा पर जांच बढ़ाए जाने के बाद हाल के महीनों में सैकड़ों वेप और उनके पुर्जे जब्त किए गए हैं। एक चर्चित मामले में, वुडलैंड्स चेकपॉइंट पर 890 से अधिक वेप और 6,700 पुर्जों के साथ एक मलेशियाई व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
- मानवशक्ति मंत्रालय (MOM): वेपिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगभग 700 अधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं। इसमें प्रवासी कामगारों के छात्रावासों में अचानक जांच भी शामिल है। विशेष कार्रवाई के लिए कुछ अधिकारियों को स्वास्थ्य विज्ञान प्राधिकरण में तैनात किया गया है।
- जन-जागरूकता: सरकार कई भाषाओं में सामग्री बांटकर और नियोक्ताओं, छात्रावास संचालकों तथा गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर प्रवासी कामगारों और घरेलू सहायकों तक पहुंच बनाने के लिए जागरूकता अभियान तेज कर रही है।
- सामुदायिक और परिवहन केंद्र: चांगी हवाई अड्डे, सामुदायिक क्लबों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर वेप निपटान के डिब्बे और वेपिंग-विरोधी संकेत लगाए जा रहे हैं। गश्ती दल पार्कों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर अचानक जांच करते हैं।
अधिकारी वेप की ऑनलाइन बिक्री और प्रचार पर रोक लगाने के लिए नए कानूनों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। विक्रेताओं को आपराधिक गिरोहों का हिस्सा माना जा रहा है और दोषसिद्धि के बिना भी उनका मुनाफा जब्त किया जा सकता है। वेप का प्रचार करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को सिंगापुर के दर्शकों तक पहुंचने से रोका जा सकता है।
नशीले पदार्थ मिले वेपिंग को लेकर इतनी चिंता क्यों है?
एटोमिडेट मिले वेप पर हालिया ध्यान, जिन्हें Kpods कहा जाता है, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को लेकर व्यापक चिंता को दर्शाता है। एटोमिडेट एक शक्तिशाली बेहोशी की दवा है। इसे सांस के जरिए लेने पर मांसपेशियों में ऐंठन, दौरे, भ्रम और शारीरिक निर्भरता हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने छह महीने के लिए एटोमिडेट को श्रेणी C के नियंत्रित नशीले पदार्थ के रूप में वर्गीकृत किया है। जरूरत के अनुसार इस वर्गीकरण को आगे बढ़ाने या बदलने की योजना है।
एटोमिडेट मिले वेप रखना या इस्तेमाल करना अब अन्य नियंत्रित नशीले पदार्थों जैसे दंड के दायरे में आता है: अवैध रूप से रखने और इस्तेमाल करने पर 10 साल तक की जेल और S$20,000 का जुर्माना, जबकि आपूर्तिकर्ताओं को 20 साल तक की जेल और बेंत से 15 वार तक की सजा हो सकती है। विदेशियों को इन दंडों से छूट नहीं है और उन्हें तुरंत निर्वासित कर देश में स्थायी प्रवेश प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय ने चेतावनी दी है कि आपराधिक गिरोह दक्षिण-पूर्व एशिया में सिंथेटिक नशीले पदार्थों को फैलाने के लिए वेपिंग उद्योग का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे में सिंगापुर की कार्रवाई नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों पर रोक लगाने के व्यापक क्षेत्रीय प्रयास का हिस्सा है।
सिंगापुर का तरीका दुनिया के अन्य देशों से कितना अलग है?
शून्य-सहनशीलता की नीति के मामले में सिंगापुर दुनिया के सबसे सख्त देशों में शामिल है। थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और मेक्सिको जैसे देशों ने भी वेपिंग पर व्यापक प्रतिबंध या कड़ी पाबंदियां लगाई हैं, खासकर यात्रियों के लिए। यूरोप में स्पेन, फ्रांस और बेल्जियम जैसे देशों ने डिस्पोजेबल वेप पर प्रतिबंध लगाया है या सार्वजनिक स्थानों पर वेपिंग सीमित की है, लेकिन वहां के दंड आमतौर पर सिंगापुर जितने सख्त नहीं हैं।
यात्रियों को विदेश में ई-सिगरेट ले जाने से पहले स्थानीय कानूनों की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है। सिंगापुर में ट्रांजिट के दौरान वेप रखना भी जुर्माने, जब्ती और संभावित निर्वासन का कारण बन सकता है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार की यात्रा सलाह में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वेप रखना या आयात करना, निजी इस्तेमाल या ट्रांजिट के लिए भी, अवैध है और इसके लिए कड़े दंड का प्रावधान है।
सिंगापुर में वेपिंग संस्कृति की वास्तविकता क्या है?
प्रतिबंध के बावजूद सिंगापुर में वेपिंग की एक खुली अवैध संस्कृति बनी हुई है, खासकर युवाओं के बीच। अकादमिक अध्ययनों से पता चलता है कि नए-नए फ्लेवर, इस्तेमाल में आसानी और सामाजिक स्वीकार्यता के कारण वेपिंग आकर्षक लगती है। कुछ लोगों का मानना है कि नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता और वेपिंग समाज में गहरी पैठ बना चुकी है। इसी वजह से पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बजाय नियमित बाजार बनाने की मांग उठती रही है।
हालांकि, सरकार की नीति सख्त कार्रवाई और जन-जागरूकता के जरिए वेपिंग को असामान्य और अस्वीकार्य बनाना है। उम्मीद है कि जोखिमों और दंडों को स्पष्ट करके तथा वेपिंग को नशीले पदार्थों से जुड़ा गंभीर मुद्दा मानकर इसके अवैध इस्तेमाल में कमी लाई जा सकेगी।
प्रवासी कामगारों और विदेशों से आए लोगों के लिए मायने
सिंगापुर के विदेशी कामगारों का एक बड़ा हिस्सा प्रवासी कामगारों का है, इसलिए नए प्रवर्तन प्रयासों में उन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल छात्रावासों में प्रवासी कामगारों के बीच वेपिंग के मामले कम हैं, लेकिन मानवशक्ति मंत्रालय अचानक जांच और जागरूकता अभियान तेज कर रहा है। वेप के साथ पकड़े गए वर्क-पास धारकों के परमिट रद्द हो सकते हैं और उन्हें सिंगापुर में काम करने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
नियोक्ताओं, छात्रावास संचालकों और गैर-सरकारी संगठनों को अपनी भाषाओं में यह संदेश फैलाने के लिए साथ जोड़ा जा रहा है, ताकि सभी विदेशी कामगार वेपिंग के कानूनी और स्वास्थ्य संबंधी नतीजों को समझें।
क्षेत्रीय असर: पर्यटन और सीमा-पार चुनौतियां
सिंगापुर की सख्त नीति का क्षेत्र में अनचाहा असर भी हो रहा है। इंडोनेशिया का बाटम द्वीप, जो यहां से नौका द्वारा सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है, कानूनी तौर पर वेपिंग करने के इच्छुक सिंगापुरवासियों के लिए खुद को एक गंतव्य के रूप में पेश कर रहा है। बाटम के पर्यटन अधिकारियों ने सिंगापुर से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की बात कही है। यह पहले के उन रुझानों की याद दिलाता है, जब गोल्फ जैसी गतिविधियों पर सिंगापुर के नियमों के चलते पड़ोसी देशों में पर्यटन बढ़ा था।
माना जाता है कि सिंगापुर में ज्यादातर अवैध वेप पड़ोसी मलेशिया और इंडोनेशिया से आते हैं। इससे सीमा-पार सहयोग की जरूरत उजागर होती है। मलेशिया ने देशव्यापी प्रतिबंध नहीं लगाया है और इंडोनेशिया वेप के तरल पदार्थ में मौजूद अवैध नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने पर ध्यान दे रहा है, जबकि सिंगापुर का तरीका कहीं अधिक सख्त है। मलेशिया के स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस पर करीबी नजर रख रहे हैं और कुछ ने अपनी सरकार से ऐसे ही उपायों पर विचार करने का आग्रह किया है।
आलोचना और बहस: क्या शून्य-सहनशीलता सबसे अच्छा तरीका है?
सिंगापुर की अडिग नीति को नुकसान कम करने के समर्थकों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। उनका तर्क है कि वेपिंग को नशीले पदार्थों से जुड़ा अपराध मानना उन सबूतों को नजरअंदाज करता है जिनके अनुसार नियंत्रित ई-सिगरेट धूम्रपान छोड़ने में मदद कर सकती हैं। वे प्रतिबंध के बजाय नियमन की मांग करते हैं और चेतावनी देते हैं कि कड़े दंड से वेपिंग और अधिक छिपकर की जा सकती है।
अधिकारियों का जवाब है कि नशीले पदार्थ मिले वेप से जुड़े जोखिम और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों की भागीदारी सख्त कार्रवाई को जायज ठहराते हैं। सरकार का कहना है कि जनस्वास्थ्य की रक्षा और युवाओं को लत से बचाना, नुकसान कम करने के पक्ष में दिए जा रहे तर्कों से अधिक महत्वपूर्ण है।
विदेशियों को क्या करना चाहिए?
विदेशियों के लिए सीधी सलाह है: सिंगापुर में वेप न लाएं, न खरीदें, न इस्तेमाल करें और न अपने पास रखें। यह निकोटीन या किसी अन्य पदार्थ वाले सभी प्रकार के ई-सिगरेट पर लागू होता है। अगर आप चांगी हवाई अड्डे से सिर्फ ट्रांजिट कर रहे हैं, तब भी वहां पहुंचने से पहले किसी भी वेप का निपटान कर दें। कानून की जानकारी न होना बचाव का आधार नहीं है और दंड कड़े हैं।
यात्रियों को ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी स्रोत देखने और स्थानीय कानूनों का पूरी तरह पालन करने की सलाह दी जाती है। नियोक्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेशी कर्मचारी और छात्र नियमों तथा उनके उल्लंघन के नतीजों से अवगत हों।
सारांश
- सिंगापुर दुनिया के कुछ सबसे सख्त वेपिंग-विरोधी कानून लागू कर रहा है। ई-सिगरेट या वेप के साथ पकड़े गए विदेशियों को कड़े दंड का सामना करना पड़ सकता है।
- दंड में जुर्माना, परमिट रद्द होना, निर्वासन और दोबारा प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध शामिल हैं। बार-बार नियम तोड़ने वालों और नशीले पदार्थ मिले वेप के साथ पकड़े गए लोगों के लिए कार्रवाई खास तौर पर सख्त है।
- सीमाओं पर, प्रवासी कामगारों के छात्रावासों में और सार्वजनिक स्थानों पर कड़ी कार्रवाई जारी है। जागरूकता और जन-संपर्क प्रयास भी बढ़ाए जा रहे हैं।
- सिंगापुर की नीति वेपिंग नियमों को सख्त करने के व्यापक वैश्विक रुझान का हिस्सा है, लेकिन यहां के दंड सबसे कड़े दंडों में शामिल हैं।
- पर्यटकों, विदेशों से आए लोगों और प्रवासी कामगारों समेत सभी विदेशियों को किसी भी परिस्थिति में सिंगापुर में वेप लाने या इस्तेमाल करने से बचने की सख्त सलाह दी जाती है।






