दक्षिण कोरिया ने 22 अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज का किया एलान: अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सभी नागरिकों को नकद सहायता देने का बड़ा दांव

पढ़ने में 14 मिनट
South Korea’s New Government Calls for $10 Billion Stimulus - WSJ

अर्थव्यवस्था पर बड़ा दांव

मंदी की बढ़ती आशंकाओं से निपटने और सुस्त अर्थव्यवस्था को फिर से गति देने के लिए निर्णायक कदम उठाते हुए, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के प्रशासन ने 30.5 ट्रिलियन वॉन (22.1 अरब डॉलर) के व्यापक पूरक बजट को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी प्रोत्साहन पैकेज का मुख्य हिस्सा 15.2 ट्रिलियन वॉन (11 अरब डॉलर) का कार्यक्रम है, जिसके तहत दक्षिण कोरिया के हर नागरिक को नकद के बराबर मूल्य वाले वाउचर दिए जाएंगे। इस नीति ने आर्थिक रणनीति, राजकोषीय जिम्मेदारी और देश की कल्याणकारी व्यवस्था के भविष्य को लेकर तीखी राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।

विषय-सूची
  1. अर्थव्यवस्था पर बड़ा दांव
  2. प्रोत्साहन पैकेज का ब्योरा
  3. स्तर के अनुसार नकद सहायता
  4. नकद सहायता से आगे: प्रमुख क्षेत्रों को मजबूती
  5. राजनीतिक और आर्थिक तर्क
  6. राष्ट्रपति ली की लंबे समय से चली आ रही सोच
  7. धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था पर त्वरित प्रतिक्रिया
  8. बड़ी बहस: लोकलुभावनवाद बनाम व्यावहारिकता
  9. लोकलुभावनवाद का आरोप
  10. बढ़ता कर्ज और राजकोषीय चिंताएं
  11. नकद सहायता का संदर्भ: यूबीआई का उभार
  12. सार्वभौमिक बुनियादी आय (यूबीआई) क्या है?
  13. महामारी के दौरान दक्षिण कोरिया के प्रयोग
  14. वैश्विक रुझान
  15. आगे की राह
  16. संक्षेप में

राष्ट्रपति ली के कनाडा दौरे से लौटने के कुछ ही घंटे बाद गुरुवार को हुई विशेष मंत्रिमंडल बैठक में इस खर्च योजना को मंजूरी दी गई। सरकार का तर्क है कि यह योजना दिवालिया होने की कगार पर खड़े छोटे कारोबारियों के लिए अहम सहारा और कमजोर पड़ती उपभोक्ता मांग को जरूरी प्रोत्साहन देगी। ली के राष्ट्रपति बनने के कुछ ही हफ्तों बाद उठाया गया यह कदम देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए आक्रामक और त्वरित रुख का संकेत देता है। इन चुनौतियों में अमेरिकी टैरिफ की धमकियों का असर और निर्माण क्षेत्र में लंबे समय से जारी गिरावट शामिल हैं।

राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इस फैसले को नैतिक और आर्थिक आवश्यकता बताया। बैठक में उन्होंने कहा, “आम लोगों की तकलीफ की गंभीरता को देखते हुए, यह राज्य के बजट का इस्तेमाल करने का समय है।” उन्होंने सरकारी खर्च के लाभों को निष्पक्ष रूप से बांटने की जरूरत पर जोर दिया। यह सिद्धांत उनके राजनीतिक करियर की आधारशिला रहा है।

हालांकि, विपक्ष ने योजना की तीखी आलोचना की है और अर्थशास्त्रियों ने इसकी प्रभावशीलता पर संदेह जताते हुए दीर्घकालिक नतीजों को लेकर आगाह किया है। रूढ़िवादी पीपल पावर पार्टी ने राष्ट्रपति पर लोकलुभावन राजनीति करने का आरोप लगाया है, जबकि वित्तीय विशेषज्ञ देश के तेजी से बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जता रहे हैं। इस तरह यह प्रोत्साहन पैकेज एक बड़ा दांव है, जिसमें तत्काल आर्थिक राहत के वादे के मुकाबले राजकोषीय दबाव के जोखिम हैं। साथ ही, यह नए प्रशासन के लिए निर्णायक राजनीतिक संघर्ष की जमीन तैयार करता है।

प्रोत्साहन पैकेज का ब्योरा

30.5 ट्रिलियन वॉन का पूरक बजट एक बहुआयामी रणनीति है, जिसका मकसद अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी पहुंचाना है। इसमें अनुमानित कर राजस्व में 10.3 ट्रिलियन वॉन की बड़ी कटौती शामिल है। पांच साल में पहली बार ऐसा संशोधन किया गया है, जो आर्थिक सुस्ती की गंभीरता को दर्शाता है। बाकी 20.2 ट्रिलियन वॉन नए खर्च के लिए आवंटित किए गए हैं, जिसमें नकद सहायता कार्यक्रम सबसे बड़ा हिस्सा है।

स्तर के अनुसार नकद सहायता

इसे अक्सर सार्वभौमिक भुगतान कहा जाता है, लेकिन नकद राहत कार्यक्रम एक मिश्रित और सूक्ष्म मॉडल है, जिसमें सार्वभौमिक सिद्धांतों के साथ लक्षित सहायता भी शामिल है। यह ढांचा गैर-भेदभावपूर्ण कल्याण के लिए राष्ट्रपति ली की लंबे समय से चली आ रही पैरवी और राजकोषीय सीमाओं के भीतर आर्थिक प्रभाव अधिकतम करने की व्यावहारिक जरूरत के बीच समझौता है। भुगतान वाउचर या स्थानीय मुद्रा के रूप में दिए जाएंगे, जिन्हें एक तय अवधि के भीतर स्थानीय कारोबारों में खर्च करना होगा। इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पैसा बचत में जाने के बजाय घरेलू अर्थव्यवस्था में ही घूमता रहे।

भुगतान की राशि आय के आधार पर अलग-अलग होगी:

  • बुनियादी कल्याण सहायता पाने वाले: अत्यधिक गरीबी में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक 500,000 वॉन (363 डॉलर) मिलेंगे।
  • गरीबी के करीब वाले समूह: “गरीबी के करीब” श्रेणी में आने वाले लोगों को 400,000 वॉन (290 डॉलर) मिलेंगे।
  • आम जनता: आय के निचले 90 प्रतिशत वर्ग में आने वाले दक्षिण कोरिया के अधिकांश नागरिकों को कुल 250,000 वॉन (181 डॉलर) मिलेंगे। इसमें 150,000 वॉन का सार्वभौमिक आधार भुगतान और इसके अलावा 100,000 वॉन शामिल हैं।
  • सबसे अधिक कमाई करने वाले शीर्ष 10 प्रतिशत: सबसे अधिक आय वाले लोगों को 150,000 वॉन (110 डॉलर) का आधार भुगतान मिलेगा।

इसके अलावा, आबादी घटने के जोखिम वाले घोषित 84 ग्रामीण और तटीय इलाकों के निवासियों को 20,000 वॉन अतिरिक्त मिलेंगे। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि फिलहाल इस योजना में विदेशी नागरिक शामिल नहीं हैं, लेकिन बाद में अपवादों पर विचार किया जा सकता है। वित्त उप मंत्री लिम की-क्यून ने अनुमान लगाया कि इस कार्यक्रम से लगभग 13 ट्रिलियन वॉन का प्रत्यक्ष उपभोग बढ़ेगा।

विज्ञापन

उप मंत्री लिम ने इस स्तरबद्ध व्यवस्था को “वास्तविक दुनिया की सीमाओं के भीतर सार्वभौमिक कल्याण के मूल्यों को बनाए रखने वाला व्यावहारिक समझौता” बताया। इसके पीछे तर्क यह है कि कम आय वाले परिवारों में अतिरिक्त आय खर्च करने की सीमांत प्रवृत्ति अधिक होती है। यानी वे इस अतिरिक्त धन को तुरंत खर्च करने की अधिक संभावना रखते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावी प्रोत्साहन मिलता है।

नकद सहायता से आगे: प्रमुख क्षेत्रों को मजबूती

सीधे भुगतान के अलावा, पूरक बजट में अर्थव्यवस्था के अन्य संकटग्रस्त क्षेत्रों के लिए भी पर्याप्त धन रखा गया है। आबादी के सबसे कमजोर तबकों को लक्षित करते हुए “आजीविका स्थिरीकरण” के लिए 5 ट्रिलियन वॉन का पैकेज तय किया गया है। इसमें छोटे कारोबारियों के लंबे समय से बकाया कर्ज से जुड़ी अहम राहत योजना शामिल है। इसके तहत सरकार बकाया कर्ज खरीदेगी और कर्ज माफी या पुनर्गठन योजनाओं की पेशकश करेगी। रोजगार सुरक्षा जाल को मजबूत करने के लिए 1.6 ट्रिलियन वॉन अलग रखे गए हैं। इसमें नौकरी तलाशने वालों के लाभ और वेतन भुगतान में देरी का सामना कर रहे कर्मचारियों के लिए सहायता शामिल है।

आर्थिक वृद्धि पर बड़ा दबाव डाल रहे निर्माण क्षेत्र को सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं के लिए 3.9 ट्रिलियन वॉन मिलेंगे। दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे नए उद्योगों में 1.2 ट्रिलियन वॉन का निवेश किया जाएगा। सरकार उपभोक्ताओं पर केंद्रित अन्य योजनाएं भी शुरू कर रही है, जिनमें ऊर्जा-दक्ष घरेलू उपकरणों पर 10 प्रतिशत छूट और आवास, सिनेमाघरों तथा खेल सुविधाओं जैसे क्षेत्रों के लिए लाखों डिस्काउंट कूपन शामिल हैं।

राजनीतिक और आर्थिक तर्क

बड़े पैमाने पर नकद सहायता कार्यक्रम लागू करने का फैसला अचानक नहीं लिया गया है। यह उस नीतिगत सोच का नतीजा है, जिसकी राष्ट्रपति ली जे म्युंग एक दशक से अधिक समय से पैरवी करते आए हैं। उनकी राजनीतिक पहचान का सीधा संबंध सरकारी मदद और बुनियादी आय की अवधारणा से है। उन्होंने राजनीतिक विरोध के बावजूद लगातार इन विचारों को आगे बढ़ाया है।

राष्ट्रपति ली की लंबे समय से चली आ रही सोच

ऐसी नीतियों के लिए राष्ट्रपति ली की पैरवी का इतिहास ग्योंगगी प्रांत के सियोंगनाम शहर के महापौर के रूप में उनके कार्यकाल तक जाता है। वहां उन्होंने स्कूली वर्दी मुफ्त देने और प्रसव के बाद मुफ्त देखभाल सेवाएं शुरू करने जैसी लोकप्रिय लेकिन विवादास्पद योजनाएं लागू कीं। उनकी सबसे उल्लेखनीय पहल युवाओं के लिए बुनियादी आय योजना थी, जिसे उस समय प्रांतीय सरकार की कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 2019 में ग्योंगगी प्रांत का गवर्नर चुने जाने के बाद उन्होंने इन प्रयोगों का विस्तार किया। इनमें सबसे चर्चित कदम कोविड-19 महामारी के दौरान उठाया गया, जब प्रांत ने केंद्र सरकार की प्रोत्साहन योजना के अलावा अपनी नकद राहत भी बांटी।

हाल में, पिछली सरकार के दौरान मुख्य विपक्षी दल के नेता रहते हुए ली ने अगस्त 2024 में 250,000 वॉन की सार्वभौमिक नकद सहायता देने के लिए 13 ट्रिलियन वॉन का विधेयक पेश किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति यून सुक योल ने अंततः इस विधेयक पर वीटो कर दिया। इसके बाद राष्ट्रपति चुनाव में मिली जीत ने अब उन्हें देश के सर्वोच्च पद से इस लंबे समय से चाही गई नीति का एक रूप लागू करने का जनादेश दिया है।

धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था पर त्वरित प्रतिक्रिया

प्रोत्साहन पैकेज की तात्कालिकता दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति को दर्शाती है। सरकार ने कठिनाइयों का “दुष्चक्र” पैदा करने वाले कई नकारात्मक कारकों की ओर इशारा किया है। इनमें कमजोर घरेलू खपत शामिल है, जिसके चलते खुदरा बिक्री स्थिर बनी हुई है। साथ ही निर्माण क्षेत्र सिकुड़ रहा है और वैश्विक व्यापार विवादों, खासकर अमेरिकी टैरिफ की धमकियों से बाहरी जोखिम बढ़े हैं। दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था का पारंपरिक इंजन निर्यात भी कमजोर वैश्विक मांग के बीच लड़खड़ा रहा है।

विज्ञापन

राष्ट्रपति ली के पदभार संभालने के महज 15 दिन बाद प्रशासन ने असाधारण तेजी से पूरक बजट तैयार किया, ताकि इस दुष्चक्र को तोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता का संकेत दिया जा सके। हुंडई रिसर्च इंस्टीट्यूट के आर्थिक अनुसंधान निदेशक जू वॉन ने कहा कि बजट सही समय पर आया है। उन्होंने कहा, “मंदी की गंभीरता और प्रशासन के शुरुआती दौर को देखते हुए, यह बजट जरूरी गति देगा।” सरकार का अनुमान है कि इस प्रोत्साहन से देश की वार्षिक जीडीपी वृद्धि 0.1 से 0.2 प्रतिशत अंक बढ़ेगी और यह वृद्धि 1 प्रतिशत के दायरे में पहुंच सकती है। बैंक ऑफ कोरिया का मौजूदा अनुमान 0.8 प्रतिशत है।

बड़ी बहस: लोकलुभावनवाद बनाम व्यावहारिकता

प्रोत्साहन योजना सरकार की भूमिका और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के प्रबंधन पर व्यापक वैचारिक संघर्ष का केंद्र बन गई है। आलोचकों का तर्क है कि यह राजकोषीय रूप से गैर-जिम्मेदाराना लोकलुभावन कदम है, जबकि समर्थक इसे जरूरी और व्यावहारिक हस्तक्षेप बताते हैं।

लोकलुभावनवाद का आरोप

रूढ़िवादी विपक्षी पीपल पावर पार्टी इस योजना की सबसे मुखर आलोचक रही है। पार्टी के प्रवक्ता हो जुन-सोक ने एक बयान जारी कर राष्ट्रपति ली पर चुनावी जीत के लिए मतदाताओं को इनाम देने का आरोप लगाया। हो ने कहा, “अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पूरक बजट जरूरी होगा, लेकिन यह अनिश्चित है कि लोगों में पैसा बांटने से आर्थिक सुधार हो पाएगा।” इस आलोचना का मुख्य तर्क है कि सभी को नकद सहायता देना करदाताओं के पैसे का अक्षम इस्तेमाल है। इससे ऐसी लोकलुभावन नीतियों के लिए खतरनाक मिसाल कायम हो सकती है, जो दीर्घकालिक राजकोषीय सेहत के बजाय अल्पकालिक राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देती हैं।

कुछ अर्थशास्त्री भी इन चिंताओं से सहमत हैं। कोरिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर किम जिन-इल ने कहा कि “कम आय वाले समूहों पर सहायता केंद्रित करने के लिए अधिक भेद किया जाना चाहिए था।” उनका तर्क है कि ज्यादा लक्षित तरीका खर्च किए गए हर वॉन के बदले अधिक आर्थिक प्रभाव पैदा करता।

विज्ञापन

बढ़ता कर्ज और राजकोषीय चिंताएं

सबसे बड़ी चिंता देश की राजकोषीय स्थिरता को लेकर है। 30.5 ट्रिलियन वॉन के पैकेज के लिए सरकार 19.8 ट्रिलियन वॉन के नए सरकारी बॉन्ड जारी करेगी। इससे साल के अंत तक राष्ट्रीय कर्ज 1,300 ट्रिलियन वॉन से ऊपर पहुंच जाएगा और अनुमानित ऋण-जीडीपी अनुपात 48.4 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत हो जाएगा। राजकोषीय घाटा भी जीडीपी के 3.3 प्रतिशत से बढ़कर 4.2 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

सोगांग विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर ली युन-सू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से दक्षिण कोरिया का कर्ज स्तर मामूली है, लेकिन इसमें बढ़ोतरी की रफ्तार चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “इस तेजी से बिगड़ती स्थिति में सावधानी बरतनी चाहिए।” उन्होंने आगाह किया कि वैश्विक बॉन्ड बाजार बड़े पैमाने पर कर्ज जारी किए जाने को कम स्वीकार कर सकते हैं। सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी में वित्तीय अर्थशास्त्र के प्रोफेसर आन डोंग-ह्युन ने बजट को “अल्पकालिक प्रोत्साहन” बताया और गहरे सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “रोजगार में स्थायी वृद्धि के लिए कोरिया को वित्त, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में नियमन में ढील देने सहित मध्यम और दीर्घकालिक सुधारों की भी जरूरत है।”

नकद सहायता का संदर्भ: यूबीआई का उभार

दक्षिण कोरिया की नीति अलग-थलग नहीं है। यह सीधे नकद भुगतान और सार्वभौमिक बुनियादी आय (यूबीआई) को लेकर चल रही वैश्विक चर्चा का हिस्सा है। यह अवधारणा आर्थिक सिद्धांत के हाशिये से निकलकर दुनिया भर में नीतिगत बहसों के केंद्र में पहुंच गई है। कोविड-19 महामारी ने इस रुझान को काफी तेज किया।

सार्वभौमिक बुनियादी आय (यूबीआई) क्या है?

सार्वभौमिक बुनियादी आय ऐसी व्यवस्था है, जिसमें सरकार हर वयस्क नागरिक को उसकी आय या रोजगार की स्थिति की परवाह किए बिना नियमित रूप से एक निश्चित रकम देती है। थॉमस पेन जैसे विचारकों तक जाने वाली जड़ों वाला यह विचार गरीबी कम करने, आर्थिक सुरक्षा देने और जटिल नौकरशाही वाली कल्याणकारी योजनाओं की जगह लेने का लक्ष्य रखता है। 21वीं सदी में, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एंड्रयू यांग जैसे समर्थकों ने तर्क दिया है कि स्वचालन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण रोजगार खत्म होने की चुनौती से निपटने के लिए यह जरूरी है। इसे तथाकथित “चौथी औद्योगिक क्रांति” कहा जाता है।

महामारी के दौरान दक्षिण कोरिया के प्रयोग

महामारी दक्षिण कोरिया में यूबीआई जैसी नीतियों की वास्तविक दुनिया में आजमाइश का अवसर बनी। 2020 में केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए परिवारों को आपातकालीन राहत राशि बांटी। शुरुआत में यह योजना सबसे कम कमाई करने वाले 70 प्रतिशत लोगों के लिए थी, लेकिन नेशनल असेंबली ने इसका दायरा बढ़ाकर सभी नागरिकों को शामिल कर लिया। इस अनुभव और तत्कालीन गवर्नर ली के नेतृत्व में ग्योंगगी प्रांत की स्थानीय मुद्रा योजनाओं ने जनता को सीधे नकद सहायता से परिचित कराया और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने की इसकी क्षमता दिखाई। पारंपरिक बाजारों के छोटे कारोबारियों ने बिक्री बढ़ने की सूचना दी, क्योंकि ग्राहक सरकार से मिले पैसे खर्च कर रहे थे। इससे इस विचार को जमीनी स्तर पर समर्थन मिला।

विज्ञापन

वैश्विक रुझान

महामारी के दौरान दुनिया भर में इसी तरह के प्रयोग हुए। अमेरिका में प्रोत्साहन चेक और बढ़ाए गए बाल कर क्रेडिट से बाल गरीबी में भारी कमी आई। इसके बाद कैलिफोर्निया के स्टॉकटन से लेकर इलिनॉय के कुक काउंटी तक के शहरों में 150 से अधिक स्थानीय यूबीआई परीक्षण कार्यक्रम शुरू हुए। कनाडा में समर्थकों ने यूबीआई को जन्म दर में गिरावट जैसी सामाजिक समस्याओं के समाधान से जोड़ा है। उनका तर्क है कि अधिक बच्चे पैदा करने पर विचार करने के लिए परिवारों को वित्तीय स्थिरता जरूरी है। यह दक्षिण कोरिया के लिए खास तौर पर प्रासंगिक है, जहां दुनिया की सबसे कम प्रजनन दर है। एशिया के अन्य हिस्सों, जैसे ताइवान में भी इस पर बहस जारी है, जहां यूबीआई की व्यावहारिकता को विशिष्ट राजकोषीय और भू-राजनीतिक सीमाओं के संदर्भ में परखा जा रहा है। ये वैश्विक उदाहरण दिखाते हैं कि सरकारें आर्थिक प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा, दोनों के लिए सीधे नकद भुगतान पर विचार करने को तेजी से तैयार हो रही हैं।

आगे की राह

मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद पूरक बजट का प्रस्ताव सोमवार को अंतिम मतदान के लिए नेशनल असेंबली में पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति ली सप्ताहांत में प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने वाले हैं, ताकि आम सहमति बनाई जा सके। हालांकि, संसद में नतीजा लगभग तय माना जा रहा है। सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया के पास 298 में से 167 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत है, इसलिए विधेयक पारित होने की संभावना बहुत अधिक है।

सरकार तेजी से योजना लागू करने की तैयारी में है और उम्मीद है कि नकद के बराबर मूल्य वाले वाउचर जुलाई के मध्य तक बांटने शुरू हो जाएंगे। इस बड़े आर्थिक प्रयोग की सफलता पर करीबी नजर रखी जाएगी। इससे न केवल दक्षिण कोरिया की आर्थिक बहाली की दिशा तय होगी, बल्कि राष्ट्रपति ली के आर्थिक दर्शन की भी अहम परीक्षा होगी। देश एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है: समृद्धि की नई राह बनाने की बड़ी कोशिश में वह अपने लोगों की तत्काल जरूरतों और वित्तीय स्थिति की दीर्घकालिक सेहत के बीच संतुलन साध रहा है।

संक्षेप में

  • दक्षिण कोरिया की सरकार ने 30.5 ट्रिलियन वॉन (22.1 अरब डॉलर) के पूरक बजट को मंजूरी दी है। इसमें अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए 15.2 ट्रिलियन वॉन का नकद सहायता कार्यक्रम शामिल है।
  • नकद भुगतान आय के आधार पर तय होंगे और 150,000 से 500,000 वॉन तक होंगे। यह सार्वभौमिक और लक्षित सहायता के बीच समझौता है।
  • प्रोत्साहन योजना का मकसद धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था से निपटना और संकटग्रस्त छोटे कारोबारों को सहारा देना है, लेकिन आलोचकों ने लोकलुभावनवाद और राष्ट्रीय कर्ज में तेज बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई है।
  • यह नीति राष्ट्रपति ली जे म्युंग की प्रमुख पहल है। यह सीधे नकद सहायता में उनके लंबे समय से चले आ रहे विश्वास को दर्शाती है, जिसका उन्होंने पहले प्रांतीय गवर्नर रहते हुए परीक्षण किया था।
  • यह कदम सार्वभौमिक बुनियादी आय (यूबीआई) और सीधे नकद भुगतान पर व्यापक वैश्विक चर्चा का हिस्सा है। कोविड-19 महामारी के दौरान इस रुझान को काफी गति मिली।
  • सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत वाली नेशनल असेंबली में विधेयक पारित होने की उम्मीद है। भुगतान जुलाई के मध्य तक बांटने की योजना है।
यह लेख शेयर करें

आपको यह भी पसंद आ सकता है