ढाका वापसी को दूसरा खिताब जीतने में बदलना चाहता है बांग्लादेश
बांग्लादेश 23 साल का इंतजार खत्म कर SAFF चैंपियनशिप का खिताब जीतने की अपनी मुहिम 5 नवंबर, 2026 को रात 8 बजे ढाका के नेशनल स्टेडियम में भूटान के खिलाफ शुरू करेगा। कप्तान टोपु बर्मन की कोशिश होगी कि मिडफील्डर हमजा चौधरी के टीम से जुड़ने से पहले टीम जीत दर्ज करे। मेजबान टीम ने आखिरी बार 2003 में, तब भी ढाका में, क्षेत्रीय ट्रॉफी जीती थी।
विषय-सूची
- ढाका वापसी को दूसरा खिताब जीतने में बदलना चाहता है बांग्लादेश
- शुरुआती नतीजे का महत्व क्यों ज्यादा है
- हमजा की गैरमौजूदगी से साझा नेतृत्व पर रहेगा ध्यान
- निर्णायक गोलों के रिकॉर्ड के साथ टोपु संभालेंगे कप्तानी
- आत्मविश्वास के साथ तैयारियों की कमी
- भूटान भी अपनी महत्वाकांक्षाओं और सीमाओं के साथ पहुंचा
- 2018 का अभियान टोपु को निजी सबक याद दिलाता है
- ढाका में फिर मेजबानी, भारत खिताब का प्रबल दावेदार
- बांग्लादेश के अभियान का फैसला करने वाली तारीखें
- मुख्य बातें
शुरुआती मुकाबले में ऐसी दो टीमें आमने-सामने होंगी जिनकी तैयारियां बाधित हुई हैं, हालांकि दोनों खेमों ने भरोसे से भरे संदेश दिए हैं। बांग्लादेश ने कोई अभ्यास मैच खेले बिना ट्रेनिंग की है और हमजा तथा फॉरवर्ड फरहान अली वाहिद के बिना शुरुआत करेगा, क्योंकि वे विदेशी क्लबों की प्रतिबद्धताओं में व्यस्त हैं। घरेलू लीग के कार्यक्रम के बीच भूटान को अपने खिलाड़ियों को एकजुट करने में मुश्किल हुई।
मुख्य कोच थॉमस डूली का मानना है कि बांग्लादेश छह टीमों की इस प्रतियोगिता जीत सकता है। उनकी तात्कालिक चुनौती इस महत्वाकांक्षा को अंक में बदलना है। ग्रुप में भूटान और श्रीलंका हैं और सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए केवल दो मैच मिलेंगे।
पहले फिटनेस संबंधी चिंताओं के बाद अब पूरी तरह फिट सेंटर-बैक टोपु को भूटान के खिलाफ मैच के लिए कप्तान नियुक्त किया गया है। वह चाहते हैं कि 11 नवंबर को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे ग्रुप मुकाबले से पहले बांग्लादेश हमजा के स्वागत के लिए जीत दर्ज करे।
शुरुआती नतीजे का महत्व क्यों ज्यादा है
ग्रुप A में बांग्लादेश का रास्ता छोटा है: पहले भूटान और फिर श्रीलंका से मुकाबला, जबकि शीर्ष दो टीमें आगे बढ़ेंगी। भूटान के खिलाफ जीत से तीन अंक मिलेंगे और आखिरी ग्रुप मैच से पहले मेजबान टीम मजबूत स्थिति में होगी। हार का मतलब होगा कि वापसी के लिए केवल एक मुकाबला बचेगा।
टूर्नामेंट से पहले जारी रैंकिंग में बांग्लादेश 182वें, श्रीलंका 184वें और भूटान 192वें स्थान पर हैं। लिहाजा बांग्लादेश अपने ग्रुप की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम के रूप में उतरेगा, हालांकि श्रीलंका से उसका अंतर केवल दो स्थान का है।
भूटान के खिलाफ बांग्लादेश का रिकॉर्ड भी बेहतर है। दोनों के बीच 17 मुकाबलों में बांग्लादेश ने 13 जीते, दो हारे और दो ड्रॉ खेले हैं। यह इतिहास मेजबान टीम से जुड़ी उम्मीदों को और बढ़ाता है। उसके समर्थक 2003 की सफलता के बाद दूसरे चैंपियनशिप खिताब का इंतजार कर रहे हैं।
टोपु का लक्ष्य व्यावहारिक भी है और भावनात्मक भी: शुरुआती मैच जीतना, अगले मुकाबले का दबाव घटाना और बाद में आने वाले खिलाड़ियों को मजबूत आधार देना। ट्रॉफी की ओर पहला कदम हमले और मिडफील्ड के दो अपेक्षित खिलाड़ियों के बिना उठाना होगा।
हमजा की गैरमौजूदगी से साझा नेतृत्व पर रहेगा ध्यान
हमजा भूटान के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे, क्योंकि यह मुकाबला 9 नवंबर को FIFA अंतरराष्ट्रीय विंडो शुरू होने से पहले है। अंतरराष्ट्रीय विंडो वह अवधि होती है जिसे राष्ट्रीय टीमों के लिए तय किया जाता है, ताकि वे उन खिलाड़ियों को बुला सकें जिनकी क्लबों के साथ भी जिम्मेदारियां होती हैं। बांग्लादेश का शुरुआती मुकाबला इस अवधि के शुरू होने से चार दिन पहले है।
हमजा और फरहान के श्रीलंका के खिलाफ मैच के लिए उपलब्ध रहने की उम्मीद है। उनकी गैरमौजूदगी में पहले से शिविर में मौजूद खिलाड़ियों की जिम्मेदारी होगी कि वे ग्रुप में बांग्लादेश की स्थिति मजबूत करें।
टूर्नामेंट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश के कप्तान के रूप में बोलते हुए टोपु ने कहा कि टीम को हमजा के कार्यक्रम की जानकारी पहले से थी और वह जीत के बाद उनका स्वागत करना चाहती है।
मुझे हमजा की बहुत कमी खलेगी। हमें अपनी टीम में उनके जैसे नेतृत्व की सचमुच जरूरत है।
इसके बाद टोपु ने बताया कि मिडफील्डर के आने से पहले वह कैसा नतीजा चाहते हैं।
हमारा काम उनके लिए रास्ता आसान करना है, जिसका मतलब है भूटान के खिलाफ जीतना। हम चाहते हैं कि वह जीतकर आ रही टीम से जुड़ें।
बांग्लादेश के लिए यह नुकसान सिर्फ एक खिलाड़ी की पासिंग या गेंद पर नियंत्रण तक सीमित नहीं है। टोपु ने हमजा के मार्गदर्शन को खास तौर पर रेखांकित किया और शुरुआती मैच में टीम को संगठित तथा संयमित रखने की जिम्मेदारी बाकी वरिष्ठ खिलाड़ियों पर डाली।
निर्णायक गोलों के रिकॉर्ड के साथ टोपु संभालेंगे कप्तानी
बांग्लादेश टीम मैनेजर आमेर खान ने पुष्टि की कि भूटान के खिलाफ टोपु टीम की कप्तानी करेंगे। डूली ने नेतृत्व की जिम्मेदारी सिर्फ आर्मबैंड पहनने वाले खिलाड़ी तक सीमित रखने के बजाय व्यापक नेतृत्व समूह की बात की।
कोच ने कहा कि जमाल भुइयां, हमजा और टोपु, तीनों नेतृत्व दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि डिफेंडर पीछे से साथियों को व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है, जहां से उसे आगे विकसित हो रहे खेल का बड़ा हिस्सा दिखाई देता है।
इस योजना के लिए टोपु का फिट होकर लौटना अहम है। डूली ने कहा कि एशियन कप क्वालीफायर के दौरान उन्हें डिफेंडर की कमी खली थी। तैयारी के शुरुआती दौर में टोपु पूरे 90 मिनट खेलने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन कोच ने कहा कि वह भूटान के मुकाबले के लिए उपलब्ध हैं।
डिफेंडर का गोल करने का रिकॉर्ड भी असाधारण है। चार गोल के साथ वह मौजूदा बांग्लादेशी टीम के SAFF चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। वह राष्ट्रीय टूर्नामेंट में रोकनुज्जमान कंचन और जाहिद हसन अमेली के कुल गोलों से सिर्फ एक पीछे हैं; दोनों ने पांच-पांच गोल किए हैं। ढाका में पिछले संस्करण में उनके योगदान से पता चलता है कि विरोधियों को उन्हें बचाव के साथ-साथ गोल के पास भी नजर में रखना होगा।
आत्मविश्वास के साथ तैयारियों की कमी
बांग्लादेश ने 25 अक्टूबर को शिविर शुरू किया, लेकिन चैंपियनशिप से पहले कोई अभ्यास मैच नहीं खेला। उसका पिछला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला इंडोनेशिया के खिलाफ था। ऐसे में भूटान से भिड़ने से पहले डूली के पास खिलाड़ियों के संयोजन परखने के लिए कोई आखिरी मैच नहीं था।
डूली ने कहा कि उपयुक्त प्रतिद्वंद्वी उपलब्ध नहीं थे और कुछ खिलाड़ियों को चोट या फिटनेस संबंधी चिंताएं थीं। बांग्लादेश फुटबॉल फेडरेशन ने भी बताया कि टूर्नामेंट FIFA विंडो के बाहर शुरू हो रहा है और प्रतियोगिता के करीब चोट लगने का जोखिम है।
ट्रेनिंग में पासिंग और गेंद पर नियंत्रण की बुनियादी गलतियां कम करने पर ध्यान दिया गया है। ये बातें अहम हैं, क्योंकि गलत पास से हमला रुक सकता है या डिफेंडरों के अपनी जगह से हटे होने पर विरोधियों को गेंद मिल सकती है।
टीम में बदलावों ने कोचिंग स्टाफ के सामने एक और चुनौती खड़ी की है। अब्दुल्ला उमर साजिब और ताज उद्दीन को आखिरी समय में बुलाया गया, डिफेंडर ईसा फैसल को टीम से मुक्त किया गया और रोनान सुलिवन चोटिल हो गए। शुरुआती मैच से पहले उनके विकल्प की घोषणा नहीं हुई थी।
इसके बावजूद डूली ने टूर्नामेंट जीतने को हासिल किया जा सकने वाला लक्ष्य बताया। बांग्लादेश के मुख्य कोच ने अपना भरोसा भी जताया और खिलाड़ियों से अपेक्षित मेहनत की बात भी रखी।
हमें भरोसा है कि हम खेल सकते हैं, संघर्ष कर सकते हैं और अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। मुझे लगता है कि इस टूर्नामेंट को जीतने का हमारे पास वास्तविक मौका है। 23 साल बाद यह संभव है।
इसके बाद उन्होंने लगातार प्रयास करते रहने की जरूरत बताई।
लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास के साथ खेलना और आखिरी मिनट तक संघर्ष करना होगा।
भूटान भी अपनी महत्वाकांक्षाओं और सीमाओं के साथ पहुंचा
भूटान के मुख्य कोच गैरी फिलिप्स को भी तैयारी मैचों की कमी का सामना करना पड़ा है। घरेलू लीग की जिम्मेदारियों के चलते टीम को एकजुट होने में देर हुई और राष्ट्रीय टीम के रूप में ट्रेनिंग के लिए उपलब्ध समय कम हो गया।
उनकी टीम में सभी खिलाड़ी भूटान में खेलते हैं और उसमें कई युवा तथा नए सदस्य शामिल हैं। फिलिप्स इस चैंपियनशिप को भविष्य के एशियाई और विश्व कप क्वालीफायर से पहले खिलाड़ियों को परखने का मौका मानते हैं। साथ ही उनकी टीम नॉकआउट दौर में जगह बनाने के लिए भी मुकाबला करेगी।
ढाका के लिए बाधित तैयारियों के बावजूद भूटान ने सितंबर में सेशेल्स और मॉरीशस के खिलाफ खेलकर हालिया अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल किया। कप्तान छेंचो ग्येल्तशेन ने टीम पर भरोसा जताया, हालांकि उन्होंने माना कि तैयारी का समय सीमित था।
छेंचो ने यह भी कहा कि वह हमजा के खिलाफ खेलना चाहते थे। चोट के कारण वह बांग्लादेश के खिलाफ पिछला मुकाबला नहीं खेल पाए थे और मिडफील्डर के खिलाफ खेलना भूटान के खिलाड़ियों के लिए क्षेत्र के एक प्रमुख फुटबॉलर से सीखने का मौका होता।
भूटान का तात्कालिक लक्ष्य बांग्लादेश जैसा ही है: पहला मैच जीतना और सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावनाएं बढ़ाना। ऐसे में मेजबान टीम के सामने एक ऐसा प्रतिद्वंद्वी होगा जिसका स्पष्ट प्रतिस्पर्धी लक्ष्य है, साथ ही वह युवा खिलाड़ियों के विकास में भी रुचि रखता है।
2018 का अभियान टोपु को निजी सबक याद दिलाता है
बांग्लादेश ने आखिरी बार 2018 में SAFF चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। उस समय टोपु ने टीम को उत्साहजनक शुरुआत दिलाने में मदद की, लेकिन अंत में टीम बाहर हो गई। मेजबान टीम ने अपने शुरुआती दोनों मैच जीते, फिर भी तीसरा मुकाबला हारकर सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी।
4 सितंबर को भूटान के खिलाफ 2-0 की जीत में टोपु ने तीसरे मिनट में पेनल्टी से गोल किया। हाफटाइम के कुछ ही समय बाद महबुबुर रहमान सुफिल ने दूसरा गोल जोड़ा। दो दिन बाद टोपु ने पाकिस्तान के खिलाफ 85वें मिनट में हेडर से विजयी गोल करके 1-0 की जीत पक्की की।
इसके बाद बांग्लादेश 8 सितंबर को नेपाल से 2-0 से हार गया। नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश, तीनों ने छह अंक हासिल किए, इसलिए गोल अंतर से उनके स्थान तय हुए। गोल अंतर का मतलब है किसी टीम के किए गए गोलों की संख्या में से उसके खिलाफ हुए गोलों की संख्या घटाना।
नेपाल का गोल अंतर प्लस पांच, पाकिस्तान का प्लस तीन और बांग्लादेश का प्लस एक रहा। इस तरह बांग्लादेश की दो जीत उसे अगले दौर में जगह नहीं दिला सकीं। गोलकीपर शाहिदुल आलम सोहेल ने बाद में कहा कि नेपाल के पहले गोल पर उनसे हुई गलती से पहले फ्लडलाइट की रोशनी के कारण उन्हें गेंद दिखाई नहीं दी थी।
2026 के प्रारूप में बांग्लादेश को तीन के बजाय ग्रुप के दो मैच खेलने हैं। टोपु को प्रत्यक्ष अनुभव है कि अच्छी शुरुआत कितनी जल्दी बेअसर हो सकती है। इसलिए रक्षात्मक अनुशासन और दूसरा मुकाबला, दोनों इस अभियान के अहम हिस्से हैं।
ढाका में फिर मेजबानी, भारत खिताब का प्रबल दावेदार
भारत 5 नवंबर को दोपहर 3:30 बजे पाकिस्तान के खिलाफ अपने खिताब बचाव अभियान की शुरुआत करेगा। इसके बाद बांग्लादेश इसी स्टेडियम में रात 8 बजे भूटान से भिड़ेगा। भारत ने नौ SAFF खिताब जीते हैं और 2023 में बेंगलुरु में कुवैत को फाइनल में हराने के बाद दसवां खिताब जीतने की कोशिश में है।
ग्रुप B में भारत, मालदीव और पाकिस्तान हैं। भारत के कोच नौशाद मूसा चाहते हैं कि उनके खिलाड़ी चैंपियनशिप बचाने के दबाव में उलझने के बजाय खुलकर खेलें। 2023 में SAFF के पिछले मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 4-0 से हराया था।
उस संस्करण में बांग्लादेश सेमीफाइनल तक पहुंचा था, जहां अतिरिक्त समय के बाद कुवैत से 1-0 से हार गया। बांग्लादेश ने आखिरी बार 2005 में फाइनल खेला था, जब भारत ने उसे 2-0 से हराया। 1999 में भी बांग्लादेश भारत के बाद दूसरे स्थान पर रहा था।
2003, 2009 और 2018 के बाद ढाका चौथी बार चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है। आयोजन से पहले नेशनल स्टेडियम के स्टैंड, प्रेस सुविधाओं, मैदान की घास और जल निकासी व्यवस्था पर काम किया गया है।
डूली चाहते हैं कि इस परिचित माहौल और दर्शकों से टीम को अतिरिक्त ताकत मिले। टोपु मानते हैं कि समर्थकों को जीत और ट्रॉफी की उम्मीद है। उन्होंने उनसे टीम का साथ देने की अपील की है, क्योंकि बांग्लादेश अपने एकमात्र खिताबी अभियान को दोहराने की कोशिश कर रहा है।
बांग्लादेश के अभियान का फैसला करने वाली तारीखें
ग्रुप में बांग्लादेश के दोनों मैचों के बीच छह दिन का अंतर है और इसी दौरान FIFA विंडो शुरू होगी। इसके बाद 14 और 17 नवंबर को नॉकआउट मुकाबले होंगे। नीचे दिए गए सभी समय बांग्लादेश के स्थानीय समय के अनुसार हैं।
- 25 अक्टूबर: बांग्लादेश ने ट्रेनिंग शिविर शुरू किया।
- 5 नवंबर: भारत बनाम पाकिस्तान, दोपहर 3:30 बजे; बांग्लादेश बनाम भूटान, रात 8 बजे।
- 8 नवंबर: मालदीव बनाम पाकिस्तान, दोपहर 3:30 बजे; श्रीलंका बनाम भूटान, रात 8 बजे।
- 9 नवंबर: FIFA अंतरराष्ट्रीय विंडो शुरू होगी।
- 11 नवंबर: भारत बनाम मालदीव, दोपहर 3:30 बजे; बांग्लादेश बनाम श्रीलंका, रात 8 बजे।
- 14 नवंबर: सेमीफाइनल दोपहर 3 बजे और रात 8:30 बजे खेले जाएंगे।
- 17 नवंबर: फाइनल रात 8 बजे निर्धारित है।
ग्रुप A की विजेता टीम का सामना ग्रुप B की उपविजेता से होगा, जबकि ग्रुप B की विजेता टीम ग्रुप A की उपविजेता से खेलेगी। इस तरह हर टीम का सेमीफाइनल प्रतिद्वंद्वी उसकी ग्रुप में अंतिम स्थिति तय करेगी। टूर्नामेंट के प्रसारण के विकल्पों में T Sports, Toffee और Bongo शामिल हैं।
मुख्य बातें
- बांग्लादेश 5 नवंबर को रात 8 बजे ढाका में भूटान के खिलाफ अभियान शुरू करेगा। उसका लक्ष्य 2003 के बाद पहला SAFF खिताब जीतना है।
- शुरुआती मैच के लिए टोपु बर्मन को कप्तान नियुक्त किया गया है और वह खेलने के लिए फिट हैं।
- हमजा चौधरी और फरहान अली वाहिद के भूटान के खिलाफ मैच में नहीं खेलने और श्रीलंका के मुकाबले के लिए लौटने की उम्मीद है।
- बांग्लादेश और भूटान, दोनों की तैयारियां बाधित रहीं और उन्होंने कोई अभ्यास मैच नहीं खेला।
- हर ग्रुप की शीर्ष दो टीमें 14 नवंबर को सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
- फाइनल 17 नवंबर को नेशनल स्टेडियम में निर्धारित है।






