रेल घटनाओं ने ताइवान के परिवहन सुरक्षा रिकॉर्ड में कमियां उजागर कीं
जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 17 घटनाओं के रिकॉर्ड जुटाने के बाद, ताइवान का परिवहन सुरक्षा बोर्ड अधिकारियों से सार्वजनिक परिवहन में पावर बैंक से धुआं निकलने या उसमें आग लगने की हर घटना की रिपोर्ट अनिवार्य करने का आग्रह कर रहा है। इनमें 12 घटनाएं रेलवे प्रणालियों में, तीन विमानन क्षेत्र में और एक-एक जल तथा सड़क परिवहन में हुईं।
विषय-सूची
- रेल घटनाओं ने ताइवान के परिवहन सुरक्षा रिकॉर्ड में कमियां उजागर कीं
- दर्ज 17 घटनाएं क्या बताती हैं
- बोर्ड क्यों कहता है कि आंकड़े अधूरे हैं
- आधे से अधिक मामलों में इस्तेमाल की स्थिति अज्ञात थी
- बाद की ट्रेन घटनाओं ने चिंता बढ़ाई
- धुएं और आग पर कर्मचारियों ने कैसे कार्रवाई की
- विमानन कंपनियों पर पहले से रिपोर्टिंग की बाध्यता
- मंत्रालय किन बातों पर विचार करेगा
- मुख्य बातें
बोर्ड का कहना है कि ये रिकॉर्ड अधूरे हैं, क्योंकि ऐसी घटनाओं की अनिवार्य रिपोर्टिंग के नियम ताइवान की विमानन कंपनियों पर लागू होते हैं, जबकि परिवहन के अन्य साधनों में ऐसे नियम नहीं हैं। बोर्ड के अध्यक्ष लिन शिन-डे ने कहा कि जांचकर्ताओं ने अधिकारियों से यह पूछकर आंकड़े जुटाए कि उन्हें कौन-सी रिपोर्ट मिली थीं। इसलिए यह संभावना बनी रहती है कि कुछ घटनाओं की जानकारी उन तक पहुंची ही न हो।
परिवहन एवं संचार मंत्रालय ने परिवहन संचालकों और बोर्ड के साथ इस प्रस्ताव की समीक्षा करने पर सहमति जताई है। इसे लागू करने की कोई तारीख या विस्तृत रिपोर्टिंग प्रक्रिया घोषित नहीं की गई है।
इस प्रस्ताव से परिवहन अधिकारी बैटरी से जुड़ी आपात स्थितियों के बारे में कैसे जानेंगे, यह बदल जाएगा। बाद में जुटाए गए रिकॉर्ड पर निर्भर रहने के बजाय उन्हें एक अनिवार्य प्रक्रिया के जरिए रिपोर्ट मिलेंगी। इससे बार-बार सामने आने वाली परिस्थितियों की पहचान करने और यह तय करने में मदद मिलेगी कि सुरक्षा उपायों पर कहां ध्यान देने की जरूरत है।
दर्ज 17 घटनाएं क्या बताती हैं
17 घटनाओं में से 12 रेलवे में हुईं, यानी करीब 71 प्रतिशत। विमानन क्षेत्र में तीन घटनाएं हुईं, जबकि जल और सड़क परिवहन में एक-एक घटना दर्ज की गई। रेलवे की श्रेणी में पारंपरिक रेल, हाई-स्पीड ट्रेनें और मेट्रो प्रणालियां शामिल हैं।
2025 में नौ घटनाएं हुईं, जबकि 2026 के पहले छह महीनों में तीन घटनाएं हुईं। बाकी पांच घटनाएं 2024 में हुईं। यह संख्या कुल 17 में से इन आंकड़ों को घटाकर निकाली गई है।
यह तुलना दो पूरे कैलेंडर वर्षों और 2026 के केवल आधे वर्ष को शामिल करती है। परिवहन के साधनों के बीच रिपोर्टिंग के नियम भी अलग-अलग हैं। ऐसे में नेटवर्क में घटनाओं के रुझानों का आकलन करने से पहले बोर्ड अधिक संपूर्ण रिकॉर्ड चाहता है।
सात घटनाओं में उपकरणों को नुकसान पहुंचा, मुख्य रूप से सीटों और फर्श को; बाकी 10 में उपकरणों को नुकसान दर्ज नहीं किया गया। इसका मतलब है कि दर्ज की गई हर पांच घटनाओं में से लगभग दो में भौतिक नुकसान हुआ, हालांकि ज्यादातर आग बिना फैले तेजी से बुझा दी गईं।
घायलों के आंकड़ों में विसंगति है। बोर्ड के सारांश के अनुसार, चार लोग घायल हुए। वहीं, उसके विश्लेषण के नाम से दिए गए विस्तृत ब्यौरे में एक घटना में तीन लोगों और तीन अन्य घटनाओं में एक-एक व्यक्ति के घायल होने की बात है, यानी कुल छह लोग। दोनों विवरण इन चोटों को उन घटनाओं में रखते हैं जिनमें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
बोर्ड क्यों कहता है कि आंकड़े अधूरे हैं
लिन ने कहा कि 17 मामले बोर्ड के इच्छित सुरक्षा विश्लेषण के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्हें चिंता है कि अधिकारियों के पास वास्तव में हुई घटनाओं का केवल एक हिस्सा हो सकता है।
26 मई 2026 को बोर्ड ने परिवहन मंत्रालय के अधीन एजेंसियों और ताइपेई, न्यू ताइपेई, ताओयुआन, ताइचुंग तथा काऊशुंग के परिवहन अधिकारियों से घटना संबंधी जानकारी मांगी। इस संग्रह में 2024 से जून 2026 तक की घटनाएं शामिल थीं।
जिन राष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क किया गया, उनमें नागरिक विमानन प्रशासन, समुद्री और बंदरगाह ब्यूरो, रेलवे ब्यूरो, राजमार्ग ब्यूरो और फ्रीवे ब्यूरो शामिल थे। अनुरोध में ताइवान के नागरिक विमान, नागरिक पोत, रेल और मेट्रो ट्रेनें तथा वाणिज्यिक सड़क परिवहन शामिल थे।
यह तरीका इस बात पर निर्भर था कि संबंधित निकायों को पहले से कोई रिपोर्ट मिली थी या नहीं। यदि परिवहन कर्मचारियों ने धुआं छोड़ती बैटरी से तुरंत निपट लिया और घटना संबंधित अधिकारी तक नहीं पहुंची, तो वह संग्रह में शामिल नहीं हो सकती थी।
अनिवार्य रिपोर्टिंग से संचालकों को जानकारी आगे भेजने की स्पष्ट जिम्मेदारी मिलेगी। समय के साथ तैयार किया गया डेटाबेस जांचकर्ताओं को अलग-अलग अधिकारियों से बार-बार रिकॉर्ड जुटाने के बजाय घटनाओं की तुलना करने में मदद कर सकता है।
आधे से अधिक मामलों में इस्तेमाल की स्थिति अज्ञात थी
17 में से नौ रिकॉर्ड में यह पता नहीं चला कि धुआं या आग शुरू होने के समय पावर बैंक क्या कर रहा था। यह कुल का करीब 53 प्रतिशत है, जिससे आपात स्थिति के हालात को समझने में बड़ी कमी रह जाती है।
चार घटनाओं में पावर बैंक मोबाइल फोन से जुड़ा हुआ था। दो अन्य मामलों में पावर बैंक को खुद चार्ज किया जा रहा था। दो घटनाएं तब हुईं जब डिवाइस इस्तेमाल में नहीं था।
यह फर्क अहम है, क्योंकि पावर बैंक फोन को बिजली दे सकता है, अपनी बैटरी रिचार्ज करने के लिए बिजली ले सकता है या यात्री के सामान में बिना जुड़ा हुआ रखा हो सकता है। इस स्थिति को दर्ज करने से जांचकर्ताओं को घटना की पड़ताल के लिए एक बुनियादी शुरुआती जानकारी मिलती है।
इस्तेमाल की स्थिति ज्ञात होने वाले आठ मामलों में से चार में पावर बैंक फोन से जुड़ा था। इस्तेमाल में न होने वाले डिवाइस से जुड़ी दो घटनाओं में भंडारण की स्थिति भी जांच के लिए प्रासंगिक हो जाती है, साथ ही चार्जिंग के दौरान क्या होता है, यह भी।
अधिक संपूर्ण रिपोर्टिंग प्रक्रिया से बोर्ड को ये विवरण एक समान तरीके से जुटाने में मदद मिल सकती है। मौजूदा संग्रह दिखाता है कि अधिकारियों ने रिकॉर्ड इकट्ठा किए, तब इतनी बुनियादी जानकारी भी कितनी बार उपलब्ध नहीं थी।
बाद की ट्रेन घटनाओं ने चिंता बढ़ाई
जून 2026 की सांख्यिकीय समय-सीमा के बाद हुई कई घटनाओं ने इस मुद्दे को फिर सार्वजनिक चर्चा में ला दिया। ये दर्ज किए गए 17 मामलों की अवधि से बाहर की हैं।
10 अगस्त को हाई-स्पीड ट्रेन में हुई एक घटना के अगले दिन ताइपेई की मेट्रो में एक और घटना हुई। 29 अक्टूबर को मेट्रो में आग लगने की एक अन्य घटना में यात्री के बैकपैक के भीतर रखा पावर बैंक शामिल था।
- 26 मई 2026: सुरक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय परिवहन एजेंसियों और पांच शहरों की सरकारों से घटना संबंधी रिकॉर्ड मांगे।
- जून 2026: दर्ज 17 घटनाओं के आंकड़े जुटाने की अवधि समाप्त हुई।
- 10 अगस्त 2026: हाई-स्पीड ट्रेन में एक यात्री के पावर बैंक से सफेद धुआं और तेज गंध निकली।
- 11 अगस्त 2026: ताइपेई की मेट्रो में पावर बैंक से धुआं निकलने पर अग्निशामक यंत्र का इस्तेमाल किया गया और करीब 1,000 यात्रियों को बाहर निकाला गया।
- 29 अक्टूबर 2026: दआन से शिनयी आनहे जा रही ताइपेई मेट्रो ट्रेन में पावर बैंक में आग लग गई। डिब्बा धुएं से भर गया और विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई देने की खबर आई।
29 अक्टूबर की घटना सुबह करीब 10:40 बजे तामसुई लाइन पर हुई। पावर बैंक एक व्यक्ति के बैकपैक में था। यह दिखाता है कि यात्रियों के रोजमर्रा के सामान में रखा डिवाइस भी डिब्बे के भीतर आपात स्थिति पैदा कर सकता है।
धुएं और आग पर कर्मचारियों ने कैसे कार्रवाई की
बोर्ड के संग्रह में शामिल विमानन घटनाओं के दौरान केबिन कर्मचारियों ने प्रभावित पावर बैंक को अलग रखने से पहले उसे ठंडा करने के लिए पानी या अन्य तरल पदार्थों का इस्तेमाल किया। जहाजों, ट्रेनों और सड़क परिवहन में चालक दल के सदस्यों, ट्रेन प्रबंधकों या ड्राइवरों ने अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल किया और यात्रियों को बाहर निकाला।
ज्यादातर घटनाओं पर तेजी से काबू पा लिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, न ही आग फैली। फिर भी, सात मामलों में सीटों और फर्श को हुए नुकसान से पता चलता है कि आग बुझने से पहले कुछ घटनाओं ने वाहन के अंदरूनी हिस्सों को प्रभावित किया।
पावर बैंक रिचार्ज होने वाली बैटरियों में बिजली जमा करते हैं। बैटरी बहुत अधिक गर्म होने पर गर्मी और धुआं छोड़ सकती है और उसमें आग लग सकती है। बैटरी को ठंडा करने से उसका तापमान कम होता है, जबकि लपटें बुझाने से दिखाई दे रही आग पर काबू पाया जाता है।
बोर्ड द्वारा बताए गए जवाबी कदम यह भी दिखाते हैं कि किसी उपयोगी घटना रिकॉर्ड में तारीख और स्थान से अधिक जानकारी की जरूरत है। कर्मचारियों ने क्या देखा, उन्होंने क्या कदम उठाए, यात्रियों को वहां से हटाया गया या नहीं और उसके बाद क्या नुकसान हुआ, ये सभी बातें घटना को समझने में मदद करती हैं।
विमानन कंपनियों पर पहले से रिपोर्टिंग की बाध्यता
लिन के अनुसार, ताइवान की विमानन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग की शर्तों का पालन करती हैं। परिवहन के अन्य साधनों पर पावर बैंक से धुआं निकलने या उसमें आग लगने की घटनाओं के लिए ऐसी विशिष्ट बाध्यता नहीं है।
इसलिए रेलवे में दर्ज मामलों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि इस श्रेणी की घटनाओं के लिए वहां समान अनिवार्य रिपोर्टिंग नियम नहीं हैं। बोर्ड के प्रस्ताव से परिवहन प्रणाली के उस हिस्से से आगे भी नियमित रूप से जानकारी जुटाई जा सकेगी, जहां रिपोर्टिंग पहले से अनिवार्य है।
मंत्रालय का कहना है कि परिवहन निकाय फिलहाल बोर्ड के नियमों के दायरे में आने वाली बड़ी घटनाओं की रिपोर्ट करते हैं। इनमें कोच में आग और ड्राइवर सहायता प्रणालियों की भूमिका होने की आशंका वाले सड़क हादसे शामिल हैं।
पावर बैंक की घटनाओं को शामिल करने से रिपोर्टिंग व्यवस्था में एक अधिक विशिष्ट श्रेणी जुड़ जाएगी। प्रस्तावित दायरे में आग के साथ-साथ धुआं निकलने की घटनाएं भी होंगी, जिससे अधिकारी उन मामलों की जानकारी जुटा सकेंगे जिन्हें कर्मचारी बड़ी आपात स्थिति बनने से पहले काबू कर लेते हैं।
मंत्रालय किन बातों पर विचार करेगा
परिवहन मंत्रालय संचालकों और सुरक्षा बोर्ड के साथ इसकी व्यवहार्यता तथा रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर चर्चा करने की योजना बना रहा है। मंत्रालय ने प्रस्ताव की जांच करने की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन किसी भी नए नियम का स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है।
बोर्ड चाहता है कि जुटाई गई जानकारी से रुझानों और बार-बार होने वाली घटनाओं के पैटर्न का विश्लेषण किया जा सके। आसान शब्दों में, वह पर्याप्त और एक समान रिकॉर्ड चाहता है, ताकि दोहराई जा रही समस्याओं की पहचान कर किसी अगली घटना में अधिक नुकसान होने से पहले कदम उठाए जा सकें।
यात्रियों के लिए तत्काल चिंता साझा वाहन में धुएं या आग की है। संचालकों के लिए प्रस्ताव से आपात स्थिति पर काबू पाने के बाद एक औपचारिक जिम्मेदारी जुड़ जाएगी: यह सुनिश्चित करना कि घटना की जानकारी परिवहन सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचे।
पहले से जुटाए गए 17 मामले एक शुरुआती आधार देते हैं। इनमें यह जानकारी शामिल है कि घटनाएं कहां हुईं, डिवाइस कैसे इस्तेमाल हो रहे थे और कर्मचारियों ने क्या किया। अगला नीतिगत फैसला यह है कि क्या ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग ताइवान की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में नियमित जिम्मेदारी बननी चाहिए।
मुख्य बातें
- ताइवान के सुरक्षा बोर्ड ने जनवरी 2024 से जून 2026 तक पावर बैंक से धुआं निकलने या उसमें आग लगने की 17 घटनाओं के रिकॉर्ड जुटाए।
- इनमें 12 घटनाएं रेलवे, तीन विमानन क्षेत्र और एक-एक जल तथा सड़क परिवहन में हुईं।
- सात घटनाओं में उपकरणों को नुकसान पहुंचा, मुख्य रूप से सीटों और फर्श को।
- सारांश में चार लोगों के घायल होने की बात है; विस्तृत घटना-वार ब्यौरे में यह संख्या छह है।
- नौ रिकॉर्ड में यह जानकारी नहीं थी कि पावर बैंक इस्तेमाल में था या नहीं।
- ताइवान की विमानन कंपनियों पर पहले से अनिवार्य रिपोर्टिंग नियम लागू हैं, जबकि परिवहन के अन्य साधनों में ऐसी घटनाओं के लिए समान नियम नहीं हैं।
- परिवहन मंत्रालय संचालकों और सुरक्षा बोर्ड के साथ अनिवार्य रिपोर्टिंग पर विचार करेगा; इसे शुरू करने की तारीख घोषित नहीं हुई है।






