सांस लेने में गड़बड़ी के तीन स्तर, सामान्य चेतावनी की जगह
सैमसंग नवंबर 2026 में दक्षिण कोरिया में बेहतर स्लीप एपनिया फीचर जारी करना शुरू करने की योजना बना रहा है। इसकी शुरुआत Galaxy Watch Ultra 2, Galaxy Watch 9 और Galaxy Ring से होगी। यह अपडेट कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से नींद के दौरान हर घंटे सांस लेने में होने वाली गड़बड़ियों का विश्लेषण करेगा और नतीजों को तीन आवृत्ति स्तरों में रखेगा: हल्की, कभी-कभार या बार-बार।
विषय-सूची
- सांस लेने में गड़बड़ी के तीन स्तर, सामान्य चेतावनी की जगह
- AI क्या मापेगा
- उपयोगकर्ताओं को नतीजा कैसे मिलेगा
- किन डिवाइस को मिलेगा अपग्रेड?
- मंजूरी और रिलीज की तारीखें अलग-अलग हैं
- नया फीचर किन लोगों के लिए है
- सांस की समस्याओं का पता न चलना क्यों मायने रखता है
- विस्तृत उपलब्धता, लेकिन पहुंच के नियम अलग
- मुख्य बातें
उपयोगकर्ताओं को Samsung Health Monitor ऐप के जरिए 10 दिनों के भीतर दो अलग-अलग मौकों पर कम-से-कम पांच-पांच घंटे की नींद रिकॉर्ड करनी होगी। दक्षिण कोरिया में बेहतर सेवा के बारे में सैमसंग के विवरण के अनुसार, यह फीचर 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उन वयस्कों के लिए है जिन्हें पहले कभी स्लीप एपनिया का निदान नहीं हुआ है।
इस बदलाव से मौजूदा फीचर के मुकाबले अधिक जानकारी मिलेगी, जो मध्यम से गंभीर स्लीप एपनिया से जुड़े संकेतों की चेतावनी देता है। सैमसंग का कहना है कि नए नतीजे लोगों को अपनी नींद समझने और किसी चिकित्सा विशेषज्ञ से चर्चा के लिए जानकारी दे सकते हैं। पेशेवर जांच और सलाह फिर भी जरूरी है।
सैमसंग बाद के सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए Galaxy Watch 7 और Galaxy Watch 8 में भी यह अपग्रेड लाने की योजना बना रहा है। इसके लिए Wear OS 7.0 या नया संस्करण जरूरी होगा। Wear OS 5.0 या नए संस्करण पर चलने वाले Galaxy Watch 4 और उसके बाद के मॉडल के मालिक मौजूदा पहचान फीचर का इस्तेमाल कर सकेंगे।
AI क्या मापेगा
सैमसंग का संशोधित सिस्टम नींद के हर घंटे में सांस लेने की गड़बड़ियां कितनी बार होती हैं, इसका विश्लेषण करेगा। इसके तीन लेबल रात भर दर्ज हुए पैटर्न का अधिक विस्तृत विवरण देंगे। इस तरह यह सिर्फ इतना बताने से आगे जाएगा कि स्लीप एपनिया के संकेत मिले हैं।
स्लीप एपनिया में सोते समय बार-बार सांस रुकती है या सांस लेने में कमी आती है। कोई व्यक्ति बिस्तर पर कई घंटे बिताने के बावजूद थका हुआ जाग सकता है, क्योंकि सांस बार-बार बाधित होने से उसकी नींद प्रभावित होती है। गड़बड़ियों की गिनती से पता चलता है कि ये रुकावटें कितनी बार होती हैं।
यहां बताए गए ऐलान में सैमसंग ने हल्की, कभी-कभार और बार-बार की श्रेणियों के बीच अंतर बताने वाली संख्यात्मक सीमाएं नहीं दी हैं। इसमें ऐसे आंकड़े भी नहीं हैं जो बेहतर फीचर की सटीकता की तुलना क्लिनिकल स्लीप स्टडी से करें। घोषित व्यावहारिक बदलाव यह है कि संगत पहनने योग्य डिवाइस पर आवृत्ति का अधिक विस्तृत आकलन मिलेगा।
विशेष स्लीप स्टडी नींद के दौरान सांस लेने की चिकित्सकीय जांच करती है। सैमसंग के पहनने योग्य डिवाइस के नतीजे लोगों को डॉक्टर से परामर्श के दौरान जानकारी देने के लिए हैं। आगे की जांच या इलाज की जरूरत है या नहीं, यह चिकित्सक तय करेगा।
उपयोगकर्ताओं को नतीजा कैसे मिलेगा
संगत Galaxy डिवाइस पर Samsung Health Monitor ऐप के जरिए बेहतर फीचर का इस्तेमाल किया जा सकेगा। उपयोगकर्ताओं को 10 दिनों की अवधि में दो बार नींद की रिकॉर्डिंग करनी होगी और हर रिकॉर्डिंग कम-से-कम पांच घंटे की होनी चाहिए।
इन शर्तों के मुताबिक, दो अलग-अलग मौकों पर कुल कम-से-कम 10 घंटे की नींद रिकॉर्ड करनी होगी। सिर्फ एक लंबी रात की रिकॉर्डिंग या पांच घंटे से कम की दो रिकॉर्डिंग घोषित शर्तें पूरी नहीं करेंगी।
रिकॉर्डिंग से मिलने वाले सांस संबंधी डेटा का एल्गोरिदम विश्लेषण करेगा। रात में घड़ी या रिंग पहनने पर विचार कर रहे लोगों के लिए यह देखना व्यावहारिक रूप से जरूरी होगा कि वे पर्याप्त नींद के दौरान उसे आराम से पहन सकते हैं या नहीं।
सैमसंग का कहना है कि Galaxy Ring का हल्का वजन और नींद के दौरान आराम इसे लंबे समय तक डेटा जुटाने के लिए उपयोगी बनाते हैं। इसे शामिल करने से पात्र उपयोगकर्ताओं को समर्थित घड़ियों के अलावा रिकॉर्डिंग पूरी करने का एक और विकल्प मिलता है।
किन डिवाइस को मिलेगा अपग्रेड?
दक्षिण कोरिया में सैमसंग की शुरुआती रिलीज तीन डिवाइस के लिए होगी: Galaxy Watch Ultra 2, Galaxy Watch 9 और Galaxy Ring। रिंग को शामिल करने से सांस संबंधी गड़बड़ियों की आवृत्ति का नया आकलन उंगली में पहने जाने वाले डिवाइस और घड़ियों, दोनों पर उपलब्ध होगा।
Galaxy Watch 7 और Galaxy Watch 8 को बाद में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए यह फीचर मिलेगा। दोनों में Wear OS 7.0 या नया संस्करण होना जरूरी होगा। सैमसंग ने इन अपडेट की तारीख नहीं बताई है, इसलिए इनके मालिकों को पहले समूह के मुकाबले बाद में फीचर मिलेगा।
Wear OS 5.0 या नए संस्करण पर चलने वाले Galaxy Watch 4 और इसके बाद के मॉडल मौजूदा स्लीप एपनिया पहचान टूल को सपोर्ट करते रहेंगे। बेहतर संस्करण आने के साथ इसे हटाने की कोई योजना सैमसंग ने घोषित नहीं की है।
मौजूदा डिवाइस मालिकों को इसलिए सपोर्ट के दो अलग स्तर देखने होंगे: क्या उनकी घड़ी पहले से मौजूद संकेत पहचानने वाले फीचर को चला सकती है, और क्या उसे तीन श्रेणियों वाले नए आकलन के लिए सूचीबद्ध किया गया है। घोषित अपग्रेड सूची फिलहाल Watch 7 और Watch 8 तक जाती है।
मंजूरी और रिलीज की तारीखें अलग-अलग हैं
सैमसंग ने 28 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया के खाद्य एवं औषधि सुरक्षा मंत्रालय से मिली मंजूरी की घोषणा की। देश में इसकी रिलीज नवंबर 2026 से शुरू होने वाली है। कंपनी के ऐलान में यह भी कहा गया है कि बेहतर फीचर को जुलाई में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की मंजूरी मिली थी, हालांकि इस बारे में जानकारी देने वाले विवरणों में उस जुलाई का वर्ष नहीं बताया गया है।
शुरुआती रिलीज के विवरण में कहा गया था कि अमेरिका में उपलब्धता FDA की मंजूरी के बाद होगी। सैमसंग की अधिक विस्तृत घोषणा में कहा गया है कि यह मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। अमेरिका में उपलब्धता की तारीख घोषित नहीं की गई है और दक्षिण कोरिया के बाहर भारत या अन्य बाजारों के लिए भी रिलीज का कोई पक्का कार्यक्रम नहीं है।
इस फीचर का विकास और विस्तार कई चरणों में हुआ है:
- 2023: सैमसंग को Galaxy Watch के मूल स्लीप एपनिया फीचर के लिए दक्षिण कोरिया की मंजूरी मिली।
- 2024 की शुरुआत: मूल फीचर को FDA से De Novo मंजूरी मिली। यह कुछ नए प्रकार के चिकित्सा उपकरणों के लिए अमेरिका का नियामक मार्ग है।
- 9 जून, 2025: 36 अतिरिक्त देशों में विस्तार के बाद मूल फीचर 70 देशों में उपलब्ध हो गया।
- 28 अक्टूबर: सैमसंग ने बेहतर फीचर के लिए दक्षिण कोरिया की मंजूरी की घोषणा की और कहा कि FDA की मंजूरी जुलाई में मिल चुकी है।
- नवंबर 2026: दक्षिण कोरिया में पहले तीन समर्थित डिवाइस के लिए बेहतर फीचर की रिलीज शुरू होने की योजना है।
नियामक मंजूरी और सॉफ्टवेयर की उपलब्धता अलग-अलग चरण हैं। उपयोगकर्ताओं को फीचर तक पहुंचने के लिए अपने बाजार और समर्थित डिवाइस पर इसके सक्रिय होने का इंतजार करना होगा।
नया फीचर किन लोगों के लिए है
सैमसंग के अनुसार, दक्षिण कोरिया में बेहतर फीचर 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उन लोगों के लिए है जिन्हें पहले कभी स्लीप एपनिया का निदान नहीं हुआ है। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को सांस संबंधी उन संभावित समस्याओं को पहचानने में मदद करना है, जिन पर सोते समय उनका ध्यान नहीं जा पाता।
पात्रता की शर्तें पहले के अंतरराष्ट्रीय संस्करण से अलग हैं। पहले के विस्तार में उम्र की न्यूनतम सीमा 22 वर्ष थी और यह भी जरूरी था कि उपयोगकर्ता को पहले स्लीप एपनिया का निदान न हुआ हो। उपयोगकर्ताओं को अपने देश में उपलब्ध संस्करण की पात्रता शर्तें देखनी चाहिए।
सैमसंग का कहना है कि यह फीचर पेशेवर चिकित्सा जांच या परामर्श का विकल्प नहीं है। बार-बार गड़बड़ी का नतीजा मिलने पर उपयोगकर्ता इस जानकारी के आधार पर डॉक्टर से अपने लक्षणों और स्लीप जांच की जरूरत पर चर्चा कर सकते हैं।
जिन लोगों को पहले से स्लीप एपनिया का निदान हो चुका है, वे इस अपग्रेड के घोषित लक्षित समूह में शामिल नहीं हैं। उनकी देखभाल उनके इलाज से जुड़े चिकित्सा पेशेवरों के मार्गदर्शन में ही होनी चाहिए।
सांस की समस्याओं का पता न चलना क्यों मायने रखता है
स्लीप एपनिया को पहचानना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इससे सांस लेने में रुकावटें तब आती हैं जब प्रभावित व्यक्ति सो रहा होता है। इसके लक्षणों में तेज खर्राटे, सुबह सिरदर्द और दिन में थकान शामिल हो सकते हैं। व्यक्ति को रात में क्या होता है, इसका एहसास न होने पर भी ये असर जागने के घंटों में समस्या का संकेत दे सकते हैं।
सैमसंग ने अमेरिका के नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा है कि वहां करीब 25% पुरुषों और 10% महिलाओं को स्लीप एपनिया है, और उनमें से कई को इसका पता नहीं है। सरल शब्दों में, यह अनुमान हर चार में से करीब एक पुरुष और हर 10 में से एक महिला के बराबर है।
स्लीप एपनिया का संबंध उच्च रक्तचाप, अतालता और स्ट्रोक से है। अतालता का मतलब है दिल की धड़कन का अनियमित होना। स्वास्थ्य से जुड़े ये जोखिम बताते हैं कि सैमसंग संभावित चेतावनी संकेत पहचानने और चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए लोगों को प्रेरित करने पर क्यों जोर दे रहा है।
सैमसंग के मोबाइल एक्सपीरियंस स्वास्थ्य विकास समूह के अधिकारी चोई जोंग-मिन ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य Galaxy डिवाइस पहनकर सोने वाले उपयोगकर्ताओं को जोखिम पहचानने में मदद करना और नींद के स्वास्थ्य की निवारक देखभाल को बढ़ावा देना है। इस फीचर की सबसे सीधी भूमिका रात भर के ऐसे पैटर्न को जानकारी में बदलना है, जिसे उपयोगकर्ता आगे कदम उठाने के लिए इस्तेमाल कर सकें।
विस्तृत उपलब्धता, लेकिन पहुंच के नियम अलग
सैमसंग का कहना है कि उसका मौजूदा स्लीप एपनिया फीचर अब 84 देशों में उपलब्ध है। यह जून 2025 में हुए विस्तार के बाद कवर किए गए 70 देशों से 14 अधिक है। उस विस्तार में 36 अतिरिक्त बाजारों में सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल थे।
पहले के अंतरराष्ट्रीय विस्तार में Wear OS 5.0 या नए संस्करण पर चलने वाली Galaxy Watch 4 या उसके बाद की घड़ी और Android 12.0 या नए संस्करण पर चलने वाला Galaxy स्मार्टफोन होना जरूरी था। यह नींद के दौरान लिए गए रक्त ऑक्सीजन के माप का इस्तेमाल करके मध्यम से गंभीर ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से जुड़े पैटर्न पहचानता था।
बेहतर फीचर की घोषणा में Watch 7 और Watch 8 के लिए अलग सॉफ्टवेयर जरूरतें बताई गई हैं और दक्षिण कोरिया की शुरुआती डिवाइस सूची में Galaxy Ring भी जोड़ी गई है। इसलिए किसी देश में पहले से मौजूद फीचर की उपलब्धता और नए आकलन तक पहुंच की अलग-अलग जांच करनी होगी।
दक्षिण कोरिया से बाहर के उपयोगकर्ताओं के लिए अगला ठोस पड़ाव उनके देश में उपलब्धता का ऐलान है। Watch 7 और Watch 8 के मालिकों को घोषित सॉफ्टवेयर अपडेट का इंतजार करना होगा। ये चरण पूरे होने तक समर्थित बाजारों में पात्र घड़ियों के लिए मौजूदा फीचर ही उपलब्ध विकल्प रहेगा।
मुख्य बातें
- सैमसंग नवंबर 2026 में दक्षिण कोरिया में बेहतर फीचर की रिलीज शुरू करने की योजना बना रहा है।
- शुरुआती पहुंच के लिए Galaxy Watch Ultra 2, Galaxy Watch 9 और Galaxy Ring सूचीबद्ध हैं।
- AI आकलन सांस लेने में हर घंटे होने वाली गड़बड़ियों को हल्की, कभी-कभार या बार-बार की श्रेणियों में रखेगा।
- नतीजों के लिए 10 दिनों के भीतर कम-से-कम पांच-पांच घंटे की नींद की दो रिकॉर्डिंग जरूरी हैं।
- Galaxy Watch 7 और Watch 8 को Wear OS 7.0 या नए संस्करण वाले अपडेट के जरिए बाद में सपोर्ट मिलेगा।
- Wear OS 5.0 या नए संस्करण पर चलने वाले Galaxy Watch 4 और उसके बाद के मॉडल पर मौजूदा फीचर उपलब्ध रहेगा।
- इस अपग्रेड के लिए अमेरिका, भारत या अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कोई रिलीज तारीख पक्की नहीं हुई है।
- दक्षिण कोरिया का अपग्रेड 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उन वयस्कों के लिए है जिन्हें पहले स्लीप एपनिया का निदान नहीं हुआ है। चिकित्सकीय आकलन पेशेवरों के जिम्मे रहेगा।






