पहले विमान का आगमन, नए बेड़े की शुरुआत
मलेशिया को 30 अक्टूबर 2026 को लाबुआन एयर बेस पर अपना पहला FA-50M हल्का लड़ाकू विमान मिला। इसके साथ दक्षिण कोरिया से 18 विमानों की आपूर्ति के लिए लगभग RM4 अरब के अनुबंध के तहत डिलीवरी शुरू हुई। रॉयल मलेशियाई वायुसेना को अप्रैल 2027 तक छह विमान और मार्च 2028 तक सभी 18 विमान मिलने की उम्मीद है। उसी समय उसके पुराने हो चुके हॉक बेड़े को सेवा से हटाने का कार्यक्रम है।
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रक्षा मंत्री दातुक सेरी मोहम्मद खालेद नॉर्डिन ने कहा कि एक विमान पहुंच गया है, जबकि दक्षिण कोरिया से फिलीपींस के रास्ते आ रहे दूसरे विमान में तकनीकी समस्या के कारण देरी हुई। उन्होंने कहा कि दूसरा विमान 31 अक्टूबर को ही पहुंच सकता है। यह भी बताया गया कि 30 अक्टूबर को दो विमान लाबुआन पहुंच गए थे, जो मंत्री के विस्तृत बयान में बताई गई संख्या से अलग है।
विमान साचेओन से उड़कर आया, जहां निर्माता कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (KAI) इनका निर्माण करती है। कुआंतान एयर बेस जाते समय लाबुआन एक पड़ाव था। कुआंतान में नए विमानों को नंबर 15 स्क्वाड्रन के लिए तैनात किया जाना है। वहां औपचारिक हस्तांतरण समारोह नवंबर के मध्य में आयोजित होना था।
इस खरीद के साथ दो जिम्मेदारियां जुड़ी हैं: पायलटों को लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए तैयार करना और युद्धक अभियान चलाना। मलेशिया बेड़े के संचालन के लिए आवश्यक कर्मियों, इंजीनियरिंग सहायता और सुविधाओं की भी तैयारी कर रहा है। साथ ही, हॉक विमानों की सेवा समाप्त होने के बाद सबाह में लड़ाकू विमानों की तैनाती बनाए रखने के तरीकों पर विचार किया जा रहा है।
लाबुआन में क्या हुआ?
पहला विमान दोपहर के आसपास पहुंचा। उस पर धूसर रंग और रॉयल मलेशियाई वायुसेना के निशान थे। खालेद ने रक्षा मंत्रालय के महासचिव दातुक लोकमान हाकिम अली और वायुसेना प्रमुख जनरल तान श्री मुहम्मद नोराज़लान आरिस के साथ उसके आगमन को देखा।
नंबर 15 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर मेजर मोहम्मद जमील अवांग ने मंत्री को विमान की क्षमताओं और डिलीवरी की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। खालेद ने विमान का निरीक्षण भी किया और उड़ान में शामिल पायलटों से मुलाकात की।
खालेद ने विमान के आगमन को KAI से वायुसेना को उसका हस्तांतरण बताया। कुआंतान में अलग से आधिकारिक समारोह की योजना थी। औपचारिक स्वीकृति की अपनी प्रक्रियाएं होती हैं, जबकि विमान को सेवा में शामिल करने के लिए प्रशिक्षित चालक दल, इंजीनियरिंग सहायता और परिचालन तैयारियां भी आवश्यक हैं।
रक्षा मंत्री ने बताया कि उस दिन आने वाले दो विमानों में से केवल एक ही क्यों पहुंचा:
"दो विमान कल दक्षिण कोरिया से रवाना हुए थे और फिलीपींस में पड़ाव के बाद आज मलेशिया पहुंचने वाले थे।
हालांकि, दूसरे विमान में तकनीकी समस्या के कारण केवल एक ही पहुंचा। दूसरा विमान कल ही पहुंचाया जा सकता है," उन्होंने कहा।
2023 में हुआ था खरीद का समझौता
मलेशिया ने मई 2023 में KAI के साथ 18 FA-50 Block 20 विमानों के लिए अंतिम अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। मलेशियाई सेवा में इन विमानों को FA-50M नाम दिया गया है। लगभग RM4 अरब मूल्य की यह खरीद बारहवीं मलेशिया योजना के तहत आती है।
KAI ने फरवरी 2023 में समझौते की घोषणा की थी। FA-50 को भारत के तेजस, इटली के M-346, तुर्किये के Hürjet और पाकिस्तान की ओर से पेश JF-17 सहित कई विमानों में से चुना गया था।
यह खरीद वायुसेना की क्षमता विकास योजना 2055 का हिस्सा है, जिसे CAP55 के नाम से जाना जाता है। यह राष्ट्रीय रक्षा रणनीतिक योजना 2026-2030 के पहले स्तंभ के अनुरूप भी है, जिसका ध्यान रक्षा तैयारियों और क्षमताओं में सुधार पर है।
वायुसेना के लिए तत्काल काम एक हस्ताक्षरित ऑर्डर को संचालनरत स्क्वाड्रन में बदलना है। विमान डिलीवरी के साथ पायलट प्रशिक्षण, रखरखाव की तैयारी और सुविधाओं का हस्तांतरण भी तालमेल से होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि विमान और सहायक ढांचा उपलब्ध होने के साथ कर्मियों की संख्या चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी।
दो सीटें, दो मुख्य भूमिकाएं
FA-50M एक सीट वाला नहीं, बल्कि दो सीटों और एक इंजन वाला जेट है। यह मैक 1.2, यानी ध्वनि की गति से लगभग 1.2 गुना तेज, उड़ सकता है। दो सीटों की वजह से प्रशिक्षक और प्रशिक्षु साथ उड़ान भर सकते हैं, जिससे अधिक चुनौतीपूर्ण लड़ाकू अभियानों की ओर बढ़ने में मदद मिलती है।
यह विमान KAI के T-50 Golden Eagle परिवार का हिस्सा है, जिसे लॉकहीड मार्टिन के साथ विकसित किया गया था। FA-50 इसका हथियारों से लैस हल्का लड़ाकू संस्करण है और इसमें जनरल इलेक्ट्रिक F404 टर्बोफैन इंजन लगा है। इस डिजाइन में रडार, तोप और मिसाइलों तथा निर्देशित बमों जैसे हथियार लगाने के बिंदु भी शामिल हैं।
मलेशिया ने फाइटर लीड-इन ट्रेनिंग एंड लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के तहत ये विमान खरीदे हैं। सरल शब्दों में, लीड-इन ट्रेनर पायलटों को बुनियादी उड़ान कौशल से आगे बढ़ाकर लड़ाकू विमान संचालन में शामिल तेज फैसलों और अधिक जटिल प्रणालियों के लिए तैयार करता है।
खालेद ने कहा कि मलेशियाई विमान हवा से हवा और हवा से जमीन, दोनों तरह के मिशन कर सकते हैं। इन भूमिकाओं में आसमान या जमीन पर मौजूद लक्ष्यों से मुकाबला करना शामिल है। जरूरत के अनुसार वायुसेना अन्य परिचालन जिम्मेदारियां भी सौंप सकती है, जिससे ये विमान प्रशिक्षण और युद्धक अभियानों, दोनों के लिए उपयोगी होंगे।
मंत्री ने कहा कि पहले मलेशिया द्वारा संचालित विमानों की तुलना में FA-50M की क्षमताएं बेहतर हैं और इसमें नए उपकरण हैं। हालांकि, इसकी वास्तविक परिचालन उपयोगिता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि बेड़ा सेवा में आने के बाद चालक दल, रखरखाव दल और सहायक प्रणालियां किस तरह मिलकर काम करती हैं।
डिलीवरी का कार्यक्रम और हॉक विमानों की सेवा समाप्ति
मलेशिया के डिलीवरी कार्यक्रम के अनुसार सभी 18 विमान उसी साल तक पहुंच जाएंगे, जिस साल हॉक बेड़े को सेवा से हटाया जाना है। खालेद ने मार्च 2028 तक डिलीवरी पूरी होने की बात कही। पहले छह विमानों के अप्रैल 2027 तक मिलने की उम्मीद है।
खरीद, प्रशिक्षण और बेड़े में बदलाव के प्रमुख पड़ाव इस प्रकार हैं:
- फरवरी 2023: KAI ने 18 विमानों के समझौते की घोषणा की।
- मई 2023: मलेशिया और KAI ने खरीद के अंतिम अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
- 21 अक्टूबर 2026: मलेशिया के पहले छह पायलटों ने दक्षिण कोरिया में उड़ान प्रशिक्षण पूरा किया।
- 30 अक्टूबर 2026: पहला FA-50M लाबुआन पहुंचा। खालेद ने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण दूसरे विमान में देरी हुई।
- नवंबर 2026 का मध्य: कुआंतान एयर बेस पर आधिकारिक हस्तांतरण समारोह की योजना थी।
- अप्रैल 2027: मलेशिया को छह विमान मिल जाने की उम्मीद है।
- मार्च 2028: सभी 18 विमानों की डिलीवरी पूरी होनी है।
- 2028: हॉक बेड़े को सेवा से हटाने का कार्यक्रम है।
छह विमान कुल ऑर्डर का एक-तिहाई होंगे। इसका मतलब है कि अप्रैल 2027 के पड़ाव के बाद 12 विमान आने बाकी रहेंगे। आगे की डिलीवरी चरणबद्ध तरीके से, 2027 की शुरुआत से होने की उम्मीद है।
FA-50M हॉक विमानों से जुड़ी प्रशिक्षण और हल्की लड़ाकू भूमिकाएं संभालेंगे। मलेशिया ने हॉक का प्रशिक्षण संस्करण और हॉक 208, यानी हल्के युद्धक काम के लिए बना एक सीट वाला संस्करण, संचालित किया है। इन भूमिकाओं को नए विमानों को सौंपने के लिए पायलटों और जमीन पर काम करने वाले कर्मियों, दोनों के योजनाबद्ध बदलाव की जरूरत है।
नंबर 15 स्क्वाड्रन की तैयारी में जुटे कर्मी
विमानों के पहुंचने से पहले 57 मुख्य कर्मियों ने दक्षिण कोरिया में प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें छह पायलट, छह इंजीनियरिंग अधिकारी और 45 तकनीशियन शामिल थे। पहले मलेशियाई विमान के आगमन से नौ दिन पहले, 21 अक्टूबर को पायलटों ने अपना उड़ान प्रशिक्षण पूरा किया।
इस समूह से नंबर 15 स्क्वाड्रन को नए विमानों को उड़ाने, उनका रखरखाव करने और उन्हें सहारा देने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों का शुरुआती दल मिला है। 57 में से 45 तकनीशियन हैं। इससे पता चलता है कि तैयारी कॉकपिट के साथ-साथ जमीन पर भी बड़े पैमाने पर होती है।
खालेद ने बताया कि स्क्वाड्रन में कुल 209 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 127 भरे जा चुके हैं। यानी 82 पद अभी खाली हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। यह संख्या बताई गई आवश्यकता का लगभग 61 प्रतिशत है। यह भी कहा गया कि स्क्वाड्रन में पहले से 200 से अधिक कर्मी हैं, जो मंत्री की ओर से दिए गए विस्तृत आंकड़े से अलग है।
कुआंतान स्क्वाड्रन के नए ठिकाने की तैयारियों का केंद्र है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि प्रशिक्षण, परिचालन तत्परता और लड़ाकू विमानन तकनीक में कौशल विकास के लिए विमान वहीं तैनात किए जाएंगे।
योजना में सबाह और लाबुआन की भूमिका
लाबुआन की भूमिका पहले विमान को प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। हॉक बेड़े की सेवा समाप्त होने के बाद वहां कितने FA-50M तैनात किए जाने चाहिए, इसका फैसला रक्षा मंत्रालय करेगा। इससे यह नई खरीद सबाह के आसपास की भविष्य की वायु रक्षा व्यवस्था से जुड़ती है।
खालेद ने कहा कि हॉक विमानों के सेवा से हटने के बाद सबाह में लड़ाकू विमानों की तैनाती कहां की जाए, इस पर मलेशिया विचार कर रहा है। विचाराधीन व्यापक उपायों में सबाह और लाबुआन में नए तटीय रडार और वायु रक्षा रडार सिस्टम शामिल हैं।
तटीय रडार समुद्र तट के पास गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करते हैं, जबकि वायु रक्षा रडार विमानों की निगरानी करते हैं। लड़ाकू विमानों की तैनाती के साथ ये सिस्टम सैन्य कर्मियों को उन क्षेत्रों में गतिविधियों की स्थिति समझने में मदद करेंगे, जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।
फिलहाल सबाह में करीब 10,000 सैन्यकर्मी तैनात हैं। खालेद ने कहा कि सरकार उनकी संख्या बढ़ाएगी, मौजूदा सैन्य शिविरों का उन्नयन करेगी और नए शिविर बनाएगी। इन उपायों से विमान खरीद निगरानी, अड्डों और कर्मियों से जुड़े व्यापक प्रयास का हिस्सा बनती है।
मंत्री ने कहा कि सबाह, विशेषकर उसके पूर्वी तट पर सुरक्षा मजबूत करना मलेशिया की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, न कि फिलीपींस की सैन्य तैनाती बढ़ने की प्रतिक्रिया। उन्होंने इन उपायों को मलेशियाई संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के निरंतर प्रयासों के रूप में पेश किया।
दूसरी खेप का फैसला मूल्यांकन के बाद
पहले बेड़े के साथ तालमेल बैठाने और परीक्षण व मूल्यांकन पूरा करने के बाद मलेशिया विमानों की एक और खेप खरीदने पर विचार कर सकता है। खालेद ने कहा कि देश को इस तरह के और विमानों की जरूरत है, लेकिन मॉडल चुनने का फैसला वायुसेना पर छोड़ दिया।
भविष्य की खरीद में यही विमान या कोई दूसरा प्रकार शामिल हो सकता है, जिसमें अधिक आधुनिक लड़ाकू विमान भी हैं। मॉडल, आपूर्तिकर्ता देश, संख्या और खरीद की तारीख पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
पहले 18 जेट वायुसेना को ऐसा व्यावहारिक अनुभव देंगे, जिसके आधार पर वह यह फैसला कर सकेगी। कोई और खरीद तय करने से पहले विमान संचालन के दौरान प्रशिक्षण की जरूरतों, रखरखाव के काम और निर्धारित अभियानों के लिए उनकी उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा।
अगला तय सार्वजनिक पड़ाव नवंबर के मध्य में कुआंतान में होने वाला हस्तांतरण समारोह है। इसके बाद डिलीवरी कार्यक्रम को अप्रैल 2027 तक छह विमान और मार्च 2028 तक पूरा बेड़ा पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। इसी अवधि में हॉक बेड़े को भी तय कार्यक्रम के अनुसार सेवा से हटाया जाना है।
मुख्य बिंदु
- मलेशिया को 30 अक्टूबर 2026 को लाबुआन एयर बेस पर अपना पहला FA-50M मिला। लगभग RM4 अरब के ऑर्डर में कुल 18 विमान शामिल हैं।
- खालेद ने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण दूसरे विमान में देरी हुई। उसके अगले ही दिन पहुंचने की संभावना थी।
- ये जेट कुआंतान में नंबर 15 स्क्वाड्रन के साथ तैनात होंगे और लड़ाकू विमान प्रशिक्षण तथा हल्के युद्धक अभियानों में काम आएंगे।
- अप्रैल 2027 तक छह विमान और मार्च 2028 तक सभी 18 विमान मिलने की उम्मीद है। उसी साल हॉक बेड़े को सेवा से हटाने का कार्यक्रम है।
- मुख्य कर्मियों में से 57 ने दक्षिण कोरिया में प्रशिक्षण लिया। इनमें छह पायलट शामिल हैं, जिन्होंने 21 अक्टूबर को उड़ान प्रशिक्षण पूरा किया।
- मलेशिया सबाह और लाबुआन में भविष्य में विमानों की तैनाती और अतिरिक्त रडार सिस्टम लगाने पर विचार कर रहा है।
- दूसरे विमान खरीदने का फैसला पहले बेड़े के मूल्यांकन पर निर्भर करेगा। मॉडल और आपूर्तिकर्ता अभी तय नहीं हैं।






