शारजाह की असाधारण रात का अंत ऐतिहासिक विकेट के साथ
29 अक्टूबर 2026 को राशिद खान पुरुषों के ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 200 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। अफगानिस्तान ने शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में जिम्बाब्वे को 19 रन से हराया। यह उपलब्धि ऐसे मैच में आई जिसमें दो शतक लगे और अफगानिस्तान ने पांच रन पर चार विकेट गंवाने के बाद सात विकेट पर 221 रन बनाए।
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अफगानिस्तान के लेग स्पिनर ने जिम्बाब्वे के लक्ष्य का पीछा करते हुए नौवें ओवर में तादिवानाशे मरुमानी को दो रन पर एलबीडब्ल्यू आउट किया। कप्तान सिकंदर रजा के नाबाद 106 रन के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम पांच विकेट पर 202 रन ही बना सकी। इसके साथ ही तीन मैचों की सीरीज में अफगानिस्तान को 2-0 की अजेय बढ़त मिल गई।
अजमतुल्लाह उमरजई ने 50 गेंदों पर 116 रन बनाकर जीत की राह तैयार की। उन्होंने 27 गेंदों पर 52 रन बनाने वाले इजाज अहमदजई के साथ छठे विकेट के लिए 142 रन जोड़े। इससे पहले अफगानिस्तान का स्कोर पांच विकेट पर 38 रन हो गया था। पुरुषों के टी20आई में छठे या उससे निचले विकेट के लिए यह सबसे बड़ी साझेदारी थी।
राशिद ने बल्ले से भी निर्णायक योगदान दिया और छह गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाए। उनके चार छक्कों की मदद से अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे के सामने 222 रन का लक्ष्य रखा। इस तरह लड़खड़ाती पारी एक ऐसे स्कोर तक पहुंची जो रजा के जवाबी हमले को झेलने के लिए काफी था।
राशिद ने 200 विकेट कैसे पूरे किए
मैच से पहले राशिद के नाम टी20आई में 199 विकेट थे। जिम्बाब्वे की पारी के सातवें ओवर के रूप में आए उनके पहले ओवर में बिना कोई विकेट लिए छह रन बने। उनका अगला विकेट ओवर की तीसरी गेंद पर मिला। मरुमानी लेग साइड की ओर शॉट खेलने से चूके और गेंद उनके पैड पर लगी।
अंपायर ने मरुमानी को एलबीडब्ल्यू आउट दिया। एलबीडब्ल्यू यानी लेग बिफोर विकेट में बल्लेबाज का शरीर उस गेंद को रोकता है जिसे स्टंप की ओर जाता हुआ माना जाता है। हालांकि, यह फैसला इस बात पर भी निर्भर करता है कि गेंद कहां पिच हुई और बल्लेबाज के शरीर पर कहां लगी।
राशिद ने चार ओवर में 29 रन देकर एक विकेट लिया। यानी उन्होंने प्रति ओवर 7.25 रन दिए, जबकि इस मैच में अफगानिस्तान ने 11.05 और जिम्बाब्वे ने 10.10 रन प्रति ओवर बनाए। आक्रामक बल्लेबाजी से भरे मुकाबले में उनके स्पेल ने अफगानिस्तान को कुछ हद तक नियंत्रण दिलाया।
यह उपलब्धि उनके 120वें टी20आई मैच में आई। करियर के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने अफगानिस्तान के लिए 119 मैचों में 198 विकेट और आईसीसी विश्व एकादश के लिए एक मैच में दो विकेट लिए थे। इस तरह 200 विकेट का आंकड़ा पुरुषों के टी20आई में उनके पूरे करियर को शामिल करता है।
इस उपलब्धि के पीछे के आंकड़े
विकेटों की सूची में इंग्लैंड के आदिल राशिद 153 मैचों में 171 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर थे। राशिद खान उनसे 29 विकेट आगे रहे, जबकि उन्होंने 33 मैच कम खेले। राशिद खान के खाते में प्रति मैच करीब 1.67 विकेट हैं, जबकि इंग्लैंड के स्पिनर के लिए यह औसत करीब 1.12 है।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की घोषणा के मुताबिक, इस उपलब्धि के समय राशिद का गेंदबाजी औसत 13.96 और इकॉनमी रेट 6.13 था। मैच के पूरे आंकड़ों में ये क्रमशः 14.06 और 6.14 रहे। गेंदबाजी औसत बताता है कि हर विकेट के लिए कितने रन दिए गए, जबकि इकॉनमी रेट प्रति ओवर दिए गए रनों को मापता है।
राशिद के करियर में नौ पारियां ऐसी रहीं जिनमें उन्होंने चार विकेट लिए और दो में पांच विकेट। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तीन रन देकर पांच विकेट लेना रहा। केवल जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 22 मैचों में 38 विकेट लिए हैं, जो उनके अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड का अहम हिस्सा है।
मैदान के आंकड़े बताते हैं कि उनके करियर का बड़ा हिस्सा अफगानिस्तान से बाहर खेलते हुए बीता: तटस्थ मैदानों पर 143 और विरोधी टीम के मैदानों पर 57 विकेट। शारजाह में लिए गए विकेट से एशिया में उनके टी20आई विकेटों की संख्या 150 हो गई। उन्होंने महाद्वीप में 88 मैचों में यह आंकड़ा हासिल किया।
28 वर्षीय राशिद अक्टूबर 2025 में अबू धाबी में बांग्लादेश के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 200 विकेट लेने वाले अफगानिस्तान के पहले गेंदबाज बने थे। शारजाह की उपलब्धि ने छोटे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में एक अलग मुकाम उनके नाम कर दिया।
अफगानिस्तान ने पांच रन पर गंवाए चार विकेट
जिम्बाब्वे के कप्तान रजा ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। उनका फैसला तुरंत सही साबित हुआ और पावरप्ले के दौरान अफगानिस्तान ने केवल पांच रन पर रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, मोहम्मद अकरम और शाहिदुल्लाह कमाल के विकेट गंवा दिए।
टी20 पारी आम तौर पर 20 ओवर या 120 वैध गेंदों की होती है। शुरुआती छह ओवर पावरप्ले कहलाते हैं। इस दौरान फील्डिंग पर पाबंदियां आम तौर पर बल्लेबाजों को आक्रमण के ज्यादा मौके देती हैं। इसके उलट, अफगानिस्तान ने बड़ा स्कोर बनाने से पहले अपने उपलब्ध दस में से चार विकेट गंवा दिए।
सिदिकुल्लाह अटल ने 21 गेंदों पर 17 रन बनाए और नौवें ओवर में आउट हुए। पांच विकेट पर 38 रन के स्कोर पर अफगानिस्तान ने आधे विकेट गंवा दिए थे, जबकि पारी का आधे से अधिक हिस्सा बाकी था। उमरजई और इजाज को जिम्बाब्वे को चुनौती देने लायक रन जुटाने के साथ पारी को संभालना था।
जिम्बाब्वे के लिए ब्रैड इवांस और कुंडई मातिगिमु ने दो-दो विकेट लिए। विंसेंट मासेकेसा, अर्नेस्ट मसुकु और रजा को एक-एक विकेट मिला। हालांकि, जिम्बाब्वे की शुरुआती सफलता के बाद ऐसी साझेदारी बनी जिसने रन गति और मैच की दिशा, दोनों बदल दीं।
उमरजई और इजाज ने पारी का रुख बदला
छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उमरजई ने अपने पहले टी20आई शतक में 12 छक्के और पांच चौके लगाए। इन बाउंड्री से उनके 116 रनों में से 92 रन आए, यानी कुल स्कोर का लगभग चार-पांचवां हिस्सा। उनका स्ट्राइक रेट 232 रहा, यानी प्रति 100 गेंदों पर 232 रन के बराबर।
इजाज ने अपने 52 रन में पांच चौके और तीन छक्के लगाए। दोनों ने 59 गेंदों पर 142 रन जोड़े और प्रति ओवर 14 से अधिक रन बनाए। उनकी साझेदारी से अफगानिस्तान का स्कोर पांच विकेट पर 38 से छह विकेट पर 180 हो गया।
साझेदारी के आंकड़ों के मुताबिक, उमरजई ने 32 गेंदों पर 87 और इजाज ने 27 गेंदों पर 52 रन बनाए; बाकी तीन रन अतिरिक्त के रूप में आए। उमरजई ने रन गति को ज्यादा तेजी दी, जबकि इजाज के तेज अर्धशतक ने दूसरे छोर पर जिम्बाब्वे पर दबाव बनाए रखा।
18वें ओवर की आखिरी गेंद पर मसुकु ने इस साझेदारी को तोड़ा। इजाज ने ऊंचा शॉट खेलने की कोशिश की और मातिगिमु ने मिड ऑफ पर डाइव लगाकर कैच पूरा किया। उमरजई 19वें ओवर की पांचवीं गेंद तक टिके रहे। रजा की गेंद पर इवांस ने उनका कैच पकड़ा।
उमरजई पुरुषों के टी20आई में शतक लगाने वाले अफगानिस्तान के चौथे बल्लेबाज बने। इसके बाद राशिद ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़े और मातिगिमु की गेंद पर छक्का लगाकर पारी समाप्त की। मुजीब उर रहमान दो रन पर नाबाद रहे और अफगानिस्तान ने अपना तीसरा सबसे बड़ा टी20आई स्कोर बनाया।
यह वापसी रिकॉर्ड कैसे बनी
चौथा विकेट पांच रन पर गिरने के बाद अफगानिस्तान ने 216 रन बनाए। इसने पुरुषों के टी20आई में चौथा विकेट गिरने के बाद बनाए गए 190 रनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह रिकॉर्ड भारत ने 2024 में बेंगलुरु में अफगानिस्तान के खिलाफ बनाया था।
उस मैच में भारत की वापसी में रोहित शर्मा का पांचवां टी20आई शतक और रिंकू सिंह के साथ 190 रन की साझेदारी शामिल थी। रिंकू ने 69 रन बनाए थे। अफगानिस्तान का नया रिकॉर्ड 26 रन अधिक रहा और यह उससे भी ज्यादा खराब शुरुआती पतन के बाद बना।
अफगानिस्तान ने 38 रन पर पांचवां विकेट गिरने के बाद 183 रन जोड़े। यह 2025 में सिंगापुर के खिलाफ पापुआ न्यू गिनी के बनाए 153 रनों के पुरुषों के टी20आई रिकॉर्ड से 30 रन अधिक था। इस पड़ाव के बाद की अन्य बड़ी वापसी में स्लोवेनिया के 150 और वेस्टइंडीज के 144 रन शामिल थे।
उमरजई और इजाज के बीच 142 रन एक साझेदारी में बने। पांचवां विकेट गिरने के बाद जोड़े गए 183 रन में यह साझेदारी और इसके खत्म होने के बाद बने सभी रन शामिल हैं। पुरुषों के टी20आई में अफगानिस्तान पहली ऐसी टीम भी बनी जिसने अपने शुरुआती चार विकेट 20 से कम रन पर गंवाने के बाद 200 से अधिक रन बनाए।
रजा ने जिम्बाब्वे की उम्मीद बनाए रखी
लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने आधी पारी के आसपास 85 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। 222 रन के लक्ष्य के सामने उसे भी वापसी की जरूरत थी और रजा ने अपना दूसरा टी20आई शतक लगाकर यह जिम्मेदारी निभाई।
जिम्बाब्वे के कप्तान ने 56 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और नौ छक्के शामिल थे। आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने शतक पूरा किया और मैच की अंतिम गेंद पर छक्का लगाया।
रजा और तादिवानाशे त्सिगा ने 60 गेंदों पर नाबाद 120 रन जोड़े। इस साझेदारी में रजा ने 37 गेंदों पर 83 और त्सिगा ने 23 गेंदों पर 31 रन बनाए। उनकी साझेदारी से जिम्बाब्वे 200 रन के पार पहुंचा, लेकिन जरूरी रन गति इतनी ऊंची रही कि वे उसे बनाए नहीं रख सके।
जिम्बाब्वे की पारी पांच विकेट पर 202 रन पर समाप्त हुई और वह अफगानिस्तान के स्कोर से 19 रन पीछे रहा। राशिद के नाबाद 25 रन जीत के अंतर से अधिक थे। इससे उमरजई और इजाज के पारी को संभालने के बाद अंतिम ओवरों में राशिद की तेज बल्लेबाजी का महत्व पता चलता है।
सीरीज निर्णायक मोड़ तक कैसे पहुंची
अफगानिस्तान ने पहला टी20आई 37 रन से जीता था। दूसरी जीत से आखिरी मैच से पहले ही सीरीज का फैसला हो गया। यह मैच 1 नवंबर को निर्धारित था और जिम्बाब्वे के पास जीत के साथ सीरीज खत्म करने का एक मौका बाकी था।
टीमें अक्टूबर की शुरुआत में संयुक्त अरब अमीरात में भी आमने-सामने थीं। बांग्लादेश को भी शामिल करने वाले टूर्नामेंट में लीग चरण के दोनों मैच जीतने के बाद अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शारजाह वनडे फाइनल में जगह बनाई। उस अपराजित लीग अभियान में राशिद ने आठ विकेट लिए।
घटनाक्रम दोनों टीमों के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम के बीच इस टी20आई उपलब्धि को सामने रखता है:
- 19 अक्टूबर, अबू धाबी: अफगानिस्तान ने वनडे टूर्नामेंट के लीग चरण में जिम्बाब्वे को 158 रन से हराया।
- 23 अक्टूबर, शारजाह: वनडे फाइनल में अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे का मुकाबला निर्धारित था।
- पहला टी20आई: अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे को 37 रन से हराया।
- 29 अक्टूबर, शारजाह: अफगानिस्तान ने दूसरा टी20आई 19 रन से जीता और राशिद ने 200 विकेट पूरे किए।
- 1 नवंबर: तीसरा और आखिरी टी20आई निर्धारित था।
अफगानिस्तान ने ऐसे मैच के जरिए सीरीज अपने नाम की जिसमें बल्लेबाजी से वापसी करने के साथ एक और शतक को रोकने के लिए गेंदबाजी पर नियंत्रण भी जरूरी था। जिम्बाब्वे के शुरुआती विकेटों और रजा के नाबाद शतक ने उसे मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन अफगानिस्तान की रिकॉर्ड वापसी से मिले रन निर्णायक साबित हुए।
मुख्य बातें
- राशिद खान अपने 120वें मैच में पुरुषों के टी20आई में 200 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने।
- उन्होंने तादिवानाशे मरुमानी को दो रन पर एलबीडब्ल्यू आउट कर यह मुकाम हासिल किया और उनका अंतिम गेंदबाजी आंकड़ा एक विकेट पर 29 रन रहा।
- उमरजई ने 116 और इजाज अहमदजई ने 52 रन बनाए। दोनों ने छठे विकेट के लिए रिकॉर्ड 142 रन की साझेदारी की।
- अफगानिस्तान ने पांच रन पर चार और 38 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद सात विकेट पर 221 रन बनाए।
- रजा के नाबाद 106 रन की बदौलत जिम्बाब्वे पांच विकेट पर 202 रन तक पहुंचा, लेकिन अफगानिस्तान 19 रन से जीता।
- 1 नवंबर को निर्धारित आखिरी मैच से पहले अफगानिस्तान ने सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल की।






