तीन गेंदों ने अबू धाबी टेस्ट का रुख बदला
हसन महमूद ने तेज गेंदबाज के रूप में बांग्लादेश की पहली टेस्ट हैट्रिक ली, 17 मैचों में 50 टेस्ट विकेट पूरे कर राष्ट्रीय तेज गेंदबाजी रिकॉर्ड बनाया और 11 अक्टूबर, 2026 को अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी टीम को 329 रन की बढ़त दिलाने में मदद की। शेख जायद क्रिकेट स्टेडियम में 83वें ओवर में लगातार तीन विकेट लेकर उन्होंने अबू धाबी में एकमात्र टेस्ट के तीसरे दिन की सुबह का रुख बदल दिया।
विषय-सूची
- तीन गेंदों ने अबू धाबी टेस्ट का रुख बदला
- महमूद ने कैसे पूरी की हैट्रिक
- बांग्लादेश के टेस्ट रिकॉर्ड में तीसरी हैट्रिक
- बांग्लादेश के किसी भी तेज गेंदबाज से जल्दी 50 विकेट
- चार अलग-अलग देशों में कामयाबी
- पहली पारी के अंत में इबादत और रहमत का असर
- शुरुआती झटकों के बाद शांतो और मुशफिकुर ने पारी संभाली
- मैच के आंकड़ों में अंतर कहां है
- फाइनल पारी से पहले और रन जोड़ने की बांग्लादेश की योजना
- मुख्य बातें
26 वर्षीय महमूद ने लगातार गेंदों पर इस्मत आलम, कैस अहमद और जिया-उर-रहमान को आउट किया। उन्होंने 21 ओवर में 55 रन देकर पांच विकेट लिए। बांग्लादेश के 346 रन के जवाब में अफगानिस्तान की टीम 240 रन पर सिमट गई और पहली पारी में 106 रन से पिछड़ गई। दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने दूसरी पारी में छह विकेट पर 223 रन बना लिए थे। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 82 और मुशफिकुर रहीम ने 81 रन बनाए।
महमूद टेस्ट हैट्रिक लेने वाले तीसरे बांग्लादेशी गेंदबाज बने। उनसे पहले लेग स्पिनर आलोक कपाली ने 2003 में और ऑफ स्पिनर सोहाग गाजी ने 2013 में यह उपलब्धि हासिल की थी। उनकी हैट्रिक ने गाजी के कारनामे के बाद 13 साल का अंतर खत्म किया। साथ ही, उस तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए एक नया मुकाम कायम किया जिसने अफगानिस्तान की पहली पारी के दस में से नौ विकेट लिए।
मैच अभी खत्म नहीं हुआ था। बांग्लादेश के पास अपनी बढ़त बढ़ाने के लिए चार विकेट बाकी थे, जबकि अफगानिस्तान के कप्तान रहमत शाह के नाबाद 105 रन ने दिखाया कि धैर्य के साथ बल्लेबाजी करना अब भी संभव था। फिर भी, महमूद के सुबह के तूफानी स्पेल और शांतो-मुशफिकुर की 159 रन की साझेदारी ने बांग्लादेश को नियंत्रण दिला दिया। इससे पहले दोनों टीमें दबाव के दौर से गुजरी थीं।
महमूद ने कैसे पूरी की हैट्रिक
तीसरे दिन की शुरुआत में बांग्लादेश ने दूसरी नई गेंद ली। टेस्ट क्रिकेट में क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम 80 ओवर के बाद नई गेंद मांग सकती है। इसकी सख्त सतह और उभरी हुई सीम तेज गेंदबाजों को गेंद को स्विंग कराने में मदद कर सकती है। इसलिए जमी हुई साझेदारी के खिलाफ यह आक्रमण का अहम विकल्प होती है।
इबादत हुसैन ने पहला विकेट लिया। उन्होंने इकराम अलीखिल को 32 रन पर बोल्ड कर रहमत के साथ उनकी पांचवें विकेट की 80 रन की साझेदारी तोड़ी। इसके बाद महमूद ने सुबह के अपने दूसरे ओवर में, जो अफगानिस्तान की पारी का 83वां ओवर था, लगातार तीन विकेट लिए।
इस्मत ने चार गेंदों पर एक रन बनाया था। महमूद की गेंद उनकी ओर अंदर आई और बल्ले के नीचे से निकलकर स्टंप्स पर जा लगी। अगली गेंद पर कैस के बल्ले का किनारा लेकर गेंद पीछे गई और वह शून्य पर आउट हुए। विकेटकीपर लिटन दास पहले उलटी दिशा में बढ़े, फिर संभलकर दाईं ओर नीचे की तरफ डाइव लगाई और एक हाथ से कैच पूरा किया।
तीसरे विकेट के लिए समीक्षा लेनी पड़ी। महमूद की गेंद जिया के पैड पर लगी, लेकिन अंपायर अल्लाहुद्दीन पलेकर ने एलबीडब्ल्यू की अपील ठुकरा दी। शांतो ने डिसीजन रिव्यू सिस्टम यानी डीआरएस लेने का फैसला किया। इसके जरिए टीमें वीडियो और ट्रैकिंग तकनीक की मदद से कुछ फैसलों को चुनौती दे सकती हैं। अल्ट्राएज में बल्ले से कोई संपर्क नहीं दिखा, जबकि बॉल ट्रैकिंग से पता चला कि गेंद स्टंप्स पर लगती। फैसला पलटा गया और महमूद की हैट्रिक पूरी हुई।
बाद में महमूद ने निर्णायक समीक्षा पर कप्तान और विकेटकीपर की सलाह का श्रेय दिया:
"इसका श्रेय कप्तान और लिटन दास को जाता है। उन्होंने चर्चा की और मुझे सही किया। उन्होंने कहा कि गेंद स्टंप्स पर लगने वाली है और मैं रिव्यू ले सकता हूं। साथियों से इस तरह की सलाह मिलना शानदार लगता है," उन्होंने कहा।
बांग्लादेश के टेस्ट रिकॉर्ड में तीसरी हैट्रिक
महमूद की उपलब्धि बांग्लादेश की पिछली दो टेस्ट हैट्रिक के साथ दर्ज होगी। दोनों ही स्पिनरों ने ली थीं। कपाली ने अगस्त 2003 में पेशावर में पाकिस्तान के खिलाफ पहली हैट्रिक ली थी। उन्होंने शब्बीर अहमद, दानिश कनेरिया और उमर गुल को आउट किया था। इसके बाद गाजी ने अक्टूबर 2013 में चटगांव में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैट्रिक ली।
कुछ शुरुआती खबरों में महमूद को यह उपलब्धि हासिल करने वाला बांग्लादेश का दूसरा गेंदबाज बताया गया और कपाली की हैट्रिक के बाद 23 साल के इंतजार का जिक्र किया गया। उन खबरों में गाजी की उपलब्धि छूट गई। 2013 के प्रदर्शन को शामिल करने पर महमूद बांग्लादेश के तीसरे हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज और पहले तेज गेंदबाज हैं। पिछली दो हैट्रिक के बीच 13 साल का अंतर है।
मुख्य तारीखें और पड़ाव इस प्रकार हैं:
- अगस्त 2003: आलोक कपाली ने पेशावर में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश की पहली टेस्ट हैट्रिक ली।
- अक्टूबर 2013: सोहाग गाजी ने चटगांव में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी हैट्रिक ली।
- 2024: हसन महमूद ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।
- 11 अक्टूबर, 2026, सुबह: महमूद ने तेज गेंदबाज के रूप में बांग्लादेश की पहली टेस्ट हैट्रिक ली और 50 टेस्ट विकेट पूरे किए।
- 11 अक्टूबर, 2026, दिन का खेल खत्म: बांग्लादेश ने छह विकेट पर 223 रन बनाए और अफगानिस्तान पर 329 रन की बढ़त हासिल की।
बांग्लादेश के किसी भी तेज गेंदबाज से जल्दी 50 विकेट
हैट्रिक महमूद की एक बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि का हिस्सा थी। पारी में बाद में यामीन अहमदजई को शून्य पर आउट कर उन्होंने टेस्ट में चौथी बार एक पारी में कम से कम पांच विकेट लिए और अपने 17वें मैच में करियर के 50 विकेट पूरे किए।
मैचों की संख्या के लिहाज से वह 50 विकेट तक पहुंचने वाले बांग्लादेश के सबसे तेज तेज गेंदबाज बन गए। तस्कीन अहमद को 18 टेस्ट, मशरफे बिन मुर्तजा को 19 और शाहादत हुसैन को 21 टेस्ट लगे थे। महमूद ने तस्कीन से एक और शाहादत से चार मैच पहले यह मुकाम हासिल किया।
यह रिकॉर्ड 50 विकेट तक जल्दी पहुंचने का है, करियर में सबसे ज्यादा विकेट लेने का नहीं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों में मशरफे 78 टेस्ट विकेट के साथ पहले, शाहादत 72 के साथ दूसरे और तस्कीन 59 के साथ तीसरे स्थान पर हैं। महमूद ने इस पारी में 50 विकेट पूरे किए।
एक पारी में पांच विकेट लेने का उनका चौथा प्रदर्शन बांग्लादेश के तेज गेंदबाज के रूप में ऐसे सबसे ज्यादा प्रदर्शनों के शाहादत के रिकॉर्ड की बराबरी भी करता है। ये आंकड़े बताते हैं कि तीन गेंदों में तीन विकेट लेने की दुर्लभ उपलब्धि के अलावा भी यह सुबह क्यों अहम थी: 2024 में पदार्पण के बाद महमूद लगातार सफलता का रिकॉर्ड भी बना रहे थे।
चार अलग-अलग देशों में कामयाबी
महमूद ने टेस्ट में एक पारी में पांच विकेट लेने के अपने चारों प्रदर्शन रावलपिंडी, चेन्नई, डार्विन और अबू धाबी में किए हैं। इनमें पाकिस्तान के खिलाफ 43 रन देकर पांच, भारत के खिलाफ 83 रन देकर पांच, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 55 रन देकर छह और अब अफगानिस्तान के खिलाफ 55 रन देकर पांच विकेट शामिल हैं।
इस उपलब्धि में अलग-अलग देशों में मिली सफलता का खास महत्व है। एक ही मैदान पर बार-बार अच्छा प्रदर्शन करने के बजाय उन्होंने पाकिस्तान, भारत, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात में उल्लेखनीय नतीजे दिए हैं। अगस्त में डार्विन में एक पारी में उनके छह विकेट, बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर जीत में मैच के नौ विकेट का हिस्सा थे।
महमूद ने बताया कि अबू धाबी में उनका ध्यान किसी खास मुकाम के बजाय सटीक गेंदबाजी और बल्लेबाजों को खेलने पर मजबूर करने पर था:
जाहिर है, मैंने हैट्रिक लेने की योजना नहीं बनाई थी, लेकिन मेरा ध्यान अपनी प्रक्रिया, यानी लाइन और लेंथ पर था," उन्होंने कहा। "मुझे अपनी ताकत पर भरोसा करना था। आखिरकार यह अच्छा दिन रहा।
लाइन से आशय बल्लेबाज और स्टंप्स के सापेक्ष गेंद की दिशा से है, जबकि लेंथ बताती है कि गेंद पिच पर कहां टप्पा खाती है। महमूद के लगातार तीन विकेट इन दोनों पर नियंत्रण की अहमियत दिखाते हैं। एक गेंद बल्ले को छकाकर स्टंप्स पर लगी, दूसरी ने बाहरी किनारा लिया और तीसरी पर गेंद पैड से टकराई।
पहली पारी के अंत में इबादत और रहमत का असर
महमूद के पांच विकेटों के साथ इबादत ने 56 रन देकर चार विकेट लिए। इबादत ने सुबह रहमत और इकराम की साझेदारी तोड़ी और बाद में मोहम्मद सलीम को आउट कर पारी समाप्त की। बाकी एक विकेट मेहदी हसन मिराज ने लिया। इस तरह बांग्लादेश के दोनों तेज गेंदबाजों ने दस में से नौ विकेट हासिल किए।
विकेट गिरते रहे, लेकिन रहमत डटे रहे। अफगानिस्तान के कप्तान के रूप में अपने पहले टेस्ट में वह दस चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 105 रन बनाकर लौटे। 13 टेस्ट में यह उनका चौथा शतक और बांग्लादेश के खिलाफ दूसरा शतक था। महमूद की गेंद पर चौका लगाकर उन्होंने शतक पूरा किया, लेकिन अफगानिस्तान को बराबरी के करीब पहुंचाने से पहले उनके साथी आउट हो गए।
रहमत के 105 रन अफगानिस्तान के कुल 240 रन का लगभग 44 प्रतिशत थे। सलामी बल्लेबाज अब्दुल मलिक ने 62 रन बनाए। इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 167 रन, यानी पारी के कुल स्कोर का लगभग 70 प्रतिशत बनाया। रनों का यह एकाग्र होना बताता है कि एक शतक के बावजूद अफगानिस्तान बड़ी बढ़त क्यों नहीं रोक सका।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनने वाले बांग्लादेश के 346 रन में योगदान कई बल्लेबाजों से आया था। शादमान इस्लाम ने 67, तंजीद हसन ने 83 और लिटन ने 53 रन बनाए। अफगानिस्तान के तेज गेंदबाजों को भी कामयाबी मिली थी। मोहम्मद सलीम सफी ने चार, यामीन ने तीन और इस्मत ने दो विकेट लिए।
शुरुआती झटकों के बाद शांतो और मुशफिकुर ने पारी संभाली
पहली पारी की बढ़त के बावजूद बांग्लादेश की दूसरी पारी की शुरुआत मुश्किल रही। शादमान 13 रन बनाकर सलीम की गेंद पर स्क्वायर लेग में कैच हुए। मोमिनुल हक सात रन पर यामीन की गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे। तंजीद भी यामीन की गेंद पर स्लिप में लपके गए। उन्होंने 38 गेंदों में 31 रन बनाए।
53 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद बांग्लादेश की बढ़त 159 रन थी, लेकिन शीर्ष क्रम पवेलियन लौट चुका था। शांतो और मुशफिकुर ने चौथे विकेट के लिए 159 रन जोड़े। उनकी साझेदारी 212 रन के स्कोर पर टूटी। दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश की दूसरी पारी के कुल रन का 71 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इस साझेदारी से आया था।
पहली पारी में शून्य पर आउट हुए मुशफिकुर ने 73 गेंदों में टेस्ट क्रिकेट का 30वां अर्धशतक पूरा किया। वह आखिरकार 148 गेंदों में 81 रन बनाकर आउट हुए। शांतो को अर्धशतक तक पहुंचने के लिए 135 गेंदें लगीं और उन्होंने 191 गेंदों में 82 रन बनाए। दोनों की अलग-अलग रन गति से बांग्लादेश संभल सका और किसी एक बल्लेबाज को अकेले आक्रामक होने की जरूरत नहीं पड़ी।
कप्तान ने विकेट के पीछे एक कैच का मौका मिलने के बाद भी पारी जारी रखी। स्वीप चूकने के बाद जिया के खिलाफ एलबीडब्ल्यू के फैसले को भी उन्होंने सफलतापूर्वक चुनौती दी। इस समीक्षा से साझेदारी बची, जो बांग्लादेश की स्थिति के लिए अहम बनी। इस तरह एक ही दिन दोनों पारियों में डीआरएस का फैसला निर्णायक साबित हुआ।
हालांकि, अफगानिस्तान ने दिन के आखिरी हिस्से में विकेट लिए। विकेटकीपर के ऊपर से खेलने की कोशिश में मुशफिकुर ने जिया की छोटी गेंद पर बल्ले का किनारा दिया और स्लिप में कैच हो गए। शांतो कैस की घूमती गेंद पर बोल्ड हुए। दिन का खेल खत्म होने के करीब विशेषज्ञ बल्लेबाज को बचाने के लिए नाइटवॉचमैन के रूप में भेजे गए महमूद को जिया ने एलबीडब्ल्यू आउट किया।
बांग्लादेश ने छह विकेट पर 223 रन बनाकर दिन का खेल खत्म किया। लिटन पांच रन बनाकर नाबाद थे और मेहदी ने खाता नहीं खोला था। यामीन ने 42 रन देकर दो और जिया ने 55 रन देकर दो विकेट लिए। लंबी साझेदारी के बाद अफगानिस्तान को इन विकेटों से कुछ राहत मिली।
मैच के आंकड़ों में अंतर कहां है
बाद की खबरों में पूरी हुई पारियों के आंकड़े एक जैसे हैं: अफगानिस्तान 240 रन पर आउट हुआ, महमूद ने 55 रन देकर पांच और इबादत ने 56 रन देकर चार विकेट लिए। बांग्लादेश को पहली पारी में 106 रन की बढ़त मिली। खबरों के मुताबिक, बांग्लादेश ने दिन का खेल छह विकेट पर 223 रन के साथ खत्म किया और उसकी कुल बढ़त 329 रन थी।
हालांकि, बीच के कुछ आंकड़ों में अंतर है। हैट्रिक के तुरंत बाद अफगानिस्तान का स्कोर कहीं आठ विकेट पर 220 तो कहीं 221 बताया गया। उस समय रहमत के रन 86 या 87 बताए गए। उनका अंतिम नाबाद स्कोर आमतौर पर 105 दिया गया है, हालांकि पूरी हुई पारी की एक अन्य खबर में इसे 102 बताया गया।
दिन के खेल की शुरुआत के स्कोर में भी सावधानी जरूरी है। ज्यादातर खबरों के अनुसार, अफगानिस्तान ने चार विकेट पर 211 रन से खेलना शुरू किया था। यानी 240 रन पर आउट होने से पहले उसने 29 रन जोड़े। एक अन्य खबर में स्कोर चार विकेट पर 217 रन दिया गया और बताया गया कि टीम ने 23 रन पर आखिरी छह विकेट गंवाए। कुछ खबरें 211 रन के स्कोर के साथ 23 रन जोड़ने की बात कहती हैं, जो अंतिम कुल स्कोर से मेल नहीं खाती।
चाय के समय बांग्लादेश का स्कोर भी कहीं तीन विकेट पर 123 तो कहीं 124 रन बताया गया। तीसरा विकेट 53 रन पर गिरने के बाद नाबाद 71 रन की साझेदारी का जिक्र 124 रन के स्कोर से मेल खाता है। इससे पहली पारी की 106 रन की बढ़त जोड़ने पर कुल बढ़त 230 रन बनती है। एक खबर में तीसरे दिन को सोमवार बताया गया है, जबकि तारीख वाली खबरों और अगले दिन खेलने के महमूद के बयान से यह रविवार, 11 अक्टूबर का दिन लगता है। अगला दिन सोमवार, 12 अक्टूबर था।
फाइनल पारी से पहले और रन जोड़ने की बांग्लादेश की योजना
दिन का खेल खत्म होने पर बांग्लादेश की बढ़त 329 रन थी, लेकिन यह जीत का अंतिम लक्ष्य नहीं था। अगर उसकी पारी उसी समय समाप्त हो जाती, तो अफगानिस्तान को जीत के लिए 330 रन बनाने होते। चार विकेट बाकी होने के कारण बांग्लादेश पारी घोषित करने या ऑलआउट होने से पहले इस लक्ष्य को और बढ़ा सकता था।
महमूद ने कहा कि योजना सोमवार को बल्लेबाजी जारी रखकर अफगानिस्तान के सामने बड़ा लक्ष्य रखने की थी। पारी घोषित करने के स्कोर या समय का ऐलान नहीं किया गया था। इसके बाद जीत के लिए बांग्लादेश को अफगानिस्तान को फिर से आउट करना होगा।
गेंदबाजी प्रदर्शन से यह भी पता चला कि बांग्लादेश के पास तेज गेंदबाजों के अधिक विकल्प हैं। पिछली टेस्ट सीरीज में मैके में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 48 रन देकर सात विकेट लेने वाले शोरिफुल इस्लाम को इस मैच में जगह नहीं मिली। अबू धाबी में महमूद और इबादत ने साझा रूप से पहली पारी के नौ विकेट लेकर अपने चयन को सही साबित किया।
महमूद ने कहा कि हैट्रिक की खुशी सिर्फ रिकॉर्ड की वजह से नहीं, बल्कि टीम को जीत की स्थिति में पहुंचाने में मदद करने से भी थी:
"हैट्रिक लेकर मैं बहुत खुश हूं। इससे भी बढ़कर, टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाने में मदद करना अच्छा है, जहां से हम जीत हासिल कर सकते हैं," उन्होंने कहा।
मुख्य बातें
- हसन महमूद टेस्ट हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के पहले तेज गेंदबाज और कुल तीसरे गेंदबाज बने।
- उन्होंने अबू धाबी में लगातार गेंदों पर इस्मत आलम, कैस अहमद और जिया-उर-रहमान को आउट किया।
- महमूद ने 55 रन देकर पांच विकेट लिए और 17 मैचों में 50 टेस्ट विकेट पूरे किए। बांग्लादेश के किसी अन्य तेज गेंदबाज ने इतनी जल्दी यह मुकाम हासिल नहीं किया।
- अफगानिस्तान 240 रन पर आउट हुआ। रहमत शाह 105 रन बनाकर नाबाद रहे और इबादत हुसैन ने 56 रन देकर चार विकेट लिए।
- शांतो के 82 और मुशफिकुर के 81 रन में 159 रन की साझेदारी शामिल थी, जिसने बांग्लादेश की दूसरी पारी को संभाला।
- तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने छह विकेट पर 223 रन बनाए और उसकी बढ़त 329 रन थी। सोमवार को आगे बल्लेबाजी की योजना थी।






