श्रीलंका ने करो या मरो के मुकाबले को एकतरफा जीत में बदला
दिलशान मदुशंका ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को लाहौर में 34 रन देकर पांच विकेट लिए और श्रीलंका ने पाकिस्तान को 110 रन पर समेट दिया। इसके बाद 191 गेंद शेष रहते आठ विकेट से जीत दर्ज कर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में जगह बनाई। इस नतीजे से इंग्लैंड बाहर हो गया और श्रीलंका तथा पाकिस्तान के बीच एक और मुकाबला तय हुआ।
विषय-सूची
- श्रीलंका ने करो या मरो के मुकाबले को एकतरफा जीत में बदला
- मदुशंका ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया
- पाकिस्तान को पारी संभालने का मौका नहीं मिला
- 27 रन की साझेदारी पाकिस्तान की सबसे बड़ी रही
- शुरुआती मौके से बचकर कामिंदु ने आक्रमण किया
- बाउंड्री पर कैच छह रन में बदला
- फाइनल खेलने वाली टीमों का फैसला कैसे हुआ
- रीमैच में पाकिस्तान के सामने अलग चुनौती
- मुख्य बिंदु
गद्दाफी स्टेडियम में लक्ष्य का पीछा करते हुए कामिंदु मेंडिस ने 60 गेंदों पर नाबाद 62 रन बनाए। श्रीलंका ने 18.1 ओवर में दो विकेट पर 114 रन बना लिए। पवन रत्नायके 23 रन पर नाबाद रहे और उन्होंने विजयी चौका लगाया। पाकिस्तान अपने शुरुआती तीनों मैच जीतकर पहले ही क्वालिफाई कर चुका था, लेकिन उसकी अपराजित लय अचानक टूट गई।
श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने पहले गेंदबाजी चुनी और उनकी टीम ने पाकिस्तान को केवल 25.3 ओवर में आउट कर दिया। मदुशंका ने शुरुआती झटके दिए और पारी के आखिर में लौटकर बाकी काम पूरा किया। सहान आराच्चिगे ने 24 रन देकर दो विकेट लिए। श्रीलंका के इस्तेमाल किए गए हर गेंदबाज ने कम से कम एक विकेट लिया।
इस जीत से पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका की लगातार पांच हार का सिलसिला खत्म हुआ। गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ बचा हुआ लीग मैच भी अब अलग मायने रखता है: उसका नतीजा फाइनल खेलने वाली टीमों को नहीं बदल सकता।
मैच के प्रमुख आंकड़ों के अनुसार श्रीलंका का स्कोर दो विकेट पर 114 और बाबर आजम का योगदान 29 रन था, हालांकि कुछ अन्य प्रकाशित आंकड़ों में स्कोर दो विकेट पर 112 और बाबर के 27 रन बताए गए हैं। नतीजे, जीत के अंतर और लक्ष्य का पीछा करने में लगे समय पर आंकड़े एकमत हैं। क्रिकेट की गणना में 18.1 ओवर का अर्थ है 18 पूरे ओवर और एक गेंद। 50 ओवर की निर्धारित पारी में 31 ओवर और पांच गेंदें बाकी थीं।
मदुशंका ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया
मदुशंका के 34 रन देकर पांच विकेट उनके पिछले सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय आंकड़े से बेहतर रहे। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 विश्व कप में मुंबई में भारत के खिलाफ 80 रन देकर पांच विकेट था। इस बार उन्होंने उतने ही विकेट लेकर 46 रन कम दिए। एकदिवसीय मैच में यह उनका दूसरा पांच विकेट का प्रदर्शन था।
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने ऐसी गेंदें डालकर पाकिस्तान के बल्लेबाजों को परेशान किया जो तेजी से उछलकर उनके ऊपरी शरीर की ओर गईं। फखर जमान सबसे पहले आउट हुए। चौथे ओवर में छोटी गेंद पर उनका शॉट टाइम नहीं हुआ और वह पॉइंट पर कैच दे बैठे।
मदुशंका ने साद बैग को भी पांच रन पर आउट किया। वह शॉर्ट कवर पर कैच हुए। बाद में लौटकर मदुशंका ने अराफात मिन्हास, हारिस रऊफ और पाकिस्तान के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी को चलता किया। उनके विकेट पारी के दोनों हिस्सों में आए: उन्होंने शुरुआत में पाकिस्तान की लय बिगाड़ी, उसकी सबसे बड़ी साझेदारी तोड़ी और निचले क्रम को स्कोर बढ़ाने से रोका।
2023 विश्व कप के बाद चोटों से बाधित उनके सफर के बाद इस स्तर का प्रदर्शन श्रीलंका के लिए खास तौर पर राहत देने वाला था। लाहौर में उनकी गेंदों का उछाल पाकिस्तान के लिए मुश्किल बना, जबकि बाद में श्रीलंका के बल्लेबाजों ने उसी पिच पर खुलकर रन बनाए।
पाकिस्तान को पारी संभालने का मौका नहीं मिला
पाकिस्तान की मुश्किलें उसके स्थापित बल्लेबाजों के जमने से पहले ही शुरू हो गईं। साइम अयूब की जगह टीम में शामिल किए गए माज सदाकत आठ रन बनाकर आउट हुए। असिथा फर्नांडो की फुल गेंद उनके पैड पर लगी और अंपायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। पाकिस्तान का स्कोर दो विकेट पर 23 रन था।
बाबर ने सबसे मजबूत प्रतिरोध किया और 33 गेंदों पर पांच चौके लगाए। उन्होंने और बैग ने तीसरे विकेट के लिए 23 रन जोड़े, लेकिन यह साझेदारी तब टूटी जब बैग ने मदुशंका की गेंद पर बल्ले के पास खड़े फील्डर को कैच थमा दिया।
इसके बाद सलमान अली आगा ने आराच्चिगे की गेंद पर विकेटकीपर कुसल मेंडिस को कैच दिया। वह नौ रन बनाकर आउट हुए। ओवर बदलने के तुरंत बाद ईशान मलिंगा ने बाबर को आउट कर दिया। 14 ओवर के भीतर पाकिस्तान का स्कोर पांच विकेट पर 61 रन हो गया। दो अनुभवी बल्लेबाजों के आउट होने के बीच एक भी रन नहीं जुड़ा।
जब शादाब खान आराच्चिगे की गेंद पर स्वीप खेलने की कोशिश में कैच हुए, तब तक पाकिस्तान अपने दोनों असफल रिव्यू इस्तेमाल कर चुका था। रिव्यू प्रणाली के तहत टीम अंपायर के फैसले की टेलीविजन अधिकारियों से जांच कराने का अनुरोध कर सकती है, लेकिन असफल चुनौती से उसका तय कोटा घट जाता है। पाकिस्तान अब एक और फैसले की जांच नहीं मांग सकता था।
27 रन की साझेदारी पाकिस्तान की सबसे बड़ी रही
हसन नवाज और अराफात मिन्हास ने सातवें विकेट के लिए 27 रन जोड़कर कुछ देर पाकिस्तान की पारी संभाली। यह पारी की सबसे बड़ी साझेदारी थी और इससे पता चला कि श्रीलंका ने वापसी का मौका कितनी प्रभावी ढंग से रोका।
मदुशंका ने एक और छोटी गेंद से साझेदारी तोड़ी। अराफात गेंद को सिर्फ विकेट के पीछे खड़े कुसल की ओर मोड़ पाए। वह 10 रन बनाकर आउट हुए। हसन ने 17 रन बनाए और दुनिथ वेल्लालगे की गेंद पर ऊंचा शॉट खेलकर लॉन्ग ऑफ पर आराच्चिगे को कैच दे बैठे। पाकिस्तान का स्कोर आठ विकेट पर 91 रन हो गया।
रऊफ ने एक रन बनाया और मदुशंका की गेंद पर कामिंदु को स्लिप में कैच दे बैठे। शाहीन ने आखिर में कुछ प्रतिरोध किया और 13 गेंदों पर 15 रन बनाते हुए दो छक्के लगाए। लेकिन हुक शॉट खेलने की कोशिश में वह वेल्लालगे के हाथों लपके गए और मदुशंका के पांच विकेट पूरे हुए।
पाकिस्तान के केवल चार बल्लेबाज दोहरे अंक तक पहुंचे। उसका 110 रन का स्कोर घरेलू मैदान पर दूसरा सबसे कम एकदिवसीय कुल और श्रीलंका के खिलाफ तीसरा सबसे कम था। पाकिस्तान ने 153 वैध गेंदें खेलीं, जो 300 गेंदों के अपने कोटे के आधे से कुछ ही अधिक थीं। इससे गेंदबाजों के लिए गलती की गुंजाइश बेहद कम वाला लक्ष्य बचा।
शुरुआती मौके से बचकर कामिंदु ने आक्रमण किया
शाहीन के पहले ओवर में कामिंदु को तुरंत जीवनदान मिला, जब विकेटकीपर बैग ने उनका कैच छोड़ दिया। तब तक उन्होंने खाता भी नहीं खोला था। इसके बाद उन्होंने पारी की कमान संभाली। रऊफ के गेंदबाजी पर आने पर उन्होंने लगातार तीन चौके लगाए।
अविष्का फर्नांडो ने 17 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 16 रन बनाए और सलामी साझेदारी 50 तक पहुंची। आखिरकार शाहीन ने उन्हें आउट किया: पुल शॉट फखर के हाथों शॉर्ट मिडविकेट पर गया। तब तक श्रीलंका लक्ष्य का बड़ा हिस्सा हासिल कर चुका था।
कुसल छह गेंदों तक क्रीज पर रहे और आठ रन बनाए। अराफात की गेंद पर उनका आउट होना असामान्य था: रक्षात्मक शॉट से गेंद आगे गई, फॉलो-थ्रू के दौरान बल्ले के पिछले हिस्से से टकराई और फिर लुढ़ककर स्टंप से जा लगी। अराफात ने 23 रन देकर एक विकेट लिया।
कामिंदु ने लक्ष्य का पीछा जारी रखा और पगबाधा के फैसले को सफलतापूर्वक रिव्यू कराया। टेलीविजन समीक्षा में अंपायर का फैसला पलट गया और उन्हें अपना अर्धशतक पूरा करने का मौका मिला।
बाउंड्री पर कैच छह रन में बदला
कामिंदु ने 43 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की ओर खेले गए पुल शॉट पर लक्ष्य के पीछा करने का निर्णायक पल आया। स्थानापन्न फील्डर ने कैच तो पूरा किया, लेकिन उनका पैर बाउंड्री को छू गया। इससे संभावित आउट छह रन में बदल गया।
क्रिकेट के नियम के मुताबिक बाउंड्री पर कैच पूरा करते समय फील्डर को गेंद के संपर्क में रहते हुए रस्सी से बाहर रहना होता है। पैर बाउंड्री पर पड़ने से कामिंदु क्रीज पर बने रहे और उन्हें अधिकतम बाउंड्री के रन मिले।
रत्नायके ने उनका अच्छा साथ दिया और 26 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 23 रन बनाकर नाबाद रहे। कवर पॉइंट के ऊपर से उनके आखिरी शॉट ने श्रीलंका को 111 रन के लक्ष्य से आगे पहुंचा दिया। जीत दिलाने वाला चौका पूरा गिना जाता है, इसलिए लक्ष्य के जरूरी रन से कुछ अधिक पर पारी खत्म हो सकती है।
कामिंदु ने आठ चौके और दो छक्के लगाए। इन बाउंड्री शॉट से उनके 62 रन में से 44 आए, यानी करीब 71 प्रतिशत। पाकिस्तान की पारी और श्रीलंका के लक्ष्य का पीछा, दोनों मिलाकर केवल 43.4 ओवर चले, जो एक पूरी एकदिवसीय पारी के निर्धारित ओवरों से भी कम है।
फाइनल खेलने वाली टीमों का फैसला कैसे हुआ
पाकिस्तान ने चार मैचों में तीन जीत से छह अंकों के साथ अपना लीग अभियान पूरा किया। दूसरी जीत के बाद श्रीलंका के चार अंक हो गए और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी लीग मैच से पहले ही उसने क्वालिफाई कर लिया। तीन हार के बाद इंग्लैंड के खाते में कोई अंक नहीं था। पाकिस्तान का नेट रन रेट -0.114, श्रीलंका का 1.255 और इंग्लैंड का -0.733 था।
मंगलवार से पहले पाकिस्तान ने इंग्लैंड को दो बार और श्रीलंका को एक बार हराया था। 18 अक्टूबर को श्रीलंका के खिलाफ उसकी शुरुआती जीत 37 रन की थी। इसके बाद 20 अक्टूबर को इंग्लैंड को 87 रन से हराया। 22 अक्टूबर को श्रीलंका ने इंग्लैंड को दो विकेट से हराया और फिर लाहौर में पाकिस्तान के खिलाफ नतीजा पलट दिया।
- पहला मैच: पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराकर जीत का सिलसिला शुरू किया।
- रविवार, 25 अक्टूबर: 243 रन का लक्ष्य मिलने के बाद पाकिस्तान ने शादाब के नाबाद शतक की मदद से इंग्लैंड को एक विकेट से हराया और लक्ष्य का पीछा बचाया।
- मंगलवार, 27 अक्टूबर: श्रीलंका ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर इंग्लैंड को फाइनल की दौड़ से बाहर किया।
- गुरुवार, 29 अक्टूबर: आखिरी लीग मैच में श्रीलंका का सामना इंग्लैंड से होगा।
- शनिवार, 31 अक्टूबर: कार्यक्रम के अनुसार फाइनल श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच होगा।
मैचों की तारीखों के अनुसार फाइनल शनिवार, 31 अक्टूबर को होना है, हालांकि पहले की एक मैच रिपोर्ट में रविवार बताया गया था। गुरुवार का मुकाबला पूरा एकदिवसीय मैच होगा, लेकिन उसका नतीजा फाइनल खेलने वाली टीमों को नहीं बदल सकता।
रीमैच में पाकिस्तान के सामने अलग चुनौती
पाकिस्तान की पिछली जीत इंग्लैंड के खिलाफ शानदार वापसी पर टिकी थी। इस बार शादाब का दो रन पर आउट होना निर्णायक रहा: वही बल्लेबाज पिछली बार टीम को मुश्किल से निकालने में सफल रहे थे। बाकी साझेदारियां नुकसान की भरपाई के लिए काफी नहीं थीं।
श्रीलंका की सफलता कई अहम योगदानों से बनी: मदुशंका की उछाल लेती गेंदें, पारी के मध्य में आराच्चिगे के विकेट, चुस्त क्षेत्ररक्षण और कामिंदु की तेज शुरुआत। जवाब में पाकिस्तान ने केवल दो विकेट लिए, शाहीन और अराफात ने एक-एक विकेट हासिल किया, जबकि छोड़े गए मौकों ने लक्ष्य का पीछा आसान बनाए रखा।
शनिवार का रीमैच पाकिस्तान को तुरंत जवाब देने का मौका देगा। श्रीलंका को पहले इंग्लैंड से खेलना है, लेकिन लाहौर से वह अपना अहम लक्ष्य हासिल कर चुका है: फाइनल में जगह और लगातार पांच बार हराने वाले प्रतिद्वंद्वी पर जीत।
मुख्य बिंदु
- श्रीलंका ने लाहौर में पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में जगह बनाई और इंग्लैंड को बाहर किया।
- दिलशान मदुशंका ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 34 रन देकर पांच विकेट लिए। पाकिस्तान 25.3 ओवर में 110 रन पर आउट हुआ।
- कामिंदु मेंडिस 62 रन पर नाबाद रहे और पवन रत्नायके ने नाबाद 23 रन बनाए।
- श्रीलंका ने 191 गेंद शेष रहते 18.1 ओवर में लक्ष्य हासिल किया।
- 31 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ निर्धारित फाइनल से पहले श्रीलंका 29 अक्टूबर को इंग्लैंड से खेलेगा।






