रावलपिंडी में मिन्हास ने संभाली कमान
अराफ़ात मिन्हास ने 59 रन बनाए, 40 रन देकर छह विकेट लिए और आखिरी रन आउट भी पूरा किया। उनकी बदौलत पाकिस्तान ने 20 अक्टूबर, 2026 को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में इंग्लैंड को 87 रन से हराया। अपने पांचवें ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे 21 वर्षीय मिन्हास ने पाकिस्तान को 133 रन पर पांच विकेट की मुश्किल स्थिति से उबारा और फिर इंग्लैंड की उस पारी को तहस-नहस कर दिया, जिसकी शुरुआत 91 रन की साझेदारी से हुई थी।
विषय-सूची
- रावलपिंडी में मिन्हास ने संभाली कमान
- पांच विकेट गंवाने के बाद पाकिस्तान की वापसी
- नवाज़ का आक्रामक अंदाज़, मिन्हास की टिककर बल्लेबाज़ी
- छूटे कैच से पाकिस्तान को संभलने का मौका
- इंग्लैंड की शुरुआती साझेदारी के बाद स्पिन का दबदबा
- छह विकेट और आखिरी सीधा थ्रो
- ब्रूक ने कहा, इंग्लैंड जरूरत से ज्यादा संभलकर खेला
- पांच मैचों में ही दुर्लभ प्रदर्शन
- पाकिस्तान आगे, इंग्लैंड का अगला मुकाबला श्रीलंका से
- मुख्य बातें
पाकिस्तान ने 50 ओवर में नौ विकेट पर 302 रन बनाए, फिर इंग्लैंड को 38.4 ओवर में 215 रन पर समेट दिया। मिन्हास को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मेजबान टीम ने श्रीलंका की भागीदारी वाली त्रिकोणीय सीरीज़ में लगातार दूसरा मैच जीता।
हसन नवाज़ ने 74 गेंदों पर 79 रन बनाकर पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा स्कोर बनाया। वहीं, मिन्हास ने अपना पहला वनडे अर्धशतक जमाया और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी आंकड़े दर्ज किए। इसके बाद उन्होंने सीधे थ्रो से गस एटकिंसन के स्टंप बिखेरकर उन्हें रन आउट किया और इंग्लैंड की हार पूरी की।
2005 के बाद इंग्लैंड के खिलाफ रनों के अंतर से यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी वनडे जीत थी। इस नतीजे ने उस साल के बाद पाकिस्तान में इंग्लैंड के पहले वनडे मैच को भी निराशाजनक बना दिया। कप्तान हैरी ब्रूक को समझाना पड़ा कि अच्छी शुरुआत के बावजूद टीम कैसे लड़खड़ा गई, जबकि 68 गेंदें अभी बाकी थीं।
पांच विकेट गंवाने के बाद पाकिस्तान की वापसी
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनी। ब्रूक को उम्मीद थी कि शाम की ओस से बाद में बल्लेबाज़ी करना आसान होगा। एटकिंसन ने तुरंत इस फैसले को सही साबित किया: फखर ज़मान ने मैच की पहली गेंद को मिडविकेट पर जो रूट के हाथों में खेल दिया और बिना खाता खोले लौट गए।
सन्नी बेकर ने सईम अयूब को आठ रन पर आउट किया, जिससे पाकिस्तान का स्कोर दो विकेट पर 31 रन हो गया। विल जैक्स की गेंद पर बोल्ड होने से पहले बाबर आज़म ने 34 रन बनाए। पाकिस्तान के शुरुआती मैच में श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाने वाले सलमान अली आगा 16 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने आदिल राशिद की फुल टॉस पर स्वीप किया, लेकिन गेंद एटकिंसन के हाथों में चली गई।
पाकिस्तान का स्कोर चार विकेट पर 81 रन और फिर 27.3 ओवर के बाद पांच विकेट पर 133 रन हो गया, जब साद बेग 35 रन बनाकर आउट हुए। ये आंकड़े एक ही मुश्किल पारी के लगातार दो पड़ाव दिखाते हैं: नवाज़ ने पहले बेग के साथ बल्लेबाज़ी को संभाला, फिर मिन्हास उनके साथ आए और निर्णायक वापसी की शुरुआत की।
नवाज़ और बेग ने पांचवें विकेट के लिए 52 रन जोड़े। इसके बाद नवाज़ ने छठे विकेट के लिए मिन्हास के साथ 78 रन की साझेदारी की और पाकिस्तान को 211 रन तक पहुंचाया। फिर जेमी ओवरटन की तेज़ यॉर्कर पर वह बोल्ड हो गए। यह गेंद स्टंप्स के निचले हिस्से को निशाना बनाकर डाली गई थी।
नवाज़ का आक्रामक अंदाज़, मिन्हास की टिककर बल्लेबाज़ी
राशिद की पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर नवाज़ ने पाकिस्तान की पारी की रफ्तार बदल दी। उनकी पारी में पांच चौके और चार छक्के शामिल थे, जिनमें अनुभवी लेग स्पिनर के खिलाफ लगाए गए तीन छक्के भी थे। उनके आक्रामक खेल ने शुरुआती विकेट लेने के बाद इंग्लैंड को लंबे समय तक मैच पर पकड़ बनाने का मौका नहीं दिया।
58 गेंदों पर 59 रन बनाने के लिए मिन्हास ने अलग राह अपनाई। उन्होंने नौ चौके लगाए, नवाज़ के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और उनके आउट होने के बाद भी आखिरी ओवरों में तेजी लाने में साथ दिया।
मिन्हास ने बताया कि उन्होंने और नवाज़ ने साझेदारी को लंबा खींचते हुए विकेट बचाने पर सहमति जताई थी:
हसन और मैंने बात की थी कि हमें आखिर तक बल्लेबाज़ी करनी है। हसन के आउट होने के बाद मैंने जिम्मेदारी संभाली और पारी के अंत तक टिके रहने की कोशिश की। इससे स्कोर 300 के पार पहुंचाने में मदद मिली।
इसके बाद फहीम अशरफ ने सातवें विकेट के लिए 49 गेंदों पर 72 रन की साझेदारी में मिन्हास का साथ दिया। अशरफ ने 26 गेंदों पर 39 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था। पाकिस्तान ने आखिरी 10 ओवर में 91 रन जोड़े और 40 ओवर के बाद 211 रन से बढ़कर 302 तक पहुंचा।
आखिरी ओवरों की इस तेजी से पाकिस्तान के कुल स्कोर में 30 प्रतिशत से कुछ अधिक रन जुड़े। शुरुआती लड़खड़ाहट से खतरे में पड़ी पारी 303 रन के लक्ष्य में बदल गई। आखिरी गेंद पर हारिस रऊफ ने चौका लगाकर मेजबान टीम को 300 के पार पहुंचाया।
छूटे कैच से पाकिस्तान को संभलने का मौका
इंग्लैंड की खराब फील्डिंग से दोनों मुख्य स्कोरर को जीवनदान मिला। एटकिंसन ने नवाज़ का कैच 28 रन पर छोड़ा, जिसके बाद उन्होंने 51 रन और जोड़े। जब पाकिस्तान का स्कोर 37वें ओवर में पांच विकेट पर 190 रन था, तब विकेटकीपर जॉर्डन कॉक्स ने 12 रन पर मिन्हास का कैच भी छोड़ दिया।
पारी के आखिरी हिस्से में मिन्हास को और मौके मिले। 42 रन पर कॉक्स उनका कैच नहीं पकड़ सके। फिर 44 रन पर मिन्हास का कैच पकड़ने के लिए टॉम बैंटन और बेन डकेट के बीच की गई बाउंड्री रिले भी नाकाम रही। इन मौकों के छूटने से पाकिस्तान के सबसे उपयोगी दौर में एक जमे हुए बल्लेबाज़ को क्रीज़ पर टिके रहने का मौका मिला।
इंग्लैंड की इन चूकों की कीमत इसलिए और बढ़ गई, क्योंकि उसके गेंदबाज़ों ने मजबूत स्थिति बनाई थी। एटकिंसन ने 35 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि बेकर ने तीन विकेट झटके। उनके विकेटों में आखिरी ओवरों के कुछ विकेट भी शामिल थे, जिनसे पाकिस्तान को और अधिक नुकसान पहुंचाने से रोका गया।
पीसीबी का आधिकारिक स्कोरकार्ड पुष्टि करता है कि बेकर ने नौ ओवर में 65 रन दिए और अशरफ ने 26 गेंदों पर 39 रन बनाए। स्कोरकार्ड में पाकिस्तान का स्कोर 50 ओवर में नौ विकेट पर 302 और इंग्लैंड का स्कोर 38.4 ओवर में ऑल आउट 215 दर्ज है, जिससे 87 रन की जीत की पुष्टि होती है।
इंग्लैंड की शुरुआती साझेदारी के बाद स्पिन का दबदबा
बैंटन और डकेट ने शुरुआत में लक्ष्य का पीछा आसान दिखाया। उनकी 91 रन की सलामी साझेदारी ने इंग्लैंड को मजबूत आधार दिया। बैंटन ने एक ओवर में नसीम शाह के खिलाफ 18 रन बनाए, जिनमें दो छक्के शामिल थे।
रऊफ के खिलाफ पुल शॉट सही से न लगा पाने से पहले डकेट ने 46 गेंदों पर 45 रन बनाए। बैंटन ने पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 53 गेंदों पर 57 रन तक पारी आगे बढ़ाई, लेकिन फिर मिन्हास की शॉर्ट गेंद को मिडविकेट पर शाहीन शाह अफरीदी के हाथों में खेल दिया।
बैंटन के आउट होने से पहले इंग्लैंड का स्कोर एक विकेट पर 120 रन था। इसके बाद आखिरी नौ विकेट सिर्फ 95 रन जोड़ सके। रूट और सैम करन ने कुछ देर तक लक्ष्य का पीछा जारी रखा, लेकिन सलामी साझेदारी के बाद कोई भी साझेदारी 37 रन से बड़ी नहीं रही।
ब्रूक को आउट करने वाली मिन्हास की गेंद उनके स्पेल की बेहतरीन गेंद थी। गेंद मिडिल स्टंप के आसपास पड़ी, इंग्लैंड के कप्तान के रक्षात्मक बल्ले को चकमा देकर ऑफ स्टंप से जा टकराई और उन्हें पांच रन पर लौटना पड़ा।
इसके बाद मिन्हास और साथी स्पिनर अयूब ने मिलकर रन गति पर अंकुश लगाया। इंग्लैंड ने 48 गेंदों तक कोई बाउंड्री नहीं लगाई। 26वें ओवर के अंत में करन ने अयूब की गेंद पर छक्का जड़ा। लक्ष्य अब भी पहुंच के भीतर था, लेकिन लगातार विकेट गिरने से इंग्लैंड के विकल्प कम होते गए।
छह विकेट और आखिरी सीधा थ्रो
नसीम की नीची रहती गेंद पर बोल्ड होने से पहले रूट ने 35 गेंदों पर 33 रन बनाए। रऊफ ने करन को 27 रन पर आउट किया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 177 रन हो गया। बाकी बल्लेबाज़ों को रन गति बनाए रखते हुए पारी फिर से संभालनी थी।
इसके बाद मिन्हास ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कॉक्स को 18 रन पर एलबीडब्ल्यू किया, ओवरटन को एक रन पर लॉन्ग ऑन पर कैच कराया और जैक्स को 19 रन पर मिडविकेट में कैच आउट कराया। फिर राशिद बिना खाता खोले एलबीडब्ल्यू हो गए।
एलबीडब्ल्यू तब दिया जाता है, जब अंपायर का फैसला हो कि बल्लेबाज़ के पैर ने गैरकानूनी ढंग से ऐसी गेंद को रोका, जो स्टंप्स से टकराती। मिन्हास ने अपने स्पेल में एक ही तरह की गेंद पर निर्भर रहने के बजाय टर्न और फ्लाइट में बदलाव करके बल्ले और पैड, दोनों की परीक्षा ली।
8.4 ओवर में 40 रन देकर छह विकेट लेने वाले मिन्हास ने गेंदबाज़ी में बदलाव के महत्व के बारे में कहा:
मेरे ख्याल से स्पिनर के लिए विविधता बहुत अहम है, क्योंकि इससे विरोधी बल्लेबाज़ों को चकमा देने में मदद मिलती है।
इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर 165 रन था, फिर उसने आखिरी सात विकेट 50 रन के भीतर गंवा दिए। बेकर के साथ तालमेल में हुई गड़बड़ी के बाद मिन्हास ने एटकिंसन को रन आउट करके मैच समाप्त किया। इस तरह इंग्लैंड के 10 में से सात विकेटों में उनकी सीधी भूमिका रही।
ब्रूक ने कहा, इंग्लैंड जरूरत से ज्यादा संभलकर खेला
ब्रूक का मानना था कि पिच के लिहाज़ से पाकिस्तान का स्कोर थोड़ा कम था। गेंदबाज़ी चुनने के पीछे उनकी यह उम्मीद भी थी कि ओस से बाद में बल्लेबाज़ी आसान होगी। उन्होंने कहा कि पारी के बीच के अंतराल पर इंग्लैंड अपनी स्थिति से संतुष्ट था।
इंग्लैंड के कप्तान ने लक्ष्य के आकार के बजाय लगातार विकेट गिरने को मुख्य समस्या बताया:
पारी की कहानी यह थी कि पर्याप्त साझेदारियां नहीं हुईं और विकेट झुंड में गिरते गए। हम उनके गेंदबाज़ों पर इतना दबाव नहीं बना सके कि उनसे गलती होती। इस पर हमें बात करनी होगी।
इंग्लैंड ने हाल ही में स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने के लिए विशेषज्ञ मेंटर केविन पीटरसन के साथ काम किया था। इसका मतलब है एक-एक रन लेकर यह बदलना कि अगली गेंद किस बल्लेबाज़ का सामना करेगी, ताकि गेंदबाज़ बार-बार एक ही खिलाड़ी को गेंद न डाल सके।
ब्रूक ने कहा कि इंग्लैंड को बाउंड्री लगाने के मौके भी तलाशते रहना होगा:
हम बीच के ओवरों में स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने पर काफी बात कर रहे हैं, लेकिन हमें गेंदबाज़ों पर दबाव बनाते हुए बाउंड्री भी लगानी चाहिए।
इंग्लैंड की टीम में जोस बटलर, जोफ्रा आर्चर और चोटिल जैकब बेथेल नहीं थे। ऐसे में बैंटन और कॉक्स के पास टीम में अपनी जगह मजबूत करने का मौका था, लेकिन दोनों में से कोई भी अच्छी स्थिति को इंग्लैंड की जरूरत वाली पारी में नहीं बदल सका।
पांच मैचों में ही दुर्लभ प्रदर्शन
मिन्हास वनडे में अर्धशतक बनाने और कम से कम पांच विकेट लेने वाले तीसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी बने। उनसे पहले अब्दुल रज़्ज़ाक और शाहिद अफरीदी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। अफरीदी ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इससे बेहतर आंकड़े दर्ज किए थे: 76 रन और 12 रन देकर सात विकेट।
मई में अपने वनडे पदार्पण पर मिन्हास ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 32 रन देकर पांच विकेट लिए थे। वह इस प्रारूप में पदार्पण पर पांच विकेट लेने वाले पाकिस्तान के पहले पुरुष खिलाड़ी बने थे। रावलपिंडी के प्रदर्शन के बाद अपने पहले पांच वनडे मैचों में उनके नाम कम से कम पांच विकेट लेने वाली दो पारियां हो गईं।
इंग्लैंड के खिलाफ किसी पाकिस्तानी स्पिनर का वनडे में यह सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी प्रदर्शन था। पाकिस्तान में वनडे खेलने वाले गेंदबाज़ों में यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उनसे आगे शोएब अख्तर हैं, जिन्होंने 2002 में कराची में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 16 रन देकर छह विकेट लिए थे।
पाकिस्तान के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने इस नतीजे को अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारियों से जोड़ा:
एक टीम के रूप में हमने प्रगति दिखाई है, क्योंकि हम अगले साल के विश्व कप की तैयारी कर रहे हैं। अराफ़ात और तेज़ गेंदबाज़ों का फॉर्म हमारे लिए अच्छे संकेत हैं।
पाकिस्तान आगे, इंग्लैंड का अगला मुकाबला श्रीलंका से
इससे पहले टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में पाकिस्तान ने श्रीलंका को 37 रन से हराया था। दो मैचों में चार अंक और प्लस 1.240 के नेट रन रेट के साथ वह अंक तालिका में शीर्ष पर था। नेट रन रेट किसी टीम की रन बनाने की गति की उसके प्रतिद्वंद्वियों से तुलना करता है और बराबर अंकों वाली टीमों के बीच स्थान तय करने में मदद करता है।
एक-एक हार के बाद इंग्लैंड और श्रीलंका के कोई अंक नहीं थे। उनके नेट रन रेट क्रमशः माइनस 1.740 और माइनस 0.740 थे। टूर्नामेंट में आने से पहले इंग्लैंड ने इस साल अपनी पिछली तीनों वनडे सीरीज़ जीती थीं। ऐसे में रावलपिंडी में मिली हार उसके कार्यक्रम की खराब शुरुआत थी। अगले विश्व कप से पहले दक्षिणी अफ्रीका में 21 वनडे तक खेलने की संभावना जताई गई है।
टूर्नामेंट के अगले कार्यक्रम में इंग्लैंड को तुरंत वापसी का मौका मिलेगा:
- 18 अक्टूबर: शुरुआती मैच में पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराया; सलमान ने शतक बनाया।
- 20 अक्टूबर: पाकिस्तान ने रावलपिंडी में इंग्लैंड को 87 रन से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
- 22 अक्टूबर: इंग्लैंड का रावलपिंडी में श्रीलंका से मुकाबला तय है।
- 25 अक्टूबर: लाहौर में पाकिस्तान और इंग्लैंड फिर आमने-सामने होंगे।
पाकिस्तान फाइनल में जगह बनाने के करीब पहुंच गया, जबकि इंग्लैंड को अब अच्छी शुरुआत को लंबी साझेदारियों में बदलना होगा। रावलपिंडी में मेजबान टीम ने मिन्हास की भागीदारी वाली दो बड़ी साझेदारियों से वापसी की। इंग्लैंड की साझेदारियां लक्ष्य का पीछा आगे बढ़ने के साथ छोटी होती गईं।
मुख्य बातें
- पाकिस्तान ने नौ विकेट पर 302 रन बनाए और इंग्लैंड को 215 रन पर आउट कर 87 रन से जीत दर्ज की।
- अराफ़ात मिन्हास ने अपने पांचवें वनडे में 59 रन बनाए, 40 रन देकर छह विकेट लिए और आखिरी रन आउट पूरा किया।
- हसन नवाज़ ने 74 गेंदों पर 79 रन बनाकर पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी की अगुवाई की।
- एक विकेट पर 120 रन तक पहुंचने के बाद इंग्लैंड ने आखिरी नौ विकेट 95 रन पर गंवा दिए।
- दो जीत और चार अंकों के साथ पाकिस्तान सीरीज़ की अंक तालिका में शीर्ष पर है।
- इंग्लैंड का अगला मुकाबला 22 अक्टूबर को श्रीलंका से है। इसके बाद 25 अक्टूबर को वह फिर पाकिस्तान से खेलेगा।






