सेवानिवृत्ति के बाद के शौक ने विश्व चैंपियन को निशाने पर ला दिया
झोंग जुआनजुआन रक्षात्मक मुद्रा में थीं, तभी डानिल "डॉन्क" क्रिश्कोवेत्स उनकी नजर में आए। रूसी काउंटर-स्ट्राइक स्टार 17 साल के थे और हाल ही में विश्व चैंपियन बने थे। चीन के गुआंगडोंग प्रांत के मेइझोउ की सेवानिवृत्त झोंग ने उन्हें खत्म करने से पहले ही उनके सिर पर निशाना साधकर गोली मार दी। फिर उन्होंने हवा में आगे बढ़ रहे डॉन्क के टीम स्पिरिट के साथी शिरो को भी बाहर कर दिया।
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इस ऑनलाइन प्रदर्शनी मैच की क्लिप से आंटी जुआन के नाम से जानी जाने वाली महिला को व्यापक पहचान मिली। अब 60 साल की झोंग ने 54 वर्ष की उम्र में काउंटर-स्ट्राइक खेलना शुरू करने के बाद से इसमें 8,000 घंटे से ज्यादा बिताए हैं। उनके दर्शकों की संख्या बढ़कर करीब 5,27,000 फॉलोअर्स हो गई है। उनके रोजाना के दो लाइवस्ट्रीम सत्रों में से हर एक को लगभग 10,000 दर्शक देखते हैं।
कई विवरणों में मैच की तारीख दिसंबर 2024 बताई गई है, हालांकि एक अन्य विवरण इसे 2025 की शुरुआत का बताता है। यह पेशेवर खिलाड़ियों का मनोरंजन कार्यक्रम था, न कि चैंपियनशिप टूर्नामेंट। झोंग की उपलब्धि खेल के दौरान दो शीर्ष पेशेवर खिलाड़ियों को बाहर करना थी, जिनमें हाल ही में चैंपियन बने डॉन्क भी शामिल थे।
गोलीबारी के उन चंद सेकंड के पीछे एक लंबी कहानी है: शुरुआती मुश्किल सबक, बार-बार अभ्यास, मैनेजर बना बेटा और ऐसी सेवानिवृत्ति, जिसकी दिनचर्या तेजी से दर्शकों, यात्राओं और सशुल्क स्ट्रीमिंग के इर्द-गिर्द व्यवस्थित हो गई है। जो मां कभी अपने बेटे को घर लाने के लिए इंटरनेट कैफे खोजती फिरती थीं, अब उन्हें खेलना बंद कर सोने की याद दिलाने के लिए बेटे की जरूरत पड़ती है।
गोली चलाने से पहले चलना सीखना
झोंग ने सेवानिवृत्ति के बाद 2020 में खेलना शुरू किया। उनके बेटे, जो ऑनलाइन सूओदे नाम से जाने जाते हैं, ने उन्हें काउंटर-स्ट्राइक: ग्लोबल ऑफेंसिव सिखाया, जिसे आम तौर पर सीएस:जीओ कहा जाता है। अब इसकी जगह काउंटर-स्ट्राइक 2, यानी सीएस2, आ चुका है।
काउंटर-स्ट्राइक टीमों का शूटिंग गेम है, जिसमें खिलाड़ियों को सटीक निशाना लगाने के साथ-साथ सही जगह पर खड़े होने, समय का ध्यान रखने और मिलकर काम करने की जरूरत होती है। कोने से बाहर निकलते ही खिलाड़ी लगभग तुरंत मुकाबला हार सकता है। प्रतिद्वंद्वी के सामने आने से पहले यह जानना कि निशाना कहां रखना है, उसके बाद तेजी से प्रतिक्रिया करने जितना ही उपयोगी हो सकता है।
शुरुआत में झोंग को इससे भी बुनियादी कामों में मुश्किल हुई। वह दीवारों से टकरा जाती थीं, सीधे चलने में परेशानी होती थी और सीढ़ियों पर चलना कठिन लगता था। करीब 10 मिनट बाद खेल का हिलता हुआ दृश्य उन्हें चक्कर जैसा महसूस करा सकता था। इसलिए शुरुआती पाठों में चलना, कूदना और नियंत्रणों के साथ सहज होना शामिल था।
उनके बेटे ने इंसानी प्रतिद्वंद्वियों के दबाव में डालने से पहले अभ्यास के कुछ तरीके सिखाए। उन्होंने अभ्यास वाले नक्शों पर निशाने साधे और बॉट्स के खिलाफ खेला। बॉट्स कंप्यूटर नियंत्रित प्रतिद्वंद्वी होते हैं, जिनके साथ कौशल का अभ्यास किया जाता है। बाद में उन्होंने डेथमैच सत्रों में खेलना शुरू किया, जहां बाहर किए गए खिलाड़ी जल्दी वापस आ जाते हैं और अपने निशाने का अभ्यास जारी रख सकते हैं।
इस विधा को पसंद करने की झोंग की एक निजी वजह भी थी। बचपन में उन्हें खुले में दिखाई जाने वाली फिल्मों के युद्ध-दृश्य बहुत पसंद थे। दशकों बाद, इस शूटिंग गेम ने उन्हें उस कार्रवाई में खुद हिस्सा लेने का तरीका दिया, जिसे वह कभी पर्दे पर देखा करती थीं।
8,000 घंटे का अभ्यास कैसा दिखता है
झोंग की दिनचर्या में निशाना साधने के अभ्यास, लगातार गोली चलाते समय हथियार की गति को नियंत्रित करना और ऑनलाइन मैच खेलना शामिल है। रिकॉइल कंट्रोल, जिसे कभी-कभी गोलियों की बौछार को नियंत्रित करना भी कहते हैं, का मतलब है कि बार-बार गोली चलने से हथियार अपनी शुरुआती दिशा से हटता है, तो निशाने को उसके मुताबिक समायोजित किया जाए।
उनकी दिनचर्या के विवरणों के मुताबिक, कुछ दिनों में वह अभ्यास और मैचों समेत कंप्यूटर पर सात से आठ घंटे बिताती हैं। उनके रोजाना के दोनों प्रसारण मिलाकर करीब चार से पांच घंटे चलते हैं। ये आंकड़े उनकी दिनचर्या के अलग-अलग हिस्से बताते हैं: अभ्यास में बिताया गया समय दर्शकों के सामने लाइव रहने के घंटों से अधिक हो सकता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक अभ्यास में 150 निशाने साधने थे। झोंग ने इसे 36 सेकंड में पूरा किया, जो उनके बेटे से पांच सेकंड तेज था। यानी बेटे को 41 सेकंड लगे और उसी काम के लिए झोंग का समय करीब 12% कम रहा। यह नतीजा दोहराए गए अभ्यास से विकसित उनके कौशल का ठोस पैमाना देता है।
छह वर्षों में 8,000 से अधिक घंटे का औसत निकालें तो रोजाना करीब तीन घंटे 40 मिनट का अभ्यास होता है। उनकी व्यस्त दिनों की लंबी दिनचर्या दिखाती है कि यह शौक अब कितना समय लेने लगा है। झोंग अपनी तरक्की का श्रेय किसी असाधारण जन्मजात प्रतिभा के बजाय लगातार खेलने को देती हैं।
प्रदर्शनी मैच की क्लिप में सही जगह पर खड़े होने की अहमियत भी दिखी। वह पहले से अपनी बंदूक उस जगह पर ताने इंतजार कर रही थीं, जहां से प्रतिद्वंद्वी के आने की संभावना थी। डॉन्क नजर में आए तो वह गोली चलाने के लिए तैयार थीं। शिरो के खिलाफ उन्होंने हवा में आगे बढ़ रहे प्रतिद्वंद्वी पर निशाना साधा और उसे भी बाहर कर दिया।
मां-बेटे की भूमिकाएं बदलीं
करीब दो दशक पहले झोंग गेमिंग को बिल्कुल अलग नजर से देखती थीं। इंटरनेट कैफे में खेलते हुए उनके छोटे बेटे की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। करीब 2002 में, जब वह माध्यमिक विद्यालय में था, झोंग काम के बाद साइकिल से उसे ढूंढने निकलती थीं, कंप्यूटरों की कतारों में तलाशतीं और घर ले आती थीं।
आखिरकार खुद गेम आजमाने का उनका फैसला कुछ हद तक यह जानने की जिज्ञासा से आया कि बेटे का ध्यान इतने लंबे समय तक इनमें क्यों लगा रहता था। सीखना मां-बेटे की साझा गतिविधि बन गया। जो बेटा कभी निगरानी का मोहताज था, वही अब अपनी मां को चलना, हथियार, सही जगह चुनना और रणनीतियां समझाने लगा।
सूओदे अब उनके प्रसारण से जुड़े व्यावहारिक काम संभालते हैं, जिनमें उपकरण, वीडियो संपादन और रणनीति संबंधी सलाह शामिल हैं। वह उनकी मैनेजर के रूप में काम करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ चुके हैं। उनका पारिवारिक रिश्ता कामकाजी साझेदारी में बदल गया है: झोंग खेलती हैं और दर्शकों से बात करती हैं, जबकि उनसे जुड़े अधिकतर कामकाज की जिम्मेदारी बेटा संभालता है।
नींद का ध्यान रखना भी अब बेटे की जिम्मेदारी है। जब झोंग देर रात तक जागती थीं, तो उसने घर के राउटर को अपने आप इंटरनेट बंद करने के लिए सेट कर दिया। कुछ विवरणों में यह समय आधी रात बताया गया है, तो कुछ में रात के 2 बजे; लेकिन भूमिकाओं का बदलना हर जगह एक जैसा है: अब बेटा अपनी मां के खेलने के घंटे सीमित करता है।
गेम ने परिवार को बातचीत के नए विषय भी दिए हैं। कंप्यूटर पर बिताए समय को लेकर बहस करने के बजाय अब मां-बेटा किसी मैच, मुश्किल प्रतिद्वंद्वी या उनके खेल में हुए सुधार पर बात कर सकते हैं।
छोटे प्रसारण से आय के स्रोत तक
झोंग के दर्शकों की संख्या मुट्ठीभर से बढ़कर बड़ी तादाद में पहुंच गई। अब उनके करीब 5,27,000 फॉलोअर्स हैं और रोजाना के दोनों सत्रों में आम तौर पर करीब 10,000 दर्शक आते हैं। प्रसारण उनकी सेवानिवृत्ति की नियमित गतिविधि होने के साथ-साथ आय का एक प्रमुख स्रोत भी बन गया है।
उनके स्ट्रीमिंग करियर की शुरुआत की तारीख, गेम खेलना शुरू करने की तारीख जितनी स्पष्ट नहीं है। कुछ विवरण उनके शुरुआती प्रसारण जुलाई 2020 में बताते हैं, जबकि कुछ के मुताबिक ये 2022 में शुरू हुए; स्ट्रीमिंग एजेंसी के साथ उनका समझौता भी 2022 का बताया गया है। 2025 तक उनके पास ई-स्पोर्ट्स के लिए एक अलग कमरा था।
बढ़ती लोकप्रियता के साथ उन्हें समर्थन के अलावा संदेह का भी सामना करना पड़ा। कुछ दर्शकों ने सवाल किया कि कहीं कोई और तो उनके किरदार को नियंत्रित नहीं कर रहा या वह चीटिंग सॉफ्टवेयर तो इस्तेमाल नहीं कर रहीं। जवाब में उनके बेटे ने ऐसे कैमरों का इंतजाम किया, जिनमें उनका चेहरा, हाथ और कीबोर्ड एक साथ दिखाई देते थे। एक और कैमरा पीछे से स्क्रीन दिखाता था।
इस व्यवस्था से दर्शक गेम के साथ-साथ उनकी शारीरिक गतिविधियां भी देख पाते हैं। जिस स्ट्रीमर की उम्र उनकी सार्वजनिक पहचान का हिस्सा बन गई है, उसके लिए यह दिखाना कि खेल कैसे होता है, अब काम का हिस्सा है; साथ ही दर्शकों का मनोरंजन करना और अच्छा खेलना भी।
दर्शकों ने मेइझोउ से बाहर पहुंचाया
स्ट्रीमिंग ने झोंग की दिनचर्या के साथ-साथ उनकी आवाजाही भी बदल दी है। वह गेमिंग आयोजनों के लिए यात्रा कर चुकी हैं और बीजिंग, शंघाई तथा चेंगदू समेत कई शहरों में खिलाड़ियों और प्रशंसकों से मिली हैं। गेमिंग से जुड़ी उनकी यात्राओं में हांगझोउ भी शामिल रहा है।
इन यात्राओं में कंप्यूटर से परे के अनुभव भी शामिल हैं। वह बीजिंग के फॉरबिडन सिटी, हांगझोउ की वेस्ट लेक और शंघाई के द बंड जा चुकी हैं। गेमिंग मेइझोउ के बाहरी इलाके में रहने वाली एक सेवानिवृत्त महिला के लिए अपने बेटे के साथ घूमने और अपने काम को पहचानने वाले लोगों से मिलने का जरिया बन गई है।
झोंग को अब भी फूल और पेड़ उगाना पसंद है। हालांकि, प्रसारण के दौरान दर्शकों से बातचीत उन्हें अलग तरह की खुशी देती है। उनका कहना है कि लोगों से ज्यादा बातचीत होने पर वह अधिक ऊर्जावान और युवा महसूस करती हैं। उन्हें घर के पास भी पहचान मिल सकती है: जब गीले बाजार में एक व्यक्ति ने उन्हें गेमिंग वीडियो से पहचाना, तो उन्हें खुशी हुई।
झोंग ने इस उम्मीद को चुनौती दी है कि किसी उम्रदराज मां का समय घर के कामकाज में ही बीतना चाहिए। इस दबाव के बारे में उन्होंने पूछा:
क्या मां होने के नाते मेरी भूमिका सिर्फ घरेलू कामकाज तक ही सीमित होनी चाहिए?
उनका फैसला सिर्फ विचारों तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस है। उन्होंने एक मेहनत मांगने वाले शौक के लिए समय निकाला, उसे सशुल्क काम में बदला और सेवानिवृत्ति के बाद मिले इस नए लगाव के इर्द-गिर्द अपनी रोजाना की दिनचर्या बना ली।
संभावित टीम और गुआंगडोंग की नई प्रतियोगिता
झोंग का अनुभव चीन के कहीं बड़े गेमिंग दर्शक-वर्ग के बीच सामने आया है। चीन एसोसिएशन ऑफ ऑडियो-विजुअल एंड डिजिटल पब्लिशिंग के हवाले से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में देश में ई-स्पोर्ट्स दर्शकों की संख्या 49.5 करोड़ से अधिक और उम्रदराज गेम खेलने वालों की संख्या 2 करोड़ से अधिक थी। ये आंकड़े अलग-अलग समूहों के बारे में हैं: ई-स्पोर्ट्स देखने वाले लोग और गेम खेलने वाले उम्रदराज लोग।
चेंगदू में झोंग की मुलाकात बीएसजी सीनियर टीम से हुई, जिसके सदस्यों की औसत उम्र 65 साल थी। उनके बेटे की योजना उम्रदराज खिलाड़ियों की एक स्थानीय काउंटर-स्ट्राइक टीम बनाने की है, जिसमें झोंग शुरुआती सदस्यों में होंगी। टीम की शुरुआत की तारीख या पक्के सदस्यों के नामों की घोषणा नहीं हुई है।
गुआंगडोंग अपना पहला प्रांतीय ई-स्पोर्ट्स सुपर लीग टूर्नामेंट भी आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इसे डियांजिंग युएचाओ के नाम से जाना जाता है और इसमें वेलोरेंट तथा ऑनर ऑफ किंग्स की प्रतियोगिताएं होंगी। 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के आम खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। घोषित खेलों में काउंटर-स्ट्राइक शामिल नहीं है, लेकिन झोंग वेलोरेंट भी खेलती हैं और इस आयोजन को खुद जाकर देखने की उम्मीद करती हैं।
उनकी प्रगति कई वर्षों में हुई है:
- 2020: सेवानिवृत्ति के बाद झोंग काउंटर-स्ट्राइक सीखना शुरू करती हैं और उनका बेटा उन्हें नियंत्रणों का इस्तेमाल सिखाता है।
- 2022: उनके करियर के एक विवरण में इसी साल स्ट्रीमिंग एजेंसी के साथ हुए समझौते की तारीख दी गई है।
- दिसंबर 2024: कई विवरणों में डॉन्क और शिरो के खिलाफ प्रदर्शनी मैच इसी महीने का बताया गया है; एक अन्य विवरण इसे 2025 की शुरुआत का बताता है।
- 2025: झोंग के पास गेमिंग का अलग कमरा है और प्रसारण उनकी दिनचर्या का नियमित हिस्सा बन चुका है।
- 60 वर्ष की उम्र में: वह 8,000 घंटे से अधिक खेल चुकी हैं और उनके करीब 5,27,000 फॉलोअर्स हैं।
मुख्य बातें
- आंटी जुआन के नाम से जानी जाने वाली झोंग जुआनजुआन ने 54 साल की उम्र में काउंटर-स्ट्राइक खेलना शुरू किया और अब 60 साल की हैं।
- उन्होंने ऑनलाइन प्रदर्शनी मैच के दौरान टीम स्पिरिट के खिलाड़ियों डॉन्क और शिरो को बाहर किया।
- वह 8,000 घंटे से अधिक खेल चुकी हैं और उनके करीब 5,27,000 फॉलोअर्स हैं।
- उनका बेटा उपकरण, संपादन और रणनीति संभालता है और देर रात इंटरनेट बंद करने का समय तय करके उनके खेलने को सीमित करता है।
- स्ट्रीमिंग से परिवार को आय, यात्रा के अवसर और साझा रुचि मिली है।
- उनका बेटा उम्रदराज खिलाड़ियों के लिए एक स्थानीय काउंटर-स्ट्राइक टीम बनाना चाहता है।






