कूलिंग वाल्व बंद रहने से कई दिनों तक सेवाएं बाधित
रखरखाव में चूक, निगरानी की कमी और दूसरे नेटवर्क केंद्र में समस्याओं के कारण 16, 18 और 19 मार्च 2026 को सिंगापुर में करीब 7.2 लाख उपभोक्ता और कारोबारी ग्राहकों की मोबाइल सेवाएं बाधित हुईं। इसके बाद सिंगटेल पर 10 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
विषय-सूची
- कूलिंग वाल्व बंद रहने से कई दिनों तक सेवाएं बाधित
- हर तारीख को क्या हुआ?
- कूलिंग सिस्टम क्यों खराब हुआ
- ट्रैफिक दूसरी जगह भेजने से और समस्याएं क्यों आईं
- कितने ग्राहक प्रभावित हुए?
- आईएमडीए ने जुर्माना कैसे तय किया
- सिंगटेल ने क्या बदलाव किए
- एक घंटे में सेवा बहाल करने की आवश्यकता
- लैंडलाइन सेवा बाधित होने पर एक और 10 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना
- मुख्य बातें
इन्फोकॉम मीडिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (आईएमडीए) ने 20 अक्टूबर को जुर्माने की घोषणा करते हुए कहा कि तीनों घटनाओं को रोकना सिंगटेल के नियंत्रण में था। उसकी जांच में पाया गया कि सेवा बाधित होने की वजह साइबर हमला नहीं था।
पहली खराबी तब शुरू हुई जब एक विक्रेता ने निर्धारित रखरखाव के बाद हाथ से चलने वाला वाल्व दोबारा नहीं खोला। जरूरी ठंडा पानी न मिलने से मोबाइल नेटवर्क के उपकरण गर्म होकर बंद हो गए। इसके बाद दो और बार सेवाएं बाधित हुईं। सिंगटेल ने 5जी ट्रैफिक को दूसरे एक्सचेंज पर भेजा था, जहां नेटवर्क पैकेट ऑप्टिमाइजर बंद था और सॉफ्टवेयर में एक बग मौजूद था।
इसका असर सिर्फ इंटरनेट ब्राउज़िंग बाधित होने तक सीमित नहीं रहा। ऑनलाइन भुगतान, राइड-हेलिंग और भोजन डिलीवरी सेवाएं प्रभावित हुईं। इससे पता चलता है कि दूरसंचार केंद्र के भीतर आई खराबी रोजमर्रा की खरीदारी, यात्राओं और कारोबारी लेनदेन में बाधा डाल सकती है।
सिंगटेल सिंगापुर के मुख्य कार्यकारी नग तियान चोंग ने कहा कि कंपनी नियामक के फैसले और आर्थिक जुर्माने को स्वीकार करती है। उन्होंने ग्राहकों से माफी मांगी:
"हम अपने ग्राहकों को हुई बाधा और असुविधा के लिए गहरा खेद जताते हैं," उन्होंने कहा।
दूरसंचार अधिनियम के तहत जुर्माना तय करते समय आईएमडीए ने बड़े पैमाने पर हुई सेवा बाधा और सिंगटेल की प्रतिक्रिया, दोनों पर विचार किया। कंपनी ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग किया, चरणों में सेवाएं बहाल कीं और उपभोक्ता व कारोबारी ग्राहकों को सद्भावना के तौर पर कुल करीब 80 लाख सिंगापुर डॉलर की छूट दी।
हर तारीख को क्या हुआ?
16 मार्च को सबसे लंबी सेवा बाधा आई, जो करीब नौ घंटे तक रही। ग्राहकों को सुबह करीब 10.30 बजे कनेक्टिविटी की दिक्कतें आने लगीं। सिंगटेल ने पहले 4जी सेवा बहाल की और फिर धीरे-धीरे अपना 5जी नेटवर्क चालू किया।
घटनाक्रम से पता चलता है कि कूलिंग सिस्टम की शुरुआती खराबी के बाद नेटवर्क के दूसरे हिस्से में ट्रैफिक संभालने में भी दिक्कतें आईं:
- 16 मार्च: सुबह करीब 10.30 बजे कनेक्टिविटी की दिक्कतें शुरू हुईं। 4जी सेवाएं दोपहर करीब 1.30 बजे बहाल हुईं, जबकि 5जी को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का काम दोपहर 2.45 बजे शुरू हुआ। 5जी सेवा रात करीब 8 बजे पूरी तरह बहाल हुई।
- 18 मार्च: शाम के समय कुछ ग्राहकों को रुक-रुककर कनेक्टिविटी की समस्या हुई। सिंगटेल ने कहा कि एक घंटे के भीतर सेवा बहाल कर दी गई।
- 19 मार्च: दूसरे एक्सचेंज पर ट्रैफिक भेजे जाने के बाद शाम को कुछ ग्राहकों को फिर रुक-रुककर कनेक्टिविटी की समस्या हुई।
- 7 अप्रैल: आईएमडीए की जांच जारी रहने के दौरान डिजिटल विकास और सूचना मंत्री जोसेफिन तेओ ने संसद में जवाब देते हुए सेवा की विश्वसनीयता संबंधी आवश्यकताओं पर बात की।
- 20 अक्टूबर: आईएमडीए ने जांच के निष्कर्ष और 10 लाख सिंगापुर डॉलर के जुर्माने की घोषणा की।
19 मार्च की सेवा बाधा कितनी देर चली, यह नहीं बताया गया। घटनाएं तीन अलग-अलग तारीखों पर हुईं। बाद की समस्याएं पहली खराबी के बाद किए गए नेटवर्क बदलावों से जुड़ी थीं।
कूलिंग सिस्टम क्यों खराब हुआ
आईएमडीए ने 16 मार्च की सेवा बाधा का कारण सिंगटेल के एक एक्सचेंज में चिलर सिस्टम की खराबी बताया। एक्सचेंज में दूरसंचार ट्रैफिक को सही दिशा में भेजने वाले उपकरण और कनेक्शन होते हैं। नेटवर्क उपकरणों को सुरक्षित रूप से चलते रहने के लिए ठंडा रखना जरूरी है।
सिंगटेल के एक विक्रेता ने निर्धारित रखरखाव किया, लेकिन उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जिसमें पानी का बहाव नियंत्रित करने वाले हाथ से चलने वाले वाल्व को बाद में फिर खोलना जरूरी था। सिंगटेल के पास चिलर तक पानी के बहाव या हाथ से चलने वाले वाल्वों की सक्रिय निगरानी की व्यवस्था भी नहीं थी।
इसके बाद गड़बड़ियों की एक कड़ी शुरू हुई: पानी का बहाव रुक गया, कूलिंग बंद हो गई, उपकरण गर्म हो गए और मोबाइल नेटवर्क के उपकरण बंद पड़ गए। ग्राहकों की कनेक्टिविटी इसलिए चली गई क्योंकि उनका ट्रैफिक संभालने वाले उपकरण काम नहीं कर रहे थे।
आईएमडीए ने रखरखाव प्रक्रिया और सिंगटेल की निगरानी, दोनों को जिम्मेदार ठहराया। उसने कहा कि बेहतर प्रक्रियाओं, प्रबंधन व्यवस्था और निगरानी प्रणालियों से सेवा बाधा रोकी जा सकती थी। यह सुनिश्चित करना कि रखरखाव सही तरीके से पूरा हुआ है, और कूलिंग के पानी में रुकावट का पता लगाना, एक्सचेंज को चालू रखने के लिए अहम था।
ट्रैफिक दूसरी जगह भेजने से और समस्याएं क्यों आईं
16 मार्च के बाद सिंगटेल ने प्रभावित एक्सचेंज से 5जी ट्रैफिक दूसरे एक्सचेंज पर भेज दिया। नेटवर्क फेलओवर में उपकरण या किसी स्थान पर खराबी आने पर काम को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाता है।
दूसरे एक्सचेंज में नेटवर्क पैकेट ऑप्टिमाइजर बंद था और सॉफ्टवेयर में एक बग था। वहां ट्रैफिक भी बढ़ गया था। आईएमडीए की जांच में पाया गया कि इन स्थितियों के चलते 18 और 19 मार्च की शाम को कुछ ग्राहकों को रुक-रुककर कनेक्टिविटी की समस्या हुई।
पैकेट नेटवर्क पर भेजी जाने वाली डिजिटल जानकारी का एक छोटा हिस्सा होता है। पैकेट ऑप्टिमाइजर इन हिस्सों को उपयुक्त रास्तों से भेजने में मदद करता है, जिससे डेटा का संचार अधिक कुशलता से होता है और देरी घटती है। यह सुविधा बंद होने से दूसरे एक्सचेंज पर अधिक ट्रैफिक संभालते समय एक अतिरिक्त समस्या पैदा हुई।
नग ने पहले बताया था कि 18 मार्च की घटना पहली सेवा बाधा के बाद नेटवर्क को स्थिर करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए किए गए पुनर्गठन के बाद हुई। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक में थोड़े समय के लिए आई तेज बढ़ोतरी से सेवा बाधित हुई, जिसे एक घंटे के भीतर ठीक कर दिया गया।
आईएमडीए की जांच में बाद की बाधाओं के पीछे की स्थितियों की पहचान की गई। नियामक ने कहा कि अतिरिक्त भार संभालने की दूसरे एक्सचेंज की क्षमता सुनिश्चित करने के लिए सिंगटेल को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी। किसी दूसरे एक्सचेंज की उपलब्धता पर निर्भर करने से पहले उसकी क्षमता, सेटिंग और सॉफ्टवेयर की जांच जरूरी थी, ताकि वह ट्रैफिक का अतिरिक्त भार संभाल सके।
कितने ग्राहक प्रभावित हुए?
आईएमडीए के अनुसार, तीनों घटनाओं में करीब 7.2 लाख उपभोक्ता और कारोबारी ग्राहक प्रभावित हुए। प्रभावित ग्राहकों की संख्या के कारण नियामक ने असर को गंभीर बताया।
सिंगटेल के मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 45 लाख है। इसकी तुलना में स्टारहब के लगभग 22 लाख, एम1 के 16 लाख और सिम्बा टेलीकॉम के 14 लाख ग्राहक हैं। इन आंकड़ों के आधार पर प्रभावित सिंगटेल ग्राहकों की संख्या उसके कुल मोबाइल ग्राहकों का करीब 16 प्रतिशत, यानी लगभग हर छह में से एक ग्राहक थी।
इस सेवा बाधा का असर उन सेवाओं पर भी पड़ा जो मोबाइल कनेक्शन पर निर्भर हैं। ऑनलाइन भुगतान पूरा न कर पाने वाले ग्राहक, बुकिंग का इंतजार कर रहे ड्राइवर या डिलीवरी ऑर्डर संभाल रहे कारोबार, मोबाइल डेटा उपलब्ध न होने पर मुश्किल में पड़ सकते हैं।
पहले 4जी सेवा बहाल करने से प्रभावित ग्राहकों को 5जी बहाली का काम जारी रहने के दौरान 4जी नेटवर्क का उपयोग करने का मौका मिला। ग्राहकों को दोबारा ऑनलाइन लाने के सिंगटेल के प्रयासों का आकलन करते समय आईएमडीए ने चरणबद्ध बहाली को ध्यान में रखा।
आईएमडीए ने जुर्माना कैसे तय किया
आईएमडीए ने दूरसंचार अधिनियम के तहत 10 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया। अपने फैसले में उसने सेवा बाधाओं के पैमाने और असर के साथ-साथ जांच और सेवा बहाली के दौरान सिंगटेल के रवैये को भी तौला।
नियामक ने जांचकर्ताओं के साथ सिंगटेल के पूरे सहयोग, सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल करने के प्रयास और प्रभावित ग्राहकों को स्वेच्छा से दी गई सद्भावना छूट को ध्यान में रखा। इस छूट की राशि 5 से 10 सिंगापुर डॉलर बताई गई और उपभोक्ता तथा कारोबारी ग्राहकों को कुल करीब 80 लाख सिंगापुर डॉलर दिए गए।
छूट की बताई गई कुल राशि नियामक के जुर्माने से आठ गुना थी। इन दोनों भुगतानों का मकसद अलग था: सेवा बाधा के लिए सद्भावना के तौर पर ग्राहकों को छूट दी गई, जबकि जुर्माना सेवा में हुई चूकों के लिए नियामक कार्रवाई का हिस्सा था।
आईएमडीए ने सिंगटेल की ओर से भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर भी विचार किया। उसका मुख्य निष्कर्ष यही रहा कि बेहतर निगरानी, प्रक्रियाओं और जांच से कूलिंग सिस्टम की खराबी और बाद में ट्रैफिक संभालने की समस्याओं को रोका जा सकता था।
सिंगटेल ने क्या बदलाव किए
आईएमडीए के अनुसार, सिंगटेल ने अपने चिलर सिस्टम के रखरखाव की प्रक्रियाएं और निगरानी बेहतर की है, दूसरे एक्सचेंज के सिस्टम की समस्याएं ठीक की हैं और यह जांचने के लिए अभ्यास किए हैं कि खराबी आने पर उसका नेटवर्क कितनी प्रभावी ढंग से ट्रैफिक को दूसरी जगह भेज सकता है।
इन बदलावों से घटना के दो मुख्य चरणों से निपटने की कोशिश की गई है। बेहतर कूलिंग जांच का मकसद मूल केंद्र में समस्याओं का समय रहते पता लगाना है। मरम्मत और फेलओवर अभ्यास का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जरूरत पड़ने पर दूसरा एक्सचेंज भेजे गए ट्रैफिक को संभाल सके।
नग ने कहा कि सिंगटेल ने नेटवर्क डिजाइन में सुधार के लिए काफी निवेश किया है और फेलओवर क्षमता को अधिक प्रभावी ढंग से परखने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने सिस्टम को मजबूत करना जारी रखेगी।
सिंगटेल सिंगापुर के मुख्य कार्यकारी ने कहा कि सेवा की विश्वसनीयता लगातार प्राथमिकता बनी रहेगी:
नेटवर्क की विश्वसनीयता और मजबूती हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रही है। हम अपने ग्राहकों को जरूरी और भरोसेमंद कनेक्टिविटी सेवाएं देने के लिए अपने सिस्टम को लगातार मजबूत करने को प्रतिबद्ध हैं।
एक घंटे में सेवा बहाल करने की आवश्यकता
डिजिटल विकास और सूचना मंत्री जोसेफिन तेओ ने 7 अप्रैल को संसद में अपने जवाब में कहा कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को एक घंटे के भीतर सेवा संबंधी घटनाओं को ठीक करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर उन पर नियामक कार्रवाई और आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है।
तेओ ने यह भी कहा कि सेवा प्रदाताओं को दूरसंचार के अहम बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए नियमित ऑडिट करना होगा। ऐसी जांच में देखा जाता है कि जरूरी केंद्र और सिस्टम खराबियों का सामना कर सकते हैं या नहीं और सेवा जारी रख सकते हैं या नहीं।
16 मार्च की सेवा बाधा एक घंटे की समय-सीमा से कहीं अधिक समय तक चली, हालांकि सिंगटेल ने कहा कि 18 मार्च की घटना इस अवधि के भीतर ठीक कर दी गई। आईएमडीए की जांच में सेवा बहाल करने में लगे समय और घटनाओं की वजह बनी संचालन संबंधी चूकों, दोनों पर बात की गई।
आईएमडीए ने कहा कि दूरसंचार कंपनियां जरूरी सेवाएं देती हैं और उन्हें मजबूत नेटवर्क की योजना बनाने, डिजाइन करने और संचालन की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्हें उपयोगकर्ताओं को कम से कम असुविधा के साथ सेवा तेजी से बहाल करने के उपाय भी करने चाहिए।
प्राधिकरण ने अपनी नियामक नीति स्पष्ट की:
किसी भी चूक का पता चलने पर आईएमडीए दूरसंचार अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। इसमें आर्थिक जुर्माना लगाना भी शामिल है।
लैंडलाइन सेवा बाधित होने पर एक और 10 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना
8 अक्टूबर 2024 को लैंडलाइन वॉइस सेवा बाधित होने पर दिसंबर 2025 में सिंगटेल पर एक और 10 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगा था। उस घटना से करीब पांच लाख उपयोगकर्ता प्रभावित हुए थे और सेवा चार घंटे से अधिक समय तक बाधित रही थी।
करीब चार घंटे तक सरकारी एजेंसियों, बैंकों और अस्पतालों की सार्वजनिक सेवा हेल्पलाइन पर आने वाली लगभग आधी कॉल कनेक्ट नहीं हो सकीं। पुलिस और सिंगापुर सिविल डिफेंस फोर्स ने लोगों से एसएमएस के जरिए संपर्क करने को कहा था।
10 लाख सिंगापुर डॉलर के दोनों जुर्माने अलग-अलग सेवाओं और खराबियों से जुड़े थे। पहले की घटना में लैंडलाइन कॉल बाधित हुई थीं, जिनमें आपातकालीन और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच भी शामिल थी। मार्च की घटनाओं में मोबाइल कनेक्टिविटी और उस पर निर्भर सेवाएं प्रभावित हुईं।
सिंगापुर ने दूरसंचार क्षेत्र में अन्य बड़े जुर्माने भी लगाए हैं। दिसंबर 2016 में फाइबर ब्रॉडबैंड सेवा बाधित होने पर सिंगटेल पर 5 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगा था। इस घटना से करीब 4.9 लाख उपयोगकर्ता प्रभावित हुए थे। अक्टूबर 2013 में बुकित पंजांग एक्सचेंज में आग लगने के बाद मई 2014 में 60 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया गया था, जो सिंगापुर के इतिहास में दूरसंचार क्षेत्र का सबसे बड़ा जुर्माना था।
2013 की आग से फोन लाइनें, बैंक भुगतान और इंटरनेट सेवाएं बाधित हुई थीं। सेवाएं पूरी तरह बहाल होने में आठ दिन लगे थे। 2020 में कोविड-19 सर्किट ब्रेकर अवधि के दौरान इंटरनेट सेवाएं बाधित होने पर एम1 और स्टारहब पर क्रमशः 4 लाख और 2.1 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। उस समय कई लोग काम और पढ़ाई के लिए घर के इंटरनेट कनेक्शन पर निर्भर थे।
मुख्य बातें
- आईएमडीए ने 16, 18 और 19 मार्च 2026 को मोबाइल सेवाएं बाधित होने पर सिंगटेल पर 10 लाख सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया। इससे करीब 7.2 लाख ग्राहक प्रभावित हुए।
- रखरखाव के बाद वाल्व बंद रह जाने और कूलिंग सिस्टम की निगरानी न होने से पहली सेवा बाधा आई।
- बाद की बाधाओं की वजह 5जी ट्रैफिक को दूसरी जगह भेजना, पैकेट ऑप्टिमाइजर का बंद होना और सॉफ्टवेयर में एक बग था।
- आईएमडीए ने निष्कर्ष निकाला कि तीनों घटनाओं को रोका जा सकता था और वे साइबर हमले की वजह से नहीं हुईं।
- सिंगटेल ने जुर्माना स्वीकार किया, करीब 80 लाख सिंगापुर डॉलर की सद्भावना छूट दी और रखरखाव, निगरानी तथा फेलओवर परीक्षण को मजबूत किया।
- इस जुर्माने से पहले अक्टूबर 2024 की लैंडलाइन सेवा बाधा के लिए दिसंबर 2025 में 10 लाख सिंगापुर डॉलर का अलग जुर्माना लगाया गया था।






