श्रद्धालुओं के जुटने के बीच मंत्री ने पद छोड़ा
बांग्लादेश में 19 अक्टूबर 2026 की खबरों में मंत्रिमंडल से इस्तीफा, हिंदुओं के बड़े धार्मिक उत्सव और मानसून का पानी उतरने के बाद खेत में मछली पकड़ते एक बच्चे का शांत दृश्य साथ-साथ नजर आए। ढाका में मुक्ति संग्राम मामलों के राज्य मंत्री इशराक हुसैन ने पद छोड़ने की घोषणा की। इससे दो दिन पहले वह हथियार लेकर नशे के खिलाफ एक अभियान में शामिल हुए थे।
विषय-सूची
- श्रद्धालुओं के जुटने के बीच मंत्री ने पद छोड़ा
- इशराक ने क्या घोषणा की
- गांडारिया का अभियान विवाद में कैसे बदला
- आग्नेयास्त्रों के इस्तेमाल की पुलिस जांच
- बरामदगी के दावे और अभियान जारी रखने का वादा
- राजनीतिक आलोचना ढाकेश्वरी मंदिर तक पहुंची
- कुमारी पूजा के केंद्र में छह साल की बच्ची
- 48 मिनट की संधि पूजा
- बांग्लादेश भर में उत्सव और आगे की तिथियां
- मुख्य बिंदु
सोमवार दोपहर नेशनल प्रेस क्लब में ढाका-6 के सांसद ने गांडारिया के घुंटिघर इलाके में अपने आचरण का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मंत्री पद की जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया, ताकि इस विवाद से सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी को शर्मिंदगी न हो और प्रधानमंत्री के काम पर इसका असर न पड़े।
उस सुबह इससे पहले, गोपीबाग स्थित रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन में कुमारी पूजा के लिए भीड़ जुटी। इस अनुष्ठान में छह वर्ष की एक बच्ची को देवी दुर्गा का प्रतीक मानकर पूजा गया। पूरे बांग्लादेश में बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद ने पूजा मंडपों की संख्या 33,851 बताई, जिनमें 258 राजधानी में थे। मंडप वे स्थान हैं जहां देवी की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं और पूजा होती है।
केरानीगंज के घोषकांडा में एक तस्वीर में बारिश का पानी खेतों से निकलने के बाद मछलियां पकड़ने के लिए जलकुंभी हटाता एक और बच्चा दिखा। इस तस्वीर में दिन की सार्वजनिक घटनाओं पर छाए राजनीतिक टकराव और धार्मिक आयोजनों के बीच रोजमर्रा की एक गतिविधि भी दर्ज हुई।
इशराक ने क्या घोषणा की
इशराक ने सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे के तुरंत बाद फेसबुक पर इस्तीफा देने का इरादा जताया। इसके बाद वह लगभग 1:45 बजे नेशनल प्रेस क्लब पहुंचे। उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस करीब 2 बजे शुरू हुई, जिसमें पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनके साथ थे।
ढाका के पूर्व मेयर सादेक हुसैन खोका के बेटे इशराक ने कहा कि वह ढाका-6 और आसपास के इलाकों में नशे के खिलाफ लड़ाई पर ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने पद छोड़ने को स्वैच्छिक बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया है। औपचारिक घोषणा से पहले उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा कि पार्टी नहीं चाहती थी कि वह इस्तीफा दें।
मामले से परिचित सरकारी अधिकारियों ने इससे अलग जानकारी दी। उनका कहना था कि तारिक रहमान ने रविवार को सचिवालय में कैबिनेट की बैठक के बाद इशराक को बुलाया और पद छोड़ने का निर्देश दिया। अगली सुबह घोषणा से पहले, रविवार रात इशराक और उनके प्रेस अधिकारी ने इस बात का खंडन किया था।
घोषणा उनकी मंत्री पद की जिम्मेदारियों से संबंधित थी। उनके पद छोड़ने की औपचारिक प्रशासनिक मंजूरी की तारीख नहीं बताई गई। आवास से निकलने से पहले इशराक ने अपनी गाड़ी से मंत्री पद का प्रतीक खुद हटा दिया।
करीब 200 पार्टी नेता और कार्यकर्ता प्रेस कॉन्फ्रेंस कक्ष में जमा हो गए, जिससे थोड़ी देर के लिए कार्यक्रम बाधित हुआ। इशराक ने माइक्रोफोन से उनसे बाहर जाने को कहा और कई लोग बाहर चले गए।
गांडारिया का अभियान विवाद में कैसे बदला
इशराक के मुताबिक, घुंटिघर और मुन्सिरटेक के निवासियों ने नशीले पदार्थों की बिक्री और वितरण को लेकर शिकायतें की थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस और स्थानीय राजनीतिक हस्तियों के साथ बैठकों में समस्या से निपटने के उपायों पर चर्चा हुई थी। इनमें एक प्रस्तावित पुलिस चौकी भी शामिल थी, जो कभी बन नहीं पाई।
इशराक के अनुसार, 18 सितंबर की एक बैठक में नशे के खिलाफ स्थानीय निवासियों और पुलिस के साथ मिलकर सामुदायिक प्रतिरोध खड़ा करने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि 17 अक्टूबर का अभियान उसी फैसले के बाद हुआ। अभियान शुरू होने से कुछ ही समय पहले पुलिस को इसकी सूचना दी गई, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि पहले खबर लीक हो सकती है।
17 अक्टूबर को शाम करीब 5:15 बजे उनके सत्यापित फेसबुक पेज पर अपलोड किए गए वीडियो में वह और एक अन्य व्यक्ति गांडारिया रेलवे लाइन के पास आग्नेयास्त्र लिए दिखे। फुटेज में लोगों का पीछा करते हुए और एक अन्य दृश्य में पुलिस को कई लोगों को हथकड़ी लगाकर ले जाते हुए भी दिखाया गया।
मुख्य घटनाक्रम एक महीने के दौरान इस प्रकार रहा:
- 18 सितंबर: इशराक के मुताबिक, निवासियों और पुलिस ने नशे के खिलाफ सामुदायिक पहल पर सहमति जताई।
- 17 अक्टूबर: वह घुंटिघर अभियान में शामिल हुए और उसी दोपहर वीडियो पोस्ट किए।
- 18 अक्टूबर: ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने आग्नेयास्त्र दिखाने की घटना की जांच की घोषणा की।
- 19 अक्टूबर: उन्होंने फेसबुक पर इस्तीफा देने का इरादा जताया और बाद में नेशनल प्रेस क्लब में मीडिया को जानकारी दी।
आग्नेयास्त्रों के इस्तेमाल की पुलिस जांच
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने घटना की जांच और रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी अपने वारी डिवीजन के उपायुक्त को दी। पुलिस जांच में अभियान के दौरान इशराक और उनके सहयोगियों के आचरण की पड़ताल की जा रही है, जिसमें आग्नेयास्त्र दिखाना भी शामिल है।
पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने कहा कि जांच में कानून का उल्लंघन मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या कोई मंत्री पुलिस के कर्तव्य निभा सकता है, उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
"अगर कानून का कोई उल्लंघन हुआ है, तो डीएमपी कानूनी कार्रवाई करेगी," उन्होंने कहा।
इशराक ने कहा कि उनके पास .32 बोर की पिस्तौल और एक राइफल के वैध लाइसेंस हैं। उन्होंने कहा कि दूसरा हथियार एक ऐसे सहयोगी के पास था जिसके पास भी आग्नेयास्त्र का लाइसेंस था। उन्होंने बताया कि समूह के इलाके में पहुंचने पर लोग भागने लगे, इसलिए आत्मरक्षा के लिए उन्होंने पिस्तौल हाथ में ली थी।
पुलिस यह जांच रही है कि अभियान किस तरह चलाया गया। इशराक का बचाव सुरक्षा स्थिति, पुलिस की मौजूदगी और संदिग्धों को अभियोजन के लिए सौंपने की उनकी बताई मंशा पर आधारित है। जांच रिपोर्ट सौंपने की कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई।
बरामदगी के दावे और अभियान जारी रखने का वादा
इशराक ने कहा कि समूह ने पुलिस की मौजूदगी में करीब 45 मिनट तक इलाके में घूमकर कई इमारतों में प्रवेश किया। उनका दावा था कि करीब 300 ग्राम हेरोइन, शराब की कई बोतलें और स्थानीय रूप से बने हथियार बरामद हुए तथा पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया।
उनके विवरण में चोरी के मोबाइल फोन से भरा एक स्कूल बैग भी शामिल था; एक अन्य बयान में बैग में चोरी का एक फोन होने की बात कही गई। बरामदगी की मात्रा और गिरफ्तारियों की संख्या अभियान के बारे में इशराक का बताया हुआ विवरण था।
इशराक ने कहा कि इस अभियान में उनका कोई निजी या पार्टी हित नहीं था और वह चाहते थे कि पुलिस नशीले पदार्थों के मुख्य आपूर्तिकर्ताओं की पहचान करे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपराधिक नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संबंध हैं और वे सीमा पार नशीले पदार्थ गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने इन आरोपों को केवल सड़क पर नशीले पदार्थ बेचने वालों को गिरफ्तार करने के बजाय आपूर्ति मार्गों पर ध्यान देने की वजह बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इशराक ने किसी गलती या नुकसान के लिए माफी मांगी, लेकिन आग्नेयास्त्र साथ रखने को उचित बताया:
"अगर मुझसे कोई गलती हुई हो या इस अभियान से किसी को चोट पहुंची हो, तो मैं सबसे पहले उसके लिए माफी मांगना चाहता हूं। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि उस दिन मैंने कुछ गलत नहीं किया। आत्मरक्षा के लिए जितनी देर जरूरी था, उतनी देर ही मैंने आग्नेयास्त्र हाथ में रखा। उसके बाद वह मेरे पास दिखाई नहीं दे रहा था," उन्होंने कहा।
इशराक ने मंत्रालय से बाहर रहते हुए भी अपना अभियान जारी रखने का वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि बीएनपी ने नामित किया तो वह भविष्य में नगर निगम का चुनाव लड़ेंगे और पार्टी किसी दूसरे उम्मीदवार को चुनेगी तो उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने 2020 में ढाका दक्षिण नगर निगम का चुनाव लड़ा था।
राजनीतिक आलोचना ढाकेश्वरी मंदिर तक पहुंची
जमात-ए-इस्लामी ने सशस्त्र अभियान की आलोचना करते हुए इसे डराने-धमकाने की अभिव्यक्ति बताया। विवाद इस बात पर केंद्रित था कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि खुलेआम हथियार लेकर अभियान में शामिल हुआ।
नेशनल सिटिजन पार्टी के मुख्य समन्वयक नासिरुद्दीन पटवारी ने सोमवार सुबह ढाकेश्वरी मंदिर के दौरे के दौरान अलग रुख अपनाया। यह दौरा इशराक की इस्तीफे की घोषणा से पहले हुआ था। उन्होंने कानून-व्यवस्था से निपटने के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद के तरीके को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इसके चलते नशे की गतिविधियों के नतीजों से निपटने की जिम्मेदारी दूसरों पर आ गई।
पटवारी ने हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने पिछले तीन-चार महीनों में हुई तोड़फोड़ और जगन्नाथ विश्वविद्यालय में गाय काटे जाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने मुसलमानों से अपने कामकाज के दौरान हिंदू पड़ोसियों का ध्यान रखने की अपील की।
मंदिर के दौरे में दिन की राजनीतिक और धार्मिक खबरें एक ही जगह पर आ मिलीं। श्रद्धालु महा अष्टमी के लिए जुटे थे, वहीं राजनीतिक हस्तियां सार्वजनिक सुरक्षा और समुदायों की रक्षा के सरकार के दायित्व पर चर्चा कर रही थीं।
कुमारी पूजा के केंद्र में छह साल की बच्ची
गोपीबाग स्थित रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन में श्रद्धालु कुमारी पूजा के लिए चुनी गई बच्ची को देखने समारोह से पहले ही जमा हो गए। मठ के प्रमुख स्वामी पूर्णात्मानंद महाराज ने बच्ची की पहचान इज्जा चक्रवर्ती के रूप में बताई। वह आइडियल हाई स्कूल एंड कॉलेज की छात्रा हैं। समारोह के विवरण में उनका नाम इर्या चक्रवर्ती भी लिखा गया। उनका अनुष्ठानिक नाम उमा था।
दिन की पूजा करीब सुबह 9:30 बजे शुरू हुई। लगभग 9:50 बजे बच्ची को अनुष्ठानिक आसन पर बैठाया गया और कुमारी पूजा 10:30 बजे समाप्त हुई; एक अन्य समय-विवरण में इसकी शुरुआत करीब 9:45 बजे बताई गई। मंच के सामने श्रद्धालु जमा हुए और कई लोगों ने तस्वीरें तथा वीडियो बनाए।
समारोह के दौरान बच्ची ने दो कमल के फूल थामे और ढोल की ताल पर उन्हें हिलाते हुए मुस्कराती रही। कुमारी पूजा में एक बच्ची को दुर्गा और दिव्य स्त्री शक्ति का सजीव प्रतीक मानकर पूजा जाता है। इस अनुष्ठान में आम तौर पर एक से 16 वर्ष की लड़कियां शामिल होती हैं और उम्र के अनुसार उनके अलग-अलग अनुष्ठानिक नाम होते हैं।
स्वामी पूर्णात्मानंद ने बताया कि श्रद्धालु बच्ची के प्रति उसी श्रद्धा से पूजा करते हैं जो देवी को अर्पित की जाती है। उन्होंने इस प्रथा को 1901 में बेलूर मठ में स्वामी विवेकानंद की पूजा से जोड़ा, जब दुर्गा पूजा के पहले आयोजन में नौ लड़कियों का सम्मान किया गया था।
रायेरबाजार से अपनी पत्नी सुमति राय और बेटी नीतू राय के साथ आए अमित राय ने इस अनुष्ठान को महिलाओं, मातृत्व और मानवीय गरिमा के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति बताया। उनकी बात उस मानवीय अर्थ को दर्शाती है जो श्रद्धालु एक बच्ची पर केंद्रित पूजा से जोड़ते हैं।
48 मिनट की संधि पूजा
ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में संधि पूजा के दौरान देवी को 108 दीप, 108 कमल के फूल और 108 बेलपत्र अर्पित किए गए। पुजारी बरुन चक्रवर्ती ने बताया कि यह अनुष्ठान अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के शुरुआती 24 मिनट में होता है, यानी कुल 48 मिनट की अवधि में।
सुबह का अनुष्ठान 7:55 बजे से 8:43 बजे तक निर्धारित था। रामकृष्ण मिशन में दिन की पूजा के एक विवरण में संधि पूजा को कुमारी पूजा के बाद बताया गया। यह समारोह दो धार्मिक चंद्र अवधियों के संधिकाल का प्रतीक है और इसका समय पूजा-पंचांग के अनुसार तय होता है।
हिंदू पौराणिक कथाओं में संधि पूजा का संबंध दुर्गा के चामुंडा रूप धारण कर चंड और मुंड का वध करने से है। ढाकेश्वरी मंदिर में प्रार्थनाओं के दौरान शांति, बुराई पर विजय और देश के कल्याण की कामना की गई।
महानगर सार्वजनिक पूजा समिति के अध्यक्ष गोपाल चंद्र देबनाथ ने तैयारियों के बारे में बताया, जो एक दिन पहले शुरू हुई थीं। स्वयंसेवकों ने कमल के फूल जुटाए, पंखुड़ियों और पत्तों को साबुत रखना सुनिश्चित किया और संक्षिप्त अनुष्ठान के दौरान दीपों का प्रबंधन किया। लौ को बचाने के लिए पंखे बंद कर दिए गए।
देबनाथ ने बताया कि नवमी के लिए मंदिर ने महाप्रसाद पकाने के वास्ते लगभग 250 से 300 बड़े बर्तन तैयार रखे थे। महाप्रसाद वह भोजन है जो पूजा में अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं में बांटा जाता है। भीड़ संभालने के लिए स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था।
बांग्लादेश भर में उत्सव और आगे की तिथियां
बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद के मुताबिक, देश में 33,851 मंडप थे, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1,500 अधिक थे। इस बढ़ोतरी को लगभग 1,500 मानें तो पिछले वर्ष कुल मंडप करीब 32,351 थे और इस साल वृद्धि लगभग 4.6 प्रतिशत रही। ढाका के 258 मंडप राष्ट्रीय कुल के 1 प्रतिशत से भी कम थे, जो दिखाता है कि उत्सव राजधानी से कहीं आगे तक फैले थे।
ढाका में प्रमुख आयोजनों में कमाल अतातुर्क पार्क में गुलशन-बनानी पूजा फाउंडेशन का उत्सव शामिल था। कालाबागान मैदान और खामारबाड़ी में भी आयोजन हुए। श्रद्धालु तांतीबाजार, शंखारीबाजार, रामना काली मंदिर, सिद्धेश्वरी काली मंदिर, ढाका विश्वविद्यालय के जगन्नाथ हॉल और उत्तरा सार्वजनीन मंदिर भी गए।
अन्य जगहों पर खुलना के ग्लैक्सो मोड़ में कुमारी पूजा हुई। बारिशाल के रामकृष्ण मिशन में संधि पूजा के लिए कमल के फूल तैयार किए गए, जबकि नवाबगंज में भी पूजा आयोजन हुए।
महा नवमी मंगलवार, 20 अक्टूबर को निर्धारित थी। इस दिन प्रार्थनाएं, समापन पूजा-अनुष्ठान और भोग अर्पित किए जाने थे। विजयादशमी बुधवार, 21 अक्टूबर को निर्धारित थी। इस दिन श्रद्धालु दुर्गा प्रतिमाओं को जुलूस में तय नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों तक ले जाकर विसर्जित करते। इस अनुष्ठान को बिसर्जन कहा जाता है।
इन तारीखों ने श्रद्धालुओं और आयोजकों के लिए उत्सव का अगला चरण तय किया। इशराक और ढाका पुलिस के लिए तत्काल अगला कदम गांडारिया अभियान की जांच था, जबकि उन्होंने नशे के खिलाफ काम जारी रखने का वादा किया।
मुख्य बिंदु
- गांडारिया में सशस्त्र अभियान को लेकर विवाद के बाद इशराक हुसैन ने 19 अक्टूबर को राज्य मंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा की।
- उन्होंने इस फैसले को स्वैच्छिक बताया; सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने उन्हें पद छोड़ने का निर्देश दिया था।
- ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने आग्नेयास्त्र दिखाने की जांच की जिम्मेदारी अपने वारी डिवीजन के उपायुक्त को दी।
- इशराक ने छह गिरफ्तारियों और करीब 300 ग्राम हेरोइन, शराब, हथियारों तथा चोरी के फोन बरामद होने का दावा किया।
- ढाका के रामकृष्ण मिशन में कुमारी पूजा के दौरान उमा नाम से पूजी गई छह साल की बच्ची केंद्र में रही।
- बांग्लादेश में 33,851 पूजा मंडप थे, जो पिछले वर्ष से करीब 1,500 अधिक थे।
- महा नवमी 20 अक्टूबर और विजयादशमी 21 अक्टूबर को निर्धारित थी।






