दा नांग की आपदा तैयारियों में शामिल हुए अधिक भार उठाने वाले कार्गो ड्रोन
दा नांग के सैन्य कमान ने 15 अक्टूबर, 2026 को 80 से 120 किलोग्राम सामान ले जाने की बताई गई क्षमता वाले कार्गो ड्रोन का मोटर चालित फुलाए जा सकने वाले नौकाओं के साथ परीक्षण किया। इसका उद्देश्य बाढ़ और भूस्खलन से कटे समुदायों तक पहुंचने की तैयारियों का विस्तार करना है। दोनों उपकरणों की भूमिकाएं अलग हैं: नौकाएं बचावकर्मियों को ले जाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद करेंगी, जबकि ड्रोन उन जगहों पर भोजन और जरूरी सामान पहुंचाएंगे जहां सड़क और जलमार्ग उपलब्ध नहीं हैं।
विषय-सूची
- दा नांग की आपदा तैयारियों में शामिल हुए अधिक भार उठाने वाले कार्गो ड्रोन
- उपकरणों की जांच में क्या-क्या शामिल था
- तैयारियां कैसे आगे बढ़ीं
- होआ आन में ड्रोन पहुंचने पर क्या हुआ
- मौसम अब भी तय करता है कि सामान कब पहुंचाया जा सकता है
- निवेश विमानों तक सीमित नहीं
- बाढ़ से निपटने के अभ्यास में 500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया
- बड़ा शहर, बाढ़ के कई तरह के जोखिम
- बारिश के स्तर और स्थानीय जवाबदेही से जुड़ी योजनाएं
- मुख्य बातें
शहर के सैन्य कमान के उप कमांडर कर्नल गुयेन हु तांग ने निरीक्षण का नेतृत्व किया। टीमों ने व्यावहारिक परिस्थितियों में नौकाएं चलाने और परीक्षण उड़ानें करने से पहले उनके पुर्जों, जोड़ने की प्रक्रिया और संचालन की जांच की। परीक्षणों में स्थिरता, सुरक्षा, पानी पर आवाजाही और सामान ले जाने की क्षमता पर ध्यान दिया गया। इन्हीं के आधार पर सेवा में शामिल करने से पहले उपकरणों को मंजूरी दी जाएगी।
नए ड्रोन की बताई गई सामान-वहन क्षमता अक्टूबर 2025 की बाढ़ के दौरान दाई लोक कम्यून के एक दर्ज राहत अभियान में इस्तेमाल किए गए प्रत्येक विमान की करीब 40 किलोग्राम क्षमता से दो से तीन गुना है। पेलोड का मतलब है विमान द्वारा ले जाए जा सकने वाले सामान का वजन। कटे हुए समुदाय के लिए, हर उड़ान में अधिक सामान पहुंचने का अर्थ अधिक भोजन और अन्य जरूरी चीजें हो सकता है।
दा नांग का सैन्य कमान उम्मीद करता है कि हवाई और जल परिवहन के मेल से पहुंच बढ़ेगी और निवासियों की मदद करने में लगने वाला समय घटेगा। ये तैयारियां 2025 के आखिर में आई आपात स्थितियों के बाद की जा रही हैं, जब अधिकारियों ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में 12,000 से अधिक परिवारों को निकालने के लिए करीब 47,000 कर्मियों की तैनाती की थी।
उपकरणों की जांच में क्या-क्या शामिल था
15 अक्टूबर के निरीक्षण में उपकरणों की हालत के साथ-साथ उन्हें जोड़ने और चलाने की प्रक्रियाओं की भी जांच की गई। नौकाओं और ड्रोन के परीक्षणों में प्रदर्शन का आकलन करने से पहले निरीक्षकों ने उनके अलग-अलग पुर्जों की जांच की।
फुलाए जा सकने वाली नौकाओं को पानी पर चलने की क्षमता के लिए परखा गया। उनकी प्रस्तावित भूमिकाओं में प्रतिक्रिया दलों को ले जाना, बाढ़ग्रस्त मोहल्लों तक पहुंचना और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शामिल है। ड्रोन का आकलन सामान ढोने की क्षमता के लिए किया गया। उनकी प्रमुख भूमिका उन जगहों तक आपूर्ति पहुंचाना है जहां पारंपरिक परिवहन नहीं पहुंच सकता।
सैन्य कमान ने इन उपकरणों को नागरिक सुरक्षा के आधुनिकीकरण का हिस्सा बताया। नागरिक सुरक्षा का अर्थ आपात स्थितियों के दौरान लोगों की रक्षा करना और उनकी मदद करना है। यहां इसका मतलब है कि बाढ़ से सड़क बंद होने, तेज धारा बहने या भूस्खलन से आम रास्ता बाधित होने पर लोगों तक पहुंचने के नए तरीके तैयार करना।
उपकरणों की तैनाती की तारीख या उड़ान प्रदर्शन के विस्तृत नतीजे घोषित नहीं किए गए। ड्रोन की संख्या, उड़ान दूरी, उड़ान अवधि और खराब मौसम में संचालन की सीमाओं की जानकारी भी नहीं दी गई। ऐसे में बताई गई पेलोड क्षमता ही उनकी क्षमता का मुख्य प्रकाशित पैमाना है।
तैयारियां कैसे आगे बढ़ीं
दा नांग में अधिक भार वाले कार्गो ड्रोन की दिशा में उठाए गए कदम वास्तविक बाढ़ के दौरान उनके इस्तेमाल के बाद आए हैं। यह सिलसिला 2025 के एक आपात अभियान को 2026 में बताई गई खर्च, प्रशिक्षण और उपकरण जांच से जोड़ता है।
- 30 अक्टूबर, 2025: चार दिन से कटे हुए दाई लोक कम्यून के होआ आन गांव के परिवारों तक सामान पहुंचाने के लिए वियत्तेल दा नांग ने दो ड्रोन तैनात किए।
- 2025 के आखिर में: बाढ़ और भूस्खलन के बाद 12,000 से अधिक परिवारों को निकालने में मदद के लिए करीब 47,000 कर्मियों की तैनाती की गई।
- 17 सितंबर, 2026: शहर के अध्यक्ष गुयेन मन हुंग ने शहरी बाढ़ के खतरे वाले सात स्थानों का निरीक्षण किया और बारिश के निश्चित स्तरों से जुड़ी योजनाएं बनाने को कहा।
- 19 सितंबर, 2026 तक: आपदा तैयारियों में कार्गो ड्रोन के लिए 28 अरब डोंग और तीन लॉजिस्टिक्स केंद्रों के लिए 21 अरब डोंग के निवेश की सूचना दी गई।
- 15 अक्टूबर, 2026: शहर के सैन्य कमान ने मोटर चालित फुलाए जा सकने वाली नौकाओं और 80 से 120 किलोग्राम की बताई गई पेलोड क्षमता वाले ड्रोन का निरीक्षण और परीक्षण किया।
सितंबर की तैयारियों में विमानों के साथ-साथ जलनिकासी, निकासी केंद्र, बचाव कौशल और आपूर्ति भंडारण भी शामिल थे। अक्टूबर के परीक्षणों में इस व्यापक प्रतिक्रिया को समर्थन देने के लिए बने उपकरणों की व्यावहारिक जांच की गई।
होआ आन में ड्रोन पहुंचने पर क्या हुआ
होआ आन गांव पहुंच की समस्या का ठोस उदाहरण है। 30 अक्टूबर, 2025 को वियत्तेल दा नांग ने जरूरी सामान और दवाइयां लेकर दो ड्रोन उन दर्जनों परिवारों तक भेजे जो चार दिन से कटे हुए थे।
राहत वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग 14बी के किनारे बुरी तरह बाढ़ग्रस्त इलाकों की ओर जा रहे थे, लेकिन कुछ रिहायशी इलाकों तक जाने वाली सड़कें अब भी गहरे पानी में डूबी थीं। तेज धाराओं के कारण मोटरबोट भी कुछ जगहों तक नहीं पहुंच पा रही थीं। सामान व्यापक इलाके तक तो पहुंच सकता था, लेकिन जरूरतमंद परिवारों तक नहीं।
वियत्तेल की टीमों ने इलाके का सर्वेक्षण किया और विमान भेजने से पहले उड़ान के निर्देशांक तथा उतरने की जगहें तय कीं। उन्होंने सामान पैक करके सुरक्षित बांधा। इसके बाद दाई लोक के स्थानीय अधिकारियों ने खेप ली और उसे बाढ़ग्रस्त समुदायों में बांटा। विमान ने परिवहन का हिस्सा पूरा किया; दोनों सिरों पर आगे की व्यवस्था जमीन पर मौजूद लोगों ने की।
वियत्तेल दा नांग की निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल गुयेन वु त्रा मी ने कहा कि हर विमान करीब 40 किलोग्राम तक सामान 1.5 से 2 किलोमीटर दूर ले जा सकता था और हर चक्कर में लगभग पांच मिनट लगते थे। उन्होंने आपात स्थिति में ड्रोन के इस्तेमाल की उपयोगिता बताई:
भीषण बाढ़ के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल समयानुकूल उपाय है, जो उन जगहों तक तेजी से पहुंचने में मदद करता है जहां पारंपरिक वाहन नहीं जा सकते।
नए ड्रोन की बताई गई 80 से 120 किलोग्राम की क्षमता इन विमानों की तुलना में प्रति उड़ान अधिक सामान ले जाने की गुंजाइश देती है। गणित सीधा है: 80 को 40 से भाग देने पर दो और 120 को 40 से भाग देने पर तीन आता है। अक्टूबर के परीक्षणों का मकसद सेवा में शामिल करने से पहले उपकरणों का आकलन करना था।
मौसम अब भी तय करता है कि सामान कब पहुंचाया जा सकता है
स्वयंसेवी समूह सी तु वियत ने भी 30 अक्टूबर, 2025 को दाई लोक में भोजन, पीने का पानी और इंस्टेंट नूडल्स पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। उनके अनुभव से पता चला कि राहत उड़ानें मौसम के अनुकूल होने पर निर्भर थीं।
समूह के सदस्य दो न्हात डुक ने कहा कि लगातार भारी बारिश के कारण उड़ानों को टालना पड़ा था। उस दिन मौसम में थोड़े समय के लिए सुधार होने पर स्वयंसेवकों ने कटे हुए इलाकों में सामान पहुंचाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि समूह आगे भी सहायता जुटाने और दाई लोक में अभियान पूरा होने के बाद दा नांग के अन्य बुरी तरह बाढ़ग्रस्त हिस्सों में ड्रोन से सामान पहुंचाने का काम जारी रखने की योजना बना रहा था।
निवासियों के लिए व्यावहारिक फायदा यह है कि मदद पाने के कई तरीके उपलब्ध हों। जलमार्ग इस्तेमाल करने योग्य होने पर नाव लोगों और उपकरणों को ले जा सकती है। उड़ान के हालात अनुकूल हों तो ड्रोन दुर्गम इलाके के पार सामान पहुंचा सकता है। जोखिम वाले समुदायों के पास रखा भंडार परिवहन बाधित होने के दौरान लोगों की मदद कर सकता है।
निवेश विमानों तक सीमित नहीं
दा नांग की आपदा तैयारियों में 100 किलोग्राम से अधिक सामान ले जाने में सक्षम कार्गो ड्रोन के लिए 28 अरब डोंग और लॉजिस्टिक्स की आपूर्ति जुटाने तथा भंडारित करने के लिए तीन केंद्रों पर 21 अरब डोंग का निवेश शामिल था। इन दोनों घोषित मदों का कुल योग 49 अरब डोंग है।
ये केंद्र उसी समस्या के दूसरे पहलू से निपटते हैं। ड्रोन या नाव से सामान ले जाने से पहले भोजन, पानी और अन्य सामग्री रवाना करने के लिए तैयार होनी चाहिए। बताया गया कि ये केंद्र लंबे समय तक आपूर्ति अभियान चलाने में भी मदद करेंगे और चिकित्सा निकासी के लिए हेलीकॉप्टरों को उतरने की जगह देंगे।
पर्वतीय समुदायों के लिए ये तैयारियां खास तौर पर जरूरी हैं। हुंग सोन, तय जियांग, डोंग जियांग, त्रा लिन्ह, त्रा मी और त्रा लेंग समेत कई इलाकों में लंबे समय तक बारिश होने पर भूस्खलन का खतरा रहता है। एक ही पहुंच मार्ग पर निर्भर जगहों में भूस्खलन पूरे गांव का रास्ता काट सकता है।
शहर की सैन्य प्रतिक्रिया में अलग-थलग पड़ने की अवधि के लिए आपूर्ति और स्थानीय क्षमता तैयार रखना भी शामिल है। यही वियतनाम की आपातकालीन व्यवस्था का व्यावहारिक उद्देश्य है, जिसे अक्सर "चार चीजें मौके पर" कहा जाता है: कमान, कर्मी, उपकरण और लॉजिस्टिक्स स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हों, ताकि बाहर से मदद आने से पहले समुदाय प्रतिक्रिया शुरू कर सकें।
बाढ़ से निपटने के अभ्यास में 500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया
बाढ़ के खतरे वाले इलाकों में हुए मैदानी अभ्यासों में 500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें कटे हुए समुदायों तक ड्रोन से सामान पहुंचाना, तेज बहाव वाले पानी से बचाव करना और नदी किनारे के मोहल्लों में बाढ़ आने पर आपात निकासी जैसे परिदृश्य शामिल थे।
दाई लोक और थु बोन तथा वु जिया नदियों के किनारे के अन्य निचले इलाके भारी बारिश में व्यापक बाढ़ की चपेट में आते हैं। कभी-कभी इसमें जलविद्युत जलाशयों से पानी छोड़े जाने का असर भी जुड़ जाता है। नौकाएं उपलब्ध होने पर भी तेज धाराओं में बचाव दलों के लिए काम मुश्किल हो जाता है।
शहर के सैन्य कमान ने जलयान चलाने का प्रशिक्षण देने के लिए एक समुद्री स्कूल के साथ मिलकर 284 मिलिशिया सदस्यों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षु उन इलाकों में तैनात कर्मी थे जहां बाढ़ का खतरा है, इसलिए ये कौशल उन लोगों में विकसित किए गए जिनसे सबसे पहले प्रतिक्रिया की उम्मीद है।
नाम फुओक कम्यून सैन्य कमान के कर्मचारी गुयेन मिन्ह डाम ने कहा कि इस पाठ्यक्रम से स्थानीय कर्मियों को बाढ़ के दौरान नौकाएं संभालने और निवासियों की सुरक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई करने का भरोसा मिला।
पुलिस ने अचानक आई बाढ़ के परिदृश्य में नदी पार लोगों को बचाने के लिए पुली प्रणाली के इस्तेमाल का भी अभ्यास किया। शहर के अग्नि रोकथाम, अग्निशमन और बचाव पुलिस विभाग के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल ले वान लुउ ने कहा कि तेज बहाव वाले पानी और नदियों तथा धाराओं की जटिल परिस्थितियों में प्रतिक्रिया बेहतर करने के लिए ये अभ्यास जरूरी थे।
बड़ा शहर, बाढ़ के कई तरह के जोखिम
प्रशासनिक विलय के बाद दा नांग का क्षेत्रफल करीब 12,000 वर्ग किलोमीटर है। इसमें पहाड़, मैदानी इलाके, तटीय क्षेत्र, द्वीप और दूरदराज के सीमावर्ती समुदाय शामिल हैं। इसलिए इसकी तैयारियों में पहुंच और निकासी से जुड़ी कई तरह की समस्याओं पर ध्यान दिया गया है।
पर्वतीय गांवों की सड़कें भूस्खलन से बंद हो सकती हैं। थु बोन और वु जिया नदियों के किनारे के समुदाय बाढ़ के बड़े विस्तार से कट सकते हैं। शहरी केंद्र में जलनिकासी की क्षमता तय करती है कि भारी बारिश का पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों से कितनी जल्दी निकल सकता है।
शहर ने बारिश का मौसम शुरू होने से पहले फुंग हुंग स्ट्रीट पर 646 मीटर लंबी भूमिगत जलनिकासी सुरंग और ओंग इच खियम पंपिंग स्टेशन को चालू किया। पंपिंग स्टेशन की बताई गई क्षमता 25 घन मीटर प्रति सेकंड है, यानी हर सेकंड 25,000 लीटर। इन कार्यों का उद्देश्य ले दुआन, गुयेन वान लिन्ह और हम न्घी सड़कों तथा थाक जियान झील के आसपास जलनिकासी बेहतर करना था।
निर्माण अधिकारियों ने निकासी आश्रय के रूप में निर्धारित इमारतों की भी जांच की, बाढ़ से रेल यात्रा बाधित होने पर यात्रियों को स्थानांतरित करने की व्यवस्था की तैयारी की और अंतर्देशीय जलमार्गों से बाधाएं हटाने को कहा। बचाव नौकाओं को अधिक सुरक्षित ढंग से रास्ता दिखाने के लिए जलचिह्न और चेतावनी संकेत लगाए जा रहे थे।
बारिश के स्तर और स्थानीय जवाबदेही से जुड़ी योजनाएं
शहर के अध्यक्ष गुयेन मन हुंग ने 17 सितंबर, 2026 को शहरी बाढ़ के सात संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। उनके निर्देशों में प्रतिक्रिया योजनाओं को बाढ़ के नक्शों, बारिश के निश्चित स्तरों और अलग-अलग इलाकों की जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया।
हुंग ने संबंधित एजेंसियों से एक घंटे में 100 मिलीमीटर या 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश के लिए तैयारी करने और हर स्थान पर जिम्मेदार व्यक्ति तय करने को कहा:
इकाइयों को बाढ़ के नक्शों के आधार पर बारिश के अलग-अलग परिदृश्यों के लिए प्रतिक्रिया योजनाएं बनानी चाहिए। यदि एक घंटे में 100 मिमी या 200 मिमी से अधिक बारिश होती है, तो उससे कैसे निपटा जाएगा? हर इलाके के लिए एक जिम्मेदार व्यक्ति होना चाहिए।
ये परिदृश्य उपकरणों के परीक्षणों को व्यावहारिक संदर्भ देते हैं। प्रतिक्रिया योजना में यह पहचानना जरूरी है कि लोग कहां कट सकते हैं, सामान कहां रखा जाएगा और दल उन तक कैसे पहुंचेंगे। नई नौकाओं और कार्गो ड्रोन का मकसद दलों को उस समय अधिक विकल्प देना है जब कोई खास रास्ता इस्तेमाल के लायक न रहे।
2025 के होआ आन अभियान ने जरूरी कदम पहले ही दिखा दिए थे: मदद की जरूरत वाले परिवारों की पहचान करना, रास्ते का सर्वेक्षण करना, सामान तैयार करना, उसे उड़ाकर किसी तय स्थान तक पहुंचाना और स्थानीय स्तर पर बांटना। दा नांग की ताजा तैयारियों का लक्ष्य अधिक भार क्षमता, प्रशिक्षित नाव चालकों और आपात स्थिति के लिए पहले से रखी आपूर्ति के साथ इस पूरी प्रक्रिया को समर्थन देना है।
मुख्य बातें
- दा नांग के सैन्य कमान ने 15 अक्टूबर, 2026 को 80 से 120 किलोग्राम की बताई गई पेलोड क्षमता वाले कार्गो ड्रोन और मोटर चालित फुलाए जा सकने वाली नौकाओं का परीक्षण किया।
- कर्नल गुयेन हु तांग ने उपकरणों की हालत, उन्हें जोड़ने, सुरक्षा और व्यावहारिक संचालन से जुड़ी जांच का नेतृत्व किया।
- ड्रोन का उद्देश्य कटे हुए समुदायों तक आपूर्ति पहुंचाना है, जबकि नौकाएं बचावकर्मियों को वहां पहुंचने और निवासियों को निकालने में मदद करेंगी।
- अक्टूबर 2025 में होआ आन में इस्तेमाल किए गए दो ड्रोन में से हर एक करीब 40 किलोग्राम सामान 1.5 से 2 किलोमीटर दूर ले जा सकता था।
- आपदा तैयारियों में कार्गो ड्रोन के लिए 28 अरब डोंग और तीन लॉजिस्टिक्स केंद्रों के लिए 21 अरब डोंग के निवेश की सूचना दी गई।
- मैदानी अभ्यासों में 500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और 284 मिलिशिया सदस्यों को जलयान चलाने का प्रशिक्षण मिला।
- नए परीक्षण किए गए ड्रोन की तैनाती की तारीख और संचालन की विस्तृत सीमाएं घोषित नहीं की गईं।






