लांताऊ के मठ से अनीता मुई की अस्थियां लापता, भाई ने 50,000 हांगकांग डॉलर का इनाम घोषित किया

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Anita Mui's Ashes Reported Missing From Lantau Monastery as Brother Offers HK$50,000 Reward

अस्थिकलश लापता होने के करीब तीन महीने बाद परिवार ने की सार्वजनिक अपील

हांगकांग की गायिका और अभिनेत्री अनीता मुई यिम-फोंग की अस्थियां रखने वाला कलश 18 जुलाई को पो लिन मठ से लापता बताया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और उनके बड़े भाई पीटर मुई काई मिंग ने 50,000 हांगकांग डॉलर का इनाम घोषित किया। परिवार ने 10 अक्टूबर को सार्वजनिक अपील की। यह वही तारीख थी, जिस दिन कैंटोपॉप स्टार 63 वर्ष की होतीं।

विषय-सूची
  1. अस्थिकलश लापता होने के करीब तीन महीने बाद परिवार ने की सार्वजनिक अपील
  2. 18 जुलाई को प्रशंसक ने क्या देखा
  3. बचपन के नाम से पहचाना जाने वाला निजी समाधि-स्थल
  4. पुलिस जांच और चोरी का अनसुलझा सवाल
  5. सुरक्षा को लेकर चिंता और पेंचों की दूसरी व्याख्या
  6. भाई ने इनाम घोषित किया और अस्थियां लौटाने की मांग की
  7. मुई के जन्मदिन पर क्यों की गई अपील
  8. तलाश जारी रहने के बीच दोस्तों की प्रतिक्रिया
  9. आगंतुकों और वाहन चालकों से क्या जानकारी मांगी गई है
  10. मुख्य बातें

परिवार ने बताया कि लांताऊ द्वीप पर स्थित मठ के कोलंबेरियम, होई वुई पगोडा में एक प्रशंसक दर्शन के लिए गया था। उसने मुई के अस्थिकलश वाले स्थान के सामने लगे पैनल के ढीले पेंच देखे और पाया कि कलश वहां नहीं था। कोलंबेरियम वह जगह है जहां दाह-संस्कार के बाद बची अस्थियां अलग-अलग खानों में रखी जाती हैं, जिन्हें ‘निश’ कहा जाता है।

कलश लापता होने का पता चलने के करीब तीन महीने बाद परिवार ने कहा कि मामले में “कोई प्रगति नहीं” हुई है और इस घटना से उन्हें “बेहद पीड़ा” हुई है। पुलिस ने पुष्टि की कि 18 जुलाई को नोंग पिंग के एक मठ से संदिग्ध रूप से लापता वस्तु के बारे में रिपोर्ट मिली थी। 11 अक्टूबर को पुलिस की प्रतिक्रिया के समय तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

इन बयानों के बीच का फर्क महत्वपूर्ण है: परिवार और प्रशंसक क्लबों ने इसे संभावित चोरी बताया, जबकि पुलिस ने मामले को “पुलिस सहायता के अनुरोध” के तौर पर दर्ज किया और यह तय कर रही थी कि चोरी हुई भी थी या नहीं। कलश कहां है, वह कब लापता हुआ और उसे किसने हटाया होगा, इस बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ स्थापित नहीं हुआ था।

18 जुलाई को प्रशंसक ने क्या देखा

परिवार के बयान के मुताबिक, यह पता तब चला जब एक प्रशंसक मुई को श्रद्धांजलि देने गया। निश के सामने का पैनल थामने वाले पेंच ढीले हो गए थे और आम तौर पर भीतर रखा जाने वाला कलश वहां नहीं था। प्रशंसक ने परिवार को इसकी जानकारी दी, जिसने पुलिस से मदद मांगी।

इसलिए 18 जुलाई वह तारीख है जब कलश की गैरमौजूदगी का पता चला, न कि उसके हटाए जाने की पुष्ट तारीख। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि अपील में केवल उस दिन वहां मौजूद लोगों से नहीं, बल्कि जनवरी की शुरुआत से जुलाई के मध्य तक के कहीं लंबे समय के आगंतुकों से जानकारी मांगी गई है।

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कोलंबेरियम से कोई अन्य अस्थिकलश लापता होने की सूचना नहीं थी। परिवार ने यह भी कहा कि उसे अस्थियां लौटाने के बदले पैसे मांगने वाला कोई फिरौती का फोन नहीं आया। इन बातों से न तो मकसद स्थापित होता है, न ही चोरी की आशंका खारिज होती है; लेकिन फिरौती की मांग या अस्थिकलशों के लापता होने का कोई व्यापक सिलसिला सार्वजनिक तौर पर पुष्ट नहीं हुआ है।

बचपन के नाम से पहचाना जाने वाला निजी समाधि-स्थल

मुई की 2003 में 40 वर्ष की उम्र में गर्भाशय-ग्रीवा के कैंसर से मृत्यु हो गई थी। उनकी मां, टैम मेई काम ने उनकी अस्थियों को मठ में एक ऐसी जगह रखने की व्यवस्था की थी, जिसे जान-बूझकर साधारण रखा गया था ताकि उनकी बेटी को निजता मिल सके।

निश पर मुई की तस्वीर या उनका सार्वजनिक नाम नहीं था। इसके बजाय, वहां उनका बचपन का नाम “चू नुई” (珠女) लिखा था। उस लिखावट के विवरणों में गुआंगदोंग के ताइशान का उल्लेख है और तारीखें ग्रेगोरियन कैलेंडर के बजाय चंद्र कैलेंडर के अनुसार दर्ज हैं।

इस व्यवस्था के कारण शुरुआत में प्रशंसकों के लिए समाधि-स्थल की पहचान करना मुश्किल था। खबरों के मुताबिक, एक कर्मचारी ने उन्हें सही निश तक पहुंचाया, उससे पहले प्रशंसक दो साल तक उसकी तलाश करते रहे। बताया गया कि इससे पहले कॉव्लून टोंग समेत अन्य स्मारक स्थलों पर दी गई श्रद्धांजलियां ऐसी जगहों पर थीं जहां उनकी अस्थियां नहीं रखी गई थीं।

मुई की मृत्यु के 12 साल बाद, 2015 में यह जगह सार्वजनिक हुई। अब परिवार की अपील उसकी मूल निजता की इच्छा से उलट है: वह आगंतुकों, वाहन चालकों और आम लोगों से उस जगह पर हुई घटना का पता लगाने में मदद मांग रहा है, जिसे उनकी शांति की रक्षा के लिए चुना गया था।

पुलिस जांच और चोरी का अनसुलझा सवाल

पुलिस के एक प्रवक्ता ने 11 अक्टूबर को पुष्टि की कि अधिकारियों को 18 जुलाई को लांताऊ द्वीप के एक मठ से संदिग्ध रूप से लापता वस्तु के बारे में रिपोर्ट मिली थी। पुलिस ने कहा कि लांताऊ जिला अपराध दस्ते ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और शिकायतकर्ता तथा अन्य संबंधित पक्षों के संपर्क में रहेगा।

बाद की खबरों में कहा गया कि जांच न्यू टेरिटरीज़ साउथ क्षेत्रीय अपराध इकाई को सौंप दी गई थी। सार्वजनिक अपील में फिर भी लांताऊ जिला अपराध दस्ते का फोन नंबर और जानकारी देने के लिए व्हाट्सऐप हेल्पलाइन दी गई। अपील से जुड़ी खबरों में किसी गिरफ्तारी या कलश बरामद होने की घोषणा नहीं की गई।

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परिवार का यह कहना कि कोई प्रगति नहीं हुई, जांच को लेकर उसके अनुभव को बताता है। पुलिस ने सार्वजनिक तौर पर यह नहीं बताया कि कौन-सी पूछताछ पूरी हुई, क्या सबूत मिले या जांचकर्ताओं ने किसी संदिग्ध की पहचान की। नतीजे की घोषणा न होना इस बात का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए कि कोई जांच-पड़ताल नहीं हुई।

बताया गया कि मठ में यह दर्ज करने की व्यवस्था नहीं थी कि अलग-अलग निश कब खोले गए। ऐसे रिकॉर्ड के बिना जांचकर्ता केवल प्रवेश-रजिस्टर देखकर यह तय नहीं कर सकते कि कलश आखिरी बार कब वहां मौजूद था या उस खाने तक किसकी पहुंच थी। कलश हटाए जाने की कोई पुष्ट तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है।

सुरक्षा को लेकर चिंता और पेंचों की दूसरी व्याख्या

ढीले पेंच इस मामले का अहम पहलू बन गए हैं, लेकिन उनके ढीले होने की वजह पर मतभेद है। पगोडा के एक भिक्षु ने सवाल उठाया कि क्या इससे चोरी साबित होती है। उन्होंने कहा कि तापमान में बदलाव से होने वाले फैलाव और सिकुड़न के कारण पेंच स्वाभाविक रूप से ढीले हो सकते हैं। यह भिक्षु की ओर से दी गई एक संभावित व्याख्या थी, जांचकर्ताओं की घोषित पुष्टि नहीं।

भिक्षु ने कहा कि पगोडा में सीसीटीवी और नियमित गश्त की व्यवस्था थी तथा कई महीने पहले कार्यालय को इस मामले की जानकारी दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में परिवार के सदस्य यह समझने के लिए वहां आए थे कि क्या हुआ था।

11 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में स्थल का वर्णन करते हुए कहा गया कि निश के पैनल पर लगे सभी छह पेंच साबुत थे और कोई स्पष्ट नुकसान नहीं दिखा। बाद में किया गया यह निरीक्षण यह साबित नहीं करता कि 18 जुलाई को पैनल की हालत क्या थी, उसे दोबारा कस दिया गया था या कलश के साथ क्या हुआ। पेंच ढीले होने की व्याख्या से अपने आप यह भी स्पष्ट नहीं होता कि अस्थियां वहां क्यों नहीं थीं।

जांच जारी रहने के दौरान पो लिन मठ ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सार्वजनिक तौर पर यह नहीं बताया गया कि सीसीटीवी में कोई संबंधित घटना दर्ज हुई थी या नहीं, रिकॉर्डिंग किस अवधि की थी या उससे पुलिस को घटनाक्रम समझने में मदद मिली या नहीं।

भाई ने इनाम घोषित किया और अस्थियां लौटाने की मांग की

पीटर मुई काई मिंग ने अपनी बहन की अस्थियां बरामद कराने वाली जानकारी के लिए 50,000 हांगकांग डॉलर का इनाम घोषित किया। खबरों में इस रकम को करीब 8,100 या 8,150 सिंगापुर डॉलर बताया गया; हांगकांग डॉलर में घोषित इनाम की रकम सभी रिपोर्टों में एक जैसी थी।

उन्होंने कहा कि परिवार की रिपोर्ट दर्ज होने के करीब तीन महीने बाद, उन्हें इस घटना के बारे में मीडिया के फोन से पता चला। उन्होंने बताया कि समाधि-स्थल पर उनकी आखिरी यात्रा जुलाई 2025 में हुई थी। परिवार की स्पष्ट तारीखों वाली अपील के मुताबिक, कलश लापता होने का पता 18 जुलाई 2026 को चला और मदद की सार्वजनिक अपील 10 अक्टूबर 2026 को की गई।

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मुई काई मिंग ने कहा कि वह चाहते हैं कि अस्थियां साबुत लौटाई जाएं और ऐसा होने पर वह आगे कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका इरादा अस्थियों को अधिक सुरक्षित और गोपनीय जगह पर ले जाने का है। यह उनका बताया हुआ इरादा था, पुलिस की घोषित व्यवस्था या पूरे परिवार का पुष्ट निर्णय नहीं।

उन्होंने अलग से कहा कि उनकी मां की अस्थियों का भी कोई पता नहीं है। इस दावे की पुष्टि करने वाली कोई पुलिस जानकारी या अनीता मुई के लापता कलश से इसका संबंध जोड़ने वाला कोई सबूत सामने नहीं आया। इसलिए दोनों मामलों को पुष्ट रूप से जुड़ी हुई गुमशुदगी के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए।

मुई के जन्मदिन पर क्यों की गई अपील

अनीता मुई अंतरराष्ट्रीय प्रशंसक क्लब ने 10 अक्टूबर को परिवार की अपील साझा की। मुई की मां की करीबी मित्र पून सिउ-मान ने कहा कि अपील की तारीख इसलिए चुनी गई ताकि तलाश की ओर लोगों का ध्यान जाए। पून के मुताबिक, परिवार और प्रशंसक क्लब ने वार्षिक जन्मदिन समारोह के लिए वरिष्ठ प्रशंसकों के जुटने तक इंतजार किया और उसके बाद कलश लापता होने की बात सार्वजनिक की।

यह अपील शोक के एक और दौर के बीच आई। टैम मेई काम का अगस्त में 102 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। एक रिपोर्ट में उनकी मृत्यु की तारीख 30 अगस्त बताई गई। परिवार ने कहा कि मुई की अस्थियां लापता होने और उनकी मां की मृत्यु से उन्हें दोहरा आघात पहुंचा है और वे शारीरिक तथा मानसिक रूप से थक चुके हैं।

अलग प्रशंसक क्लब मुई नेशन ने पूरी जांच की मांग की और कोलंबेरियम के प्रबंधकों से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने तथा अपनी जिम्मेदारियां स्पष्ट करने को कहा। अपने बयान में क्लब ने इस घटना को इन शब्दों में वर्णित किया:

बेहद बेतुकी और नैतिकता तथा सदाचार के विरुद्ध।

मुई के शिष्य, गायक और अभिनेता पैट्रिक टैम यिउ-मान ने भी उम्मीद जताई कि पुलिस जल्द कलश बरामद करेगी और लापरवाही की आशंका पर सवाल उठाए। उनकी प्रतिक्रिया अस्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता दर्शाती थी, न कि जिम्मेदारी के बारे में किसी स्थापित निष्कर्ष को।

तलाश जारी रहने के बीच दोस्तों की प्रतिक्रिया

मुई के पुराने मित्र और बीमा क्षेत्र के अधिकारी 連炎輝 ने इस पीड़ा पर अलग प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अस्थियां भौतिक अवशेष हैं, जबकि लोगों के दिलों में उनकी जगह, कलात्मक योगदान, गाने और फिल्में उनसे छीनी नहीं जा सकतीं। उन्होंने मृत्यु के बारे में बौद्ध मान्यताओं की अपनी समझ के आधार पर यह बात कही।

उनकी दोस्ती मुई के करियर की शुरुआत से थी। गायन प्रतियोगिता जीतने के बाद मुई उनके शुरुआती बीमा ग्राहकों में शामिल हुई थीं। उनकी प्रतिक्रिया परिवार की कलश वापस पाने की इच्छा को खारिज नहीं करती थी। उन्होंने लापता अस्थियों और उन्हें जानने वालों के मन में कायम निजी तथा कलात्मक जुड़ाव के बीच फर्क किया।

कलश लापता होने और अपील से जुड़ी प्रमुख तारीखें:

  • 2003: मुई की 40 वर्ष की उम्र में गर्भाशय-ग्रीवा के कैंसर से मृत्यु हुई; परिवार ने उनकी अस्थियों को पो लिन मठ में रखने की व्यवस्था की।
  • 2015: साधारण ढंग से चिह्नित निश का स्थान सार्वजनिक तौर पर बताया गया।
  • 18 जुलाई 2026: एक आगंतुक प्रशंसक ने कलश लापता पाया और परिवार ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
  • अगस्त: मुई की मां का 102 वर्ष की उम्र में निधन हुआ; एक रिपोर्ट में तारीख 30 अगस्त दी गई।
  • 10 अक्टूबर 2026: मुई के 63वें जन्मदिन पर परिवार ने सार्वजनिक अपील जारी की।
  • 11 अक्टूबर: पुलिस ने जुलाई में मिली रिपोर्ट की पुष्टि की और बताया कि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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आगंतुकों और वाहन चालकों से क्या जानकारी मांगी गई है

परिवार ने उन सभी लोगों से संपर्क करने को कहा जो 18 जुलाई या उससे पहले होई वुई पगोडा या पो लिन मठ के इलाके में गए थे, खास तौर पर जनवरी की शुरुआत से जुलाई के मध्य तक। अगर उन्होंने कोई संदिग्ध गतिविधि देखी हो तो पुलिस को बताने की अपील की गई। अपील में खास तौर पर ऐसे व्यक्ति का जिक्र था जिसे कलश जैसी दिखने वाली कोई वस्तु ले जाते देखा गया हो।

वाहन चालकों से जुलाई में इलाके की यात्राओं की डैशकैम रिकॉर्डिंग देखने को कहा गया, खास तौर पर 18 जुलाई से पहले की। अपील के कुछ विवरणों में वाहन चालकों के लिए जनवरी से जुलाई के मध्य तक की व्यापक अवधि दी गई है, लेकिन परिवार के साझा किए गए बयान में डैशकैम रिकॉर्डिंग का अनुरोध जुलाई की यात्राओं पर केंद्रित है। जनवरी से शुरू होने वाली विस्तृत अवधि चश्मदीदों से जानकारी मांगने के लिए है।

जानकारी, तस्वीरें या वीडियो रखने वाले लोगों को लांताऊ जिला अपराध दस्ते के नंबर +852 3661 1938 या व्हाट्सऐप हेल्पलाइन +852 4740 1308 पर संपर्क करने को कहा गया। अपील में कहा गया कि जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

जानकारी देने की कोई अंतिम तारीख, पुलिस की अगली निर्धारित जानकारी या अस्थियां बरामद होने की संभावित तारीख घोषित नहीं की गई। फिलहाल प्राथमिकता यह पता लगाने की है कि कलश के साथ क्या हुआ और अस्थियां कहां हैं। क्या चोरी हुई, निश तक किसकी पहुंच थी और क्या सुरक्षा कैमरों की रिकॉर्डिंग इन सवालों के जवाब दे सकती है, ये बातें सार्वजनिक तौर पर अब भी अनुत्तरित हैं।

मुख्य बातें

  • 18 जुलाई को एक प्रशंसक के वहां जाने के बाद अनीता मुई का अस्थिकलश पो लिन मठ से लापता बताया गया।
  • परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के करीब तीन महीने बाद, 10 अक्टूबर को सार्वजनिक अपील की।
  • पुलिस ने मामले को सहायता के अनुरोध के तौर पर दर्ज किया; किसी गिरफ्तारी की घोषणा नहीं हुई थी।
  • पीटर मुई काई मिंग ने अस्थियां बरामद कराने वाली जानकारी के लिए 50,000 हांगकांग डॉलर का इनाम घोषित किया।
  • फिरौती की मांग या कोलंबेरियम से किसी अन्य अस्थिकलश के लापता होने की सूचना नहीं थी।
  • अपील में चश्मदीदों की जानकारी, तस्वीरें, वीडियो और डैशकैम रिकॉर्डिंग मांगी गई है। जानकारी +852 3661 1938 या व्हाट्सऐप +852 4740 1308 पर दी जा सकती है।
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