पांच गोदामों की जांच, 15 नमूने एकत्र
थाई अधिकारियों ने रायोंग प्रांत के निखोम फत्ताना जिले में पांच गोदामों में मिली सामग्री जब्त कर ली है। जांच में स्क्रैप के साथ मिले इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बोर्ड और ऐसी मशीनरी मिली, जिसे अधिकारियों ने फैक्टरी संचालन का संकेत बताया। निरीक्षण के दौरान फैक्टरी चलाने का कोई लाइसेंस पेश नहीं किया गया।
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निरीक्षण 12 अक्टूबर 2026 को सुबह 09:30 बजे, निखोम फत्ताना उपजिले के मू 1 में रायोंग इंडस्ट्रियल कंपनी से जुड़े परिसर में हुआ। अधिकारियों ने यहां मौजूद 15 में से गोदाम संख्या 7, 8, 10, 12 और 14 में प्रवेश किया। रायोंग प्रांतीय उद्योग कार्यालय ने जांचे गए सभी पांच भवनों में मिली वस्तुएं जब्त कर लीं।
जांच के दो अहम सुराग हैं: गोदाम संख्या 8 में ऐसे लेबल मिले जिन पर आयातित कंटेनरों के नंबर और माल का वजन दर्ज था, जबकि गोदाम संख्या 14 से कचरे और अपशिष्ट जल के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। जांचकर्ता माल के मालिकों, संबंधित परिवहन कंपनियों और कंटेनरों के स्रोत का पता लगाने की योजना बना रहे हैं।
यह कार्रवाई उसी इलाके के एक गोदाम में कंटेनरों की लगातार डिलीवरी और माल उतारते समय धूल फैलने की शिकायतों के बाद हुई। निवासी चाहते थे कि अधिकारी आयातक की पहचान करें और पता लगाएं कि माल निरीक्षण प्रक्रिया से कैसे गुजरकर आया। आधिकारिक जांच में मिश्रित कचरा और प्रसंस्करण उपकरण मिले, लेकिन इससे यह तय नहीं हुआ कि आयात गैरकानूनी था या प्रदूषण आसपास के घरों तक पहुंचा था।
जांच से पहले निवासियों ने जताई चिंता
10 अक्टूबर को पिनथोंग औद्योगिक क्षेत्र 6 के पास, मू 1 में एक गोदाम के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि लगभग रोज ट्रक आते हैं। उन्होंने कहा कि उस दिन परिसर में पांच कंटेनर आए थे और कर्मचारियों को बदले हुए फोर्कलिफ्ट स्कूप से कंटेनरों का कचरा भवन के भीतर डालते देखा गया।
निवासियों के मुताबिक, माल उतारते समय धूल फैलती थी और कर्मचारी बिना फेस मास्क के सामग्री संभाल रहे थे। उन्हें आशंका थी कि धूल सांस के साथ शरीर में जाने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। इन्हीं चिंताओं के चलते जांच की मांग की गई, लेकिन ये धूल की सामग्री से जुड़े प्रयोगशाला निष्कर्ष या किसी बीमारी के निदान का प्रमाण नहीं हैं।
निवासियों ने कहा कि गोदाम को चीनी निवेश का समर्थन प्राप्त है। इस दावे से आयातित माल का मालिकाना हक या किसी अपराध की जिम्मेदारी स्थापित नहीं होती। शिकायतें और उसके बाद हुई जांच एक ही इलाके से संबंधित हैं, लेकिन जांच के विवरण में शिकायत वाले भवन की गोदाम संख्या स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई।
निवासियों ने रायोंग के गवर्नर, निखोम फत्ताना जिला प्रमुख, प्रांतीय उद्योग अधिकारियों और लेम चाबांग तथा मा ता फुत के सीमा शुल्क कार्यालयों से जांच करने का आग्रह किया। उनकी मांगें स्थानीय स्तर पर माल संभालने की स्थितियों और थाईलैंड में सामग्री के प्रवेश मार्ग, दोनों पर केंद्रित थीं।
जांच में क्या मिला
जांच दल को बिजली के तार, प्लास्टिक, एल्यूमीनियम स्क्रैप, लोहे का स्क्रैप, कागज का स्क्रैप और लकड़ी का स्क्रैप मिला। इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बोर्ड इन सामग्रियों में मिले-जुले थे; उन्हें अन्य कचरे से अलग रखी गई खेप के रूप में नहीं बताया गया।
अधिकारियों ने सामग्री को आकार के आधार पर छांटने, उसे कतरने या कुचलने और पानी का उपयोग कर तांबा अलग करने वाले उपकरण भी पहचाने। मूल विवरण में कंपन से छांटने वाली मशीन का भी उल्लेख था। कुल मिलाकर, इन निष्कर्षों से पता चलता है कि परिसर में सामग्री का प्रसंस्करण करने में सक्षम उपकरण थे, न कि वहां केवल भंडारण होता था।
अधिकारियों ने जब्त कचरे का कुल वजन जारी नहीं किया है। गोदाम संख्या 8 के लेबल पर माल के वजन दर्ज थे, लेकिन संख्यात्मक मान सार्वजनिक नहीं किए गए। इसलिए बड़ी मात्रा के विवरण को सत्यापित टन भार या आयातित खेपों की संख्या में नहीं बदला जा सकता।
जांच किए गए पांच भवन, परिसर के 15 गोदामों का एक तिहाई हैं। यह तुलना जांच के बताए गए दायरे को दर्शाती है, संपत्ति में कचरे के वितरण को नहीं। बाकी 10 भवनों के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया और यह भी नहीं बताया गया कि अधिकारियों ने सिर्फ पांच में ही प्रवेश क्यों किया।
मशीनरी से फैक्टरी लाइसेंस पर सवाल
अधिकारियों ने कहा कि स्थापित मशीनरी और वहां चल रही दिखने वाली प्रसंस्करण गतिविधि थाई फैक्टरी कानून के तहत आने वाले फैक्टरी संचालन की श्रेणी में पड़ती प्रतीत होती है। निरीक्षण के दौरान परिसर के जिम्मेदार लोग फैक्टरी संचालन का लाइसेंस, जिसे रोर ङोर 4 कहा जाता है और थाई में รง.4 लिखा जाता है, पेश नहीं कर सके।
यह अंतर महत्वपूर्ण है। बताया गया निष्कर्ष यह है कि मांगने पर लाइसेंस पेश नहीं किया गया। यह हर गोदाम की कानूनी स्थिति पर प्रकाशित अंतिम फैसला नहीं है और न ही यह घोषणा है कि किसी अदालत ने संचालक को दोषी ठहराया है।
लाइसेंस का मुद्दा माल के स्रोत से भी अलग है। जांचकर्ताओं को यह स्थापित करना होगा कि गतिविधि के लिए अनुमति आवश्यक थी या नहीं और संबंधित संचालक के पास वह अनुमति थी या नहीं। आयातित कंटेनरों का पता लगाने से एक अलग सवाल का जवाब मिलेगा: सामग्री थाईलैंड में कौन लाया और किन शर्तों के तहत।
रायोंग प्रांतीय उद्योग कार्यालय का वस्तुएं जब्त करने का फैसला लाइसेंस संबंधी जांच को कार्रवाई का ठोस रूप देता है। निरीक्षण के विवरण में किसी खास आरोप, दंड, अभियोजन की तारीख या अदालत में सुनवाई की घोषणा नहीं की गई।
कचरे और पानी की जांच के लिए प्रयोगशाला परीक्षण
प्रदूषण नियंत्रण विभाग और प्रांतीय उद्योग कार्यालय ने गोदाम संख्या 14 से कचरे के 14 नमूने लिए। उन्होंने उस भवन के सामने बने तालाब से अपशिष्ट जल का एक नमूना भी लिया, यानी कुल 15 नमूने एकत्र किए गए।
नमूने कहां से लिए गए, यह निष्कर्षों की सीमाएं तय करता है। बताया गया कि कचरे के सभी 14 नमूने गोदाम संख्या 14 से लिए गए थे, पांचों जांचे गए भवनों में बांटकर नहीं। पानी का एकमात्र नमूना उस गोदाम के बाहर के तालाब से लिया गया, आसपास के जलमार्गों के सर्वेक्षण के तहत नहीं।
जांच से जुड़ी रिपोर्टों में प्रयोगशाला के नतीजे, प्रदूषकों की मात्रा या नियामक सीमाओं से तुलना जारी नहीं की गई है। इसलिए परीक्षण के आधार पर अभी यह दावा नहीं किया जा सकता कि तालाब में किसी खास पदार्थ की खतरनाक मात्रा थी या दूषित पानी परिसर से बाहर गया।
धूल को लेकर शिकायतें और आधिकारिक नमूना संग्रह अलग-अलग प्रकार के साक्ष्य हैं। कचरे और तालाब के पानी का विश्लेषण वहां संभाली जा रही सामग्री के गुण बता सकता है, लेकिन घोषित नमूना संग्रह में हवा या धूल का नमूना शामिल नहीं है। अधिकारियों ने प्रयोगशाला के नतीजे आने की तारीख भी नहीं बताई है।
कंटेनर के लेबल से माल की आवाजाही का पता मिल सकता है
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के महानिदेशक सुरिन वोराकित्थमरोंग ने कहा कि गोदाम संख्या 8 में कचरे के ढेरों पर लगे लेबल में विदेश से आयातित कंटेनरों के नंबर और उनके माल का वजन दर्ज था। अधिकारी इन पहचान चिह्नों को सामग्री के स्रोत का पता लगाने के सुराग मानते हैं।
कंटेनर नंबर जांचकर्ताओं को वास्तविक माल का परिवहन और खेप के रिकॉर्ड से संबंध जोड़ने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, केवल एक लेबल से यह स्थापित नहीं होता कि कचरे का कानूनी मालिक कौन था, उसमें मौजूद सामग्री घोषित विवरण से मेल खाती थी या नहीं, अथवा आयात लागू नियमों के अनुरूप था या नहीं।
मूल विवरण में मूल देशों की पहचान करने वाले दस्तावेजों का भी उल्लेख था। जांच के अधिक विस्तृत विवरण में कंटेनर नंबर और वजन बताए गए हैं, लेकिन किसी देश का नाम नहीं है। बताए गए निष्कर्षों में किसी आयातक, परिवहन कंपनी या विदेशी निर्यातक की सार्वजनिक रूप से पहचान नहीं की गई है।
सुरिन ने कहा कि विभाग माल के मालिकों, परिवहन कंपनियों और कंटेनरों के स्रोत की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करेगा। इस जांच से गोदाम संचालक, माल के मालिक और वाहक की भूमिकाएं अलग-अलग स्पष्ट हो सकती हैं, बजाय इसके कि उन्हें एक ही पक्ष मान लिया जाए।
आयात को लेकर चिंताएं और घटनाक्रम का अनसुलझा क्रम
निवासियों ने अधिकारियों से बेसल कन्वेंशन के अनुपालन की जांच करने को कहा। यह अंतरराष्ट्रीय समझौता खतरनाक कचरे और कुछ अन्य कचरे की सीमा पार आवाजाही को नियंत्रित करता है। किसी खास खेप पर ये नियंत्रण लागू होंगे या नहीं, यह उसकी श्रेणी और उसकी आवाजाही की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
शिकायत से जुड़ी रिपोर्टों में 7 जून 2023 को थाईलैंड में इसे लागू करने की तारीख बताया गया है और गैरकानूनी तरीके से आयातित कचरा लौटाने के लिए 30 दिन के नियम का जिक्र है। निरीक्षण के निष्कर्षों में इन कानूनी विवरणों की पुष्टि नहीं की गई और यहां किसी आधिकारिक कानूनी दस्तावेज का समर्थन भी नहीं है। इन्हें रायोंग के माल को लौटाने की तय समयसीमा नहीं माना जाना चाहिए। अधिकारियों ने यह निष्कर्ष घोषित नहीं किया है कि इन खेपों ने कन्वेंशन का उल्लंघन किया।
निरीक्षण और मंत्री के निर्देश का क्रम भी स्पष्ट किया जाना बाकी है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री सुचार्ट चोमक्लिन ने 13 अक्टूबर को विभाग को परिसर की जांच के निर्देश दिए थे, जबकि सुरिन ने निरीक्षण की तारीख 12 अक्टूबर बताई। रिपोर्टों में इस अंतर का कारण नहीं बताया गया।
- 10 अक्टूबर 2026: निवासियों ने ट्रकों की लगातार डिलीवरी, उस दिन पांच कंटेनरों के आने और माल उतारते समय धूल फैलने की शिकायत की।
- 12 अक्टूबर 2026, सुबह 09:30 बजे: संयुक्त दल ने गोदाम संख्या 7, 8, 10, 12 और 14 का निरीक्षण किया।
- 13 अक्टूबर 2026: सुचार्ट के जांच के निर्देश से जुड़ी खबरों के साथ निरीक्षण के निष्कर्ष सामने आए।
दल में विभाग का रायोंग प्रदूषण नियंत्रण केंद्र और निरीक्षण प्रभाग, प्रांतीय उद्योग एवं पर्यावरण कार्यालय, दमरोंगथम शिकायत केंद्र और स्थानीय एजेंसियां शामिल थीं। विभाग ने कहा कि आगे का समन्वय तथ्यों का पता लगाने और अनुचित भंडारण या रखरखाव से पर्यावरण तथा जनस्वास्थ्य को होने वाले जोखिम रोकने पर केंद्रित होगा।
मुख्य बिंदु
- रायोंग प्रांतीय उद्योग कार्यालय ने परिसर के 15 में से पांच गोदामों में मिली वस्तुएं जब्त कीं।
- इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बोर्ड तार, प्लास्टिक, धातु, कागज और लकड़ी के स्क्रैप के साथ मिले।
- प्रसंस्करण मशीनरी मौजूद थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान फैक्टरी संचालन का कोई लाइसेंस पेश नहीं किया गया।
- अधिकारियों ने गोदाम संख्या 14 से कचरे के 14 और अपशिष्ट जल का एक नमूना लिया; नतीजे घोषित नहीं हुए हैं।
- गोदाम संख्या 8 के लेबल आयातित कंटेनरों, माल के मालिकों और परिवहन कंपनियों का पता लगाने के सुराग देते हैं।
- कचरे का कुल टन भार, आयात नियमों के उल्लंघन की पुष्टि, अभियोजन की तारीख या जांच नतीजे जारी करने की समयसीमा घोषित नहीं की गई।






